कैंसर की 137 दवाइयां हो सकती हैं 70% तक सस्ती, NPPA ने मुनाफे पर लगाई 30% की कैप

ड्रग प्राइसिंग रेगुलेटर NPPA ने शनिवार को 137 कैंसर-रोधी (Anti-Cancer) नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं के ट्रेड मार्जिन यानि कि मुनाफे को 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह फैसला 9 नवंबर से प्रभावी होगा। इससे इन दवाओं की खुदरा कीमतें मौजूदा प्राइस स्ट्रक्चर के आधार पर 70 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद है।

नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने शनिवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ड्रग्स (प्राइसेज कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन (TMR) व्यवस्था लागू की है। NPPA, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स के तहत काम करता है।

मंत्रालय के अनुसार, यह कदम स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के तहत गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर बेस्ड है। इस समिति में देशभर के नामी कैंसर विशेषज्ञ, मेडिकल स्पेशलिस्ट्स, अस्पतालों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल थे। समिति ने ट्रेड मार्जिन को तर्कसंगत बनाने के लिए 137 दवाओं की सिफारिश की थी। इस लिस्ट को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा।

2019 में भी की थी ऐसी पहल

यह पहल NPPA के 2019 के एक पायलट पर बेस्ड है। उस समय 42 कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 प्रतिशत तय किया गया था। इसके परिणामस्वरूप 526 ब्रांड्स की दवाओं के मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) में 90 प्रतिशत तक की कमी आई थी। मंत्रालय ने कहा है कि नई व्यवस्था के तहत अब कहीं अधिक संख्या में कैंसर की दवाओं को शामिल किया गया है।

दवा कंपनियों को दवाओं की रिवाइज्ड प्राइस लिस्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पब्लिश करने और खुदरा विक्रेताओं व अस्पतालों तक इसकी जानकारी व्यापक रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को 9 नवंबर से संशोधित दरों पर ही दवाएं बेचनी होंगी और अपनी फार्मेसी में नई कीमतों को डिस्प्ले करना होगा। जो अस्पताल कैंसर की दवाओं का एक बड़ा हिस्सा सीधे खरीदते हैं, उन्हें अपनी वेबसाइट्स पर नई कीमतें प्रमुखता से दर्शानी होंगी। साथ ही यह सुनिश्चित करने की सीधी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी कि इन संशोधित कीमतों को वास्तव में लागू किया जाए।

MP incident: ग्वालियर में आधी रात को मौत बनकर दौड़ा बेकाबू ट्रक, शीतला माता मंदिर के पास 13 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत,कई घायल

उपभोक्ता ऐसे पता कर सकते हैं सही कीमतें

उपभोक्ता NPPA की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप के जरिए दवाओं की अपडेटेड कीमतों की जांच कर सकते हैं। इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों को निर्देश दिया गया है कि वे मैन्युफैक्चरर्स, डीलर्स, खुदरा विक्रेताओं, अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में इनका अनुपालन सुनिश्चित कराएं। दवा कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिफाइड दवाओं के अपने मौजूदा उत्पादन और आपूर्ति स्तर को बनाए रखें, ताकि देश भर के मरीजों को जरूरी दवाएं बिना किसी रुकावट के और समय पर मिलती रहें।

MP incident: ग्वालियर में आधी रात को मौत बनकर दौड़ा बेकाबू ट्रक, शीतला माता मंदिर के पास 13 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत,कई घायल

Gwalior incident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में रविवार (18 अक्टूबर) तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। जबकि 40 अन्य घायल हो गए। हादसा शीतला माता मंदिर के पास उस समय हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान धान से लदा एक बेकाबू ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए श्रद्धालुओं के बीच जा घुसा और करीब 50 से अधिक लोगों को कुचल दिया। इसके बाद ट्रक मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से टकरा गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

रात करीब 1:30 बजे हुआ हादसा

हमारे सहयोगी न्यूज 18 के मुताबिक, यह दर्दनाक दुर्घटना रविवार तड़के करीब 1:30 बजे हुई। ट्रक छिनोर की तरफ से आ रहा था और उसमें धान लदा हुआ था। बताया जा रहा है कि सड़क के एक ढलान वाले हिस्से पर ट्रक चालक वाहन पर कंट्रोल खो बैठा। इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी।

ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह के मुताबिक, ट्रक पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ा और अचानक अनियंत्रित होकर नीचे की ओर आ गया। रास्ते पर मौजूद श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। इसके बाद ट्रक मंदिर के बाहरी गेट और दीवार से टकरा गया।

40 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, 13 की मौत

हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद कुल 40 से अधिक लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 13 की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, पांच से छह घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। कुछ लोगों को फ्रैक्चर समेत गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य घायलों का भी उपचार जारी है। हादसे में मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

नवरात्रि के दौरान लगाई गई थी बैरिकेडिंग

ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और अन्य वाहनों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क पर पुलिस चेकपॉइंट और बैरियर लगाए गए थे। इसके बावजूद प्रतिबंधित रास्ते पर ट्रक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। कलेक्टर के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वाहन बैरिकेडिंग पार करके अंदर कैसे आया और किस वजह से अनियंत्रित हुआ।

ट्रक की तकनीकी जांच के निर्देश

हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम को ट्रक की तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या दुर्घटना के पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। कलेक्टर ने बताया कि घायलों की स्थिति का आकलन करने के लिए अस्पताल में मेडिकल टीमें सीटी स्कैन और एक्स-रे कर रही हैं। इन जांचों के आधार पर आगे का इलाज तय किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल

हादसे में घायल हुए एक व्यक्ति के भाई ने बताया कि दुर्घटना अचानक हुई। ट्रक काफी तेज रफ्तार से लोगों की ओर आया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ट्रक जरूरत से ज्यादा लदा हुआ दिखाई दे रहा था। उसने मंदिर के पास टकराने से पहले सड़क किनारे की कुछ दुकानों तथा लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसा रात करीब एक बजे हुआ। उसने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। उसके भाई को भी चोटें आई हैं। उसने कहा कि दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था।

जांच में जुटा प्रशासन

फिलहाल, ग्वालियर प्रशासन और पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच के प्रमुख पॉइंट में प्रतिबंधित सड़क पर ट्रक की एंट्री, बैरिकेडिंग पार करने की परिस्थितियां और वाहन के अनियंत्रित होने की वजह शामिल हैं। इस हादसे ने नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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प्रियागोल्ड बिस्किट में जानवरों के चारे वाला चोकर! FSSAI ने शुरू की कानूनी कार्यवाही, लाइसेंस सस्पेंड

फूड रेगुलेटर FSSAI ने प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में जानवरों के चारे वाले चोकर का इस्तेमाल करने के लिए सूर्या फूड एंड एग्रो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है। कंपनी का FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। कुछ दूसरे गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए भी यह एक्शन लिया गया है। इसके अलावा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही शुरू की है। डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध का सैंपल घटिया स्तर का पाया गया, जबकि UEIR ऑर्गेनिक फूड्स द्वारा बेची जाने वाली पीली किशमिश में कीटनाशकों (पेस्टिसाइड) के अवशेष मिले।

FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में इन तीनों कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू किए जाने की जानकारी दी। FSSAI के अनुसार, प्रियागोल्ड बिस्किट बेचने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद किया गया। कंपनी के निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं।

प्रियागोल्ड में फाइबर के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था पशु चारे वाला चोकर

FSSAI के मुताबिक, पशु चारे के लिए बने चोकर का इस्तेमाल प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में फाइबर के स्रोत के तौर पर कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था। यह चोकर इंसानों के खाने के लिए नहीं है। चोकर से भरी बोरियों पर स्पष्ट रूप से मेंशन था कि यह मैटीरियल जानवरों के चारे के लिए है और इंसानों के उपभोग के लिए नहीं है। इसके अलावा प्लांट की स्वच्छता, कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल), कच्चे माल के स्टोरेज और सेग्रेगेशन, कर्मचारियों की स्वच्छता, परिसर के मेंटेनेंस और इंटरमीडिएट फॉर्मूलेशंस के मैनेजमेंट में भी कमियां पाई गईं। इन गंभीर अनियमितताओं चलते FSSAI ने सूर्या फूड एंड एग्रो का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है।

रूसी तेल और गैस की खरीद पर ट्रंप ने प्रतिबंधों से दी छूट, भारत से हटी 100% तक टैरिफ की तलवार

