Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

Gold Price : शुक्रवार,28 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशक US फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल में होने वाले भाषण से पहले मुनाफावसूली कर रहे है। फिलहाल 12 बजे के आसपास MCX पर सोने का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 716 रुपए यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 158,282 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी का सितंबर फ्यूचर्स 101 रुपए यानी 0.04 फीसदी गिरकर 240,550 रुपए प्रति किलोग्राम पर दिख रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक वॉर्श के भाषण पर नजरें बनाए हुए है। US गोल्ड फ्यूचर्स के दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.40% गिरकर 4,627.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं।

गोल्ड पर जेफरीज की राय

इस बीच गोल्ड पर जारी अपनी रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज में कहा है कि भारत में आज भी सबसे बड़ा भरोसा सोने पर ही है। भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी है। उसके मुताबिक देश में करीब 4 लाख करोड़ डॉलर का सोना है,जो आगे चलकर इकोनॉमी और मार्केट दोनों को चमका सकता है। गोल्ड ही भारत का सुपर पावर है। भारत के गोल्ड की वैल्यू 4 लाख करोड़ डॉलर है जो कुल इक्विटी निवेश का 4 गुना है। देश में गोल्ड का भाव 10 फीसदी बढ़ने पर जीडीपी में 0.80 फीसदी का उछाल देखने को मिलता है।

जेफरीज का कहना है कि सोने के दाम बढ़ने से इकोनॉमी और मार्केट दोनों को फायदा होता है। देश में सोना बढ़ेगा तो खर्च बढ़ेगा। गोल्ड लोन के बढ़ते क्रेज से भी फायदा होगा। लोग घर में सोना रखने के बजाय गोल्ड लोन लेकर पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं। गोल्ड लोन के पैसे से इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।

जेफरीज का गोल्डन पोर्टफोलियो

जेफरीज के गोल्ड थीम में मणप्पुरम और सिल्वर थीम में हिंदुस्तान जिंक शामिल है। इसके अलावा उसके मॉडल पोर्टफोलियो में कंजम्पशन थीम से मीशो और केमिकल थीम से नवीन फ्लोरीन शामिल है। वहीं, इसने अपने मॉडल पोर्टफोलियो से जिंदल स्टेनलेस और अंबुजा सीमेंट को बाहर कर दिया है। जेफरीज की राय है कि सोना चढ़ा तो टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स, MCX, IIFL फाइनेंस और मुथूट फाइनेंस की बल्ले-बल्ले होगी।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Outlook: क्या सोना और चांदी खरीदने का यह सही समय है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Gold Outlook: सोने की कीमत में $4,600 प्रति औंस से ऊपर की तेजी ने निवेशकों के मन में फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है। क्या हालिया गिरावट (करेक्शन) के बाद सोना और चांदी में दोबारा निवेश करने का यह सही समय है? ऐसा करने के पक्ष में राय मजबूत हो रही है। वैलम कैपिटल की अगस्त मैक्रो ग्रिड चार्टबुक के अनुसार, अगस्त में सोने से 9% रिटर्न मिला, जो व्यापक इक्विटी मार्केट के रिटर्न का लगभग 5 गुना है, जबकि गोल्ड माइनर्स (सोना निकालने वाली कंपनियों) को 21% का फ़ायदा हुआ। वैलम कैपिटल ने अपनी हालिया रिपोर्ट में निवेशकों को सोना और चांदी “फिर से खरीदने” (reload) का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि कीमतों में आई गिरावट से कीमती धातुओं के प्रति सकारात्मक नजरिए (थीसिस) पर कोई असर नहीं पड़ा है।

इस हालिया तेजी में US ट्रेज़री यील्ड में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से मदद मिली है। ऐसा तब हुआ जब US ट्रेज़री ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की ज़्यादा खरीद की घोषणा की। कम यील्ड से सोना रखने की ‘अपॉर्च्यूनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) कम हो जाती है, जबकि राजकोषीय चिंताओं के कारण करेंसी की वैल्यू घटने (करेंसी-डिबेसमेंट) की बहस फिर से शुरू हो गई है।

वैलम कैपिटल का नजरिया सकारात्मक क्यों है?

