Braj Mohan Ram: ‘ओडिशा में भी BJP को मजबूत करूंगा’; शपथ ग्रहण से पहले नए राज्यपाल के बयान पर बवाल, जानिए कौन हैं बृज मोहन राम

Braj Mohan Ram: ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल और झारखंड से तीन बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रह चुके ब्रज मोहन राम पदभार संभालने से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) नेराम के इस कथित बयान पर निराशा जताई है कि ‘पद संभालने के बाद वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।’ एक और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे BJP का असली चेहरा सामने आ गया है। विपक्षी पार्टियों ने मांग की है कि राम को वापस बुलाया जाए।

BJD ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें राम राज्यपाल का पद संभालने के बाद अपनी आगे की कार्ययोजना के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। BJD ने एक बयान में कहा, “पीटीआई के वीडियो में उनकी बातें सुनकर हमें हैरानी हुई, जिसमें वह फिर से कहते हैं कि वह BJP को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की निंदा करते हैं क्योंकि यह टिप्पणी इस तथ्य को दरकिनार करती है कि राज्यपाल पार्टी की राजनीति से ऊपर होते हैं।”

पूर्व सीएम नवीन पटनायक भड़के

ओडिशा के पूर्व सीएम और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उम्मीद जताई कि वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ओडिशा के लोग पार्टी का काम करने के लिए मनोनीत राज्यपाल के उत्साह को देख रहे हैं। उम्मीद है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें ओडिशा के लोगों की सेवा करने का जोश और शक्ति देंगे, जिससे वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।” उन्होंने पोस्ट में राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग किया।

कांग्रेस का भी बीजेपी पर हमला

इस बीच, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निष्पक्ष रूप से संविधान का पालन करना है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी के चुनावी हितों को आगे बढ़ाना।” उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों को दलीय राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। BJP नेता और तीन बार सांसद रह चुके राम को सोमवार को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राम के बयान पर ओडिशा BJP की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बृज मोहन राम ने क्या कहा?

नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने कहा कि वह गरीबों के लिए काम करेंगे। साथ ही बुनियादी मुद्दों के समाधान पर ध्यान देंगे और लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। राम ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि ओडिशा तरक्की करे और लोगों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान रिपोर्टर ने उनसे काम करने के तरीके को लेकर एक सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, “नहीं नहीं देखेंगे… वहां (ओडिशा) भी क्या स्थिति है तो वहां भी हम जोड़ेंगे। वहां भी मोर्चा का अपना संगठन है। उसको एक्टिव करके आप अपने बीजेपी के पास में वोट कैसे आए इस पर चिंता करेंगे।” उनके इसी बयान पर सियासी बवाल मच गया है।

बाद में दी सफाई

ओडिशा में ‘बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा’ वाले कथित बयान पर गुरुवार (15अक्टूबर ) को सफाई देते हुए नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “नहीं, मैंने ऐसा नहीं कहा। मैंने कहा था कि मैं सबके साथ मिलकर काम करूंगा। अब मैं दलीय राजनीति से ऊपर उठ चुका हूं। लेकिन जिस पार्टी से मैं जुड़ा रहा हूं, वह मेरी पूंजी है। उस पार्टी के लिए मेरे मन में हमेशा लगाव और प्रेम रहेगा। लेकिन मैं किसी खास पार्टी के लिए काम नहीं करूंगा। हम सबके हैं, सब हमारे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं सबके साथ मिलकर इसे निभाऊंगा। शुरुआत में थोड़ा तालमेल बिठाने में समय लगेगा। लेकिन मैं ऐसा कर लूंगा… मैं संवैधानिक पद की मर्यादा के दायरे में रहकर काम करूंगा। एक राजनेता और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बीच फर्क होता है। इसलिए, मुझे इस बात का ध्यान रखते हुए काम करना होगा।”

कौन हैं बृज मोहन राम?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड के पलामू जिला निवासी बृज मोहन राम को 12 अक्टूबर 2026 को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया। वह हरि बाबू कंभमपति की जगह लेंगे, जिन्होंने तीन जनवरी 2025 को पदभार संभाला था। राम ने अविभाजित बिहार में 1996, 1998 और 1999 में तीन बार पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर सेवाएं दीं। ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था।

