Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड 4500 डॉलर के करीब, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर गोल्ड पर दिखा है। 19 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड 4,571.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। हालांकि, 20 अगस्त को इसमें थोड़ी नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.95 फीसदी गिरकर 4,475 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सवाल है कि लंबे समय बाद गोल्ड में आई तेजी पर निवेशकों को क्या करना चाहिए?

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड में आई तेजी

गोल्ड में तेजी की वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड गिरकर 4.64 पर आ गई है। 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड घटकर 5.18 फीसदी पर आ गई है। इसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी गोल्ड को सपोर्ट मिला है।

कई देशों के केंद्रीय बैंक खरीद रहे हैं गोल्ड

बोनांजा में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव ने कहा, “बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी सोने के लिए फेवरेबल है। इससे लंबी अवधि के बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।” हालांकि, गोल्ड में तेजी की वजह सिर्फ बॉन्ड यील्ड में नरमी नहीं है। सुरक्षित निवेश के लिए सोने में इनवेस्टमेंट बढ़ा है। दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक भी सोने में खरीदारी कर रहे हैं।

दिल्ली में गोल्ड की कीमतें तीन महीने की ऊंचाई पर 

20 अगस्त को दिल्ली सर्राफा बाजार में गोल्ड में जोरदार तेजी दिखी। यह 4,300 रुपये के उछाल के साथ 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह घरेलू बाजार में सोने का तीन महीने का सबसे हाई लेवल है। चांदी में भी अच्छी खरीदारी से तेजी देखने को मिली।

निवेशकों को फिलहाल क्या करना चाहिए

वीटी मार्केट्स में मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी के गोल्ड के लिए सपोर्टिव रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सोने में तेजी के पीछे भागने में रिस्क है। इनवेस्टर्स सोने में अपना निवेश जारी रख सकते हैं।

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गिरावट पर गोल्ड में खरीदारी की सलाह

उन्होंने कहा कि नए निवेशक सोने में गिरावट के मौके का इस्तेमाल निवेश के लिए कर सकते हैं। कीमतें हाई रहने पर उन्हें निवेश करने से बचने की सलाह है। आगे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ट्रेंड, फेडरल रिजर्व के संकेतों और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

बिना चिल्लाए या सजा दिए इन 8 तरीकों से आप अपने बच्चे के गुस्से को कर सकते हैं कंट्रोल

कोई खिलौना टूट जाता है…, भाई-बहन कोई चीज ले लेते हैं…, स्क्रीन टाइम खत्म हो जाता है…, अचानक, आपका शांत बच्चा गुस्से से भर जाता है। बच्चों को हमेशा यह समझ नहीं आता कि तेज भावनाओं को कैसे संभालें, और यहीं पर माता-पिता उनकी मदद कर सकते हैं। यहां कुछ आसान तरीके दिए गए हैं जिनसे आप बच्चों को बिना चिल्लाए गुस्सा संभालना सिखा सकते हैं।

उन्हें अपनी भावनाओं के बारे में सिखाएं

बच्चों को यह बताने में मुश्किल हो सकती है कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं। उनकी भावनाओं को शब्दों में बताने में मदद करें, जैसे कि “लगता है तुम गुस्से में हो क्योंकि तुम्हारे भाई ने तुम्हारा खिलौना ले लिया।” एक बार जब बच्चे गुस्सा, झुंझलाहट, निराशा और उदासी जैसे शब्द सीख जाते हैं, तो उनके लिए चिल्लाने या मारने-पीटने के बजाय अपनी बात कहना आसान हो सकता है।

उन्हें थोड़ा रुकने के लिए प्रोत्साहित करें

अपने बच्चे को सिखाएं कि गुस्सा आने पर उन्हें तुरंत प्रतिक्रिया देने की ज़रूरत नहीं है। थोड़ा रुकना, थोड़ी देर के लिए दूर हट जाना, चुपचाप बैठना या धीरे-धीरे कुछ सांसें लेना उन्हें प्रतिक्रिया देने से पहले शांत होने का समय दे सकता है। आप उनके शांत होने पर इसका अभ्यास कर सकते हैं ताकि वे इस तकनीक से परिचित हो जाएं।

