पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें 20 छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम है। यह हादसा दीर कॉलोनी इलाके में हुआ। इसमें 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। उनके इलाज के लिए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। हादसे से जुड़ी 3 फोटोज खबर लगातार अपडेट हो रही है…

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दिल्ली में पाबंदी लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया। उन्होंने अवमानना नोटिस रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। ALSO READ: CJP फंडिंग विवाद: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के आरोपों पर भड़के अभिजीत दिपके, कहा- ‘भारत के आंतरिक मामलों में दखल का हक किसने दिया?’
गृह सचिव ने कहा कि रायसीना हिल्स के 4 किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक, यानी एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करना जरूरी था, ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोका जा सके और शांति बनाए रखी जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के किसी भी निर्देश का जानबूझकर या सोच-समझकर उल्लंघन नहीं किया गया।
गृह सचिव ने हलफनामा में क्या कहा?
अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के 11 अक्टूबर के नोटिस के जवाब में, मोहन ने अपने चार पन्नों के हलफनामे में कहा कि यह निलंबन केवल सेल्युलर इंटरनेट सेवाओं तक ही सीमित था, और इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड जैसी गैर-सेल्युलर इंटरनेट सेवाएं या दूरसंचार सेवाएं शामिल नहीं थीं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि इंटरनेट सुविधाएं बिना किसी रुकावट के काम करनी चाहिए।
बुधवार देर रात दाखिल किए गए हलफनामे में, गृह सचिव ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा सेल्युलर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का अनुरोध स्थिति की गंभीरता और राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने से रोकने की आवश्यकता को देखते हुए, एक उचित कदम पाया गया। 11 अक्टूबर को, दिल्ली पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शनों को विफल किए जाने के एक दिन बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश के कथित उल्लंघन के लिए गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और DMRC अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी किया था।
केंद्र सरकार ने 20 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस के अनुभव का हवाला दिया। हलफनामे के मुताबिक, इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए गए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले का भी हवाला दिया। ALSO READ: CJP फंडिंग विवाद: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के आरोपों पर भड़के अभिजीत दिपके, कहा- ‘भारत के आंतरिक मामलों में दखल का हक किसने दिया?’
केंद्र सरकार ने और क्या क्या बताया
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से 11 अक्टूबर 2026 के आदेश में संशोधन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत की परिस्थितियों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने की अनुमति दी जाए, लेकिन यह कार्रवाई कानून और संबंधित वैधानिक सुरक्षा उपायों के सख्त अनुपालन के साथ हो। इंटरनेट बंद करने को लेकर केंद्र ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि रोक केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी। गैर-मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, वाई-फाई और ब्रॉडबैंड पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी।
हलफनामे में कहा गया है कि सीमित अवधि और निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं का निलंबन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का मान्य उपाय हो सकता है। हालांकि, यह लागू कानून और वैधानिक सुरक्षा उपायों के अधीन होना चाहिए। गृह सचिव ने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान भी जताया। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट और देश की सभी अदालतों का सर्वोच्च सम्मान करते हैं।
पीबी मनी (PB Money) को मार्केट रेगुलेटर सेबी से ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर (OBPP) के रूप में काम करने का लाइसेंस मिल गया है। यह पैसाबाजार (Paisabazaar) के साथ रणनीतिक साझेदारी वाला एक निवेश प्लेटफॉर्म है। अब इसे ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म का लाइसेंस मिला है तो कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को बॉन्ड में निवेश करने की सुविधा दे सकेगी। बॉन्ड्स फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं, जिसमें उनके टर्म्स के आधार पर ब्याज मिलता है। हालांकि इसमें हर मामले में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है बल्कि कुछ रिस्क भी होते हैं। इसमें निवेशकों को बॉन्ड इश्यू करने वाले यानी इश्यूअर के डिफॉल्ट होने, मार्केट में ब्याज दरों में बदलाव और लिक्विडिटी से जुड़ी चिंताओं जैसे रिस्क हैं।
PB Money को लाइसेंस का क्या है मतलब?
