Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की FMCG कंपनी Tata Consumer Products के शेयर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal काफी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है। अभी शेयर करीब ₹1,057.90 पर है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 42% की तेजी की गुंजाइश है।

₹1,500 तक क्यों जा सकता है शेयर?

टाटा कंज्यूमर अब सिर्फ चाय और नमक की कंपनी नहीं रही। कंपनी लगातार नए कारोबार में उतर रही है। Tata Sampann, Tata Soulfull, Organic India और Capital Foods जैसे ब्रांड तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कंपनी का ग्रोथ पोर्टफोलियो मजबूत हो रहा है।

कंपनी नए प्रोडक्ट भी तेजी से लॉन्च कर रही है। FY25 में 41 नए प्रोडक्ट आए थे। FY26 में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई। इनमें 55% प्रोडक्ट हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे। यानी कंपनी अब इस सेगमेंट पर खास जोर दे रही है।

ऑनलाइन बिक्री बनी बड़ा सहारा

Tata Consumer के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। FY22 में भारत के कारोबार में इन चैनलों की हिस्सेदारी 19% थी। FY26 में यह बढ़कर 41% हो गई। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से मिलकर कंपनी को 19% रेवेन्यू मिल रहा है।

कंपनी की पहुंच भी बढ़ी है। FY26 में कंपनी 45 लाख आउटलेट तक पहुंच चुकी थी। इसका फायदा नए प्रोडक्ट को तेजी से बाजार में उतारने में मिल सकता है।

कमाई बढ़ने का अनुमान

Motilal Oswal को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 10% CAGR से बढ़ेगा। EBITDA में 16% और मुनाफे में 21% CAGR का अनुमान है। इसी उम्मीद के आधार पर ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट दिया है।

टाटा कंज्यूमर के इंटरनेशनल कारोबार पर कॉफी की महंगी कीमतों का असर पड़ा था। अब इसमें राहत मिल रही है। FY27 की पहली तिमाही में Arabica की कीमत 6% और Robusta की कीमत 9% तिमाही आधार पर घटी। इससे खासकर अमेरिकी कारोबार के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

टाटा कंज्यूमर के शेयर

टाटा कंज्यूमर का शेयर सोमवार को 0.85% की बढ़त के साथ 1,057.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में यह 10.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में 2.19% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

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Lava ने लॉन्च किया दमदार 5G फोन, 6GB RAM-50MP कैमरा समेत मिलेंगे ये धांसू फीचर्स, जानें कीमत और ऑफर्स

नोएडा की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी Lava ने सोमवार को भारत में अपनी नई ‘Virat’ लाइनअप के तीसरे मॉडल, Lava Virat V1 Pro 5G को लॉन्च कर दिया है। यह हैंडसेट Lava Virat V1 5G और Virat V1 4G के साथ शामिल हो गया है। इसे जल्द ही देश में एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि यह नया स्मार्टफोन एक ही RAM और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन और दो कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकेगा। Lava Virat V1 Pro 5G में आपको Unisoc चिपसेट और 6GB RAM दी गई है। इसमें 6,000mAh की बैटरी भी है। साथ ही, इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी है, जो स्क्वायर शेप के कैमरा मॉड्यूल में लगा है।

Lava Virat V1 Pro 5G की भारत में कीमत और उपलब्धता

Lava Virat V1 Pro 5G की भारत में कीमत 15,999 रुपये रखी गई है। यह फोन 6GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले सिंगल वेरिएंट में आता है। कंपनी फोन पर 2,000 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट भी दे रही है। डिस्काउंट के बाद इसकी प्रभावी कीमत 13,999 रुपये हो जाएगी।

इस फोन की बिक्री भारत में 31 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इसे Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा। इसके अलावा, Lava Virat V1 Pro 5G को दो कलर ऑप्शन में पेश किया गया है- Sikkim Midnight और Spiti Frost।

Lava Virat V1 Pro 5G के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Lava Virat V1 Pro 5G इस टेक कंपनी का एक डुअल-सिम बजट स्मार्टफोन है। यह फोन Android 16 पर चलता है और इसमें 6.75-इंच का HD+ (720 x 1,600 पिक्सल) LCD टचस्क्रीन है, जो 120Hz तक का रिफ्रेश रेट और 260 ppi की पिक्सल डेंसिटी देता है। इस स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर Unisoc T8200 चिपसेट है, जिसकी पीक क्लॉक स्पीड 2.6GHz है। साथ ही, इसमें 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज भी दी गई है।

