Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Raksha Bandhan 2026: बेटियों की मुस्कान से खिल उठा CM योगी का आवास, स्कूली बच्चियों ने बांधी स्नेह की डोर

Raksha Bandhan 2026: बेटियों की मुस्कान से खिल उठा CM योगी का आवास, स्कूली बच्चियों ने बांधी स्नेह की डोर

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रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री आवास का आंगन बेटियों की चहलकदमी से शुक्रवार को उस समय खिलखिला उठा, जब 'बिटिया और बहना-यूपी का गहना' स्नेह बंधन कार्यक्रम एक अविस्मरणीय आयोजन बन गया। स्कूली बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाई पर स्नेह की डोर बांधकर भरोसे और विश्वास का रिश्ता प्रदर्शित किया तो मुख्यमंत्री ने भी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन का संकल्प दोहराया। 

 

रक्षाबंधन पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री को बच्चियों ने राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह का भाव प्रकट किया। तो सीएम ने भी बच्चियों से आत्मीय संवाद करते हुए उन पर स्नेह बरसाया। उन्हें आशीर्वाद व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान समूचा माहौल भावुकता और अपनत्व से भर गया। संवाद के दौरान भी बच्चियों के चेहरे पर मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह, अपनत्व व विश्वास झलक रहा था।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह श्रद्धा, प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सरकार बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित कर आधी आबादी के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बच्चियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उनकी शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है। बेटियां परिवार ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की शक्ति हैं। उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना और उनके सपनों को पंख देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बच्चियों से खूब मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

 

पवित्र धागे में रहा बहनों का स्नेह और विश्वास

इस अवसर पर बच्चियों ने मुख्यमंत्री को स्नेह की डोर बांधकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बच्चियों को आशीर्वाद व उपहार प्रदान किए। छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद भी किया, जिससे पूरा वातावरण पारिवारिक आत्मीयता से भर उठा। राखी के इस पवित्र धागे में जहां बहनों का स्नेह और विश्वास था, वहीं मुख्यमंत्री की ओर से बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संकल्प का भाव भी दिखाई दिया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का यह रिश्ता सामाजिक संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।

 

विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं रहीं उपस्थित

स्नेह बंधन के इस कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मलिहाबाद, उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर गोसाईगंज, भारत स्काउट एंड गाइड्स, द संस्कृति स्कूल, अटल आवासीय विद्यालय मोहनलालगंज, एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, लखनऊ पब्लिक कॉलेज ए-ब्लॉक राजाजीपुरम समेत अनेक विद्यालयों की छात्राएं मौजूद रहीं। 

 

मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी

अद्रिका, अर्पिता, अंशिका, जाह्नवी, अंकिता, कोमल, आरोही, खुशी, दिव्या, अनायसा, स्तुति, तंजीम फातिमा आदि ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चियों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। फ्रेंड्स ऑफ योगी परिवार की वालंटियर्स ने भी मुख्यमंत्री को राखी भेजकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। 

 

छात्राओं ने किया संवाद, सीएम ने बच्ची को दिया ऑटोग्राफ

मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चियों से संवाद भी किया। शैल कुमारी, अनन्या, समृद्धि वर्मा, आयशा बानो, वैष्णवी पाल, दिव्या, अभिलाषा सिंह, आराध्या, श्रेयसी, सृजा, अग्रिमा, माही, याशिका, अनंशी, सुकैना आदि ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उनसे प्रश्न भी किए। मुख्यमंत्री सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने संस्कृति स्कूल की बच्ची अनायसा भार्गव को ऑटोग्राफ भी दिया। 

 

मुख्यमंत्री ने ली सेल्फी, बच्चियों संग खिंचवाई फोटो

मुख्यमंत्री ने बच्चियों संग सेल्फी भी ली और फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाकर सभी का उत्साह देखते ही बन रहा था। उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर की कक्षा- 8 की छात्रा नंदिनी ने सीएम को अपने हाथ से बनाया रक्षाबंधन बधाई कार्ड भेंट किया। मुख्यमंत्री ने नंदिनी का उत्साहवर्धन भी किया।की हौसलाअफजाई भी की।

UP News: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ी राहत, अब बिना स्मार्ट कार्ड के भी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

UP News: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ी राहत, अब बिना स्मार्ट कार्ड के भी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

