Gold Loan कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, आपको आगे भी मालामाल कर सकते हैं ये शेयर

गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को तूफानी तेजी दिखी। इसकी वजह यह है कि विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और मण्णपुरम फाइनेंस के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने इन शेयरों को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है।

IIFL Finance के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस

IIFL Finance, Muthoot Finance और Manappuram Finance के शेयरों में 2 से 8 फीसदी की तेजी दिखी। सबसे ज्यादा 7.26 फीसदी की तेजी IIFL Finance के शेयर में दिखी। इससे शेयर का भाव 682.90 रुपये पर पहुंच गया। जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 18 फीसदी चढ़ सकता है।

IIFL Finance का शेयर बीते एक साल में 48 फीसदी चढ़ा है

सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, जेपी मॉर्गन का मानना है कि आईआईएफएल फाइनेंस टर्नअराउंड की शुरुआती अवस्था में है। प्रॉफिट बनाने की बढ़ती क्षमता को देखते हुए इसके शेयरों की रिरेटिंग हो सकती है। बीते एक साल में आईआईएफएल फाइनेंस का शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भा सकती है तेजी

मुथूट फाइनेंस के शेयरों के बारे में भी जेपी मॉर्गन की राय पॉजिटिव है। उसने इस शेयर के लिए 3,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 14 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि इस शेयर का प्रदर्शन इस साल दूसरी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों से कमजोर रहा है। ऐसे में अभी निवेश करने से आगे अच्छी कमाई हो सकती है। Muthoot Finance का शेयर 21 अगस्त को 2.29 फीसदी चढ़कर 3,038 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह 13.54 फीसदी चढ़ा है।

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश से भी होगी कमाई

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। जेपी मॉर्गन ने इस शेयर के लिए 395 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 13 फीसदी तेजी आ सकती है। उसने कहा है कि कंपनी के जून तिमाही के नतीजों से इसके टर्नअराउंड के संकेत मिले हैं। मण्णपुरम फाइनेंस का शेयर 21 अगस्त को 2.35 फीसदी चढ़कर 357.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 35 फीसदी उछला है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में नाममात्र की तेजी 

गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में तब जोरदार तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में बने रहे। 21 अगस्त को निफ्टी 0.08 फीसदी यानी 20 अंक चढ़कर 24,252 पर बंद हुआ। सेंसेक्स सिर्फ 3 अंक चढ़कर 77,540 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी में 0.46 फीसदी की मजबूती दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

FD पर 8.5% ब्याज! सीनियर सिटीजन के लिए ये बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्न, देखें पूरी लिस्ट

जो सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) पर निश्चित रिटर्न पाना चाहते हैं, वे 8.5% तक ब्याज कमा सकते हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक डिपॉज़िट पर सबसे ज़्यादा ब्याज दरें दे रहे हैं। कई प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक भी अलग-अलग FD अवधि (एक साल से 10 साल तक) के लिए अच्छी ब्याज दरें दे रहे हैं।

सीनियर सिटीजन के लिए, FD ब्याज दरों में थोड़ा सा अंतर भी कुल रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है, खासकर तब जब बड़ी रकम निवेश की जा रही हो। अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करने और सही अवधि चुनने से ब्याज से होने वाली कमाई को ज़्यादा से ज़्यादा किया जा सकता है, साथ ही निवेश में जोखिम भी कम रहता है।

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  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • AU स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.90% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.75 % तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।

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  • SBM बैंक इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 8.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • DCB बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 8.00% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बंधन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.95% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडसइंड बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.75% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • YES बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.75% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • RBL बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.70%  तक ब्याज दर दे रहा है।
  • सिटी यूनियन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.50%  तक ब्याज दर दे रहा है।
  • IDFC फर्स्ट बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.50%तक ब्याज दर दे रहा है।
  • कोटक महिंद्रा बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.30% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • एक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.20%तक ब्याज दर दे रहा है।
  • HDFC बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10 % तक ब्याज दर दे रहा है।
  • ICICI बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10%तक ब्याज दर दे रहा है।