लातेहार से राज्यपाल का सफर

यह क्षेत्र अब झारखंड के लातेहार जिले में आता है। उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से संबंधित बीएस कॉलेज, लोहरदगा से ग्रेजुएट की पढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका पेशा कृषि बताया जाता है। उनके राजनीतिक जीवन की खास बात यह है कि उन्होंने ऐसे दौर में राजनीति में अपनी पहचान बनाई, जब झारखंड अलग राज्य नहीं बना था। उस समय पलामू और लातेहार जैसे क्षेत्र अविभाजित बिहार का हिस्सा थे।

विधायक से सांसद बनने और फिर लंबे समय तक चुनावी राजनीति से दूर रहने के बाद राज्यपाल पद तक पहुंचना उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है। उनका शुरुआती राजनीतिक जीवन स्थानीय क्षेत्र से जुड़ा रहा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। उस समय बिहार की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व, आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों और BJP के विस्तार का दौर चल रहा था।

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ब्रज मोहन राम ने वर्ष 1991 में अविभाजित बिहार की राजनीति में चुनावी सफलता हासिल की। वह भगवा पार्टी के टिकट पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। फिर 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। राम की राजनीतिक पहचान में सामाजिक प्रतिनिधित्व की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 1996 से 1998 के बीच रांची में वनांचल प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बाद के वर्षों में भी वह BJP के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय करने में अपनी भूमिका का उल्लेख करते रहे। हाल ही में राज्यपाल नियुक्त होने के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे को सक्रिय बनाने में उनका योगदान रहा है।

दशहरा से पहले KDA का तोहफा, कानपुर में 844 प्लॉट की बिक्री शुरू; जानिए रेट और ऑनलाइन आवेदन का प्रोसेस

KDA Scheme 2026: अपना घर बनाने या कारोबार शुरू करने के लिए जमीन खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने नई पहल की है। प्राधिकरण ने शहर की अलग-अलग योजनाओं में खाली पड़े 844 प्लॉट की बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन और ई-ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू की है।

इनमें आवासीय भूखंडों के साथ दुकान, व्यावसायिक परिसर, स्कूल-कॉलेज और दूसरी जरूरतों के लिए जमीन भी शामिल है। खास बात यह है कि एक प्लॉट का क्षेत्रफल 30 वर्गमीटर से शुरू हो रहा है। ऐसे में छोटे बजट में जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोग भी अपने लिए विकल्प तलाश सकते हैं।

कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने बताया कि जवाहरपुरम, शताब्दी नगर, महावीर नगर विस्तार, हाईवे सिटी विस्तार, अर्रा-बिनगवां और अन्य स्थानों पर भूखंड उपलब्ध हैं। इनकी जानकारी प्राधिकरण के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की गई है। इच्छुक आवेदक वेबसाइट पर जाकर भूखंड का क्षेत्रफल, स्थान और निर्धारित कीमत देख सकते हैं। केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि अलग-अलग श्रेणियों के भूखंडों को ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचने की व्यवस्था की गई है।

कीमत 15 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर से शुरू 

केडीए की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 844 भूखंडों में सबसे छोटा प्लॉट 30 वर्गमीटर का है। इसकी कीमत 15 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर से शुरू होती है। वहीं, सबसे बड़े भूखंड का क्षेत्रफल 8,999.61 वर्गमीटर है। इसकी शुरुआती दर 1,39,300 रुपये प्रति वर्गमीटर बताई गई है। भूखंड की जगह, क्षेत्रफल और श्रेणी के अनुसार कीमत अलग-अलग होगी। इसलिए आवेदन करने से पहले लोगों को संबंधित भूखंड की पूरी जानकारी और नियम जरूर देख लेने चाहिए।