कैमरे की बात करें तो, Lava Virat V1 Pro 5G में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। इसमें 50MP का AI कैमरा है (फिक्स्ड फोकस के साथ) और इसके साथ एक और सेकेंडरी कैमरा भी है, जिसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा भी है। कंपनी का दावा है कि यह फोन धूल और पानी की छींटों से बचाव के लिए IP64 रेटिंग के साथ आता है।

Lava Virat V1 Pro 5G में 6,000mAh की बैटरी दी गई है। कनेक्टिविटी के लिए यह फोन 5G, 4G LTE, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4, USB Type-C पोर्ट और GPS को सपोर्ट करता है। सिक्योरिटी और दूसरे कामों के लिए फोन में कई सेंसर दिए गए हैं। इनमें एक्सेलेरोमीटर, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, जायरोस्कोप, जियोमैग्नेटिक सेंसर, एंबियंट लाइट सेंसर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर शामिल हैं। इसके अलावा, फोन का साइज 168.29×77.64×8.68mm है और इसका वजन करीब 207 ग्राम है।

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टाटा संस की 17 सितंबर को बड़ी बैठक, एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे और नए बॉस पर आएगा बड़ा अपडेट!

Tata Sons Board Meeting: टाटा ग्रुप के मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस की बोर्ड मीटिंग 17 सितंबर 2026 को होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, भले ही चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल से पीछे हटने का मुद्दा आधिकारिक एजेंडे में सीधे तौर पर शामिल न हो, लेकिन इस बैठक में इस पर गर्मा-गर्मी से चर्चा होने की पूरी संभावना है।

12 अगस्त को चंद्रशेखरन ने तीसरा कार्यकाल न लेने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही टाटा ग्रुप के पावर कॉरिडोर में हलचल तेज है। आइए समझते हैं कि 17 सितंबर की इस बैठक में क्या-क्या खास हो सकता है और बोर्ड के भीतर समीकरण कैसे बने हुए हैं।

17 सितंबर की बैठक में क्या होगा खास?

यह बैठक टाटा संस की नियमित तिमाही बोर्ड बैठक है, लेकिन 18 अगस्त को कोरम की कमी के चलते टली टाटा संस की AGM की नई तारीख पर भी इसमें चर्चा होगी।अभी यह साफ नहीं है कि कोई डायरेक्टर औपचारिक रूप से चंद्रशेखरन से अपना फैसला बदलने का अनुरोध करेगा या नहीं। अगर चंद्रशेखरन के फैसले पर फिर से विचार करने का प्रस्ताव आता है, तो यह बोर्ड के प्रमुख हितधारकों के प्रभाव की असली परीक्षा होगी।

टाटा बोर्ड में दो फाड़: नोएल टाटा बनाम वेणु श्रीनिवासन

चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा संस के बोर्ड में दो बड़े दिग्गजों के रुख बिल्कुल अलग रहे हैं। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने ग्रुप की कुछ कंपनियों में नुकसान और कैपिटल एलोकेशन को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने चंद्रशेखरन से टाटा संस की लिस्टिंग (IPO) को लेकर भी स्थिति साफ करने को कहा था।

दूसरी तरफ, टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी और टाटा संस के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन, चंद्रशेखरन को एक और कार्यकाल देने के पक्ष में रहे हैं।

टाटा संस के नियमों के मुताबिक, चेयरमैन की नियुक्ति या री-अपॉइंटमेंट के लिए टाटा ट्रस्ट्स द्वारा मनोनीत कुल डायरेक्टर्स के बहुमत का समर्थन होना अनिवार्य है।

बोर्ड के बाकी डायरेक्टर्स का क्या है रुख?