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  • बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.45% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.35% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.25% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.25% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडियन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • केनरा बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडियन ओवरसीज़ बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • पंजाब नेशनल बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.05% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.05% तक ब्याज दर दे रहा है।
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  • स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • ड्यूश बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.00% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • HSBC बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 6.00 % तक ब्याज दर दे रहा है।

जानकारों का सुझाव है कि ₹5 लाख के इंश्योरेंस कवर के दायरे में रहने के लिए अपनी जमा राशि को कई बैंकों में बांटें, ज़्यादा रिटर्न के लिए चुनिंदा स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इस्तेमाल करें और जमा की अवधि को अपनी नकदी की ज़रूरतों के हिसाब से तय करें। जमा पर इंश्योरेंस सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के कारण, FD रिटायर हो चुके लोगों के लिए निवेश का एक भरोसेमंद ज़रिया बनी हुई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Cards के शेयर में आएगी 34% तक गिरावट! बर्नस्टीन ने घटाया टारगेट प्राइस

SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों में 21 अगस्त को गिरावट है। दिन में शेयर की कीमत बीएसई पर पिछले बंद भाव से 1.4 प्रतिशत तक टूटकर 637 रुपये के लो तक गई। दरअसल ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने शेयर के लिए प्राइस टारगेट 610 रुपये से घटाकर 430 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। हालांकि ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग को बरकरार रखा है। नया टारगेट शेयर के पिछले क्लोजिंग प्राइस से 33 प्रतिशत कम है।

बर्नस्टीन का कहना है कि रिवॉल्वर्स लेड क्रेडिट कार्ड मॉडल में बड़ा ढांचागत बदलाव हो रहा है, और इस दबाव के कम होने या पलटने के बहुत कम संकेत हैं। इस मॉडल से अर्थ है एक ऐसा कार्ड बिजनेस, जिसमें ग्राहक बिल का कुछ हिस्सा चुकाकर बाकी रकम को आगे बढ़ाते रहते हैं और कंपनी को उस बकाया रकम पर ब्याज से कमाई होती है। चूंकि SBI Cards पूरी तरह से क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी है, इसलिए उसे इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ा है।

बर्नस्टीन को अभी भी रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो में और गिरावट से नुकसान का जोखिम दिख रहा है। इसके कारण क्रेडिट कॉस्ट में सुधार के बावजूद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और कमाई में बढ़ोतरी पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज ने SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज के लिए अर्निंग्स-प्रति-शेयर (EPS) अनुमानों को घटा दिया है।

SBI Cards का रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो घटकर 2.8 प्रतिशत

SBI कार्ड्स के मामले में रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो जून 2026 तिमाही में घटकर 2.8 प्रतिशत रह गया। बर्नस्टीन का कहना है कि इस गिरावट के कारण प्रति यूनिट खर्च पर होने वाले मुनाफे में भारी कमी आई है। अहम बात यह है कि रिवॉल्वर्स में आई गिरावट की भरपाई EMI लोन में बढ़ोतरी से नहीं हो पाई है। हालांकि SBI कार्ड्स ने कम ऑपरेटिंग खर्चों के जरिए कमाई पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम किया है, लेकिन बर्नस्टीन का कहना है कि अब इसका असर फीस/नॉन-इंटरेस्ट इनकम-टू-स्पेंड्स रेश्यो पर पड़ने लगा है।

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शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत कमजोर

SBI Cards का मार्केट कैप 61400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 25 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 68.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,040.55 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 664.44 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19,899.63 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,166.71 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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Top Stock Picks : निफ्टी कंपनियों के साथ ग्रोथ की दिक्कत, दीपन मेहता से जाने अब कहां नजर आ रहे कमाई के मौके

