Android फोन की बैटरी लाइफ कैसे बढ़ाएं? देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

हर तरह के Android स्मार्टफोन की बैटरी समय के साथ जल्दी खत्म होने लगती है, फिर चाहे उसमें कितनी भी बड़ी बैटरी क्यों न लगी हो। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर चार्जिंग साइकल के साथ बैटरी अपनी ओरिजिनल क्षमता खो देती है और आखिर में इतनी खराब हो जाती है कि इस्तेमाल के लायक नहीं रहती। हालांकि, अगर आप फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और आपका Android फोन जरूरत से पहले ही बंद हो जाता है, तो कुछ आसान आदतें अपनाकर आप बैटरी को ज्यादा समय तक चला सकते हैं। इसके अलावा, फोन की कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके भी बैटरी लाइफ बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, फोन में कुछ ऐप्स और प्रोसेस ऐसे भी होते हैं, जो बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और आपको पता भी नहीं चलता कि वे बैटरी खर्च कर रहे हैं। ऐसे में आप इन सेटिंग्स को बदलकर आप फोन के अचानक बंद होने की समस्या से बच सकते हैं।

हमने आपके लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड तैयार की है जिससे आप अपने Android हैंडसेट की बैटरी लाइफ को जितना हो सके उतना बढ़ा सकते हैं।

Android फोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की वजहें

आपके एंड्रॉयड फोन की बैटरी उम्मीद से ज्यादा जल्दी खत्म होने के कई कारण हो सकते हैं। अगर आप लगातार अपने फोन को हाई स्क्रीन ब्राइटनेस पर इस्तेमाल करते हैं, तो बैटरी लाइफ पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि बैटरी का एक बड़ा हिस्सा डिस्प्ले को पावर देने में खर्च होता है। इसी तरह, अगर फोन के बैकग्राउंड में कई ऐप्स और प्रोसेस चल रहे हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आपका Android फोन आपकी जानकारी के बिना बैटरी खर्च कर सकता है।

इस तरह, अगर Wi-Fi, मोबाइल डेटा या Bluetooth जैसी कनेक्टिविटी सेटिंग्स जरूरत न होने पर भी ऑन रहती हैं, तो फोन लगातार दूसरे डिवाइस या नेटवर्क को खोजता रहता है। इससे भी बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

एक और वजह स्क्रीन टाइमआउट का सही तरीके से सेट न होना हो सकती है। अगर स्क्रीन लंबे समय तक अपने आप बंद नहीं होती, तो फोन इस्तेमाल न होने पर भी डिस्प्ले जलता रहता है और बैटरी तेजी से खत्म होती है।

इसके अलावा, Google Maps और अन्य नेविगेशन ऐप्स सहित लोकेशन सेवाएं लगातार आपके डिवाइस की लोकेशन ट्रैक करती रहती हैं। Google का कहना है कि इससे आपके Android फोन की बैटरी लगातार खत्म होती रहती है, चाहे आप इसका इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। साथ ही, Light Mode में, आपका स्मार्टफोन हल्के रंगों को दिखाने के लिए ज्यादा बैटरी पावर का इस्तेमाल करता है, खासकर अगर आपके फोन में AMOLED डिस्प्ले है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि इस्तेमाल के साथ-साथ सभी फोन की बैटरी धीरे-धीरे कम होती जाती है।