टाटा संस के बोर्ड में चंद्रशेखरन, नोएल टाटा और वेणु श्रीनिवासन के अलावा तीन और सदस्य हैं सौरभ अग्रवाल, हरीश मनवानी और अनिता जॉर्ज।

सौरभ अग्रवाल: एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और चंद्रशेखरन की कोर टीम का अहम हिस्सा माने जाते हैं।

हरीश मनवानी व अनिता जॉर्ज: ये दोनों इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स हैं। मनवानी टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) के चेयरमैन भी हैं।

उत्तराधिकारी की तलाश और ट्रस्ट्स का कानूनी पेच

चंद्रशेखरन के बाद नया चेयरमैन चुनने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। 13 अगस्त को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने नया चेयरमैन चुनने के लिए एक सिलेक्शन कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) की बैठकों पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की कार्यवाही के कारण फिलहाल रोक लगी हुई है। चूंकि दोनों मुख्य ट्रस्ट्स को मिलकर कमेटी के सदस्य तय करने होते हैं, इसलिए इस कानूनी पेंच के कारण एजीएम और उत्तराधिकार की प्रक्रिया में मुश्किलें आ रही हैं।

17 सितंबर की बोर्ड बैठक टाटा ग्रुप के आने वाले भविष्य के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। अगर बोर्ड के सदस्य चंद्रशेखरन को अपना फैसला बदलने के लिए मना लेते हैं तो कहानी बदल सकती है, वरना नए चेयरमैन की तलाश वाली सिलेक्शन कमेटी की राह और तेज हो जाएगी।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 25 अगस्त से दक्षिण से पूर्व भारत को जोड़ेगी नई अमृत भारत ट्रेन, जानिए रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

New Amrit Bharat Train: भारतीय रेलवे लंबी दूरी का सफर तय करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा तोहफा लेकर आया है। रेलवे 25 अगस्त से तमिलनाडु के कोयंबटूर जंक्शन को झारखंड के धनबाद जंक्शन से जोड़ने वाली एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने जा रहा है। यह नई वीकली ट्रेन दक्षिण भारत को पूर्व भारत से जोड़ने का काम करेगी। अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन देश के सात राज्यों से होकर गुजरेगी। इससे कम बजट में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सुविधा मिलेगी।

सात राज्यों से होकर गुजरेगी ट्रेन, इन यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

द हिंदू की रिपोर्ट और रेलवे प्रेस रिलीज के मुताबिक यह नई अमृत भारत एक्सप्रेस तमिलनाडु से शुरू होकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार से गुजरते हुए झारखंड पहुंचेगी। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस सेवा से छात्रों, डेली सैलरीड क्लास, छोटे व्यापारियों, परिवारों और सीनियर सिटिजंस को बड़ा फायदा मिलेगा।

आपको बता दें कि अमृत भारत एक्सप्रेस में अपग्रेडेड कोच, बेहतर सीटें, हाई एंड सेफ्टी फीचर्स और लोगों के लिए तमाम सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य किराए को किफायती रखते हुए लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाना है।

इस ट्रेन के कुल कोच कॉम्बिनेशन की बात करें तो इसमें 8 स्लीपर क्लास कोच, 11 जनरल सेकंड क्लास कोच, 2 दिव्यांगजन यात्रियों की सुविधा वाले लगेज-कम-ब्रेक वैन कोच और 1 पेंट्री कार कोच शामिल रहेगा।

हफ्ते में इस दिन चलेगी धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस

ट्रेन नंबर 22363 (धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस) धनबाद जंक्शन से हर शनिवार को शाम 4:10 बजे खुलेगी और सोमवार को शाम 6:30 बजे कोयंबटूर जंक्शन पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 22364 (कोयंबटूर-धनबाद अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस) कोयंबटूर जंक्शन से हर मंगलवार को सुबह 7:50 बजे खुलेगी और गुरुवार को दोपहर 1:00 बजे धनबाद जंक्शन पहुंचेगी।

मुख्य स्टेशनों की समय सारिणी और टाइमिंग

धनबाद से कोयंबटूर जाने वाली ट्रेन (22363) के मुख्य स्टेशनों का शेड्यूल नीचे दिया गया है-

जोलारपेट्टई: दोपहर 1:50 बजे आगमन – 1:55 बजे प्रस्थान

सेलम: दोपहर 3:12 बजे आगमन – 3:15 बजे प्रस्थान

इरोड: शाम 4:15 बजे आगमन – 4:20 बजे प्रस्थान

तिरुपुर: शाम 5:03 बजे आगमन – 5:05 बजे प्रस्थान

कोयंबटूर से धनबाद जाने वाली ट्रेन (22364) का मुख्य स्टेशनों पर टाइमिंग शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:

