चार किरदार, एक अनोखी ‘वाइब’ और ढेर सारे सवाल, ‘वाइब’ का नया पोस्टर किया जारी, कल रिलीज होगा टीजर

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने आज अपनी आने वाली थिएटर फिल्म ‘वाइब’ का टीजर पोस्टर जारी किया है। यह पोस्टर कुणाल खेमू की इस हाई-स्टेक्स एक्शन कॉमेडी की एक और झलक दिखाता है और साथ ही कई सवाल भी खड़े करता है कि आखिर इस अनोखी चौकड़ी के साथ क्या होने वाला है।

नए पोस्टर में प्रीति जिंटा एक दमदार बॉस-लेडी अवतार में नजर आ रही हैं, वहीं इसके बिल्कुल उलट कुणाल खेमू, स्पर्श श्रीवास्तव और वंशिका धीर काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। इससे इशारा मिल रहा है कि आखिर वे जिस मुसीबत में फंसे हैं, वह पूरी तरह से उनके हाथ से निकल चुकी है।

‘वाइब’ की कहानी दो ऐसे जिगरी दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी सीधी-सादी जिंदगी अचानक एक अनजान और हाई-एनर्जी एडवेंचर में बदल जाती है। यह सफर उनकी जान बचाने की काबिलियत और उनकी दोस्ती, दोनों की कड़ी परीक्षा लेता है।

कुणाल खेमू ने फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है। ‘वाइब’ को कुणाल खेमू और चिराग निहलानी ने ड्रोंगो फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म में कुणाल खेमू के साथ प्रीति जी जिंटा, स्पर्श श्रीवास्तव और डेब्यू कर रहीं वंशिका धीर लीड रोल में हैं। कल टीजर रिलीज होने वाला है और इसके साथ ही फिल्म दर्शकों को एक हाई-एनर्जी एडवेंचर पर ले जाने के लिए तैयार है। अमेजन एमजीएम स्टूडियोज की फिल्म ‘वाइब’ 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज के बारे में

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज एक प्रमुख एंटरटेनमेंट कंपनी है, जो फिल्मों और टीवी कंटेंट के निर्माण और दुनियाभर में डिस्ट्रीब्यूशन पर फोकस करती है। इसकी ओरिजिनल सीरीज प्राइम वीडियो पर रिलीज होती हैं, जिसे दुनियाभर के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में सैकड़ों तरह के कंपैटिबल डिवाइस पर देखा जा सकता है। अमेजन एमजीएम स्टूडियोज थिएटर रिलीज और खास तौर पर प्राइम वीडियो के लिए ओरिजिनल फिल्मों का निर्माण और अधिग्रहण भी करता है। इसके अलावा, अमेजन एमजीएम स्टूडियोज प्रीमियम पे टेलीविजन नेटवर्क एमजीएम+ के लिए भी कंटेंट तैयार करता है।

ड्रोंगो फिल्म्स के बारे में

ड्रोंगो फिल्म्स एक प्रोडक्शन बैनर है, जिसे एक्टर-डायरेक्टर-राइटर कुणाल खेमू और प्रोड्यूसर चिराग निहलानी ने मिलकर शुरू किया है। यह दोनों की ईमानदार और दिलचस्प कहानियां पेश करने के जुनून से बना है। क्रिएटिविटी और बिजनेस के बीच संतुलन बनाने के विजन के साथ यह कंपनी ऐसी कहानियों को सपोर्ट करने पर फोकस करती है, जो असली, दिलचस्प और सोच-समझकर तैयार की गई हों। क्रिएटिविटी के साथ-साथ मजबूत और साफ तरीके से काम करने पर फोकस करते हुए ड्रोंगो फिल्म्स ऐसी नई और दिल को छू लेने वाली कहानियों को पर्दे पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में अपनी छाप छोड़ें।

Amrit Bharat Express: अहमदाबाद-भागलपुर ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ जल्द शुरू होगी, जानें- रूट, स्टॉपेज और पूरा टाइम टेबल

