Nepal Floods: बाढ़ से भयानक तबाही के बाद भारत-अमेरिका-चीन से मुआवजा क्यों मांगने लगा नेपाल?

Nepal Floods: नेपाल ने विनाशकारी बाढ़ के बाद अब इंटरनेशनल मदद की मांग का अपना रुख बदलते हुए ‘क्लाइमेट मुआवजे’ की मांग उठाई है। नेपाल का कहना है कि जलवायु संकट पैदा करने में उसका योगदान बेहद कम है। लेकिन ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और चरम मौसम की घटनाओं का सबसे ज्यादा खामियाजा हिमालयी देश को भुगतना पड़ रहा है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल ने मानवीय सहायता मांगने के बजाय विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के लिए ‘क्लाइमेट मुआवजे’ की मांग करने का अपना कूटनीतिक रुख बदल लिया है।

नेपाल का तर्क है कि यह हिमालयी देश उस जलवायु संकट का खामियाजा भुगत रहा है, जिसे पैदा करने में उसकी भूमिका बहुत कम थी ‘द काठमांडू पोस्ट’ के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि उनका देश अब सहायता को महज मानवीय मदद के तौर पर नहीं देख रहा, बल्कि इसे जलवायु जिम्मेदारी और मुआवजे के मुद्दे से जोड़ रहा है। यह विनाशकारी बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के गिरने या हिमस्खलन के कारण आई थी।

‘यह दान नहीं, न्याय और मुआवजे का मामला’

विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल का योगदान लगभग नगण्य है। इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और हिमालयी आपदाओं का सामना नेपाल को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल अपनी कूटनीतिक रणनीति को ‘मदद’ से ‘न्याय और मुआवजे’ की ओर ले जा रहा है। उनके मुताबिक यह किसी देश की ओर से दी जाने वाली चैरिटी नहीं, बल्कि जलवायु संकट के लिए जिम्मेदारी और मुआवजे का सवाल है।

भारत, चीन और अमेरिका को बताया बड़ा प्रदूषक

नेपाल के विदेश मंत्री ने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया के प्रमुख इंडस्ट्रियल एमिटर्स में शामिल बताते हुए कहा कि इन देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे नेपाल जैसे जलवायु संवेदनशील देशों को मुआवजा दें। खनाल ने कहा कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा एमिटर्स है, उसके बाद अमेरिका और भारत का स्थान आता है। उन्होंने दावा किया कि नेपाल ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को औपचारिक क्लाइमेट कंपेंसेशन क्लेम लेटर भी भेजा है।

‘यह बाढ़ नहीं, हिमालयी सुनामी थी’

विदेश मंत्री ने हालिया आपदा की भयावहता बताते हुए इसे सामान्य बाढ़ मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पानी की लहरें 20 से 30 मीटर तक ऊंची थीं। उनकी रफ्तार करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। इसी वजह से उन्होंने इसे ‘हिमालयी सुनामी’ करार दिया। बाढ़ के पानी ने घरों, गाड़ियों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। जबकि कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा।

नेपाल ने UN से मांगी 5 अरब डॉलर की मदद

आपदा के बाद नेपाल ने पुनर्निर्माण और रिकवरी की लागत करीब 5 अरब डॉलर आंकी है। साथ ही, देश ने जलवायु आपदाओं से उबरने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े विशेष फंड से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। नेपाल के जलवायु अधिकारियों का कहना है कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन ने उन परिस्थितियों को और गंभीर बनाया, जिनके बीच यह भयावह आपदा सामने आई।

नेपाल का तर्क है कि जो देश जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे कम जिम्मेदार हैं, वे ही अक्सर इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि हिमालय के ग्लेशियर लगातार पिघलते रहे तो गंगा और त्रिशूली जैसी नदियों पर निर्भर दक्षिण एशिया के अरबों लोगों की जल सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ सकती है।

नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1,000 के करीब

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 987 हो गई> सुरक्षा बल देश के अलग-अलग हिस्सों में तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान और शव बरामद कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, 3,916 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना समेत सुरक्षा बलों ने तलाश और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

