Defence Stocks: रिलायंस, टाटा से अदाणी तक… विदेशी दिग्गजों के साथ मिलकर हथियार बनाएंगी ये 5 भारतीय कंपनियां

Defence Stocks: दुनिया में तनाव बढ़ रहा है। युद्ध और टकराव की वजह से सप्लाई चेन पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत अब अपने डिफेंस प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ा रहा है। सरकार की Make in India नीति के तहत विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी पर जोर है। मकसद साफ है। एडवांस टेक्नोलॉजी और हथियारों का उत्पादन भारत में हो।

रक्षा खर्च 8.9% बढ़कर 92.1 अरब डॉलर

SIPRI के मुताबिक, 2025 में भारत का रक्षा खर्च 8.9% बढ़कर 92.1 अरब डॉलर हो गया। भारत अब दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा रक्षा खर्च करने वाला देश है। वहीं, 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसमें निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 24% रही।

हाल ही में Tata Advanced Systems ने Javelin Joint Venture के साथ MoU किया है। इसके तहत भारत में Javelin एंटी-टैंक मिसाइलों का उत्पादन करने की संभावना तलाशी जाएगी।

2026 में ऐसी कई बड़ी साझेदारियां हुई हैं। आइए 5 अहम डिफेंस पार्टनरशिप पर नजर डालते हैं।

भारतीय कंपनीग्लोबल पार्टनरकिस टेक्नोलॉजी पर काम
2026 में क्या हुआ?

Reliance Industries

Rolls-Royceफाइटर जेट इंजन
साझेदारी के लिए Statement of Intent

Tata Advanced Systems

Lockheed Martin / RaytheonJavelin एंटी-टैंक मिसाइलMoU साइन
Bharat Electronics

Safran ElectronicsHAMMER स्मार्ट हथियार
50:50 JV समझौता

Adani DefenceLeonardoमिलिट्री हेलीकॉप्टर
इंडस्ट्रियल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट

Paras DefenceTandem DefenseGuardian-1 काउंटर-ड्रोन सिस्टम
एक्सक्लूसिव IP लाइसेंस

Reliance Industries और Rolls-Royce: फाइटर जेट इंजन

रिलायंस इंडस्ट्रीज और Rolls-Royce ने अगस्त में एक बड़ी साझेदारी का इरादा जताया था। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए कॉम्बैट इंजन बनाने की संभावनाएं तलाशेंगी।

योजना सिर्फ इंजन बनाने तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियां भारत में Aerospace Gas Turbine Complex बनाने की संभावना भी देख रही हैं।

यहां पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी पर काम हो सकता है। अगर यह साझेदारी आगे बढ़ती है, तो भारत को एयरो-इंजन टेक्नोलॉजी में मदद मिल सकती है।

Tata Advanced Systems और Javelin: एंटी-टैंक मिसाइल

Tata Advanced Systems ने Javelin Joint Venture के साथ MoU साइन किया है। इस जॉइंट वेंचर में Raytheon और Lockheed Martin शामिल हैं। दोनों कंपनियां भारत में Javelin All Up Round यानी AUR का को-प्रोडक्शन करने की संभावना तलाशेंगी।

भारत में मिसाइल की फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन की सुविधा बनाई जा सकती है। कुछ पार्ट्स का उत्पादन भी देश में हो सकता है। भारत ने अमेरिका से Javelin एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने पर भी सहमति जताई है।

BEL और Safran: HAMMER स्मार्ट हथियार

Bharat Electronics यानी BEL और Safran Electronics & Defense ने फरवरी में Joint Venture Agreement साइन किया था।

दोनों कंपनियां भारत में HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड हथियार बनाने की योजना पर काम कर रही हैं। इसका इस्तेमाल हवा से जमीन पर हमला करने के लिए किया जाता है। दोनों की 50:50 हिस्सेदारी वाली जॉइंट वेंचर कंपनी बनाने की योजना है।

HAMMER का उत्पादन भारत में लाने के लिए मास्टर प्रोडक्शन एग्रीमेंट किया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जा सकता है।

Adani Defence और Leonardo: हेलीकॉप्टर

Adani Defence & Aerospace ने इटली की कंपनी Leonardo के साथ फरवरी में MoU साइन किया था। दोनों कंपनियां भारत में हेलीकॉप्टर बनाने का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना चाहती हैं। शुरुआत में फोकस मिलिट्री हेलीकॉप्टरों पर रहेगा।