Android फोन की बैटरी लाइफ कैसे बढ़ाएं

  1. Adaptive Brightness ऑन करें: फोन के Control Centre या Settings में जाकर Adaptive Brightness ऑन कर दें। इससे फोन का सेंसर आसपास की रोशनी के हिसाब से स्क्रीन की ब्राइटनेस अपने आप कम या ज्यादा करेगा। इससे जरूरत के मुताबिक ही बैटरी खर्च होगी।
  2. स्क्रीन की ब्राइटनेस खुद कम करें: अगर Adaptive Brightness के बाद भी स्क्रीन ज्यादा चमकदार लगती है, तो ब्राइटनेस को मैन्युअली कम कर दें। इससे बैटरी ज्यादा देर तक चल सकती है।
  3. Screen Timeout कम करें: Settings में जाकर Screen Timeout का समय कम कर दें। इससे फोन इस्तेमाल न होने पर स्क्रीन ज्यादा देर तक ऑन नहीं रहेगी और बैटरी की बचत होगी।
  4. Keyboard की आवाज और Vibrations बंद करें: कीबोर्ड की आवाज और हर टाइपिंग पर होने वाली वाइब्रेशन भी बैटरी खर्च करती है। इन्हें Settings > Keyboard Settings में जाकर बंद किया जा सकता है।
  5. Notifications को मैनेज करें: फोन में आने वाले गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद कर दें। सिर्फ जरूरी ऐप्स को नोटिफिकेशन भेजने की अनुमति देने से बैटरी की खपत कम हो सकती है।
  6. Background में चलने वाले ऐप्स को सीमित करें: यह बैटरी बचाने का सबसे जरूरी तरीका है। Background App Activity को सीमित करने से इस्तेमाल न होने वाले ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार चलने और रिफ्रेश होने से बचेंगे। इसे Settings में जाकर मैनेज किया जा सकता है।
  7. Battery Saver Mode ऑन करें: अगर फोन की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है, तो Battery Saver Mode ऑन कर दें। इसे Quick Settings या Control Centre से आसानी से चालू किया जा सकता है।
  8. Dark Mode का इस्तेमाल करें: बैटरी बचाने के लिए Dark Mode ऑन करना भी फायदेमंद हो सकता है। खासकर AMOLED डिस्प्ले वाले फोन में काले हिस्सों के पिक्सल बंद हो जाते हैं, जिससे पावर की बचत हो सकती है।
  9. बैटरी की लाइफ बेहतर रखने के लिए फोन को बार-बार जरूरत से ज्यादा चार्ज करने से बचें। साथ ही, बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बाद फोन बंद होने का इंतजार न करें।
  10. फोन को बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में इस्तेमाल करने से बचें। Extreme Temperature बैटरी की क्षमता और उसकी लाइफ पर असर डाल सकता है।
  11. अगर फोन में ऐसे Google या दूसरे अकाउंट जुड़े हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें हटा दें। Google के मुताबिक, इससे भी Android फोन की बैटरी लाइफ बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़ें: Lava ने लॉन्च किया दमदार 5G फोन, 6GB RAM-50MP कैमरा समेत मिलेंगे ये धांसू फीचर्स, जानें कीमत और ऑफर्स

टाटा की TCS ने Porsche की MHP को ₹3573 करोड़ में खरीदा, 10 महीने में तीसरी बड़ी डील

टाटा ग्रुप की Tata Consultancy Services (TCS) ने 24 अगस्त को जर्मन कार कंपनी Porsche की सब्सिडियरी MHP Management- und IT-Beratung GmbH को खरीदने का ऐलान किया। यह सौदा 320 मिलियन यूरो यानी करीब ₹3,573 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर हुआ है। TCS MHP के 100% शेयर खरीदेगी। डील अगले 3-4 महीने में पूरी होने की उम्मीद है।

4,500 कर्मचारियों वाली कंपनी है MHP

MHP ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंसल्टिंग कंपनी है। इसका काम बिजनेस कंसल्टिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी, SAP और मैन्युफैक्चरिंग डिजिटाइजेशन से जुड़ा है।

CY2025 में MHP का टर्नओवर करीब €742 मिलियन रहा। कंपनी में करीब 4,500 कर्मचारी हैं। MHP की मौजूदगी जर्मनी के अलावा रोमानिया, ब्रिटेन, अमेरिका, भारत और मैक्सिको में भी है।

Porsche के साथ ₹13,959 करोड़ की पार्टनरशिप

MHP के अधिग्रहण के साथ Porsche ने TCS और MHP के साथ 5 साल की रणनीतिक पार्टनरशिप भी की है। इसकी कुल वैल्यू €1.25 अरब यानी करीब ₹13,959 करोड़ है।

इस साझेदारी का फोकस AI ट्रांसफॉर्मेशन पर रहेगा। इसमें नई पीढ़ी की मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी पर खास ध्यान दिया जाएगा।

10 महीने में TCS की तीसरी बड़ी डील

MHP TCS की पिछले 10 महीनों में तीसरी बड़ी अधिग्रहण डील है। इससे पहले कंपनी ने दिसंबर में Salesforce कंसल्टिंग और AI सॉल्यूशन कंपनी Coastal Cloud को $700 मिलियन में खरीदा था। इससे पहले ListEngage MidCo का करीब $72.8 मिलियन में खरीदा था।