सांस लेने की आसान एक्सरसाइज़ सिखाएं

सांस लेने की एक्सरसाइज़ को आसान और मज़ेदार बनाएं। अपने बच्चे से कहें कि वह किसी फूल की खुशबू सूंघने और धीरे-धीरे मोमबत्ती बुझाने की कल्पना करे। धीरे-धीरे कुछ बार सांस लेने से बच्चे के गुस्से और उसकी प्रतिक्रिया के बीच थोड़ा समय मिल सकता है।

उन्हें गुस्सा ज़ाहिर करने का सुरक्षित तरीका बताएं

बच्चों को यह पता होना चाहिए कि किसी को चोट पहुँचाए बिना भी गुस्सा ज़ाहिर किया जा सकता है। उन्हें ड्रॉइंग करने, लिखने, जो हुआ उसके बारे में बात करने, तकिया दबाने या कुछ देर शांत रहने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें साफ़ तौर पर बताएँ कि लोगों को मारना, लात मारना, काटना या उन पर चीज़ें फेंकना ठीक नहीं है।

सलाह देने से पहले उनकी बात सुनें

कभी-कभी बच्चे और ज़्यादा परेशान हो जाते हैं जब उन्हें लगता है कि कोई उन्हें समझ नहीं रहा है। जब आपका बच्चा परेशान हो, तो शांति से उसकी बात सुनें और उसकी भावनाओं को समझें: “मैं समझता हूँ कि तुम सच में परेशान हो।” जब वे शांत हो जाएँ, तब आप उनसे बात कर सकते हैं कि क्या हुआ था और अगली बार वे क्या अलग तरह से कर सकते हैं।

दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत राजधानी का बदलेगा पूरा नक्शा, 40 लाख नए फ्लैट और मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार

Delhi Master Plan 2047: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार, 20 अगस्त को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ (MPD-2047) जारी किया। इस प्लान में लगभग 40 लाख नए घर बनाने, दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाने और लगभग 383 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।

खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए एक “ऐतिहासिक दिन” बताया और कहा कि यह प्लान ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है। इसका मकसद दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना और साथ ही इसके विकास को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

फिलहाल, अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। यहां पर करीब 520 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि और 180 वर्ग किलोमीटर रिज व वन क्षेत्र भी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के विकास के साथ इन प्राकृतिक इलाकों को बचाना भी बेहद जरूरी है।

2047 तक बनेंगे करीब 40 लाख नए घर

MPD-2047 में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों (Affordable Housing) पर खास फोकस रहेगा। आबादी बढ़ने और परिवारों के आकार में बदलाव को देखते हुए अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली को करीब 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत होगी।

इस प्लान में दिल्ली के मौजूदा इलाकों को फिर से विकसित (री-डेवलप) करने और ज्यादा घनी आबादी वाले विकास की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा लोगों के लिए घर उपलब्ध हो सकेंगे और शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत के तहत झुग्गी बस्तियों और JJ क्लस्टर्स को उसी इलाके में दोबारा बसाया जाएगा। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों के विकास, नियमितीकरण और पुनर्विकास के लिए भी एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रिहायशी इलाकों में 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत होगी।

695 किमी तक फैलेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क

फिलहाल, दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है। MPD-2047 के तहत इसमें 279 किलोमीटर का और विस्तार करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 695 किलोमीटर हो जाएगा।

इस प्लान में दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत, करनाल और अलवर से जोड़ने वाले लगभग 383 किलोमीटर लंबे RRTS नेटवर्क का भी प्रस्ताव है।

इसके अलावा, दिल्ली के आनंद विहार में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब भी बनाए जाएंगे, जो ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को एक ही जगह पर जोड़ेंगे।

कुल मिलाकर, मास्टर प्लान में बताया गया है कि दिल्ली 2047 तक अपनी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को कैसे पूरा करेगी, साथ ही शहर की खेती की जमीन, रिज और जंगल वाले इलाकों को भी बचाकर रखेगी।

