सुभाष चंद्रा के खिलाफ ₹22006 करोड़ के लोन पर 99.97% हेयरकट? सरकारी सूत्रों ने कहा- ये सही तस्वीर नहीं

एस्सेल ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा से जुड़े एक मामले में खबर चल रही कि बैंकों ने ₹22,000 करोड़ से ज्यादा के कर्ज पर 99.97% का हेयरकट ले लिया। यानी लगभग पूरा पैसा डूब गया। लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह तस्वीर पूरी तरह सही नहीं है।

असल में ₹22,006 करोड़ की रकम उन दावों की है, जो सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक पर्सनल गारंटर के रूप में स्वीकार किए गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने खुद ₹22,006 करोड़ का कर्ज लिया था।

₹22,006 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ₹22,006 करोड़ की रकम अलग-अलग Essel और Zee समूह से जुड़ी कंपनियों के कर्ज से संबंधित दावों की है। इन मामलों में सुभाष चंद्रा पर्सनल गारंटर थे।

यानी कर्ज कंपनियों ने लिया था। सुभाष चंद्रा मुख्य उधारकर्ता नहीं थे। इसलिए यह कहना कि बैंकों ने सुभाष चंद्रा को सीधे ₹22,006 करोड़ उधार दिए थे, सही नहीं होगा।

हर कर्ज पर शुरुआत से गारंटी नहीं थी

सूत्रों का कहना है कि करीब ₹2,574 करोड़ के कर्ज ऐसे थे, जिनमें शुरुआत से ही सुभाष चंद्रा की पर्सनल गारंटी दी गई थी।

बाकी मामलों में उनकी गारंटी बाद में अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर जोड़ी गई थी। इसलिए ₹22,006 करोड़ की पूरी रकम को ऐसा कर्ज मान लेना, जो सिर्फ उनकी गारंटी के भरोसे दिया गया था, सही तस्वीर पेश नहीं करता।

मामला शुरू कैसे हुआ?

यह इंसॉल्वेंसी मामला कंपनियों के खिलाफ नहीं, बल्कि सुभाष चंद्रा के खिलाफ एक पर्सनल गारंटर के रूप में शुरू हुआ।

मामला तब सामने आया जब Vivek Infracon ने Indiabulls से कर्ज लिया। उस कर्ज के लिए सुभाष चंद्रा ने पर्सनल गारंटी दी थी। बाद में कर्ज डिफॉल्ट हो गया और मामला इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया तक पहुंच गया।

NCLT ने क्या मंजूर किया?

NCLT ने जिस रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दी है, उसके तहत सुभाष चंद्रा की तरफ से करीब ₹6.25 करोड़ का भुगतान होगा।

यह रकम उनकी वर्तमान और वसूली योग्य व्यक्तिगत संपत्तियों के आधार पर तय की गई है। यानी अदालत ने उनकी मौजूदा उपलब्ध संपत्ति को देखते हुए यह योजना मंजूर की है।

क्या सिर्फ ₹6.25 करोड़ ही मिलेंगे?

नहीं। यही सबसे बड़ा भ्रम है। रिपेमेंट प्लान में मुख्य उधारकर्ता कंपनियों से भी करीब ₹1,494 करोड़ की रिकवरी का प्रावधान है।

इसके अलावा बैंकों और दूसरे कर्जदाताओं के पास उन कंपनियों, गिरवी रखी गई संपत्तियों और दूसरी सिक्योरिटीज से वसूली के रास्ते खुले रहेंगे। यानी यह मामला सिर्फ सुभाष चंद्रा की निजी संपत्ति से होने वाली रिकवरी तक सीमित नहीं है।

99.97% हेयरकट का मतलब क्या है?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 99.97% का आंकड़ा सिर्फ उस रकम से जुड़ा है जो सुभाष चंद्रा से एक पर्सनल गारंटर के तौर पर वसूल की जा सकती थी। इसे ₹22,000 करोड़ के पूरे बैंक कर्ज पर अंतिम नुकसान बताना सही नहीं है।

दूसरे शब्दों में कहें तो यह पर्सनल गारंटर की क्षमता से जुड़ी रिकवरी का आंकड़ा है, न कि पूरे कर्ज के डूबने का।

कर्जदाताओं ने क्यों किया विरोध?

कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस प्लान का विरोध किया था। इनमें LIC Housing Finance, HDFC Bank, Axis Bank, Canara Bank, RBL Bank और Union Bank जैसे नाम शामिल हैं।

कर्जदाताओं का कहना था कि सुभाष चंद्रा की पुरानी घोषित नेटवर्थ और मौजूदा नेटवर्थ में बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसलिए उनकी संपत्तियों की और गहराई से जांच होनी चाहिए।

नेटवर्थ को लेकर क्या सवाल उठे?