आगे चलकर इसका इस्तेमाल सिविल मार्केट के लिए भी हो सकता है। भारत को Leonardo की ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने की भी योजना है।

Paras Defence और Tandem Defense: काउंटर-ड्रोन सिस्टम

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने Tandem Defense के साथ एक एक्सक्लूसिव IP लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। ये अमेरिकी कंपनी Autonomous Power Corporation की सब्सिडियरी है। इस समझौते से Paras Defence को Guardian-1 Interceptor टेक्नोलॉजी के भारत में प्रोडक्शन और कमर्शियल इस्तेमाल का विशेष अधिकार मिलेगा।

Guardian-1 एक हाई-स्पीड काउंटर-ड्रोन सिस्टम है। यह बैटरी से चलता है। इसे छोटे और कम लागत वाले हवाई खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।

ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से काउंटर-ड्रोन सिस्टम की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, Guardian-1 को अभी भारतीय सेना ने शामिल करने के लिए नहीं चुना है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की मंथली एक्सपायरी; Groww, IRB Infra और Vedanta समेत ये 18 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 34.00 प्वाइंट्स यानी 0.14% की गिरावट के साथ 24,362.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स और बैंकेक्स समेत बीएसई के सभी इंडेक्सेज के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 26 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 183.15 प्वाइंट्स यानी 0.24% की गिरावट के साथ 77,472.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 126.80 प्वाइंट्स यानी 0.52% की फिसलन के साथ 24,207.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Juniper Green Energy Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुनिपर ग्रीन एनर्जी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 54.2% बढ़कर ₹33.5 करोड़ और रेवेन्यू 81.2% उछलकर ₹291.2 करोड़ पर पहुंच गया।

ICICI Prudential AMC

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग्स की योजना ICICI प्रूडेंशियल एएमसी में 2% हिस्सेदारी ₹3,121 करोड़ में बेचने की है। हालांकि यह मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्तों को पूरा करने के लिए है। जून 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से अभी कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 87.6% है जिसमें प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी 34.59% है।

Foseco India

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मॉर्गनाइट क्रूसिबल और मॉर्गन टेरासेन बीवी ब्लॉक डील्स के जरिए फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.27% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹664.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹5,773.63 तय किया गया है।

Aye Finance

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव इंडिया I एलपी ब्लॉक डील के जरिए आय फाइनेंस में अपनी पूरी 7.8% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹320.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹167 तय किया गया है।

Fino Payments Bank

आरबीआई ने फिनो पेमेंट्स बैंक के अंतरिम सीईओ के तौर पर केतन मर्चेंट का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। वह 27 अगस्त 2026 से तीन महीने या रेगुलर एमडी-सीईओ की नियुक्ति तक, जो भी पहले हो, तक जिम्मेदारी संभालेंगे।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा के बोर्ड ने प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए IRB InvIT Fund की यूनिट्स में ₹351 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 5.4 करोड़ अतिरिक्त यूनिट्स को ₹65 के भाव पर खरीदने का प्रस्ताव रखा है। IRB InvIT Fund मार्केट में लिस्टेड इंफ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट आईआरबी इंफ्रा ट्रस्ट से दो प्रोजेक्ट SPV खरीदने के लिए फंड जुटा रहा है।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेट्रॉनिक्स को 10 अगस्त से ₹730 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं।

Max Healthcare Institute

मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट की सब्सिडियरी आल्प्स हॉस्पिटल को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI), मुंबई से एक शो-कॉज-कम-डिमांड नोटिस मिला है। इसमें ₹165.7 करोड़ के जीएसटी की मांग की गई है, जिसमें ₹110.47 करोड़ का जुर्माना भी शामिल है।

Vedanta

वेदांता की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज ने वह वेदांता, वेदांता एल्युमीनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की चर्चाओं को खारिज कर दिया और कहा कि फिलहाल कोई भी हिस्सेदारी बेचने की ऐसी कोई योजना नहीं है।