महावीर नगर में 125 व्यावसायिक भूखंड

प्राधिकरण की योजनाओं में आवासीय और व्यावसायिक, दोनों तरह के विकल्प रखे गए हैं। न्यू ट्रांसपोर्ट नगर में 220 व्यावसायिक भूखंड, भागीरथी और जान्हवी योजना में 97 व्यावसायिक भूखंड और तात्या टोपे नगर में 21 व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं। रामगंगा इंक्लेव में 20 आवासीय भूखंड, शताब्दी नगर सेक्टर तीन और चार में 42 आवासीय भूखंड तथा महावीर नगर विस्तार पार्ट-दो में 88 आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। महावीर नगर विस्तार में 125 व्यावसायिक भूखंड भी शामिल हैं।

हाईवे सिटी विस्तार और न्यू कानपुर सिटी पर नजर

केडीए सचिव अभय पांडेय के मुताबिक, हाईवे सिटी विस्तार योजना में 96 आवासीय भूखंड खरीदने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके लिए इच्छुक लोगों को प्राधिकरण की वेबसाइट पर आने वाली जानकारी देखते रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा दीपावली पर न्यू कानपुर सिटी योजना लॉन्च करने की तैयारी है।

केडीए की इस पहल से उन लोगों को विकल्प मिलने की उम्मीद है, जो शहर में घर बनाने या अपना कारोबार शुरू करने के लिए जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि, आवेदन की अंतिम तारीख, ई-ऑक्शन की समय-सारिणी और भुगतान की शर्तें संबंधित योजना के आधिकारिक नोटिस से जरूर जांच लें।

रिपोर्ट: अखंड प्रताप सिंह

मध्यप्रदेश में फिलहाल नहीं जुड़ेंगे लाड़ली बहनों के नए नाम, मंत्री निर्मला भूरिया की दो टूक, रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं

मध्यप्रदेश में फिलहाल नहीं जुड़ेंगे लाड़ली बहनों के नए नाम, मंत्री निर्मला भूरिया की दो टूक, रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत नए नाम जोड़ने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। लाड़ली बहनों को लेकर सरकार के दो मंत्री आमने सामने आ गए है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नए नाम जोड़ने के लिए पोर्टल खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
 

मीडिया से बात करते हुए निर्मला भूरिया ने दो टूक शब्दों में कहा  कई बार लाड़ली बहनों को लेकर कई तरह के सवाल  आते है, कई बार कांग्रेस भी उठाती है और कई बार अन्य लोग भी बयाान  देते है लेकिन फिलहाल तत्काल पोर्टल खुल रहा है, ऐसा कुछ है। उन्होंने मंत्री नरेंद्र शिवारजी पटेल के मुख्यमंत्री के निर्देश वाली बात पर कहा कि कई बार मंत्री उस भाषा में बोले देते है।

 

दरअसल बुधवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बयान दिया था कि लाड़ली बहना योजना में छूट गई महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए आने वाले समय में पोर्टल फिर खोला जाएगा। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निकट भविष्य में योजना से छूटी हुई महिलाओं को जोड़ने की बात कही है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना से वंचित रह गई महिलाओं की संख्या का आकलन किया जाए। कितनी महिलाएं योजना का लाभ लेने से छूट गई हैं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए आंतरिक स्तर पर निर्देश दिए गए हैं।

 

वहीं अब इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने साफ कर दिया है अभी ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचार में नहीं है और फिलहाल नए नाम जोड़ने के लिए पोर्टल खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि बहनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार कटिबद्ध है। कई बार लाड़ली बहनों को  लेकर कई तरह के सवाल  आते है, कई बार कांग्रेस भी उठाती है और कई बार अन्य लोग भी बयाान  देते है। महिलाओं के लिए और बहनों के जो कुछ भी हो सकता है, वह सरकार कर रही है। चाहे वह लाड़ली बहना हो या कोई दूसरी योजना हो। सरकार लगातार लाड़ली बहनों के खातों में पैंसा डाल रही है।  वहीं मंत्री निर्मला भूरिया से कहा कि लाड़ली बहनों के लिए एक बड़ी राशि ट्रांसफर की जाती है।

 

गौरतलब है कि पिछले भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से  जब लाडली बहनों को लेकर सवाल किया गया  था उन्होंने  कहा था किउन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद अंदाजा नहीं था कि योजना से सरकार पर इतना भारी आर्थिक भार पड़ेगा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई।