MHP की डील के साथ TCS ने 10 महीनों में अधिग्रहण पर $1 अरब से ज्यादा खर्च कर दिया है।

TCS के शेयरों का हाल

TCS के शेयर सोमवार को 0.91% की गिरावट के साथ 2,281 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 1.18% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में यह 27.37% टूट चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 8.26 हजार करोड़ रुपये है।

Hindustan Copper OFS: सरकार 6% तक हिस्सेदारी बेचेगी, ₹514 का फ्लोर प्राइस तय; 1 साल 140% चढ़ा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sawan Purnima 2026: जीवन में लाना चाहते हैं सुख-समृद्धि तो सावन के अंतिम दिन करें ये 7 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से नहीं होगी किसी चीज की कमी

Sawan Purnima 2026: सावन का महीना अब समापन की ओर बढ़ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत में मुख्य रूप से प्रचलित पूर्णिमान्त कैलेंडर में श्रावण मास का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इसी दिन ब्राह्मण और द्विज समाज के लोग पुराना यज्ञोपवीत उतार कर नया धारण करते हैं। साथ ही, श्रावण पूर्णिमा को ‘विश्व संस्कृत दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।

सावन पूर्णिमा के दिन सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व ही नहीं, गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत और नारली पूर्णिमा भी मनाई जाती है। इस साल सावन का अंतिम दिन और भी खास है, क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण से इसका यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें, हर हिंदू माह में पूर्णिमा का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी खास माना जाता है। सावन की पूर्णिमा पर भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन को जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि लाने के लिए बेहद अहम माना जाता है। अगर आप इस दिन कुछ खास उपाय करते हैं तो घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

कब है श्रावण पूर्णिमा 2026?

सावन महीना 28 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा है, जो 27 अगस्त 2026 की सुबह 09:08 बजे से 28 अगस्त 2026 की सुबह 09:48 बजे तक रहेगी।

सावन पूर्णिमा के उपाय

  • श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा जरूर करें, उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं। साथ ही कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कहते हैं ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।
  • सावन के आखिरी दिन मां लक्ष्मी के चरणों में 5 साबुत पीली कौड़ियां और थोड़ा अक्षत अवश्य चढ़ाएं। पूजा के बाद इन कौड़ियों और चावल को एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। मान्यता है इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
  • सावन के अंतिम दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल भी जरूर चढ़ाएं। इसके बाद शिवजी को बेलपत्र और शमी के पत्ते चढ़ाएं। मान्यता है कि सावन के आखिरी दिन भक्तिभाव से यह उपाय करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • सावन के अंतिम दिन यानी श्रावण पूर्णिमा की रात में चंद्र देव की पूजा भी जरूर करें। रात में चांदी के पात्र में साफ जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र को 3 बार जरूर बोलें। मंत्र है ‘ॐ चंद्राय नमः’।
  • सावन के आखिरी दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। कहते हैं इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
  • सावन के अंतिम दिन किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को तिल, सफेद वस्त्र, चावल, दूध या भोजन का दान जरूर करें। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

8000 रुपये की शर्ट का ब्रांड बनाया और खुद ही बेचने निकला ये 16 साल का लड़का बना स्टार! लोग बोले-यही है भारत का असली Gen Z

बिना किसी फैमिली बैकग्राउंड, बिना किसी बड़े सपोर्ट और बिना किसी मार्केटिंग टीम के एक 16 साल के लड़के ने कुछ अपना अलग खड़ा करने का सपना देखा और उसे पूरा कर दिखाया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले महेंद्र ने बेलवारो नाम से अपना एक यूनिक शर्ट ब्रांड लॉन्च किया है। सोशल मीडिया पर जब इस युवा एंटरप्रेन्योर का खुद अपनी शर्ट्स बेचने और कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से कनेक्ट करने का वीडियो वायरल हुआ तो उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।

डिजिटल क्रिएटर के पास पहुंचा 16 साल का महेंद्र

हमारी सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्र की कहानी तब सामने आई जब वह एक कपड़े के ब्रांड के मालिक और डिजिटल क्रिएटर शुभम शिवहरे के स्टूडियो के बाहर पहुंचा। महेंद्र ने बेझिझक शुभम से संपर्क किया और सीधे अपनी बात रखी। उसने शुभम से कहा कि उसने अपना खुद का शर्ट ब्रांड बनाया है और वह अपनी शर्ट्स बेचना चाहता है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