तिरुपुर: सुबह 8:28 बजे आगमन – 8:30 बजे प्रस्थान

इरोड: सुबह 9:20 बजे आगमन – 9:25 बजे प्रस्थान

सेलम: सुबह 10:17 बजे आगमन – 10:20 बजे प्रस्थान

जोलारपेट्टई: दोपहर 12:45 बजे आगमन – 12:50 बजे प्रस्थान

दक्षिण और पूर्व के बीच मजबूत होगी रेल कनेक्टिविटी

यह नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा कोयंबटूर और धनबाद के बीच सीधा साप्ताहिक संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ देश के कई प्रमुख हिस्सों को आपस में जोड़ेगी। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजरने की वजह से यह ट्रेन दक्षिण भारत के यात्रियों को मध्य, उत्तरी और पूर्वी भारत के कई महत्वपूर्ण शहरों से सीधे कनेक्ट करेगी।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 24 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के आसपास रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 171.72 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,369.11 पर और निफ्टी 32.95 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,219.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1970 शेयरों में बढ़त हुई, 2278 शेयरों में गिरावट आई और 199 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,JSW स्टील,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,टाटा स्टील और HCL टेक्नोलॉजीज शामिल रहे।

IT,एनर्जी,मेटल और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक में 1% की गिरावट आई,जबकि प्राइवेट बैंक,मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.3-0.5% की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.13% की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग दिखी। निफ्टी 33 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 171 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो मेटल इंडेक्स में 1.50 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही,जबकि PSU बैंक और डिफेंस इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई।

टेक्निकल तौर पर,पॉज़िटिव शुरुआत के बाद मार्केट को ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ रहा है। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर रिवर्सल पैटर्न मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने के संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 24,250 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस लेवल के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कमजोरी का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ,निफ्टी 24,000-23,950 तक गिर सकता है। दूसरी ओर 24,250 के ऊपर जाने पर मार्केट में रिकवरी आ सकती है और यह 24,350-24,400 तक जा सकता है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे का कहना है कि अच्छी शुरुआत के बाद इंडेक्स नीचे गिर गया क्योंकि ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन घटाते दिखे। इंट्राडे में निफ्टी 24,200 के सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था,लेकिन क्लोजिंग के समय उसने इसे फिर से हासिल कर लिया।

मंगलवार को बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है क्योंकि ट्रेडर्स ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित प्रतिक्रिया के आधार पर अपनी पोजीशन में बदलाव करेंगे। यह अहम घटना NSE की मंथली F&O एक्सपायरी के साथ ही होगी जो एक अहम इवेंट है। इसलिए,मंगलवार को बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

निचले स्तर पर नफ्टी के लिए 24,200/24,000 पर सपोर्ट है। ऊपरी स्तर पर,24,350 एक अहम रेजिस्टेंस लेवल का काम कर सकता है,जिसके ऊपर जाने पर निफ्टी में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी आज डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ है। यह ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाता है। इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है,जो मार्केट में दुविधा और किसी साफ दिशा के बारे में पक्के भरोसे की कमी को दिखाता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,300 पर है (जो सोमवार के निचले स्तर के आसपास है),जबकि रेजिस्टेंस 58,000 के आसपास दिख रहा है,जो गिरती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है।

जब तक कोई साफ ब्रेकआउट या ‘ब्रेकडाउन नहीं होता,तब तक इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। इसलिए,57,300–58,000 की रेंज में सख्त स्टॉप-लॉस के साथ ही ट्रेड करने की सलाह होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मेरे पास 5 गाय हैं और भी रखने के लिए जगह… सीतापुर की पूनम देवी की ये बात सुनते ही CM योगी ने पशुधन विभाग को दिया ये आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, जनता से सीधे संवाद का सिलसिला जारी रहता है। सोमवार को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी ने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को इनके जल्द और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

इस दौरान सीतापुर के हरगांव की रहने वाली पूनम देवी भी सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर गाय पालन के जरिए अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की इच्छा जाहिर की। पूनम के पास पहले से ही पांच गायें हैं और उन्होंने और गायें उपलब्ध कराने की मांग की। पूनम ने बताया की उनके पास अन्य गोवंश रखने के लिए पर्याप्त जगह भी हैं।

