Market Next Week : लगातार दो हफ्तों की तेजी का सिलसिला टूटा, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week : शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में लगातार चौथे सत्र में भी गिरावट जारी रही। लगभग सभी सेक्टरों में आई बिकवाली के बीच निफ्टी 22,400 के स्तर से नीचे फिसल गया था, लेकिन बाद में संभलकर लगभग 22,600 के स्तर पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 125.56 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ। यह दिन के निचले स्तर से 670 अंक रिकवर हुआ। वहीं, निफ्टी इंडेक्स भी दिन के निचले स्तर से 228 अंक सुधरकर 22,600 पर बंद हुआ। इसमें 87.65 अंक या 0.39 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

वीकली बेसिस पर देखें तो इस हफ्ते, BSE सेंसेक्स और निफ्टी की लगातार दो हफ्तों की तेजी का सिलसिला टूट गया। वीकली बेसिस पर इनमें 2 प्रतिशत और 2.35 प्रतिशत की गिरावट आई। इस हफ्ते, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई, जो अक्टूबर 2024 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो फरवरी 2025 के बाद की सबसे तेज साप्ताहिक गिरावट है।

अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार दबाव में रहे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, बाजार में लगातार चौथे सत्र में गिरावट देखने को मिली। हालांकि शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव बढ़ने से बेंचमार्क इंडेक्स अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठे। निफ्टी इंट्राडे में 22,400 के स्तर से नीचे आ गया, जो निवेशकों के बिगड़ते मूड का संकेत है।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT शेयरों ने काफी मजबूती दिखाई। इसके पीछे अर्निंग को लेकर सकारात्मक उम्मीदें और कुछ बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में आई खरीदारी मुख्य कारण रही। हालांकि, दूसरे ज्यादातर सेक्टरों में कमजोरी के चलते बाजार का माहौल खराब रहा। मेटल, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर सबसे ज्यादा पिटते नजर आए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का खराब प्रदर्शन यह दिखाता है कि निवेशकों में जोखिम लेने को लेकर काफी हिचकिचाहट है और बड़ी कंपनियों (फ्रंटलाइन स्टॉक्स) के अलावा बाकी शेयरों में भी लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। यह बाजार के लिए सबसे बड़ी दिक्कत है। भारत के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आयातित महंगाई, कॉरपोरेट मार्जिन और मुद्रा की स्थिरता के लिए जोखिम पैदा करती हैं। विदेशी फंडों की लगातार निकासी और ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता ने निवेशकों के जोखिम लेने के जोश को और कम कर दिया है, जिससे घरेलू इक्विटी बाजारों के सामने चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद, निफ्टी अपने अहम सपोर्ट ज़ोन 22,200–22,400 के करीब पहुंच गया है। अगर निफ्टी इस दायरे से नीचे गिरता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह 21,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर अगर निफ्टी 22,900 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है तो इसमें फिर से तेजी आने की उम्मीद बन सकती है, जिससे यह 23,300 के स्तर तक पहुंच सकता है।

इस बीच, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लगातार बनी कमजोरी के कारण बाजार में सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए, सलाह है कि ट्रेडर्स सावधानी बरतें और रिस्क मैनेजमेंट पर पूरा ध्यान दें। वहीं, लंबी अवधि के निवेशक मध्यम से लंबी अवधि का नजरिया रखते हुए, चुनिंदा और बेहतरीन लार्ज-कैप शेयरों को धीरे-धीरे (किस्तों में) खरीद सकते हैं।

HDFC सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे इंडेक्स और ब्रॉडर मार्केट्स भारी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को ‘डॉजी’ पैटर्न बनने के बाद, शुक्रवार को डेली चार्ट पर एक लंबी निचली परछाई वाली ‘बेयर कैंडल’ बनी। ‘डॉजी’ के बाद पॉजिटिव असर की संभावना खत्म हो गई है, क्योंकि निफ्टी इस पैटर्न के निचले स्तर 22,554 के भी नीचे चला गया था, हालांकि बाद में (CAS सेशन के दौरान) इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली।

शुक्रवार को बाजार का ओवरऑल रुझान कमजोर रहा और माइक्रो-कैप, मिड-कैप तथा स्मॉल-कैप जैसे ब्रॉडर मार्केट इंडेक्सों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चार्ट पर कुल मिलाकर नेगेटिव पैटर्न दिख रहा है और शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में विफलता यह संकेत देती है कि आने वाले सत्रों में शॉर्ट टर्म के लिए निफ्टी का आउटलुक नेगेटिव ही रह सकता है। अब 22,300-22,200 के स्तरों पर सपोर्ट दिख रहा है, जबकि किसी भी उछाल में 22,800 के स्तर के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

Market Outlook : आज भी गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 24 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

कोटक नियो के VP टेक्निकल रिसर्च, अमोल अठावले का कहना है कि पिछले हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव दिखा। वीकली बेसिस पर निफ्टी 2.4 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 1575 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर्स की बात करें तो, लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिखा, लेकिन डिफेंस और केमिकल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। ये 7 प्रतिशत से अधिक टूट गए। हफ्ते के दौरान, बाजार 23,000/74,000 के सपोर्ट लेवल के नीचे फिसल गया, और इस स्तर के टूटने के बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।

तकनीकी रूप से वीकली चार्ट पर इंडेक्स ने एक लंबी ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई है, जो मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत देती है। ऐसे में लगता ​​है कि शॉर्ट टर्म में बाजार का आउटलुक कमजोर बना हुआ है। हालांकि, मौजूदा स्तरों से ट्रेंड में बदलाव (रिवर्सल) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ट्रेडर्स के लिए, निफ्टी का 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) यानी 22,700 का स्तर और सेंसेक्स के लिए 73,700 का स्तर एक इमीडिएट रेजिस्टेंस ज़ोन (तत्काल रुकावट का स्तर) के रूप में काम करेगा। अगर बाजार इस स्तर के ऊपर ट्रेड करने में सफल रहता है तो हम 23,000–23,200 / 74,000–74,600 तक एक तेज पुलबैक रैली की उम्मीद कर सकते हैं। दूसरी ओर, 20-दिन के SMA के नीचे जाने पर, कमजोर सेंटीमेंट बने रहने की संभावना है। इस स्तर के नीचे, बाजार 22,400–22,200 / 73,400–72,800 के स्तरों को फिर से टेस्ट कर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए, 20-दिन का SMA यानी 55,000 का स्तर ट्रेंड तय करने वाला (ट्रेंड-डिसाइडिंग) लेवल होगा। इस स्तर के नीचे, इंडेक्स 53,500–53,200 तक फिसल सकता है। वहीं, 55,000 के ऊपर जाने पर, यह 55,500–55,800 तक ऊपर जा सकता है।

 

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