डोडला डेयरी का मामला

जांच के लिए डोडला डेयरी से फुल क्रीम दूध का एक सैंपल लिया गया था। FSSAI को यह निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला क्योंकि दूध में वसा (fat) की मात्रा निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम थी। लिहाजा सैंपल को घटिया क्वालिटी का घोषित किया गया। कंपनी की अपील के बाद सैंपल को रेफरल फूड लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच में कंफर्म हुआ कि डिटर्जेंट/कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी के कारण सैंपल असुरक्षित था, और दूध में वसा की मात्रा निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम थी। इसके बाद डोडला डेयरी और प्रोडक्ट को बनाने व बेचने से जुड़े अन्य संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ मुकदमा शुरू करने की मंजूरी दी गई।

रूसी तेल और गैस की खरीद पर ट्रंप ने प्रतिबंधों से दी छूट, भारत से हटी 100% तक टैरिफ की तलवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और ड्यूटीज यानि शुल्कों से छूट दी है। ट्रंप ने शुक्रवार रात जारी एक कार्यकारी आदेश में कहा कि कुछ प्रतिबंधों को लागू नहीं करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं ग्राहम कानून के तहत ऐसे प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे रहा हूं।’’ उन्होंने अमेरिकी संसद को एक सर्टिफिकेशन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि इस समय ऐसी छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।

‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ ट्रंप को रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाने और रूस से सबसे अधिक तेल व गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इस कानून को ग्राहम कानून के नाम से जाना जाता है। इसे अमेरिकी कांग्रेस ने 16 सितंबर को पास किया था और ट्रंप ने दो दिन बाद इसे साइन किया था।

इस कानून के तहत ट्रंप को इसे लागू किए जाने के 30 दिन के अंदर रूस से कच्चा तेल या गैस आयात करने वाले 5 सबसे बड़े देशों से अमेरिका में आने वाले सभी सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। ग्राहम कानून की धारा 115 में यह प्रावधान भी है कि अगर प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में हो, तो राष्ट्रपति ऐसी छूट दे सकते हैं।

भारत से फिलहाल हटी 100 प्रतिशत टैरिफ की तलवार

रूस से सबसे अधिक तेल व गैस खरीदने वाले देशों में चीन और भारत शामिल हैं। ग्राहम कानून के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और ड्यूटीज से छूट के नए फैसले से अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान पर 100 प्रतिशत टैरिफ की तलवार फिलहाल के लिए हट गई है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ग्राहम कानून की धारा 115(ए) के तहत, मैं ग्राहम कानून की धारा 112 और 113 या इस आदेश में निर्धारित किसी भी शुल्क को लागू करने से छूट देता हूं।’’ धारा 113 में रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों या उसे प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है।

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ग्राहम कानून पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और मार्को रुबियो की हुई थी मीटिंग

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक के दौरान ग्राहम कानून को लेकर चिंता जताई थी। समझा जाता है कि जयशंकर ने रुबियो को बताया था कि भारत की तेल रिफाइनरियां मुख्य रूप से मध्यम श्रेणी के सल्फरयुक्त कच्चे तेल की प्रोसेसिंग के लिए तैयार की गई हैं, जिसकी आपूर्ति पश्चिम एशिया के देशों और रूस से होती है।उन्होंने रुबियो को यह भी बताया था कि वेनेजुएला से हैवी ग्रेड का कच्चा तेल मिलता है, जबकि अमेरिका से हल्के ग्रेड का कच्चा तेल आता है। भारत की रिफाइनरियों में इस्तेमाल से पहले इन्हें दूसरे तेल के साथ मिलाना होगा।

ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के देशों से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारत अपनी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए रूसी कच्चे तेल पर निर्भर है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो कुछ दिन बाद भारत आने वाले हैं।

Cult.fit को IPO के लिए SEBI से मिली मंजूरी, रहेंगे ₹950 करोड़ तक के नए शेयर

फिटनेस सर्विसेज प्लेटफॉर्म Cult.fit को IPO लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI से मंजूरी मिल गई है। सेबी की वेबसाइट पर मौजूद एक दस्तावेज से पता चलता है कि कंपनी अब लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। Cult.fit के पब्लिक इश्यू में 950 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 17.86 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

Cult.fit भारत में 77 शहरों में 708 फिटनेस सेंटर चलाती है। 31 मार्च, 2026 तक इसके 987,000 से अधिक पेड मेंबर थे। यह कई माध्यमों से मेंबरशिप बेचती है, जिनमें इसका ऐप, वेबसाइट, कॉरपोरेट पार्टनरशिप प्रोग्राम और फिटनेस सेंटरों पर होने वाली डायरेक्ट सेल शामिल हैं। कल्ट फिट ने इस साल जुलाई में SEBI के पास IPO के लिए आवेदन किया था।