इस पर मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (पशुपालन) को निर्देश दिया कि उन्हें बेसहारा गायें उपलब्ध कराई जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें ‘मुख्यमंत्री सहभागिता योजना’ का लाभ मिले, ताकि वह गोसेवा के साथ दूथ की बिक्री से परिवार की आय बढ़ा सकें।

श्रावण मास में मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने पर जताया आभार

अपने जनता दर्शन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोसेवा के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास माना गया है। सीएम योगी ने पूनम से कहा कि मन से गोसेवा करें, क्योंकि श्रद्धा और मन से की गई गोसेवा से जीवन की बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं। पूनम देवी ने भी अपनी इच्छा पूरी करने की दिशा में मुख्यमंत्री की ओर से मिले भरोसे के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने और मदद का आश्वासन मिलने से उन्हें खुशी हुई है।

दिव्यांग की जमीन पर कब्जे की शिकायत

बता दें कि जनता दर्शन के दौरान अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री से की। योगी आदित्यनाथ ने उसकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित को हर संभव मदद दिलाने और उसकी समस्या का उचित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

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20 साल बाद ‘जॉनी गद्दार’ की यादें होंगी ताजा, श्रीराम राघवन बना रहे हैं उसी अंदाज की नई थ्रिलर

मैचबॉक्स शॉट्स ने अपनी नए प्रोजेक्ट्स का ऐलान कर दिया है। कंपनी के अनुसार, मशहूर फिल्ममेकर श्रीराम राघवन उनके लिए कई नई कहानियों पर काम कर रहे हैं। इनमें एक अनटाइटल्ड थ्रिलर भी शामिल है, जिसका अंदाज उनकी कल्ट क्लासिक फिल्म ‘जॉनी गद्दार’ जैसा होगा। साल 2027 में ‘जॉनी गद्दार’ की रिलीज को 20 साल पूरे होने वाले हैं।

फाउंडर संजय राउत्रे ने कहा, “श्रीराम ने मैचबॉक्स को उसकी पहली फिल्म और पहला सबक दिया था कि अगर किसी कहानी को पूरी ईमानदारी और विश्वास के साथ बताया जाए, तो उसे हमेशा अपना दर्शक मिल जाता है। ‘जॉनी गद्दार’ की 20वीं सालगिरह के साल उसी अंदाज की थ्रिलर विकसित करना हम दोनों के लिए एक तरह से घर वापसी जैसा है।”

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब नेटफ्लिक्स के लिए मैचबॉक्स शॉट्स की बनाई वॉर सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ दुनियाभर में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। नॉन-इंग्लिश कंटेंट की ग्लोबल रैंकिंग में यह सीरीज दूसरे नंबर पर है, जबकि भारत में नंबर एक पर बनी हुई है। यह लगातार दूसरी नेटफ्लिक्स सीरीज है, जिसे मैचबॉक्स ने बनाया और जिसने ग्लोबल चार्ट पर बड़ी सफलता हासिल की है। इससे पहले ‘IC 814: द कंधार हाईजैक’ भी ग्लोबल स्तर पर नंबर दो पर डेब्यू कर चुकी है।

200 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट में बनी ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ मैचबॉक्स शॉट्स की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। सीरीज के लिए काम कर रहे एयरबेस पर फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ शूटिंग की गई और करीब 450 लोगों की टीम ने बेहद कठिन हाई-एल्टीट्यूड परिस्थितियों में सेट पर काम किया।

हालांकि, कंपनी का सफर इतने बड़े स्तर से शुरू नहीं हुआ था। श्रीराम राघवन की ‘अंधाधुन’ मैचबॉक्स शॉट्स की पहली प्रोडक्शन थी। करीब 16 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में 450 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया और 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल रही। मैचबॉक्स के सफर में एक चीज लगातार बनी रही है—कहानी और कहानीकार पर भरोसा, साथ ही लागत पर नियंत्रण।

इसी सोच के बीच कंपनी ने अलग-अलग जॉनर और स्केल की कई परियोजनाएं की हैं, जिनमें ‘मोनिका ओ माय डार्लिंग’, ‘थ्री ऑफ अस’, ‘स्कूप’, ‘मेरी क्रिसमस’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्में और सीरीज शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग तरह की कहानियों में निवेश करना शुरुआत में एक क्रिएटिव फैसला था, जो धीरे-धीरे बिजनेस स्ट्रैटेजी में बदल गया। इससे कंपनी किसी एक तरह के दर्शक या किसी एक फॉर्मेट पर निर्भर नहीं रहती।