 

कांग्रेस ने सरकार पर कसा तंज- वहीं लाड़ली बहनों को लेकर सरकार के दो मंत्रियों के विरोध बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि लाड़ली बहना का भविष्य खतरे में, सरकार में तालमेल गायब। लाड़ली बहना योजना के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर भाजपा सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सरकार के भीतर तालमेल की कमी उजागर कर रहे हैं। एक मंत्री पोर्टल खुलने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी मंत्री इससे इनकार कर रही हैं। जब सरकार के मंत्रियों को ही योजना के भविष्य की स्पष्ट जानकारी नहीं है, तो प्रदेश की लाखों लाड़ली बहनों का भरोसा कैसे कायम रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनको पूरी स्थिति को साफ करना चाहिए कि लाड़ली बहनों को योजना से जोड़ना है या सिर्फ़ घोषणाओं में उलझाए रखना है।

 

दक्षिण कोरिया के Kospi में लगा सर्किट, चिप शेयरों की बिकवाली पर टूट गया 8%, इस कारण मचा हाहाकार

चिप शेयरों की ताबड़तोड़ बिकवाली ने आज दक्षिण कोरियाई बाजार में ऐसा हाहाकार मचाया कि सर्किट लग गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश का एक अहम इंडिकेटर है और चिप शेयरों की बिकवाली में यह 8% टूट गया। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में 8% से अधिक की गिरावट आई। सिर्फ दक्षिण कोरियाई बाजार ही नहीं बल्कि अधिकतर एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। एशियाई बाजारों में यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट यानी अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली।

एशियाई मार्केट में कैसी है हालत

दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी में 8% की गिरावट आई है तो जापान के बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) में इंट्रा-डे में 4% और टॉपिक्स (TOPIX) में 2% की फिसलन आई। साथ ही MSCI एशिया पैसेफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जिससे इसके जुलाई के बाद के सबसे निचले बंद स्तर की ओर बढ़ने की आशंका बन गई। हालांकि भारतीय मार्केट में बात करें तो आईटी सेक्टर में ताबड़तोड़ खरीदारी के दम पर शानदार रौनक दिखी और घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक उछल पड़े।

इस हाहाकार की क्या है वजह

अमेरिका में सितंबर में महंगाई के अनुमान से अधिक आंकड़ों ने बाजार में इस आशंका को मजबूत कर दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी आई। अमेरिका में पांच महीने में सबसे तेज रफ्तार से महंगाई बढ़ने से इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई ने तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं। तेल की ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में महंगाई का दबाव बना हुआ है।

भारतीय मार्केट में इस कारण छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पाकिस्तान में स्कूल की छत गिरने से 21 की मौत:20 बच्चे और महिला टीचर की जान गई, 40 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें 20 छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम है। यह हादसा दीर कॉलोनी इलाके में हुआ। इसमें 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। उनके इलाज के लिए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। हादसे से जुड़ी 3 फोटोज खबर लगातार अपडेट हो रही है…

दिल्ली इंटरनेट बैन पर सुप्रीम कोर्ट में झुकी सरकार: गृह सचिव गोविंद मोहन ने मांगी बिना शर्त माफी

दिल्ली इंटरनेट बैन पर सुप्रीम कोर्ट में झुकी सरकार: गृह सचिव गोविंद मोहन ने मांगी बिना शर्त माफी

delhi protest

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दिल्ली में पाबंदी लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया। उन्होंने अवमानना नोटिस रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। ALSO READ: CJP फंडिंग विवाद: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के आरोपों पर भड़के अभिजीत दिपके, कहा- ‘भारत के आंतरिक मामलों में दखल का हक किसने दिया?’

 

गृह सचिव ने कहा कि रायसीना हिल्स के 4 किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक, यानी एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करना जरूरी था, ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोका जा सके और शांति बनाए रखी जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के किसी भी निर्देश का जानबूझकर या सोच-समझकर उल्लंघन नहीं किया गया।

 

गृह सचिव ने हलफनामा में क्या कहा?