क्रेडिटर्स ने पुराने नेटवर्थ सर्टिफिकेट का हवाला दिया। इन दस्तावेजों के मुताबिक, सुभाष चंद्रा की नेटवर्थ 2017 में करीब ₹45,888 करोड़ थी। 2018 में यह करीब ₹40,562 करोड़ बताई गई थी।

वहीं मौजूदा इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में उनकी घोषित नेटवर्थ करीब ₹31.79 करोड़ बताई गई। इसी अंतर को लेकर कई सवाल उठे।

फिर भी प्लान कैसे पास हुआ?

विरोध के बावजूद इस रिपेमेंट प्लान को कर्जदाताओं के 80.81% वोट मिले। इसके बाद NCLT ने कहा कि उठाई गई आपत्तियां इतनी मजबूत नहीं हैं कि क्रेडिटर्स द्वारा मंजूर किए गए प्लान को पलटा जा सके।

इसलिए ट्रिब्यूनल ने योजना को मंजूरी दे दी।

सुभाष चंद्रा का क्या कहना है?

सुभाष चंद्रा का कहना है कि Essel समूह से जुड़ी कंपनियां अब तक कर्जदाताओं को करीब ₹43,000 करोड़ का भुगतान कर चुकी हैं। हालांकि, यह आंकड़ा अलग-अलग कंपनियों द्वारा समय-समय पर किए गए भुगतानों को शामिल करता है।

पूरे मामले का सार यह है कि 99.97% का आंकड़ा सुनने में जितना बड़ा लगता है, मामला उतना सीधा नहीं है। यह ₹22,006 करोड़ के पूरे बैंक कर्ज के डूबने की कहानी नहीं है। यह एक पर्सनल गारंटर से होने वाली सीमित रिकवरी का मामला है। वहीं मुख्य कर्जदार कंपनियों, सिक्योरिटीज और दूसरी संपत्तियों से वसूली के रास्ते अभी भी मौजूद हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apple ‘Surprise and Shine’ Event: इस दिन iPhone 18 Pro से iPhone Ultra तक होगा लॉन्च, भारत में ऐसे देखें लाइव

Apple ‘Surprise and Shine’ Event: Apple ने आधिकारिक तौर पर 9 सितंबर को होने वाले अपने अगले बड़े प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट की पुष्टि कर दी है, जिसका नाम “Surprise and Shine” रखा गया है। क्यूपर्टिनो की इस दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी के iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और अपने पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन को पेश करने की उम्मीद है, जिसके iPhone Ultra के तौर पर लॉन्च होने की काफी चर्चा है। इस इवेंट में नए Apple Watch मॉडल और अगली जनरेशन के AirPods भी पेश किए जा सकते हैं।

अगर आप Apple के इस बड़े इवेंट को लाइव देखना चाहते हैं, तो यहां वे सभी जरूरी बातें दी गई हैं जो आपको पता होनी चाहिए।

Apple का ‘Surprise and Shine’ इवेंट: तारीख, समय और इसे कहां देखें

Apple का कीनोट 9 सितंबर को क्यूपर्टिनो में Apple Park के स्टीव जॉब्स थिएटर में होगा। यह इवेंट पैसिफिक टाइम के हिसाब से सुबह 10:00 बजे शुरू होगा, जो भारतीय समय (IST) के अनुसार रात 10:30 बजे होगा।

Apple इस इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग अपने आधिकारिक YouTube चैनल, Apple TV ऐप और Apple Events वेबसाइट पर करेगा। भारत में यूजर्स इनमें से किसी भी प्लेटफॉर्म पर बिना रजिस्ट्रेशन के फ्री में लाइव इवेंट देख सकेंगे।

उम्मीद है कि सितंबर का कीनोट इवेंट, Apple के नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में iPhone लॉन्च की पहली बड़ी प्रेजेंटेशन होगी।

Apple से क्या घोषणा करने की उम्मीद है

सबकी नजरें iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max पर होंगी। अफवाह है कि इन दोनों में Apple का नया A20 Pro चिपसेट होगा, जो 2nm प्रोसेस पर बना है। हालांकि, इनका डिजाइन पहले वाले मॉडल जैसा ही हो सकता है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें बड़े कैमरा कटआउट, बेहतर कैमरा और नए कलर ऑप्शन मिल सकते हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि Apple अपना पहला फोल्डेबल iPhone पेश करेगा, जिसे शायद iPhone Ultra कहा जाएगा। उम्मीद है कि इस डिवाइस में बुक-स्टाइल फोल्डिंग डिजाइन होगा, जिसमें एक बड़ी अंदरूनी स्क्रीन, एक छोटी कवर स्क्रीन और बेहतर थर्मल परफॉर्मेंस के लिए नए सिरे से डिजाइन किया गया अंदरूनी लेआउट होगा।

