Nepal Flood Video: नेपाल बाढ़ की तबाही के बीच हैवानियत! मृत महिला के बाल खींचकर कानोंर से उड़ाईं सोने की बालियां, ये शर्मनाक काम करने वाले कौन थे?

Nepal Flood News: नेपाल में आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ के बीच एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। लोग नेपाल में कुदरत के इस कहर के बीच अभी भी अपनी जान और अपनों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं लेकिन इस त्रासदी के बीच दो पुरुषों ने संवेदनहीनता और हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। नेपाल में नारायणी नदी में बहकर आई एक मृत महिला के शव से सोने की बालियां चुराने का शर्मनाक मामला सामने आया है। नेपाल पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में दिखा हैवानियत का मंजर, मूकदर्शक बने रहे लोग

इस दर्दनाक और शर्मनाक घटना का खुलासा एक 41 सेकंड के वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो शख्स बाढ़ के पानी में तैरती हुई महिला की लाश को लकड़ी के तख्तों की मदद से किनारे की ओर खींचते हैं।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने महिला के शव को पानी से बाहर निकालने के नाम पर उसके बाल खींचे और फिर बेरहमी से उसके दोनों कानों से सोने की बालियां निकालकर अलग रख लीं। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि जब यह घिनौना काम हो रहा था तब वहां मौजूद कई दूसरे लोग इसमें हस्तक्षेप करने या रोकने के बजाय अपने फोन से इस घटना का वीडियो बनाते रहे।

चितवन पुलिस ने की आरोपियों की पहचान, पोखरा बस पार्क के पास से हुए गिरफ्तार

शर्मनाक हरकत का यह वीडियो सामने आने के बाद नेपाल पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। वीडियो के आधार पर नेपाल पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मदन गुरुंग और 38 वर्षीय उमेश चौधरी के रूप में की।

हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की रिपोर्ट में नेपाली मीडिया पोर्टल खबरहब के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने दोनों संदिग्धों को गुरुवार को भरतपुर महानगरपालिका-1 स्थित पोखरा बस पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है कि ऐसे कठिन समय में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली लूटपाट या किसी भी तरह की अमानवीय गतिविधि के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में बाढ़ का कहर: 469 लोगों की मौत, सैकड़ों अभी भी लापता

यह शर्मनाक घटना ऐसे समय में हुई है जब नेपाल हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चपेट में है। बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा पर ल्हेन्दे नदी के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में पानी, मलबे और पत्थरों का भयंकर सैलाब आ गया था। इस तबाही की वजह से नेपाल में अब तक कम से कम 469 लोगों की जान जा चुकी है जबकि चीन की तरफ 3 लोगों की मौत हुई है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का सबसे बड़ा असर रसुवा और धाडिंग जिलों में देखने को मिला।

बाढ़ का पानी नीचे बहते हुए नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व तक पहुंच गया। सड़कें और पुल बह जाने और कम्युनेकेशन के साथ बिजली सेवाएं ठप होने से राहत और बचाव टीमों को कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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खतरा अभी टला नहीं, नदियों के आसपास बना हुआ है जोखिम

नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने चेतावनी जारी की है कि खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक नदी में रुकावट आने की वजह से बनी झील से पानी अभी पूरी तरह से बाहर नहीं निकला है। इस वजह से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में अभी भी लगातार खतरा मंडरा रहा है और वहां अलर्ट जारी है।

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

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आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

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नेपाल बाढ़ हादसा : फंसे हुए गुजरातियों की मदद के लिए गुजरात सरकार सक्रिय, प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने दी बड़ी जानकारी

नेपाल बाढ़ हादसा : फंसे हुए गुजरातियों की मदद के लिए गुजरात सरकार सक्रिय, प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने दी बड़ी जानकारी

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नेपाल में फंसे गुजरात के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए गुजरात सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधी बातचीत की है, ताकि राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा सकें। 

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सहायता के लिए हेल्पलाइन और डेटा कलेक्शन

 

फंसे हुए नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन संपर्क (हेल्पलाइन) नंबर जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री से स्थिति पर चर्चा की है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) द्वारा फंसे हुए गुजरातियों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। जिन लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, उनकी जानकारी भी साझा की गई है और जिला स्तर पर भी आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। 

 

नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान

 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और यातायात तथा संचार ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के 35 बड़े पुल और 45 झूला पुल बह गए हैं। बुनियादी ढांचे को पहुंचे इस नुकसान के कारण कई क्षेत्रों के बीच संपर्क टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी कठिनाई आ रही है। 

 

सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा

 

नेपाल सरकार द्वारा प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि रसुवागढ़ी सीमा से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर लेंडी नदी का प्रवाह बाधित हो गया है। नदी में आए इस अवरोध के कारण तटीय क्षेत्र में लगभग 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक बड़ी अस्थायी (कृत्रिम) झील बन गई है।

 

अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) का खतरा और प्रशासन की चेतावनी

 

