
The Mahindra XUV 3XO CNG has been launched at a starting price of Rs 9.99 lakh, ex-showroom. The XUV 3XO CNG will take on rivals like the Maruti Brezza and Tata Nexon, which offer the choice of a factory-fitted CNG kit.

The Mahindra XUV 3XO CNG has been launched at a starting price of Rs 9.99 lakh, ex-showroom. The XUV 3XO CNG will take on rivals like the Maruti Brezza and Tata Nexon, which offer the choice of a factory-fitted CNG kit.
Share Market Rally: आज, 15 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रैली देखने को मिल रही है। सुबह के कारोबारी सत्र में प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी तक की बढ़त दर्ज कर के कारोबर कर रहे है। आईटी इंडेक्स में 2% से ज्यादा की ताबड़तोड़ तेजी ने बाजार को ऊपर उठाने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई है।
मार्केट का ताजा हाल
सुबह के कारोबारी सत्र 10 बजे के आंकड़ों के अनुसार, शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली, जिसमें प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 774.05 अंक (+1.06%) की शानदार छलांग के साथ 73,555.94 पर और निफ्टी 50, 215.40 अंक (+0.95%) की मजबूती के साथ 22,838.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि आईटी शेयरों में 2.29% की तूफानी तेजी के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 30,862.65 पर पहुंच गया और बैंक निफ्टी (+0.49%) व बैंकैक्स (+0.40%) भी हरे निशान में रहे, हालांकि निफ्टी मिडकैप 100, 59,405.05 (-0.00%) पर लगभग सपाट नजर आया।
बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें:
1. IT शेयरों में तूफानी खरीदारी: HCLTech के शानदार नतीजों के बाद से ही आईटी शेयरों में खरीददारी का दौर जारी है। आईटी इंडेक्स अकेले 690 अंक से ज्यादा उछल चुका है, जिससे पूरे मार्केट का मूड पॉजिटिव हुआ है।
2. निचले स्तरों से वैल्यू बाइंग: बाजार पिछले छह महीने के निचले स्तरों के करीब कारोबार कर रहा था, जिससे कई मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर काफी आकर्षक वैल्युएशन पर उपलब्ध हो गए। निवेशकों ने इस मौके का फायदा उठाकर निचले स्तरों पर जोरदार खरीदारी की है।
3. टेक्निकल कारण: बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 22,600 के स्तर से ऊपर बना हुआ है, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। 22,600 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है और इसके टूटने पर ही मंदी का खतरा बनेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Share Market Rally: कच्चे तेल में गिरावट और रुपये की मजबूती से स्टॉक मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है। इस सपोर्ट पर सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 22900 के करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर बिकवाली का दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 871.57 प्वाइंट्स यानी 1.20% की बढ़त के साथ 73,653.46 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 250.05 प्वाइंट्स यानी 1.11% के उछाल के साथ 22,873.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 930.67 प्वाइंट्स उछलकर 73,712.56 और निफ्टी 269.20 प्वाइंट्स चढ़कर 22,891.90 तक पहुंच गया था।
Share Market Rally: ये है वजह
कच्चे तेल में गिरावट
न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका तेल के बेडे़ पर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। इससे कच्चे तेल पर दबाव बढ़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल फिसलकर $104 के करीब आ गया। इसने मार्केट में रौनक बिखेरी है।
IT Sector से मजबूत सपोर्ट
घरेलू मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। एआई स्टॉक्स में भारी बिकवाली के चलते एआई-हैवी दक्षिण कोरियाई इंडेक्स कोस्पी करीब 9% टूट गया। एआई स्टॉक्स में बिकवाली ने आईटी सर्विसेज स्टॉक्स की रौनक बढ़ा दी और घरेलू मार्केट में निफ्टी आईटी 2% से अधिक उछल पड़ा। इसकी तेजी ने पीएसयू बैंकिंग शेयरों की बिकवाली को संभाल लिया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा है। प्राइवेट बैंकों से भी मार्केट को सपोर्ट मिला है, और निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक मजबूत हुआ है।
वैल्यू बाइंग
हाल-फिलहाल मार्केट में भारी गिरावट से कई अच्छे-अच्छे स्टॉक्स भी सस्ते में मिलने लगे तो निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग होने लगी, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।