Apple Watch Series 12 और AirPods 5 के भी आने की उम्मीद

नए iPhones के अलावा, उम्मीद है कि Apple अपनी पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) की रेंज को Apple Watch Series 12 के साथ अपडेट करेगा, जिसमें तेज प्रोसेसर और हेल्थ-ट्रैकिंग के अतिरिक्त फीचर्स मिल सकते हैं।

इसके साथ ही कंपनी AirPods 5 भी पेश कर सकती है, हालांकि Apple ने इवेंट के दौरान आने वाले किसी भी प्रोडक्ट की पुष्टि नहीं की है।

अब जब Apple 9 सितंबर के इवेंट की तैयारी कर रहा है, तो “Surprise and Shine” कीनोट हाल के वर्षों में कंपनी के सबसे बड़े हार्डवेयर लॉन्च में से एक बनने जा रहा है।

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केरल में ओणम पर शराब बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, 8 दिनों में 771 करोड़ रुपए की बिक्री

केरल में ओणम पर शराब बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, 8 दिनों में 771 करोड़ रुपए की बिक्री

केरल में ओणम के त्योहार के दौरान शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया है। राज्य में 10 दिवसीय ओणम सीजन के पहले आठ दिनों में सरकारी शराब बिक्री कंपनी केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (Bevco) के आउटलेट्स से करीब 771.29 करोड़ रुपए की शराब बिकी।

 

आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 25 अगस्त तक ओणम सीजन के शुरुआती आठ दिनों में राज्यभर के Bevco आउटलेट्स पर 771.29 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 694.96 करोड़ रुपए था। यानी इस साल शुरुआती आठ दिनों में शराब बिक्री में करीब 76.33 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

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उथ्राडम पर 126 करोड़ रुपए की शराब बिकी

 

ओणम के मुख्य त्योहार थिरुवोनम से एक दिन पहले 25 अगस्त को उथ्राडम दिवस के मौके पर Bevco आउटलेट्स से 126.31 करोड़ रुपए की शराब बेची गई। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले साल के उथ्राडम दिवस की तुलना में कम रहा। 2025 में इसी दिन 137.64 करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई थी।

 

इस साल 826 करोड़ का आंकड़ा पार होने की उम्मीद

 

अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में ओणम सीजन के दौरान Bevco ने कुल 826.38 करोड़ रुपए की शराब बिक्री दर्ज की थी। इस साल शुरुआती आठ दिनों की बिक्री को देखते हुए अधिकारियों को उम्मीद है कि ओणम सीजन में पिछले साल का आंकड़ा पार हो सकता है।

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केरल सरकार की कंपनी है Bevco

 

Kerala State Beverages Corporation (Bevco) पूरी तरह केरल सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है। राज्य सरकार ने इसे इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL), बीयर, वाइन, फॉरेन मेड फॉरेन लिकर (FMFL) और फॉरेन मेड वाइन (FMW) की खरीद, बिक्री और वितरण की जिम्मेदारी दी है। ओणम के दौरान राज्य में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और उत्सव के लिए बाहर निकलते हैं। इसी वजह से त्योहार के सीजन में शराब की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलती है।

FIH World Cup में भारतीय हॉकी टीम भिड़ेगी बेल्जियम से

भारतीय पुरुष टीम कल (शुक्रवार) 7वें-8वें स्थान के लिए प्ले-ऑफ मैच में सह-मेजबान बेल्जियम का सामना करते हुए अपने हॉकी वर्ल्ड कप अभियान का सकारात्मक अंत करने की कोशिश करेगी।

नीदरलैंड (1-3) और अर्जेंटीना (3-5) से हारने के बाद भारतीय टीम दूसरे चरण में पूल ई में सबसे नीचे रही, जिससे सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी उम्मीदें खत्म हो गईं। इसलिए, यह क्लासिफिकेशन मैच भारत के लिए एक अच्छा प्रदर्शन करने और अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित करने से पहले अपनी लय वापस पाने का मौका है।

वहीं, बेल्जियम भी अपने घरेलू वर्ल्ड कप अभियान का सुखद अंत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा। ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद पूल ऍफ़ में सबसे नीचे रहने और सेमीफाइनल में जगह न बना पाने के कारण सह-मेजबान टीम निराश थी। वावरे में अपने घरेलू समर्थकों के सामने खेलने से ‘रेड लायंस’ (बेल्जियम टीम) का हौसला और बढ़ेगा, जिससे भारत के लिए यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

भारत के लिए प्राथमिकता अपनी लय और आत्मविश्वास को फिर से हासिल करना होगा। हालांकि टीम ने आक्रामक इरादे और मौके बनाने की क्षमता दिखाई है, लेकिन बेल्जियम की टीम के खिलाफ – जो जीत के साथ अपना अभियान खत्म करने के लिए उतनी ही दृढ़ होगी – खेल के चारों क्वार्टर में निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