Physicswallah

लाइटस्पीड अपॉर्चुनिटी फंड II LP ने फिजिक्सवाला के अपने पूरे 4.67 करोड़ शेयर (1.61% हिस्सेदारी) ₹549.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹117.72 के भाव पर बेच दिए। इस ब्लॉक डील के तहत ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, विरिडियन एशिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड, सफ्रा सारासिन फंड मैनेजमेंट SA, घिसालो मास्टर फंड, मेडिओलानम इंटरनेशनल फंड्स, न्यूयॉर्क स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम, OP-इंडिया फंड और टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने शेयर बेचे हैं।

Rubicon Research

जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने रुबिकॉन रिसर्च के 1.38 करोड़ शेयर (8.37% हिस्सेदारी) ₹2,291.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹1660 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में 35.83% हिस्सेदारी वाले विदेशी प्रमोटर जनरल अटलांटिक ने ब्लॉक डील के जरिए 10 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, नोमुरा इंडिया इन्वेस्टमेंट फंड मदर फंड, एचडीएफसी एएमसी, ICICI प्रूडेंशियल AMC, SBI म्यूचुअल फंड, VEMF-A LP, एक्सिस MF, TIMF होल्डिंग्स, एरंडा इन्वेस्टमेंट्स और PI अपॉर्चुनिटीज AIF V LLP को बेचे हैं।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

रिबिट कैपिटल V ने ग्रो के 6.31 करोड़ इक्विटी शेयर ₹196 के भाव पर ₹1,238.1 करोड़ में तो रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V ने 4.99 करोड़ शेयर ₹196.06 के भाव पर ₹979.16 करोड़ में बेच दिए। इन दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल 11.31 करोड़ शेयर (1.8% हिस्सेदारी) 2,217.3 करोड़ रुपये में बेचे। जून 2026 तक रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V के पास ग्रो में 4.46% और रिबिट कैपिटल V LP की 5.64% हिस्सेदारी थी।

Welspun Corp

प्रति शेयर ₹2,275.30 के भाव पर प्रमोटर वेल्सपन इन्वेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स ने वेल्सपन कॉर्प के 60 लाख शेयर (2.27% हिस्सेदारी) ₹1,365.2 करोड़ तो वेल्सपन कॉर्प के एमडी और सीईओ विपुल माथुर ने 3 लाख शेयर (0.11% हिस्सेदारी) ₹68.3 करोड़ में बेच दिए। दोनो ने कुल मिलाकर 2.38% हिस्सेदारी बेची। वहीं कैपिटल ग्रुप ने 14 स्कीमों के जरिए ₹1,088.6 करोड़ में 1.81% हिस्सेदारी के बराबर वेल्सपन कॉर्प के 47.84 लाख शेयर और खरीदे तो एबरडीन ग्रुप ने छह स्कीमों के जरिए ₹150.76 करोड़ में 6.62 लाख शेयर (0.25% हिस्सेदारी) खरीदे। इसके अलावा क्वांट म्यूचुअल फंड, क्वांट स्मॉल कैप फंड, एडलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भी शेयर खरीदे हैं।

Viyash Scientific

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म द कार्लाइल ग्रुप की कंपनियों- सीए हुल इन्वेस्टमेंट्स और सीए हार्बर इन्वेस्टमेंट्स ने वियश साइंटिफिक के 4.75 करोड़ शेयर (10.88% हिस्सेदारी) अलग-अलग भाव पर ₹1,259.4 करोड़ में बेच दिए। जून 2026 तक कार्लाइल ग्रुप की कंपनी में 61.31% हिस्सेदारी थी। कार्लाइल ने जो शेयर बेचे हैं, उसमें 1.08 करोड़ शेयर छह निवेशकों- कोटक महिंद्रा AMC, बंधन MF, एडलवाइस MF, पनवीरा इंडिया इनोवेशन फंड, एस गुप्ता होम्स और आगम इन्वेस्टमेंट्स ने खरीदे हैं।

Gaja Alternative Asset Management

इनवेस्को म्यूचुअल फंड ने लिस्टिंग के दिन गजा कैपिटल के अतिरिक्त 85.95 लाख शेयर (6.09% हिस्सेदारी) ₹157.8 करोड़ में खरीद लिए। IPO बंद होने के बाद लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार इनवेस्को इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड की कंपनी में 1.71% हिस्सेदारी थी, और अब लिस्टिंग के दिन खरीदारी के बाद उसकी कुल हिस्सेदारी 7.8% हो गई।