रुपये की मजबूती
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 94.92 के भाव पर खुला। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।
स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को भारी पड़ गया। पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन के मामले में SEM कोर्ट द्वारा 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद दोनों नेता अब तिहाड़ जेल में बंद हैं। ALSO READ: CJP का तिरंगा मार्च, अभिजीत दीपके का ऐलान, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में जुटने की अपील
जेल सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी के दोनों नेताओं की तिहाड़ जेल में पहली रात काफी बेचैनी में गुजरी। सुरक्षा कारणों और अन्य कैदियों के साथ किसी भी तरह के संभावित टकराव को रोकने के लिए दोनों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। सौरव दास को जेल नंबर 2 और आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में भेजा गया है। उनकी सेल के बाहर चौबीसों घंटे पुलिस पहरा तैनात है।
जेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोनों नेताओं को किसी भी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी गई है। उन्हें अन्य विचाराधीन कैदियों की तरह ही रखा गया है। भोजन में उन्हें सामान्य कैदियों की तरह केवल दाल, रोटी और सब्जी परोसी जा रही है। सोने के लिए चारपाई या बेड के बजाय जमीन पर केवल कंबल दिए गए हैं।
उनकी सेल में अखबार और टेलीविजन की सुविधा दी गई है, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी आवाजाही बेहद सीमित रखी गई है। वे केवल सुबह और शाम पुलिसकर्मियों की कड़ी निगरानी में वार्ड के अंदर टहल सकते हैं। ALSO READ: राहुल गांधी के घर चाय पर चर्चा की इनसाइड स्टोरी? CJP से नेहा बोरा तक कौन किसके साथ, कौन किसके खिलाफ?
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के इन नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया था। पहले भरे गए पीस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और नियमों को ताक पर रखकर प्रदर्शन करने के चलते प्रशासन ने यह कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
Trading Ideas : 14 अक्टूबर को निफ्टी में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे इक्विटी बेंचमार्क ने पिछले सत्र में हुई कुछ बढ़त गंवा दी। हालांकि, NSE पर मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। जहां 1,850 शेयरों में तेजी देखने को मिली, वहीं 1,421 शेयरों में गिरावट आई। जब तक बेंचमार्क सूचकांक अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को स्पष्ट रूप से वापस हासिल नहीं कर लेते, तब तक बाजार के रेंज-बाउंड रहने की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए,यहां कुछ शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग आइडिया दिए गए हैं, जिन पर दांव लगाया जा सकता है।
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की टॉप पिक्स
रेडिंगटन (Redington)
रेडिंगटन ने डेली चार्ट पर 20 EMA को फिर से हासिल कर लिया है,जो बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। 20 EMA और 50 EMA ने एक बुलिश क्रॉसओवर बनाया है, जबकि स्टॉक 200-दिन के मूविंग एवरेज (200 DMA) के काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो एक पॉजिटिव ट्रेंड को दर्शाता है।
इसके अलावा,ऑवरली RSI में एक बुलिश क्रॉसओवर देखा गया है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है। चार्ट सेटअप के आधार पर,आने वाले दिनों में ट्रेंड के मजबूत बने रहने की संभावना है,जिसमें 422 रुपये तक की तेजी आ सकती है। नीचे की तरफ, 388 रुपये पर सपोर्ट है। अगर स्टॉक इससे नीचे जाता है तो इसके मोमेंटम में कमजोरी आ सकती है। इस स्टॉक में 388 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ, 422 रुपये के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies)
टाटा टेक्नोलॉजीज ने डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन पैटर्न को तोड़ दिया है, जो बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। कीमत 20 EMA के ऊपर बनी हुई है, जबकि डेली RSI में बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिला है और यह लगातार ऊपर जा रहा है,जो मजबूत मोमेंटम का संकेत है।
