Stock Market Live Update: अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल देखने को मिला। अमेरिकी बाजार 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से नर्वस हुआ। डाओ जोंस 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी देखने को मिली। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है । इस बीच अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती देखने को मिली। करीब 70 प्वाइंट ऊपर चढ़ा। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिला। लेकिन वायदा में खरीदारी रही। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार रहा।
हमेशा फिट रहने के लिए हमेशा सख्त डाइट या घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं होता। रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करके भी खुद को हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए नींद, खान-पान, पानी पीने और रोज की एक्टिविटी जैसी छोटी-छोटी चीजें काफी असर करती हैं।
एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी अपनी फिटनेस और हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं। उनकी फिटनेस रूटीन से जुड़ी ये आदतें उन महिलाओं के लिए भी काम की हो सकती हैं, जो बिना बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट के खुद को फिट रखना चाहती हैं। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी हेल्थ रूटीन को अपनाने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से सलाह लेना बेहतर है।
सौम्या टंडन अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गुनगुने पानी से करती हैं। इसमें वह थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाती हैं। सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। अदरक को डाइजेस्ट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।
डाइट में जरूरी चीजें
सौम्या अपनी डाइट में प्रोटीन को भी खास जगह देती हैं। वह प्रोटीन ड्रिंक लेती हैं और मानती हैं कि रोज के खाने में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन शरीर की मिस्क्ल्स को मजबूत रखने में मदद करता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही, अंडे या अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल किए जा सकते हैं।
इन चीजों से परहेज
सौम्या टंडन चीनी और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी रखती हैं। वह मीठे से बचने को अपनी हेल्दी आदतों में शामिल करती हैं। रोज ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए मीठा कम मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है। घर पर मिठाई बनाते समय भी चीनी की मात्रा कम रखी जा सकती है।
खाली पेट ड्रिंक
सौम्या ने बताया है कि वह सुबह खाली पेट एक चम्मच हल्का गुनगुना घी लेती हैं और उसमें थोड़ी हल्दी व काली मिर्च मिलाती हैं। उनके अनुसार यह उनकी रोज की आदत का हिस्सा है। घी में फैट होता है और बैलेंस अमाउंट में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी भी चीज को खाली पेट लेने से पहले अपनी सेहत और डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।
फिट रहने का सीक्रेट
सौम्या का कहना है कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्रैश डाइटिंग नहीं करतीं। उनका फोकस बैलेंस्ड डाइट पर रहता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल और सब्जियां शामिल करना जरूरी है। इस तरह खाना खाने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक हेल्दी रूटीन बनाए रखना आसान हो सकता है।
Sawan Purnima 2026 Date: सावन पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह दिन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
यह श्रावण माह का अंतिम दिन होता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा-आराधना का विशेष विधान होता है, जो पूर्णिमा के दिन जलाभिषेक और विशेष पूजा के साथ पूर्ण होता है। श्रावण पूर्णिमा के दिन जनेऊ धारण करने वाले (द्विज) गंगा या पवित्र नदियों में स्नान करके पुराना यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलते हैं और नया जनेऊ धारण करते हैं। इसे ‘श्रावणी’ या ‘उपाकर्म’ कहा जाता है। साथ ही, अमरनाथ में पवित्र छड़ी मुबारक की रस्म भी श्रावण पूर्णिमा के दिन ही अमरनाथ गुफा पहुंचती है और वार्षिक यात्रा का समापन होता है।
श्रावण पूर्णिमा 2026: सही तारीख
दृक पंचांग के मुताबिक श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:08 बजे आरंभ होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 28 अगस्त को सुबह लगभग 9:48 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मानी जाएगी।
स्नान और दान की सही तिथि
सावन पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह तक रहने के कारण स्नान और दान जैसे कार्य इस दिन सूर्योदय के बाद किए जाएंगे। व्रत और पूजा की तारीख स्थानीय पंचांग तथा क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
पूर्णिमा तिथि का समय
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ : 27 अगस्त 2026 को सुबह 09:08 बजे से
पूर्णिमा तिथि का समापन : 28 अगस्त 2026 को सुबह 09:48 बजे तक
स्नान-दान और पूजन के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:28 बजे से सुबह 05:12 बजे तक
प्रातःकाल स्नान-दान मुहूर्त : सूर्योदय से लेकर सुबह 09:48 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक
चंद्र ग्रहण व भद्रा का प्रभाव