कंपनी में टेमासेक होल्डिंग्स के निवेश वाली मैकरिची इनवेस्टमेंट्स, फिटनेस फर्स्ट लक्जमबर्ग, IDG वेंचर्स इंडिया फंड, टाटा डिजिटल, चिराटे ट्रस्ट, श्रोडर्स कैपिटल, ट्वेंटी नाइन कैपिटल पार्टनर्स और एक्सेल इंडिया V (मॉरीशस) का भी पैसा लगा हुआ है।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Cult.fit

Cult.fit अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल नए सेंटर खोलने, और ब्रांडिंग व मार्केटिंग के खर्चों के लिए करेगी। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स जैसी एंटिटीज ‘बुक-रनिंग लीड मैनेजर’ हैं। साल 2016 में शुरू हुई कल्ट फिट भारत में जिम, ग्रुप वर्कआउट, आउटडोर फॉर्मेट, एट-होम वर्कआउट और फिटनेस प्रोडक्ट्स जैसे- कपड़े, जूते और जिम के सामान बेचने वाला एक बहुत बड़ा और जाना-माना प्लेटफॉर्म बन चुका है।

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इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

कल्ट फिट के अलावा SEBI ने ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज और सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट के IPO को भी मंजूरी दी है। ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज के IPO में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और 1.32 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS रहेगा। IPO का साइज 1,100 करोड़ रुपये से 1,300 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट ने मार्च में कॉन्फिडेंशियल रूट से SEBI के पास IPO ड्राफ्ट जमा किया था। साल 2026 में अब तक 97 मेनबोर्ड कंपनियां अपने IPO के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटा चुकी हैं।

TomTom Layoffs: नीदरलैंड की कंपनी फिर करेगी छंटनी, इस बार 200 लोगों की जा सकती है नौकरी

नीदरलैंड्स की लोकेशन डेटा कंपनी टॉमटॉम एनवी (TomTom NV) एक बार फिर रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। इसके तहत वैश्विक स्तर पर 200 नौकरियां कम की जाएंगी। इससे सालाना लगभग 2.1 करोड़ यूरो (2.36 करोड़ डॉलर) की बचत होने की उम्मीद है। यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। कंपनी AI को अपनाने के लिए पहले ही साल 2025 में 300 नौकरियां कम कर चुकी है। टॉमटॉम अब नए ड्राइविंग समाधान विकसित करने के लिए धीरे-धीरे अपना फोकस पार्टनरशिप्स पर शिफ्ट कर रही है।

इसके तहत कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ जेनरेटिव AI पर और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के साथ ऑटोमेटेड ड्राइविंग पर काम कर रही है। टॉमटॉम अपने नए मैपिंग प्लेटफॉर्म ‘टॉमटॉम ऑर्बिस’ (TomTom Orbis) में निवेश भी कर रही है। TomTom का शेयर इस साल अब तक लगभग 30 प्रतिशत नीचे आया है।

ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बढ़ाया

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने 2026 के लिए अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 4 प्रतिशत कर दिया है। इसमें चौथी तिमाही में होने वाले 1.5 करोड़ यूरो के रीस्ट्रक्चरिंग खर्च का प्रभाव भी शामिल है। टॉमटॉम ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू के अनुमान को भी रिवाइज किया है। अब रेवेन्यू 50.5 करोड़ से 53 करोड़ यूरो के बीच रहने की उम्मीद है। पहले यह अनुमान 49.5 करोड़ से 55.5 करोड़ यूरो के बीच था। तीसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में टॉमटॉम का रेवेन्यू गिरकर लगभग 13 करोड़ यूरो रह गया। यह कंपनी के अनुमान से कम है।

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नेटफ्लिक्स में 1000 लोगों की छंटनी

नेटफ्लिक्स अपने 6% कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। लगभग 1,000 लोगों की नौकरी जाने वाली है। यह साल 2022 के बाद से कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह जानकारी को-CEO ग्रेग पीटर्स और टेड सारंडोस की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल से सामने आई है। छंटनी मुख्य रूप से नेटफ्लिक्स की प्रोडक्ट, टेक, लीगल और ह्यूमन रिसोर्सेज टीमों में होगी। पिछले साल के अंत में कंपनी के पास लगभग 16,000 कर्मचारी थे।