संजय राउत्रे के साथ पार्टनर्स सरिता पाटिल और दीक्षा राउत्रे भी कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। मैचबॉक्स का मानना है कि किसी प्रोजेक्ट की सफलता सिर्फ उसकी ओपनिंग से तय नहीं होती। सरिता पाटिल के मुताबिक, असली सवाल यह है कि क्या लोग सालों बाद भी किसी फिल्म को देख रहे हैं और दूसरों को उसकी सिफारिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, दर्शकों का ऐसा प्यार खरीदा या किसी रणनीति से हासिल नहीं किया जा सकता।

‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की ग्लोबल सफलता के बाद जहां कंपनी अपनी स्ट्रीमिंग स्लेट का विस्तार कर रही है, वहीं थिएट्रिकल फिल्मों को लेकर भी उसकी प्रतिबद्धता कायम है। कंपनी का कहना है कि हर फॉर्मेट की अपनी अर्थव्यवस्था और अपनी ऑडियंस होती है और हर कहानी को उसी हिसाब से विकसित किया जाता है। कुछ कहानियां सिनेमाघर में अजनबियों से भरे अंधेरे हॉल में देखने के लिए होती हैं, जबकि कुछ घर के आराम में ज्यादा बेहतर अनुभव देती हैं। दोनों अनुभव कंपनी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

मैचबॉक्स शॉट्स की नई स्लेट में श्रीराम राघवन के अलावा हंसल मेहता, वासन बाला और जस्मीत रीन जैसे फिल्ममेकर्स के साथ भी प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी का विस्तार सिर्फ फिल्मों और सीरीज तक सीमित नहीं है। मैचबॉक्स ने ‘द गुरुग्राम स्कूल मर्डर’ और ‘द जॉनसन एंड जॉनसन फाइल्स’ समेत कई किताबों के अधिकार भी हासिल किए हैं। इसका उद्देश्य अपनी कहानियों पर ज्यादा नियंत्रण रखना और तैयार स्क्रिप्ट्स के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के बजाय खुद मजबूत आईपी तैयार करना है।

संजय राउत्रे ने कहा कि बाहर से देखने पर मैचबॉक्स की स्लेट भले ही अलग-अलग तरह की नजर आती हो, लेकिन अंदर से हर प्रोजेक्ट के पीछे एक ही सवाल होता है—क्या यह कहानी अस्तित्व में आने लायक है और क्या इसे ऐसी लागत में बनाया जा सकता है, जिसे दर्शक सही ठहरा सकें?

उनके मुताबिक, कम बजट में बनाई गई ‘थ्री ऑफ अस’ जैसी शांत फिल्म कंपनी के लिए उतनी ही संतोषजनक हो सकती है, जितनी 200 करोड़ रुपये की ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ जैसी बड़ी फिल्म। उनके शब्दों में, “फिल्म का बड़ा होना जरूरी नहीं है। जरूरी यह है कि उसका गणित सही हो।”

मैचबॉक्स शॉट्स खुद को एक बुटीक प्रोडक्शन हाउस के रूप में देखता है, लेकिन उसकी महत्वाकांक्षा इससे कहीं बड़ी है। कंपनी का लक्ष्य लंबे समय तक चलने वाले आईपी तैयार करना, क्रिएटर्स के साथ मजबूत और स्थायी साझेदारी बनाना और थिएट्रिकल, स्ट्रीमिंग के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट में भी काम करना है।

आखिरकार, कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ एक और हिट फिल्म या सीरीज बनाना नहीं है। असली लक्ष्य यह साबित करना है कि अनुशासन और सही बिजनेस मॉडल के साथ क्वालिटी कंटेंट को लंबे समय तक सफल कारोबार में बदला जा सकता है।

8th Pay Commission: कम फिटमेंट फैक्टर पर भी सैलरी में आएगा बड़ा उछाल! समझिए 2.1 के फॉर्मूले का पूरा गणित

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सबसे ज्यादा ध्यान ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर टिका हुआ है। कर्मचारी यूनियंस ने 2.7 से लेकर 4 तक के फिटमेंट फैक्टर की डिमांड की है।

7वें वेतन आयोग में जहां 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मिला था। लेकिन अगर 8वें वेतन आयोग में इसे घटाकर 2.1 भी कर दिया जाए, तो भी आपकी टेक-होम सैलरी और बेसिक पे में 7वें वेतन आयोग से भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया पर एक कैलकुलेशन शेयर कर समझाया है कि आखिर कैसे कम फिटमेंट फैक्टर भी जेब में ज्यादा पैसा ला सकता है। आइए समझते हैं इसका पूरा गणित।

7th CPC vs 8th CPC: क्यों सिर्फ ‘नंबर’ देखना है धोखा?