चंद्र ग्रहण : 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण लग रहा है, परंतु यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं रहेगा। इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, जिससे आप बिना किसी रुकावट के पूजा, स्नान, दान व रक्षाबंधन का त्योहार मना सकते हैं।
भद्रा काल : 27 अगस्त की रात में ही भद्रा समाप्त हो जाएगी, इसलिए 28 अगस्त को पूरे दिन रक्षाबंधन एवं धार्मिक कार्यों के लिए भद्रा दोष नहीं रहेगा।
सावन पूर्णि 2026: पूजा विधि
स्नान व दान : इस दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने तथा दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सत्यनारायण कथा : पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
चंद्र देव की पूजा : रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
Delhi Master Plan 2047: देश की राजधानी दिल्ली के भविष्य को एक नई दिशा देने के लिए दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य और बिजली मंत्री मनोहर लाल ने इस महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान का अनावरण किया। इस मास्टर प्लान में मौजूदा निर्मित क्षेत्रों (ब्राउनफील्ड) के पुनर्विकास और नए क्षेत्रों (ग्रीनफील्ड) के विकास के लिए दो अलग-अलग योजना दृष्टिकोण अपनाए गए हैं। आइए जानते हैं दिल्ली मास्टर प्लान 2047 की वो 18 बड़ी बातें जो राजधानी की पूरी तस्वीर बदल कर रख देंगी।
1- 40 लाख से अधिक नए किफायती घर
भविष्य में सबके लिए घर हो, ये सपना दिल्ली मास्टर प्लान 2027 में देखा गया है। इसके लिए 40 लाख से अधिक नए किफायती मकान बनाए जाएंगे। इसके तहत ग्रुप हाउसिंग और डीडीए कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए न्यूनतम क्षेत्र की आवश्यकता को 40000 वर्ग मीटर से घटाकर 3000 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इससे करीब 7 लाख एक्स्ट्रा मकान बनेंगे। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन यानी मेट्रो कॉरिडोर के किनारे लगभग 18 लाख किफायती मकान बनेंगे।
झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर के निवासियों के लिए इन-सिटू यानी वहीं पर पुनर्विकास के जरिए 17 लाख से अधिक लोगों को सम्मानजनक घर दिए जाएंगे। 5000 वर्ग मीटर या उससे बड़े औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के आवास के लिए 15% अतिरिक्त FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) मिलेगा। हाई डेंसिटी कॉरिडोर के पास भी किफायती घर बनेंगे। छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, प्रवासी मजदूरों और कम आय वाले समूहों के लिए किराये के मकानों को बढ़ावा देने के लिए 50% FAR प्रोत्साहन दिया जाएगा।
2- लैंड पूलिंग नीति से 200 वर्ग किमी में नया शहरी विस्तार
दिल्ली में लैंड पूलिंग नीति के तहत करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नया सुनियोजित शहरी विस्तार होगा। इससे करीब 12 लाख नए घर बनेंगे। इसमें 600 किमी लंबा सड़कों का नेटवर्क बनेगा। डीडीए खुद पहले ही 30 मीटर या उससे चौड़ी सड़कें बनाएगा। जमीन जुटाकर कम से कम 20 हेक्टेयर की योजनाओं के जरिए तेजी से विकास किया जाएगा। यूईआर-II के किनारे 250 मीटर चौड़े कॉरिडोर में 400 तक FAR के साथ हाई-डेंसिटी विकास होगा। गढ़ी खसरो और इब्राहिमपुर गांव का सेक्टर 8B पहला अधिसूचित सेक्टर बन गया है जो लागू होने के लिए तैयार है।
3 – व्यापारिक और वाणिज्यिक स्थलों का कायाकल्प
व्यापारिक केंद्रों का पुनर्विकास अब न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर के भूखंड पर प्रोत्साहन FAR के साथ करने की अनुमति होगी। इससे जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा 30 मीटर या उससे चौड़ी सड़कों पर मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट के तहत ग्राउंड फ्लोर और स्टिल्ट वाले भवनों के पहले निचले फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी।
4- उद्योगों को बढ़ावा और आधुनिक सुविधाएं
औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक पार्क तैयार किए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े रिटेल स्टोर, ई-कॉमर्स, वेयरहाउसिंग, को-वर्किंग स्पेस और डेटा सेंटर खोलने की अनुमति दी जाएगी ताकि नए स्टार्टअप और इनोवेशन को सपोर्ट मिल सके।
5- दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
दिल्ली की करीब 1500 धरोहरों और ऐतिहासिक संपत्तियों के संरक्षण के लिए कल्चरल रिसोर्स मैनेजमेंट प्लान बनाया जाएगा। ऐतिहासिक चरित्र को बनाए रखते हुए इन इमारतों का उपयोग होटल, म्यूजियम, ऑफिस, लाइब्रेरी और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए करने की सुविधा मिलेगी। पहली बार हेरिटेज इंसेंटिव के तहत 50 TDR की व्यवस्था शुरू की गई है।
6- यमुना नदी का पुनरुद्धार और ग्रीन-ब्लू दिल्ली
यमुना नदी के करीब 1700 हेक्टेयर में फैले बाढ़ के मैदानों (फ्लडप्लेन्स) के संरक्षण और पारिस्थितिक सुधार के लिए 13 बड़ी परियोजनाएं चलाई जाएंगी। इसके साथ ही यमुना के किनारे 52 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा।
7- नरेला बनेगा एजुकेशन हब
नरेला को वर्ल्ड क्लास एजुकेशन हब के रूप में बदला जाएगा। इसके लिए 138 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है, जहां सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज विकसित की जाएंगी।
8- द्वारका बनेगा नया इंटरनेशनल इन्वेस्ट-हब
द्वारका को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आईटी, स्टार्टअप्स, डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल पार्क जैसे भविष्य के उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
9- बेहतर और आसान परिवहन व्यवस्था