भारत के लिए ध्यान देने वाली एक मुख्य बात डिफेंस, मिडफील्ड और अटैक के बीच तालमेल होगी। बेल्जियम के खिलाफ, टीम को पीछे से अधिक उद्देश्यपूर्ण तरीके से गेंद को आगे बढ़ाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आक्रामक खिलाड़ियों को मिडफील्ड से अच्छी सप्लाई मिले, और फिर फिनिशिंग टच देना स्ट्राइकरों का काम होगा।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में भारत की पेनल्टी-कॉर्नर बैटरी फिर से एक महत्वपूर्ण हथियार होगी; लेकिन टीम ओपन प्ले से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। बेल्जियम के सर्कल के अंदर लगातार दबाव बनाना और सर्कल में प्रवेश को गोल करने के मौकों में बदलना जरूरी होगा।

बेल्जियम के पास ट्रांजिशन (खेल के दौरान स्थिति बदलने) के समय खाली जगहों का फायदा उठाने की क्षमता है, और भारत डिफेंसिव ढांचे में कोई चूक नहीं कर सकता या खतरनाक इलाकों में आसानी से गेंद नहीं गंवा सकता। खेल की गति को नियंत्रित करने और टीम के बीच तालमेल बनाए रखने में मिडफील्ड की अहम भूमिका होगी। जीत से भारत को सातवां स्थान मिलेगा और, इससे भी ज़रूरी बात यह है कि अगले बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, “टूर्नामेंट में जितना हो सके बेहतर स्थान पर रहने का यह एक शानदार मौका है। टूर्नामेंट में हमारा कुछ काम अभी बाकी है और हम ऐसा अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे जिस पर हमें गर्व हो सके।”

उन्होंने आगे कहा, “बेल्जियम की टीम के खेलने का तरीका बहुत खास है। हमने उनके साथ काफी मैच खेले हैं। उनके पास कुछ अहम खिलाड़ी हैं जो उनकी टीम के ढांचे को सही ढंग से चलाते हैं, इसलिए हमें बहुत व्यवस्थित रहना होगा और बॉल पर अच्छी पकड़ बनाए रखनी होगी।”

वर्ल्ड कप के तुरंत बाद जापान में एशियाई खेल होने हैं, और भारत बेल्जियम के खिलाफ़ खेले गए मैच से मिली सीख को आगे ले जाना चाहेगा, साथ ही उन कमियों को भी दूर करना चाहेगा जिनकी वजह से उन्हें दूसरे चरण में नुकसान उठाना पड़ा था।

Raksha Bandhan 2026 : बहनों के लिए फ्री बस सेवा, 1,200 रुपए तक प्रोत्साहन पाएंगे चालक-परिचालक

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cm yogi

रक्षाबंधन पर महिलाओं और बहनों को योगी सरकार की ओर से दी गई निशुल्क बस यात्रा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। यात्रियों की बढ़ी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने भी कमर कस ली है। निगम ने 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों के लिए अधिक से अधिक बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की तैनाती कर यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

 

परिवहन निगम ने यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर लखनऊ, कानपुर समेत विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए अतिरिक्त सेवाएं चलाने और जरूरत के मुताबिक बसों की उपलब्धता बढ़ा दी है। सभी बसों को निर्धारित स्टॉपेज से यात्रियों को लेने और मार्गों की सघन चेकिंग कराने को कहा गया है। बस स्टेशनों पर लगातार पर्यवेक्षकों की मौजूदगी के साथ यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है।

 

बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर

रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के अलावा अन्य यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर है। बढ़ी मांग वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें संचालित की जा रही हैं। इस अवधि में निगम की सभी अनुबंधित बसों का भी संचालन महिलाओं व अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए किया जा रहा है। बस संचालन से जुड़े कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना भी लागू की गई है, ताकि अधिक से अधिक बसें सड़क पर रहें।

 

चालक-परिचालकों को प्रोत्साहन राशि, बस संचालन पर विशेष जोर

26 से 31 अगस्त तक छह दिनों की अवधि में 1,800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करने वाले चालक-परिचालकों को 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, 1,800 किलोमीटर से अधिक संचालन पर संविदा चालक-परिचालकों को अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इससे त्योहार के दौरान बसों के अधिकतम संचालन को प्रोत्साहन मिलेगा।

 

प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त व्यवस्था

यात्रियों की अधिक भीड़ वाले आनंद विहार, कौशांबी, कश्मीरी गेट, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, कैसरबाग, आलमबाग, चारबाग, अवध डिपो, सहारनपुर, आईएसबीटी आगरा, मसूदाबाद अलीगढ़, झकरकटी कानपुर और इटावा समेत चिन्हित बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की ड्यूटी सुचारु रूप से चल रही है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य रक्षाबंधन के दौरान बसों के संचालन को सुचारु बनाए रखना और यात्रियों को समय पर बस उपलब्ध कराना है।