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नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, चितवन से 321 शव, नवलपरासी पूर्व से 216, नवलपरासी पश्चिम से 170 और नुवाकोट से 95 शव बरामद किए गए हैं।इसी तरह, गोरखा से 65, धादिंग से 55, तनहूं से 38 और रसुवा से 27 शव बरामद किए गए हैं। NDRRMAए ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से आठ जिले प्रभावित हुए हैं।

Happiest Minds share Price: बाजार खुलते ही शेयर क्रैश, जानिए क्या है पूरा मामला

Happiest Minds share Price: हैपिएस्ट माइड्ंस के शेयर 1 सितंबर को बाजार खुलते ही क्रैश कर गए। इसकी वजह कंपनी का एक बड़ा ऐलान है। आईटी कंपनी ने आईटीसी इंफोटेक में अपने विलय का ऐलान किया है। यह ऐलान बाजार को पसंद नहीं आया। 11:10 बजे हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज का शेयर 11.84 फीसदी गिरकर 358.75 रुपये पर चल रहा था। 2026 में यह शेयर अब तक 21 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

हैपिएस्ट माइंड्स के फाउंडर बेच रहे हिस्सेदारी

Happiest Minds के फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन अशोक सूता (Ashok Soota) और अशोक सूता मेडिकल रिसर्च एलएलपी कंपनी में 22.1 फीसदी हिस्सेदारी ITC Infotech को बेचने को तैयार हो गए हैं। यह डील 1,329.72 करोड़ रुपये में होगी। इसके बाद Happiest Minds का विलय रेगुलेटरी एप्रूवल के बाद ITC Infotech में हो जाएगा।

प्रमोटर की हिस्सेदारी की बिक्री दो चरणों में होगी

हैपिएस्ट माइंड्स के प्रमोटर की हिस्सेदारी की बिक्री (Sell) दो चरणों में होगी। पहले ITC Infotech प्रति शेयर 390 रुपये की कीमत पर हैपिएस्ट माइंड्स में 11 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके लिए उसे 653.26 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। उसके बाद वह और 11.06 फीसदी हिस्सेदारी प्रति शेयर 400 रुपये की कीमत पर खरीदेगी। उसे कुल 676.46 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरहोल्डर्स को प्रत्येक 81 शेयर पर 25 शेयर मिलेंगे

इस विलय के लिए तैयार् प्लान के मुताबिक, हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरहोल्डर्स को अपने प्रत्येक 81 शेयरों के बदले आईटीसी इंफोटेक के 25 फुली पेड-अप शेयर मिलेंगे। बाद में आईटीसी इंफोटेक अपने शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट कराएगी, जबकि हैपिएस्ट माइंड्स का वजूद खत्म हो जाएगा।

दोनों कंपनियों की इतनी लगाई गई है वैल्यू

हैपिएस्ट माइंड्स ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया कि इस ट्रांजेक्शन के लिए उसकी वैल्यू EBITDA की 15.1 गुना लगाई गई है, जबकि आईटीसी इंफोटेक की 13.6 गुना लगाई गई है। प्रॉफिट और रेवेन्यू के लिहाज से आईटीसी इंफोटेक करीब 2.17 गुना बड़ी है। इसका कैश बैलेंस भी ज्यादा है।

विलय के बाद आईटी कंपनी में ITC की 74% हिस्सेदारी होगी

विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी में आईटीसी की करीब 74 फीसदी हिस्सेदारी होगी। हैपिएस्ट माइंड्स ने कहा है कि इस डील के तहत ओपन ऑफर पेश करने का प्रस्ताव नहीं है। विलय के बाद आईटीसी इंफोटेक का टारगेट FY28 तक 1 अरब डॉलर से ज्यादा रेवेन्यू का होगा।

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शेयर बाजार में शुरुआती दबाव के बाद रिकवरी