कंपनी ने 14 अक्टूबर को जो बयान जारी किया है, उसके मुताबिक सेबी से लाइसेंस मिलने के बाद पीबी मनी बॉन्ड इंवेस्टमेंट के पूरे प्रोसेस को ऑपरेट कर सकेगी। इससे कंपनी निवेशकों का रजिस्ट्रेशनस केवाईसी वेरिफिकेशन, बॉन्ड डिस्कवरी, ऑर्डर प्लेसमेंट, पेमेंट कोऑर्डिनेशन, और पोस्ट-इंवेस्टमेंट सर्विसिंग ऑफर कर सकेगी। साथ ही निवेशक प्लेटफॉर्म पर यील्ड यानी रिटर्न, क्रेडिट रेटिंग और इंवेस्टमेंट अमाउंट जैसे मानकों के आधार पर बॉन्ड तलाश सकेंगे। इससे उन्हें उपलब्ध विकल्पों की तुलना करने में मदद मिलेगी।
कब से शुरू कर सकेंगे बॉन्ड्स में निवेश
घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टेड पीबी फिनटेक (PB Fintech) की पैसाबाजार के निवेश प्लेटफॉर्म पीबी मनी को बॉन्ड प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिला है। पीबी मनी के डायरेक्टर और पैसाबाजार के सीईओ संतोष अग्रवाल का कहना है कि इस लाइसेंस से बॉन्ड्स में निवेश आसान होगा और खुदरा निवेशकों की फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट्स तक पहुंच बढ़ेगी। कंपनी को यह लाइसेंस ऐसे समय में मिला है जब पीबी मनी डिजिटल माध्यमों से अपने निवेश विकल्पों का विस्तार करने की योजना बना रही है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इस लाइसेंस के तहत प्लेटफॉर्म पर निवेश की सुविधा कब से शुरू होगी, या शुरुआत में कौन-से बॉन्ड उपलब्ध होंगे।
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झारखंड की राजस्थानी रांची के नगरी स्थित 150 एकड़ जमीन में रिम्स 2 का निर्माण काफी तेजी से हो रहा है। रिम्स 2 एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा, जिसमें 2800 से अधिक बेड होंगे। इसके निर्माण में 4186 करोड़ की लागत आएगी। रिम्स के पीआरओ राजीव रंजन बताते हैं, इसमें प्रत्येक वर्ष एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन होगा, जिसे 250 यूजी सीटों, 200 पीजी सीटों और 200 सुपर स्पेशलाइजेशन सीटों तक बढ़ाया जा सकेगा।
पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं
राजीव रंजन बताते हैं, राज्य के छात्रों को अब मेडिकल की प्रैक्टिस या पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह मेडिकल कॉलेज प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों और सर्जनों और मेडिकल साइंटिस्टों की शिक्षा, मेडिकल रिसर्च और मरीजों की देखभाल के लिए एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलाजी के इस्तेमाल में लीडरशिप देने का काम करेगी।
एशियन डेवलपमेंट बैंक करेगा सहयोग
रिम्स 2 के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक सहयोग करेगा। निर्माण प्रक्रिया पूरे तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ राज्य सरकार के फंड का इस्तेमाल होगा। पहले चरण में डॉक्टर और छात्रों के रहने के लिए आवास, एकेडमिक बिल्डिंग व मुख्य अस्पताल परिसर का निर्माण होगा।
5 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
इसे बनने में पूरे 5 साल का समय लगने वाला है। जमीन चिन्हित कर और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीसीएल) को सौंपी है, जिसके द्वारा इस संस्थान के डिजाइन तैयार करने व निर्माण सहित पांच वर्ष के इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर आमंत्रित जैसे अहम काम जल्द निपटे जाएंगे।
सारी हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
राजीव रंजन बताते हैं, अस्पताल पूरा हाईटेक सुविधाओं के साथ लैस होगा। लोगों की सुविधा व सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। खासतौर पर भवन में लिफ्ट्स फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम, न्यूमेटिक वेस्ट और लांड्री कलेक्शन सिस्टम, आटोमेटेड फार्मेसी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, आटोमेटेड वर्टिकल स्टोरेज रिट्रीवल सिस्टम, नर्स कॉल सिस्टम, हैंगर सिस्टम और भी कई सारे सुविधाएं देखने को मिलेगी।
रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट
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Drishyam 3 box office collection day 13: अजय देवगन की क्राइम थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक शानदार शुरुआती हफ्ते के बाद अब धीरे-धीरे धीमी पड़ रही है। फिल्म ने अपने दूसरे बुधवार को 5.25 करोड़ रुपये की कमाई की, जो अब तक की सबसे कम एक दिन की कमाई है। इसके साथ ही फिल्म की कुल घरेलू नेट कमाई 328.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रजनीकांत की ‘जेलर 2’ के सिनेमाघरों में आने के बाद ‘दृश्यम 3’ का तीसरे हफ्ते खेल बिगड़ सकता है।
‘दृश्यम 3’ की कमाई में मिडवीक गिरावट
अजय देवगन के करियर में ‘दृश्यम 3’ को सबसे बड़ी ओपनिंग मिली। ‘दृश्यम द कंक्लूजन’ के लिए एडवांस बुकिंग 27 सितंबर को शुरू हुई थी और रिलीज से पहले ही फिल्म ने 27 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी। पहले दिन के अंत तक, फिल्म ने पूरे भारत में 66.75 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। यह किसी भी हिंदी फिल्म की अब तक की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग है और अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग है। पहले शनिवार को फिल्म ने 53.50 करोड़ रुपये कमाए, और रविवार को इसमें भारी उछाल आया, जिससे फिल्म ने 61 करोड़ रुपये की कमाई की। यह फिल्म की अब तक की एक दिन की सबसे ज्यादा कमाई है।
सोमवार को पहली गिरावट देखने को मिली, जब फिल्म ने 21 करोड़ रुपये कमाए, जो रविवार के आंकड़ों से लगभग 65.6% कम था। मंगलवार को भी यह गिरावट जारी रही, जब ‘दृश्यम 3’ ने 19.50 करोड़ रुपये कमाए और बुधवार को 15.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई। फिल्म का पहला हफ्ता 245.50 करोड़ रुपये की कुल कमाई के साथ समाप्त हुआ। रिलीज के दस दिनों के भीतर ही फिल्म ने 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। ‘सैकनिल्क’ (Sacnilk) के ताजा अपडेट के अनुसार, ‘दृश्यम 3’ ने अपने दूसरे बुधवार को सिनेमाघरों में 5.25 करोड़ रुपये की कमाई की। यह फिल्म की अब तक की सबसे कम एक दिन की कमाई है। इसके साथ ही फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 328.75 करोड़ रुपये हो गया है।
‘दृश्यम 3’ को रजनीकांत की बड़ी फिल्म ‘जेलर 2’ से कड़ी टक्कर मिलेगी। यह फिल्म इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है और बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि यह फिल्म अपनी रिलीज के पहले ही दिन ₹140 करोड़ की शानदार कमाई करेगी। 14 अक्टूबर (बुधवार) की सुबह तक, फिल्म की ओपनिंग वीकेंड के लिए दुनिया भर में एडवांस बुकिंग ₹80 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी थी।
‘दृश्यम 3’ के बारे में
‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत भी होंगे। सौरभ शुक्ला भी दूसरे भाग वाले अपने किरदार में एक कैमियो रोल निभाते नजर आएंगे।
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ को स्टार स्टूडियो18 और पैनोरमा स्टूडियो का सहयोग प्राप्त है, और अभिषेक पाठक इसके तीसरे भाग का निर्देशन कर रहे हैं। उन्होंने आमिल कीयान खान और परवेज़ शेख के साथ मिलकर इस फिल्म की पटकथा भी लिखी है। आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक इस फिल्म का निर्माण कर रहे हैं।

The Ministry of Road Transport and Highways has approved a proposed timeline for Bharat Stage VII (BS-VII) emission norms, with implementation set to begin in April 2029, according to The Economic Times. The proposed rules will be introduced in phases over six years, ending in April 2035, and are aligned with Europe’s Euro 7 standards.