इसका शॉर्ट टर्म ट्रेंड पॉजिटिव रहने की संभावना है, जिसमें 788 रुपये तक की तेजी आ सकती है। नीचे की तरफ, 720 रुपये पर सपोर्ट है। अगर शेयर इससे नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। इस स्टॉक में 720 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ, 788 रुपये के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
केनरा बैंक (Canara Bank)
केनरा बैंक ने डेली चार्ट पर 20 EMA को फिर से हासिल कर लिया है, जो बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। मौजूदा रिकवरी से पहले, स्टॉक ने एक ऐतिहासिक ‘स्विंग लो’ के पास सपोर्ट लिया था।
इसके अलावा, डेली RSI में एक ‘बुलिश क्रॉसओवर’ देखा गया है और यह लगातार ऊपर जा रहा है, जो मजबूत होते मोमेंटम को दर्शाता है। शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के पॉजिटिव बने रहने की संभावना है, जिसमें स्टॉक 132 रुपये के स्तर तक जा सकता है। नीचे की तरफ, 121.40 रुपये पर सपोर्ट है। अगर स्टॉक इससे नीचे जाता है, तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है। इस स्टॉक में 121.40 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ, 132 रुपये के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह की टॉप पिक
जिंदल सॉ (Jindal Saw)
जिंदल सॉ ने अपनी 283–275 रुपये की कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है,जो सितंबर के आखिर से बनी हुई थी। स्टॉक बढ़त के साथ बंद हुआ जो इसके निकट-अवधि के प्राइस स्ट्रक्चर में सुधार का संकेत है। 100-दिवसीय EMA लगातार एक डायनामिक सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है,जिसने अक्टूबर की शुरुआत से अब तक दो बार खरीदारी को ट्रिगर किया है।
यह स्टॉक अब अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसके पॉजिटिव टेक्निकल सेटअप को और मजबूत बनाता है। RSI में 40 के स्तर के आसपास से जोरदार उछाल आया है, जो बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।
इसके अलावा, ADX इंडिकेटर पर DI+ लाइन, DI- लाइन के ऊपर आ गई है, जो बुलिश रुझान को और पुख्ता करती है। यह ब्रेकआउट आगे और तेजी आने का रास्ता खोल सकता है। इसलिए, 295–298 रुपये के दायरे में इसमें खरीदारी (accumulate) करने की सलाह है, जिसमें 286 रुपये पर स्टॉप-लॉस रखें। ऊपर की तरफ, शॉर्ट टर्म में यह स्टॉक 320 रुपये के स्तर को छू सकता है।
रेन इंडस्ट्रीज (Rain Industries)
रेन इंडस्ट्रीज ने अपनी 230–191 रुपये की कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है,जो अगस्त की शुरुआत से बनी हुई थी। इस ब्रेकआउट को ट्रेडिंग वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी का समर्थन मिला है, जिससे कीमतों में पॉजिटिव एक्शन को मजबूती मिल रही है।
RSI काफी समय तक लगभग स्थिर रहने के बाद ऊपर की ओर मुड़ गया है और 60 के स्तर के पार चला गया है, जो फिर से तेजी के रुझान (bullish momentum) का संकेत देता है। इसके अलावा, MACD लाइन सिग्नल लाइन के ऊपर आ गई है और जीरो लाइन के ऊपर ट्रेड कर रही है, जो तेजी के इस रुझान को और मजबूत करती है।
ADX इंडिकेटर पर DI+ लाइन, DI- लाइन के ऊपर है और दोनों के बीच का अंतर बढ़ रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में मंदड़ियों के मुकाबले तेजड़ियों का दबदबा बढ़ रहा है।
इसलिए, 235–240 रुपये के दायरे में खरीदारी (accumulation) करने की सलाह है, जिसमें 225 रुपये का स्टॉप-लॉस रखें। ऊपर की तरफ, शॉर्ट टर्म में यह स्टॉक 255 रुपये के स्तर को छू सकता है।
कर्नाटक बैंक (Karnataka Bank)
कर्नाटक बैंक 20 अगस्त से 346–310 रुपये की रेंज में कंसोलिडेट कर रहा है। गिरता हुआ ADX दिशात्मक मजबूती और वोलैटिलिटी में कमी को दर्शाता है, जो एक कंसोलिडेशन फेज का संकेत है। हालांकि, यह स्टॉक डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर प्रमुख शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे इसका बड़ा तकनीकी सेटअप पॉजिटिव बना हुआ है।
RSI में 60 के स्तर से थोड़ी गिरावट आई है,जो तेजी के रुझान में एक अस्थायी ठहराव का संकेत है। प्राइस एक्शन और टेक्निकल इंडिकेटर्स का तालमेल यह बताता है कि स्टॉक एक संभावित ब्रेकआउट के लिए आधार तैयार कर रहा है। कंसोलिडेशन रेंज से बाहर एक साफ चाल, आगे की दिशा के बारे में नए संकेत दे सकती है।
इसलिए, 337–342 रुपये के दायरे में खरीदारी (accumulate) करने की सलाह है, जिसमें 325 रुपये का स्टॉप-लॉस रखें। ऊपर की तरफ, शॉर्ट टर्म में यह स्टॉक 365 रुपये के स्तर को छू सकता है।
जैनम की डिप्टी मैनेजर -रिसर्च-टेक्निकल डिपार्टमेंट, वैशाली पटेल की पसंद