1 सितंबर को शेयर बाजारों में शुरुआती दबाव के बाद रिकवरी दिखी। 11:30 बजे निफ्टी 0.19 फीसदी यानी 47 अंक चढ़कर 24,126 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.32 फीसदी यानी 242 अंक चढ़कर 77,202 पर था। हालांकि, बैंक निफ्टी पर दबाव दिखा। यह 0.47 फीसदी नीचे चल रहा था।

GIFT Nifty से सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों और वॉल स्ट्रीट ने बिगाड़ा बाजार का मूड

मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने की संभावना है,क्योंकि आज के कारोबार में GIFT निफ्टी में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं हैं,जबकि वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह करीब 8.10 बजे GIFT निफ्टी 24,166 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। इसमें पिछले दिन की क्लोजिंग से 60 अंक या 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार हो रहा था। पिछले सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 307.68 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,956.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।

मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मिले-जुले बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ से मिलने वाले कुछ सपोर्ट को बेअसर कर सकती हैं। साथ ही यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व लंबे समय तक मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों में रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ सकता है।

US-Iran के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से तेल की कीमत $91 के पार

मंगलवार को मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं है। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.9% बढ़कर $86.55 प्रति बैरल हो गया है। US और ईरान के बीच लगभग एक महीने में पहली बार हमले हुए है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक द्वीप पर हमला किया और ईरान ने जवाब में संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

आज मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल है। निवेशक जियोपॉलिटिकल चिंताओं और क्षेत्रीय बाजारो में मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ताइवान के शेयरों की अगुवाई में MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा है। हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत गिरा है। जबकि Shanghai Composite में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

Stock Market live Updates: GIFT निफ्टी से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, अमेरिकी बाजार गिरे, एशियाई बाजारों में बढ़त

महंगाई की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ हुआ बंद

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.70 प्रतिशत गिरकर 53,185.90 पर आ गया,जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 7,686.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 0.12 प्रतिशत गिरकर 26,370.89 पर आ गया।

हाल के संकेतों से पता चलता है कि पॉलिसी मेकर्स महंगाई को काबू में रखने पर फोकस रहे हैं। US जॉब्स रिपोर्ट अगला अहम ग्लोबल ट्रिगर होगा। निवेशक इसमें फेड की पॉलिसी की दिशा,ट्रेज़री यील्ड और जोखिम लेने की इच्छा से जुड़े संकेत तलाशेंगे।

भारत की मज़बूत GDP ग्रोथ से घरेलू बाजार को सपोर्ट

घरेलू मोर्चे पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात का सामना करना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की उम्मीदों,दोनों से बेहतर है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ग्लोबल माहौल के मुश्किल होते जाने के बावजूद,मजबूत घरेलू खपत,लगातार होते निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ की वजह से बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिली है। उन्हें उम्मीद है कि ग्रोथ के ये आंकड़े भारतीय इक्विटी मार्केट के सामने आने वाले जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।

 

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Silver Price Today: चांदी के रेट में तेजी या गिरावट? दिल्ली, मुंबई समेत इन शहरों में आज का भाव जरूर चेक करें

Silver Price Today: 1 सितंबर 2026 चांदी खरीदने वालों के लिए आज के भाव जानना बेहद जरूरी है। वैश्विक बाजार में जारी हलचल के बीच चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। घरेलू बाजार में भी चांदी के भाव अलग-अलग प्लेटफॉर्म और शहरों के हिसाब से अलग नजर आ रहे हैं। MCX पर चांदी के वायदा भाव में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है, जबकि सर्राफा बाजार और बुलियन्स में इसके दाम अलग स्तर पर हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समझना जरूरी है कि आज चांदी किस भाव पर मिल रही है और पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले इसमें कितना बदलाव आया है।

अगर आप भी आज चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं या कीमतों पर नजर रख रहे हैं, तो यहां जानिए MCX से लेकर देश के प्रमुख शहरों तक चांदी के ताजा भाव, साथ ही अलग-अलग शुद्धता वाली चांदी की कीमतें।

MCX पर चांदी का वायदा भाव कितना बढ़ा?