Avenue Supermarts (DMart)

कैपिटल ग्रुप की अमेरिकन फंड्स इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल ग्रोथ एंड इनकम फंड ने डीमार्ट के एवेन्यू सुपरमार्ट्स के 67.64 लाख शेयर (1.03% हिस्सेदारी) ₹2,537.12 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,750.58 के भाव पर बेच दिए।

Standard Engineering Technology

अमांसा होल्डिंग ने स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के अतिरिक्त 11.58 लाख शेयर ₹37.59 करोड़ में प्रति शेयर ₹324.60 के भाव पर बेच दिए।

TCC Concept

गोल्डमैन सैक्स एशिया स्ट्रैटेजिक ने टीसीसी कॉन्सेप्ट के 4.04 लाख शेयर ₹10.46 करोड़ में प्रति शेयर ₹258.48 के भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: PFC (पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन), पीएंडजी (प्रॉक्टर एंड गैंबल) हेल्थ, थॉमस कुक (इंडिया), DOMS इंडस्ट्रीज, यश हाईवोल्टेज, मानक्सिया कोटेड मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज

एक्स-राइट्स: एनसीएल रिसर्च एंड फाइनेंशियल सर्विसेज

F&O बैन: आज SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DRDO Missile: सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी, इन 7 डिफेंस स्टॉक्स पर रखें नजर

DRDO Missile: भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए 25 अगस्त का दिन अहम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की डेवलप सभी पारंपरिक मिसाइल सिस्टम्स की टेक्नोलॉजी भारतीय कंपनियों को ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी। इससे देश में मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ाने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता घटाने का रास्ता खुलेगा।

इसका फायदा सिर्फ मिसाइल बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉन्चर, गाइडेंस सिस्टम और दूसरे उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी नए ऑर्डर मिल सकते हैं। हालांकि, हर कंपनी को टेक्नोलॉजी या ऑर्डर मिलेगा, यह अभी तय नहीं है। कंपनियों को योग्यता और दूसरी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

Bharat Dynamics

इस खबर से सबसे सीधा जुड़ा नाम सरकारी डिफेंस कंपनी भारत डायनेमिक्स यानी BDL है। कंपनी पहले से DRDO की कई मिसाइलों का उत्पादन करती है। आकाश, नाग, अस्त्र और MRSAM जैसी मिसाइल प्रणालियों से इसका कारोबार जुड़ा है।

देश में मिसाइल उत्पादन बढ़ता है तो BDL को नए ऑर्डर मिलने का फायदा हो सकता है। कंपनी के पास पहले से जरूरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और अनुभव भी है। हालांकि, निजी कंपनियों की एंट्री से आगे प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

Bharat Electronics

सरकारी कंपनी BEL सिर्फ मिसाइल नहीं बनाती। मिसाइल सिस्टम में रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंट्रोल सिस्टम भी जरूरी होते हैं। इस हिस्से में BEL की मजबूत मौजूदगी है।

आकाश और MRSAM जैसे सिस्टम में कंपनी की अहम भूमिका है। इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने के साथ रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मांग बढ़ी तो BEL को भी फायदा मिल सकता है।

L&T

प्राइवेट सेक्टर में L&T बड़ा नाम है। कंपनी मिसाइल सिस्टम, लॉन्चर, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े काम करती है। आकाश मिसाइल के लिए भी कंपनी कई अहम हिस्सों का उत्पादन कर चुकी है।

सरकार अगर प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाती है तो L&T मजबूत दावेदार हो सकती है। कंपनी के पास बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट संभालने का अनुभव और क्षमता दोनों हैं।

Bharat Forge

भारत फोर्ज का डिफेंस कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। Kalyani Strategic Systems के जरिए कंपनी हथियार, गोला-बारूद, एयर डिफेंस और दूसरे डिफेंस सिस्टम पर काम करती है।

मिसाइल और एयर डिफेंस का उत्पादन बढ़ा तो कंपनी को नए मौके मिल सकते हैं। इसे सीधे मिसाइल कंपनी की बजाय बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्ले के तौर पर देखना बेहतर होगा।