यूनिफाइड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए ‘यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी’ बनाई जाएगी। मेट्रो, आरआरटीएस, बसों और पैदल चलने वालों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब बनेंगे। अंतर-राज्यीय और शहर के भीतर आवाजाही आसान करने के लिए UER-I, UER-II और UER-III का विस्तार होगा। इसके साथ ही पार्किंग की एकीकृत योजना और प्रबंधन के लिए नया फ्रेमवर्क लागू होगा।
10- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सरल नियम
व्यापार और जीवन को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन मंजूरी और सरल प्रक्रियाएं लागू की जाएंगी। नियमों को बेहद आसान बनाते हुए उपयोग की श्रेणियों को 133 से घटाकर सिर्फ 45 कर दिया गया है। इसके अलावा आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नेगेटिव लिस्ट दृष्टिकोण लागू किया गया है, जिससे अधिक लचीलापन मिलेगा।
11- आसान पुनर्विकास रणनीति
प्लॉट-आधारित पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए 4 हेक्टेयर जमीन की न्यूनतम आवश्यकता की शर्त हटा दी गई है। कम से कम 1000 वर्ग मीटर के भूखंडों पर उच्च FAR इंसेंटिव देकर कमर्शियल रिडेवलपमेंट को प्रोत्साहित किया जाएगा।
12- 1511 अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण
1511 अनधिकृत कॉलोनियों में बने आवासीय भवनों को ‘जैसा है जहां है’ के आधार पर नियमित किया जाएगा। इसके लिए किसी लेआउट प्लान की जरूरत नहीं होगी। इस प्रक्रिया के सरल होने से लगभग 45 लाख निवासियों को उनके मकानों का मालिकाना हक और सुरक्षा मिलेगी।
13- 24×7 जीवंत और सुरक्षित शहर
दिल्ली को सभी के लिए समावेशी, सुरक्षित और 24 घंटे (24×7) जीवंत शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विशेष कल्चरल सर्किट बनाए जाएंगे।
14- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नेट जीरो डेवलपमेंट
यमुना को साफ रखने और जल गुणवत्ता सुधारने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क का विस्तार होगा। ऊर्जा-कुशल इमारतों और कम कार्बन वाली शहरी योजना के जरिए नेट जीरो विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। छतों पर सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर रीसाइक्लिंग और कचरे से संसाधन बनाने की पहलों को लागू किया जाएगा।
15- टेक्नोलॉजी से संचालित प्रशासन
पारदर्शी, कुशल और डेटा-आधारित शहरी नियोजन के लिए जीआईएस आधारित प्लानिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
16- पार्क कनेक्टर्स और ग्रीन कवर का विस्तार
रीक्रिएशनल स्पेस तक लोगों के आसानी से जाने और यहां हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन कनेक्ट नेटवर्क तैयार होगा। अर्बन फॉरेस्ट (शहरी जंगल), बायोडायवर्सिटी पार्क और इकोलॉजिकल कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली के हरित क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।
17- मुख्य प्रशासनिक क्षेत्र का विकास
राजधानी के प्रशासनिक और औपचारिक केंद्र को मजबूत किया जाएगा। कर्तव्य पथ का पुनरुद्धार कर उसे विश्वस्तरीय सार्वजनिक व सांस्कृतिक स्थल बनाया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 1.25 लाख वर्ग मीटर में युगे युगीन राष्ट्रीय संग्रहालय बनाया जाएगा।
18- लो डेंसिटी वाले क्षेत्रों का नियोजित विकास
दिल्ली के सीमावर्ती गांवों और 23 अधिसूचित गांवों के करीब 150 वर्ग किलोमीटर के लो-डेंसिटी एरिया में सड़कों की कनेक्टिविटी के साथ आवासीय, मनोरंजक, जन-सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने वाला एक समान ढांचा लागू किया जाएगा।
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Stocks to Watch 21 August: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 21 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। कॉर्पोरेट नतीजों, बड़े ऑर्डर्स, लीडरशिप बदलाव और ब्लॉक डील्स के चलते कई दिग्गज शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे।
हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त के ट्रेडिंग सेशन के दौरान इन 13 प्रमुख शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी:
1- मणिपाल हेल्थ (Manipal Health Enterprises)
मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिर साल-दर-साल आधार पर 7.7% घटकर 231 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 250 करोड़ रुपये था। वैसे कंपनी का रेवेन्यू 38.1% बढ़कर 3091 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA 25.6% बढ़कर 736.5 करोड़ रुपये रहा जबकि EBITDA मार्जिन घटकर 23.8% रह गई। ये पिछले साल 26.2 फीसदी थी।
2- सात्विक ग्रीन एनर्जी (Saatvik Green Energy)
सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज को एक घरेलू स्वतंत्र बिजली उत्पादक/EPC प्लेयर से सोलर पीवी मॉडल्स की सप्लाई के लिए 190 करोड़ रुपये का कॉमर्शियल ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर को मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।
3- केआईएमएस (KIMS – Krishna Institute of Medical Sciences)
कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने हैदराबाद के गचीबोवली में 250 बिस्तरों वाले अरेते अस्पताल के विशेष संचालन और प्रबंधन (O&M) के लिए औरेविया हॉस्पिटल्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह शुरुआती समझौता 5 साल के लिए है, जिसे आगे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। केआईएमएस को अस्पताल के नेट रेवेन्यू का 9% शुल्क के रूप में मिलेगा।
4- रेलटेल (RailTel Corporation of India)