MCX पर सुबह तक चांदी का वायदा भाव 0.06 फीसदी यानी 136 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,977 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी का वायदा भाव 2,33,841 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था।

यानी शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत में मामूली सुधार देखने को मिला है। हालांकि, हाल के कारोबारी सत्रों में कीमती धातु की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है।

बुलियन्स के अनुसार चांदी का आज का भाव

बुलियन्स के आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी का भाव बढ़कर 2,39,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं, चांदी की अलग-अलग शुद्धता के हिसाब से कीमतें इस प्रकार हैं:

चांदी की शुद्धता 1 किलो भाव

999 फाइन चांदी ₹2,39,800

925 स्टर्लिंग चांदी       ₹2,21,815

900 कॉइन चांदी ₹2,15,820

800 जर्मन चांदी ₹1,91,840

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों पर नजर

वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमत में हलचल जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 57.86 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार की चाल का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिलता है।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में क्या है चांदी का रेट?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी टैक्स समेत, बताई गई है। वहीं, गुडरिटर्न्स के अनुसार दिल्ली में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलो है। दोनों आंकड़ों में अंतर इसलिए है क्योंकि अलग-अलग स्रोत कीमत तय करने के लिए अलग बाजार, टैक्स और मूल्य निर्धारण के आधार इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से अंतिम कीमत जरूर कन्फर्म करनी चाहिए।

देश के प्रमुख शहरों में आज चांदी कितने की?

गुडरिटर्न्स के मुताबिक, 1 सितंबर को देश के ज्यादातर प्रमुख शहरों में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं कुछ शहरों में यह कीमत 2,60,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

दिल्ली: ₹2,55,000

मुंबई: ₹2,55,000

कोलकाता: ₹2,55,000

चेन्नई: ₹2,60,000

पटना: ₹2,55,000

लखनऊ: ₹2,55,000

मेरठ: ₹2,55,000

अयोध्या: ₹2,55,000

कानपुर: ₹2,55,000

गाजियाबाद: ₹2,55,000

नोएडा: ₹2,55,000

गुरुग्राम: ₹2,55,000

चंडीगढ़: ₹2,55,000

जयपुर: ₹2,55,000

अहमदाबाद: ₹2,55,000

पुणे: ₹2,55,000

लुधियाना: ₹2,55,000

गुवाहाटी: ₹2,55,000

इंदौर: ₹2,55,000

सूरत: ₹2,55,000

नागपुर: ₹2,55,000

नासिक: ₹2,55,000

बैंगलोर: ₹2,55,000

वडोदरा: ₹2,55,000

भुवनेश्वर: ₹2,60,000

रायपुर: ₹2,55,000

हैदराबाद: ₹2,60,000

पिछले कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में क्या रहा भाव?

कारोबारियों के अनुसार, पिछले कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी टैक्स समेत, पर स्थिर रही। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी में करीब एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमत 66.97 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

इससे संकेत मिलता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की चाल एक जैसी नहीं रही और दोनों बाजारों में अलग-अलग स्तर पर उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पिछले दिन वायदा बाजार में चांदी क्यों गिरी?

इससे पहले सोमवार को कमजोर हाजिर मांग और कारोबारियों की ओर से सौदों का आकार घटाए जाने के कारण चांदी के वायदा भाव में गिरावट आई थी। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1,955 रुपये यानी 0.81 फीसदी गिरकर 2,40,489 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।

वैश्विक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 68.22 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।

क्यों महत्वपूर्ण है चांदी की मौजूदा चाल?

चांदी की कीमत पर घरेलू मांग के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा, डॉलर की चाल, निवेशकों की धारणा और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कीमती धातुओं में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

LPG Price Hike: 1 सितंबर से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, ₹10.50 तक बढ़े दाम

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले चेक करें कीमत, दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों के रेट जारी

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 01 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today: 1 सितंबर को लगातार दूसरे दिन गिरा भाव, 18 कैरट का गोल्ड ज्वैलरी इस शहर में बनवाना अब भी महंगा