Top Stock Picks :मार्केट में इस समय इंडेक्स में पैसा बनना बंद हो गया है। स्टॉक स्पेसिफिक अच्छे मौके बन रहे हैं। लेकिन इंडेक्स तकलीफ में हैं। ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि अगर आपको स्टॉक प्राइस में रिटर्न्स चाहिए तो तीन चीजें खोजनी चाहिए और वो तीनों की चीजें हैं सिर्फ ग्रोथ। अब निफ्टी स्टक्स में ग्रोथ नहीं है। आप सॉफ्टवेयर सर्विज देख लीजिए, बैंक्स देख लीजिए या फिर आप सीमेंट कंपनीज देख लीजिए, कहीं पर भी ग्रोथ नहीं है। जहां ग्रोथ नहीं हैं वहां पर पैसा नहीं आएगा। इस समय लोकल इन्वेस्टर्स और एफआईआई का जितना भी पैसा है वह सिर्फ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक, आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी में जा रहा है। प्रॉब्लम निफ्टी के साथ है और यह स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है, निफ्टी में ग्रोथ नहीं है।

ऐसे में जब तक छोटी-छोटी कंपनियां बड़ी होकर निफ्टी में नहीं आएगी तब तक हमें बाजार में हिस्टोरिकल रिटर्न की तुलना में साइडवेज मूवमेंट या लो रिटर्न्स ही देखने को मिलेंगे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आपको अगले कई सालों तक अपना पोर्टफोलियो बनाना है तो आपको मिड और स्मॉल कैप की अच्छी कंपनियों पर ही फोकस करना होगा। वहीं पर आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। निफ्टी की कंपनियां काफी बड़ी और मैच्योर हो चुकी हैं, अब इनमें बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। हमें अब ग्रोथ के लिए क्वालिटी छोटी-मझोली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जहां ग्रोथ होगी वहीं पैसा बनेगा और इस समय डिफेंस, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रेलवे स्टक्स, प्लेटफार्म कंपनियों, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और एआई रिलेटेड कंपनियों में ग्रोथ नजर आ रही है। हमें इन पर फोकस करिए। इस समय बाजार में बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम्स हैं। एक ही इन्वेस्टमेंट थीम या एक इंडस्ट्री या एक ही ग्रुप में पैसा लगानें से बचें। आपके लिए बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम में इन्वेस्ट करना जरूरी है। इससे थोड़ी कॉम्प्लेक्सिटी तो आ जाती है लेकिन पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन भी हो जाता है।

न्यू एज कंपनियों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि इन पर बहुत गहराई से रिसर्च करने की जरूरत है। इनको ट्रैक करना चाहिए क्योंकि ग्रोथ यहीं पर आ रही है। इनमें से कुछ कंपनियां घाटे में हैं। लेकिन जब ये मुनाफे में आएंगी तो उसके अगले 2-3 साल में इनके मुनाफे में सॉलिड ग्रोथ देखने को मिलेगा,क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग लेवेज बहुत ही बढ़िया है। दीपन मेहता ने बताया कि पेटीएम और इटरनल में उनका निवेश है। इसके अलावा उनको इस सेगमेंट में फिजिक्स वाला,लेंस स्टार्ट और मीशो भी अच्छे लग रहे हैं। उनकी इन शेयरों को ट्रैक करने और इनमें बॉस्केट बना कर निवेश करने की सलाह है। उनका कहना है कि अगर इनमें दो-तीन मल्टीबैगर बन गए और बाकी 2-3 अगर अच्छा रिटर्न नहीं देते हैं तो भी बास्केट के रिटर्न काफी बढ़िया आ सकते हैं। इन कंपनियों में आपको कापी लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना चाहिए अगले कुछ दशक में इनमें से कुछ कंपनियां कमाल कर सकती हैं।