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योगी सरकार ने प्रदेश की 60 वर्ष व उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ा उपहार देते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की है। सरकार ने इन महिलाओं के लिए एक और बड़ी राहत यह जोड़ी है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए उन्हें किसी विशेष कार्ड के लिए इंतजार नहीं करना होगा। पात्र महिला यात्री अपनी उम्र प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाकर बस में शुक्रवार (28 अगस्त) से निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। यह व्यवस्था ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा योजना’ के तहत लागू की गई है। 


 

परिवहन निगम के मुताबिक यात्रा के दौरान पात्र महिला को परिचालक को अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा। परिचालक दस्तावेज में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर उम्र का मिलान करेगा और ईटीआईएम मशीन से शून्य मूल्य का टिकट जारी कर देगा। इस टिकट के लिए महिला यात्री से किसी तरह का किराया नहीं लिया जाएगा। टिकट में बस संख्या, यात्रा के प्रारंभिक और गंतव्य स्थान समेत जरूरी जानकारी दर्ज होगी। 

 

साधारण श्रेणी की बसों में मिलेगी सहूलियत

परिवहन निगम ने कहा कि यह निशुल्क यात्रा सुविधा निगम और अनुबंधित दोनों प्रकार की बसों की साधारण श्रेणी में मान्य होगी। प्रत्येक मुफ्त यात्रा के लिए शून्य मूल्य का टिकट जारी करना अनिवार्य होगा, ताकि यात्रा का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से एमआईएस/क्लाउड आधारित डाटा सर्वर पर उपलब्ध रहे। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और यात्रा संबंधी आंकड़ों की निगरानी में मदद मिलेगी। 

 

स्मार्ट कार्ड की प्रक्रिया भी अलग से होगी

परिवहन निगम पात्र लाभार्थियों के लिए स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी अलग से करेगा। हालांकि, मुफ्त यात्रा के लिए तत्काल स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। फिलहाल आधार या वोटर आईडी के जरिए पात्रता साबित कर महिलाएं योजना का लाभ उठा सकती हैं। निगम ने सभी परिचालकों को योजना की पात्रता और दस्तावेजों की प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।  

 

किराया वसूला तो होगी कार्रवाई

निगम के निर्देश के मुताबिक योजना के तहत पात्र महिला यात्री से किराये की मांग या वसूली नहीं की जाएगी। किसी पात्र महिला से गलत तरीके से किराया वसूला गया तो कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारी और डिपो प्रभारी योजना की पादर्शिता के लिए नियमित निगरानी करेंगे।

भारत ने जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम के लिए किया करार,खुलेगा डिफेंस सेक्टर में को-प्रोडक्शन का रास्ता

अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय सेना ने अमेरिका की फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) प्रक्रिया के जरिए अमेरिका में बनी जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए लेटर ऑफ़ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस (LOA) पर साइन किया है। इस बात की जानकारी अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने की। उन्होंने भारत के इस फैसले को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम बताया है।

X पर लिखें अपने एक पोस्ट में गोर ने कहा “बड़ी खबर! भारत युद्ध में परखा हुआ जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है।” उन्होंने इसे “अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम” बताया और कहा कि इस घटना से “संयुक्त उत्पादन (को-प्रोडक्शन)की संभावनाओं के रास्ते खुलते हैं।” गोर ने आगे कहा,”दोनों देशों के बीच सहयोग का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर है!”

अमेरिकी दूतावास ने LOA पर हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अहम कदम “अमेरिका और भारतीय सशस्त्र बलों के बीच मजबूत साझेदारी को दिखाता है और अमेरिका तथा भारत के रक्षा उद्योगों के बीच भविष्य में सहयोग के रास्ते खोलता है।”

अमेरिकी दूतावास ने कहा कि LOA पर हस्ताक्षर होने से आपसी फायदे वाले को-प्रोडक्शन और भारत तथा अमेरिका के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने के मकसद से अन्य मौकों पर बातचीत का रास्ता भी खुलेगा।

LOA पर यह हस्ताक्षर नवंबर 2025 में अमेरिका द्वारा भारत को जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम और एक्सकैलिबर गाइडेड आर्टिलरी म्यूनिशन की प्रस्तावित बिक्री को मंजूरी दिए जाने के बाद हुआ है।

क्या है जैवलिन सिस्टम ?