नेपाल सरकार ने इस स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है कि यदि यह प्राकृतिक झील का बांध टूटता है, तो निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) आ सकती है। इस खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले सभी नागरिकों तथा संबंधित अधिकारियों को अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल की तबाही वाली बाढ़ का नया Video आया सामने, देखिए त्रिशूली बाजार में पीछे पीछे पानी और आगे कैसे जान बचाकर भागते दिखे लोग

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बीच एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। यह नया वीडियो नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार का है। यहां बुधवार को आई भयानक बाढ़ के बीच अचानक चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मटमैले पानी, कीचड़ और मलबे की एक विशाल दीवार तेजी से बाजार की ओर बढ़ रही है और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भाग रहे हैं।

आम दिन का माहौल अचानक बदला चीख-पुकार में, स्कूल बस भी फंसी

वायरल फुटेज में दिखाया गया है कि त्रिशूली बाजार में हर रोज की तरह सामान्य चहल-पहल थी। ये चहल पहल कुछ ही पलों में भारी अफरा-तफरी में बदल गई। जैसे ही बाढ़ का पानी तेजी से बाजार की सड़कों में दाखिल हुआ, पैदल चल रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। कार और मोटरसाइकिल सवार भी सैलाब के रास्ते से दूर हटने की होड़ में लग गए।

यहां नीचे देखिए तबाही वाला वो वीडियो

इस भयानक अफरा-तफरी और मलबे के बीच एक स्कूल बस भी फंसी हुई नजर आई। पानी के तेज बहाव ने देखते ही देखते पूरे बाजार को अपनी आगोश में ले लिया। कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा बाजार इलाका पानी, गाद, पत्थरों और मलबे से पट गया। इससे सड़कें, इमारतें और पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गए।

ग्लेशियर ढहने से शुरू हुई तबाही, नुवाकोट में सबसे ज्यादा तबाही

यह जलप्रलय बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए एक बड़े भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़ी घटना की वजह से आया था। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से स्थानी हिमालयी नदियों के स्टीम में भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टानें और कीचड़ बहकर नीचे आ गया। इस तबाही से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में नुवाकोट शामिल है। यहां कई गांव पूरी तरह तबाह या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कें और पुल बह जाने के कारण कई समुदाय पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं, जिससे राहत और बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राहत दल भारी मशीनों की मदद से कीचड़ और मलबे के नीचे दबे लोगों तथा जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

469 की मौत, 290 भारतीय समेत 1500 लापता, पीएम बालेन शाह ने लिया जायजा

ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस भीषण आपदा में अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 290 भारतीय नागरिकों समेत लगभग 1500 लोग अभी भी लापता हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य की सभी एजेंसियां अपनी पूरी क्षमता के साथ बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को खोजना, घायलों का तुरंत इलाज कराना और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना है। इस बीच अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आगे भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

Tempsens IPO Listing: लिस्टिंग पर पैसे डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

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सैनिक कल्याण में धामी सरकार का बड़ा मॉडल, अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल बनाने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

सैनिक कल्याण में धामी सरकार का बड़ा मॉडल, अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल बनाने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

सैनिक कल्याण के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन गया है। प्रदेश में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में यह पर्वतीय प्रदेश अग्रणी है। सेना में चार वर्ष सेवाएं देने के बाद घर वापसी करने वाले अग्निवीरों के लिए पृथक रोजगार सेल बनाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सैनिक कल्याण को प्राथमिकता दी है। सरकार के फैसले और लागू की गई योजनाएं आज दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रही हैं। हाल ही में धामी कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल को मंजूरी दी है। यह सेल अग्निवीरों को रोजगार दिलाने में उनकी मदद करेगा। अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला पूर्व में ही सरकार ले चुकी है।

 

भारत माता की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर शहीदों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए बीते मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है। परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि ₹ डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर ₹02 करोड़ की गई है। अन्य सभी बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। इसी प्रकार विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त और वार्षिक सहायता राशि को भी बढ़ाया गया है।

 

जल्द ही जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम

देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब जल्द ही इसके लोकार्पण की तैयारी है। राज्य के शहीद सैनिकों की याद में धामी सरकार ने सैन्य धाम का निर्माण कराया है। शहीदों के घर-आंगन की मिट्टी को सैन्य धाम में सम्मान पूर्वक लाया गया है। सभी बलिदानियों की शौर्य गाथाएं भी यहां लिखी गई हैं।

 

28 शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी

धामी सरकार प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे रही है। 28 ऐसे पात्र आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है। इसके साथ ही आवेदन की समय सीमा भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है।

 

स्टाम्प शुल्क में छूट

सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

 

भूमि धोखाधड़ी संबंधी मामलों के निस्तारण में मदद

सैनिकों एवं पूर्व सैनिक परिवारों के साथ भूमि धोखाधड़ी के मामले जिला अदालतों में लंबित हैं। प्रदेश सरकार इस मामले में भी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आगे आई है।

 

 उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शहीदों के आश्रितों और परमवीर चक्र विजेताओं के परिवार को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि के साथ ही सैनिक कल्याण के लिए ऐतिहासिक फैसले सरकार ने लिए हैं। सैन्य धाम हमारी समृद्ध विरासत का प्रतीक बनेगा।