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Monetary Policy : अगर महंगाई ऊंचे स्तर पर रही तो RBI ब्याज दरों में कर सकता है बढ़ोतरी – MPC मेंबर

Monetary Policy : मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के एक्सटर्नर मेंबर सौगत भट्टाचार्य ने कहा है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है तो रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अगला कदम ब्याज दरों में बढ़ोतरी का हो सकता है। हालांकि,उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी फैसला महंगाई के आने वाले आंकड़ों और इस बात पर निर्भर करेगा कि हालिया कीमतों का दबाव और कितना गहरा होता है।

भट्टाचार्य ने कहा कि MPC के महंगाई के अनुमान और पॉलिसी स्टेटमेंट से भविष्य के कदम की दिशा का संकेत पहले ही मिल चुके हैं। उन्होंने कहा,”मुझे लगता है कि अगला कदम क्या होगा, यह साफ़ तौर पर बताया गया था,”साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि “अगले कदम की ज़रूरत कब पड़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि चाहे दबाव खाने-पीने की चीज़ों,ईंधन या कोर कंपोनेंट्स से आ रहा हो, हेडलाइन महंगाई ही MPC का मुख्य लक्ष्य बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 2026-27 में औसत महंगाई दर लगभग 5% रहती है तो महंगाई को काबू में रखने के लिए मौजूदा 5.25% पॉलिसी रेट कुछ ज़्यादा ही अकोमोडेटिव(नरम)हो सकती है। पॉलिसी मेकर ऐसी स्थिति में नहीं पड़ना चाहते जहां वे समय से कदम उठाने में पीछे रह जाएं और बाद में उन्हें ज़्यादा सख्त कदम उठाने पड़ें।

उन्होंनें इस बात की ओर भी इशारा किया कि कंपनियां बढ़ती इनपुट लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं। उन्होंने इसके लिए मज़बूत कॉर्पोरेट मार्जिन और क्रेडिट ग्रोथ का हवाला दिया। अगस्त की पॉलिसी समीक्षा के बाद जारी हालिया महंगाई के आंकड़े इस बात का तसदीक करते हैं कि इनपुट की कीमतों और लागत का असर आउटपुट की कीमतों पर पड़ रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

भट्टाचार्य ने कहा कि वास्तविक ब्याज दरें एक अहम पैमाना तो हैं,लेकिन पॉलिसी के लिए कोई तय बेंचमार्क नहीं हैं। उन्होंने बताया कि ब्याज दर पर फ़ैसला लेने से पहले पॉलिसी बनाने वाले कई आर्थिक पहलुओं पर विचार करते हैं।

सौगत भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि RBI के आकलन में ग्लोबल घटनाओं जैसे US फेडरल रिजर्व और दूसरे बड़े सेंट्रल बैंकों के पॉलिसी फैसलों को भी ध्यान में रखा जाता है। हालांकि,उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की मॉनेटरी पॉलिसी से जुड़े फैसलों में घरेलू महंगाई और ग्रोथ ही मेन फैक्टर बने हुए हैं।

अगली MPC मीटिंग को देखते हुए,भट्टाचार्य ने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले एमपीसी कमिटी महंगाई के आने वाले आंकड़ों पर बारीकी से नज़र रखेगी। अगर महंगाई की रफ़्तार और तेज़ होती है तो ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की ज़रूरत पड़ सकती है। अगर कीमतों का दबाव कम होता है तो RBI के पास पॉलिसी को सख़्त करने से पहले और इंतज़ार करने की गुंजाइश हो सकती है।

पटना से मैक्सिको तक का सफर, बिहार में जन्मे IIT ग्रेजुएट 4 बिजनेस शुरू करने के लिए छोड़ी Uber की नौकरी

बिहार में जन्मे एक एंटरप्रेन्योर की कहानी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। उनकी कहानी उनके जीजाजी ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की है। इस कहानी में IIT दिल्ली से पढ़ाई और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में 10 साल के करियर के बाद मेक्सिको में चार बिजनेस चलाने तक का सफर शामिल है।

