10,000mAh बैटरी के साथ नया Redmi फोन लॉन्च! मिलेगा 50MP OIS कैमरा और 120Hz डिस्प्ले, जानें कीमत

Xiaomi ने चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में Redmi Note 17 Pro Max 5G लॉन्च कर दिया है, जिसमें 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट और 512GB तक की स्टोरेज दी गई है। इस स्मार्टफोन में OIS के साथ 50MP का मेन कैमरा, 32MP का फ्रंट कैमरा और 100W वायर्ड चार्जिंग वाली 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी भी दी गई है। अब चलिए जानते हैं फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में।

Redmi Note 17 Pro Max 5G की कीमत और उपलब्धता

जापान में Redmi Note 17 Pro Max 5G के 8GB + 256GB वेरिएंट की कीमत JPY 79,980 (लगभग ₹47,900) और 8GB + 512GB मॉडल की कीमत JPY 99,980 (लगभग ₹59,900) है। यह Cloudbrush, Purple और Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

Redmi Note 17 Pro Max 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Redmi Note 17 Pro Max 5G में 6.83-इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन 1.5K और रिफ्रेश रेट 120Hz तक है। यह पैनल 3,500 निट्स तक की ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है और इसमें 12-बिट कलर डेप्थ, DCI-P3 कलर गैमट, HDR10+ और डॉल्बी विजन जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसे कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 से सुरक्षा दी गई है और यह 3,840Hz PWM डिमिंग और वेट टच टेक्नोलॉजी 2.0 को भी सपोर्ट करता है।

Redmi Note 17 5G सीरीज के Pro Max वेरिएंट में Snapdragon 6 Gen 5 SoC प्रोसेसर है, जिसके साथ 8GB LPDDR5X RAM और 512GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलता है। यह फोन Android 16 पर आधारित Xiaomi के HyperOS 3 पर चलता है और इसमें AI Eraser Pro, AI Reflection Removal, AI Image Enhancement, AI Sky और AI Bokeh जैसे AI फीचर्स दिए गए हैं। फोन Google Gemini फीचर्स को भी सपोर्ट करता है, हालांकि Xiaomi का कहना है कि इनकी उपलब्धता इलाके और सॉफ्टवेयर वर्जन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो, फोन में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा है। रियर कैमरा 30fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा भी 30fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है।

कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5G, डुअल सिम, Wi-Fi 6, Bluetooth 6.0 और NFC का सपोर्ट मिलता है। इसमें इन्फ्रारेड ब्लास्टर भी दिया गया है, जिसकी मदद से फोन को कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के रिमोट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेंसर की बात करें तो फोन में एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, इलेक्ट्रॉनिक कंपास, प्रॉक्सिमिटी सेंसर और एम्बिएंट लाइट सेंसर दिए गए हैं।

बैटरी और सिक्योरिटी

Redmi Note 17 Pro Max 5G में 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है और यह 100W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करता है। यह 27W तक की वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। सुरक्षा के लिए, इसमें इन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट सेंसर और फेशियल रिकग्निशन की सुविधा है।

Redmi का दावा है कि Note 17 Pro Max 5G मॉडल पानी और धूल से बचाव के लिए IP66 और IP68 रेटिंग को पूरा करता है। इसके अलावा, फोन की ऊंचाई 163.44mm, चौड़ाई 78.27mm और मोटाई 8.65mm है, जबकि Cloudbrush वेरिएंट की मोटाई 8.57mm है। इसका वजन 229.5 ग्राम है।

यह भी पढ़ें: iPhone 18 की लॉन्च डेट लीक! जानें कीमत, कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी डिटेल

PM Modi Raksha Bandhan: पीएम मोदी ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, छात्राओं ने बांधी राखी

PM Modi Raksha Bandhan: पीएम मोदी ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, छात्राओं ने बांधी राखी

pm modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लोगों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए। वार्षिक परंपरा को जारी रखते हुए, स्कूली छात्राओं ने 7 लोक कल्याण मार्ग पर स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास जाकर उनकी कलाई पर ‘राखी’ बांधी। प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और एक वीडियो साझा किया, जिसमें बच्चों को राखी बांधते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह युवा आगंतुकों के साथ गर्मजोशी से बातचीत करते और उनसे हाथ मिलाते नजर आए।