चीन की स्मार्ट सिटी से नेपाल में तबाही? रसुवा फ्लैश फ्लड पर पत्रकार समूह का सनसनीखेज दावा

चीन की स्मार्ट सिटी से नेपाल में तबाही? रसुवा फ्लैश फ्लड पर पत्रकार समूह का सनसनीखेज दावा

नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड को लेकर चीन की सीमा के पास चल रहे निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गए हैं। नेपाल के एक पत्रकार समूह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया है कि तिब्बत सीमा क्षेत्र में चीनी निर्माण गतिविधियों और पर्यावरणीय बदलावों ने इस तबाही को जन्म दिया हो सकता है। समूह ने इसे कथित तौर पर ‘जानबूझकर पैदा किया गया पारिस्थितिक संकट’ तक बताया है। हालांकि, इन सनसनीखेज आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अभी यह कहना संभव नहीं है कि रसुवा में आई बाढ़ सीधे तौर पर चीन की निर्माण गतिविधियों के कारण आई।

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चीन की ‘स्मार्ट सिटी’ पर गंभीर आरोप

 

‘नेपाल कॉरेस्पॉन्डेंस’ नाम के एक्स हैंडल ने दावा किया कि चीन की ओर विकसित की गई Xiaokang बस्तियों और गिरोंग शहर के निर्माण में बड़े पैमाने पर पहाड़ियों को काटा गया और प्राकृतिक जलधाराओं के स्वरूप में बदलाव किया गया। पत्रकार समूह का आरोप है कि ग्लेशियर वाले ऊंचाई वाले इलाकों में इस तरह के निर्माण से हिमालय के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ रहा है। उसके मुताबिक, इससे हिमस्खलन की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है और उनका मलबा नेपाल की ओर आने वाली नदियों में अचानक बाढ़ का कारण बन सकता है।

 

क्या गिरोंग से आया तबाही का सैलाब?

 

एक्स पर किए गए दावे में कहा गया कि 26 अगस्त की फ्लैश फ्लड का संभावित स्रोत गिरोंग शहर के आसपास का इलाका हो सकता है। समूह ने आरोप लगाया कि गिरोंग का निर्माण पहाड़ियों को काटकर और त्रिशूली नदी के प्राकृतिक मार्ग के आसपास किया गया है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ग्लेशियर क्षेत्रों में पर्यावरणीय क्षति के कारण हर साल हिमस्खलन का खतरा बढ़ रहा है, जिसका असर नेपाल में अचानक आने वाली बाढ़ के रूप में पड़ सकता है।

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गिरोंग पोर्ट को लेकर भी उठे सवाल

 

पत्रकार समूह ने रसुवा सीमा के पास बने गिरोंग पोर्ट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि बंदरगाह को नदी के संगम क्षेत्र के पास विकसित किया गया, जिससे नेपाल की दिशा में नदी के बहाव की गति बढ़ सकती है। समूह ने नेपाल सरकार से इस मुद्दे को चीन के सामने उठाने की मांग की है और आरोप लगाया है कि सीमा क्षेत्र में पारिस्थितिकी तंत्र के साथ हो रहे कथित बदलाव हिमालय को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।

 

रसुवा में सुबह 9 बजे तेजी से बढ़ा पानी

 

26 अगस्त की सुबह रसुवा में अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा, तलछट और बड़े पत्थर भोटे कोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में आगे बढ़े। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी बेसिन में जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। तेज बहाव ने नदी के किनारों को नुकसान पहुंचाया और पानी भोटे कोशी से होते हुए त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा। इसके चलते नुवाकोट और धादिंग जैसे निचले जिलों में भी संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई।

 

दावा बड़ा, लेकिन सबूत का इंतजार

 

रसुवा की बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में निर्माण और हिमालयी पर्यावरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पत्रकार समूह द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन फिलहाल इनके समर्थन में स्वतंत्र वैज्ञानिक या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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इसलिए बाढ़ के पीछे चीन की निर्माण गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराने वाले दावों को अभी आरोप और सोशल मीडिया दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। बाढ़ के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच, सैटेलाइट विश्लेषण और आधिकारिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी। नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। भोतेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा में कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,400 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। इस बीच नेपाल और चीन ने हिमालयी सीमा से लगे क्षेत्रों में नए सिरे से बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है।

 

Cerebral Palsy से जूझ रही बहन का सहारा बना उसका छोटा भाई | Heartwarming Brother-Sister Bond

Cerebral Palsy से जूझ रही बहन का सहारा बना उसका छोटा भाई | Heartwarming Brother-Sister Bond

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews Alpha को Cerebral Palsy है इसलिए उसे हर जगह अपने भाई की जरूरत पड़ती है।
लेकिन उसके भाई Alwin ने महसूस किया कि शायद उसे भी Alpha की उतनी ही जरूरत है।
Alwin अपनी बड़ी बहन को बाहर की दुनिया दिखाता है, उसके साथ हर जगह जाता है,
और Alpha अपने छोटे भाई को छोटी-छोटी खुशियों में जिंदगी देखना सिखाती है। 

@aalwye

Cerebral Palsy से जूझ रही बहन का सहारा बना उसका छोटा भाई | Heartwarming Brother-Sister Bond | Alpha and Alwin

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