IMD Alert: उत्तर-पूर्वी मानसून की धमाकेदार शुरुआत, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली से तमिलनाडु तक दिखेगा मौसम का ये रूप

IMD Alert: देश भर के मौसम में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक आज 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों से भी पूरी तरह विदा हो गया है। इसके साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप के राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की औपचारिक और धमाकेदार शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के अलग-अलग जगहों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के मजबूत होने से बारिश का दौर काफी तेज हो गया है। दक्षिण तटीय तमिलनाडु और उससे लगे इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले स्तरों पर पूर्वी व उत्तर-पूर्वी हवाएं पूरी तरह सेट हो चुकी हैं। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगा।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। केरल और माहे में 15 से 21 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी> आज 15 अक्टूबर को यहां कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 21 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी जिसमें 16 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा की आशंका है। तटीय कर्नाटक में 16 से 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 15 से 16 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का दौर रहेगा। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ओलावृष्टि का प्रकोप

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिससे जुड़ी ट्रफ रेखा बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा पर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से आज 15 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में व्यापक रूप से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने आज दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन मैदानी राज्यों में आज 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

देश के अन्य हिस्सों और तटीय क्षेत्रों का मौसम हाल

पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई विशेष भारी गतिविधि की संभावना नहीं है, हालांकि छिटपुट जगहों पर हल्की फुल्की बौछारें गिर सकती हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, कोंकण व गोवा तथा तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम काफी उमस भरा बना रहेगा।

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Shoppers Stop Share Price: Q2 रिजल्ट से एक दिन पहले दिखी तूफानी तेजी, शेयर 15% तक भागा

फैशन और ब्यूटी ब्रांड्स की जानीमानी रिटेलर शॉपर्स स्टॉप के शेयरों में 15 अक्टूबर को बंपर खरीद हो रही है। दिन में शेयर बीएसई पर पिछले क्लोजिंग प्राइस से लगभग 15 प्रतिशत तक उछलकर 430.95 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शॉपर्स स्टॉप 16 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही और अप्रैल-सितंबर 2026 छमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने वाली है। नतीजों से पहले जमकर शेयर खरीद हो रही है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा 14.25 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले समान तिमाही में घाटा 15.74 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,291.41 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था, जो जून 2025 तिमाही में 1,161.08 करोड़ रुपये था।

जून तिमाही में खोले 8 नए स्टोर

जून 2026 तिमाही में शॉपर्स स्टॉप के कुल खर्च एक साल पहले के मुकाबले 10.38 प्रतिशत बढ़कर 1,315.86 करोड़ रुपये के रहे थे। तिमाही के दौरान कंपनी ने 8 नए स्टोर खोले। इनमें से 2 डिपार्टमेंट स्टोर, 4 ब्यूटी स्टोर और बाकी 2 इसके किफायती रिटेल फॉर्मेट INTUN थे।

Bajaj Consumer Care Share Price: मुनाफे में 66% का बंपर उछाल, फिर भी शेयर धड़ाम; 9% टूटा

Shoppers Stop का शेयर 6 महीनों में 37 प्रतिशत चढ़ा

शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शॉपर्स स्टॉप में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 66.06 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 37 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 541.70 रुपये और एडजस्टेड लो 267 रुपये है। अगस्त महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग के साथ 465 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था।

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UP News: ‘जो भगवान श्री राम का विरोध करें…’; यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव को बड़ा झटका, अभय सिंह समेत सपा के 3 विधायक BJP में शामिल

UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव को बड़ा झटका लगा है। बुधवार (14 अक्टूबर) को SP के तीन बागी विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। समाजवादी पार्टी के ये तीन बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी हैं। राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। जबकि अभय सिंह अयोध्या की गोसाईंगंज सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, विनोद चतुर्वेदी जालौन की कालपी विधानसभा सीट से विधायक हैं।

इन विधायकों ने 2022 का चुनाव SP के टिकट पर जीता था। लेकिन 2024 के राज्यसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार के पक्ष में वोट कर दिया था। यूपी के अमेठी में बुधवार (14 अक्टूबर) को BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में तीनों बागी सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुवेर्दी BJP में शामिल हुए।

कौन हैं MLA अभय सिंह?