8000 रुपये की शर्ट और ब्रांडिंग का अनोखा गणित

बातचीत के दौरान महेंद्र ने शुभम को अपने ब्रांड बेलवारो का प्रमोशन वीडियो दिखाया। खास बात यह है कि इस 16 साल के लड़के ने अपने ब्रांड का लोगो, पैकेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट सब कुछ खुद ही तैयार किया है। जब शुभम ने उससे एक शर्ट की कीमत पूछी तो महेंद्र ने बताया कि वह एक शर्ट 8000 रुपये में बेच रहा है।

शर्ट की इतनी ज्यादा कीमत सुनकर शुभम हैरान रह गए और उन्होंने पूछा कि यह इतनी महंगी क्यों है? इस पर महेंद्र ने बहुत ही आत्मविश्वास से जवाब दिया कि एक शर्ट को बनाने की लागत लगभग 3000 रुपये आती है जबकि बाकी का खर्च ब्रांडिंग का है। महज 16 साल की उम्र में अपने प्रोडक्ट और बिजनेस को खड़ा करने के लिए महेंद्र की लगन और उसका आत्मविश्वास अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पर असल कहानी सिर्फ इतनी नहीं है।

पिता का साया नहीं, मां भी नहीं करतीं काम

पहले वीडियो के वायरल होने के बाद शुभम ने दोबारा महेंद्र से मुलाकात की और उसकी निजी जिंदगी की कहानी लोगों के साथ शेयर की। महेंद्र ने बताया कि उसके सिर पर पिता का साया नहीं है। वह अपनी मां, दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ रहता है। उसकी मां फिलहाल कोई काम नहीं करती हैं। बिना किसी आर्थिक मदद और बिना किसी बिजनेस कनेक्शन के वह अकेले ही अपने ब्रांड को प्रमोट करने की कोशिश में जुटा है।

शुभम ने इंस्टाग्राम पर उसकी कहानी शेयर करते हुए लिखा कि 16 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू ही करते हैं तब महेंद्र अपना भविष्य खुद बनाने की कोशिश कर रहा है। उसके पास संसाधन भले कम हैं लेकिन सपने बहुत बड़े हैं।

सोशल मीडिया पर मिली तारीफ और लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ

सोशल मीडिया पर महेंद्र के इस जज्बे और हिम्मत की जमकर सराहना हो रही है। इंटरनेट यूज़र्स उसकी कड़ी मेहनत और लगन देखकर काफी प्रभावित है। कई लोग उसके ब्रांड की मदद के लिए भी आगे आए हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि यही असली Gen Z है जिसका भारत को इंतजार है। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे ही बच्चे बड़े होकर बिड़ला और टाटा जैसे बड़े ब्रांड बनाते हैं।

शर्ट की क्वॉलिटी पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि शर्ट देखने में काफी अच्छी लग रही है, इसकी लाइनिंग, मटीरियल और कॉलर काफी प्रीमियम दिख रहे हैं।

यह भी पढ़ें: मॉस्को में विदेश मंत्री जयशंकर को देखते ही पुतिन ने पीएम मोदी के लिए कही ये बात फिर भारत संग दोस्ती पर दिया बड़ा बयान

Hindustan Copper OFS: सरकार 6% तक हिस्सेदारी बेचेगी, ₹514 का फ्लोर प्राइस तय; 1 साल 140% चढ़ा स्टॉक

Hindustan Copper OFS: सरकारी कंपनी Hindustan Copper में भारत सरकार ऑफर ऑफर सेल (OFS) के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर तय किया गया है।

DIPAM के सचिव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। सरकार पहले कंपनी की 3% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर इश्यू को ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलता है, तो अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी ग्रीन शू ऑप्शन के तहत बेची जा सकती है।

सरकार जुटा सकती है ₹3,000 करोड़

अगर ग्रीन-शू ऑप्शन समेत पूरी 6% हिस्सेदारी बिक जाती है, तो ₹514 के फ्लोर प्राइस पर सरकार को करीब ₹3,000 करोड़ मिल सकते हैं। फिलहाल Hindustan Copper में सरकार की हिस्सेदारी करीब 66% है। पूरी 6% हिस्सेदारी बेचने के बाद यह घटकर करीब 60% रह जाएगी।