फर्म ने अपनी हालिया रिपोर्ट में सेंट्रल बैंकों की मांग में भारी बढ़ोतरी की ओर इशारा किया है। सेंट्रल बैंकों ने 2026 की दूसरी तिमाही में 288.9 टन सोना खरीदा, जो तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 411% ज़्यादा है। यह तब हुआ जब वेस्टर्न ETF से 44.8 टन सोने की निकासी हुई और ज्वेलरी की मांग में 17% की गिरावट आई।

वहीं, कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सप्लाई में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। वैलम के अनुसार, माइन प्रोडक्शन (खदानों से उत्पादन) में सिर्फ़ 2% की बढ़ोतरी हुई, रीसाइकल किए गए सोने में 6% की गिरावट आई और कुल सप्लाई स्थिर रही।

फर्म का यह भी तर्क है कि जैसे-जैसे ग्लोबल डेट (वैश्विक कर्ज) बढ़ रहा है, करेंसी की वैल्यू घटने के खिलाफ बचाव (हेज) के तौर पर सोने की भूमिका और महत्वपूर्ण होती जा रही है। उनका अनुमान है कि जमीन के ऊपर मौजूद सोने की कुल कीमत लगभग $31 ट्रिलियन है, जबकि प्रमुख सेंट्रल बैंकों की मनी सप्लाई $102 ट्रिलियन और ग्लोबल डेट लगभग $350 ट्रिलियन है।

फर्म का कहना है कि चांदी भी इस सकारात्मक नजरिए को और मजबूत करती है। 2021 से 2026 के बीच, चांदी में 263% और सोने में 164% की की बढ़ोतरी हुई। फिर भी, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो लगभग 69 गुना बना हुआ है, जो इसके लंबे समय के औसत (मीडियन) 45-50 गुना से ज़्यादा है।

सोने-चांदी के तेजी के पीछे आंख बंद कर ना करें भरोसा

लेकिन हर कोई इस स्थिति को एक ही नजरिए से नहीं देखता। YES सिक्योरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ रिसर्च के स्ट्रैटेजिस्ट हितेश जैन ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा है कि वे इस नए कदम को अलग नजरिए से देखते हैं। वे इसे सोने के लिए स्ट्रक्चरल बदलाव के बजाय एक टैक्टिकल राहत मानते हैं।

US ट्रेजरी के लॉन्ग-एंड बायबैक को प्रति ऑपरेशन कम से कम दोगुना करके $4 बिलियन करने के फैसले से लॉन्ग-टर्म यील्ड कम हुई है, जिससे सोने को थोड़े समय के लिए बढ़ावा मिला है। लेकिन जैन का तर्क है कि इस दखल से US की मूल फिस्कल समस्या हल नहीं होती क्योंकि बायबैक की गई सिक्योरिटीज की जगह नए इश्यू ले लेंगे।

उनकी बड़ी चिंता ग्लोबल कैपेक्स (कैपिटल एक्सपेंडिचर) साइकिल है। सरकारें और कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, एनर्जी और रीशोरिंग के लिए कैपिटल जुटाने की होड़ में हैं, जिससे कैपिटल की लागत स्ट्रक्चरल रूप से ज़्यादा बनी रह सकती है। जैन ने कहा, “अगले तीन से पांच वर्षों में , हमें उम्मीद है कि सोना इक्विटी और इंडस्ट्रियल मेटल्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन करेगा।”

सतर्क हैं भारतीय निवेशक

घरेलू निवेश का ट्रेंड भी बताता है कि निवेशक आंख बंद करके सोने की तेजी के पीछे नहीं भाग रहे हैं। वैलम (Vallum) के अनुसार, जुलाई में प्रेशियस-मेटल फंड में निवेश घटकर ₹4,084 करोड़ रह गया, जो जून में ₹8,680 करोड़ था। वहीं, जून में ₹65,530 करोड़ की निकासी के बाद जुलाई में मनी-मार्केट फंड में ₹1.40 लाख करोड़ का निवेश हुआ। जनवरी 2025 और जनवरी 2026 के बीच, भारतीय रिटेल निवेशकों ने गोल्ड फंड और ETF में लगभग ₹93,000 करोड़ का निवेश किया, जिसमें अकेले जनवरी में रिकॉर्ड ₹33,837 करोड़ का निवेश हुआ।

जो निवेशक फिर से निवेश करना चाहते हैं। उनके लिए एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि रियल यील्ड, डॉलर, फिस्कल पॉलिसी और सेंट्रल बैंक की खरीदारी मुख्य संकेतक बने रहेंगे।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