Gold Rate Today in India: हालिया तेजी के बाद अब मुनाफावसूली ने गोल्ड पर दबाव बनाया है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1480 और 22 कैरट वाला ₹1360 सस्ता हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 कम हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
मुंबई₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
कोलकाता₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
चेन्नई₹1,56,760₹1,43,690₹1,21,390
बेंगलुरू₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
हैदराबाद₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
लखनऊ₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
पटना₹1,56,810₹1,43,740₹1,17,620
जयपुर₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
अहमदाबाद₹1,56,810₹1,43,740₹1,17,620

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले 28 अगस्त को लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,59,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। इसने सोने-चांदी जैसे प्रेशस मेटल्स पर दबाव बनाया। गौरव के मुताबिक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया। इसके अलावा अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर कच्चा तेल उबला तो इसने भी दबाव बनाया।

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‘युद्ध का हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है’; पीएम मोदी ने पुतिन से लड़ाई खत्म करने की अपील की

PM Modi Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के बीच “लगातार युद्ध” की जगह “युद्ध खत्म करने” की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इन संघर्षों का वैश्विक भू-राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ रहा है।

बता दें कि अला-आर्चा स्टेट रेजिडेंस में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने अक्साकल मीटिंग रूम में मोदी का स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।

पुतिन ने दी मुझे यूक्रेन के बारे में जानकारी दी- पीएम मोदी

बैठक के दौरान, मोदी ने कहा कि पुतिन ने उन्हें यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी और शांति की कोशिशों के लिए भारत का समर्थन दोहराया।

मोदी ने कहा, “आपने मुझे यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी। भारत शांति की सभी कोशिशों का समर्थन करता है। युद्ध में बीता हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है। वहीं, शांति की ओर एक कदम उम्मीद जगाता है। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा, जो इंसानियत के हित में है। सभी मुद्दों को जल्द सुलझाया जाना चाहिए।”

मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के मजबूत होने पर भी जोर दिया और कहा कि राष्ट्रीय हित दोनों देशों के लिए “सबसे बड़ी प्राथमिकता” है।

पुतिन से मिलकर खुशी हुई

मोदी ने कहा, “मुझे पुतिन से मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल पुतिन का भारत दौरा बहुत सफल रहा था। आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिली है।”

भारत और रूस के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा

इस बीच, पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी के व्यक्तिगत ध्यान की वजह से दोनों देशों के संबंध और मजबूत हो रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ते संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में भारत और रूस के बीच पर्यटकों की आवाजाही में 16% की बढ़ोतरी हुई।

यह बैठक भारत के लिए एक अहम मोड़ पर हो रही है, क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट आ रही है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। ये बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि एक तरफ नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर रहते हुए अपनी ऊर्जा सप्लाई सुरक्षित करना चाहती है, तो दूसरी तरफ मॉस्को अपने तेल निर्यात से होने वाली कमाई को सुरक्षित रखना चाहता है।

यूक्रेन युद्ध पर भारत ने फिर साफ किया रुख

बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद से ही भारत ने इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने बार-बार शांति और संघर्ष खत्म करने की अपील की है, लेकिन क्रेमलिन की सीधे तौर पर आलोचना करने से परहेज किया है।

गौरतलब है कि रूस भारत का एक अहम साझेदार बना हुआ है, खासकर ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्र में। वित्त वर्ष 2026 में दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। अब दोनों देशों की नजर इस दशक के अंत तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर है।

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Gold Silver Prices Today: सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट देखने को मिली। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।

बीते हफ्तों में अच्छी तेजी के बाद मुनाफावसूली

ट्रेडर्स ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दिखी थी। अब लगातार मुनाफावसूली हो रही है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रेडर्स सोने में इस लिए भी पोजीशन घटा रहे हैं, क्योंकि सोने में तेजी का ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने में नाकाम रहा। चांदी की कीमतें 31 अगस्त को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही।

केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने पर दबाव

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।”

बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी असर

उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है, क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी दिखी। यह 0.35 फीसदी गिरकर 4,436 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी हल्की मजबूती के साथ 66.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुलियन मार्केट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का भी असर पड़ा, क्योंकि इससे क्रूड की कीमतें एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बने रहने पर बढ़ सकती है महंगाई