Amrit Bharat Express: गुजरात और बिहार के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी गुड न्यूज है। भारतीय रेलवे जल्द ही अहमदाबाद-भागलपुर नई अमृत भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा शुरू करने जा रहा है। इस ट्रेन के शुरू होने से गुजरात के प्रमुख औद्योगिक शहर अहमदाबाद और बिहार के महत्वपूर्ण कारोबारी केंद्र भागलपुर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भागलपुर को अपनी रेशम उद्योग की पहचान के कारण ‘सिल्क सिटी ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे ने मौजूदा 09447/09448 अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन को नियमित करने का फैसला किया है। इसे अब 19423/19424 अहमदाबाद-भागलपुर-अहमदाबाद विकली अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे के इस फैसले से गुजरात और बिहार के बीच सफर करने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

21 अगस्त से शुरू होगी टिकट बुकिंग

इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग 21 अगस्त से शुरू होगी। टिकट रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के साथ-साथ IRCTC की वेबसाइट के माध्यम से भी बुक किए जा सकेंगे। ट्रेन सप्ताह में एक दिन अहमदाबाद से भागलपुर और एक दिन भागलपुर से अहमदाबाद के लिए चलेगी।

अहमदाबाद से भागलपुर का पूरा शेड्यूल

ट्रेन नंबर 19423 अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा 26 अगस्त से शुरू होगी। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ट्रेन की परिचालन गति करीब 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी।

अहमदाबाद से रवाना होने का टाइम: हर बुधवार शाम 6:30 बजे

भागलपुर पहुंचने का समय: शुक्रवार सुबह 6:40 बजे

कुल यात्रा समय: करीब 36 घंटे 10 मिनट

भागलपुर से अहमदाबाद वापसी का समय

वापसी में ट्रेन नंबर 19424 भागलपुर-अहमदाबाद अमृत भारत एक्सप्रेस भागलपुर से हर शुक्रवार शाम 4:45 बजे रवाना होगी। इसकी नियमित सेवा 28 अगस्त से शुरू होगी। ट्रेन रविवार सुबह करीब 5:25 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। यानी भागलपुर से अहमदाबाद पहुंचने में लगभग 36 घंटे 40 मिनट का समय लगेगा।

किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन?

अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों और रेलवे जंक्शनों से होकर गुजरेगी। इस रूट के जरिए गुजरात और बिहार के अलावा रास्ते में पड़ने वाले कई बड़े शहरों और महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों को भी सीधा रेल संपर्क मिलेगा।

इसके प्रमुख स्टॉपेज इस प्रकार हैं:-

अहमदाबाद-आनंद -छायापुरी-गोधरा- दाहोद-रतलाम -कोटा – सवाई माधोपुर – गंगापुर सिटी – आगरा – टूंडला -गोविंदपुरी – प्रयागराज – पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन – बक्सर -आरा – दानापुर -पटना -मोकामा – किऊल- जमालपुर – सुल्तानगंज -भागलपुर।

ट्रेन में होंगे कई तरह के कोच

अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की जरूरत के अनुसार जनरल, बिना रिजर्वेशन वाला कोच और स्लीपर क्लास के कोच उपलब्ध होंगे। इससे अलग-अलग बजट में यात्रा करने वाले यात्रियों को विकल्प मिल सकेंगे।

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गुजरात-बिहार के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

अहमदाबाद और भागलपुर के बीच सीधी साप्ताहिक ट्रेन शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। गुजरात में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वी भारत से जुड़े लोग काम और कारोबार के लिए रहते हैं। वहीं, बिहार से गुजरात आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगी।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर के पार, भारत के इंपोर्ट बिल में आ सकता है बड़ा उछाल

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर 20 अगस्त को क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 94 डॉलर को पार कर गई। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी 87 डॉलर के पार हो गया। क्रूड में उछाल का असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला।