नवरत्न पीएसयू रेलटेल को वेस्टर्न कोलफील्ड्स से 164.79 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर एमपीएलएस वीपीएन नेटवर्क स्थापित करना है। इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करना है।
5- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors PV)
कंपनी ने जानकारी दी है कि भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुजरात के साणंद प्लांट और आसपास के सप्लायर फैसिलिटीज में आई मुश्किलें खत्म हो गई हैं और कामकाज चालू हो गया है। कंपनी का अनुमान है कि इस प्राकृतिक आपदा से 35-40 करोड़ रुपये का नॉन मैटेरियरल नुकसान हुआ है, जबकि बीमा दावा 30 करोड़ रुपये से कम रहने की उम्मीद है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे उत्पादन, संचालन या वित्तीय स्थिति पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ा है।
6- लेमन ट्री होटल्स (Lemon Tree Hotels)
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की इस प्रमुख कंपनी ने गुजरात के भरूच में नया होटल खोलकर अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है। ये गुजराज में कंपनी का 12वां एक्टिव होटल है। कंपनी के 20 और होटल पाइपलाइन में हैं। नए होटल का प्रबंधन कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कार्नेशन होटल्स करेगी।
7- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
NCLT की बेंगलुरु पीठ ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और साइएंट (Cyient) के 50:50 हिस्सेदारी वाले डॉरमेंट जॉइंट वेंचर इन्फोटेक एचएएल लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया है। इसके लिक्विडेशन की प्रक्रिया मार्च 2024 में शुरू हुई थी और इस वेंचर के क्लोजर होने की वजह से एचएएल के रक्षा कार्यक्रमों या बैलेंस शीट पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
8- टॉरेंट पावर (Torrent Power)
टॉरेंट पावर के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सौरभ मशरूवाला ने 20 अगस्त 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 21 अगस्त 2026 से विकास पोद्दार को नया सीएफओ नियुक्त किया है।
9- रैलिस इंडिया (Rallis India)
कंपनी ने बताया है कि उसके सीएफओ भास्कर स्वामीनाथन टाटा समूह की दूसरी कंपनी में शामिल होने के लिए 4 नवंबर 2026 से अपने पद से इस्तीफा देंगे। कंपनी उसी तारीख से श्रीधर राधाकृष्णन को नया सीएफओ नियुक्त करेगी।
10- एफएमसीजी शेयर (Adani Wilmar, Patanjali, Marico, Agro Tech)
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा उपभोक्ताओं को खुला खाद्य तेल न खरीदने की सलाह देने के बाद अडानी विल्मर, पतंजलि फूड्स, मैरिको और एग्रो टेक फूड्स के शेयर फोकस में रहेंगे। एफडीए ने मिलावट सहित दूसरे उल्लंघनों को देखते हुए खाद्य तेल क्षेत्र के लिए कंप्लायंस ऑर्डर भी जारी किया है।
11- निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस (Niva Bupa Health Insurance)
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने बताया है कि बीमा नियामक IRDAI ने FY25 के लिए लागू एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट (EoM) सीमाओं का उल्लंघन करने के लिए उसे चेतावनी दी है। इसके साथ ही 19 अगस्त 2026 से 6 महीने की अवधि के लिए कंपनी के नए व्यावसायिक स्थान खोलने पर रोक लगा दी है।
12- अमागी मीडिया लैब्स (Amagi Media Labs)
क्लाउड-आधारित SaaS कंपनी अमागी मीडिया लैब्स के शेयर फोकस में रहेंगे क्योंकि कंपनी ने गुरुवार को 600 करोड़ रुपये का ब्लॉक डील लॉन्च किया है। यह डील कंपनी की कुल इक्विटी का 5% रिप्रेजेंट करती है।
13- केफिन टेक्नोलॉजीज (KFin Technologies)
केफिन टेक में एक बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली, जहां जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने 925 रुपये प्रति शेयर के औसत मूल्य पर 1400 करोड़ रुपये में 1.51 करोड़ शेयर (8.8% हिस्सेदारी) बेचे। इस डील में इंवेस्को म्यूचुअल फंड ने 400 करोड़ रुपये में 2.5% हिस्सेदारी खरीदी, जबकि मिराए एसेट MF (1.5%), कोटक महिंद्रा MF (1.2%) और एचएसबीसी MF (1%) ने भी खरीदारी की।
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यह लॉन्च BMW की X1 रेंज को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है, जो उन खरीदारों के लिए है जिन्हें बड़ी SUV में अपग्रेड किए बिना ज्यादा जगह चाहिए। X1 LWB में BMW का जाना-पहचाना डिजाइन ही है, लेकिन इसकी लंबी बॉडी की वजह से दूसरी लाइन में ज्यादा जगह मिलती है। उम्मीद है कि लॉन्च के समय BMW इसकी फाइनल कीमत, वैरिएंट्स और भारत-स्पेसिफिक फीचर्स के बारे में जानकारी देगी।
अगर आप नई लग्जरी और प्रीमियम कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आर्टिकल आपको जरूरी पढ़नी चाहिए। दरअसल, BMW X1 LWB कल भारत में लॉन्च होने वाली है। इसमें ग्राहक को 108mm ज्यादा लंबा व्हीलबेस मिलेगा, जो स्टैंडर्ड SUV के मुकाबले पिछली सीट पर ज़्यादा स्पेस देता है। फिलहाल, कंपनी ने बुकिंग शुरू कर दी है और लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन को भारत में ही असेंबल किया जाएगा। बता दें कि यह लॉन्च BMW की X1 रेंज को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है, जो उन खरीदारों के लिए है जिन्हें बड़ी SUV में अपग्रेड किए बिना ज्यादा जगह चाहिए।
X1 LWB में BMW का जाना-पहचाना डिजाइन ही है, लेकिन इसकी लंबी बॉडी की वजह से दूसरी लाइन में ज्यादा जगह मिलती है। उम्मीद है कि लॉन्च के समय BMW इसकी फाइनल कीमत, वेरिएंट्स और भारत-स्पेसिफिक फीचर्स के बारे में जानकारी देगी।
X1 LWB में क्या बदलाव हैं?