 

यात्रियों की मांग के अनुसार बढ़ेंगी बसें

निगम ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को बस स्टेशनों पर बसों की उपलब्धता की लगातार निगरानी करने और मांग के अनुसार तत्काल बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बसों में भीड़ को देखते हुए यात्रियों को बीच के स्टॉपेज से भी बस में बैठाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

Yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं की घोषणा और स्वीकृति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक परियोजना को तय समय में जमीन पर उतारना और उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय अथवा अन्य स्तर पर लंबित कार्यों का तत्काल समाधान किया जाए और जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में बेहतर कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक्सप्रेसवे को केवल परिवहन परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को निविदा प्रकाशित हो चुकी है और सितंबर में इसका चयन किया जाना है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1,339.04 हेक्टेयर भूमि में 1,222.25 हेक्टेयर, यानी 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। 

 

मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की प्लानिंग के संबंध में बैठक में बताया गया कि सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को भूमि संबंधी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इन महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
 

ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश देश और दुनिया की सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बन सके। उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। कानपुर के बिनगवां में 40 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पनकी पावर प्लांट को उपचारित जल उपलब्ध कराने की परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में संबंधित विभागों के इंजीनियरों की क्षमता निर्माण पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और अनुरक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। 

 

स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने तथा एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। 
 

लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल के भीतर से गुजर रहे विद्युत एवं ओएफसी केबलों की स्थिति की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। जहां भी केबल सीवर लाइन अथवा मैनहोल से गुजर रहे हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों में स्थानीय निकाय से एनओसी जरूर प्राप्त कर लें। 

 

विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां लाइन लॉस अत्यधिक हैं, वहां वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए। बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम के जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
 

ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरियों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। 

 

जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलनी चाहिए। जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा पात्र परिवारों को राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास हो। बैठक में बताया गया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में नौ लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें 4.50 लाख लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में है, जबकि करीब पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। बीओसीडब्ल्यू में पंजीकृत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ी है। 

 

श्रमिकों के लिए संचालित लेबर अड्डों की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लेबर अड्डों का सर्वे कर वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल यूनिट, मोबाइल कैंटीन और आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। चंदौली में निर्मित फिश मार्केट के संचालन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तैयार परिसंपत्तियों का तत्काल और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। 

 

गोरखपुर में निर्माणाधीन 30 हजार क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इसी तरह मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभिन्न नीतियों के तहत देय वित्तीय प्रोत्साहनों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को नीति के अनुरूप स्वीकृत वित्तीय प्रोत्साहन समय पर जारी किए जाएं। 

 

राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों का निस्तारण आम नागरिक के अधिकार और संपत्ति से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रयागराज में निरस्त किए गए विरासत संबंधी आवेदनों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निरस्तीकरण की पूरी कार्रवाई मेरिट के आधार पर ही हुई हो और पात्र व्यक्ति किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो। बैठक में बताया गया कि निर्विवाद विरासत के मामलों में सर्वाधिक 13,386 आवेदन प्रयागराज में निरस्त किए गए हैं। पैमाइश से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि संबंधी विवाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।

Stocks to Watch: 28 अगस्त को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शुक्रवार, 28 अगस्त के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं AI से जुड़ा बड़ा अपडेट है। कहीं ब्लॉक डील और ऑर्डर की खबर है। वहीं कुछ कंपनियों में निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम अपडेट आए हैं।

Adani Power

पावर कंपनी Adani Power ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Chandenvalle Infra Park में पूरी हिस्सेदारी बेचने का समझौता किया है। यह हिस्सेदारी AdaniConneX Private Limited को बेची जाएगी। डील की वैल्यू करीब ₹535.69 करोड़ है। अंतिम रकम क्लोजिंग डेट के बदलावों पर निर्भर करेगी।

New India Assurance Company

सरकारी इंश्योरेंस कंपनी New India Assurance Company को ₹781.39 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला है। इसमें ₹59.63 करोड़ का ब्याज भी शामिल है। यह रिफंड असेसमेंट ईयर 2022-23 से जुड़ा है। इनकम टैक्स विभाग ने शिकायत के समाधान के बाद यह रकम जारी की है।

Lenskart

आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक Alphawave करीब 1.2% हिस्सेदारी बेच सकता है। डील का आकार करीब ₹1,313 करोड़ है। फ्लोर प्राइस ₹630 प्रति शेयर रखा गया है, जो मौजूदा भाव से करीब 1.7% कम है।

NBCC (India)

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC को पांच नए वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनकी कुल वैल्यू ₹134.27 करोड़ है। इसमें स्कूल कैंपस, एजुकेशन सेंटर और Canara Bank की बिल्डिंग से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। ऑर्डर में तीन केंद्रीय विद्यालयों के प्रोजेक्ट भी हैं।