जैवलिन सिस्टम को ‘जैवलिन जॉइंट वेंचर’ने बनाया है,जो RTX और लॉकहीड मार्टिन के बीच एक पार्टनरशिप है। यह एक एडवांस्ड,मीडियम-रेंज फायर-एंड-फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसे बख्तरबंद गाड़ियों और मज़बूत ठिकानों समेत कई तरह के टारगेट को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। फायर-एंड-फॉरगेट खूबी की वजह से मिसाइल लॉन्च होने के बाद खुद ही अपने टारगेट की ओर बढ़ सकती है। इससे ऑपरेटर को मिसाइल को लगातार गाइड करने के बजाय अपनी जगह बदलने या सुरक्षित कवर लेने का मौका मिल जाता है।

जैवलिन की एक बड़ी विशेषता इसकी टॉप-अटैक’क्षमता है,जिससे मिसाइल बख्तरबंद गाड़ी पर ऊपर से हमला कर सकती है। जहां आमतौर पर आर्मर प्रोटेक्शन कमजोर होता है। इस सिस्टम का इस्तेमाल कुछ खास लक्ष्यों के खिलाफ सीधे हमले में भी किया जा सकता है। इस हथियार का इस्तेमाल अमेरिकी सेना,अमेरिकी मरीन कॉर्प्स और कई दूसरे देशों की सेनाएं भी करती हैं।

 

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IMD Heavy Rain Alert: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट! यूपी-MP में आसमान से आफत, इन राज्यों में 3 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर खतरनाक रूप लेता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है। पिछले 24 घंटे में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है।

यूपी-मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश की दस्तक

पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 28 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मौजूद है, हालांकि अगले 24 घंटे में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में इन दिनों सतर्क रहें

पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है:-

  • पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।
  • 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है।
  • छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सावधानी की जरूरत है।

ओडिशा में सबसे बड़ा खतरा! 30 अगस्त को बेहद भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लेकिन 30 अगस्त को स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि मौसम विभाग ने इस दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

ओडिशा में 28-29 अगस्त और 31 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी

उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 28 से 30 अगस्त और फिर 2-3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार में बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में आज यानी 28 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना जताई गई है। राज्य में 28 अगस्त से 1 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। झारखंड में भी 28 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी मौसम बिगड़ेगा

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक बारिश का असर

पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में 7-11 सेंटीमीटर, जबकि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कम, लेकिन तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। फिर भी तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 28-29 अगस्त को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक झोंकों के साथ पहुंच सकती है।

मछुआरों के लिए भी समुद्र में जाने की मनाही जैसा अलर्ट

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्री परिस्थितियों को लेकर मछुआरों को चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के आसपास 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मौसम खराब रहने की संभावना है। अंडमान सागर में भी तेज हवाओं और 50-70 किमी प्रति घंटे तक की थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है।

अगले कुछ दिन बेहद अहम

IMD के पूर्वानुमान से साफ है कि 28 अगस्त से 3 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा की है, जहां 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह है।

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Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

jaishaknkar

नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच नेपाल-चीन सीमा के पास बनी एक बैरियर झील के टूटने से शुक्रवार को एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियानों की समीक्षा की और कहा कि भारत इस पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

 

जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों के साथ बातचीत कर नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा की जानकारी ली। विदेश मंत्रालय के संबंधित विभागों ने भी उन्हें नेपाल के लिए तैयार की जा रही अतिरिक्त राहत सामग्री के बारे में जानकारी दी। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि नेपाल में जारी राहत और बचाव प्रयासों पर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावासों ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति और कुशलक्षेम की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे को सबसे अधिक प्राथमिकता दे रहा है।

 

रसुवा में फ्लैश फ्लड ने मचाई भारी तबाही

 

नेपाल में संकट की शुरुआत 26 अगस्त को हुई, जब तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। पानी, मलबे और बड़े-बड़े बोल्डर का तेज बहाव भोटेकोशी नदी तंत्र से होते हुए नीचे के इलाकों तक पहुंचा।

 

इस आपदा में नेपाल के रसुवा जिले में सड़कें, पुल, इमारतें और अन्य बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। पहाड़ी इलाकों में मलबे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत एवं बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में इस आपदा से मरने वालों की संख्या 530 के पार पहुंच गई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।

 

बैरियर झील टूटने से फिर बढ़ा खतरा

 

रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच शुक्रवार को एक और खतरा सामने आया। चीन की ओर छोछेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी एक बड़ी बैरियर झील के टूटने की खबर सामने आई।

 

रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि नेपाली सेना ने उन्हें झील के टूटने की जानकारी दी। इसके बाद आशंका जताई गई कि अचानक पानी छोड़े जाने से भोटेकोशी नदी में फिर तेज बाढ़ आ सकती है और नदी के किनारे बसे इलाकों को प्रभावित कर सकती है। इसके बाद नेपाली अधिकारियों ने संवेदनशील नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।

 

स्याफ्रुबेसी तक पहुंचा बाढ़ का पानी

 

झील टूटने के बाद बाढ़ का पानी स्याफ्रुबेसी तक पहुंच गया। बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी करीब 12:31 बजे वहां पहुंचा। वहीं त्रिशूली नदी के किनारे मुगलिंग तक के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और ताजा स्थिति का आकलन करने के लिए हवाई सर्वे की तैयारी भी की जा रही है।

 

नेपाल के लिए भारत ने बढ़ाया राहत सहयोग

 

भारत भी नेपाल में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई भारतीय नागरिकों के फंसे होने या प्रभावित होने के कारण नई दिल्ली उनकी सुरक्षा और स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

 

इसी बीच नेपाल सरकार ने भारत से 25,000 मीट्रिक टन DAP खाद खरीदने के लिए कृषि सामग्री कंपनी लिमिटेड को मंजूरी दी है। यह खरीद सरकार-से-सरकार व्यवस्था के तहत की जाएगी।

 

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारी जुटाने और समन्वय करने में लगा है। विदेश मंत्रालय भी उनकी सुरक्षा और लोकेशन पर लगातार नजर रख रहा है।

 

पर्यटक और भारतीय तीर्थयात्री भी हुए प्रभावित

 

आपदा के कारण नेपाल के रास्ते यात्रा कर रहे पर्यटक और तीर्थयात्री भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 117 पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें 85 भारतीय शामिल हैं।

 

रेस्क्यू किए गए अन्य पर्यटकों में चीन के 16, दक्षिण कोरिया के 9, अमेरिका और इटली के 2-2 नागरिक शामिल हैं। तीन अन्य पर्यटकों की पहचान नहीं हो सकी है।

 

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय दल बाल-बाल बचा

 

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया एक भारतीय दल भी इस आपदा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। इस 28 सदस्यीय दल में विशाखापत्तनम DLDA के चेयरमैन गाडु वेंकटप्पा समेत उनके परिवार के आठ सदस्य शामिल थे।

 

जानकारी के मुताबिक, यह दल 24 अगस्त को एक निजी ट्रैवल ऑपरेटर के जरिए तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुआ था। यात्रा में हुई देरी और समय रहते लिए गए कुछ फैसलों के कारण दल भीषण बाढ़ की सबसे खतरनाक स्थिति से बच गया।

 

नेपाल में अभी भी हाईअलर्ट

 

बैरियर झील टूटने की घटना ने नेपाल के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ पहले आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य जारी हैं, तो दूसरी तरफ भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में फिर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। नेपाल और चीन के अधिकारी अस्थायी रूप से बनी इस झील की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे थे। आशंका है कि झील में जमा पानी अचानक नीचे की ओर बहने पर पहले से तबाह इलाकों में एक और खतरनाक सैलाब आ सकता है।

Samsung Galaxy S26 FE की धांसू एंट्री, 3X जूम और 4,900mAh बैटरी जैसे मिलेंगे फीचर्स

Samsung Galaxy S26 FE को गुरुवार को चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 लाइनअप में कंपनी के नए ‘Fan Edition’ के तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। यह फोन अगले महीने की शुरुआत में कंपनी की वेबसाइट के जरिए दुनिया भर में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। Samsung Galaxy S26 FE में Exynos 2000 सीरीज का चिपसेट है, जो 3nm प्रोसेस पर बना है। इस फोन में 4,900mAh की बैटरी है जो वायर्ड फास्ट चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके अलावा, इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP का मेन कैमरा है। अब चलिए फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में जानते हैं।

Samsung Galaxy S26 FE की कीमत और उपलब्धता

Samsung Galaxy S26 FE की कीमत 8GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के लिए EUR 799 (लगभग ₹89,000) से शुरू होती है। वहीं, 8GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत EUR 899 (लगभग ₹1,00,000) है।

इसके अलावा, फोन का टॉप वेरिएंट 8GB RAM और 512GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत EUR 1,099 (लगभग ₹1,22,000) रखी गई है। हालांकि, भारत में Samsung Galaxy S26 FE की कीमत का अभी ऐलान नहीं किया गया है।