BMW X1 LWB में सबसे बड़ा बदलाव इसके व्हीलबेस को लेकर किया गया है। नए मॉडल का व्हीलबेस 2,800mm है, जबकि स्टैंडर्ड X1 में यह 2,692mm है। यानी दोनों पहियों के बीच की दूरी 108mm बढ़ाई गई है। इस अतिरिक्त लंबाई का सबसे बड़ा फायदा पीछे बैठने वाले यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि दूसरी रो में पहले के मुकाबले ज्यादा जगह मिलेगी।
डिजाइन की बात करें तो BMW ने X1 LWB को पूरी तरह से नया लुक नहीं दिया है। इसका बेसिक डिजाइन स्टैंडर्ड X1 जैसा ही रखा गया है, हालांकि लंबी बॉडी की वजह से इसका लुक थोड़ा अलग हो गया है। अगर आप कार में अक्सर पीछे की सीट पर परिवार के बड़े सदस्यों या तीन लोगों को बैठाते हैं, तो X1 LWB में बढ़ा हुआ व्हीलबेस और ज्यादा स्पेस आपके लिए सिर्फ डिजाइन में बदलाव से कहीं ज्यादा काम का साबित हो सकता है।
इस SUV को पूरी तरह बनी-बनाई यूनिट के तौर पर भारत लाने के बजाय BMW ग्रुप के चेन्नई प्लांट में असेंबल किया जाएगा। BMW ने कल होने वाले लॉन्च से पहले ही इसकी बुकिंग शुरू कर दी है।
उम्मीद किए जा रहे फीचर्स और केबिन
X1 LWB का केबिन और इक्विपमेंट काफी हद तक स्टैंडर्ड X1 जैसे ही हैं। इसमें BMW का कर्व्ड डिस्प्ले, वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और पार्किंग असिस्टेंस जैसे फीचर्स शामिल हैं। साथ ही, इसमें हरमन कार्डन ऑडियो सिस्टम और पैनोरमिक ग्लास रूफ भी दी गई है।
रोजाना इस्तेमाल के लिहाज से इसका ज्यादा लंबा व्हीलबेस सबसे अहम है। नई स्क्रीन या ट्रिम ऑप्शन के उलट, पीछे की सीट पर बैठने वालों को मिलने वाला ज्यादा लेगरूम ऐसी चीज है, जिसे पैसेंजर्स हर सफर में महसूस करेंगे।
इंजन और अनुमानित कीमत
X1 LWB में स्टैंडर्ड X1 वाला 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जिसके साथ 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स होगा। भारत में अभी बिक रही X1 का पेट्रोल इंजन 134 bhp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देता है।
BMW इंडिया 21 अगस्त को X1 LWB की भारत में कीमत का खुलासा करेगी। खरीदारों के लिए मुख्य सवाल यह होगा कि क्या पिछली सीट पर ज्यादा जगह और उम्मीद के मुताबिक फीचर्स की वजह से स्टैंडर्ड X1 के बजाय LWB वर्शन को चुनना सही रहेगा।
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विशाखापत्तनम के एक प्राइवेट स्कूल में 6 साल के बच्चे की मौत से हड़कंप मच गया है। परिवार का आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर टीचर ने उसे पीटा था। बच्चे की पहचान प्रणय तेजा के तौर पर हुई है।
बताया जा रहा है कि ‘वन टाउन’ इलाके में मौजूद ‘लिटिल गार्डन स्कूल’ में क्लास के दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई। बाद में उसे किंग जॉर्ज हॉस्पिटल (KGH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का आरोप है कि टीचर ने उसकी डंटे से पीटाई की थी, जिसके बाद वह गिर पड़ा था।
फिलहाल, पुलिस और रेवेन्यू अधिकारी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि पोस्टमार्टम से मौत की सही मेडिकल वजह का पता चल जाएगा।
मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के सदस्य और रिश्तेदार अस्पताल में जमा हुए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिवार के मुताबिक, प्रणय गुरुवार सुबह घर से निकला था और बिल्कुल ठीक-ठाक लग रहा था। उसके पिता ने बताया कि बच्चे ने ही उस दिन स्कूल जाने की जिद की थी।
बच्चे के पिता ने दी जानकारी
पिता ने दुखद घटना से पहले की बातें बताते हुए कहा, “सुबह करीब 8:00 बजे मेरा बेटा उठा और उसने कहा कि वह स्कूल जाना चाहता है। उसने स्कूल जाने की जिद की।”
परिवार ने शुरू में उसे तुरंत नहीं भेजा, लेकिन परीक्षा पास होने की वजह से वे आखिरकार मान गए।
पिता ने कहा, “हमने सोचा, ‘ठीक है, परीक्षाएं जल्द ही होने वाली हैं, तो उसे जाने देते हैं।’ उसने कहा, ‘ठीक है डैड, मैं जा रहा हूं,’ और स्कूल चला गया।”
स्कूल जाते समय बच्चा ठीक था
परिवार ने बताया कि जब बच्चा घर से निकला था, तो उसमें कोई असामान्य बात नहीं दिखी थी। लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें परेशान करने वाली खबर मिली।
पिता ने बताया कि दोपहर के समय उन्हें एक फोन कॉल आया जिसमें बताया गया कि उनके बेटे के साथ कुछ हुआ है, हालांकि यह कॉल सीधे स्कूल से नहीं आया था।
उन्होंने कहा, “स्कूल से किसी ने मुझे फोन नहीं किया। मेरे जीजाजी के घर के पास काम करने वाले स्थानीय रसोइयों ने फोन करके मुझे जानकारी दी।”
जब बच्चे को किंग जॉर्ज अस्पताल ले जाया गया, तो परिवार को बताया गया कि उसकी मौत हो चुकी है।
CCTV से खुला राज