OFS में 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व होगा। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग रखे गए हैं।

मजबूत नतीजों के बाद हिस्सेदारी बिक्री

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब जून तिमाही में Hindustan Copper का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹353 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹134 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 81.4% बढ़कर ₹936.5 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹516.4 करोड़ था।

कॉपर की कीमतों में तेजी का फायदा

ग्लोबल मार्केट में कॉपर की कीमत पिछले हफ्ते 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के अंत के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था।

कॉपर की कीमतों में लगातार छह हफ्तों तक तेजी रही। सप्लाई की कमी और अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की चिंता कम होने से कॉपर को सहारा मिला।

शेयर भाव से कितना नीचे है फ्लोर प्राइस?

Hindustan Copper के शेयर सोमवार को 0.25% की बढ़त के साथ ₹574.15 पर बंद हुए। इस हिसाब से OFS का ₹514 का फ्लोर प्राइस सोमवार के बंद भाव से करीब 10.5% नीचे है।

पिछले 1 महीने में स्टॉक 17.54% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 140% का रिटर्न दिया है।

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मॉस्को में विदेश मंत्री जयशंकर को देखते ही पुतिन ने पीएम मोदी के लिए कही ये बात फिर भारत संग दोस्ती पर दिया बड़ा बयान

रूस के साथ रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में भारत की कूटनीतिक सक्रियता जारी है। इसी सिलसिले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस के रिश्तों, आर्थिक सहयोग और दुनिया में तेजी से बदल रहे घटनाक्रमों पर अहम बातचीत हुई।

बता दें कि जयशंकर रविवार को दो दिवसीय रूस दौरे पर मॉस्को पहुंचे थे। अपनी मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु क्षेत्र समेत कई क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।

जयशंकर ने क्या कहा?

पुतिन से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं से शुरुआत करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे एक व्यक्तिगत संदेश दिया है, जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच अंतर-सरकारी आयोग की बैठक हुई और इसके नतीजे काफी अच्छे रहे। जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है।”

विदेश मंत्री ने आगे कहा, प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन में आपसे मिलने, फिर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत में आपका स्वागत करने और, उचित समय पर, आपकी आपसी सुविधा के अनुसार, वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए उत्सुक हैं, इसलिए हमारे पास सहयोग की एक बहुत मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का यह रूस दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 12-13 सितंबर को BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आने की उम्मीद है।

जयशंकर और पुतिन की मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत और रूस अपने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं। इसके साथ ही दोनों देश कई दूसरे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

रूस और भारत के बीच व्यापार बढ़ा

पुतिन ने कहा कि इस साल रूस और भारत के बीच व्यापार बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस भारत को उर्वरक की आपूर्ति बढ़ा रहा है और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखने के लिए तैयार है।

पुतिन ने विदेश मंत्री से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं देने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी से जल्द मुलाकात होगी।

बता दें कि इससे पहले दिन में, विदेश मंत्री ने रूसी प्रथम उप प्रधान मंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को और अधिक विस्तार देने के तरीकों पर बातचीत की थी।

यह भी पढ़ें: ईरान की सड़कों पर बदल गई तस्वीर! महिलाएं खुलेआम निकल रहीं बिना हिजाब, सरकार क्यों है परेशान?

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने नई डिफेंस कंपनी में 34% हिस्सेदारी खरीदी, वैज्ञानिक वीके सारस्वत करेंगे अगुवाई

Apollo Micro Systems: डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems ने नई रक्षा तकनीक कंपनी ShauryAstra Defence Systems में 34% हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने इसके लिए ₹34,000 का निवेश किया है। ShauryAstra का फोकस ऐसी रक्षा तकनीकों पर रहेगा, जिनकी जरूरत भारतीय सेना को है, लेकिन अभी उनके स्वदेशी समाधान उपलब्ध नहीं हैं।

ShauryAstra में 34% हिस्सेदारी

Apollo Micro Systems ने ShauryAstra के 3,400 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इस निवेश के बाद ShauryAstra में Apollo Micro Systems की हिस्सेदारी 34% हो गई है।

ShauryAstra को 21 अगस्त 2026 को शामिल किया गया था। अब यह Apollo Micro Systems की एसोसिएट कंपनी बन गई है।