फिलहाल, यह नया स्मार्टफोन चुनिंदा ग्लोबल मार्केट्स में 4 सितंबर से Samsung के ऑनलाइन स्टोर के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। बता दें कि फोन को Blueberry, Graphite और Pistachio जैसे तीन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है।

Samsung Galaxy S26 FE के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Samsung Galaxy S26 FE एक डुअल-सिम स्मार्टफोन है जो Samsung के लेटेस्ट OneUI 9 पर चलता है, जो Android 17 पर आधारित है। इस हैंडसेट में 6.7-इंच का Full-HD+ Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले है, जो 120Hz तक का रिफ्रेश रेट और 1,900 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस देता है। साउथ कोरिया की टेक कंपनी का कहना है कि यह फोन धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 रेटिंग के साथ आता है। Samsung Galaxy S26 FE में Exynos 2500 SoC का इस्तेमाल किया गया है, जिसे 3nm प्रोसेस पर बनाया गया है।

इसके अलावा, इसमें 8GB RAM और 512GB तक का ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलता है। कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ 50MP (f/1.8) का प्राइमरी कैमरा, 123-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 12MP (f/2.2) का अल्ट्रावाइड कैमरा और 8MP (f/2.4) का टेलीफोटो कैमरा शामिल है। टेलीफोटो कैमरा 3x ऑप्टिकल जूम, 30x तक डिजिटल जूम और OIS की सुविधा देता है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 85-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 12MP (f/2.2) का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

बैटरी और कनेक्टिविटी

Samsung Galaxy S26 FE में 4,900mAh की बैटरी दी गई है। यह 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 15W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5G, 4G LTE, Wi-Fi 6E और Bluetooth 5.4 का सपोर्ट मिलता है। इसमें USB Type-C पोर्ट भी दिया गया है। सिक्योरिटी के लिए फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है।

फोन का डायमेंशन 161.6 x 76.9 x 7.4mm है और इसका वजन करीब 193 ग्राम है।

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Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Top IPO 2026: भारत के प्राइमरी मार्केट ने इस साल निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिए हैं। कुछ IPO की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि निवेशकों को पहले ही दिन काफी बड़ा मुनाफा मिला। कुछ मामलों में तो शेयर ने लिस्टिंग पर ही निवेश की रकम दोगुनी से ज्यादा कर दी।

पैसा लगभग डबल करने वाले IPO

Tempsens Instruments India इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी के शेयर IPO प्राइस से 110.40% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी पहले दिन निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हो गया। यह इस साल की अब तक की सबसे मजबूत लिस्टिंग रही।

सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी Bharat Coking Coal दूसरे नंबर पर रही। इसके शेयर 96.57% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को पहले दिन ही करीब दोगुनी रकम के बराबर फायदा मिला।

40% से ज्यादा रिटर्न देने वाले

इसके बाद लिस्टिंग गेन में बड़ा अंतर दिखता है। INDO MIM के शेयर 44.95% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। वहीं CMR Green Tech ने 43.44% का लिस्टिंग गेन दिया। दोनों IPO ने निवेशकों को पहले दिन ही मजबूत रिटर्न दिया।

Dhoot Transmission और Kusumgar की लिस्टिंग भी करीब-करीब एक जैसी रही। Dhoot Transmission के शेयर 37.06% प्रीमियम पर खुले। Kusumgar के शेयर 36.99% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। दोनों के बीच सिर्फ मामूली अंतर रहा।

निवेशकों को मालामाल करने वाले IPO

कंपनी
लिस्टिंग प्रीमियम (%)

Tempsens110.40%
Bharat Coking Coal96.57%
INDO MIM44.95%
CMR Green Tech43.44%
Dhoot Transmission37.06%
Kusumgar36.99%
BigFoot Retail33.51%
Lalithaa Jewellery31.99%
Laser Power25.70%
Molbio Diagnostics

21.44%

नोट: इसमें ₹5 अरब से ज्यादा इश्यू साइज वाले IPO शामिल हैं।

स्रोत: Bloomberg

 

2026 में IPO से ₹72,165 करोड़ जुटे

Prime Database के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर 60 IPO आए। इन IPO के जरिए कंपनियों ने कुल ₹72,165 करोड़ जुटाए। खास बात यह रही कि जुलाई और अगस्त में IPO बाजार काफी सक्रिय रहा। इन दो महीनों में कुल जुटाई गई रकम का करीब 69% हिस्सा आया।