 

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए।’’ मोदी ने कहा, ‘‘स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘7, लोक कल्याण मार्ग पर रक्षा बंधन समारोह के कुछ यादगार पल। यह त्योहार स्नेह और सौहार्द के बंधन को और मजबूत करे। यह सभी के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।” एक बच्चे ने प्रधानमंत्री से पूछा कि बचपन में उनका सपना क्या था, मोदी ने जवाब दिया, ‘‘आप लोगों से मिलना’’।

 

रक्षाबंधन हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है, जो भाई-बहन के प्रेम और आपसी स्नेह के रिश्ते को समर्पित है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखी बांधती हैं, जो भाई की सुख-समृद्धि और कुशलता की कामना का प्रतीक होती है। इसके बदले भाई बहनों को उपहार देते हैं और हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।

2027 Kawasaki Versys 650 भारत में लॉन्च, Candy Lime Green कलर में आई बाइक, जानें कीमत और फीचर्स

अगर आप एक प्रीमियम और स्पोर्टी बाइक खरीदने की सोच रह हैं, तो Kawasaki India ने 2027 Versys 650 को ₹8.63 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दिया है, जिसमें सिर्फ नया ‘Candy Lime Green’ पेंट स्कीम का अपडेट दिया गया है। मैकेनिकल और इक्विपमेंट के मामले में यह स्पोर्ट-टूरर पहले जैसी ही है, और इसकी डिलीवरी अगस्त के आखिर तक शुरू होने की उम्मीद है।

नए कलर ऑप्शन

MY27 Kawasaki Versys 650 सिर्फ नए ‘Candy Lime Green’ कलर में उपलब्ध है, जो पिछली MY26 मोटरसाइकिल के कलर की जगह लेगा। वहीं, नए पेंट से कावासाकी की जानी-पहचानी हरी पहचान बनी हुई है, जबकि मोटरसाइकिल की बाकी स्टाइलिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसके अलावा, बाइक के इंजन, चेसिस, इलेक्ट्रॉनिक्स और फीचर्स में कोई अपग्रेड नहीं किया गया है। Kawasaki ने इसकी कीमत भी भी 8.63 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) ही रखी है, जिसका मतलब है कि 2027 का यह अपडेट मुख्य रूप से उन राइडर्स के लिए है जो लेटेस्ट मॉडल ईयर और नई कलर स्कीम चाहते हैं।

Kawasaki Versys 650: मैकेनिक्स

2027 Kawasaki Versys 650 में वही 649cc, लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन इंजन इस्तेमाल किया गया है। यह इंजन 8,500 rpm पर 67 hp की पावर और 7,000 rpm पर 61 Nm का टॉर्क देता है। इसमें छह-स्पीड गियरबॉक्स और असिस्ट-एंड-स्लिपर क्लच स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर मिलते हैं।

बाइक को ट्यूबलर डायमंड फ्रेम पर तैयार किया गया है। सस्पेंशन के लिए इसमें 150mm ट्रैवल वाला 41mm का टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और 145mm ट्रैवल वाला रियर मोनोशॉक दिया गया है। रियर यूनिट में रिमोट प्रीलोड एडजस्टर भी है, जो सामान या पीछे बैठने वाले यात्री (पिलियन) के साथ यात्रा करने वाले मालिकों के लिए एक काम का फीचर है।

फीचर्स

Kawasaki Versys 650 में एडजस्टेबल विंडस्क्रीन, फुल-LED लाइटिंग, ट्रैक्शन कंट्रोल और स्मार्टफोन कनेक्टिविटी के साथ 4.3-इंच का TFT कलर डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलते हैं।