डिफेंस शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्टॉनिक्स तो उनकी कोर होल्डिंग में शामिल हैं, इसके अलावा ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज भी उनके पोर्टफोलियो में है। इस सेक्टर की एक और कंपनी पारस डिफेंस पर भी उनकी करीबी से नजर बनी हुई है। इस कंपनी की खास बात ये है कि जितने भी ड्रोन बनते हैं वहां पर इस कंपनी के कैमरे लगते हैं। इस समय यही तीन-चार कंपनियां अच्छी दिख रही हैं। लेकिन कुल मिला कर देखें तो इस समय डिफेंस स्पेस थोड़ महंगा दिख रहा है। हमें इस स्पेस में सही समय के लिए थोड़ा रुकना चाहिए।

शुगर शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर बहुत साइक्लिकल है। लेकिन अब लग रहा है कि अगले दो तीन क्वार्टर इसके लिए बहुत ही बढ़िया रहेंगे क्योंकि क्लाइमेटिक फैक्टर्स के कारण ब्राजील में आउटपुट कम हो गया है और यहां पर भी ज्यादातर डिप्लॉयमेंट एथेनॉल की ओर जा रही। ऐसे में अगले कुछ क्वार्टर्स इन कंपनियों के लिए बहुत ही अच्छे रहेंगे और अच्छे रिटर्न मिल सकते है। इन कंपनियों में इस समय एक बहुत ही शानदार ट्रेडिंग ओपोरर्चुनिटी दिख रही है।

दीपन मेहता को फार्मा,हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक में भी निवेश के मौके नजर आ रहे है। उनका मानना है कि अपोलो हॉस्पिटल में एक बहुत ही बढ़िया स्प्लिट होने वाला है जिसकी वजह से वैल्यू अनलॉक हो सकती है। इसके नतीजे भी काफी अच्छे आए हैं। यह स्टॉक लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से काफी बढ़िया दिख रहा है। कैंसर के इलाज के जानी जाने वाली हेल्थ केयर ग्लोबल भी अच्छी कंपनी है। इस पर नजर रहनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल जिसका मर्जर हो रहा है, थोड़ा महंगा है अभी लेकिन इसके भी पोटेंशियल बहुत ही बढ़िया लगते हैं।

 

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

Market Insight : आज बाजार में कुछ बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा। IT और बैंक निफ्टी दोनों अहम स्तरों पर हैं। बैंक निफ्टी 200 DMA के ऊपर टिक नहीं रहा है। IT में बड़े गैपअप हुए लेकिन क्लोजिंग दिन के निचले स्तरों के करीब रही है। कोफोर्ज और परसिस्टेंट जैसे मजबूत IT शेयरों में गिरावट नहीं आई। BSE Vs MCX अभी भी एक पावरफुल थीम बनी हुई है। इसके अलावा आज देखना होगा कि मेटल्स क्या करते हैं। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कल जो तेजी के ट्रिगर्स थे,वही आज पलट गए हैं। आज टेस्ट होगा कि कल बॉटम बना या सिर्फ रिलीफ रैली थी। सोने और चांदी में बड़ी वाली रैली आती दिख रही है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में अभी भी अच्छा मोमेंटम है। OFS का डर ना होता तो हिंद जिंक टॉप ट्रेड होता। कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बना हुआ है। आज शुक्रवार है,तो वीकेंड फैक्टर भी है। ऐसे में अपनी सभी इंडेक्स ट्रेड्स को आज निपटा कर ही जाएं।

शुगर: क्या मुनाफावसूली करें?