एजिस लॉजिस्टिक्स(Aegis Logistics)
एजिस लॉजिस्टिक्स एक लंबे कंसोलिडेशन दौर से बाहर निकलता हुआ दिख रहा है। हाल ही में, इसके शेयर ने 1,450 रुपये के रेजिस्टेंस जोन को फिर से हासिल कर लिया है। यह एक ऐसा स्तर है जिसने पिछले कुछ महीनों से इसकी तेजी को रोक रखा था। रेजिस्टेंस के पास ‘हायर लो’ (higher lows) का बनना लगातार बनी हुई खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि ऊंचे स्तरों पर भी शेयरों को जमा (accumulate) किया जा रहा है।
ब्रेकआउट की कोशिश को ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई जोरदार बढ़त से और सपोर्ट मिल रहा है, जो बाजार में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। स्टॉक अपने अम मूविंग एवरेज के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है जो मौजूदा ट्रेंड को और पुख्ता करता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। RSI न्यूट्रल स्तर से ऊपर जा रहा है, जो मजबूत होते बुलिश सेंटीमेंट को दर्शाता है। प्राइस स्ट्रक्चर से संकेत मिलता है कि स्टॉक कंसोलिडेशन (स्थिरता) के दौर से निकलकर एक्सपेंशन (विस्तार) की ओर बढ़ रहा है, जो अक्सर एक लंबे ट्रेंड की शुरुआत का संकेत होता है। इस स्टॉक में 1,440 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ, 1,560 रुपये के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
विंध्य टेलीलिंक्स (Vindhya Telelinks)
विंध्य टेलीलिंक्स ने ‘डबल-बॉटम ब्रेकआउट’ पूरा करने के बाद एक मजबूत तेजी का सेटअप दिखाया है। नेकलाइन ज़ोन के ऊपर ब्रेकआउट के बाद, यह स्टॉक लगातार ‘हायर हाई’ और ‘हायर लो’ बना रहा है। 2,950–3,000 रुपये के ज़ोन में हालिया प्राइस एक्शन यह संकेत देता है कि निचले स्तरों से आई तेज रैली के बाद, स्टॉक रेजिस्टेंस के ठीक नीचे एक हेल्दी कंसोलिडेशन के दौर में है।
यह स्टॉक अपने 20 डे, 50 डे और 100 डे के मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो मौजूदा ट्रेंड की मजबूती को दर्शाता है। शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के पास ‘हायर लो’ (higher lows) का बनना, इसके पॉजिटिव प्राइस स्ट्रक्चर को और मजबूत करता है। इस स्टॉक में 2,820 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ, 3,090 रुपये के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
तत्व चिंतन फार्मा केम (Tatva Chintan Pharma Chem)
तत्व चिंतन फार्मा केम ने 1,820–1,840 रुपये के आसपास अपने ब्रेकआउट जोन को सफलतापूर्वक रीटेस्ट किया है और इसमें एक मज़बूत उछाल देखने को मिला है, जो इस ब्रेकआउट की पुष्टि करता है। इससे पहले, यह स्टॉक एक लंबे कंसोलिडेशन दायरे से ऊपर निकला था और अब ब्रेकआउट स्तर की ओर वापस आने (पुलबैक) से इसमें नई खरीदारी का रुझान देखने को मिल रहा है। इस तरह के ब्रेकआउट-रीटेस्ट पैटर्न को आमतौर पर अच्छा माना जाता है,क्योंकि ये दर्शाते हैं कि रेजिस्टेंस अब सपोर्ट में बदल गया है।
यह स्टॉक अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि रीटेस्ट जोन से हाल ही में आई उछाल इसके मौजूदा ट्रेंड की मजबूती को दर्शाती है। सपोर्ट एरिया से हुई तेज रिकवरी निचले स्तरों पर खरीदारी (एक्युमुलेशन) का संकेत देती है और अपट्रेंड के जारी रहने की संभावना को बढ़ाती है। इस स्टॉक में 1,880 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ, 2,020 रुपये के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से गाने बनाने का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में असली और AI से तैयार किए गए गानों के बीच अंतर पहचानना मुश्किल होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए YouTube ने अपने प्लेटफॉर्म पर AI से बनाए गए गानों की पहचान के लिए लेबल लगाने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस कदम का मकसद संगीत सुनने वालों के असली संगीत की पहचान करना है।
ANI के मुताबिक, YouTube ने अपने ब्लॉग में कहा कि जनरेटिव AI की मदद से कलाकार अब नए तरीके से गाने बना सकते हैं, नए प्रयोग कर सकते हैं और अपना संगीत लोगों तक पहुंचा सकते हैं। हालांकि, श्रोता यह भी जानना चाहते हैं कि वे जो गाना सुन रहे हैं, वह AI से बनाया गया है या किसी कलाकार ने खुद तैयार किया है।
YouTube Music पर शुरू हुई लेबलिंग
Variety की रिपोर्ट के अनुसार, AI से तैयार गानों पर लेबल लगाने की शुरुआत बुधवार से YouTube Music पर हो गई है। जल्द ही इस सुविधा का विस्तार मुख्य YouTube प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई देगा|ये लेबल उन गानों पर लगाए जाएंगे, जिन्हें YouTube अपने डिटेक्शन टूल्स या म्यूजिक पार्टनर्स के जरिए पहचानता है और जो मुख्य रूप से जनरेटिव AI की मदद से बनाए गए हैं।