गुजरात के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब तक सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए उद्यमियों को कई जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब ‘सिंगल क्लिक पेमेंट’ सिस्टम शुरू करके इसे बेहद आसान बना दिया गया है।
गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री (DyCM) हर्ष संघवी की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस नई भुगतान व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सूक्ष्म और लघु उद्योगों को वित्तीय सहायता के आसान भुगतान के साथ-साथ राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 33 हेक्टेयर भूमि के औद्योगिक भूखंडों आवंटन (ई-अलॉटमेंट) भी किया गया।
गुजरात के औद्योगिक विकास में MSME का महत्वपूर्ण योगदान
गुजरात के समग्र आर्थिक और औद्योगिक ढांचे में MSME क्षेत्र रीढ़ की हड्डी के समान काम करता है। छोटे और लघु उद्योग राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के अलावा उत्पादन और व्यापार क्षेत्र को भी मजबूत बनाते हैं। इसी वजह से उद्योगों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार के स्तर पर सिंगल क्लिक पेमेंट जैसी आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है।
सिंगल क्लिक पेमेंट से पारदर्शी वित्तीय सहायता
इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पात्र सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को बिना किसी देरी के वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना है। सिंगल क्लिक पेमेंट से सहायता राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से स्थानांतरित होगी। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान कुल कितनी राशि की सहायता वितरित की गई और कितने उद्यमियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला, इसकी सटीक संख्यात्मक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
33 हेक्टेयर औद्योगिक भूखंडों का ई-आवंटन
वित्तीय सहायता के साथ-साथ नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए भूमि की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान 33 हेक्टेयर औद्योगिक भूखंडों का ई-आवंटन किया गया, जिससे उद्यमियों को उचित बुनियादी सुविधाओं के साथ अपना परिचालन शुरू करने का अवसर मिलेगा।
ई-आवंटन से उद्यमियों के लिए नए अवसरों का सृजन
ई-आवंटन की इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया से उद्यमियों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। पारदर्शी डिजिटल माध्यम से भूखंडों के आवंटन से नए अवसरों का सृजन होगा। हालांकि, ये 33 हेक्टेयर भूखंड राज्य के किस विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र में स्थित हैं और कितने उद्योगपतियों को इनका आवंटन किया गया है, इसकी जानकारी सरकारी विवरण में स्पष्ट नहीं की गई है।
गुजरात औद्योगिक नीति-2026 के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन
राज्य सरकार द्वारा नई ‘गुजरात औद्योगिक नीति-2026’ के तहत भी MSME क्षेत्र के लिए व्यापक प्रोत्साहनों के प्रावधान किए गए हैं। इनमें पूंजी निवेश सहायता, ऋण ब्याज में राहत, रोजगार प्रोत्साहन, प्रौद्योगिकी अपग्रेडेशन और गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता जैसे कई पहलू शामिल हैं।
छोटे उद्यमियों के सशक्तिकरण की दिशा में भविष्य की उम्मीद
समय पर वित्तीय सहायता और उपयुक्त औद्योगिक भूमि की उपलब्धता किसी भी छोटे उद्योग के विकास के लिए बुनियादी जरूरत है। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की अध्यक्षता में लिए गए इन फैसलों से छोटे उद्यमियों को बड़ा सहयोग मिलेगा। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस योजना का लाभ अंतिम छोर के उद्यमियों तक कितनी जल्दी पहुंचता है।डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की बड़ी पहल: गुजरात के छोटे उद्योगों को अब एक क्लिक पर मिलेगी सरकारी सहायता
गुजरात के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब तक सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए उद्यमियों को कई जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब ‘सिंगल क्लिक पेमेंट’ सिस्टम शुरू करके इसे बेहद आसान बना दिया गया है।
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की अध्यक्षता में नई प्रणाली का शुभारंभ
गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री (DyCM) हर्ष संघवी की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस नई भुगतान व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सूक्ष्म और लघु उद्योगों को वित्तीय सहायता के आसान भुगतान के साथ-साथ राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 33 हेक्टेयर भूमि के औद्योगिक भूखंडों आवंटन (ई-अलॉटमेंट) भी किया गया।