Solar Industries

प्राइवेट सेक्टर की Solar Industries डिफेंस में प्रोपेलेंट, विस्फोटक और दूसरे हाई-एनर्जी मटेरियल बनाती है। कंपनी ब्रह्मोस मिसाइल के लिए प्रोपेलेंट से जुड़े काम में भी रही है।

मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ेगा तो उनके लिए जरूरी सामग्री की मांग भी बढ़ सकती है। इसलिए Solar को मिसाइल सप्लाई चेन के एक अहम खिलाड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।

Data Patterns

डेटा पैटर्न्स डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स पर काम करती है। कंपनी रडार, गाइडेंस सिस्टम, टेस्टिंग सिस्टम और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाती है।

मिसाइलों में लगे सीकर और गाइडेंस सिस्टम काफी अहम होते हैं। इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने पर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मांग बढ़ सकती है।

Astra Microwave

Astra Microwave रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम बनाती है। मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में इनकी अहम भूमिका होती है।

इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने का फायदा सीधे न सही, लेकिन डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग के जरिए कंपनी को मिल सकता है।

एक नजर में

कंपनीमुख्य फायदा
भारत डायनेमिक्समिसाइल उत्पादन
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
रडार और इलेक्ट्रॉनिक्स

L&T
मिसाइल और एयर डिफेंस

भारत फोर्जडिफेंस मैन्युफैक्चरिंग
Solar Industriesप्रोपेलेंट और विस्फोटक
Data Patternsमिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स
Astra Microwaveरडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी

निवेशकों के लिए जरूरी बात

अभी इसे सीधे शेयर खरीदने का संकेत नहीं मानना चाहिए। सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी है। आगे कंपनियों का चयन होगा। फिर प्रोडक्शन और ऑर्डर की तस्वीर साफ होगी।

फिलहाल BDL, BEL, L&T, भारत फोर्ज, Solar Industries, Data Patterns और Astra Microwave पर नजर रखी जा सकती है। असली फायदा किसे मिलेगा, यह आने वाले ऑर्डर और उनके असर से कंपनी की कमाई पर पता चलेगा।

Market Mantra : कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा से जाने, किन सेक्टर्स और शेयरों पर फोकस करना बेहतर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock To Buy: ₹18,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर ने इन 4 शेयरों को लगाए पंख, 13% तक चढ़े, चेक करें लिस्ट

Stock To Buy: शुक्रवार, 21 अगस्त को वेल्सपन कॉर्प लिमिटेड (Welspun Corp Ltd.), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd.), सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड  (Saatvik Green Energy Ltd) और डेटा पैटर्न्स लिमिटेड (Data Patterns Ltd). के शेयरों में 13% तक की बढ़त देखी गई। यह बढ़त उन्हें मिले ऑर्डर की वजह से मिली, जिनकी कुल कीमत ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा है।

Data Patterns

Data Patterns (India) Ltd. ने शुक्रवार को बताया कि उसे Bharat Electronics Ltd. (BEL) से रडार इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई के लिए ₹585.76 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

कंपनी ने आगे बताया कि 30 जुलाई को जब उसने एक्सचेंज को अपने ₹2,654 करोड़ के ऑर्डर बुक स्टेटस के बारे में जानकारी दी थी, तब से उसे ₹771.08 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इसमें शुक्रवार को बताया गया ऑर्डर भी शामिल है।

₹771.08 करोड़ के ऑर्डर में से, ₹745.93 करोड़ के ऑर्डर को 30 जुलाई, 2026 को की गई घोषणा में “बातचीत हो चुकी है और अभी मिलना बाकी है” (negotiated and yet to be received) की श्रेणी में रखा गया था। बाकी ₹25.15 करोड़ के ऑर्डर नए हैं।

Data Patterns के शेयर 6.4% बढ़कर ₹4,998.9 पर ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार की इस बढ़त के साथ, यह स्टॉक इस साल अब तक 93% ऊपर है।

RailTel Corporation of India

कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसे Western Coalfields से MPLS VPN (मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) बनाने के लिए लगभग ₹165 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

यह ऑर्डर Western Coalfields के लिए 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर MPLS VPN नेटवर्क बनाने का है। कंपनी ने कहा कि इसे 20 सितंबर, 2031 तक पूरा किया जाना है।