7वें वेतन आयोग के समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि 8वें में इसके 2.1 रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। पहली नजर में 2.1 कम लगता है, लेकिन असल फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बेस सैलरी कितनी है:

7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था?

पुराना न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 था। इस पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लगा, जिससे नया बेसिक पे ₹18,000 हो गया। लेकिन उस समय कर्मचारी पहले से ही 125% डीए (DA) ले रहे थे (यानी ₹7,000 का 125% = ₹8,750)।

इस तरह पुरानी सैलरी + DA मिलाकर पहले ही ₹15,750 बन रहा था। ऐसे में नया बेसिक ₹18,000 होने से असल अतिरिक्त फायदा सिर्फ ₹2,250 (लगभग 32%) का ही हुआ था।

8वें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर पर क्या होगा?

फिलहाल न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। अगर इस पर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लगता है, तो नया न्यूनतम बेसिक पे सीधे करीब ₹38,000 हो जाएगा। अगर मौजूदा 58% डीए को देखा जाए, तो ₹18,000 पर 58% DA मिलाकर कुल रकम ₹28,440 होती है। अब ₹38,000 के नए बेसिक से इसकी तुलना करें, तो कर्मचारियों को लगभग ₹9,560 का सीधा अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो मौजूदा बेसिक का करीब 53% फायदा है।

7वें और 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित

7वें और 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित

टेक-होम सैलरी में होगा बड़ा इजाफा

वैसे ₹38,000 सिर्फ न्यूनतम बेसिक पे का एक अनुमानित उदाहरण है। कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी इससे कहीं ज्यादा होगी, क्योंकि इसमें नया महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और अन्य भत्ते भी जोड़े जाएंगे।

कब तक लागू होंगी सिफारिशें?

नवंबर 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया गया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से सिफारिशें मई 2027 के आसपास सामने आने की उम्मीद है। तब तक कर्मचारियों को सरकार के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा।

Delhi Rains: दिल्ली-NCR में भारी बारिश से हवाई सेवा प्रभावित! 250 से ज्यादा उड़ानें लेट, 15 फ्लाइट डायवर्ट

Delhi Rains: दिल्ली-NCR में सोमवार (24 अगस्त) को हुई मूसलाधार बारिश का असर सड़क ट्रैफिक के साथ-साथ हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर 250 से ज्यादा उड़ानें देरी से चल रही हैं। जबकि मौसम खराब होने के कारण 15 उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। डायवर्ट की गई उड़ानों में तीन इंटरनेशनल फ्लाइट भी शामिल हैं। इनमें से 12 उड़ानों को जयपुर, 2 को चंडीगढ़ और 1 उड़ान को लखनऊ भेजा गया। हालांकि, मौसम में सुधार के साथ दिन आगे बढ़ने पर उड़ान संचालन के सामान्य होने की उम्मीद जताई गई है।

भारी बारिश से दिल्ली में जलभराव और ट्रैफिक जाम

दिल्ली में सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर पानी भरने से कई जगहों पर यातायात की रफ्तार धीमी रही और लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि कुछ अन्य इलाकों के लिए मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया।

एयरलाइंस ने यात्रियों को किया अलर्ट

मौसम की स्थिति को देखते हुए कई एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है। एयरलाइंस ने यह भी चेतावनी दी कि खराब मौसम का असर कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर भी पड़ सकता है। एयर इंडिया (Air India) ने यात्रियों को बताया कि दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन प्रतिकूल मौसम से प्रभावित हो सकता है। इंडिगो (IndiGo) ने कहा कि दिल्ली के ऊपर खराब मौसम के कारण उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ा है। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने और उड़ान की स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की।