ट्रंप के आक्रामक रुख से मध्यपूर्व में संकट गहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ ऐसे सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जो अब तक किसी देश के खिलाफ नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने ईरान की आर्थिक रूप से मदद करने वाले देशों को भी चेताया है। इधर, ईरान पर ट्रंप के रुख का कोई असर नहीं पड़ा है। इससे मध्यपूर्व में स्थिति गंभीर हो गई है।

लगातार चौथे दिन क्रूड ऑयल की कीमतो में उछाल

ट्रंप के ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाने से लगातार चौथे दिन क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी रही। भारतीय समय के मुताबिक, शाम 5 बजे ब्रेंट क्रूड का भाव 2.63 फीसदी के उछाल के साथ 94.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 फीसदी उछाल के साथ 86.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

सीजफायर के बाद क्रूड ऑयल में आई थी नरमी

इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया था। एक समय ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। जून में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के ऐलान से क्रूड में गिरावट आई थी। लेकिन, युद्धविराम की अवधि बीत जाने के बाद फिर से क्रूड में तेजी दिख रही है।

भारत 85 फीसदी क्रूड की जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है

क्रूड की कीमतों में उछाल भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। भारत अपनी जरूरत के करीब 85 फीसदी क्रूड का इंपोर्ट करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। इसका सीधा असर भारत के व्यापार घाटा पर पड़ता है। डॉलर के मुकाबले तेज गिराव के बाद रुपये में स्थिरता दिख रही है। लेकिन, अगर क्रूड की कीमतें लंबे समय तक हाई लेवल पर बनी रहती हैं तो फिर से रुपये पर दबाव दिख सकता है।

अप्रैल-जुलाई के बीच इंपोर्ट बिल में 56 फीसदी उछाल

अप्रैल-जुलाई के बीच भारत का क्रूड इंपोर्ट बिल 56.5 फीसदी बढ़कर 63.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, वॉल्यूम में ज्यादा बदलाव नहीं आया। इसका मतलब है कि क्रूड की कीमतों में उछाल इंपोर्ट बिल बढ़ने का मुख्य कारण है। इस साल अप्रैल-जुलाई में भारत ने 8.19 करोड़ टुन क्रूड का आयात किया। एक साल पहले की समान अवधि में 8.15 करोड़ टन क्रूड का आयात हुआ था।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 4 बार बढ़ा चुकी हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

भारत सालाना 1.8-2 अरब बैरल क्रूड ऑयल का इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतों में प्रति बैरल 1 डॉलर के इजाफा से देश का इंपोर्ट बिल एक साल में 2 अरब डॉलर तक बढ़ जाता है। जून में अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर से पहले क्रूड की कीमतों में उछाल की वजह से भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाई थीं। इसका सीधा असर लोगों के बजट पर पड़ा। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों सहित दूसरी चीजें भी महंगी हुईं।

Samsung Galaxy इवेंट की डेट कन्फर्म, इस दिन Galaxy S26 FE होगा लॉन्च, जानें फीचर्स

दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी Samsung ने Galaxy S26 FE को लॉन्च करने के लिए ‘Galaxy Event’ की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह इवेंट 27 अगस्त, 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए वर्चुअल इवेंट भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार शाम 5:30 बजे शुरू होगा और इसे YouTube पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

Samsung की आधिकारिक घोषणा में कहा गया है, ’27 अगस्त को सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ‘Galaxy Event August 2026′ आयोजित करेगा, जिसमें Galaxy S26 परिवार में सबसे नया स्मार्टफोन पेश किया जाएगा। इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने लिए सबसे जरूरी चीजों को महत्व देते हैं। इसमें कैमरा से लेकर AI तक के मुख्य Galaxy S26 अनुभव और लेटेस्ट One UI शामिल हैं।’

इस इवेंट की एक बड़ी खासियत Samsung Galaxy S26 FE का लॉन्च हो सकता है। ऐसी भी चर्चा है कि कंपनी Galaxy Tab S12 को भी बाजार में उतार सकती है। इसी सिलसिले में, आइए जानते हैं Samsung के आने वाले इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स, कैमरा और दूसरे खास फीचर्स के बारे में।