UP Board: कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए भी जरूरी होगी APAAR ID, 12 अंकों का डिजिटल पहचान पत्र शैक्षिक रिकॉर्ड रखेगा सुरक्षित

UP Board APAAR ID 2026: नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। यूपी बोर्ड ने नए सत्र से छात्रों को अपनी APAAR ID बनवाने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म के पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।

परिषद का कहना है कि ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनाई जाने वाली अपार आईडी के जरिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सही शैक्षणिक विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।

यूपी बोर्ड वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की व्यवस्था के जरिए छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। अभी कक्षा 9 और 11 के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों के परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, अपार आईडी को लेकर यूपी बोर्ड की अपील छात्रों और अभिभावकों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि परिषद चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए अपनी डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार रखें। हालांकि इसे परीक्षा फॉर्म या अग्रिम पंजीकरण में दर्ज करना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे स्कूल की पढ़ाई से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद मिल सकेगी।

क्या है अपार आईडी?

अपार आईडी छात्रों की 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है। यह छात्र की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत छात्र के शैक्षणिक क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। शिक्षा से जुड़ी छात्र की हर जानकारी एक डिजिटल पहचान से जोड़ी जा सकती है।

कागजी प्रमाणपत्र पर नहीं रहेंगे निर्भर

अपार आईडी का एक बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए विद्यार्थियों के जरूरी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसकी मदद से छात्रों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए सिर्फ कागजी प्रमाणपत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

छात्रवृत्ति पाना भी होगा आसान

परिषद के मुताबिक अपार आईडी के जरिए छात्रों का सही विवरण और आंकड़े उपलब्ध रहने से उन्हें छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने में मदद मिलेगी। अपार आईडी सिर्फ पहचान संख्या नहीं होगी बल्कि छात्र के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का जरिया भी बनेगी।

परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी देना अनिवार्य नहीं

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम पंजीकरण या परीक्षा आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना फिलहाल अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद परिषद विद्यार्थियों के व्यापक हित को देखते हुए इसे बनवाने और पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराने का अनुरोध कर रहा है। सचिव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने में सहयोग करें। परिषद के सचिव के मुताबिक अपार आईडी बनाने का काम अभिभावकों की सहमति से पूरा किया जाता है।

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पाकिस्तान में 200 साल पुराना गुरुद्वारा गिराया:शॉपिंग मॉल बनाया जा रहा; BJP बोली- सिखों की विरासत खत्म की जा रही

पाकिस्तान के बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक ‘श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा’ को गिरा दिया गया। अब इस जगह पर एक मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बलूचिस्तान गुरुद्वारा सिंह सभा के सदस्य सरदार जसबीर सिंह के अनुसार, पूरा सिख समाज इसका विरोध कर रहा है, लेकिन अभी तक सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही। उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारे थे, जिनमें से अब सिर्फ 2 बचे हैं। गुरुद्वारे को गिराए जाने पर भारत में भी कड़ा विरोध हो रहा है। भाजपा के नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह ने कहा कि ये पाकिस्तान में सिखों की विरासत खत्म करने की कोशिश है। अकाल तख्त साहिब को पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाना चाहिए और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। 200 साल पुराने गुरुद्वारे में खुला था स्कूल क्वेटा के आर्चर रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा परिसर में बाद में सेंट गैब्रिएल स्कूल संचालित हो रहा था। सिख समुदाय के नेता सरदार जसबीर सिंह के मुताबिक, अब उसी गुरुद्वारे को ढहाकर यहां शॉपिंग प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है। मामला बलूचिस्तान हाई कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल निर्माण रोकने से इनकार कर दिया है। निजी बिल्डर को जमीन बेची गई सिख समुदाय के मुताबिक, यह जमीन श्री गुरु सिंह सभा से जुड़ी संपत्ति थी। आरोप है कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने इसे एक निजी बिल्डर को बेच दिया। अब सवाल उठ रहा है कि ETPB को इस धार्मिक संपत्ति को बेचने का अधिकार किस आधार पर मिला और जमीन की बिक्री की प्रक्रिया क्या थी? इस पर पाकिस्तान सरकार या ETPB की ओर से आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें क्या बोले आरपी सिंह… फारूकाबाद में भी 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ा गया था पाकिस्तान के फारूकाबाद में भी 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को तोड़ा गया था। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि ये खबर बेहद दुखद है। उन्होंने कहा था कि भारत इस घटना की कड़ी निंदा करता है। यह सिखों के एक पवित्र धार्मिक स्थल को जानबूझकर निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ है। सबसे चिंता की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने की ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे साफ है कि वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले अब भी जारी हैं। —————— पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ा:गुबंद गिराने पर सिखों में गुस्सा, तोड़फोड़ रुकवाई; ताला लगाकर जगह सील की
पाकिस्तान के पंजाब में गुरुद्वारों को गिराने का सिलसिला थम नहीं रहा। बीते शुक्रवार (26 जून) को फारूखाबाद (मंडी चूरकाना) में भूमाफिया ने प्रशासन के साथ मिलकर 125 साल पुराने ऐतिहासिक सिंह सभा गुरुद्वारे का एक हिस्सा गिरा दिया। पूरी खबर पढ़ें…