अभय सिंह भगवान राम की नगरी अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। सिंह भी समाजवादी पार्टी के एक प्रमुख नेता हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के बाद अभय सिंह पर कार्रवाई हुई थी। बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के बाद समाजवादी पार्टी ने अभय सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों और राजनीतिक बयानों के कारण उनका नाम पहले भी सुर्खियों में रहा है। औपचारिक सदस्यता से पहले भी अभय सिंह कई मौकों पर भगवा पार्टी के मंच पर दिखाई दिए थे। 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासत का प्रमुख केंद्र बन चुकी अयोध्या का सियासी तापमान अब और बढ़ने की उम्मीद है।

बुधवार को गोसाईंगंज के विधायक अभय सिंह आधिकारिक तौर पर भगवा पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद अब वह BJP के लिए निर्भय होकर मैदान में उतर सकेंगे। अभय सिंह ने SP के टिकट पर 2012 और 2022 में गोसाईंगंज विधानसभा सीट जीती। 2017 के विधानसभा चुनाव में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी से हार गए थे। जबकि 2022 में सिंह ने BJP उम्मीदवार आरती तिवारी को 13,079 वोटों से हराया।

‘जो श्री राम का विरोध करेगा, हम लोग उसके विरोधी हो जाएंगे’

समाजवादी पार्टी के विधायक अभय सिंह ने BJP में शामिल होने पर न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का विरोध करें, जो राष्ट्र का विरोध करेंगे, हम लोग उसके विरोधी हो जाएंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बारे में जन-जन तक हिंदी और अवधि में पहुंचाने वाले, तुलसीदास ने राम चरित मानस को लिखा। उस रामचरित मानस को जलाया जाए, फाड़ा जाए। उसके बाद इस घटना पर कोई टिप्पणी न की जाए। उसके बाद दर्शन से रोका जाए। ये सब चीजें ऐसी हैं जो उचित नहीं हैं।”

कौन हैं राकेश प्रताप सिंह?

राकेश प्रताप सिंह अमेठी के गौरीगंज से विधायक हैं। सिंह हाईस्कूल तक की पढ़ाई की हुई है। वह साल 2012, 2017 और 2022 में तीन बार विधायक चुने गए हैं। 2022 में राकेश प्रताप सिंह सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने शानदार जीत भी दर्ज की थी। लेकिन 2024 के राज्यसभा चुनाव के बाद से राकेश प्रताप सिंह सपा को धोखा देकर अपनी पार्टी के अन्य बागी विधायकों के साथ चले गए। इसके बाद अखिलेश यादव ने साल 2025 के जून महीने में राकेश सिंह को सपा से निकाल दिया था।

विनोद चतुर्वेदी के बारे में जानें

जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी भी  BJP में शामिल हो गए हैं। उन्होंने 2022 में समाजवादी पार्टी (SP) के टिकट पर निषाद पार्टी के उम्मीदवार छोटे सिंह को 2,816 वोटों से हराकर कालपी विधानसभा सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। कालपी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने से पहले चतुर्वेदी ने यूपी के जालौन जिले में उरई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। वे 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार के तौर पर उरई सीट से चुने गए थे।

अखिलेश पर बोला हमला

राकेश प्रताप सिंह ने उनके BJP में शामिल होने पर ANI से कहा, “मैं अपने क्षेत्रवासियों का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारा समर्थन किया और मुझसे अनुरोध किया कि भाजपा की सदस्यता लीजिए। उन लोगों ने मुझसे कहा कि वे मेरे साथ हैं… 98% लोग जो अपना बूथ जिताते या हराते थे, वे समाजवादी पार्टी का परित्याग करेंगे और BJP की सदस्यता लेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “विधायक विनोद चतुर्वेदी, अभय सिंह और मैं स्वयं भाजपा में शामिल हो रहा हूं। हमारे साथ ऐसे करीब 1000 लोग जो जनप्रतिनिधि या पूर्व जनप्रतिनिधि हैं वो शामिल होंगे…लगभग 1 दर्जन विधायक मंच पर मौजूद रहेंगे।”