डॉ. वी.के. सारस्वत का मिलेगा अनुभव

नई कंपनी का वैज्ञानिक नेतृत्व डॉ. वी.के. सारस्वत करेंगे। वह DRDO के पूर्व महानिदेशक और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। वह रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे हैं।

डॉ. सारस्वत भारत के कई बड़े रक्षा कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। इनमें पृथ्वी, धनुष, प्रहार और अग्नि-5 मिसाइल कार्यक्रम शामिल हैं। वह भारत के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम, तेजस और INS अरिहंत से भी जुड़े रहे हैं।

फोकस होगा अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर

ShauryAstra संपूर्ण हथियार प्रणालियों, लंबी दूरी की प्रणालियों और मानव रहित प्लेटफॉर्म्स पर काम करेगी। कंपनी का फोकस एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करने पर रहेगा।

खास बात यह है कि कंपनी सिर्फ मौजूदा जरूरतों पर काम नहीं करेगी। वह भविष्य के युद्धक्षेत्र में आने वाली तकनीकी जरूरतों और संभावित कमियों की भी पहचान करेगी।

Apollo की मौजूदा क्षमता का मिलेगा फायदा

Apollo Micro Systems पिछले चार दशक से डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में है। कंपनी मिशन-क्रिटिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स, रग्ड कंप्यूटिंग, फ्यूज, एक्ट्यूएटर्स और वेपन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

ShauryAstra रिसर्च और सिस्टम डिजाइन पर ज्यादा फोकस करेगी। वहीं Apollo Group की इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता का इस्तेमाल उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

कंपनी का लक्ष्य क्या है?

Apollo Micro Systems अब सिर्फ कंपोनेंट और सबसिस्टम बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी संपूर्ण स्वदेशी हथियार प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स के विकास में बड़ी भूमिका बनाना चाहती है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. करुणाकर रेड्डी के मुताबिक ShauryAstra इसी दिशा में अगला कदम है। यह पहल भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के मुताबिक भी है।

Apollo Micro Systems के शेयर NSE पर 0.14% गिरकर ₹384 प्रति शेयर पर बंद हुए।

Hyundai Motor India पर नोमुरा बुलिश, दोहराई ‘बाय’ रेटिंग; कहा- नई लॉन्चिंग्स से वॉल्यूम को मिलेगा बूस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sugar Price: अगले 7 दिनों में चीनी की बढ़ती कीमतें क्या करवट लेंगी? ISMA ने पैनिक बाइंग को लेकर ये जानकारी दी

Sugar Price in India: देश में चीनी की बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। त्योहारों का मौसम होने की वजह से लोग पहले ही खर्चों से घिरे हैं और ऊपर से ये कीमतें उन्हें और परेशान कर रही हैं। इस बीच चीनी उद्योग की सर्वोच्च संस्था इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का बड़ा बयान सामने आया है। इसमा ने स्पष्ट किया है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है और घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता सामान्य है। संस्था का अनुमान है कि सरकार द्वारा बिना शुल्क आयात की अनुमति देने और व्यापारियों व थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक होल्डिंग लिमिट लागू करने के फैसलों के बाद अगले कुछ दिनों में चीनी के खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिलेगी।

खुदरा कीमतों का मौजूदा गणित और बाजार का हाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। ये एक महीने पहले 48.73 रुपये किलोग्राम थी। यानी एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 29 फीसदी इजाफा देखा गया है। सोमवार को चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया जबकि इसका मॉडल प्राइस 65 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इसमा अध्यक्ष नीरज शिरगावकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कीमतों में आई यह तेजी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई कारणों के एक साथ आने से हुई है। इसमें व्यापारियों और थोक खरीदारों द्वारा की गई सट्टा खरीदारी (पैनिक बाइंग) और अनुमान से कम उत्पादन मुख्य वजहें हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत के पास चीनी की कोई कमी नहीं है और देश में उत्पादन और स्टॉक की स्थिति बुनियादी रूप से बेहद मजबूत है।

सट्टा खरीदारी और पैनिक बाइंग ने बनाई आर्टिफिशियल कमी

इसमा अध्यक्ष ने बताया कि कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सट्टा खरीदारी रही। कारोबारियों के एक वर्ग ने बाजार में चीनी की सप्लाई की किल्लत का भ्रामक माहौल पैदा किया। इसके जवाब में बड़े थोक खरीदारों ने डेढ़ दो महीने का अडवांस स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया।