Apple Music और Spotify भी उठा रहे कदम
AI से तैयार संगीत की पहचान के लिए दूसरे म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी पहल कर रहे हैं।
Apple Music: कंपनी ने अगस्त में घोषणा की थी कि वह इस साल के अंत तक गानों पर ‘Made by AI’ लेबल पेश करेगी।
Spotify: प्लेटफॉर्म AI से तैयार किए गए प्रतीत होने वाले कलाकारों की प्रोफाइल को ‘AI Personas’ के रूप में लेबल करने की योजना पर काम कर रहा है।
Tidal: कंपनी ने AI से बनाए गए गानों की पहचान के लिए लेबल लगाने और ऐसे गानों को रॉयल्टी कमाने से रोकने का संकल्प जताया है।
म्यूजिक इंडस्ट्री भी कर रही लेबलिंग की मांग
संगीतकारों और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई संगठनों ने भी AI से तैयार संगीत की पहचान के लिए एक समान लेबलिंग व्यवस्था की मांग की है। इनमें RIAA, IFPI, Grammy Awards से जुड़ा संगठन और SAG-AFTRA शामिल हैं। इन संगठनों ने इस साल गर्मियों में एक ऐसे कार्यक्रम की वकालत की, जिसके तहत गानों पर ‘AI-Generated’ या ‘AI-Assisted’ जैसे संकेत लगाए जा सकें। इससे श्रोताओं को यह समझने में मदद मिल सकती है कि किसी गाने को पूरी तरह AI से बनाया गया है या उसे तैयार करने में AI की सहायता ली गई है।
AI से तैयार संगीत की बढ़ती लोकप्रियता के बीच YouTube का यह कदम श्रोताओं को गानों के निर्माण के तरीके के बारे में जानकारी देने की दिशा में अहम पहल है। दूसरे म्यूजिक प्लेटफॉर्म भी ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में AI से बने संगीत की पहचान करना पहले से आसान हो सकता है।
यूट्यूबर सलीम वास्तिक ने एक वायरल वीडियो में दावा किया कि उनके परिवार ने उन्हें छोड़ दिया है और उनका बेटा कट्टरपंथी आतंकी ग्रुप से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने पत्नी और बेटों पर धोखे का आरोप लगाया है।

Latest News Today Live Updates in Hindi : सुप्रीम कोर्ट आज ECI के फैसलों और SIR वापस लेने संबंधी 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई करेगा। इस बीच गृह सचिव ने आदेश का पालन नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी है। पल पल की जानकारी…
-मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज, 15 अक्टूबर को सुनवाई होगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मामले में अदालत का रुख किया है।
-पटाखों पर बैन मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI ने कहा था- पटाखों पर बैन लगाना नामुमकिन, कम प्रदूषण वाले तरीकों से त्योहार मनाएं।
-दिल्ली पुलिस द्वारा आदेश का पालन नहीं करने पर गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जान बूझकर आदेश का उल्लंघन बंद नहीं किया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगर आपका नाम पिछली वोटर लिस्ट में था और नई लिस्ट में गायब हो गया है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने ऐसे छूटे हुए मतदाताओं के लिए विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है।
बुधवार को ANI से बातचीत में CEO रिनवा ने बताया कि चुनाव आयोग ने उन सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं जहां वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुका है, वहां एक कैंपेन चलाया जाए। इस कैंपेन में उन वोटरों को चिन्हित किया जाएगा जिनका नाम पहले की लिस्ट में था लेकिन बाद की लिस्ट में नहीं है।
17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैंप
रिनवा ने बताया कि इस मुहिम के लिए यूपी में दो तारीखें तय की गई हैं। 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में बूथ लेवल पर स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में लोग अपना नाम चेक कर सकेंगे और अगर नाम गायब है तो वहीं पर फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकेंगे।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए भरें Form 6
विशेष कैंप का उद्देश्य मतदाता सूची से छूटे नामों की पहचान करना और पात्र लोगों को सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में मदद करना है। जिन लोगों का नाम पिछली मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन बाद की सूची में नहीं मिल रहा है, वे इन कैंपों में अपने नाम की स्थिति की जांच करा सकते हैं और फॉर्म 6 भरने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले तीन सपा विधायक BJP में हुए शामिल