इसके अलावा राकेश प्रताप सिंह ने एक X पोस्ट में लिखा, “14 अक्टूबर 2026 का दिन मेरे राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक दिन है। यह मेरे लिए केवल भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का अवसर नहीं, बल्कि सनातन की रक्षा, अपनी आस्था, अपने संस्कारों और अपने सिद्धांतों के साथ एक नई राजनीतिक यात्रा प्रारंभ करने का बहुमूल्य दिन है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपने राजनीतिक जीवन में सदैव अपनी सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा है। बीते समय में समाजवादी पार्टी के भीतर सनातन धर्म, हमारी धार्मिक परंपराओं और पवित्र ग्रंथों को लेकर जिस प्रकार की टिप्पणियां और घटनाएं सामने आईं, उनसे मेरी भावनाएँ बार-बार आहत हुईं। विशेष रूप से जब मुझ जैसे सैकड़ों विधायकों एवं राजनैतिक व्यक्तियों को आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के दर्शन करने ना जाने देना, तो वह क्षण मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक था। उसी दिन मेरे मन में यह विचार दृढ़ हो गया था कि जिस राजनीतिक विचारधारा के साथ मेरी आस्था और मेरा अंतर्मन सहमत नहीं है, उसके साथ आगे बढ़ना मेरे लिए संभव नहीं होगा।”

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Muhammad Yunus Video: ‘तुम आतंकी हो, बांग्लादेश में हजारों लोगों को मारा…’; न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर बेइज्जत हुए मोहम्मद यूनुस, देखें नारेबाजी का वीडियो

Muhammad Yunus Video: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को सोमवार (12 अक्टूबर) को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित जॉन एफ. कैनेडी (JFK) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बांग्लादेशी मूल के कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर तीखे सवाल पूछे और उन पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान लोगों ने उन्हें आतंकवादी तक बता दिया। उनके खिलाफ हुए इस नारेबाजी का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कुछ लोग यूनुस को ‘आतंकवादी’ कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने उन पर बांग्लादेश में लोगों की मौत और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप भी लगाए। इस घटना के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। दूसरी ओर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना एवं संचार सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को कहा कि यूनुस का सामना करने वाले लोगों के खिलाफ ढाका कानूनी कार्रवाई करेगा।

‘तुम आतंकवादी हो, बांग्लादेश में लोगों को मारा’

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति मोहम्मद यूनुस से कहता सुनाई देता है, “तुम आतंकवादी हो। तुमने बांग्लादेश में लोगों को मारा है। यहां क्यों आए हो? हमें बताओ, यहां क्यों आए हो?” कुछ अन्य लोग भी बांग्लादेश सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वापस जाने के लिए भी कहा। आरोप लगाने वाले लोगों ने दावा किया कि बांग्लादेश में हजारों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया।

व्हीलचेयर पर एयरपोर्ट से बाहर जा रहे थे यूनुस

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद यूनुस दोहा से कतर एयरवेज की फ्लाइट के जरिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे। बताया गया कि एयरपोर्ट के टर्मिनल-8 पर पहुंचने के बाद जब उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर ले जाया जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर सवाल पूछने शुरू कर दिए।

बिगड़ते हालात को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने यूनुस को वहां से सुरक्षित निकालने की कोशिश की। ढाका के अखबार ‘डेली सन’ ने एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों के हवाले से बताया कि विरोध के दौरान यूनुस और उनके साथ मौजूद सहयोगी लामिया मोर्शेद तेजी से वापस एयरपोर्ट के अंदर चले गए।

शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से विवादों में रहा अंतरिम सरकार का कार्यकाल

बांग्लादेश में अगस्त 2024 में पूर्व पीएम शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार की जिम्मेदारी संभाली थी। उनका कार्यकाल राजनीतिक उथल-पुथल, हिंसा, कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़े सवालों के बीच गुजरा। यूनुस की अंतरिम सरकार को लेकर उनके राजनीतिक विरोधियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन हिंसक घटनाओं को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहा।

अवामी लीग से जुड़े नेताओं और समर्थकों ने भी दावा किया कि अंतरिम प्रशासन के दौरान पार्टी के सदस्यों और उससे जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया। यूनुस सरकार के कार्यकाल में मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे। हिंदू समुदाय और धार्मिक स्थलों पर कथित हमलों, मनमानी गिरफ्तारियों, हिरासत में मौतों तथा राजनीतिक समर्थकों के साथ व्यवहार को लेकर चिंताएं जताई गईं।

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आलोचकों ने सरकार से हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, इन मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित घटनाओं की जांच, विश्वसनीय रिपोर्टों और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में पुलिसकर्मियों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों का मुद्दा भी उठाया। यूनुस सरकार के कार्यकाल में जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उससे जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक विवाद बना रहा।