पिता ने बताया कि बाद में परिवार ने स्कूल के अंदर हुई घटना के बारे में जानकारी मांगी और उन्हें CCTV फुटेज दिखाया गया, जिसमें उनके अनुसार टीचर बच्चे को मारती हुई दिख रही थी।
पिता ने आरोप लगाया, “जब हमने स्कूल में CCTV फुटेज देखी, तो पता चला कि टीचर ने उसे डराया था। उन्होंने उसे डंडे से मारा और सदमे व डर के कारण वह वहीं गिर पड़ा।”
उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्टर ने परिवार को जानकारी दी थी कि अस्पताल पहुंचने से कुछ समय पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी।
उन्होंने कहा, “डॉक्टर ने हमें बताया कि अस्पताल पहुंचने से आधे घंटे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।”
NDTV को मिली CCTV फुटेज में टीचर बच्चे को मारती हुई दिख रही हैं। कुछ ही पल बाद, बच्चा गिर पड़ता है।
पिता ने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया कि स्कूल जाने से पहले उनका बेटा बीमार था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बेटे को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या थी, तो उन्होंने कहा, “कोई समस्या नहीं थी। वह कल रात खुशी-खुशी खेल रहा था और आज सुबह ठीक-ठाक उठा था। उसे कोई वायरल बुखार या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या नहीं थी।”
परिवार का आरोप है कि बच्चे के साथ मारपीट की यह कोई अकेली घटना नहीं थी। उनका दावा है कि स्कूल में दूसरे बच्चों के साथ भी मारपीट की गई है। परिवार ने कहा कि अगर ये आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर (RDO) दिलीप चक्रवर्ती भी अस्पताल पहुंचे।
RDO ने कहा, “मुझे इस घटना के बारे में पता चला कि स्कूल से 6 साल के एक बच्चे को मृत अवस्था में KGH लाया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभाग घटना के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा कर रहा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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अपनी जीवनभर की कमाई और संपत्ति को बच्चों के नाम ट्रांसफर करना हर माता-पिता का एक बड़ा फैसला होता है। अक्सर विरासत या वसीयत से जुड़े फैसले माता-पिता के न रहने के बाद ही परिवार में चर्चा का विषय बनते हैं। लेकिन ऐसे में अक्सर प्रॉपर्टी को लेकर इसके दावेदारों, भाई-बहनों में विवाद और मतभेद पैदा होते भी हम देखते हैं। ऐसे में यह सवाल बहुत जरूरी हो जाता है कि क्या बच्चों को संपत्ति वसीयत के जरिए देनी चाहिए या अपने जीवनकाल में ही गिफ्ट (कर देनी चाहिए?
कानूनी और फाइनेंस एक्सपर्ट के मुताबिक अपने जीवनकाल में ही सरप्लस प्रॉपर्टी को गिफ्ट कर देना एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है। इससे माता-पिता अपने जीवनकाल में ही अपने इरादों को स्पष्ट कर सकते हैं, बच्चों की आशंकाओं को दूर कर सकते हैं और किसी भी मतभेद को समय रहते सुलझा सकते हैं।
…लेकिन सबसे पहले अपनी फाइनेंशियल सिक्यॉरिटी सुनिश्चित करें
अपने जीवनकाल में बच्चों को प्रॉपर्टी या धन गिफ्ट करने की योजना बनाते समय वरिष्ठ नागरिकों को सबसे पहले ये बुनियादी बात समझनी चाहिए कि देने से ज्यादा जरूरी उनके लिए ये सवाल है कि वो खुद के लिए कितना बचाकर रखें। एक्सपर्ट्स की साफ राय है कि माता-पिता को सबसे पहले अपना जीवनस्तर बनाए रखने, नियमित खर्चों को पूरा करने,भविष्य के स्वास्थ्य और इलाज संबंधी जरूरतों के लिए पर्याप्त फंड और प्रॉपर्टी अलग रख लेनी चाहिए। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ होने वाले अचानक के खर्चों और इमर्जेंसी के लिए एक बफर रखना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए ताकि संपत्ति गिफ्ट करने के बाद उन्हें फाइनेंशियली अपने बच्चों पर निर्भर न होना पड़े।
दिल्ली हाई कोर्ट की वकील विनीता सेजवाल का कहना है कि लाइफटाइम गिफ्टिंग प्लान की नींव गिफ्ट देने वाले के अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने पर टिकी होती है। वरिष्ठ नागरिकों को अपने जीवनस्तर को बनाए रखने,नियमित खर्चों को पूरा करने और भविष्य की चिकित्सीय व स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए पर्याप्त धनराशि अलग रखनी चाहिए। साथ ही अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए पर्याप्त रिजर्व भी रखना चाहिए।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके लिए कोई तय मानक फॉर्मूला नहीं हो सकता। यह कैलकुलेशन वरिष्ठ नागरिक की आय, कुल संपत्ति, उनकी देनदारियों और वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करती है। सिर्फ वही संपत्ति या धन बच्चों को गिफ्ट करने के लिए माना जाना चाहिए जो इन सभी जरूरतों को पूरा करने के बाद वास्तव में सरप्लस हो।
जीवनकाल में गिफ्ट देने से उत्तराधिकार क्यों आसान हो जाता है?