CNBC-आवाज़ पर लगातार शुगर पर पॉजिटिव नजरिया रहा है। पिछले 2 हफ्तों में शुगर शेयरों में जबरदस्त तेजी हुई। सरकार ने 10 लाख MT ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। दिक्कत ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी तेज है और 10 लाख MT सिर्फ 12 दिनों की खपत के बराबर है। 65 रुपये वाली चीनी हो सकता है 62 रुपये तक आ जाए। लेकिन इसके बावजूद जुलाई-सितंबर रिकॉर्ड तिमाही होगी। शुगर में अभी भी गिरावट पर खरीदारी का मौका होगा और दिवाली के करीब मुनाफावसूली का मौका होगा।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। 24,300-24,350 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें SL 24,400 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 24,150-24,200 पर और बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 पर है। अगर निफ्टी 24,150-24,200 को बचाए तो खरीदारी करें। SL 24,100 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी अभी भी 57,600 के ऊपर जाने को तैयार नहीं है। बड़े ब्रेकआउट के लिए 57,600 के ऊपर टिकना जरूरी है। 57,600 के ऊपर टिका तो 57,800-58,000 आ सकता है। लेकिन 57,600-57,650 पर रिजेक्शन मिले तो 57,700 के SL से शॉर्ट करें। सबसे अहम सपोर्ट जोन 57,000-57,200 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 57,200-57,400 है। SL 57,050 पर रखें।

 

Trading Ideas : आज का दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

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Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market View : जब तक क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी बाजार के रेंज-बाउंड रहने की उम्मीद, इन शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बच्चों को वसीयत में देनी चाहिए प्रॉपर्टी या जीवनकाल में कर देना चाहिए गिफ्ट? एक्सपर्ट से जानिए किसमें है ज्यादा फायदा

अपनी जीवनभर की कमाई और संपत्ति को बच्चों के नाम ट्रांसफर करना हर माता-पिता का एक बड़ा फैसला होता है। अक्सर विरासत या वसीयत से जुड़े फैसले माता-पिता के न रहने के बाद ही परिवार में चर्चा का विषय बनते हैं। लेकिन ऐसे में अक्सर प्रॉपर्टी को लेकर इसके दावेदारों, भाई-बहनों में विवाद और मतभेद पैदा होते भी हम देखते हैं। ऐसे में यह सवाल बहुत जरूरी हो जाता है कि क्या बच्चों को संपत्ति वसीयत के जरिए देनी चाहिए या अपने जीवनकाल में ही गिफ्ट (कर देनी चाहिए?

कानूनी और फाइनेंस एक्सपर्ट के मुताबिक अपने जीवनकाल में ही सरप्लस प्रॉपर्टी को गिफ्ट कर देना एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है। इससे माता-पिता अपने जीवनकाल में ही अपने इरादों को स्पष्ट कर सकते हैं, बच्चों की आशंकाओं को दूर कर सकते हैं और किसी भी मतभेद को समय रहते सुलझा सकते हैं।

…लेकिन सबसे पहले अपनी फाइनेंशियल सिक्यॉरिटी सुनिश्चित करें

अपने जीवनकाल में बच्चों को प्रॉपर्टी या धन गिफ्ट करने की योजना बनाते समय वरिष्ठ नागरिकों को सबसे पहले ये बुनियादी बात समझनी चाहिए कि देने से ज्यादा जरूरी उनके लिए ये सवाल है कि वो खुद के लिए कितना बचाकर रखें। एक्सपर्ट्स की साफ राय है कि माता-पिता को सबसे पहले अपना जीवनस्तर बनाए रखने, नियमित खर्चों को पूरा करने,भविष्य के स्वास्थ्य और इलाज संबंधी जरूरतों के लिए पर्याप्त फंड और प्रॉपर्टी अलग रख लेनी चाहिए। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ होने वाले अचानक के खर्चों और इमर्जेंसी के लिए एक बफर रखना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए ताकि संपत्ति गिफ्ट करने के बाद उन्हें फाइनेंशियली अपने बच्चों पर निर्भर न होना पड़े।