₹2.02 लाख करोड़ के IPO कतार में

IPO बाजार में आगे भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है। Prime Database के मुताबिक, 75 कंपनियां SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इन कंपनियों के प्रस्तावित इश्यू का कुल आकार करीब ₹2.02 लाख करोड़ है।

इनमें से 32 कंपनियों ने अपना इश्यू साइज बताया है। इन 32 कंपनियों के IPO का कुल आकार करीब ₹1.38 लाख करोड़ है। यानी आने वाले महीनों में भी प्राइमरी मार्केट में बड़ी रकम जुटाए जाने की संभावना है।

* एजेंसी इनपुट के साथ

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 31 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सेंसेक्स आज 331 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ। चौतरफा खरीदारी के दम पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी आई। BSE 150 मिडकैप 0.16% चढ़ा,जबकि 250 स्मॉलकैप में 0.33% की बढ़त हुई।

बाजार की इस तेजी की मुख्य वजह चुनिंदा IT और बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में आई जोरदार खरीदारी रही। सेंसेक्स की बढ़त में इन्फोसिस और HDFC बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। हालांकि,ICICI बैंक ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

TCS,इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCL टेक और टाइटन सेंसेक्स की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर ICICI बैंक,अल्ट्राटेक सीमेंट,एशियन पेंट्स और ITC इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि IT शेयरों में जबरदस्त तेजी की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस सेक्टर को Nvidia की शानदार कमाई और बेहतर आउटलुक से सहारा मिला। इससे AI से जुड़े निवेश के जारी रहने को लेकर भरोसा बढ़ा और एंटरप्राइज़ AI डिप्लॉयमेंट और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि,निवेशकों की भागीदारी चुनिंदा शेयरों में रही क्योंकि बाजार जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर की टिप्पणियों पर नजरें बनाए हुए हैं। इससे US में ब्याज दरों के आउटलुक और ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर, Q1FY27 के नतीजों का दौर काफी हद तक अच्छे नतीजों के साथ खत्म हो रहा है,इसलिए अब बाजार का फोकस धीरे-धीरे बदलती ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के बीच अर्निंग ग्रोथ पर रहेगा।

हालांकि घरेलू लिक्विडिटी की अच्छी स्थिति बाजार को स्थिरता दे रही है,लेकिन वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता के विषय हैं,जिससे निवेशक ग्रोथ और कॉर्पोरेट मुनाफे से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर,अश्विनी शमी ने कहा कि अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड के 4.6%–4.7% के 1-साल के हाई के करीब रहने के बावजूद,हाल के हफ्तों में FII का निवेश थोड़ा पॉजिटिव रहा है। हालांकि US में रिस्क-फ्री रेट्स बढ़ने से आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश पर असर पड़ता है। लेकिन निवेश में यह बढ़ोतरी 2 साल से ज्यादा समय तक बाजार के कंसोलिडेशन के बाद भारतीय इक्विटी की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दिखाती है। घरेलू रिटेल और DII का मजबूत निवेश बाजार में गिरावट को संभालने में मदद कर रहा है।

बेंचमार्क इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं। लार्ज-कैप निफ्टी 100 (~20x P/E) की तुलना में स्मॉल और मिड-कैप इंडेक्स (~34x और 30x P/E) का वैल्यूएशन प्रीमियम काफी ज्यादा है,जो अच्छे बॉटम-अप मौके देता है। निकट भविष्य में बाजार का फोकस दूसरी छमाही (H2) की अर्निंग, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और RBI के लिक्विडिटी रुख पर रहने की उम्मीद है। अच्छे वैल्यूएशन के कारण BFSI और फाइनेंशियल सर्विसेज के चुनिंदा शेयरों निवेश के मौके हैं। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर और बिजनेस सर्विसेज में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं, जिन्हें कैपेक्स (capex) में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि लगातार दो सेशन में गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। IT शेयरों में खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले लेकिन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ ट्रेड कर करते दिखे। हालांकि,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,US बॉन्ड यील्ड और जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के पॉलिसी आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है।

कल मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान दिखी भारी उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों को दिन के आखिर में होने वाली हलचल को लेकर और सतर्क कर दिया।

आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें और इंस्टीट्यूशनल फ्लो बाजार की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि आज शुक्रवार को बाजार में सुस्ती रही और मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद,निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और आखिर में 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 0.43% ऊपर 77,264.51 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nvidia के शानदार तिमाही नतीजों और रेवेन्यू के अच्छे आउटलुक के बाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी के दम पर IT सेक्टर सबसे आगे रहा। फार्मा और मेटल सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

ग्लोबल बाजार से मिले-जुले संकेतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मूड सतर्क बना रहा। अब सबकी नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर टिकी हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,100-24,000 के जोन के आसपास की खींचतान बनी हुई है। अगर यह लेवल टूटता है और गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800–23,650 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,200 का लेवल तत्काल रुकावट का काम कर सकता है और उसके बाद 24,300–24,400 का जोन अहम रेजिस्टेंस लेवल होगा।

मौजूदा अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ट्रेडरों को सलाह है कि इंडेक्स को लेकर सतर्क रुख अपनाएं और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करें। निवेशकों को मज़बूत शेयरों और सेक्टर को प्राथमिकता देनी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

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Sonia Gandhi Book Row: ‘हम पुस्तक को पब्लिश करने के लिए तैयार थे, लेकिन…’; Penguin ने सोनिया गांधी की किताब छापने से किया इनकार? दी ये सफाई

Sonia Gandhi Book Row: ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने शुक्रवार (28 अगस्त) को कहा कि वह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव (Belonging: A Journey of Love)’ किताब का भारत में प्रकाशक यानी पब्लिशर नहीं है। पेंगुइन का यह बयान अमेरिकी पब्लिशर ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ’ द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ सप्ताह बाद आया है कि किताब 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ (Alfred A Knopf)’, पेंगुइन रैंडम हाउस का एक प्रकाशन संस्थान है।

 ‘हम किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार थे’

कंपनी ने एक बयान में कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में ‘बिलॉन्गिंग’ की प्रकाशक नहीं है। यह कहना परिस्थितियों की सही तरीके से प्रस्तुति नहीं है कि लेखिका (सोनिया) द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार करने से इनकार करने के कारण पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है।” यह बयान अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में ‘संपादकीय बदलाव’ करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया।

‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने कहा कि वह ‘किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक’ था। लेकिन लेखकों की तथ्य-जांच करना और उन्हें सुझाव देना प्रकाशन प्रक्रिया के सामान्य हिस्से के रूप में उसका विशेषाधिकार और जिम्मेदारी है। कंपनी ने कहा, “संबंधित चर्चाओं के दौरान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख यही था कि हम किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक बने हुए हैं। हम लेखिका के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।”

‘किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी साफ नहीं’

इस बीच, भारत में किताब के डिस्ट्रीब्यूटर की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon के एक पेज पर ‘बिलॉन्गिंग’ का ई-बुक वर्जन 2,615 रुपये में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध दिखा। ई-कॉमर्स वेबसाइट के अनुसार, ई-बुक का पब्लिशर ‘हार्पर कॉलिन्स’ यूके का एक प्रकाशन संस्थान विलियम कॉलिन्स है।

क्या है किताब में?

अल्फ्रेड ए. नॉफ की घोषणा के बाद से ही भारत में किताब के पब्लिशर को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। अल्फ्रेड ए. नॉफ द्वारा कुछ दिनों पहले कहा गया था कि सोनिया गांधी अपनी आत्मकथा में भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक में विवाह के बाद अपने जीवन, पति राजीव गांधी की हत्या के दुखद दौर और 2004 में प्रधानमंत्री पद अस्वीकार करने सहित कई निजी अनुभव शेयर करेंगी।

सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन के बारे में बहुत कम ही बात करने वालीं 79 वर्षीय सोनिया ने इस किताब में युद्ध के बाद के इटली में अपने बचपन से लेकर अपने प्रेम-प्रसंग और उसकी वजह से भारत आने तक की कहानी का वर्णन किया है। इससे पहले जून में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पत्रकार और लेखक जो सैको के 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित ग्राफिक उपन्यास को स्थानीय कानूनी, रेगुलेटरी, कमर्शियल और मार्केट संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हटा दिया था।

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खबरों में दावा किया गया था कि प्रकाशक ने गलत मानचित्र के कारण किताब के डिस्ट्रीब्यूट से हाथ खींच लिया था और मूल पब्लिशर की ओर से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस साल फरवरी में भी पब्लिशर उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने कहा था कि उसने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को प्रिंट नहीं किया है। यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब की एक कॉपी दिखाए जाने के कुछ दिन बाद आया था।