अवमानना ​​याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के 11 अक्टूबर के नोटिस के जवाब में, मोहन ने अपने चार पन्नों के हलफनामे में कहा कि यह निलंबन केवल सेल्युलर इंटरनेट सेवाओं तक ही सीमित था, और इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड जैसी गैर-सेल्युलर इंटरनेट सेवाएं या दूरसंचार सेवाएं शामिल नहीं थीं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि इंटरनेट सुविधाएं बिना किसी रुकावट के काम करनी चाहिए।

 

बुधवार देर रात दाखिल किए गए हलफनामे में, गृह सचिव ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा सेल्युलर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का अनुरोध स्थिति की गंभीरता और राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने से रोकने की आवश्यकता को देखते हुए, एक उचित कदम पाया गया। 11 अक्टूबर को, दिल्ली पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शनों को विफल किए जाने के एक दिन बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश के कथित उल्लंघन के लिए गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और DMRC अध्यक्ष को अवमानना ​​नोटिस जारी किया था।

 

केंद्र सरकार ने 20 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस के अनुभव का हवाला दिया। हलफनामे के मुताबिक, इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए गए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले का भी हवाला दिया। ALSO READ: CJP फंडिंग विवाद: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के आरोपों पर भड़के अभिजीत दिपके, कहा- ‘भारत के आंतरिक मामलों में दखल का हक किसने दिया?’

 

केंद्र सरकार ने और क्या क्या बताया

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से 11 अक्टूबर 2026 के आदेश में संशोधन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत की परिस्थितियों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने की अनुमति दी जाए, लेकिन यह कार्रवाई कानून और संबंधित वैधानिक सुरक्षा उपायों के सख्त अनुपालन के साथ हो। इंटरनेट बंद करने को लेकर केंद्र ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि रोक केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी। गैर-मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, वाई-फाई और ब्रॉडबैंड पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी।

 

हलफनामे में कहा गया है कि सीमित अवधि और निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं का निलंबन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का मान्य उपाय हो सकता है। हालांकि, यह लागू कानून और वैधानिक सुरक्षा उपायों के अधीन होना चाहिए। गृह सचिव ने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान भी जताया। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट और देश की सभी अदालतों का सर्वोच्च सम्मान करते हैं।

Bond Investment: PB Money पर खरीद सकेंगे बॉन्ड्स, मिल गया SEBI से लाइसेंस

पीबी मनी (PB Money) को मार्केट रेगुलेटर सेबी से ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर (OBPP) के रूप में काम करने का लाइसेंस मिल गया है। यह पैसाबाजार (Paisabazaar) के साथ रणनीतिक साझेदारी वाला एक निवेश प्लेटफॉर्म है। अब इसे ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म का लाइसेंस मिला है तो कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को बॉन्ड में निवेश करने की सुविधा दे सकेगी। बॉन्ड्स फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं, जिसमें उनके टर्म्स के आधार पर ब्याज मिलता है। हालांकि इसमें हर मामले में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है बल्कि कुछ रिस्क भी होते हैं। इसमें निवेशकों को बॉन्ड इश्यू करने वाले यानी इश्यूअर के डिफॉल्ट होने, मार्केट में ब्याज दरों में बदलाव और लिक्विडिटी से जुड़ी चिंताओं जैसे रिस्क हैं।

PB Money को लाइसेंस का क्या है मतलब?

कंपनी ने 14 अक्टूबर को जो बयान जारी किया है, उसके मुताबिक सेबी से लाइसेंस मिलने के बाद पीबी मनी बॉन्ड इंवेस्टमेंट के पूरे प्रोसेस को ऑपरेट कर सकेगी। इससे कंपनी निवेशकों का रजिस्ट्रेशनस केवाईसी वेरिफिकेशन, बॉन्ड डिस्कवरी, ऑर्डर प्लेसमेंट, पेमेंट कोऑर्डिनेशन, और पोस्ट-इंवेस्टमेंट सर्विसिंग ऑफर कर सकेगी। साथ ही निवेशक प्लेटफॉर्म पर यील्ड यानी रिटर्न, क्रेडिट रेटिंग और इंवेस्टमेंट अमाउंट जैसे मानकों के आधार पर बॉन्ड तलाश सकेंगे। इससे उन्हें उपलब्ध विकल्पों की तुलना करने में मदद मिलेगी।