Nepal Flood Video: नेपाल बाढ़ की तबाही के बीच हैवानियत! मृत महिला के बाल खींचकर कानोंर से उड़ाईं सोने की बालियां, ये शर्मनाक काम करने वाले कौन थे?

Nepal Flood News: नेपाल में आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ के बीच एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। लोग नेपाल में कुदरत के इस कहर के बीच अभी भी अपनी जान और अपनों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं लेकिन इस त्रासदी के बीच दो पुरुषों ने संवेदनहीनता और हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। नेपाल में नारायणी नदी में बहकर आई एक मृत महिला के शव से सोने की बालियां चुराने का शर्मनाक मामला सामने आया है। नेपाल पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में दिखा हैवानियत का मंजर, मूकदर्शक बने रहे लोग

इस दर्दनाक और शर्मनाक घटना का खुलासा एक 41 सेकंड के वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो शख्स बाढ़ के पानी में तैरती हुई महिला की लाश को लकड़ी के तख्तों की मदद से किनारे की ओर खींचते हैं।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने महिला के शव को पानी से बाहर निकालने के नाम पर उसके बाल खींचे और फिर बेरहमी से उसके दोनों कानों से सोने की बालियां निकालकर अलग रख लीं। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि जब यह घिनौना काम हो रहा था तब वहां मौजूद कई दूसरे लोग इसमें हस्तक्षेप करने या रोकने के बजाय अपने फोन से इस घटना का वीडियो बनाते रहे।

चितवन पुलिस ने की आरोपियों की पहचान, पोखरा बस पार्क के पास से हुए गिरफ्तार

शर्मनाक हरकत का यह वीडियो सामने आने के बाद नेपाल पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। वीडियो के आधार पर नेपाल पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मदन गुरुंग और 38 वर्षीय उमेश चौधरी के रूप में की।

हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की रिपोर्ट में नेपाली मीडिया पोर्टल खबरहब के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने दोनों संदिग्धों को गुरुवार को भरतपुर महानगरपालिका-1 स्थित पोखरा बस पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है कि ऐसे कठिन समय में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली लूटपाट या किसी भी तरह की अमानवीय गतिविधि के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में बाढ़ का कहर: 469 लोगों की मौत, सैकड़ों अभी भी लापता

यह शर्मनाक घटना ऐसे समय में हुई है जब नेपाल हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चपेट में है। बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा पर ल्हेन्दे नदी के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में पानी, मलबे और पत्थरों का भयंकर सैलाब आ गया था। इस तबाही की वजह से नेपाल में अब तक कम से कम 469 लोगों की जान जा चुकी है जबकि चीन की तरफ 3 लोगों की मौत हुई है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का सबसे बड़ा असर रसुवा और धाडिंग जिलों में देखने को मिला।

बाढ़ का पानी नीचे बहते हुए नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व तक पहुंच गया। सड़कें और पुल बह जाने और कम्युनेकेशन के साथ बिजली सेवाएं ठप होने से राहत और बचाव टीमों को कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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खतरा अभी टला नहीं, नदियों के आसपास बना हुआ है जोखिम

नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने चेतावनी जारी की है कि खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक नदी में रुकावट आने की वजह से बनी झील से पानी अभी पूरी तरह से बाहर नहीं निकला है। इस वजह से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में अभी भी लगातार खतरा मंडरा रहा है और वहां अलर्ट जारी है।