दिल्ली हाई कोर्ट की वकील विनीता सेजवाल का कहना है कि लाइफटाइम गिफ्टिंग प्लान की नींव गिफ्ट देने वाले के अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने पर टिकी होती है। वरिष्ठ नागरिकों को अपने जीवनस्तर को बनाए रखने,नियमित खर्चों को पूरा करने और भविष्य की चिकित्सीय व स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए पर्याप्त धनराशि अलग रखनी चाहिए। साथ ही अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए पर्याप्त रिजर्व भी रखना चाहिए।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके लिए कोई तय मानक फॉर्मूला नहीं हो सकता। यह कैलकुलेशन वरिष्ठ नागरिक की आय, कुल संपत्ति, उनकी देनदारियों और वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करती है। सिर्फ वही संपत्ति या धन बच्चों को गिफ्ट करने के लिए माना जाना चाहिए जो इन सभी जरूरतों को पूरा करने के बाद वास्तव में सरप्लस हो।

जीवनकाल में गिफ्ट देने से उत्तराधिकार क्यों आसान हो जाता है?

अपने जीवनकाल में संपत्ति ट्रांसफर करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि माता-पिता अपनी उपस्थिति में ही अपने फैसलों की वजह बता सकते हैं। यह बात तब और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है जब बच्चों को अलग-अलग मूल्य या अलग-अलग प्रकार की संपत्तियां दी जा रही हों।

दिल्ली हाई कोर्ट की वकील गुडीपति गायत्री कश्यप के मुताबिक,’मौत के बाद पूरी संपत्ति को बंटवारे के लिए छोड़ने की तुलना में जीवनकाल में गिफ्ट देना उत्तराधिकार का एक बहुत अधिक प्रभावी तरीका हो सकता है। यह माता-पिता को अपने इरादों को स्पष्ट करने, बच्चों के बीच की चिंताओं को दूर करने और अपनी मौजूदगी में मतभेदों को सुलझाने का मौका देता है।”

अक्सर माता-पिता के निधन के बाद विवाद सिर्फ कानूनी हक तक सीमित नहीं रहते बल्कि इस बात पर भी बहस होती है कि माता-पिता की सेवा किसने ज्यादा की, उन्हें किसने पैसा ज्यादा दिया, या किसी एक बच्चे को ज्यादा तरजीह दी गई या नहीं। इसीलिए ट्रांसपेरेंसी बहुत जरूरी है। अगर माता-पिता असमान रूप से गिफ्ट दे रहे हैं तो उन्हें इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही यह गिफ्टिंग प्लान वसीयत सहित अन्य व्यापक उत्तराधिकार योजनाओं से मेल खाता होना चाहिए।

कैश, शेयर्स या प्रॉपर्टी: क्या गिफ्ट करना ज्यादा बेहतर?

जीवनकाल में संपत्ति देने के लिए कोई एक एसेट क्लास सबसे बेहतर नहीं कहा जा सकता। यह फैसला लिक्विडिटी की जरूरत, टैक्स के नियमों और इस बात पर निर्भर करता है कि क्या वरिष्ठ नागरिक को खुद उस संपत्ति से आय या व्यक्तिगत उपयोग की जरूरत है या नहीं। कैश ट्रांसफर करने में सबसे आसान है और जिसे मिलता है उसे तुरंत लिक्विडिटी मिल जाती है। लिस्टेड शेयर्स और म्यूचुअल फंड को भी ट्रांसफर करना और इनके डॉक्युमंट्स तैयार करना आसान होता है। प्रॉपर्टी, जमीन और सोना की बात करें तो अगर आपका उद्देश्य ऐसी संपत्तियों को पास ऑन करना है जिनका मूल्य समय के साथ बढ़ता है तो इन्हें चुना जा सकता है।

हालांकि, अचल संपत्ति मामले में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि यह लिक्विड नहीं होती और न ही इसे आसानी से बांटा जा सकता है। इसके अलावा अचल संपत्ति के ट्रांसफर में वैल्युएशन, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का खर्च आता है।