अपने जीवनकाल में संपत्ति ट्रांसफर करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि माता-पिता अपनी उपस्थिति में ही अपने फैसलों की वजह बता सकते हैं। यह बात तब और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है जब बच्चों को अलग-अलग मूल्य या अलग-अलग प्रकार की संपत्तियां दी जा रही हों।
दिल्ली हाई कोर्ट की वकील गुडीपति गायत्री कश्यप के मुताबिक,’मौत के बाद पूरी संपत्ति को बंटवारे के लिए छोड़ने की तुलना में जीवनकाल में गिफ्ट देना उत्तराधिकार का एक बहुत अधिक प्रभावी तरीका हो सकता है। यह माता-पिता को अपने इरादों को स्पष्ट करने, बच्चों के बीच की चिंताओं को दूर करने और अपनी मौजूदगी में मतभेदों को सुलझाने का मौका देता है।”
अक्सर माता-पिता के निधन के बाद विवाद सिर्फ कानूनी हक तक सीमित नहीं रहते बल्कि इस बात पर भी बहस होती है कि माता-पिता की सेवा किसने ज्यादा की, उन्हें किसने पैसा ज्यादा दिया, या किसी एक बच्चे को ज्यादा तरजीह दी गई या नहीं। इसीलिए ट्रांसपेरेंसी बहुत जरूरी है। अगर माता-पिता असमान रूप से गिफ्ट दे रहे हैं तो उन्हें इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही यह गिफ्टिंग प्लान वसीयत सहित अन्य व्यापक उत्तराधिकार योजनाओं से मेल खाता होना चाहिए।
कैश, शेयर्स या प्रॉपर्टी: क्या गिफ्ट करना ज्यादा बेहतर?
जीवनकाल में संपत्ति देने के लिए कोई एक एसेट क्लास सबसे बेहतर नहीं कहा जा सकता। यह फैसला लिक्विडिटी की जरूरत, टैक्स के नियमों और इस बात पर निर्भर करता है कि क्या वरिष्ठ नागरिक को खुद उस संपत्ति से आय या व्यक्तिगत उपयोग की जरूरत है या नहीं। कैश ट्रांसफर करने में सबसे आसान है और जिसे मिलता है उसे तुरंत लिक्विडिटी मिल जाती है। लिस्टेड शेयर्स और म्यूचुअल फंड को भी ट्रांसफर करना और इनके डॉक्युमंट्स तैयार करना आसान होता है। प्रॉपर्टी, जमीन और सोना की बात करें तो अगर आपका उद्देश्य ऐसी संपत्तियों को पास ऑन करना है जिनका मूल्य समय के साथ बढ़ता है तो इन्हें चुना जा सकता है।
हालांकि, अचल संपत्ति मामले में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि यह लिक्विड नहीं होती और न ही इसे आसानी से बांटा जा सकता है। इसके अलावा अचल संपत्ति के ट्रांसफर में वैल्युएशन, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का खर्च आता है।
गांधी लॉ एसोसिएट्स के पार्टनर राहिल पटेल कहते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को अपने जीवनकाल में धन या संपत्ति तभी ट्रांसफर करनी चाहिए जब वे अपने अपेक्षित रहने के खर्चों, स्वास्थ्य सेवा, आपात स्थितियों और दीर्घायु जोखिमों को आराम से पूरा करने के लिए पर्याप्त संपत्तियों को सुरक्षित कर लें। प्राथमिकता वित्तीय स्वतंत्रता होनी चाहिए, न कि संपत्ति देने के बाद बच्चों पर निर्भर हो जाना।
सही कानूनी डॉक्युमेंटेशन है बेहद जरूरी
जीवनकाल में दिए जाने वाले किसी भी गिफ्ट को महज एक अनौपचारिक पारिवारिक समझ नहीं मानना चाहिए। खासकर जब बड़ी संपत्ति शामिल हो, तो उसका सही डॉक्युमेंटेशन होना जरूरी है। राहिल पटेल के अनुसार, अचल संपत्ति (मकान, जमीन आदि) के मामले में एक रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड की जरूरत होती है। इसके लिए राज्य के नियमों के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क देना पड़ सकता है।
दस्तावेजीकरण तब और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है जब बच्चों के बीच संपत्ति का असमान रूप से बांटी जा रही हो। सही लिखापढ़ी न होने पर भविष्य में जबरदस्ती संपत्ति लेने, दबाव डालकर प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराने जैसे आरोप लग सकते हैं और मामला विवादित हो सकता है।
जीवनकाल में संपत्ति गिफ्ट करने का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी सारी धन-दौलत बांट दें। इसका सही उद्देश्य यह है कि जब माता-पिता खुद वित्तीय रूप से सुरक्षित हों और अपने इरादों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में सक्षम हों तब वे अपनी सरप्लस प्रॉपर्टी को प्लान बनाकर ट्रांसफर कर दें। जरूरत के हिसाब से फाइनेंशियल रिजर्व, ट्रांसपेरेंसी और सही लीगल डॉक्यूमेंटेशन के साथ किया गया ट्रांसफर अगली पीढ़ी को बिना किसी पारिवारिक कलह के प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का एक सुरक्षित रास्ता बनाता है।
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Don 3 Row: ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के बाहर होने को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को एक्टर के पिता जगजीत सिंह भवनानी ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) से मुलाकात की। खबरों के मुताबिक, सिंह के पिता ने इस विवाद में फरहान अख्तर की कंपनी ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ के 45 करोड़ रुपये के दावे के खिलाफ एसोसिएशन में एक अर्जी दी है।
‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि सिंह के पिता ने अर्जी दाखिल कर दी है, इसलिए IMPPA की लीगल टीम दस्तावेजों की जांच करेगी और फिर ऐसा समाधान निकालेगी जो दोनों पक्षों के लिए उचित हो। IMPPA के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने भी पुष्टि की कि मीटिंग ‘अच्छी तरह’ से हुई और कहा कि एसोसिएशन रणवीर की अपील की समीक्षा करने के बाद ही अगला कदम उठाएगी।
‘डॉन 3’ का क्या हुआ?
फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली ‘डॉन 3’ का ऐलान अगस्त 2023 में किया गया था। रणवीर सिंह को वह मशहूर रोल निभाना था जिसे पहले शाहरुख खान ने निभाया था। इस ऐलान के साथ एक प्रोमोशनल वीडियो भी जारी किया गया था जिसमें रणवीर को नए डॉन के तौर पर दिखाया गया था।
हालांकि, ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद रणवीर इस प्रोजेक्ट से हट गए। कई ऑनलाइन रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकर्स के साथ क्रिएटिव मतभेदों के कारण सिंह ने फिल्म छोड़ दी। कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि रणवीर प्रोडक्शन में बार-बार हो रही देरी और फाइनल स्क्रिप्ट तैयार न होने से खुश नहीं थे।
शुरू में जो कास्टिंग में एक आम बदलाव लग रहा था, वह बाद में कानूनी मामला बन गया। अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 45 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग की और फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने एक्टर के खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी किया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों (Gold Prices) में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। जून की शुरुआत के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4500 डॉलर प्रति औंस के पार बना हुआ है। COMEX गोल्ड 19 अगस्त को $4,571.80 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार को इसमें मामूली 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह $4,542.90 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।
घरेलू बाजार की बात करें तो शुक्रवार (14:58 IST) को घरेलू MCX पर सोने की हाजिर कीमत करीब 156571 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। वहीं 5 अक्टूबर के कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 158729 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार (19 अगस्त) को पीएम फिक्सिंग (PM Fixing) में LBMA स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,460.70 प्रति औंस दर्ज की गई थी।
अमेरिकी खजाने के एक फैसले से क्यों आई तेजी?
सोने की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे यूएस ट्रेजरी का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिल गया।
अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम से 10-वर्षीय और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड गिरकर क्रमशः 4.64 प्रतिशत और 5.18 प्रतिशत पर आ गई। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में डॉलर में 0.76 फीसदी की गिरावट आई, जिससे सोने जैसे डॉलर डॉमिनेटेड असेट्स की डिमांड को मजबूत समर्थन मिला। बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के मुताबिक जैसे ही यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ बिना ब्याज वाले एसेट यानी सोने के लिए माहौल अच्छा हो गया। बाजार ने इसे दीर्घकालिक ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी को रोकने और बॉन्ड मार्केट के लंबे सिरे पर लिक्विडिटी में सुधार के प्रयास के रूप में देखा। इसके बाद यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ, जिसने सोने के लिए एक बहुत ही अनुकूल स्थिति बनाई।
सिर्फ ट्रेजरी का फैसला नहीं, ये फैक्टर भी दे रहे सहारा
हालांकि, सोने में आई इस तेजी के पीछे सिर्फ अमेरिकी ट्रेजरी का ऐलान ही एकमात्र कारण नहीं है। वीटी मार्केट्स के मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, ट्रेजरी का ऐलान एक दिन की तेजी को एक्सप्लेन तो करता है, लेकिन सिर्फ यही एक फैक्टर नहीं है। रुचित ठाकुर के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी रुख और मौद्रिक नीति को लेकर जताई जा रही उम्मीदें, लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिरल अनिश्चितताएं और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही मांग जैसे फैक्टर भी इसे सपोर्ट कर रहे हैं।
क्या निवेशकों को इस भाव पर खरीदना चाहिए सोना?
सोने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद नए और पुराने निवेशकों के लिए विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। वीटी मार्केट्स के रुचित ठाकुर का सुझाव है कि ऊंचे स्तरों पर तेजी का पीछा करना निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जो लोग पहले से सोने में निवेश कर चुके हैं, वो अपनी होल्डिंग को बनाए रखने पर विचार कर सकते हैं।
नए निवेशकों को एक बार में बड़ा दांव लगाने या तेज उछाल के तुरंत बाद अग्रेसिव इन्वेस्टमेंट करने की बजाय कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।
आगे क्या ट्रैक करें?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की आगे की चाल तय करने के लिए निवेशकों को आने वाले दिनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व के संकेतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीक नजर रखनी होगी।
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