जमीन से कटे हुए

ऐसा लगता है कि नंदन निलेकणी देश की जमीनी हकीकत से बेखबर हैं। इसलिए उनकी बातें सुनकर यह सवाल भी उठा है कि क्या सचमुच निलेकणी समिति पेपर लीक रोकने के व्यावहारिक उपाय बता पाएगी? 

पेपर लीक रोकने के नंदन निलेकणी के सुझावों को भारत की जमीनी हकीकत के मद्देनजर हवाई सोच से ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक रोकने पर सुझाव देने के लिए जो उच्च-स्तरीय समिति बनाई, निलेकणी उसके प्रमुख हैं। इसीलिए उनके सुझाव गौरतलब हैं। उनके मुताबिक प्रश्न-पत्रों का विशाल डिजिटल बैंक बनाया जाना चाहिए, परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले उस बैंक में से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए परीक्षार्थियों को दिया जाना वाला प्रश्न-पत्र तैयार करना चाहिए, और देश भर में ऐसे परीक्षा केंद्र बनाए जाने चाहिए, जहां छात्र कंप्यूटर पर परीक्षा दे सकें।

निलेकणी हाई-टेक क्षेत्र से आते हैं। अतः उन्होंने उनसे व्यापक आयाम वाली एक समस्या के बारे में महज तकनीकी समाधान पेश किया है, तो उस पर कोई अचरज नहीं है। लेकिन यह मसला सिर्फ टेक्नोलॉजी से संबंधित नहीं है। इसके महत्त्वपूर्ण सामाजिक पहलू है। पहले यह साफ कर लेना चाहिए कि पेपर लीक सिर्फ नीट या जेईई जैसी परीक्षाओं से जुड़ी समस्या नहीं है, जिनमें अपेक्षाकृत संपन्न तबकों के छात्र भाग लेते हैं। बल्कि होम गार्ड से लेकर प्राइमरी शिक्षक और क्लर्क भर्ती तक के इम्तहान के पर्चे लीक हुए हैं। क्या उन जैसी हर परीक्षा के लिए वे महंगे उपाय भारत में संभव हैं, जिनकी बात निलेकणी ने की है।

दूसरा पहलू परीक्षा व्यवस्था के निजीकरण, कोचिंग संस्थानों के बढ़े प्रभाव, और उन सबके कारण फैले भ्रष्टाचार से जुड़ा है। क्या इस इकॉ-सिस्टम के कायम रहते तकनीकी उपायों से कोई समाधान निकल सकता है? बड़ा आयाम डिजिटल परीक्षा के लिए सभी परीक्षार्थियों की तैयारी, स्क्रीन पर लंबे प्रश्न पढ़ने और निर्धारित समय में उत्तर देने की आदत, तथा कंप्यूटर और इंटरनेट की उपलब्धता आदि से जुड़ा है। जिन छात्रों को ऐसी सुविधा नहीं मिली हुई है, क्या ऐसी परीक्षा व्यवस्था में उनके हितों की सुरक्षा हो सकेगी? बिजली, सुरक्षित नेटवर्क, प्रशिक्षित कर्मचारी और तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था अन्य महत्त्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसा लगता है कि निलेकणी इन सबसे बेखबर हैं। इसलिए उनकी बातें सुनकर यह सवाल भी उठा है कि क्या सचमुच निलेकणी समिति पेपर लीक रोकने के व्यावहारिक उपाय बता पाएगी?

प्रदर्शनकारियों को सामने लाए राहुल

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर रद्द करने को लेकर दिल्ली में कई दिन तक हुए प्रदर्शन में शामिल रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को राहुल गांधी मीडिया के सामने लेकर आए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके खिलाफ बहुत ज्यादती की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था वहां लेकर जाकर पुलिसकर्मियों ने उसे मारा।

गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों को सामने लेकर आए थे। बुधवार, 14 अक्टूबर को राहुल ने जिन लोगों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की उनमें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ घटनाएं बताईं। एक छात्रा ने प्राइवेट पार्ट पर लात मारने का आरोप लगाया, जबकि दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई से उसके एक कान से सुनने की क्षमता चली गई।

राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं के वीडियो और दूसरे सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री को ललकारते हुए कहा, ‘ये हिंदुस्तान है, अमित शाह जी यहां कोई हिंदू, मुस्लिम नहीं है, इनकी कोई जात नहीं है। आप इस आवाज के सामने खड़े नहीं हो सकते। स्टूडेंट्स से कहना चाहता हूं। आप वीडियो बनाकर रखिए। उन सबूतों को हम रखेंगे’। राहुल ने कहा कि जब सब खत्म होगा तो इन सबूतों के आधार पर सबको सजा मिलेगी। चाहे पुलिस वाले हों या ज्ञानेश कुमार हों। ये देश की आवाज हैं। इस आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘केरल की अदिरा की एक कान से सुनने की क्षमता चली गई है। उस कान पर चोट लगने के कारण वह एक कान से सुन नहीं पा रही है। पिछली बार मैंने आपको एक लड़का दिखाया था, जिसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। अब इस लड़की के एक कान से सुनने की क्षमता चली गई है’। एनएसयूआई से जुड़ी ऋतु बराला ने अपने साथ हुई बदसलूकी का कहानी सुनाई तो दूसरे प्रदर्शनकारी रमित ने कहा, ‘मैं कंटेंट क्रिएटर हूं, मुझे 11 अक्टूबर को आरएसएस और भाजपा के गुंडों के बोलने के बाद हिरासत में लिया गया। उनके पास डंडे थे। पुलिस ने उनकी बात सुनकर लोगों को हिरासत में लिया और बुरी तरह हमें पीटा।

राहुल ने कहा, सभी विरोध एक हैं

नई दिल्ली। पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिया। हालांकि उन्होंने सीजेपी का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि तिरंगा लहराने को इस देश में अपराध बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि सीजेपी के लोग कह रहे हैं कि उनको जंतर मंतर पर तिरंगा लहराने के कारण गिरफ्तार किया गया। हालांकि असल में उनको जंतर मंतर पर जबरदस्ती प्रदर्शन करने और जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया।

बहरहाल, राहुल ने बुधवार को कहा, ‘जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध में तिरंगा लहराना जुर्म नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है। स्टूडेंट्स, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक। अलग अलग बैनर, एक मकसद। सभी विरोध एक हैं। जंतर मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस लेंगे’। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, ‘गृह मंत्री द्वारा एसआईआर में बाहर किए गए 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया घोषित करना भारतीयता का अपमान है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद, जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल से हटाक पहले वोट चोरी फिर विरोध करने के अधिकार की चोरी भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है’।

JIO IPO : जानिए क्या है प्राइस बेंड, लॉट साइज और GMP, कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग?

JIO IPO : जानिए क्या है प्राइस बेंड, लॉट साइज और GMP, कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग?

JIO IPO

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) के 30,213 करोड़ रुपए के मेगा आईपीओ लिए कंपनी ने 1,065 -1,119 का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ कमेटी ने 14 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में प्राइस बैंड, लॉट साइज और कर्मचारियों को मिलने वाले डिस्काउंट को अंतिम मंजूरी दे दी है। ALSO READ: Jio IPO 2026 : जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल किया RHP, 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा IPO

 

यह बहुप्रतिक्षित IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। वहीं, बड़े संस्थागत और एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की विंडो 19 अक्टूबर 2026 को खुलेगी। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को हो सकता है। एनएसई और बीएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है।

 

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO में 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। फ्रेश इश्यू के तहत कंपनी नए शेयर जारी करती है। इस IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान है। इस श्रेणी में वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हैं, जो 14 अक्टूबर 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारक थे। HUF के मामले में शेयर कर्ता के नाम पर भी हो सकते हैं।

 

1 लॉट में 12 शेयर

जियो आईपीओ में न्यूनतम बिड साइज 12 इक्विटी शेयरों का तय किया है। खुदरा निवेशकों के लिए 1 लॉट में 12 शेयर होंगे। कम से कम 1 लॉट के लिए बोली लगानी होगी। उसके बाद वह 12 के गुणकों में बोली लगा सकेंगे। अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपए के हिसाब से 1 लॉट के लिए निवेशकों को कम से कम 13,428 रुपए लगाने होंगे।

 

पात्र कर्मचारियों को मिलेगा डिस्काउंट

पात्र कर्मचारियों के लिए भी 500 करोड़ रुपये तक के शेयरों का कोटा है। पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी आरक्षण श्रेणी के तहत बोली लगाने पर प्रति शेयर 54 रुपए की छूट मिलेगी। कर्मचारियों की पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी कंपनी के RHP में दी गई है। 

 

क्या है जीएमपी?

जियो के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ (Jio Platforms IPO) का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वर्तमान में लगभग 200 से 224 रुपए प्रति शेयर के बीच चल रहा है। अगर लिस्टिंग तक 220 रुपये का प्रीमियम बना रहता है, तो अपर प्राइस बैंड पर शेयर पाने वाले निवेशकों को करीब 20% प्रीमियम मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जीएमपी वास्तविक लिस्टिंग प्राइस की पक्की गारंटी नहीं होती। 

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

अमेरिका के हिंदू मंदिर पर हमला करना चाहता था युवक:घर से राइफल, गोलियां मिलीं; भारतीय मूल के लोगों से नफरत करता था

अमेरिका के इलिनॉय में के ऑरोरा इलाके में 19 साल का एक युवक हिंदू मंदिर पर हमला करने की योजना बना रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, युवक भारतीय मूल के लोगों से नफरत करता था। उसके घर से राइफल, कई भरी हुई मैगजीन और सैकड़ों गोलियां मिली हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। एक व्यक्ति ने पुलिस को जानकारी दी थी आरोपी का नाम अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस है। पुलिस के मुताबिक, 11 अक्टूबर को माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को एक व्यक्ति ने बताया कि उसे पापोराकिस के कुछ मैसेज मिले हैं। इन मैसेज के साथ एक दस्तावेज भी था, जिसमें हिंदू मंदिर में गोलीबारी करने की योजना का जिक्र था। पुलिस ने पापोराकिस को उसके घर से निकलते समय पकड़ लिया। इसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई। उसके घर में मिली एक जैकेट पर ऐसा निशान भी था, जो गोरी नस्ल को दूसरों से बेहतर मानने वाले चरमपंथियों से जुड़ा है। पुलिस ने फिलहाल मंदिर का नाम नहीं बताया है। ऑरोरा में श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर है, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि युवक इसी मंदिर को निशाना बनाना चाहता था। आतंकवादी धमकी देने और अवैध हथियार रखने के आरोप पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। बुधवार को अदालत में सुनवाई के बाद जज ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। FBI शिकागो के अधिकारी रयान व्हेलन ने कहा कि एजेंसी चरमपंथी सोच से जुड़ी हिंसा की धमकियों का पता लगाने और उनकी जांच करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम करती है। 2 अक्टूबर को ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला हुआ था 2 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के ओहायो राज्य के रिचमंड हाइट्स में स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर की खिड़कियों पर ईंटें फेंकी गईं थीं। घटना के समय मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की थी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे धार्मिक या नस्लीय नफरत होने का कोई सबूत नहीं मिला था और जांच जारी थी। अमेरिका में पहले भी मंदिरों पर हमले हुए कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका पहले भी अमेरिका में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और मंदिरों में तोड़फोड़ को लेकर चिंता जताता रहा है। संगठन ने ऐसे मामलों की एक टाइमलाइन भी तैयार की है। अमेरिका में हेट क्राइम 30% बढ़ने का खतरा अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव में इमिग्रेशन विरोध बड़ा मुद्दा बन रहा है। भारतीयों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले 30% तक बढ़ने की आशंका है। न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में 20 साल से रेस्तरां चलाने वाले भारतवंशी मोमिन अली (बदला हुआ नाम) कहते हैं कि ट्रम्प के समर्थक श्वेत गुट भारतीयों के रेस्तरां में जासूसी करते हैं। प्रवासियों के मुद्दे से जुड़े संगठन एपीआई ने एक मॉड्यूल का अध्ययन कर चेताया है कि नवंबर तक भारतीयों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले 58 हजार होने का खतरा है। जबकि इस साल जुलाई तक भारतीयों के खिलाफ हेट क्राइम के 44,535 मामले सामने आए थे। अमेरिका में चुनाव और भारतीयों से जुड़ा कोई भी मुद्दा सामने आने पर राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी एंटी इमिग्रेशन मुद्दा उठाती है। भारतीयों के खिलाफ जॉब छीनने का आरोप भी लगाया जाता है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… OpenAI ऑफिस में जासूसी की कोशिश करने वाला गिरफ्तार: TV के पीछे रिकॉर्डर लगाया था अमेरिकी कंपनी OpenAI के सैन फ्रांसिस्को ऑफिस में जासूसी की कोशिश करने वाले कर्मचारी को FBI ने गिरफ्तार कर लिया है। कर्मचारी ने कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपा दिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल, प्रियंका

नई दिल्ली। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार की शाम को इंडिया गेट पर जाकर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की और उनके प्रति अपना समर्थन जताया। गौरतलब है कि उत्तराखंड की अंकिता भंडारी एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी, जहां उसे एक वीआईपी को सर्विस देने से मना कर दिया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में शामिल कथित वीआईपी का नाम सामने नहीं आया।

न्याय के लिए अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया था। हालांकि उनका नाम आधिकारिक रूप से कभी सामने नहीं आया है। लेकिन अंकिता का परिवार उन पर सवाल उठाता रहा है।

दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली मेट्रो को बंद नहीं किया गया था। डीएमआरसी ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान मेट्रो ट्रेन सेवाओं में न कटौती की गई नही सेवा रद्द की गई। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नौ अक्टूबर को बहुत साफ निर्देश दिया था कि मेट्रो सेवा नहीं बंद की जाए। इसके बावजूद अगले दिन 45 मेट्रो स्टेशन बंद थे।

इस पर अदालत ने नोटिस जारी करके पूछा था कि क्यों नहीं डीएमआरसी के खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया जाए। इसके जवाब में डीएमआरसी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे देकर बताया कि 303 में से 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट सीमित की गई थी। वहीं, 258 स्टेशन यानी मेट्रो नेटवर्क का 85 फीसदी से ज्यादा हिस्सा पूरी तरह चालू रहा। डीएमआरसी ने कहा कि 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट सीमित करने का फैसला पुलिस के आकलन के आधार पर किया गया था।

गौरतलब है कि पहले खबर आई थी कि 57 मेट्रो स्टेशन बंद होंगे। इसके बाद नौ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि दिल्ली की मेट्रो सेना और दिल्ली आने या दिल्ली से बाहर जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने डीएमआरसी और अन्य पक्षों को आदेश पालन हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया था।

2026 Toyota Glanza facelift: 4 hits and 3 misses

2026 Toyota Glanza facelift: 4 hits and 3 misses
Toyota Glanza facelift: 4 hits and 4 misses

The 2026 Toyota Glanza facelift was launched in October, and it gets new powertrain options, additional features and minor design changes. However, it also misses out on a few things. Here, we look at what the updated Toyota hatchback gets right and where there is room for improvement.

Hits

More efficient powertrain

The Glanza now gets a new 1.2-litre, 3-cylinder naturally aspirated engine that runs on petrol and CNG. Compared to the previous four-cylinder engine, claimed fuel efficiency in petrol mode has improved to 23.80kpl with the manual transmission, up from 22.35kpl, and 24.77kpl with the AMT, up from 22.94kpl.

2026 Toyota Glanza facelift launched at Rs 6.99 lakh

In CNG mode, the claimed mileage has increased to 33.61km/kg with the manual gearbox, up from 30.61km/kg. The new AMT option for the Glanza CNG has a claimed mileage of 34.47km/kg.

Automatic gearbox choice with CNG

With the Glanza facelift, Toyota has introduced the choice of an automatic gearbox, an AMT in this case. Buyers who regularly commute in stop-and-go traffic will appreciate the ease of driving, along with the good fuel efficiency claimed by the carmaker.

New convenience and safety features

Given our climate, ventilated front seats are a welcome addition. The new Level 2 ADAS suite should also improve the Glanza’s safety quotient.

While we haven’t reviewed the new Glanza yet, our experience with the Baleno facelift gives us a reference point. During our brief test drive, the ADAS features worked as intended and felt well calibrated, without being overly intrusive. A wireless charger with ventilation has been added as well.

Continues to offer physical controls

2026 Toyota Glanza facelift launched at Rs 6.99 lakh

Like the outgoing model, the facelifted Glanza continues to offer plenty of physical controls for functions such as climate control and audio. These are easier to use and less distracting than accessing functions buried under multiple sub-menus on the touchscreen.

Misses

Priced comparatively higher than Baleno

Glanza vs Baleno petrol prices (Rs lakh)

Glanza petrol trimPriceBaleno petrol trimPricePrice difference
E MT6.99Sigma MT5.99-1
S MT | AMT7.71 | 8.31Delta MT | AMT7 | 7.5-0.71 | -0.81
G MT | AMT8.73 | 9.33Zeta MT | AMT8 | 8.5-0.73 | -0.83
V MT | AMT9.99 | 10.59Alpha MT | AMT9.1 | 9.6-0.89 | -0.99
V(O) MT | AMT10.49 | 10.98Alpha (O) MT | AMT9.5 | 9.99-0.99

Glanza vs Baleno CNG prices (Rs lakh)

Glanza CNG trimPriceBaleno CNG trimPricePrice difference
S MT | AMT8.76 | 9.31Delta MT | AMT7.92 | 8.32-0.84 | -0.99
G MT | AMT9.68 | 10.23Zeta MT | AMT8.92 | 9.32-0.76 | -0.91

The Glanza is pricier than the Baleno across comparable petrol variants, with the price difference ranging from Rs 71,000 to Rs 1 lakh. The gap is similar for the CNG versions, with the Toyota hatchback costing between Rs 76,000 to Rs 99,000 relatively more. Since the changes between the two are largely cosmetic, the price difference seems significant.

New engine makes relatively less power and torque

In petrol mode, the new engine produces 83hp and 112Nm, which is 7hp and 1Nm less than the outgoing model’s four-cylinder unit. In CNG mode, it produces 70hp and 102Nm. This is 7hp less but 4.5Nm more than the outgoing model. Based on our experience with the Baleno, which uses the same powertrains, the new engine doesn’t feel as peppy as the older K-Series unit or as strong at higher revs.

Misses out on some features offered by rivals

New Glanza rear seats

A rear centre armrest would have improved passenger comfort in a premium hatchback like the Glanza, and a single-pane sunroof would also have added to its appeal. Both features are available on its direct rivals, the Tata Altroz and Hyundai i20.

Petrol Diesel Price Today: 15 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 15 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Asian Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली से एशियाई बाजारों में गिरावट, KOSPI 8% टूटा, Nikkei 4% नीचे गिरा

Asian Market Today: आज (गुरुवार, 15 अक्टूबर) एशियाई बाजारों के लिए दिन की शुरुआत काफी खराब रही। ग्लोबल स्तर पर चिप (सेमीकंडक्टर) शेयरों में आई भारी बिकवाली के दबाव में सभी प्रमुख सूचकांक (indices) लुढ़क गए।

एशियाई बाजारों में गिरावट

ग्लोबल इक्विटी बाजारों में आई भारी बिकवाली का असर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भी दिखा। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा रहे, जिससे बाजार को यह लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। इसके चलते सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट आई। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) की खरीदारी की, जिससे उनकी कीमतें बढ़ीं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश के लिए एक अहम संकेतक माने जाने वाले दक्षिण कोरिया के ‘कोस्पी’ (KOSPI) इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इसमें 8% की कमी आई, क्योंकि प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों – सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स – के शेयरों में 8% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। जापान का प्रमुख सूचकांक ‘निक्केई 225’ (Nikkei 225) दिन के कारोबार के दौरान 4% से ज्यादा टूट गया, जबकि ‘टोपिक्स’ (TOPIX) में 2% की गिरावट आई।

इस बीच, दलाल स्ट्रीट पर ‘गिफ्ट निफ्टी’ (GIFT Nifty) के संकेत बता रहे हैं कि भारतीय बाजारों में भी आज की शुरुआत नकारात्मक रह सकती है।

MSCI एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जो जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है।

टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर धारणा कमजोर बनी रही, और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) इंडेक्स फ्यूचर्स में 0.8% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में यह गिरावट वॉल स्ट्रीट पर आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली है। वॉल स्ट्रीट पर इस गिरावट के कारण ‘रसेल 2000’ (Russell 2000) इंडेक्स ‘करेक्शन’ (गिरावट) के दायरे में आ गया। वहीं, अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों को ट्रैक करने वाला एक प्रमुख इंडेक्स लगातार कई दिनों तक गिरता रहा, जो मई 2025 के बाद की सबसे लंबी गिरावट है।

अमेरिका में पिछले पांच महीनों में महंगाई का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा। इससे बाजार के निवेशकों को लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। भले ही अक्टूबर में नीतिगत दरों को स्थिर रखा जाए, लेकिन आगे चलकर दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।

महंगाई के आंकड़े आने के बाद शुरुआत में ट्रेजरी सिक्योरिटीज की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से उन्होंने अपना ज्यादातर नुकसान कवर कर लिया, क्योंकि उन्हें बॉन्ड पर कई सालों के उच्चतम स्तर का रिटर्न (yield) मिल रहा था। वहीं, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई। मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे अमेरिका में महंगाई भी बनी हुई है। इसके चलते अब यह उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त कर सकता है।

AI का दौर

वहीं दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल के बाद अब इक्विटी बाजारों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे कोविड-19 महामारी के बाद से अमेरिकी बाजार में चल रहा स्थिरता का लंबा दौर अब खत्म हो गया है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कारोबार की शुरुआत के साथ ही ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) में तेजी आई, क्योंकि इक्विटी बाजार में बिकवाली के कारण सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ गई। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड 6 बेसिस पॉइंट घटकर 5.12% रह गई, जबकि 2-वर्षीय ट्रेजरी सिक्योरिटीज पर यील्ड 7 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.73% पर आ गई।

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में सुधार आया और यह लगभग 4,140 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बेंचमार्क ‘ब्रेंट’ की कीमत 1.1% गिरकर 104.94 डॉलर प्रति बैरल हो गई, लेकिन पेट्रोलियम की लगातार ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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