ब्रेंट क्रूड का भाव अगर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है तो इससे अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर इसकी शुरुआत कर सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने वाले माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

5000 अमेरिकी सैनिकों की एंट्री से पहले थाईलैंड के पटाया में हड़कंप! जानिए प्रॉस्टिट्यूशन पर पुलिस ने क्यों शुरू किया बड़ा क्रैकडाउन

US Military in Thailand: अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) इस सप्ताह थाईलैंड पहुंचने वाला है। उसके आगमन से पटाया सिटी के पर्यटन और मनोरंजन कारोबार को कुछ समय के लिए बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से प्रॉस्टिट्यूशन के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर पुलिस की नजर है।

न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक तैनात रहने के बाद, अमेरिकी नौसेना का यह एयरक्राफ्ट कैरियर इस हफ्ते थाईलैंड के रिजॉर्ट शहर पटाया (Thailand’s ‌resort city of Pattaya) में रुकेगा। इससे आर्थिक फायदे की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने सेक्स-टूरिज्म वाले इलाकों पर सख्ती भी की है।

USS Abraham Lincoln के 2 सितंबर को पटाया के पास लाम चाबांग पोर्ट पहुंचने का शेड्यूल है। यह पोत 6 सितंबर तक थाईलैंड में रहेगा। इसके साथ अमेरिकी नौसेना के दो अन्य जहाज भी होंगे। करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन के तट पर आने की उम्मीद है। ये जवान 200 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में रहने के बाद शोर लीव पर शहर में जा सकेंगे।

पटाया में क्यों बढ़ाई गई पुलिस की निगरानी?

अमेरिकी सैनिकों के बड़ी संख्या में पटाया पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियां बढ़ा दी हैं। पटाया बीच, सेकंड रोड और प्रमुख नाइटलाइफ इलाकों में अतिरिक्त गश्त और जांच की जा रही है। 29 अगस्त को पटाया सिटी पुलिस, टूरिस्ट पुलिस, इमिग्रेशन और सामाजिक विकास से जुड़ी एजेंसियों के 20 से ज्यादा अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया।

25 को हिरासत में लिया गया

रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर वेश्यावृत्ति के संदेह में 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 18 थाई नागरिक, 5 लाओस के नागरिक और 2 युगांडा के नागरिक बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिकों के आने के दौरान भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पुलिस बच्चों और युवाओं की सुरक्षा, भीख मांगने तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े दूसरे मामलों पर भी नजर रखेगी।

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी, फिर भी पटाया में नहीं है कोई रोक

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पटाया शहर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों और बैंकॉक के कुछ इलाकों में सेक्स इंडस्ट्री लंबे समय से काफी दिखाई देती रही है। पटाया पुलिस प्रमुख अनेक श्रीथोंगयू ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ग्राहकों को आकर्षित करने से रोकने की मुश्किल को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन इस गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाना आसान नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि इसके आने से पहले, पुलिस पटाया के मुख्य बीच-फ्रंट और नाइटलाइफ वाले इलाके में अतिरिक्त गश्त की तैयारी कर रही है। पटाया का स्थानीय कारोबार अमेरिकी नौसैनिकों के आने को कम पर्यटन वाले दौर में एक बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है।

पटाया के मेयर पोरामासे नगामपिचेस के मुताबिक, एक अमेरिकी सैन्यकर्मी शहर में अपनी यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 1,000 से 3,000 Thai Baht (लगभग 30 से 91 डॉलर) खर्च कर सकता है। हालांकि. करीब 5,000 जवान एक साथ शहर में नहीं आएंगे। उनकी शोर लीव अलग-अलग समय पर होगी। फिर भी होटल, रेस्तरां, दुकानों और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि अमेरिकी जहाजों का यह दौरा शहर में ग्राहकों और पर्यटकों की संख्या बढ़ाएगा।