इस बीच, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (SP) के तीन बागी विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। ANI के मुताबिक, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी बुधवार को अमेठी में BJP में शामिल हुए। इस दौरान उत्तर प्रदेश BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद रहे।
BJP की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके शामिल होने से गौरीगंज में उत्सव जैसा माहौल बना है। ईरानी ने आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत का भरोसा भी जताया।
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की निर्वाचन आयोग पर की गई आलोचना को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए कई राजनीतिक दलों का समर्थन मांग रहे हैं। ईरानी ने अमेठी से चुनाव लड़ने के उनके रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। ईरानी ने कहा कि तीनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन में योगदान देने के लिए BJP में शामिल हुए हैं।

पिछले कई महीनों से इस बात की चर्चा चल रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार में फेरबदल करने वाले हैं। जून के महीने में यह चर्चा सबसे तेज थी, जब उनकी सरकार के दो साल पूरे हो रहे थे। जब उस समय बदलाव नहीं हुआ तो कहा गया कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले होगा। उसके बाद मोदी के जन्मदिन से लेकर उनके सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके को भी मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए मार्क किया गया। इस बीच उनकी सरकार में लगातार वैकेंसी क्रिएट होती रही। मंत्रियों के इस्तीफे होते रहे। अभी एक और वैकेंसी हो गई है। सूचना व प्रसारण और संसदीय कार्य राज्यमंत्री एल मुरुगन ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के कारण इस्तीफा हुआ था और धर्मेंद्र प्रधान का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की वजह से इस्तीफा हुआ था। यानी चार मंत्रियों के इस्तीफे हो चुके हैं।
इनके अलावा तीन मंत्री दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पीयूष गोयल मंत्री होने के साथ साथ पार्टी के कोषाध्यक्ष बना दिए गए हैं। दो अन्य मंत्रियों पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली का अध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में चार महीने में विधानसभा चुनाव हैं। दो और मंत्रियों को इस बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा नहीं भेजा गया है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। अगर इन दो मंत्रियों का भी इस्तीफा होता है तो छह मंत्री पद खाली होंगे। दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे तीनों या कम से कम दो मंत्रियों का इस्तीफा होगा। इस तरह आठ या नौ वैकेंसी क्रिएट हो रही है। पहले से ही कई मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय हैं।
इस बीच यह भी चर्चा हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘कामराज प्लान’ पर काम कर रहे हैं। ध्यान रहे के कामराज ने नेहरू मंत्रिमंडल को नया रूप देने के लिए एक योजना बनाई थी। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। इस योजना का मकसद कुछ मंत्रियों को सरकार से हटाना था। तभी नेहरू की पसंद के मंत्रियों ने भी इस्तीफा दिया था और बाद में उनको फिर से मंत्री बना लिया गया था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह का ‘कामराज प्लान’ कारगर नहीं हो रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा गया है। हालांकि यह तय नहीं है कि सीधे प्रधानमंत्री या गृह मंत्री के स्तर से इस्तीफे को कहा गया लेकिन यह खबर है कि मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। वरिष्ठ मंत्री और नेता यह मानने को तैयार नहीं है कि मंत्रिमंडल को नया रूप देने के लिए उनका इस्तीफा चाहिए। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री तो खुद ही 76 साल के हो गए हैं। अगर वे रह सकते हैं तो उनसे कम उम्र के मंत्रियों को क्यों हटाया जाना चाहिए। तभी ऐसा लग रहा है कि ‘कामराज प्लान’ अटक गया है और इसलिए मजबूरी में ऐसे नेताओं के इस्तीफे हो रहे हैं, जिनका कोई बड़ा राजनीतिक असर नहीं है। कुरियन केरल के ईसाई हैं तो बिट्टू कांग्रेस से भाजपा में आए थे और मुरुगन तमिलनाडु के हैं, जहां भाजपा का कुछ दांव पर नहीं है। असली बात तो तब होगी, जब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि का इस्तीफा हो।