गुजरात के औद्योगिक विकास में MSME का महत्वपूर्ण योगदान
गुजरात के समग्र आर्थिक और औद्योगिक ढांचे में MSME क्षेत्र रीढ़ की हड्डी के समान काम करता है। छोटे और लघु उद्योग राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के अलावा उत्पादन और व्यापार क्षेत्र को भी मजबूत बनाते हैं। इसी वजह से उद्योगों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार के स्तर पर सिंगल क्लिक पेमेंट जैसी आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है।
सिंगल क्लिक पेमेंट से पारदर्शी वित्तीय सहायता
इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पात्र सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को बिना किसी देरी के वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना है। सिंगल क्लिक पेमेंट से सहायता राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से स्थानांतरित होगी। हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान कुल कितनी राशि की सहायता वितरित की गई और कितने उद्यमियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला, इसकी सटीक संख्यात्मक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
33 हेक्टेयर औद्योगिक भूखंडों का ई-आवंटन
वित्तीय सहायता के साथ-साथ नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए भूमि की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान 33 हेक्टेयर औद्योगिक भूखंडों का ई-आवंटन किया गया, जिससे उद्यमियों को उचित बुनियादी सुविधाओं के साथ अपना परिचालन शुरू करने का अवसर मिलेगा।
ई-आवंटन से उद्यमियों के लिए नए अवसरों का सृजन
ई-आवंटन की इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया से उद्यमियों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। पारदर्शी डिजिटल माध्यम से भूखंडों के आवंटन से नए अवसरों का सृजन होगा। हालांकि, ये 33 हेक्टेयर भूखंड राज्य के किस विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र में स्थित हैं और कितने उद्योगपतियों को इनका आवंटन किया गया है, इसकी जानकारी सरकारी विवरण में स्पष्ट नहीं की गई है।
गुजरात औद्योगिक नीति-2026 के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन
राज्य सरकार द्वारा नई ‘गुजरात औद्योगिक नीति-2026’ के तहत भी MSME क्षेत्र के लिए व्यापक प्रोत्साहनों के प्रावधान किए गए हैं। इनमें पूंजी निवेश सहायता, ऋण ब्याज में राहत, रोजगार प्रोत्साहन, प्रौद्योगिकी अपग्रेडेशन और गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता जैसे कई पहलू शामिल हैं।
छोटे उद्यमियों के सशक्तिकरण की दिशा में भविष्य की उम्मीद
समय पर वित्तीय सहायता और उपयुक्त औद्योगिक भूमि की उपलब्धता किसी भी छोटे उद्योग के विकास के लिए बुनियादी जरूरत है। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की अध्यक्षता में लिए गए इन फैसलों से छोटे उद्यमियों को बड़ा सहयोग मिलेगा। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस योजना का लाभ अंतिम छोर के उद्यमियों तक कितनी जल्दी पहुंचता है।
यूपी के कानपुर में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव से लूट के मामले में सीएम योगी ने खुद कमिश्नर से रिपोर्ट ली। लूटकांड की गाज सेन पश्चिम पारा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार पर गिरी।
Actor Imran Khan: मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद अमेरिकी नागरिक और बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान इमिग्रेशन जांच के दायरे में आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने मशहूर अभिनेता आमिर खान के भांजे इमरान की कथित विदेशी नागरिकता और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। खबरों के अनुसार, इमरान खान से कथित तौर पर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। 10 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें इमरान खान भी शामिल थे।
वहां प्रदर्शनकारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में इकट्ठा हुए थे। इस प्रदर्शन में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। अभिनेता को उसी शाम रिहा कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब मुंबई पुलिस द्वारा एक नोटिस जारी किया गया है। एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “मुंबई पुलिस ने आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में अमेरिकी नागरिक एवं अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए कहा है।”
इमरान खान को इमिग्रेशन से जुड़ी कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है?