Wipro

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने Google Cloud के साथ अपनी पार्टनरशिप बढ़ाई है। इसका मकसद Gemini Enterprise और AI को बड़े स्तर पर अपनाना है। Wipro अपने कारोबार में भी Gemini Enterprise का इस्तेमाल करेगी। साथ ही 10,000 से ज्यादा AI सर्टिफाइड विशेषज्ञों को इस टेक्नोलॉजी के लिए तैयार किया जाएगा।

Life Insurance Corporation of India

सरकारी इंश्योरेंस कंपनी LIC ने Bajaj Finance के NCD में ₹5,000 करोड़ का निवेश किया है। LIC ने ₹1 लाख फेस वैल्यू वाले 5 लाख NCD खरीदे हैं। यह निवेश कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है। NCD यानी नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर एक तरह का डेट इंस्ट्रूमेंट है।

RPP Infra Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RPP Infra Projects को बड़ा झटका लगा है। तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में प्रस्तावित Global Sports City प्रोजेक्ट को नए सिरे से तैयार करने का फैसला किया है। इसके चलते कंपनी का ₹205.89 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है।

Bharat Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी Bharat Petroleum Corporation (BPCL) के चेयरमैन और MD संजय खन्ना ने कहा कि एनर्जी सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को E10 पेट्रोल का विकल्प दिया जा सकता है। लेकिन, E20 को बंद नहीं किया जाएगा।

Zee Entertainment Enterprises

मीडिया कंपनी Zee Entertainment Enterprises से जुड़ा अहम अपडेट आया है। NCLT ने सुभाष चंद्रा की पर्सनल इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया में प्रस्तावित रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी है। HDFC Bank इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL ने राकेश भल्ला को दोबारा Additional Director नियुक्त किया है। उन्हें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी दोबारा नियुक्ति 25 अगस्त 2026 से प्रभावी है। इससे पहले उन्हें 13 अगस्त को इस पद पर नियुक्त किया गया था।

पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल देने पर विचार, E20 को हटाने का कोई प्लान नहीं: BPCL

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने बदली पहचान, अब Tata.Cars नाम से दिखेगी कंपनी

टाटा ग्रुप की पैसेंजर गाड़ी बनाने वाली कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles (TMPV) अब ग्राहकों के सामने Tata.Cars नाम से नजर आएगी। कंपनी के MD और CEO शैलेश चंद्रा ने यह जानकारी दी। अब डीलरशिप, शोरूम और मार्केटिंग में Tata.Cars नाम ज्यादा दिखेगा।

हालांकि, कंपनी का कानूनी नाम नहीं बदला है। Tata Motors Passenger Vehicles ही कंपनी की रजिस्टर्ड कॉरपोरेट एंटिटी रहेगी। यह बदलाव सिर्फ ग्राहकों के सामने कंपनी की पहचान को लेकर है।

Tata.Cars नाम क्यों अपनाया?

पैसेंजर गाड़ी कंपनी Tata Motors अपने इस कारोबार की अलग पहचान मजबूत करना चाहती है। कंपनी पेट्रोल और डीजल के साथ इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी बेचती है। ऐसे में Tata.Cars नाम के जरिए पैसेंजर गाड़ी कारोबार को एक साफ ब्रांड पहचान देने की कोशिश है।

EV पर Tata ने कब लगाया था दांव?

Tata Motors Passenger Vehicles ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर उस समय दांव लगाया था, जब भारत में EV का बाजार काफी शुरुआती दौर में था। उस समय लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर ज्यादा भरोसा नहीं था। चार्जिंग स्टेशन भी बहुत कम थे।

यानी समस्या दोनों तरफ थी। ग्राहक चार्जिंग की कमी के कारण EV नहीं खरीद रहे थे। कंपनियां कम EV होने की वजह से चार्जिंग नेटवर्क पर बड़ा निवेश नहीं कर रही थीं। Tata Motors ने इस चक्र को तोड़ने की कोशिश की।

Tata Group की कंपनियों ने दिया साथ

EV का पूरा इकोसिस्टम बनाने में Tata Group की कई कंपनियों ने मदद की। Tata Power ने चार्जिंग नेटवर्क में सहयोग किया। Tata AutoComp ने कंपोनेंट्स में मदद की। Tata Technologies, Tata Elxsi और TCS ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ा सपोर्ट दिया।

कंपनी का मानना था कि EV से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। इससे इंपोर्टेड फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता भी घट सकती है। बाद में Tata Motors भारत के इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ी बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल हो गई।

Tata Motors Passenger Vehicles शेयर

Tata Motors Passenger Vehicles का शेयर गुरुवार, 27 अगस्त को 0.86% बढ़कर ₹315.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 17.47% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 22.77% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये है।