इसमें 21-लीटर का फ्यूल टैंक है, जो मोटरसाइकिल की टूरिंग क्षमता को बेहतर बनाता है। वहीं, टैंक फुल होने पर Versys 650 का वजन 220kg हो जाता है। कम हाइट वाले राइडर्स के लिए 845mm की सीट हाइट एक अहम बात हो सकती है, हालांकि इसका 170mm का ग्राउंड क्लीयरेंस खराब सड़कों, स्पीड ब्रेकर और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में मदद करेगा।

अपडेटेड Versys 650 भारत के मिडिलवेट टूरिंग बाइक सेगमेंट में एक अलग जगह रखती है। इसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बाइक्स में Honda NX500 शामिल है, जिसकी कीमत ₹7.44 लाख है। हालांकि, NX500 में कम क्षमता वाला इंजन मिलता है और इसका फोकस ज्यादा एडवेंचर राइडिंग पर है।

यह भी पढ़ें: Honda ADV160 Flex-Fuel स्कूटर और Rebel 300 बाइक लॉन्च, ₹5,000 में बुकिंग शुरू, अक्टूबर से मिलेगी डिलीवरी

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

Defense export : रक्षा मंत्रालय का एक्सपोर्ट के नियमों को आसान करने का फैसला लिया है। डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए SOP ( स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) आसान किया गया है। डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस नियम भी आसान किए गए हैं। अब तीन अलग-अलग ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस की जगह एक OGEL होगा। ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस की अवधि 2 साल से बढ़ाकर 3 साल की गई है। OGEL का दायरा 41 देशों से बढ़ाकर सभी देशों तक किया गया है।

इससे बार-बार एक्सपोर्ट ऑथराइजेशन की जरूरत घटेगी। इंटरनेशनल टेंडर में एक्सपोर्ट प्रक्रिया आसान होगी। लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट वाली कंपनियों को राहत मिलेगी। बता दें किडिफेंस प्रोडक्शन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर है। डिफेंस एक्सपोर्ट ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड पर है। रक्षा मंत्रालय को भरोसा है कि इस कदम से डिफेंस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट दोनों बढ़ेंगे।

सरकार ने भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए अपने उत्पाद विदेशों में बेचना आसान बनाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। इसके तहत निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और’ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस'(OGEL) फ्रेमवर्क का दायरा बढ़ाया गया है।

संशोधित डिफेंस एक्सपोर्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत,ज्यादातर मामलों में गैर-घातक डिफेंस प्रोडक्ट के निर्यात के लिए अब संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा करने की जरूरत नहीं होगी,जबकि संवेदनशील देशों के लिए सुरक्षा उपाय लागू रहेंगे। इंटरनेशनल टेंडर और एग्ज़िबिशन के लिए सभी तरह के सामान के एक्सपोर्ट पर कंसल्टेशन की जरूरत भी खत्म कर दी गई है। उम्मीद है कि इस कदम से भारतीय कंपनियों को विदेशों में मिलने वाले मौकों पर तेजी से काम करने और बिना किसी अतिरिक्त कानूनी बाधा के अपने प्रोडक्ट को प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी।

OGEL फ्रेमवर्क में और भी बड़े बदलाव किए गए हैं। OGEL एक स्थायी,एक बार मिलने वाला एक्सपोर्ट ऑथराइज़ेशन होगा। यह एक्सपोर्टर्स को हर शिपमेंट के लिए अलग-अलग मंजूरी लेने के बजाय,खास डिफेंस आइटम के कई कंसाइनमेंट के लिए खुद मंजूरी जेनरेट करने की सुविधा देगा। सरकार ने बड़े प्लेटफॉर्म और इक्विपमेंट,पार्ट्स और कंपोनेंट्स और कंपनी के अंदर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से जुड़े तीन मौजूदा OGEL SOPs को मिलाकर एक ही फ्रेमवर्क बना दिया है।

खास बात यह है कि OGELकी वैलिडिटी दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। इससे रिन्यूअल और उससे जुड़े कंप्लायंस की बार-बार जरूरत कम हो गई है। इसके दायरे को भी 41 देशों से बढ़ाकर सभी देशों तक कर दिया गया है। इसमें सिर्फ वे देश शामिल नहीं है जो नेगेटिव या सेंसिटिव लिस्ट में हैं और जिन पर UN सिक्योरिटी काउंसिल ने प्रतिबंध या हथियारों की रोक लगा रखी है।