गांधी लॉ एसोसिएट्स के पार्टनर राहिल पटेल कहते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को अपने जीवनकाल में धन या संपत्ति तभी ट्रांसफर करनी चाहिए जब वे अपने अपेक्षित रहने के खर्चों, स्वास्थ्य सेवा, आपात स्थितियों और दीर्घायु जोखिमों को आराम से पूरा करने के लिए पर्याप्त संपत्तियों को सुरक्षित कर लें। प्राथमिकता वित्तीय स्वतंत्रता होनी चाहिए, न कि संपत्ति देने के बाद बच्चों पर निर्भर हो जाना।

सही कानूनी डॉक्युमेंटेशन है बेहद जरूरी

जीवनकाल में दिए जाने वाले किसी भी गिफ्ट को महज एक अनौपचारिक पारिवारिक समझ नहीं मानना चाहिए। खासकर जब बड़ी संपत्ति शामिल हो, तो उसका सही डॉक्युमेंटेशन होना जरूरी है। राहिल पटेल के अनुसार, अचल संपत्ति (मकान, जमीन आदि) के मामले में एक रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य के नियमों के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क देना पड़ सकता है।

दस्तावेजीकरण तब और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है जब बच्चों के बीच संपत्ति का असमान रूप से बांटी जा रही हो। सही लिखापढ़ी न होने पर भविष्य में जबरदस्ती संपत्ति लेने, दबाव डालकर प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराने जैसे आरोप लग सकते हैं और मामला विवादित हो सकता है।

जीवनकाल में संपत्ति गिफ्ट करने का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी सारी धन-दौलत बांट दें। इसका सही उद्देश्य यह है कि जब माता-पिता खुद वित्तीय रूप से सुरक्षित हों और अपने इरादों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में सक्षम हों तब वे अपनी सरप्लस प्रॉपर्टी को प्लान बनाकर ट्रांसफर कर दें। जरूरत के हिसाब से फाइनेंशियल रिजर्व, ट्रांसपेरेंसी और सही लीगल डॉक्यूमेंटेशन के साथ किया गया ट्रांसफर अगली पीढ़ी को बिना किसी पारिवारिक कलह के प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का एक सुरक्षित रास्ता बनाता है।

 

 

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Balrampur Chini Mills के शेयर में तूफानी तेजी, एक दिन में 19% उछला, जानिए वजह

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 20 अगस्त को रॉकेट बन गए। सिर्फ एक दिन में यह शेयर 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इससे शेयर की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। 25 जनवरी, 2008 के बाद पहली बार यह शेयर एक दिन में इतना ज्यादा चढ़ा है। शेयर में तेजी की वजह सरकार का एक फैसला है।

चीनी के स्टॉक को लेकर सरकार का नया आदेश

सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट के बारे में बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने नए ऑर्डर में कहा है कि चीनी के ऐसे डीलर जिनकी बिक्री हर महीने 10 टन से ज्यादा है, वे 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार ने यह कदम चीनी की कीमतों में आई बड़ी तेजी के बाद उठाया है।

इस साल 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा आदेश

सरकार का मकसद चीनी की सप्लाई बढ़ाना और इसकी कीमतों में तेजी पर लगाम लगाना है। स्टॉक लिमिट को लेकर यह नया आदेश 1 सितंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। सरकार ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रख यह कदम उठाया है। देश में अक्तूबर से बड़े त्योहारों का मौसम शुरीू हो जाता है। इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है।

एक महीने में 10 फीसदी उछली हैं चीनी की कीमतें

चीनी के स्टॉक की यह लिमिट सिर्फ डीलर्स और ट्रेडर्स के लिए है। यह चीनी मिलों पर लागू नहीं होगी। बीते एक महीने में चीनी की कीमतें करीब 10 फीसदी उछली हैं। 18 अगस्त को एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई। एक साल पहले यह 3,900 रुपये थी।

बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 19.55 फीसदी उछला

बलरामपुर चीनी मिल्स चीनी बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका शेयर 20 अगस्त को 19.55 फीसदी चढ़कर 778 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 77.50 फीसदी चढ़ा है। 20 अगस्त को चीनी बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। श्री रेणुका शुगर्स का शेयर 7.8 फीसदी चढ़कर 26.13 रुपये पर बंद हुआ।

