Retirement Fund: अगर आप भी अभी से रिटायरमेंट के लिए निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए काम की है। सही समय पर सही निवेश और बेहतर प्लानिंग की मदद से आप रिटायरमेंट के बाद अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सेफ बना सकते हैं। रिटायरमेंट के लिए सिर्फ पैसे बचाना ही काफी नहीं होता, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर सही योजना बनाना भी जरूरी है। आइए जानते हैं 10 हजार के मंथली इन्वेस्ट करने पर आपको कितना रिटायरमेंट फंड मिल सकता है। वहीं किस उम्र में निवेश करना ज्यादा रिटायरमेंट फंड मिलता है।
रिटायरमेंट के लिए जितनी जल्दी इन्वेस्ट करना है बेहतर
मनीकन्ट्रोल इंग्लिश में लिखे नेहल मोटा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिटायरमेंट के लिए जितनी जल्दी इन्वेस्ट करना शुरू किया जाए उतना ही बेहतर हो सकता है। इससे आपके पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है। लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। इसलिए कम उम्र से ही बचत और निवेश की आदत डालना भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मददगार हो सकता है। आइए डिटेल में इसको समझते हैं
25 साल की उम्र या 35 साल
रिटायरमेंट के लिए जल्दी इन्वेस्ट करना ज्यादा सही होता है। इससे आपके पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है। एग्जांपल की मदद से समझिए। मान लीजिए कि दो लोग हर महीने 10,000 रुपये इन्वेस्ट करते हैं और उन्हें सालाना 12 प्रतिशत रिटर्न मिलता है। इनमें से एक व्यक्ति 25 साल की उम्र में इन्वेस्ट शुरू करता है, वहीं दूसरा 35 साल की उम्र में शुरुआत करता है। अनुमान के मुताबिक, 60 साल की उम्र तक पहले व्यक्ति के पास करीब 6.43 करोड़ रुपये जमा हो सकते हैं, जबकि दूसरे व्यक्ति की रकम लगभग 1.88 करोड़ रुपये होगी। यह गणना हर महीने मिलने वाले चक्रवृद्धि (कंपाउंडिंग) रिटर्न पर आधारित है। इससे पता चलता है कि इन्वेस्ट जल्दी शुरू करने से पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है और रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिल सकती है।
लोगों को होती है दिक्कतें
अक्सर लोग भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करना शुरू कर देते हैं, लेकिन सही योजना और निवेश की जानकारी न होने के कारण उन्हें आगे चलकर कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए एग्जांपल की मदद से समझते हैं।
1- एक व्यक्ति 40 साल के सेल्स प्रोफेशनल हैं और हर साल 35 लाख रुपये कमाते हैं। उनका लक्ष्य 50 साल की उम्र तक नौकरी छोड़कर रिटायर होना और अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए पर्याप्त पैसा जुटाना था। इसके लिए उन्होंने निवेश भी शुरू किया, लेकिन 15 साल में उनके पास 43 अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीम हो गईं। इतनी सारी स्कीमों के बीच उनके लिए यह समझना मुश्किल हो गया कि उनका निवेश सही दिशा में बढ़ रहा है या नहीं और क्या इससे वे अपने तय किए गए वित्तीय लक्ष्य पूरे कर पाएंगे।
2- 50 साल की महिला रिटायरमेंट के करीब हैं और उन्होंने लंबे समय में अच्छी बचत जुटाई है। हालांकि, उनके परिवार के खातों में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बिना इस्तेमाल के पड़ी थी। उनका ज्यादातर निवेश पारंपरिक योजनाओं में था, जिनमें से कुछ महंगाई बढ़ने के साथ उनकी बचत की असली कीमत बनाए रखने में सफल नहीं रहे। ऐसे में, पर्याप्त पैसा जमा होने के बावजूद निवेश की बेहतर योजना बनाकर वे अपनी बचत का अधिक सही तरीके से इस्तेमाल कर सकती थीं और रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकती थीं।
निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
रिटायरमेंट के लिए निवेश करते समय अपने पैसों का पूरा हिसाब रखना और समय-समय पर निवेश की समीक्षा करना जरूरी है। अगर आप बिना योजना बनाए कई म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं, तो आपके निवेश एक जैसे हो सकते हैं और ये समझना मुश्किल हो जाता है कि आपका पैसा सही दिशा में बढ़ रहा है या नहीं। इसके अलावा, रिटायरमेंट की उम्र, भविष्य में कितनी रकम की जरूरत होगी और निवेश किस तरह करना है, ये पहले से तय न होने पर बचत कम पड़ सकती है। इसलिए बेहतर रिटायरमेंट प्लान बनाने के लिए जरूरी है कि आप अपने लक्ष्य स्पष्ट रखें, निवेश पर नजर बनाए रखें और समय के साथ अपनी योजना में जरूरी बदलाव करते रहें।
भविष्य की जरूरतों को समझना जरूरी
रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि भविष्य में आपको किन जरूरतों के लिए पैसों की आवश्यकता होगी। अगर आप रिटायरमेंट के बाद भी अपनी मौजूदा जीवनशैली जारी रखना चाहते हैं, घूमने-फिरने पर खर्च करना चाहते हैं या बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसी जिम्मेदारियां पूरी करना चाहते हैं। जब आपके लक्ष्य साफ होंगे, तो आप बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे कि भविष्य के लिए कितनी रकम जमा करनी है और हर महीने कितना निवेश करना जरूरी है।
महंगाई को ध्यान रखना जरूरी
रिटायरमेंट के लिए कितने पैसे जमा करने हैं, ये तय करते समय सिर्फ आज के खर्चों को ध्यान में रखना काफी नहीं है। बढ़ती महंगाई के कारण आने वाले वर्षों में रोजमर्रा की चीजें और दूसरी जरूरतें महंगी हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई परिवार आज हर महीने 75,000 रुपये खर्च करता है। वहीं अगले 25 साल तक महंगाई दर औसतन 6 प्रतिशत रहती है, तो उतनी ही जरूरतों को पूरा करने के लिए रिटायरमेंट के समय करीब 3.22 लाख रुपये हर महीने खर्च करने पड़ सकते हैं। इसलिए रिटायरमेंट की योजना बनाते समय महंगाई को ध्यान में रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में पैसों की कमी न हो।
इन बातों का भी रखें ध्यान
रिटायरमेंट की योजना बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्ति कितने साल तक रिटायरमेंट के बाद जीवन बिताएगा। लंबी उम्र होने पर जमा की गई रकम से कई दशकों तक घर का खर्च चलाना पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ एक तय उम्र तक के खर्चों का हिसाब लगाना काफी नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए अतिरिक्त रकम की व्यवस्था भी जरूरी है। एनआईएसएम के अनुसार, लंबी उम्र, महंगाई और निवेश से मिलने वाले रिटर्न में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिमों को समझना जरूरी है, ताकि रिटायरमेंट के बाद पैसों की कमी का सामना न करना पड़े।
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