 

Trading Plan : बाजार में आज बेहद छोटी सी रेंज में कारोबार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Range Rover Sport Twenty Edition launched at Rs 1.90 crore

Range Rover Sport Twenty Edition launched at Rs 1.90 crore
Range Rover Sport Twenty Edition launched

Jaguar Land Rover (JLR) has launched the Range Rover Sport Twenty Edition at Rs 1.90 crore (ex-showroom, India). This limited-run version borrows inspiration from the original Range Stormer concept showcased at the 2004 Detroit Motor Show, while combining various elements from the Range Rover Sport Autobiography and SV, according to the British luxury automaker. Deliveries of the Range Rover Sport Twenty Edition in India are to start from October 2026.

  • Sanguinello Orange inspired by the Stormer concept and Vesuvius Orange First Edition.
  • Features unique ‘TWENTY’ lettering and 23-inch wheels in optional Gloss Black.
  • Interior gets ‘TWENTY’ branding, Ebony Windsor seats, suede headlining and more.
  • Twin-turbo mild-hybrid V8 produces 537hp and 750Nm.

Yamaha India eyes capacity expansion as plants near full utilisation

Yamaha India eyes capacity expansion as plants near full utilisation
Yamaha RayZR on a production line

Yamaha Motor India has begun evaluating additional manufacturing capacity as it expects its existing 1.5 million unit annual output to be fully utilised within the next two to three years. The Japanese two-wheeler maker operates plants in Surajpur, Uttar Pradesh and Kanchipuram, Tamil Nadu, with a combined annual capacity of 1.5 million units, and is weighing whether to expand within its current footprint or invest at a new location.

  1. Yamaha India’s 1.5 million unit annual capacity expected to be fully utilised within 2-3 years
  2. Domestic sales up 41 percent to 4.1 lakh units in H1 2026
  3. Annual sales target of 50,000 units set for the newly launched YZF-R2

Yamaha India capacity expansion: Key details

New plant requires 3-4 years of lead time; expansion within existing sites also being considered

Hajime Aota, Chairman of the Yamaha Motor India Group, said the company still has space to expand at its existing facilities, reducing the immediate pressure to acquire new land. The decision on expansion – whether at Surajpur, Kanchipuram or elsewhere – will depend on manufacturing processes, supplier allocation and longer-term domestic and export requirements. “At this moment, we have capability and we have space,” Aota said, while noting that planning for a new greenfield facility typically requires a lead time of three to four years.

Yamaha expects its total volumes (including exports) to exceed 1.1 million units in 2026, with domestic sales up 41 percent to 4.1 lakh units in the first half of the year. The company expects H2 volumes to be higher, supported by festive demand and new product launches. On the YZF-R2, which debuted yesterday at Rs 2.30 lakh, Yamaha has set an annual domestic sales target of 50,000 units.

Aota described India and Indonesia as Yamaha’s two biggest global growth engines, with India offering the stronger long-term growth opportunity. However, he noted that India must continue improving manufacturing productivity and technical capabilities to narrow the gap with Indonesia and expand its role in Yamaha’s global manufacturing network. The company employs approximately 10,000 people across its Indian operations and has invested over Rs 2,000 crore in research, development and manufacturing in India over the past eight to ten years. The quantum of investment required for the next phase of expansion has not been disclosed.

Aja Ekadashi 2026 Date: भादों की पहली एकादशी होगी अजा एकादशी, इस दिन बन रहे दुर्लभ संयोग में पूजा और व्रत का मिलेगा राजसुख

Aja Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। ऐसा ही एक व्रत है अजा एकादशी का भी। यह व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। यह भादों माह की पहली एकादशी होती है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है। सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। आइए जानें इस साल ये व्रत कब किया जाएगा, किस दुर्लभ योग में पूजा और व्रत करने से मिलेगा राजसुख और इसका महत्व क्या है?