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इन चीनी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल

20 अगस्त को बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 14.47 फीसदी चढ़कर 23.33 रुपये पर क्लोज हुआ। डालमिया भारत इंडस्ट्रीज का शेयर 6.84 फीसदी के उछाल के साथ 508 रुपये पर बंद हुआ। अवध शुगर एंड एनर्जी का शेयर 9.52 फीसदी चढ़कर 814 रुपये पर क्लोज हुआ। उत्तम शुगर मिल्स का शेयर 11.70 फीसदी के उछाल के साथ 336.22 रुपये पर बंद हुआ। धामपुर शुगर मिल्स का शेयर 7.71 फीसदी चढ़कर 189.76 रुपये पर क्लोज हुआ।

Deepika Padukone: रणबीर कपूर की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ में दिखेगा दीपिका पादुकोण का दमदार रोल?

Deepika Padukone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ 2022 में रिलीज हुई थी और तब से ही फ़ैन्स अयान मुखर्जी की अगली फ़िल्म के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अब यह इंतज़ार खत्म होने वाला है।

पिंकविला के सूत्रों के अनुसार, रणबीर कपूर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग पूरी करने के बाद, जनवरी 2027 तक ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2’ की शूटिंग शुरू कर देंगे। एक सूत्र ने बताया, “रणबीर इस सफ़र को फिर से शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। एक बड़े दोहरे किरदार (डुअल-रोल) वाले चैलेंज में, RK सीक्वल में देव और शिव, दोनों का किरदार निभाएंगे।”

इससे भी बड़ी खबर यह है कि फ़्रैंचाइज़ी की अगली फ़िल्म के लिए पुरानी कास्ट वापस आ रही है और अयान, दीपिका पादुकोण को भी इसमें शामिल करना चाहते हैं। वह अभी दीपिका से ‘अमृता’ का रोल निभाने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। सूत्र ने बताया, “अयान और उनकी टीम को भरोसा है कि वे दीपिका को फ़िल्म में शामिल कर लेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि ‘अमृता’ का रोल निभाने के लिए एक ऐसे एक्टर की ज़रूरत है, जिसमें ज़बरदस्त गंभीरता और प्रभाव हो। बातचीत चल रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि इस बात पर निर्भर करेगी कि समय और शेड्यूल का तालमेल कैसे बैठता है।”

ब्रह्मास्त्र पार्ट वन के बारे में

‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ 9 सितंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट पहली बार एक साथ नज़र आए थे। अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन और मौनी रॉय ने भी अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। शाहरुख खान ने भी फ़िल्म में एक खास भूमिका (कैमियो) निभाई थी। फ़िल्म को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की।

ब्रह्मास्त्र सीक्वल पर अयान मुखर्जी

अप्रैल 2023 में, अयान मुखर्जी ने एक बयान जारी करके ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट टू: देव’ और ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट थ्री’ की रिलीज़ की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि उनकी फ़िल्म का दूसरा पार्ट दिसंबर 2026 में रिलीज़ होगा, जबकि तीसरा और आखिरी पार्ट एक साल बाद, यानी 2027 में सिनेमाघरों में आएगा, लेकिन चीज़ें योजना के मुताबिक नहीं हो पाईं।

फ़िल्ममेकर ने यह भी भरोसा दिलाया कि ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘3’ पहले पार्ट से “बड़े” होंगे और कहा कि वह दोनों फ़िल्में एक साथ बनाएंगे। उनके बयान में कहा गया, “पहले पार्ट को मिले प्यार और फ़ीडबैक को समझने के बाद… मैं दूसरे और तीसरे पार्ट के विज़न को तैयार करने पर ध्यान दे रहा हूँ, और अब मुझे पता है कि ये पहले पार्ट से बड़े और ज़्यादा बड़े पैमाने पर बनने वाले होंगे!”