पटना के रहने वाले 33 साल के विजीत सुमन ने Uber में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़्रॉड प्रिवेंशन (धोखाधड़ी रोकने) के क्षेत्र में बिजनेस शुरू किए। हाल ही में उनके जीजाजी राहुल राज ने X पर उनकी उपलब्धियों के बारे में पोस्ट किया, जिससे उनका यह अनोखा करियर सफर वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस ओर गया।

IIT दिल्ली से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में 10 साल का सफर

टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर शुरू करने से पहले सुमन ने IIT दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की थी। उन्होंने पेमेंट और फ़्रॉड प्रिवेंशन के क्षेत्र में 10 साल से ज़्यादा समय तक काम किया और कंपनियों को अरबों डॉलर से जुड़े फाइनेंशियल क्राइम से निपटने में मदद की। उनके प्रोफेशनल सफर में ऐसी कंपनियों में काम करना भी शामिल है, जिन्हें बाद में दूसरी कंपनियों ने खरीद लिया था, जैसे Falabella द्वारा Linio और Uber द्वारा Cornershop का अधिग्रहण।

लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में कई साल बिताने के बाद, सुमन ने एक अलग रास्ता चुनने का फ़ैसला किया। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में पहला कदम तब रखा जब वे टेक सेक्टर में काम कर रहे थे।

इसकी शुरुआत मैक्सिको में भारतीय खाने से हुई

2023 में, सुमन और उनके बिज़नेस पार्टनर अर्पित खुराना ने मैक्सिको सिटी में ‘अरोमा करी’ (Aroma Curry) शुरू किया। यह आइडिया विदेश में रहने वाले भारतीयों की एक आम समस्या से आया: घर जैसा स्वाद वाला खाना मिलना। न तो सुमन और न ही खुराना को रेस्टोरेंट चलाने का कोई अनुभव था, लेकिन जल्द ही उनके बिज़नेस को शादियों और दूसरे इवेंट्स में कैटरिंग के लिए रिक्वेस्ट मिलने लगीं।

जो एक रेस्टोरेंट के तौर पर शुरू हुआ था, वह आगे चलकर कई बिज़नेस में से पहला बिज़नेस बन गया। 2024 तक, सुमन ने पूरी तरह से एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान देने के लिए उबर (Uber) छोड़ दिया। वे एक बिज़नेस से चार बिज़नेस तक पहुंचे।

कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने के बाद, सुमन ने मैक्सिको सिटी में ‘संतुलन’ (Santulan) नाम का एक योग स्टूडियो शुरू किया।

शुरुआत में यह स्टूडियो एक छोटा सा वेंचर था, लेकिन जल्द ही कस्टमर्स ने पिलेट्स रिफॉर्मर क्लास की मांग की। बिज़नेस का विस्तार हुआ और सुमन के अनुसार, दो साल के भीतर यह मैक्सिको सिटी के सबसे ज़्यादा रेटिंग वाले स्टूडियो में से एक बन गया। उनकी तीसरी कंपनी एक और समस्या के समाधान के तौर पर शुरू हुई, जिसका सामना उन्हें स्टूडियो चलाते समय करना पड़ा था।

बिज़नेस को मैनेज करने के लिए सही सॉफ़्टवेयर न मिलने पर, सुमन ने अपना खुद का सॉफ़्टवेयर बनाया। बाद में दूसरे स्टूडियो मालिकों ने भी इस सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई, जिससे ‘क्लासियस’ (Klasius) बना – यह स्टूडियो मैनेजमेंट पर केंद्रित एक सॉफ़्टवेयर बिज़नेस है।

अपने चौथे वेंचर के साथ वे उस फील्ड में वापस लौटे जिसे वे सबसे अच्छी तरह जानते थे।