अजा एकादशी 2026 तारीख

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 सितंबर को शाम 07:29 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर को शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर दिन सोमवार को रखा जाएगा। इस व्रत का पारण 8 सितंबर मंगलवार को सुबह में 6 बजकर 2 मिनट से सुबह 8 बजकर 33 मिनट के बीच कर सकते हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग में अजा एकादशी

इस बार की अजा एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग शाम को 06 बजकर 14 मिनट पर बनेगा और यह अगले दिन 8 सितंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। व्रत वाले दिन प्रात:काल से लेकर सुबह 06:41 ए एम तक व्यतीपात योग है, उसके बाद से वरीयान् योग बनेगा, जो 8 सितंबर को तड़के 03:38 ए एम तक है, फिर परिघ योग होगा।

अजा एकादशी 2026 मुहूर्त

यदि आपको अजा एकादशी का व्रत रखना है तो पूजा का मुहूर्त सुबह में 06:02 ए एम से 07:36 ए एम तक है, उसके बाद सुबह में 09:10 ए एम से 10:45 ए एम तक है। इस समय में आप भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:31 ए एम से 05:16 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:54 ए एम से दोपहर 12:44 पी एम तक है।

अजा एकादशी महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने अपने खोए हुए राज्य, परिवार और सम्मान को वापस पाने के लिए महर्षि गौतम के सुझाव पर अजा एकादशी का व्रत किया था। इस व्रत के प्रभाव से उन्हें उनका सब कुछ पुनः प्राप्त हो गया था। माना जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से अजा एकादशी का व्रत रखता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसके समस्त पाप और पूर्व जन्म के बुरे कर्म नष्ट हो जाते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि

  • एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फल, धूप और दीप अर्पित करें।
  • अजा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में भगवान विष्णु की आरती करें।
  • इस दिन गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण किया जाता है।

Nepal-Tibet floods: टूटी झील से बढ़ा सैलाब का डर, भूकंप ने भी बढ़ाई चिंता, रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, अब क्यों मंडराया खतरा

Nepal-Tibet floods: टूटी झील से बढ़ा सैलाब का डर,  भूकंप ने भी बढ़ाई चिंता, रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, अब क्यों मंडराया खतरा

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अभी सामान्य भी नहीं हुए थे कि शुक्रवार को एक बार फिर बड़े खतरे की आशंका पैदा हो गई। नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर के मलबे से बनी एक झील का पानी ओवरफ्लो होने लगा। इसके बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 90 मिनट के लिए रोक दिया गया।

ALSO READ: चीन की स्मार्ट सिटी से नेपाल में तबाही? रसुवा फ्लैश फ्लड पर पत्रकार समूह का सनसनीखेज दावा

ताजा संकट के बीच चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप भी आया। हालांकि भूकंप से तत्काल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने पहले से ही आपदा से जूझ रहे हिमालयी क्षेत्र की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

 

झील ओवरफ्लो होने से फिर जारी हुआ बाढ़ का अलर्ट

 

ग्लेशियर के बड़े हिस्से के टूटने के बाद निकले मलबे ने नदी का रास्ता रोक दिया था। इससे पानी जमा होकर एक प्राकृतिक झील बन गई। शुक्रवार को इस झील का पानी अपनी सीमा से बाहर निकलने लगा, जिससे निचले इलाकों में फिर से बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया। अधिकारियों ने नेपाल की रेस्क्यू टीमों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी। खतरे का आकलन करने के लिए नेपाल सेना ने करीब एक घंटे 30 मिनट तक राहत और बचाव अभियान रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, चीन के तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थानीय लोग ऊंचे स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। रसुवा जिले के वरिष्ठ अधिकारी नरेंद्र परियार ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है और अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

 

25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी जमा

 