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, इमरान खान को मुंबई पुलिस ने गुरुवार (15 अक्टूबर) को एक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। मुंबई पुलिस के अनुसार, भारतीय नागरिक न होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण इमरान खान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि खान एक अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास OCI कार्ड है। इसलिए उन्होंने राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों से उन्हें हिरासत में लेने और देश से बाहर भेजने (निर्वासन) पर विचार करने को कहा है।
इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इमरान खान उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे जिन्हें पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिया था। मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज कुमार शर्मा को लिखे पत्र में बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि क्या खान को इस आंदोलन में शामिल होने की कानूनन अनुमति थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में BJP नेता ने इमरान खान को तुरंत देश से बाहर निकालने की मांग की।
हिरासत में लिए जाने के बाद मुंबई पुलिस के वैन से अभिनेता ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ऐसा लगता है कि मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।” बाद में एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें खान पुलिस अधिकारियों से यह पूछते दिखे, “मैंने क्या किया है? मेरे साथ धक्का-मुक्की क्यों की जा रही है?”
Actor Imran Khan, nephew of Aamir Khan, has been issued a notice by Mumbai Police directing him to leave India by October 28. Imran Khan had participated in a protest at Mumbai’s August Kranti Maidan demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. Mumbai Police had also detained him. Action has been taken against Imran Khan under the relevant provision of the Immigration Act over his participation in the protest despite not being an Indian citizen: Mumbai Police
— IANS (@ians_india) October 15, 2026

सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन को सीजेपी फंडिंग संबंधी बयान पर जवाब देते हुए कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार विदेशी नागरिकों को किसने दिया? हम अपने मुद्दों को खुद संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। हमें अपने देश के मामलों में बाहरी लोगों के दखल की जरूरत नहीं है। ALSO READ: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का बड़ा दावा: CJP को मिल रही अमेरिका से फंडिंग, पीएम मोदी के खिलाफ साजिश का आरोप
मिलबेन ने लगाए थे गंभीर आरोप
मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत के सभी युवा देशभक्तों, यह चुप रहने का समय नहीं है। अभिजीत दीपके और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को अमेरिका के उन डोनर्स से फंडिंग मिल रही है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में आपके भविष्य के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि डरो मत, मेरे युवा देशभक्तों। आपके प्रधानमंत्री, जिन्होंने 25 साल तक भारत की सेवा की है – 12 साल प्रधानमंत्री के तौर पर और लगातार तीन बार चुने गए – वे मेरे देश की विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं। ALSO READ: तिहाड़ जेल में कटी सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात: जमीन पर कंबल बिछाकर रोए, दाल-रोटी का सहारा
क्या है अभिजीत दिपके का जवाब
इसके जवाब में दिपके ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार विदेशी नागरिकों को किसने दिया? हम अपने मुद्दों को खुद संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। हमें अपने देश के मामलों में बाहरी लोगों के दखल की जरूरत नहीं है।
Oh dear @abhijeet_dipke, the truth sets everybody free. Even you. And here’s the truth: these US donors will drop you like a hot cake when you don’t succeed. And you won’t, because lawlessness never wins. Instead, take your U.S. education, talent, and use it for good. Sit down with the PM @narendramodi and be a positive voice to advance India. The truth of your courage to do what’s right lies in your next steps. And the PM doesn’t need American support. He has 1.5 billion beautiful Indian citizens who support him and have for 25 years, 12 years as PM, three consecutive terms. And will again in 2029. That’s the truth.
— Mary Millben (@MaryMillben) October 14, 2026
मिलबेन ने फिर किया पलटवार
इस पर जवाब देते हुए मिलबेन ने कहा कि “डियर अभिजीत दिपके, सच सबको स्वतंत्र करता है। आपको भी। और यहाँ सच यह है कि जब आप सफल नहीं होंगे, तो ये अमेरिकी दानदाता आपको एक झटके में छोड़ देंगे। और आप सफल नहीं होंगे, क्योंकि अराजकता कभी नहीं जीतती। इसके बजाय, अपनी अमेरिकी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग भलाई के लिए करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठें और भारत को आगे बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक आवाज बनें। सही काम करने की आपकी हिम्मत का सच आपके अगले कदमों में निहित है।
और प्रधानमंत्री को अमेरिकी समर्थन की आवश्यकता नहीं है। उनके पीछे 1.5 अरब खूबसूरत भारतीय नागरिक हैं जो उनका समर्थन करते हैं और 25 साल से ऐसा कर रहे हैं—12 साल प्रधानमंत्री के रूप में, तीन लगातार कार्यकाल। और 2029 में भी करेंगे। यही सच है।”