Stock in Focus: सरकार कंपनी को ₹134 करोड़ के 5 ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जर्मनी को 3-1 से हराकर चक दे गर्ल्स का कमाल, पाया विश्वकप में पांचवा पायदान

अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले मनोबल बढ़ाने वाली जीत के साथ, भारतीय महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप में शानदार समापन किया। टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया। यह मैच गुरुवार शाम को खेला गया।

इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। शुरुआती 30 मिनट तक कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन तीसरे क्वार्टर में भारत ने शानदार आक्रामक खेल दिखाया। नवनीत कौर ने दो और इशिका ने एक गोल करके यादगार जीत पक्की की।

मैच की शुरुआत में दोनों टीमों ने सावधानी बरती, हालांकि शुरुआती दौर में जर्मनी का बॉल पर कब्ज़ा ज़्यादा रहा। धीरे-धीरे भारत ने अपनी लय पकड़ी; पांचवें मिनट में बलजीत कौर और साक्षी राणा ने दाहिने फ्लैंक से अच्छा तालमेल दिखाया। उनके मूव का अंत कप्तान सलीमा टेटे की ओर एक अच्छे पास के साथ हुआ, लेकिन जर्मन डिफेंस ने भारतीय कप्तान को गेंद को छूने का मौका नहीं दिया।

दोनों टीमें सर्कल में तो पहुंचीं लेकिन साफ शॉट नहीं लगा पाईं। 11वें मिनट में जर्मनी गोल के करीब पहुंची जब जोहाना हैचेनबर्ग ने रिवर्स हिट लगाने की कोशिश की, लेकिन एक भारतीय डिफेंडर ने समय रहते अपनी स्टिक अड़ाकर उसे रोक दिया। भारत ने लालरेम्सियामी के ज़रिए जवाब दिया; उन्हें 13वें मिनट में शिल्पी डबास से एक हिट मिली और उन्होंने जर्मन 23-मीटर एरिया के अंदर नवनीत को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पास उनकी साथी खिलाड़ी तक नहीं पहुंच पाया।

भारत के वीडियो रेफरल के बाद भी फैसला नहीं बदला और जर्मनी को 15वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। बिचू देवी ने शुरू में खतरा टाल दिया, लेकिन बाद में हुई गहमागहमी के दौरान गेंद एक भारतीय खिलाड़ी की स्टिक से ऊपर उठ गई, जिससे जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। जर्मनी ने एक वेरिएशन आज़माया लेकिन गलत तालमेल के कारण गेंद खेल के दायरे से बाहर चली गई।

भारत ने दूसरे क्वार्टर में अपना सबसे अच्छा मौका बनाया जब दीपिका ने नवनीत को गेंद दी, जिन्होंने आगे लालरेम्सियामी को मौका दिया। हालांकि, उनका शॉट निशाने से चूक गया। इसके तुरंत बाद जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन बॉल ठीक से नहीं आई और भारत ने खतरा टाल दिया। जर्मनी की इनेस वानर का शॉट भी बाहर चला गया, जिसके बाद भारत ने लगातार कई हमले किए। नवनीत और सलीमा टेटे ने मिलकर जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क की परीक्षा ली, जिन्होंने लगातार तीन बचाव करके हाफ-टाइम तक स्कोर बराबर रखा।

आखिरकार 43वें मिनट में भारत को सफलता मिली। नेहा ने बॉल पर कब्ज़ा किया और तेज़ी से इशिका को पास दिया; इशिका के पास दोनों तरफ़ विकल्प थे, लेकिन उन्होंने खुद जर्मन डिफेंस का सामना करने का फैसला किया। उनके मज़बूत रन का अंत एक शानदार फिनिश के साथ हुआ, जिससे भारत को 1-0 की बढ़त मिल गई।

इसके ठीक एक मिनट बाद भारत ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। लगातार दबाव बनाने के बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, और जब नवनीत का पहला सीधा शॉट एक जर्मन डिफेंडर को लगा, तो भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार, नवनीत ने ज़ोरदार शॉट मारकर गैप ढूंढा और स्कोर 2-0 कर दिया।

भारत ने आखिरी क्वार्टर में भी अपना मोमेंटम बनाए रखा और 47वें मिनट में फिर से गोल किया। सलीमा ने बेसलाइन के पास नवनीत को बॉल दी, और इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने शानदार तरीके से दो डिफेंडरों को छकाया और बॉल को नेट में डालकर अपना दूसरा गोल किया।

जर्मनी ने वापसी की कोशिश की, और 50वें मिनट में लिन क्रिंग्स का डिफ्लेक्शन गोल करने से बस थोड़ा ही चूक गया। आखिरकार क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन यह सिर्फ़ हार के अंतर को कम करने वाला गोल साबित हुआ। खेल खत्म होने में 12 सेकंड बाकी रहते जर्मनी को एक आखिरी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत के डिफेंस ने मज़बूती से बचाव किया और 3-1 की यादगार जीत हासिल की।