कब से शुरू कर सकेंगे बॉन्ड्स में निवेश

घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टेड पीबी फिनटेक (PB Fintech) की पैसाबाजार के निवेश प्लेटफॉर्म पीबी मनी को बॉन्ड प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिला है। पीबी मनी के डायरेक्टर और पैसाबाजार के सीईओ संतोष अग्रवाल का कहना है कि इस लाइसेंस से बॉन्ड्स में निवेश आसान होगा और खुदरा निवेशकों की फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट्स तक पहुंच बढ़ेगी। कंपनी को यह लाइसेंस ऐसे समय में मिला है जब पीबी मनी डिजिटल माध्यमों से अपने निवेश विकल्पों का विस्तार करने की योजना बना रही है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इस लाइसेंस के तहत प्लेटफॉर्म पर निवेश की सुविधा कब से शुरू होगी, या शुरुआत में कौन-से बॉन्ड उपलब्ध होंगे।

IDBI Bank की 60% हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax, लेकिन डील का इस शेयर पर भी दिखेगा असर

रांची में 150 एकड़ में आकार ले रहा विशाल रिम्स-2, 2800 बेड और सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं से होगा लैस! पढ़ाई और इलाज दोनों मिलेगा

झारखंड की राजस्थानी रांची के नगरी स्थित 150 एकड़ जमीन में रिम्स 2 का निर्माण काफी तेजी से हो रहा है। रिम्स 2 एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा, जिसमें 2800 से अधिक बेड होंगे। इसके निर्माण में 4186 करोड़ की लागत आएगी। रिम्स के पीआरओ राजीव रंजन बताते हैं, इसमें प्रत्येक वर्ष एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन होगा, जिसे 250 यूजी सीटों, 200 पीजी सीटों और 200 सुपर स्पेशलाइजेशन सीटों तक बढ़ाया जा सकेगा।

पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं

राजीव रंजन बताते हैं, राज्य के छात्रों को अब मेडिकल की प्रैक्टिस या पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह मेडिकल कॉलेज प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों और सर्जनों और मेडिकल साइंटिस्टों की शिक्षा, मेडिकल रिसर्च और मरीजों की देखभाल के लिए एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलाजी के इस्तेमाल में लीडरशिप देने का काम करेगी।

एशियन डेवलपमेंट बैंक करेगा सहयोग

रिम्स 2 के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक सहयोग करेगा। निर्माण प्रक्रिया पूरे तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ राज्य सरकार के फंड का इस्तेमाल होगा। पहले चरण में डॉक्टर और छात्रों के रहने के लिए आवास, एकेडमिक बिल्डिंग व मुख्य अस्पताल परिसर का निर्माण होगा।

5 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

इसे बनने में पूरे 5 साल का समय लगने वाला है। जमीन चिन्हित कर और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीसीएल) को सौंपी है, जिसके द्वारा इस संस्थान के डिजाइन तैयार करने व निर्माण सहित पांच वर्ष के इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर आमंत्रित जैसे अहम काम जल्द निपटे जाएंगे।

सारी हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल

राजीव रंजन बताते हैं, अस्पताल पूरा हाईटेक सुविधाओं के साथ लैस होगा। लोगों की सुविधा व सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। खासतौर पर भवन में लिफ्ट्स फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम, न्यूमेटिक वेस्ट और लांड्री कलेक्शन सिस्टम, आटोमेटेड फार्मेसी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, आटोमेटेड वर्टिकल स्टोरेज रिट्रीवल सिस्टम, नर्स कॉल सिस्टम, हैंगर सिस्टम और भी कई सारे सुविधाएं देखने को मिलेगी।

रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट

Ashwin Purnima 2026 Date: शरद पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान होगा अलग-अलग दिन ? जानें वजह और मुहूर्त