ग्लेशियर से टूटकर आए मलबे के कारण नदी अवरुद्ध होने से बनी इस झील में पानी लगातार जमा हो रहा है। चीन ने गुरुवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए आठ सदस्यीय इंजीनियरिंग टीम भेजी थी। टीम ने हवाई सर्वे और थ्री-डायमेंशनल मॉडलिंग के जरिए झील की स्थिति का अध्ययन किया। शुक्रवार तक इस झील में 25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी जमा हो चुका था। एक दिन पहले यह मात्रा करीब 15 से 20 लाख क्यूबिक मीटर आंकी गई थी। अगर प्राकृतिक बांध टूटता है तो लाखों क्यूबिक मीटर पानी बेहद तेज रफ्तार से नीचे की ओर बह सकता है। इससे पहले ही तबाही झेल चुके इलाकों में एक और विनाशकारी बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।

 

नेपाल में मौत का आंकड़ा 469 पहुंचा

 

बुधवार की विनाशकारी बाढ़ और ग्लेशियर से आई तबाही में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। नेपाल और तिब्बत में करीब 1,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कम से कम 540 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बाढ़ के पानी और मलबे ने गांवों और घाटियों को तबाह कर दिया। कई पावर स्टेशन, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। काठमांडू को तिब्बत के ल्हासा से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह रास्ता कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और ट्रेकर्स के बीच भी लोकप्रिय है।

 

हेलीकॉप्टर से जारी था रेस्क्यू ऑपरेशन

 

रेस्क्यू ऑपरेशन रोके जाने से पहले नेपाली सुरक्षा बल हेलीकॉप्टरों की मदद से लापता लोगों की तलाश कर रहे थे और बाढ़ से कटे इलाकों में जरूरी सामान पहुंचा रहे थे। खोजी कुत्तों की मदद से काम कर रही टीमों ने भी नदी के बहाव में बहकर मैदानी इलाकों तक पहुंचे कई शव बरामद किए हैं। रसुवा से गुरुवार को बचाए गए लोगों में डिब्गा तमांग भी शामिल थे। उन्हें तीन अन्य लोगों के साथ हेलीकॉप्टर से नुवाकोट स्थित सेना के कैंप पहुंचाया गया।

 

नेपाल ने विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद लेने से किया इनकार

 

कई देशों की ओर से मदद की पेशकश के बावजूद नेपाल ने फिलहाल विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों की जरूरत से इनकार किया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर क्षेत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां ही फिलहाल खोज और बचाव अभियान चला रही हैं।

 

दक्षिण कोरिया की एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम काठमांडू पहुंच चुकी है, लेकिन नेपाल की ओर से विदेशी टीमों को तैनात करने की योजना तय नहीं होने के कारण उसे अभी अभियान में शामिल नहीं किया गया है।

 

चीन के ग्यिरोंग बॉर्डर पर भी भारी तबाही

 

आपदा ने चीन की ओर स्थित ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। वहां सड़क पर जमा मलबे को हटाने का काम जारी है, जिसके कारण चीनी रेस्क्यू टीमों को सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। बुधवार को सामने आए वीडियो में तेज रफ्तार से बहता कीचड़, पानी और मलबा कुछ ही सेकंड में बॉर्डर क्रॉसिंग की संरचनाओं को तबाह करता दिखाई दिया।

 

चीनी सरकारी प्रसारक के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। चीन की ओर अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

 

चीन में 5.1 तीव्रता का भूकंप

 

इसी बीच शुक्रवार को चीन के सिचुआन प्रांत के नेइजियांग के लोंगचांग शहर में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। चीन के अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के मुताबिक भूकंप का केंद्र इसी क्षेत्र में था। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, बाढ़, अस्थिर पहाड़ी इलाकों और भूस्खलन के खतरे के बीच आए इस भूकंप ने हिमालयी क्षेत्र में चिंता और बढ़ा दी है।

 

 परिजन कर रहे अपनों का इंतजार

 

इस भीषण आपदा के बाद कई देशों में परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। लापता लोगों में ऐसे अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं, जो नेपाल से तिब्बत स्थित माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नेपाल को मदद की पेशकश की है। उन्होंने इस आपदा को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि अमेरिका ने नेपाल के नेतृत्व से बात की है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता देने की पेशकश की है।