सुमन और उनके तीन दोस्तों ने ‘फोर्टिफाई’ (Fortify) नाम का एक प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया, जो धोखाधड़ी रोकने पर केंद्रित था। एंटरप्रेन्योर के अनुसार, कंपनी अब मेक्सिको की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक के साथ पायलट प्रोग्राम चला रही है। इस तरह सुमन अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ — इंडियन फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़ाइनेंशियल टेक्नोलॉजी — में चार बिज़नेस चला रहे थे।

300 मेहमानों वाली शादी एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई

इस सफ़र के सबसे यादगार पलों में से एक तब आया जब ‘अरोमा करी’ (Aroma Curry) ने 300 से ज़्यादा मेहमानों वाली एक शादी में कैटरिंग की। उस स्तर पर यह टीम का पहला बड़ा इवेंट था। कैटरिंग के इस सफल काम से बिज़नेस का कॉन्फिडेंस काफ़ी बढ़ा, खासकर तब जब मेहमानों ने टीम से कहा कि खाने ने उन्हें दिल्ली की याद दिला दी।

भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर शुरू किए गए बिज़नेस के लिए, लोगों की इस प्रतिक्रिया ने ‘अरोमा करी’ को शुरू करने के मूल मकसद को और मज़बूत किया। फिर उनके जीजाजी ने उनके बारे में पोस्ट किया। जब सुमन के जीजा राहुल राज ने X पर उनकी कहानी शेयर की, तो यह बहुत से लोगों तक पहुंची।

इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे वे IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल से मैक्सिको में कई बिज़नेस चलाने वाले एंटरप्रेन्योर बने। सुमन के अनुसार, इस पोस्ट ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा और इसे 1,00,000 से ज़्यादा बार देखा गया। उन्होंने बताया कि इस अचानक मिली चर्चा की वजह से उन्हें ऐसे लोगों के मैसेज भी मिले जिनसे उन्होंने कॉलेज के बाद से बात नहीं की थी। इस अप्रत्याशित वायरल मोमेंट ने परिवार के एक सदस्य की पोस्ट को उनके अनोखे करियर सफ़र के बारे में एक बड़ी चर्चा में बदल दिया।

Nifty में 7 सत्रों के बाद लौटी तेजी, क्या शेयर बाजारों में यह तेजी जारी रहेगी?

शेयर बाजारों में 20 अगस्त को रौनक लौट आई। निफ्टी में लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई। चौतरफा खरीदारी ने बाजार में जोश भरा। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। इससे क्रूड में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड का भाव 94 डॉलर के पार हो गया है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अच्छी रिकवरी

Nifty कारोबार खत्म होने पर 0.64 फीसदी यानी 153 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.82 फीसदी यानी 628 अंक के उछाल के साथ 77,537 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.45 फीसदी की मजबूती आई। शेयर बाजारों के करीब सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी

सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक और निफ्टी आईटी में आई। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में मुथूट फाइनेंस, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, इटर्नल, श्रीराम फाइनेंस, जिंदल स्टील शामिल रहे। गिरने वाले वाले शेयरों में पीएफसी, आरईसीएल, सीमेंस एनर्जी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंज्यूमर शामिल थे।

बुल और बेयर्स में किसका पलड़ा भारी

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज प्रमुख सूचकांकों में पुलबैक दिखा। निफ्टी 154 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 628 अंक उछला। उन्होंने कहा कि डेली चार्ट्स पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न दिख रहा है। यह बुल और बेयर्स के बीच मामला फंसे होने का संकेत है। इसका मतलब है कि पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि अभी किसका पलड़ा भारी है।

24,100 का लेवल बना रहा तो जारी रह सकती है पुलबैक

उन्होंने कहा कि निफ्टी का 50-डे SMA 24,150 है, जो ट्रेडर्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट लेवल दिख रहा है। जब तक बाजार इस लेवल के ऊपर बना रहेगा, पुलबैक जारी रह सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 24,350-24,500 तक जा सकता है। अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो ट्रेडर्स के लिए तेजी के सौदे काटना ठीक रहेगा।