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

Market cues : बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नेपाल बाढ़ हादसा : फंसे हुए गुजरातियों की मदद के लिए गुजरात सरकार सक्रिय, प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने दी बड़ी जानकारी

नेपाल बाढ़ हादसा : फंसे हुए गुजरातियों की मदद के लिए गुजरात सरकार सक्रिय, प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने दी बड़ी जानकारी

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नेपाल में फंसे गुजरात के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए गुजरात सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधी बातचीत की है, ताकि राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा सकें। 

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सहायता के लिए हेल्पलाइन और डेटा कलेक्शन

 

फंसे हुए नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन संपर्क (हेल्पलाइन) नंबर जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री से स्थिति पर चर्चा की है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) द्वारा फंसे हुए गुजरातियों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। जिन लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, उनकी जानकारी भी साझा की गई है और जिला स्तर पर भी आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। 

 

नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान

 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और यातायात तथा संचार ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के 35 बड़े पुल और 45 झूला पुल बह गए हैं। बुनियादी ढांचे को पहुंचे इस नुकसान के कारण कई क्षेत्रों के बीच संपर्क टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी कठिनाई आ रही है। 

 

सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा

 

नेपाल सरकार द्वारा प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि रसुवागढ़ी सीमा से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर लेंडी नदी का प्रवाह बाधित हो गया है। नदी में आए इस अवरोध के कारण तटीय क्षेत्र में लगभग 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक बड़ी अस्थायी (कृत्रिम) झील बन गई है।

 

अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) का खतरा और प्रशासन की चेतावनी

 

नेपाल सरकार ने इस स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है कि यदि यह प्राकृतिक झील का बांध टूटता है, तो निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) आ सकती है। इस खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले सभी नागरिकों तथा संबंधित अधिकारियों को अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल की तबाही वाली बाढ़ का नया Video आया सामने, देखिए त्रिशूली बाजार में पीछे पीछे पानी और आगे कैसे जान बचाकर भागते दिखे लोग

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बीच एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। यह नया वीडियो नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार का है। यहां बुधवार को आई भयानक बाढ़ के बीच अचानक चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मटमैले पानी, कीचड़ और मलबे की एक विशाल दीवार तेजी से बाजार की ओर बढ़ रही है और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भाग रहे हैं।

आम दिन का माहौल अचानक बदला चीख-पुकार में, स्कूल बस भी फंसी

वायरल फुटेज में दिखाया गया है कि त्रिशूली बाजार में हर रोज की तरह सामान्य चहल-पहल थी। ये चहल पहल कुछ ही पलों में भारी अफरा-तफरी में बदल गई। जैसे ही बाढ़ का पानी तेजी से बाजार की सड़कों में दाखिल हुआ, पैदल चल रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। कार और मोटरसाइकिल सवार भी सैलाब के रास्ते से दूर हटने की होड़ में लग गए।

यहां नीचे देखिए तबाही वाला वो वीडियो

इस भयानक अफरा-तफरी और मलबे के बीच एक स्कूल बस भी फंसी हुई नजर आई। पानी के तेज बहाव ने देखते ही देखते पूरे बाजार को अपनी आगोश में ले लिया। कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा बाजार इलाका पानी, गाद, पत्थरों और मलबे से पट गया। इससे सड़कें, इमारतें और पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गए।

ग्लेशियर ढहने से शुरू हुई तबाही, नुवाकोट में सबसे ज्यादा तबाही

यह जलप्रलय बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए एक बड़े भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़ी घटना की वजह से आया था। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से स्थानी हिमालयी नदियों के स्टीम में भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टानें और कीचड़ बहकर नीचे आ गया। इस तबाही से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में नुवाकोट शामिल है। यहां कई गांव पूरी तरह तबाह या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कें और पुल बह जाने के कारण कई समुदाय पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं, जिससे राहत और बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राहत दल भारी मशीनों की मदद से कीचड़ और मलबे के नीचे दबे लोगों तथा जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

469 की मौत, 290 भारतीय समेत 1500 लापता, पीएम बालेन शाह ने लिया जायजा

ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस भीषण आपदा में अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 290 भारतीय नागरिकों समेत लगभग 1500 लोग अभी भी लापता हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य की सभी एजेंसियां अपनी पूरी क्षमता के साथ बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को खोजना, घायलों का तुरंत इलाज कराना और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना है। इस बीच अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आगे भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

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