Samsung Galaxy S26 FE: कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। इसमें OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा, 12MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 8MP का टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है।

सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 12MP का Sony IMX825 सेंसर मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, ये जानकारी फिलहाल सामने आई रिपोर्ट्स और लीक्स पर आधारित है।

Samsung Galaxy S26 FE में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.7-इंच का FHD+ डिस्प्ले हो सकता है। वहीं, इस डिवाइस में Samsung Exynos 2500 प्रोसेसर के साथ 12GB RAM और बेस वेरिएंट में 256GB इंटरनल स्टोरेज मिल सकता है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह फोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होगा, जिसमें ऊपर One UI 9 स्किन होगी। अफवाहों के अनुसार, इस फोन में 4,900mAh की बैटरी होगी, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

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लाइसेंस राज की छुट्टी! सरकार बदलने जा रही है कारोबार के लाइसेंस का पूरा सिस्टम, 15 साल तक बढ़ा सकती है वैलिडिटी

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार इस फाइनेंशियल ईयर में लाइसेंस से जुड़ी शर्तों में बड़े बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत,कई तरह के परमिट की वैलिडिटी को 15 साल तक बढ़ाया जा सकता है। कारोबारियों पर नियमों का पालन करने का बोझ कम हो सकेगा। बताते चलें कि अभी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के किसी बिजनेस को प्रोजेक्ट के पूरे समय में केंद्र,राज्य और स्थानीय निकायों से कम से कम 60 लाइसेंस की जरूरत होती है। इनमें केंद्र-स्तर की कई मंज़ूरियां भी शामिल हैं,जैसे पर्यावरण से जुड़ी मंज़री और फ़ूड सेफ्टी लाइसेंस। इन्हें समय-समय पर रिन्यू भी करवाना पड़ता है।

नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) के लाइसेंस को अभी हर 1 से 5 साल में रिन्यू करवाने की जरूरत होती है। सुधार की इस प्रक्रिया में पर्यावरण,ड्रग रेग्युलेशन,विस्फोटक और ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) जैसे इंडस्ट्री पर असर डालने वाले कई क्षेत्र शामिल हैं।

वार्षिक लाइसेंस शुल्क का भुगतान

इस सुधार को नॉन-फाइनेंशियल रेगुलेटरी रिफॉर्म्स पर बनी एक हाई-लेवल कमिटी आगे बढ़ा रही है। इसके हेड नीति आयोग के सदस्य और पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा हैं। इस कमिटी का गठन अगस्त 2025 में किया गया था। इसका मसद नियमों का पालन करने के बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार के रेगुलेशन, सर्टिफिकेशन,लाइसेंस और परमिशन की समीक्षा करना था।

इन सुधारों के तहत अब लाइसेंस की वैधता और फीस के भुगतान के नियम अलग-अलग होंगे। सूत्रों के मुताबिक कारोबारियों को तय फीस हर साल देनी होगी,लेकिन जब लाइसेंस 10 या 15 साल के लिए मान्य होगा तो उन्हें रिन्यूअल के लिए बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि कारोबारियों को सालाना फीस तो देनी होगी लेकिन उन्हें रिन्यूअल से जुड़े बार-बार होने वाले कागजी काम और प्रक्रियाओं से छुटकारा मिल जाएगा।

अभी अलग-अलग इंडस्ट्री को उनकी जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग लाइसेंस लेने होते हैं। इस पर सरकारी सूत्रों का कहना है कि अलग-अलग लाइसेंस को एक ही लाइसेंस में मिलाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। कारोबारियों को अभी भी अलग-अलग लाइसेंस जरूरी लाइसेंस लेने होंगे। इस कवायद का मकसद सिर्फ नियमों को आसान बनाना और अनुपालन का बोझ कम करना है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस

यह कोशिश भारत में ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस(कारोबार करने में आसानी)को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का ही एक हिस्सा है। वर्ल्ड बैंक के ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142वीं थी जो 2020 में सुधरकर 63वीं हो गई। डेटा की विश्वसनीयता को लेकर चिंताओं के कारण इस इंडेक्स को बंद करने से पहले यह इसका आखिरी एडिशन था। अब भारत इस साल के आखिर में वर्ल्ड बैंक के नए बिज़नेस रेडी(B-READY) असेसमेंट में शामिल होगा।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 21 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का तगड़ा डिविडेंड, 1 सितंबर है रिकॉर्ड डेट

प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थकेयर लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शेयरहोल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसकी घोषणा मई महीने में की गई थी। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 सितंबर 2026 है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

इससे पहले P&G Hygiene and Health Care वित्त वर्ष 2026 के लिए 170 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम और 25 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी ने 110 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 65 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड, ग्लोबल कंपनी ‘द प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी’ की सब्सिडियरी है। इसके ब्रांड्स में पैंपर्स, व्हिस्पर, एरियल, टाइड, जिलेट इंडिया, हेड एंड शोल्डर्स, पैंटीन, ओरल बी, विक्स, ओल्ड स्पाइस जैसे ब्रांड शामिल हैं।

P&G Hygiene and Health Care का शेयर एक साल में 38 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर में 20 अगस्त को मामूली तेजी रही। BSE पर शेयर 8255.80 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 26800 करोड़ रुपये के करीब है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.64 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 38 प्रतिशत और 6 महीनों में 28 प्रतिशत नीचे आया है। 2 साल में कीमत आधी हो चुकी है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 14,493.15 रुपये और एडजस्टेड लो 8,230 रुपये है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Hygiene and Health Care का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 891.46 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 126.27 करोड़ रुपये और अर्निंग्स प्रति शेयर 38.90 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 4,290.42 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 856.50 करोड़ रुपये और अर्निंग्स प्रति शेयर 263.86 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

P&G Health के डिविडेंड के लिए 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। डिविडेंड पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।

हर एक शेयर पर 2 नए शेयर फ्री, फायदा पाना है तो आज 20 अगस्त को आखिरी मौका; 6 महीनों में कीमत 21% चढ़ी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Balrampur Chini Mills के शेयर में तूफानी तेजी, एक दिन में 19% उछला, जानिए वजह

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 20 अगस्त को रॉकेट बन गए। सिर्फ एक दिन में यह शेयर 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इससे शेयर की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। 25 जनवरी, 2008 के बाद पहली बार यह शेयर एक दिन में इतना ज्यादा चढ़ा है। शेयर में तेजी की वजह सरकार का एक फैसला है।

चीनी के स्टॉक को लेकर सरकार का नया आदेश

सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट के बारे में बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने नए ऑर्डर में कहा है कि चीनी के ऐसे डीलर जिनकी बिक्री हर महीने 10 टन से ज्यादा है, वे 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार ने यह कदम चीनी की कीमतों में आई बड़ी तेजी के बाद उठाया है।

इस साल 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा आदेश

सरकार का मकसद चीनी की सप्लाई बढ़ाना और इसकी कीमतों में तेजी पर लगाम लगाना है। स्टॉक लिमिट को लेकर यह नया आदेश 1 सितंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। सरकार ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रख यह कदम उठाया है। देश में अक्तूबर से बड़े त्योहारों का मौसम शुरीू हो जाता है। इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है।

एक महीने में 10 फीसदी उछली हैं चीनी की कीमतें

चीनी के स्टॉक की यह लिमिट सिर्फ डीलर्स और ट्रेडर्स के लिए है। यह चीनी मिलों पर लागू नहीं होगी। बीते एक महीने में चीनी की कीमतें करीब 10 फीसदी उछली हैं। 18 अगस्त को एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई। एक साल पहले यह 3,900 रुपये थी।

बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 19.55 फीसदी उछला

बलरामपुर चीनी मिल्स चीनी बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका शेयर 20 अगस्त को 19.55 फीसदी चढ़कर 778 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 77.50 फीसदी चढ़ा है। 20 अगस्त को चीनी बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल आया। श्री रेणुका शुगर्स का शेयर 7.8 फीसदी चढ़कर 26.13 रुपये पर बंद हुआ।

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इन चीनी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल

20 अगस्त को बजाज हिंदुस्तान शुगर का शेयर 14.47 फीसदी चढ़कर 23.33 रुपये पर क्लोज हुआ। डालमिया भारत इंडस्ट्रीज का शेयर 6.84 फीसदी के उछाल के साथ 508 रुपये पर बंद हुआ। अवध शुगर एंड एनर्जी का शेयर 9.52 फीसदी चढ़कर 814 रुपये पर क्लोज हुआ। उत्तम शुगर मिल्स का शेयर 11.70 फीसदी के उछाल के साथ 336.22 रुपये पर बंद हुआ। धामपुर शुगर मिल्स का शेयर 7.71 फीसदी चढ़कर 189.76 रुपये पर क्लोज हुआ।

Deepika Padukone: रणबीर कपूर की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ में दिखेगा दीपिका पादुकोण का दमदार रोल?

Deepika Padukone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ 2022 में रिलीज हुई थी और तब से ही फ़ैन्स अयान मुखर्जी की अगली फ़िल्म के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अब यह इंतज़ार खत्म होने वाला है।

पिंकविला के सूत्रों के अनुसार, रणबीर कपूर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग पूरी करने के बाद, जनवरी 2027 तक ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2’ की शूटिंग शुरू कर देंगे। एक सूत्र ने बताया, “रणबीर इस सफ़र को फिर से शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। एक बड़े दोहरे किरदार (डुअल-रोल) वाले चैलेंज में, RK सीक्वल में देव और शिव, दोनों का किरदार निभाएंगे।”

इससे भी बड़ी खबर यह है कि फ़्रैंचाइज़ी की अगली फ़िल्म के लिए पुरानी कास्ट वापस आ रही है और अयान, दीपिका पादुकोण को भी इसमें शामिल करना चाहते हैं। वह अभी दीपिका से ‘अमृता’ का रोल निभाने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। सूत्र ने बताया, “अयान और उनकी टीम को भरोसा है कि वे दीपिका को फ़िल्म में शामिल कर लेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि ‘अमृता’ का रोल निभाने के लिए एक ऐसे एक्टर की ज़रूरत है, जिसमें ज़बरदस्त गंभीरता और प्रभाव हो। बातचीत चल रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि इस बात पर निर्भर करेगी कि समय और शेड्यूल का तालमेल कैसे बैठता है।”

ब्रह्मास्त्र पार्ट वन के बारे में

‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ 9 सितंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट पहली बार एक साथ नज़र आए थे। अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन और मौनी रॉय ने भी अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। शाहरुख खान ने भी फ़िल्म में एक खास भूमिका (कैमियो) निभाई थी। फ़िल्म को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की।

ब्रह्मास्त्र सीक्वल पर अयान मुखर्जी

अप्रैल 2023 में, अयान मुखर्जी ने एक बयान जारी करके ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट टू: देव’ और ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट थ्री’ की रिलीज़ की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि उनकी फ़िल्म का दूसरा पार्ट दिसंबर 2026 में रिलीज़ होगा, जबकि तीसरा और आखिरी पार्ट एक साल बाद, यानी 2027 में सिनेमाघरों में आएगा, लेकिन चीज़ें योजना के मुताबिक नहीं हो पाईं।

फ़िल्ममेकर ने यह भी भरोसा दिलाया कि ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘3’ पहले पार्ट से “बड़े” होंगे और कहा कि वह दोनों फ़िल्में एक साथ बनाएंगे। उनके बयान में कहा गया, “पहले पार्ट को मिले प्यार और फ़ीडबैक को समझने के बाद… मैं दूसरे और तीसरे पार्ट के विज़न को तैयार करने पर ध्यान दे रहा हूँ, और अब मुझे पता है कि ये पहले पार्ट से बड़े और ज़्यादा बड़े पैमाने पर बनने वाले होंगे!”