नीरज शिरगावकर ने कहा कि इस सट्टा खरीदारी की वजह से चीनी बाजार में सर्कुलेशन से बाहर होकर गोदामों में बंद हो गई। इसी वजह से बाजार में एक आर्टिफिशियल तंगी की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग पर ex-mill कीमतें बढ़ाने या कृत्रिम किल्लत पैदा करने का आरोप लगाना गलत है। हालांकि कुछ मिलों द्वारा स्टॉक रोके जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी जांच सरकार कर रही है।

देश में उत्पादन, खपत और ओपनिंग स्टॉक का आंकड़ा भी जानिए

मार्केटिंग वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) में एथेनॉल के लिए इस्तेमाल की गई चीनी को घटाने के बाद देश का शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है। इस सीजन की शुरुआत में 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक मौजूद था। देश में चीनी की वार्षिक घरेलू मांग लगभग 280 से 285 लाख टन है। ये भी जानना जरूरी है कि सरकार द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले देश से 8 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका था।

इसमा का अनुमान है कि सितंबर के अंत में देश के पास लगभग 35 लाख टन का क्लोजिंग स्टॉक बचेगा। एथेनॉल में डाइवर्ट की गई चीनी का हिसाब लगाने के बाद भी यह क्लोजिंग स्टॉक सामान्य घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एक काफी सेफ बफर है। मौसम के असर, कम पैदावार और महाराष्ट्र में पेराई दर और उत्तर प्रदेश में रेड-रॉट की समस्या की वजह से इस सीजन में ग्रॉस चीनी उत्पादन (एथेनॉल डाइवर्जन से पहले) प्रारंभिक अनुमान 345 लाख टन से घटकर 309 लाख टन रह गया।

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्चे चीनी (रॉ शुगर) के बिना शुल्क आयात की अनुमति दी है और डीलरों तथा थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमा तय की है। इसमा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का यह कदम बाजार में घबराहट को रोकने और सेंटिमेंट को स्टेबल करने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम है। इससे ये नहीं समझा जाना चाहिए कि चीनी की किल्लत है। संस्था ने मांग की है कि व्यापारियों के लिए मौजूदा 400 टन की स्टॉक सीमा को घटाकर 200 टन किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक ये फैसले लेने के बाद पिछले कुछ दिनों में चीनी की एक्स मिल कीमतों में गिरावट आई है। दो प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में एक्स मिल कीमतें फिलहाल 55 से 56 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई हैं। आने वाले दिनों में खुदरा दामों में भी और नरमी आने की पूरी उम्मीद है।

एथेनॉल डाइवर्जन और नए पेराई सीजन की तैयारी

इसमा अध्यक्ष ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि एथेनॉल बनाने के लिए चीनी का उपयोग किए जाने की वजह से कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम खाने योग्य चीनी के साथ कंपीटिशन नहीं कर रहा है और न ही यह कीमत बढ़ने के लिए जिम्मेदार है। इस वर्ष तीसरी तिमाही तक लगभग 29 लाख टन चीनी एथेनॉल के लिए डाइवर्ट की गई है और पूरे सीजन में यह आंकड़ा 30 लाख टन रहने की उम्मीद है। ये ऐतिहासिक रूप से 20 से 40 लाख टन के दायरे में ही है। इसके अलावा 2025-26 में एथेनॉल आपूर्ति में चीनी क्षेत्र की हिस्सेदारी घटकर 25 प्रतिशत रह गई है। इसका बड़ा हिस्सा अनाज क्षेत्र से आ रहा है।

अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ISMA और NFCSF पेराई सत्र की शुरुआत को 10 से 15 दिन पहले करने पर काम कर रहे हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक में विशेष पेराई पहले से ही जारी है। नए सीजन की जल्दी शुरुआत और आयातित चीनी के आने से अक्टूबर में चीनी का उत्पादन बढ़कर लगभग 10 लाख टन होने की उम्मीद है (जो सामान्यतः 4 लाख टन रहता है)। इससे त्योहारों के सीजन में मांग के पीक पर रहने के दौरान बाजार में नई आपूर्ति उपलब्ध हो जाएगी। आयातित रॉ शुगर अक्टूबर तक भारत पहुंचने की संभावना है।

