दिवाली से पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 5 फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का DA 45 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। इसके अलावा, क्लास फोर कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ 10 हजार रुपये का एरियर भी दिया जाएगा। वहीं, पेंशनभोगियों के लिए भी 10 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को शिमला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी है। वहीं इस कॉन्फ्रेंस में सीएम ने अपनी सरकार के कार्यकाल में किए गए कामों का भी जिक्र किया। सीएम के ऐलान के बाद वित्त विभाग ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया।
कब तक मिलेगा DA
सरकार के फैसले के मुताबिक, बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ अक्टूबर 2026 के वेतन और पेंशन के साथ नवंबर में दिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने क्लास फोर कर्मचारियों को 10 हजार रुपये का एरियर देने और पेंशनभोगियों को भी इतनी ही राशि देने की घोषणा की है। वहीं, जुलाई 2023 से सितंबर 2026 तक के बकाया DA और DR के भुगतान को लेकर अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। लेकिन, इन पैसों के भुगतान की प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी पूरी जानकारी अलग से जारी होने के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों और पेंशनरों को कुल कितना लाभ मिलेगा।
2030 तक पहले स्थान पर होगी
सीएम ने भरोसा जताया कि, आर्थिक परेशानियों के बावजूद कांग्रेस सरकार अपने चुनाव के दौरान किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि अस्पतालों में नई भर्तियां करने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि, साल 2030 तक हिमाचल का स्वास्थ्य क्षेत्र देश में पहले स्थान पर होगा।
वहीं, प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने कई अहम सुधार किए हैं। केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (RDG) राशि बंद होने से राज्य के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, सुधारों के तहत एक बार पांच दिनों के लिए ट्रेजरी बंद करने का फैसला भी लिया गया था।