स्पाइसजेट (SpiceJet) ने भी यात्रियों को आगाह करते हुए कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण सभी आने-जाने वाली उड़ानें और उनसे जुड़ी कनेक्टिंग उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने को कहा गया। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने कहा कि दिल्ली में गंभीर मौसम की स्थिति के कारण उसके नेटवर्क की कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए उसने खेद जताया।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर चेक करने, अतिरिक्त यात्रा समय लेकर चलने और कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों को एयरलाइन के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के कुछ स्थानों पर बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ भारी बारिश हुई। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शहर के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक जाम और जलभराव की शिकायत की।

‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी

दिल्ली में भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ तेज से मध्यम बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच दिल्ली में सबसे अधिक 28 मिलीमीटर (मिमी) बारिश छतरपुर में दर्ज की गई। इसके बाद लोधी रोड में 24.6 मिमी और पीतमपुरा में 18.5 मिमी बारिश हुई।

इस दौरान रिज में पांच मिमी, मयूर विहार में 1.5 मिमी, सफदरजंग में एक मिमी और आयानगर में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं। न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन, बुराड़ी, सीआर पार्क और अलकनंदा के आसपास जलभराव की सूचना मिली। यात्रियों ने भी सोशल मीडिया पर ट्रैफिक जाम और जलभराव वाले मार्गों की जानकारी शेयर की।

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दिल्ली में सोमवार को शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 1.4 डिग्री अधिक है। रिज में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

LT Foods Share Price: 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए क्या है वजह

LT Foods  Share Price: LT Foods के शेयरों में 24 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान एक साल की ऊंचाई ₹487 पर पहुंच गए। सोमवार को ट्रेडिंग के पहले हिस्से में 32 मिलियन से ज़्यादा शेयरों का लेन-देन हुआ। यह पिछले 10 दिनों के औसत वॉल्यूम से 86 गुना ज़्यादा है।

LT Foods के शेयर की कीमत इंट्रा-डे ट्रेडिंग में 13% बढ़कर ₹482.85 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गए। इस स्टॉक ने 19 सितंबर, 2025 को बने अपने पिछले ₹479.80 के हाई को पार कर लिया। NSE और BSE पर कुल मिलाकर 13.14 मिलियन इक्विटी शेयरों का लेन-देन हुआ, जिससे काउंटर पर औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना से ज़्यादा बढ़ गया। शेयर आज 7.34 फीसदी की बढत के साथ 459 रुपये पर बंद हुआ।

इस साल स्टॉक में यह दूसरी सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त थी, इससे पहले फरवरी में एक सेशन में इसमें 14% की तेज़ी आई थी। कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक 25% से ज़्यादा और पिछले 12 महीनों में 13% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

LT Foods के शेयरों में यह तेजी चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई आम बढ़त के बाद देखी गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान KRBL और AWL Agri Business जैसी कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 6.39% और 1.63% की बढ़त हुई।

शेयरहोल्डिंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटरों के पास कंपनी के 51% से ज़्यादा शेयर थे, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 29.95% शेयर थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास 10.84% ​​और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 8.21% शेयर थे।

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए LT Foods का रेवेन्यू 11.56% बढ़कर ₹1,172.08 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,050.56 करोड़ था। नेट प्रॉफ़िट 89.67% बढ़कर ₹70.16 करोड़ हो गया, जो पहले ₹36.99 करोड़ था। इस महीने की शुरुआत में रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, इसी अवधि में कुल आय 10.77% बढ़कर ₹1,176.11 करोड़ हो गई, जो पहले ₹1,061.73 करोड़ थी।

गुरुग्राम स्थित FMCG कंपनी मुख्य रूप से चावल का कारोबार करती है और अपने उत्पादों को US, UK और वेस्ट एशिया सहित 85 देशों में एक्सपोर्ट करती है। कंपनी अपना मुख्य चावल ब्रांड ‘दावत’ (Daawat) बनाती है और उसने पहले बताया था कि उसके FY25 के रेवेन्यू का 9% हिस्सा वेस्ट एशिया में एक्सपोर्ट से आया था।

वेस्ट एशियन मार्केट में कंपनी की मौजूदगी ने इस साल की शुरुआत में उसके शेयरों पर खास असर डाला था, जब उस क्षेत्र में चावल के एक्सपोर्ट पर मौजूदा जियोपॉलिटिकल तनाव का कुछ समय के लिए असर पड़ा था।

Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट

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