भारत में CMF Buds Neo लॉन्च, 35dB ANC और 52 घंटे की बैटरी के साथ, जानें कीमत

CMF Buds Neo: अगर आप गाना सुनने के शौकीन हैं, या फिर आप अपने ऑफिस मीटिंग को अटेंड करने के लिए नए ईयरबड्स की तलाश में हैं, जो आपको क्लीन वॉइस के साथ बेहतर साउंड क्वालिटी दे, तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, Nothing के CMF ने गुरुवार को भारत में अपने CMF Buds Neo TWS ईयरबड्स लॉन्च किए हैं। ये ईयरबड्स ₹2,000 से कम कीमत वाले कॉम्पिटिटिव सेगमेंट में एक नया कॉम्पिटिटर बनकर आए हैं। इनमें 12.4mm के डायनामिक ड्राइवर दिए गए हैं और ये बैकग्राउंड नॉइज़ को कम करने के लिए 35dB तक अडैप्टिव एक्टिव नॉइज़ कैंसिलेशन को सपोर्ट करते हैं। कॉलिंग के लिए इस डिवाइस में ‘क्लियर वॉयस टेक्नोलॉजी’ वाले चार माइक्रोफ़ोन भी दिए गए हैं। कीमत से लेकर फीचर्स तक, CMF के इन TWS ईयरबड्स के बारे में आपको जो कुछ भी जानना चाहिए, वह यहां बताया गया है।

भारत में CMF Buds Neo की कीमत

CMF Buds Neo की लॉन्च के समय कीमत ₹1,999 रखी गई है। इच्छुक खरीदार इसे Dark Blue, White, और Black कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं। ये TWS ईयरबड्स 26 अगस्त, 2026 से Flipkart और अन्य ऑथराइज्ड रिटेल आउटलेट्स पर खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे।

CMF Buds Neo के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

CMF Buds Neo में 12.4mm के डायनामिक ड्राइवर दिए गए हैं, जिनमें टाइटेनियम-बेस्ड PET डोम और PEEK + PU सराउंड है। इस डिवाइस में 20Hz-20kHz का फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स, SBC कोडेक्स, AAC, स्टैटिक स्पेशल ऑडियो और छह EQ प्रीसेट (Pop, Electronic, Immersion Boost, Enhance Vocals और Classical) जैसे फीचर्स हैं। इसके अलावा, यूजर्स को EQ प्रोफाइल कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है और वे कंपनी के ऑफिशियल ‘Nothing X’ ऐप के जरिए Bass Enhancement को भी एडजस्ट कर सकते हैं।

कनेक्टिविटी के मामले में, CMF Buds Neo में Bluetooth 6.0 है और यह डिवाइस डुअल-डिवाइस कनेक्शन, Microsoft Swift Pair और Google Fast Pair को सपोर्ट करता है। CMF Buds Neo, Nothing X ऐप के जरिए Android 6.0 और iOS 13 के साथ काम कर सकते हैं। इसके अलावा, गेमिंग के लिए, ये TWS बड्स 120ms लो लेटेंसी मोड को भी सपोर्ट करते हैं।

बैटरी की बात करें तो CMF Buds Neo के हर ईयरबड में 45mAh की बैटरी दी गई है, जबकि इसके चार्जिंग केस में 460mAh की बैटरी मिलती है। कंपनी के मुताबिक, ANC बंद रखने पर ईयरबड्स 11 घंटे तक का प्लेबैक टाइम दे सकते हैं।

वहीं, चार्जिंग केस के साथ इनका कुल बैटरी बैकअप 52 घंटे तक बताया गया है। यानी बार-बार चार्ज करने की चिंता किए बिना इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

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टैक्स बचाते-बचाते कहीं आप तो नहीं कर रहे ये 3 बड़ी गलतियां? समझें स्मार्ट सेविंग का गणित