भारत ने टूर्नामेंट का समापन छह मैचों में दो जीत, तीन ड्रॉ और एक हार के साथ किया। उन्हें एकमात्र हार मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ़ मिली, जबकि उन्होंने बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर वर्ल्ड कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

हालांकि वे बहुत कम अंतर से सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गए, लेकिन पांचवां स्थान हासिल करना एक बड़ी प्रगति है और इससे टीम को अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले काफी आत्मविश्वास मिला है।

क्या दिल्ली की 21 साल की मॉडल मुस्कान को उसके जिम ट्रेनर इमरान ने मारा? घुर में घुस ऐसे की गई जघन्य वारदात

Muskan Murder Case: दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर में बुधवार शाम एक 21 साल की छात्रा और मॉडल मुस्कान की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को शक है कि इस वारदात में उसके पूर्व जिम ट्रेनर इमरान का हाथ हो सकता है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय मुस्कान घर में अकेली थी। आरोप है कि इमरान घर में घुसा और उस पर चाकू से कई बार हमला किया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वहीं, मुस्कान की चीखें सुनकर पड़ोसी उसके घर पहुंचे, जहां वह गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़ी मिली।

पड़ोसी उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटना के बारे में PCR कॉल मिली और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

ADCP ने दी जानकारी

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभिषेक गुप्ता ने पत्रकारों को बताया, “हम दोषी की तलाश कर रहे हैं और आस-पास के इलाके के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।”

वहीं, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “लगभग 21 साल की एक महिला की उसके घर पर अकेले होने के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।”

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इमरान का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई हैं और सुराग पाने के लिए मुस्कान के फोन की भी जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं ने उस जिम में छापेमारी की है जहां इमरान काम करता था और उसके घर पर भी तलाशी ली है, साथ ही उसके परिवार वालों और दोस्तों से भी पूछताछ की है।

कौन है संदिग्ध?

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मुस्कान और इमरान एक-दूसरे को करीब डेढ़ साल से जानते थे। कुछ रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने जांच करने वालों को बताया कि इमरान अक्सर उस इलाके में देखा जाता था और कथित तौर पर मुस्कान का पीछा करता था। माना जाता है कि मुस्कान ने उसे ठुकरा दिया था।

TOI के अनुसार, मुस्कान के दोस्त अमन ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी एक बड़ी बहन, जो अभी चंडीगढ़ में है, ने हमले के बारे में पता चलने पर कथित तौर पर उसे फोन किया और मुस्कान के घर तुरंत पहुंचने को कहा।

अमन ने कहा, “मुझे एक फोन आया था, लेकिन मुझे ठीक-ठीक समय याद नहीं है। उन्होंने मुझे बताया कि वे घर पर नहीं थे और कोई घर में घुसकर मुस्कान को चाकू मार गया।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत एक और दोस्त से संपर्क किया और उससे घर पहुंचकर मुस्कान को मेडिकल मदद दिलाने को कहा। जब तक वह वहां पहुंचा, तब तक एम्बुलेंस मौके पर पहुँच चुकी थी और उसे अस्पताल ले जा चुकी थी।

अमन ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्कान की बहनों ने पहले ही इमरान द्वारा उसे परेशान किए जाने को लेकर चिंता जताई थी। अमन ने कहा, “उसने पहले भी उसे परेशान किया था, और इस घटना के बाद तुरंत उसी पर शक गया।”

पुलिस की नजर में जिम

जिस जिम में इमरान काम करता था, वह भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गया। ‘सेवन ज़ोन फिटनेस डेस्टिनेशन’ की रिसेप्शनिस्ट डिंपल ने बताया कि इमरान को उसके बर्ताव को लेकर हुई शिकायतों के बाद करीब एक-दो महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।

डिंपल ने कहा, “उसके बात करने का तरीका ठीक नहीं था, और इसी वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसे नौकरी छोड़े हुए 1-2 महीने हो चुके हैं। यहां उनके बीच कुछ भी नहीं था। हां, उसने एक-दो बार उससे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे ऐसा न करने के लिए कहा गया और फिर सब ठीक हो गया।”

फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मुस्कान और इमरान के बीच कथित उत्पीड़न और पहले हुई बातचीत का संबंध बुधवार को हुए हमले से है।

इलाके में फैला तनाव

इस हत्या के कारण इलाके में तनाव भी फैल गया है क्योंकि मुस्कान और आरोपी अलग-अलग धर्मों से हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान के शव को मुर्दाघर में रखा गया है और गुरुवार सुबह उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और इमरान को गिरफ्तार करने की कोशिशें चल रही हैं।

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