RailTel के शेयर शुक्रवार को 2.3% बढ़कर ₹287.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। यह स्टॉक इस साल अब तक 23% नीचे है।

Saatvik Green Energy

Saatvik Green Energy की मुख्य सब्सिडियरी Saatvik Solar Industries को देश की एक जानी-मानी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर कंपनी से सोलर PV मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹190 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसे कमर्शियल ऑर्डर माना गया है और इसे मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद शुक्रवार को सात्विक ग्रीन एनर्जी के शेयर 3.8% बढ़कर ₹415.4 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है।

वेल्सपन कॉर्प

वेल्सपन कॉर्प ने कहा कि उसे अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग $1.8 बिलियन या ₹17,200 करोड़ है। यह ऑर्डर अमेरिका में मौजूद उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पाइप सप्लाई करने के लिए है।

इस ऑर्डर के साथ, कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक रिकॉर्ड $4.4 बिलियन या लगभग ₹42,100 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

शुक्रवार को स्टॉक में 13% की बढ़त हुई और यह ₹2,266 प्रति शेयर के अपने इंट्राडे और ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। पिछले महीने इसमें 38% और इस साल अब तक 181.35% की तेजी आई है।

Shanthi Gears Share price: मुरुगप्पा ग्रुप की इस कंपनी ने बदला गियर, अपरसर्किट पर हुआ लॉक स्टॉक, जानें आखिर क्यों?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाजारों का भी मूड सुधरा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 प्वाइंट की तेजी है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में बिकवाली दिखी है। उधर अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी आई है। इंफोसिस और विप्रो के ADR दो फीसदी चढ़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

19 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निवेशक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता को लेकर चिंतित नजर आए। इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और उनमें और गिरावट आई। डिफेंस और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण निफ्टी और सेंसेक्स 24,050 और 77,000 के स्तर से नीचे आ गए। हालांकि,इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया,जिससे कुल गिरावट सीमित रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 325.78 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 76,909.68 पर और निफ्टी 76.60 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ।

SEBI ने दो एंटिटीज पर लगाई रोक, गलत तरीके से कमाए 3.68 करोड़ जब्त किए

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 13 अगस्त को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी पर हुई गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने Copthall Mauritius और Mansi Share पर शेयर बाजार में कामकाज पर रोक लगा दी है। मार्केट मैन्युपुलेशन से कमाए गए तीन करोड़ 68 लाख रुपये भी जब्त कर लिए गए हैं।

ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक

ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक हुई है। ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधो का एलान करते हुए कहा है कि ईरान ने डील करने का मौका गंवा दिया है। ईरान के मददगारों के खिलाफ भी आर्थिक एक्शन होंगे। इस खबर के चलते क्रूड 92 डॉलर के पार चला गया है।

अमेरिका में डबल होगा बॉन्ड बायबैक

अमेरिका में ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अगले महीने से बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के एलान से अमेरिका बाजारों में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लग गई। 10 साल और 30 साल की बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी है। डाओ जोंस में 100 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी दिखी। वहीं एशिया में भी रौनक है। निक्केई में एक परसेंट तो कॉस्पी में पांच परसेंट से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है।

सोने और चांदी में जोरदार तेजी

बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स के 99 के नीचे फिसलने से सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई है। करीब तीन महीने बाद सोने के भाव 4500 डॉलर के ऊपर निकल गए हैं। चांदी के भाव भी 66 डॉलर के ऊपर आ गए हैं।

जापान के साथ बढ़ेगा रक्षा सहयोग, BEL की जापानी कंपनी से साझेदारी पर चर्चा संभव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आज जापान के डिफेंस मिनिस्टर के साथ अहम बैठक है। इसमें आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर होगा। जापानी कंम्यूनिकेशन सिस्टम UNICORN के तकनीक ट्रांसफर के लिए BEL के साथ साझेदारी पर चर्चा होगी।

LIC को HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी

HDFC बैंक में आज एक्शन दिख सकता है। RBI ने LIC को बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 10% करने की मंजूरी दे दी है। अभी LIC की बैंक में 4.11% हिस्सेदारी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 19 अगस्त को 407 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और भारतीय शेयरों में 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

 

Market cues : बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ और मजबूत होने के संकेत, 23850-23600 तक गिर सकता है निफ्टी