200 दिनों से ज्यादा लंबी तैनाती के बाद पहुंच रहा है विमानवाहक पोत

USS Abraham Lincoln की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जहाज के चालक दल ने लंबे समय तक समुद्र में तैनाती पूरी की है। पोत नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था। बाद में उसे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए भेजा गया। इसकी तैनाती 200 दिनों से अधिक लगातार चली है। अमेरिकी सांसदों ने इतनी लंबी तैनाती को असामान्य बताया है। अगस्त में सैन्य मामलों पर नजर रखने वाले मीडिया में जहाज पर कर्मियों के मनोबल में गिरावट और आत्महत्या के प्रयासों को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं।

सुरक्षा और पर्यटन के बीच संतुलन की चुनौती

अब पटाया प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को फायदा पहुंचाना। वहीं. दूसरी तरफ शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना। अमेरिकी पोत और उसके साथ आने वाले जहाजों के मद्देनजर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध गतिविधियों, बच्चों की सुरक्षा और पर्यटकों से जुड़े अपराधों पर नजर रखने की तैयारी की गई है।

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GDP Growth: जून तिमाही में 7.8% रही भारत की जीडीपी ग्रोथ, सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा

GDP Growth: इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा रहा है। जून तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 7.8 फीसदी रही। यह एनालिस्ट्स और इकोनॉमिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा है। खास बात यह है कि जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ तब 7.8 फीसदी रही, जब वैश्विक स्थितियां काफी चैलेंजिंग थीं।

मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.6 फीसदी

इस साल मार्च तिमाही में भारत में जीडीपी ग्रोथ 8.6 फीसदी थी। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MoSPI) ने 31 अगस्त को जून तिमाही के जीडीपी के डेटा जारी किए। जीडीपी की ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही। मनीकंट्रोल के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

जून तिमाही में जीवीए 8.2 फीसदी रहा

जून तिमाही में ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) 8.2 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 8.7 फीसदी था। जीवीए का मतलब इकोनॉमी में उत्पादित गुड्स और सर्विसेज की कुल वैल्यू से है। इसमें नेट इनडायरेक्ट टैक्स शामिल नहीं होता है। जून तिमाही में अर्थव्यवस्था के शानदार प्रदर्शन में सर्विसेज और इनवेस्टमेंट का बड़ा हाथ है।

पहली तिमाही में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा

जून तिमाही में सर्विसेज का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसकी ग्रोथ 10 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 8 फीसदी थी। मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 9.2 फीसदी रही। कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही। ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से संबंधित सर्विसेज सेगमेंट की ग्रोथ 8.5 फीसदी रही।

पहली तीमाही में मध्यपूर्व में लड़ाई का असर इकोनॉमी पर

जून तिमाही का मतलब अप्रैल, मई और जून के महीनों से है। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को लड़ाई शुरू हुई थी। जून तिमाही में ज्यादातर समय ईरान को अमेरिकी हमले का सामना करना पड़ा। ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए।

क्रूड ऑयल  की कीमतें काफी समय तक 100 डॉलर से ऊपर रहीं

इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से क्रूड ऑयल सहित दूसरी कमोडिटीज की सप्लाई पर काफी ज्यादा असर पड़ा। क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। लेकिन, सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर जारी रखने से आर्थिक गतिविधियों को काफी सपोर्ट मिला।

प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 7.1 फीसदी बढ़ा 

जून तिमाही में प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 7.1 फीसदी बढ़ा। इससे परिवारों में होने वाली खपत का पता चलता है। ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन 11.9 फीसदी बढ़ा, जबकि सरकार का फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 4.3 फीसदी बढ़ा। जून तिमाही के जीडीपी ग्रोथ के डेटा ऐसे वक्त आए हैं, जब इनफ्लशन से जुड़े रिस्क बढ़ रहा है।

FY27 में 5 फीसदी रह सकता है रिटेल इनफ्लेशन 

पिछले हफ्ते मनीकंट्रोल के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स का यह मानना था कि FY27 में रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी रह सकता है। इसकी रेंज 4.7 से 5.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया। इसकी कई वजहें हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। देश में मानसून की बारिश एक समान नहीं रही है। इसका असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा।