CJP का तिरंगा मार्च, अभिजीत दीपके का ऐलान, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में जुटने की अपील

CJP का तिरंगा मार्च, अभिजीत दीपके का ऐलान, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में जुटने की अपील

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली में तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है। यह मार्च शाम 5 बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क से शुरू होगा। दीपके ने देशभर के लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, वे अपने शहरों में भी तिरंगा मार्च आयोजित करें।

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दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर यह घोषणा की। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की। उनके मुताबिक, इस मार्च के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि तिरंगा फहराना अपराध नहीं माना जाना चाहिए।
 

सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद मार्च का ऐलान

तिरंगा मार्च की घोषणा करते हुए अभिजीत दीपके ने CJP के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया। दीपके ने दावा किया कि दोनों को राष्ट्रीय ध्वज उठाने के कारण जेल भेजा गया है। हालांकि, यह उनका दावा है; गिरफ्तारी के आधिकारिक कारणों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

दीपके ने कहा कि तिरंगा देश के गौरव का प्रतीक है और इसका सम्मान करने वाले लोगों को मार्च में शामिल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज उनके लिए गर्व का विषय है और वह इसे उठाना जारी रखेंगे।

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देशभर में तिरंगा मार्च निकालने की अपील

CJP संस्थापक ने केवल दिल्ली के लोगों से ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे शहरों में रहने वाले लोगों से भी 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे अपने-अपने इलाकों में तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि जो लोग कनॉट प्लेस नहीं पहुंच सकते, वे अपने शहरों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ एकत्र हों। इस प्रस्तावित मार्च का उद्देश्य तिरंगे के सम्मान और उसे प्रदर्शित करने के अधिकार को लेकर संदेश देना है।

फिलहाल, घोषणा में मार्च की व्यवस्थाओं और भागीदारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

एक दिन पहले गिरफ्तार हुए थे सौरव दास और आशुतोष रांका

रिपोर्ट के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। बताया गया है कि दोनों को बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद CJP की ओर से तिरंगा मार्च का ऐलान किया गया है। अब 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित मार्च पर नजर रहेगी। दीपके ने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय ध्वज के साथ शामिल होने की अपील की है।

गौतम गंभीर के बर्थ डे पर जीत का गिफ्ट नहीं दे पाई इंडिया, इंडीज ने 24 रनों से हराया

INDvsWI गौतम गंभीर के जन्मदिन की पार्टी तब फीकी पड़ गई जब भारतीय टीम आज हैदराबाद में वेस्टइंडीज से 24 रनों से चौथा टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 24 रनों से हार गई।  इंडीज द्वारा दिया गया 245 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारत 223 रन बनाकर आउट हो गई। सीरीज अब 2-2 से बराबर हो गई है और फाइनल मैच बैंगलूरू में खेला जाएगा। 

245 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की विस्फोटक शरुआत हुई और पहले 4 ओवर में भारत ने 60 रन बनाए जिसमें 56 रन संजू सैमसन के थे। लेकिन इसके बाद कीमो पॉल ने एक ओवर में संजू और ईशान को आउट कर दिया। 

श्रेयस अय्यर भी कुछ खास नहीं कर पाए और 16 रन बनाकर आउट हो गए। भारतीय टीम को असली झटका तब लगा जब अभिषेक शर्मा 29 रन बनाकर आउट हो गए। अगली ही गेंद पर गुडाकेश मोती ने नमन धीर को स्टंप कर दिया। ऐसा लग रहा था मैच भारत से दूर चला गया लेकिन तिलक वर्मा और नितीश कुमार ने हिटिंग जारी रखी। 

एक समय पर 4 ओवर में 59 रनों की दरकार थी। लेकिन तब ही तिलक वर्मा  को रोमारियो ने आउट कर दिया। अगले ओवर में एक बार फिर कीमो पॉल ने 2 नहीं 3 विकेट लेकर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने 4 ओवर में 40 रन देकर 5 विकेट लिए। 

शमार जोसेफ जो लगातार रन दे रहे हैं उन्होंने अंत में अर्शदीप सिंह के बांह में मारकर उनको रिटायर आउट करवा दिया और गौतम गंभीर को जन्मदिन पर एक और सिरदर्द दे दिया।

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Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, राजेश एक्सपोर्ट्स से टाटा टेक्नोलॉजीज तक शामिल

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहेगी। कहीं तिमाही नतीजों में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो कहीं कमाई पर दबाव दिखा है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ में बड़े कारोबारी फैसले हुए हैं। इन खबरों का असर गुरुवार को शेयरों की चाल पर पड़ सकता है।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का मुनाफा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

CEAT

टायर कंपनी CEAT का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 39.8% घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 26.2% बढ़कर 4,762 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव पड़ा। EBITDA 9.1% गिरकर 457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.3% से घटकर 9.6% पर आ गया।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने मंजूरी दे दी है। बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए Fairfax Financials को सफल बोलीदाता चुना गया है। पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% रहेगी। शेयर के लिए 75.99 रुपये का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि 81 रुपये की सबसे ऊंची बोली स्वीकार की गई।

CSB Bank

निजी क्षेत्र के CSB Bank के सामने अब मर्जर या हिस्सेदारी बेचने का विकल्प हो सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक, कोई प्रमोटर एक से ज्यादा बैंकों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। IDBI Bank के पुनर्गठन की मंजूरी के बाद Fairfax को CSB Bank का मर्जर IDBI Bank में करना पड़ सकता है या अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। प्रस्तावित ढांचे में दो साल के भीतर मर्जर का रास्ता शामिल है।

Rajesh Exports

SEBI ने Rajesh Exports और इसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगी अंतरिम पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। कंपनी के वित्तीय खुलासों में गड़बड़ियों को लेकर रेगुलेटर की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। राजेश मेहता अगले आदेश तक कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का कारोबार करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए अहम दस्तावेज यानी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। IPO में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग कंपनी Tata Technologies का मुनाफा सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, डॉलर में रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 22% बढ़ा। सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू भी 26% बढ़ा। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

MRPL

ONGC की सब्सिडियरी तेल कंपनी MRPL का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 195% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,210 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 2,519 करोड़ रुपये रहा।

Enviro Infra

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Enviro Infra को Arie Energy से महाराष्ट्र में 100 मेगावाट के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए 228 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को बढ़ाने से जुड़ा है।

Aeroflex Industries

औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी Aeroflex Industries मार्च 2028 तक 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम से स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी को डेटा सेंटर और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

Bajaj Consumer Care

FMCG कंपनी Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया।

Cemindia Projects

अदाणी ग्रुप की कंपनी Cemindia Projects ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए QIP लॉन्च किया है। कंपनी 90.3 लाख तक शेयर जारी करेगी। इश्यू का फ्लोर प्राइस 1,158.58 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संकेतात्मक इश्यू प्राइस 1,108 रुपये है, जो बुधवार के 1,153.50 रुपये के बंद भाव से करीब 4% डिस्काउंट पर है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कल लॉन्च होगी Mahindra XUV 3XO CNG, पैनोरमिक सनरूफ समेत मिलेंगे कई खास फीचर्स

Mahindra XUV 3XO CNG: Mahindra कल, 15 अक्टूबर 2026 को भारत में XUV 3XO CNG लॉन्च करेगी। यह लॉन्च त्योहारों के मौसम से ठीक पहले हो रहा है और XUV 3XO में दिलचस्पी रखने वाले ग्राहकों को चुनने के लिए ज्यादा पावरट्रेन ऑप्शन देता है। जानकारी के लिए बता दें कि यह कॉम्पैक्ट SUV पहले से ही दो टर्बो-पेट्रोल इंजन, एक डीजल इंजन और एक इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ उपलब्ध है। नया फैक्ट्री-फिटेड CNG ऑप्शन ज्यादा फ्यूल-एफिशिएंट ऑप्शन के तौर पर लाइनअप में शामिल होगा। कार बनाने वाली कंपनी ने हाल ही में XUV 3XO CNG को पेश किया था। अब आइए जानते हैं Mahindra की इस नई CNG SUV में क्या कुछ खास मिलने वाला है।

Mahindra XUV 3XO CNG: डिजाइन

Mahindra XUV 3XO के CNG मॉडल का डिजाइन मौजूदा पेट्रोल और डीजल वेरिएंट जैसा ही रहने की उम्मीद है। हालांकि, CNG किट की वजह से इसमें कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कंपनी ने हाल ही में जारी टीजर में SUV को लाल रंग में दिखाया है।

इसका फ्रंट लुक SUV के मौजूदा REVX वेरिएंट जैसा नजर आता है। गाड़ी के डिजाइन में Mahindra के Twin Peaks लोगो के आसपास मेटल फिनिश दी गई है। वहीं, दोनों हेडलैंप के बीच बॉडी के रंग वाला पैनल और पीछे कनेक्टेड टेललैंप सेटअप मिलता है।

फिलहाल कंपनी ने यह जानकारी नहीं दी है कि CNG सिलेंडर को गाड़ी में किस तरह लगाया जाएगा। सिलेंडर की जगह से बूट स्पेस यानी सामान रखने की जगह पर कितना असर पड़ेगा, यह भी अभी साफ नहीं है।

Mahindra XUV 3XO CNG: फीचर्स

फीचर्स की बात करें, तो Mahindra XUV 3XO के CNG मॉडल में मौजूदा पेट्रोल और डीजल वेरिएंट जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने टीजर में इसमें पैनोरमिक सनरूफ की झलक दिखाई है। इससे कम खर्च में गाड़ी चलाने के साथ प्रीमियम फीचर्स चाहने वाले ग्राहकों के लिए यह SUV एक अच्छा विकल्प बन सकती है।

इसके अलावा, इसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10.25 इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पावर एडजस्ट होने वाली ड्राइवर सीट और डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन सभी फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि लॉन्च के समय ही होगी।

Mahindra XUV 3XO CNG: पावरट्रेन

XUV 3XO CNG में 1.2-लीटर MPFI टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ फैक्ट्री-फिटेड किट मिलने की उम्मीद है। इस इंजन का मौजूदा पेट्रोल वर्जन 111hp की पावर और 200Nm का टॉर्क देता है। अभी CNG की पावर, ट्रांसमिशन ऑप्शन या माइलेज के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं है।

Mahindra XUV 3XO CNG: कीमत

उम्मीद है कि XUV 3XO CNG की कीमत पेट्रोल वेरिएंट्स से थोड़ी ज्यादा होगी। अभी XUV 3XO रेंज की शुरुआती कीमत 7.79 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। वेरिएंट और फीचर्स के आधार पर, CNG मॉडल की कीमत लगभग 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक ज्यादा हो सकती है।

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2026 Toyota Glanza Facelift: Toyota Glanza का 2026 फेसलिफ्ट मॉडल भारत में लॉन्च हो गया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 6.99 लाख रुपये से शुरू होती है। नए मॉडल में कार के आगे के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं। साथ ही, इसमें कुछ नए फीचर्स और तीन सिलेंडर वाला पेट्रोल इंजन दिया गया है। बता दें कि पहले Glanza में चार सिलेंडर वाला इंजन मिलता था, लेकिन अब इसमें 1.2-लीटर का Z12E इंजन दिया गया है। इसे मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के विकल्पों के साथ खरीदा जा सकता है। कंपनी ने इसमें आगे की सीटों को ठंडा रखने के लिए वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस फोन चार्जर और लेवल 2 ADAS जैसे फीचर्स भी जोड़े हैं।

नई Glanza में CNG का विकल्प भी मिलता रहेगा, जिसमें मैनुअल और AMT ट्रांसमिशन दोनों उपलब्ध हैं। यहाँ उन बदलावों, इंजन की जानकारी और वैरिएंट्स के बारे में विस्तार से बताया गया है, जिनके बारे में खरीदारों को अपडेटेड मॉडल चुनने से पहले पता होना चाहिए।

2026 Toyota Glanza Facelift: कीमत और वेरिएंट्स

Facelift Glanza की शुरुआती कीमत 6.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है और यह पांच वेरिएंट्स में उपलब्ध है: E, S, G, V और V(O)। अपडेटेड मॉडल प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में मुकाबला जारी रखेगा, जहां फीचर्स और रनिंग कॉस्ट वेरिएंट चुनने में अहम भूमिका निभाते हैं। यहां वेरिएंट के हिसाब से कीमतों की पूरी लिस्ट दी गई है।

एक्सटीरियर में क्या हुए बदलाव?

नई Toyota Glanza के फ्रंट डिजाइन में बदलाव किया गया है। इसके अलावा, इसमें नए डिजाइन के अलॉय व्हील और शार्क-फिन एंटीना दिया गया है। इन बदलावों से कार का लुक पहले से थोड़ा नया और आकर्षक हो गया है। हालांकि, कार का ओवरऑल डिजाइन पहले जैसा ही रखा गया है।

वहीं, कार के केबिन के डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। डैशबोर्ड और इंटीरियर का लेआउट पहले जैसा ही है। Toyota ने केबिन का डिजाइन बदलने के बजाय इसमें नए फीचर्स जोड़ने पर ध्यान दिया है।

नया 1.2-लीटर थ्री-सिलेंडर इंजन

Glanza हैचबैक में अब नैचुरली एस्पिरेटेड 1.2-लीटर Z12E थ्री-सिलेंडर पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किया गया है। यह 83hp की पावर और 112Nm का टॉर्क देता है, और इसे या तो 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स या 5-स्पीड ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) के साथ जोड़ा गया है।

पहले वाले फोर-सिलेंडर इंजन की तुलना में, इसकी पावर 7hp और टॉर्क 1Nm कम हो गया है। नए इंजन में आइडल स्टार्ट-स्टॉप फxक्शन दिया गया है और यह बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी (माइलेज) देता है।

वहीं, Glanza के CNG मॉडल में 70hp की पावर और 102Nm का टॉर्क मिलता है। पहले के CNG मॉडल में केवल मैनुअल गियरबॉक्स का विकल्प था, लेकिन अब नए मॉडल को मैनुअल और AMT दोनों गियरबॉक्स के साथ खरीदा जा सकता है।

नए फीचर्स और सेफ्टी इक्विपमेंट

इस फेसलिफ्ट में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और वायरलेस फोन चार्जर जोड़े गए हैं। एक और अहम चीज है लेवल 2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) सुइट, जो हैचबैक में ड्राइवर असिस्टेंस टेक्नोलॉजी लाता है।

खरीदारों के लिए, बुकिंग से पहले यह देखना जरूरी है कि ये फीचर्स किस वेरिएंट में उपलब्ध हैं। बता दें कि नई Glanza के केबिन का लेआउट पहले जैसा ही है, जिसका मतलब है कि इंटीरियर में मुख्य बदलाव डैशबोर्ड के डिजाइन में नहीं, बल्कि मिलने वाले इक्विपमेंट में किया गया है।

2026 Toyota Glanza फेसलिफ्ट में सबसे बड़े बदलाव नए इंजन, अतिरिक्त फीचर्स और एक्सटीरियर के नए डिजाइन के रूप में किए गए हैं। कार खरीदने से पहले ग्राहकों को पेट्रोल और CNG मॉडल के विकल्पों, गियरबॉक्स और पांचों वेरिएंट में मिलने वाले फीचर्स की तुलना कर लेनी चाहिए। इससे उन्हें अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही वेरिएंट चुनने में मदद मिलेगी।

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Blue Drum Verdict Case : फांसी की सजा के बाद मुस्कान की बेटी का छलका दर्द, माता-पिता बोले- मिलने जाएंगे, पैरवी नहीं करेंगे

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meerut neela durm hatayakand

नीले ड्रम हत्याकांड के फैसले ने दो परिवारों को अलग-अलग भावनाओं के बीच खड़ा कर दिया। एक तरफ बेटे को खो चुके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी, तो दूसरी ओर बेटी को मृत्युदंड मिलने की खबर ने उसके माता-पिता को भीतर तक झकझोर दिया। कभी अपनी बेटी को पुलिस के हवाले कर उसके लिए सख्त सजा की मांग करने वाले माता-पिता आज उसी बेटी से मिलने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि वे कानूनी लड़ाई में आगे पैरवी नहीं करेंगे।

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मेरठ के चर्चित सौरव हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद भावनाओं का एक ऐसा पक्ष सामने आया है, जहां न्याय, पछतावा, पारिवारिक रिश्ते और एक मासूम बच्ची का भविष्य आपस में उलझे नजर आ रहें हैं। मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड  सुनाए जाने की खबर ने जहां सौरव के परिजनों को सुकून दिया, वहीं मुस्कान के मायके में मातम का माहौल दिखाई दिया।

 

मुस्कान का परिवार टीवी पर फैसले की जानकारी ले रहा था,लेकिन जेसे ही बेटी की सजा को सुना तो जन्मदाता माता-पिता की आंखें उस समय नम हो गईं। परिवार के मुताबिक, छह साल की मासूम बच्ची भी अपनी मां को फांसी की सजा मिलने की बात सुनकर रो पड़ी। एक तरफ बेटी के को खुद पुलिस को सौंपने के बाद रिश्ता खत्म करना तो दूसरी तरफ माता-पिता का फांसी की सजा सुनते ही भावनात्मक रिश्ता सामने आ गया। तमाम शिकायतों और आरोपों के बावजूद बेटी की तड़प मां-बाप में आज साफतौर पर दिखाई देने लगी। 

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बेटी को पुलिस के हवाले किया, अब मां का मन मिलने को बेचैन

 

मुस्कान के पिता प्रमोद और मां कविता रस्तोगी का कहना है कि सौरव की हत्या के बाद बेटी की बात सुनकर उन्होंने खद उसे पुलिस क़ सौंप दिया था। दामाद सौरव को वह बेटे की तरह मानते थे, जिसके चलते हत्या के मामले मुस्कान के लिए खुद फांसी की मांग की थी। 

 

लेकिन अब अदालत से मृत्युदंड का फैसला आने के बाद जन्म देने माता-पिता का प्यार जाग उठा है। मां कविता का कहना है कि मां का दिल आखिर मां का ही होता है। बेटी से मिलने की इच्छा उन्हें लंबे समय से बेचैन कर रही थी, लेकिन परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वे अब तक जेल में उससे मिलने नहीं गए।

 

परिवार ने फैसला सुनाए जाने के बाद अब मुस्कान से मुलाकात करने की इच्छा जताई है। उनके मुताबिक, वे जेल जाकर बेटी से मिलेंगे। हालांकि, यह मुलाकात उनके लिए भावनात्मक रूप से कितनी कठिन होगी, इसका अंदाजा उनके बयानों से लगाया जा सकता है।

 

‘नाती को ददिहाल नहीं भेजेंगे, उसकी मां की छवि से उसे भी ठेस पहुंचेगी’

 

इस पूरे मामले में सबसे संवेदनशील सवाल मुस्कान की छह साल की बेटी के भविष्य का है। बच्ची की परवरिश और उसके पारिवारिक अधिकारों को लेकर दोनों पक्षों के बीच भावनात्मक खींचतान दिखाई दे रही है।

 

मुस्कान के पिता प्रमोद ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी नातिन को सौरव के परिवार को नहीं सौंपेंगे। उनका आरोप है कि जब सौरव विदेश में रहता था और उनकी बेटी किराये के मकान में अकेली रह रही थी, तब ससुराल पक्ष ने उसकी स्थिति जानने की पर्याप्त कोशिश नहीं की। अब बच्ची को अपने पास रखने की मांग उठ रही है।

 

प्रमोद को आशंका है कि मुस्कान की पहचान और उस पर लगे आरोपों का सीधा असर बच्ची के साथ होने वाले व्यवहार पर भी पड़ सकता है। उनका कहना है कि बच्ची को मां के अपराधों की छाया में नहीं जीना चाहिए और उसे ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां उसे अपनापन और सम्मान मिले। हालांकि, बच्ची के भविष्य का फैसला केवल भावनात्मक आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि उसके हित और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। आखिर इस पूरे घटनाक्रम में मासू बच्ची का कोई दोष नहीं है।

 

परिवार को थी उम्रकैद की उम्मीद, मृत्युदंड से टूटा हौसला

 

मुस्कान के पिता का कहना है कि परिवार को उम्मीद थी कि अदालत दो परिवारों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उम्रकैद की सजा सुना सकती है। लेकिन मृत्युदंड के फैसले ने उन्हें अंदर तक तोड़कर रख दिया।

 

उनका कहना है कि पिता की बीमारी, आर्थिक परेशानियों और लंबे समय से बंद पड़ी दुकान ने परिवार को कमजोर कर दिया है। ऐसे में उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए जरूरी आर्थिक साधन जुटाना उनके लिए संभव नही है। परिवार ने फिलहाल स्पष्ट किया है कि वह मुस्कान की सजा कम कराने के लिए हाईकोर्ट में पैरवी नहीं करेगा। हालांकि, जेल में उससे मिलने की इच्छा उन्होंने जरूर जताई है।

 

इस विरोधाभास में एक परिवार की बेबसी दिखाई देती है। जिन माता-पिता ने कभी बेटी के लिए सख्त सजा की मांग की थी, वे आज उससे मिलने की इच्छा तो रखते हैं, लेकिन उसे कानूनी राहत दिलाने के लिए आगे बढ़ने की स्थिति में खुद को सक्षम नहीं मानते।

 

‘साहिल की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए थी’

 

मुस्कान के माता-पिता का मानना है कि इस हत्याकांड में साहिल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। परिवार का आरोप है कि साहिल नशे का आदी था और मुस्कान का पति सौरव विदेश से पैसा भेजता था, इन पैसों का इस्तेमाल साहिल नशे के लिए करता था। उनका दावा है कि धीरे-धीरे मुस्कान भी नशे की गिरफ्त में आ गई थी।

 

प्रमोद का कहना है कि उन्होंने पुलिस से दोनों के नशे की आदतों की जांच और आवश्यक परीक्षण कराने की मांग की थी, लेकिन उनके मुताबिक इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।

 

मुस्कान की मां का आरोप है कि साहिल ने उनकी बेटी को अपने प्रभाव में ले लिया था। परिवार यह भी दावा है कि साहिल के घर की दीवारों पर बने कुछ चित्र देखकर उन्हें काला जादू जानने की बात सामने आ रही थी। उन्होंने संदेह व्यक्त किया है कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया।

 

 

‘मुख्य भूमिका साहिल की थी’, मां ने बेटी का पक्ष रखा

 

कविता रस्तोगी का कहना है कि समाज में उनकी बेटी को ही सबसे अधिक दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार साहिल की भूमिका और उसके प्रभाव को भी समझा जाना चाहिए।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कोई व्यक्ति अपने ही पति की हत्या करने और शव के टुकड़े करने जैसा कदम कैसे उठा सकता है। उनका मानना है कि इस मामले के पीछे साहिल की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

 

परिवार यह भी स्वीकार करता है कि मुस्कान का साहिल से संबंध रखना एक बड़ी गलती थी। प्रमोद के मुताबिक, सौरव साहिल को पसंद नहीं करता था और उसने मुस्कान से उससे दूरी बनाने के लिए कहा भी था। परिवार का मानना है कि यदि उस समय रिश्तों में अधिक सख्ती हुई होती, तो शायद परिस्थितियां आज बदली हुई दिखाई देती। 

 

ससुराल से रिश्तों में तनाव का भी किया जिक्र

 

मुस्कान की मां ने सौरव की मां रेनू के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें कीं। उनका आरोप है कि मुस्कान और उसके ससुराल के बीच रिश्ते सहज नहीं थे और परिवार के भीतर कई बातों को लेकर तनाव रहता था।

 

कविता का कहना है कि उनकी बेटी अपने मायके से संबंध बनाए रखना चाहती थी, लेकिन सौरव.की मां नही चाहती थी वह मायके से संबंध रखें। उनके मुताबिक, इन्हीं परिस्थितियों के बीच मुस्कान को किराये के मकान में रहना पड़ा।

 

पिता की मानसिक स्थिति बिगड़ी, आत्महत्या की कोशिश का दावा

 

सौरव की मौत के बाद मुस्कान के मायके में भी मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव का असर पड़ा। कविता ने बताया कि घटना के बाद परिवार सामान्य जीवन नहीं जी पाया। उनके अनुसार, प्रमोद इस सदमे से इतने परेशान हो गए थे कि उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। परिवार का कहना है कि इस संबंध में चिकित्सकीय दस्तावेज भी मौजूद हैं। मां का यह बयान उस पीड़ा की बताता है कि अपराध के बाद केवल पीड़ित परिवार तक सीमित नहीं रहती। आरोपी के परिजन भी सामाजिक सवालों, मानसिक दबाव और टूटते रिश्तों से जूझते हैं। 

 

भाई ने भी बनाई दूरी, मां के सामने रिश्तों का संकट

 

कविता के मुताबिक, मुस्कान का भाई अब उससे कोई संबंध नहीं रखना चाहता। मां का कहना है कि बेटे के फैसले के सामने वह भी असहाय हैं।

 

एक ओर बेटी से मिलने की इच्छा है, दूसरी ओर परिवार के बाकी सदस्यों की भावनाएं और भविष्य की चिंता हैं। मां के लिए यह स्थिति और कठिन है, क्योंकि बेटी से दूरी उन्हें दुख दे रही है, लेकिन उससे जुड़े घटनाक्रम ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।

 

अब परिवार जेल जाकर मुस्कान से मिलने की तैयारी कर रहा है। यह मुलाकात वर्षों के रिश्ते, गहरे दुख, नाराजगी और ममता के बीच कैसी होगी, इसका जवाब शायद केवल वही माता-पिता दे पाएंगे, जो इस समय इन तमाम भावनाओं से गुजर रहे हैं।

 

एक फैसले के बाद कई सवाल, सबसे बड़ा सवाल मासूम के भविष्य का

 

नीले ड्रम हत्याकांड का फैसला कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इस घटना से जुड़े परिवारों की पीड़ा अदालत के निर्णय के साथ समाप्त नहीं हो जाती। सौरव के परिजन अपने बेटे को खोने का दर्द लेकर जी रहे हैं। मुस्कान के माता-पिता बेटी को मिली सजा और उससे जुड़े आरोपों के बीच उलझे हैं। वहीं, छह साल की बच्ची के सामने ऐसा पारिवारिक संकट है, जिसे समझने और उससे उबरने में उसे लंबा समय लग सकता है।

 

मुस्कान के माता-पिता का कहना है कि वे बेटी से मिलने जेल जाएंगे, लेकिन फिलहाल उसकी सजा के खिलाफ कानूनी लड़ाई नहीं लड़ेंगे। उनके बयानों में नाराजगी भी है, बेटी के लिए ममता भी और अपने परिवार के बिखरने का दर्द भी।

 

 

एक मां-बाप के लिए बेटी से मुंह मोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन उसके किए कृत्य और उसके प्रति ममता के बीच संतुलन बनाना बहुत कठिन होता है। मेरठ के इस चर्चित मामले में अब अदालत के फैसले के साथ-साथ परिवारों के टूटे रिश्तों और एक बच्ची के भविष्य पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।

जर्मनी के बोखुम में आग से 3 भारतीयों की मौत:हत्या के शक में 41 साल का रोमानियाई गिरफ्तार, 5 अस्पताल में भर्ती

जर्मनी के बोखुम शहर में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से 3 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों में 25 और 27 साल की दो महिलाएं और 26 साल का एक युवक शामिल है। पुलिस ने हत्या के शक में 41 साल के एक रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। घटना मंगलवार तड़के हुई थी। आग लगने के बाद दमकलकर्मियों को दूसरी मंजिल के एक फ्लैट में तीनों के शव मिले। हादसे में 5 अन्य लोग धुएं की चपेट में आ गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मृतकों की पहचान और भारत में उनके गृह राज्यों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सीढ़ियों से फैली आग, लोग नीचे नहीं उतर पाए आग मंगलवार सुबह करीब 4:15 बजे बोखुम के होफ्स्टेड इलाके की एक रिहायशी इमारत में लगी थी। आग इमारत की सीढ़ियों से ऊपर तक फैल गई, जिससे ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। दमकलकर्मियों ने बचाव के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। जर्मन न्यूज एजेंसी DPA के मुताबिक, दो लोगों को हाइड्रोलिक सीढ़ी और दो को पोर्टेबल सीढ़ियों की मदद से बाहर निकाला गया। एक अन्य व्यक्ति को एयर कुशन की मदद से बचाया गया। तकनीकी खराबी से आग लगने की आशंका खारिज जांचकर्ताओं ने आग लगने की वजह तकनीकी खराबी होने की आशंका खारिज कर दी है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी या दुर्घटनावश लगी। पुलिस आग लगने की वजह, तीनों की मौत के हालात और गिरफ्तार व्यक्ति की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। खबर अपडेट हो रही है…

डेनमार्क ओपन के पहले दौर में ही बाहर हुए सात्विक-चिराग

Satvik Chirag

डेनमार्क में भारत के बड़े खिलाड़ियों के जल्दी बाहर होने वालों की लिस्ट में सात्विक-चिराग भी शामिल हो गए हैं। उनसे पहले मंगलवार को पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन भी अपने शुरुआती मैच हार गए थे।

बुधवार को डेनमार्क ओपन में भारत की टॉप पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा और वे पहले ही राउंड में बाहर हो गए। पुरुष डबल्स बैडमिंटन रैंकिंग में पांचवें स्थान पर मौजूद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन के हे जिटिंग और रेन जियांगयु (वर्ल्ड नंबर 37) से 12-21, 21-15, 21-19 से हार मिली।

मंगलवार को पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन भी सुपर 750 टूर्नामेंट के पहले राउंड में बाहर हो गए थे। सात्विक-चिराग ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की और पहले गेम में दबदबा बनाए रखा, लेकिन दूसरे गेम में बाजी पलट गई। हे जिटिंग और रेन जियांगयु ने इंटरवल तक 11-4 की बढ़त बना ली और मैच को निर्णायक गेम (डिसाइडर) तक ले गए।

आखिरी गेम में काफी कड़ा मुकाबला रहा। चीनी जोड़ी ने इंटरवल तक 11-10 की मामूली बढ़त बनाई और फिर अपनी बढ़त को बनाए रखते हुए जीत हासिल की, जिससे भारतीय जोड़ी टूर्नामेंट से बाहर हो गई।हे जिटिंग और रेन जियांगयु के खिलाफ चार मुकाबलों में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की यह पहली हार थी।

वहीं दूसरी ओर, पुरुष सिंगल्स में आयुष शेट्टी भी पहले राउंड में बाहर हो गए। उन्हें इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से 21-11, 13-21, 21-10 से हार का सामना करना पड़ा। पहले गेम में आयुष शेट्टी की शुरुआत धीमी रही और जल्द ही वे 11-4 से पिछड़ गए, जबकि अल्वी फरहान ने बिना किसी परेशानी के पहला गेम जीत लिया।

इसके बाद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने दूसरे गेम में वापसी की; इंटरवल तक वे 11-8 से आगे थे और उसके बाद सिर्फ़ पाँच पॉइंट गंवाकर मैच को निर्णायक गेम तक ले गए।

हालाँकि, निर्णायक गेम भी पहले गेम जैसा ही रहा; आयुष शेट्टी इंटरवल तक 11-3 से पिछड़ गए और कभी वापसी नहीं कर पाए, जिससे अल्वी फरहान ने मैच जीत लिया और अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। अल्वी फरहान के हाथों आयुष शेट्टी की यह हार, इस इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ़ खेले गए छह मैचों में उनकी चौथी हार थी।

उनके बाहर होने का मतलब यह भी है कि पुरुष सिंगल्स में अब किदांबी श्रीकांत ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बचे हैं।वहीं, आज बाद में महिला सिंगल्स में अश्मिता चालिहा, देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा भी खेलती नज़र आएँगी। महिला डबल्स में ट्रेसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और रुतपर्णा पांडा-श्वेतपर्णा पांडा की जोड़ियाँ भी मुक़ाबला करेंगी।

Jio Platforms IPO : ₹1,065 से ₹1,119 तय हुआ प्राइस बैंड, कर्मचारियों को हर शेयर पर ₹54 की छूट

Jio Platforms IPO : ₹1,065 से ₹1,119 तय हुआ प्राइस बैंड, कर्मचारियों को हर शेयर पर ₹54 की छूट

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रिलायंस समूह की कंपनी Jio Platforms Limited के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। कंपनी के निदेशक मंडल की आईपीओ समिति ने 14 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में आईपीओ का प्राइस बैंड, पात्र कर्मचारियों के लिए छूट और न्यूनतम बोली की मात्रा को मंजूरी दे दी। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आईपीओ के लिए प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है। वहीं, पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी आरक्षण श्रेणी के तहत बोली लगाने पर प्रति शेयर ₹54 की छूट मिलेगी।

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Jio Platforms IPO का प्राइस बैंड और कर्मचारियों की छूट

कंपनी के अनुसार, आईपीओ का फ्लोर प्राइस ₹1,065 प्रति शेयर और कैप प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर होगा। इसका मतलब है कि निवेशक निर्धारित प्राइस बैंड के भीतर शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे।

कर्मचारी आरक्षण श्रेणी के तहत बोली लगाने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रत्येक शेयर पर ₹54 की छूट दी जाएगी। यह छूट पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए निर्धारित है।

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न्यूनतम कितने शेयरों के लिए लगानी होगी बोली?

Jio Platforms IPO में न्यूनतम बोली की मात्रा 12 इक्विटी शेयर तय की गई है। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू ₹10 होगा। निवेशक न्यूनतम 12 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 12 शेयरों के गुणक में बोली देनी होगी। अगर कोई निवेशक ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड पर 12 शेयरों के लिए बोली लगाता है, तो उसे कुल ₹13,428 की राशि की जरूरत होगी। यह गणना ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर है और इसमें किसी अन्य शुल्क को शामिल नहीं किया गया है।