इंडिया वीआईएक्स 5 फीसदी गिरा

इंडिया वीआईएक्स इस बीच 5.01 फीसदी गिरकर 10.76 पर आ गया। यह 8 जून, 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज से भी नीचे है। इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव कम रहने और स्टैबिलिटी का संकेत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। इससे क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही है। यह बाजार के लिए अच्छा नहीं है।

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तेजी लंबे समय तक जारी रहने पर संदेह

भारतीय बाजारों में तेजी जारी रहने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों का नीचे आना जरूरी है। ऐसा तभी होगा जब अमेरिका-ईरान में डील के लिए बातचीत शुरू होगी। फिलहाल इसके संकेत नहीं दिख रहे है। इसका मतलब है कि 20 अगस्त को बाजार में आई तेजी के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद कम है।

दिल्ली के रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल

Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।

परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।

शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।

CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

इलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।

जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।

बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।

परिवार ने पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।

शिकायतकर्ता के पिता को WhatsApp पर मिला फर्जी नोटिस

मामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।

हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।

परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।

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NICL Assistant Pre Admit Card 2026: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें एनआईसीएल असिस्टेंट प्री परीक्षा का हॉल टिकट, 27 अगस्त को है एग्जाम

NICL Assistant Pre Admit Card 2026: नेशनल इंश्यारेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) में असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत 27 अगस्त को प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। एनआईसीएल ने आज असिस्टेंट प्री परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार एनआईसीएल की आधिकारिक वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी पंजीकरण संख्या, पासवर्ड और कैप्चा कोड को दर्ज करना होगा।

एडमिट कार्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए बेहद अहम दस्तावेज होता हैं। इसमें परीक्षार्थी के विवरण के साथ ही परीक्षा केंद्र का नाम, पता और परीक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां दर्ज होती हैं। इसके बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में दाखिल होने की अनुमति नहीं होती है। एनआईसीएल असिस्टेंट प्री परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को भी हॉल टिकट डाउनलोड करना होगा।

इन स्टेप्स से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

प्रारंभिक परीक्षा का एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। यहां उम्मीदवारों की सहायता के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के निम्नलिखित स्टेप्स बताए गए हैं। उम्मीदवार नीचे बताए गए स्टेप की मदद से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

  • एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in पर जाकर विजिट करें।
  • वेबसाइट के होमपेज पर एडमिट कार्ड सेक्शन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद NICL Assistant Pre Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद लॉगिन डिटेल को दर्ज करें।
  • लॉगिन डिटेल को दर्ज करने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।
  • अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।

इस दिन होगी परीक्षा

एनआईसीएल असिस्टेंट भर्ती 2026 प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 27 अगस्त को किया जाएगा। यह परीक्षा 500 पदों की भर्ती के लिए आयोजित कराई जा रही है। प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों से अंग्रेजी, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड विषय से 100 अंकों के 100 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा एक घंटे के लिए आयोजित कराई जाएगी। इस परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन अक्टूबर माह में किया जाएगा।

सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई जरूरी जानकारी जैसे रोल नंबर, अपना नाम, परीक्षा का नाम, परीक्षा केंद्र, परीक्षा की तिथि एवं समय की जांच ध्यान से कर लें।

परीक्षा केंद्र पर कौन से डॉक्यूमेंट ले जाएं?

परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को NICL असिस्टेंट एडमिट कार्ड 2026 का प्रिंटआउट साथ लेकर जाना होगा। इसके अलावा एक वैध और मूल फोटो पहचान पत्र भी साथ रखना जरूरी है। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि में से मान्य दस्तावेज ले जा सकते हैं।

उम्मीदवारों को सलाह है कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें और उसमें किसी तरह की गलती होने पर संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करें।

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21 अगस्त को मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट! यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में होगी भारी बारिश, देखें- मौसम विभाग की चेतावनी

Weather update for August 21: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस क्षेत्र में मानसूनी प्रणालियों के असर की वजह से जमकर बारिश होगी। इससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा देश के 14 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। उत्तर भारत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी। मध्य भारत के पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना

कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट भी दिया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वज्रपात का अनुमान जताया गया है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूरे मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व व पूर्व-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।