यह भी पढ़ें: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 25 अगस्त से दक्षिण से पूर्व भारत को जोड़ेगी नई अमृत भारत ट्रेन, जानिए रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

Gold Price Today: 5 महीने के हाई पर सोना, दिल्ली में ₹1.64 लाख के पार; चांदी ₹3500 उछली

Gold Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार, 24 अगस्त को सोने की कीमत 5 महीने से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹900 बढ़कर ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम हो गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम था।

5 महीने के हाई पर सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना आखिरी बार इस स्तर के आसपास 9 मार्च को था। उस समय इसका भाव ₹1,64,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोने में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में मजबूत संकेत और सुरक्षित निवेश की मांग को अहम वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

चांदी भी लगातार तीसरे दिन चढ़ी

चांदी की कीमत में भी सोमवार को तेजी रही। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र था, जब चांदी महंगी हुई। इसकी कीमत ₹3,500 बढ़कर ₹2,53,500 प्रति किलो हो गई।

पिछले सत्र में चांदी ₹2,50,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी। यह स्तर आखिरी बार 17 अप्रैल को देखा गया था, जब चांदी ₹2,53,000 प्रति किलो पर थी।

कमजोर डॉलर से मिला सोने को सहारा

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की तेजी के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग बड़ी वजह रही। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित एसेट्स की तरफ बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 42.45 डॉलर यानी करीब 1% बढ़कर 4,646.54 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।

अब महंगाई पर होगी नजर

विश्लेषकों के मुताबिक सोने की अगली चाल सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव से तय नहीं होगी। अब महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Kotak Securities की AVP Commodity Research कायनात चेनवाला के मुताबिक, ईरान तनाव के कारण अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो फेडरल रिजर्व के सामने महंगाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। बाजार यह देखेगा कि फेड इस बढ़ोतरी को अस्थायी मानता है या इससे महंगाई का बड़ा जोखिम पैदा होता है।

FD vs Lump Sum: ₹10 लाख की FD या ₹10 लाख का लंप सम, 10 साल बाद किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

School Holiday Tomorrow: क्या कल बंद रहेंगे स्कूल? जानें यूपी, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर पर क्या है ताजा अपडेट

School Holiday Tomorrow: देश के कई हिस्सों में मॉनसून के एक बार फिर तेज होने की खबरें आ रही हैं। कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से, अभिभावक और छात्र दुविधा में हैं कि मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को स्कूल बंद रहेंगे या नियमित क्लास चलती रहेंगी।

क्या 25 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे?

अभी 25 अगस्त को स्कूल बंद करने का कोई एक देशव्यापी ऑर्डर नहीं है। खराब मौसम की वजह से स्कूल की छुट्टियां आम तौर पर स्थानीय स्तर पर तय की जाती हैं। अगर भारी बारिश, बाढ़ या पानी भरने से खतरनाक हालात बनते हैं, तो जिलाधिकारी या स्थानीय प्रशासन छुट्टी का ऐलान कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को ताजा जानकारी के लिए अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस, वेबसाइट या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से मिली जानकारी देखनी चाहिए।

25 अगस्त मौसम का अनुमान

मौसम के ताजा अनुमान के मुताबिक, 25 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर : आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है, सुबह से शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए अभी कोई बड़ा रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश : पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार और झारखंड : 25 और 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर बारिश होने की उम्मीद है, कुछ इलाकों में भारी बौछारें और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश और पानी भरने से कई शहरों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है।

अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए?

अक्सर बारिश की वजह से स्कूल खुले या बंद होने को लेकर भ्रम हो सकता है। खासकर जब सोशल मीडिया पर जानकारी तेजी से फैलती है। अभिभावकों और छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए : असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेज के आधार पर फैसला लेने से बचें। माता-पिता को अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के अनाउंसमेंट को फॉलो करना चाहिए।

अगर आपके इलाके में भारी बारिश हो रही है या पानी भर गया है, तो स्कूल जाने से पहले मौसम और सड़क की हालत देख लें। जब तक स्कूल या लोकल एडमिनिस्ट्रेशन छुट्टी का ऐलान न करे, स्टूडेंट्स को स्कूल के रेगुलर इंस्ट्रक्शन्स मानने चाहिए।

GATE 2027 Registration: 27 अगस्त से शुरू होगा गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, इस बार से डिजीलॉकर पर अकाउंट होगा अनिवार्य