Smart Financial Planning: अक्सर लोग टैक्स बचाने के लिए ऐसे फाइनेंशियल फैसले ले लेते हैं, जिनका नुकसान उन्हें सालों-साल उठाना पड़ता है। इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख की छूट पाने के चक्कर में ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्लान या गलत जगह पैसा फंसा देते हैं।

अगर आप भी सिर्फ टैक्स की बचत को अपना एकमात्र मकसद मानकर निवेश कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। जानिए वे 3 बड़ी गलतियां जो आपकी वेल्थ को बढ़ाने के बजाय घटा रही हैं।

इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को एक साथ मिलाना

टैक्स बचाने के लिए लोग सबसे पहली गलती यह करते हैं कि वे एंडोमेंट या मनी-बैक पॉलिसी ले लेते हैं। इन पॉलिसियों में मिलने वाला रिटर्न महज 4% से 6% के आसपास होता है, जो महंगाई दर को भी मात नहीं दे पाता।

इसका दूसरा स्मार्ट ऑप्शन ये है कि इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को हमेशा अलग रखें। लाइफ कवर के लिए सिर्फ टर्म इंश्योरेंस लें, जो कम प्रीमियम में भारी-भरकम कवर देता है।

लॉक-इन और रिटर्न का गणित समझे बिना निवेश करना

केवल 80C की लिमिट भरने के लिए टैक्स-सेविंग एफडी (5 साल का लॉक-इन) या ऐसे प्रोडक्ट्स में पैसा लगा देना, जहाँ रिटर्न टैक्स-एडजस्टेड होने के बाद बेहद कम बचता है। इसका कड़वा सच ये है कि बैंक एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, जिससे आपका असल रिटर्न और कम हो जाता है।

अगर आपकी रिस्क क्षमता इजाजत देती है, तो इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम(ELSS) में निवेश करें। इसमें केवल 3 साल का लॉक-इन होता है और लंबे समय में 12% से 15% तक का संभावित रिटर्न मिल सकता है।

इंश्योरेंस कवर को ही वेल्थ क्रिएटर्स समझ लेना

कई लोग गारंटीड रिटर्न वाली पॉलिसियों में यह सोचकर सालों तक प्रीमियम भरते हैं कि उनका पैसा सुरक्षित है और टैक्स भी बच रहा है। 20-25 साल बाद मिलने वाला ₹20 लाख का फंड महंगाई के कारण आज के ₹5-6 लाख के बराबर भी नहीं होगा। यानी आप सुरक्षित रहकर भी अपनी खरीदारी की ताकत खो रहे हैं।

स्मार्ट सेविंग का आसान गणित

टैक्स बचाने और वेल्थ क्रिएट करने के लिए सही एसेट एलोकेशन बेहद जरूरी है। जहां ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्लान 10 से 20 साल के लंबे लॉक-इन के साथ महज 4% से 6% का औसत रिटर्न देते हैं, वहीं ELSS (टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड) सिर्फ 3 साल के सबसे कम लॉक-इन पीरियड में 12% से 15% तक का शानदार अनुमानित रिटर्न और 80C के तहत छूट देता है। इसके अलावा 15 साल की अवधि वाला PPF 7.1% का पूरी तरह टैक्स-फ्री रिटर्न देता है, जबकि सबसे स्मार्ट रणनीति यानी ‘टर्म प्लान + इंडेक्स फंड’ का कॉम्बिनेशन टर्म प्लान पर 80C की छूट के साथ-साथ लॉन्ग टर्म में 12%+ का तगड़ा रिटर्न हासिल करने में मदद करता है।

कैसे करें स्मार्ट शुरुआत?

टैक्स बचाना निवेश की प्रक्रिया का एक छोटा सा हिस्सा होना चाहिए, मुख्य लक्ष्य नहीं। सबसे पहले अपनी उम्र और जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस लें। इसके बाद बचे हुए पैसों को ELSS, PPF या NPS जैसे बेहतर रिटर्न देने वाले साधनों में अपनी रिस्क प्रोफाइल के अनुसार बांटें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।