Drishyam 3 box office collection day 13: अजय देवगन स्टारर की रफ्तार दूसरे हफ्ते में धीमी पड़ी, बुद्धवार को सबसे कम कमाई दर्ज की गई

Drishyam 3 box office collection day 13: अजय देवगन की क्राइम थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक शानदार शुरुआती हफ्ते के बाद अब धीरे-धीरे धीमी पड़ रही है। फिल्म ने अपने दूसरे बुधवार को 5.25 करोड़ रुपये की कमाई की, जो अब तक की सबसे कम एक दिन की कमाई है। इसके साथ ही फिल्म की कुल घरेलू नेट कमाई 328.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रजनीकांत की ‘जेलर 2’ के सिनेमाघरों में आने के बाद ‘दृश्यम 3’ का तीसरे हफ्ते खेल बिगड़ सकता है।

‘दृश्यम 3’ की कमाई में मिडवीक गिरावट

अजय देवगन के करियर में ‘दृश्यम 3’ को सबसे बड़ी ओपनिंग मिली। ‘दृश्यम द कंक्लूजन’ के लिए एडवांस बुकिंग 27 सितंबर को शुरू हुई थी और रिलीज से पहले ही फिल्म ने 27 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी। पहले दिन के अंत तक, फिल्म ने पूरे भारत में 66.75 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। यह किसी भी हिंदी फिल्म की अब तक की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग है और अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग है। पहले शनिवार को फिल्म ने 53.50 करोड़ रुपये कमाए, और रविवार को इसमें भारी उछाल आया, जिससे फिल्म ने 61 करोड़ रुपये की कमाई की। यह फिल्म की अब तक की एक दिन की सबसे ज्यादा कमाई है।

सोमवार को पहली गिरावट देखने को मिली, जब फिल्म ने 21 करोड़ रुपये कमाए, जो रविवार के आंकड़ों से लगभग 65.6% कम था। मंगलवार को भी यह गिरावट जारी रही, जब ‘दृश्यम 3’ ने 19.50 करोड़ रुपये कमाए और बुधवार को 15.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई। फिल्म का पहला हफ्ता 245.50 करोड़ रुपये की कुल कमाई के साथ समाप्त हुआ। रिलीज के दस दिनों के भीतर ही फिल्म ने 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। ‘सैकनिल्क’ (Sacnilk) के ताजा अपडेट के अनुसार, ‘दृश्यम 3’ ने अपने दूसरे बुधवार को सिनेमाघरों में 5.25 करोड़ रुपये की कमाई की। यह फिल्म की अब तक की सबसे कम एक दिन की कमाई है। इसके साथ ही फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 328.75 करोड़ रुपये हो गया है।

‘दृश्यम 3’ को रजनीकांत की बड़ी फिल्म ‘जेलर 2’ से कड़ी टक्कर मिलेगी। यह फिल्म इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है और बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि यह फिल्म अपनी रिलीज के पहले ही दिन ₹140 करोड़ की शानदार कमाई करेगी। 14 अक्टूबर (बुधवार) की सुबह तक, फिल्म की ओपनिंग वीकेंड के लिए दुनिया भर में एडवांस बुकिंग ₹80 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी थी।

‘दृश्यम 3’ के बारे में

‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत भी होंगे। सौरभ शुक्ला भी दूसरे भाग वाले अपने किरदार में एक कैमियो रोल निभाते नजर आएंगे।

‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ को स्टार स्टूडियो18 और पैनोरमा स्टूडियो का सहयोग प्राप्त है, और अभिषेक पाठक इसके तीसरे भाग का निर्देशन कर रहे हैं। उन्होंने आमिल कीयान खान और परवेज़ शेख के साथ मिलकर इस फिल्म की पटकथा भी लिखी है। आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक इस फिल्म का निर्माण कर रहे हैं।

BS-VII emission norms rollout proposed from April 2029: Report

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Emission

The Ministry of Road Transport and Highways has approved a proposed timeline for Bharat Stage VII (BS-VII) emission norms, with implementation set to begin in April 2029, according to The Economic Times. The proposed rules will be introduced in phases over six years, ending in April 2035, and are aligned with Europe’s Euro 7 standards.