शाई होप ने भारत के खिलाफ जड़ा एक और शतक, इंडीज पहुंची 245 पार

INDvsWI शाई होप (नाबाद 102) ने आखिरी दो गेंदों पर छक्के लगाते हुए अपना शतक पूरा किया जिसकी बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत के खिलाफ चौथे टी 20 में बुधवार को तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बना लिया।

होप की शतकीय पारी की बदौलत वेस्टइंडीज़ ने एक बल्लेबाज़ी वाली सतह पर भारत के सामने 248 का लक्ष्य रखा । होप ने इस दौरे का अपना चौथा शतक बनाया। टी 20 में होप का यह तीसरा शतक है और ऐसा करते हुए वह वेस्टइंडीज़ की ओर इस प्रारूप में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़ हो गए हैं और उन्होंने एविन लुईस और क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया है। होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन में चार चौके और नौ छक्के लगाए। उन्होंने पारी की आखिरी दो गेंदों में छक्के मारकर अपना रिकॉर्डतोड़ शतक पूरा किया।

टॉस के दौरान दोनों ही कप्तान पूरी तरह से आश्वस्त नहीं थे कि यह पिच कैसा खेलेगी लेकिन पिच अब तक बल्लेबाज़ी के लिए काफ़ी अनुकूल नज़र आई है। होप शुरू से लेकर अंत तक डटे रहे। होप ने पहले ऐंड्रूयू और फिर हेटमायर के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की, इसके बाद पॉवेल के साथ उन्होंने 46 रनों की साझेदारी की और अंत में शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड के साथ उन्होंने 91 रनों की साझेदारी की।

वेस्टइंडीज़ ने 12वें ओवर में ही 150 के आंकड़े को छू लिया था लेकिन बाद में भारतीय गेंदबाज़ों ने वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी को धीमा किया। हालांकि वे बहुत देर तक वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों को बांधे नहीं रख सके। आखिरी पांच ओवरों में वेस्ट इंडीज ने 70 रन ठोके। रदरफोर्ड ने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन में चार चौके और तीन छक्के लगाए।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

वेस्टइंडीज:शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती

योगी सरकार ने यूपी में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को दी नई ऊर्जा : कोविन्द

योगी सरकार ने यूपी में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को दी नई ऊर्जा : कोविन्द

Ramnath kobind

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन के क्षेत्र में हुए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश को नई ऊर्जा मिली है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं से रोजगार, शिक्षा और आर्थिक प्रगति के अवसर समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेंगे।

 

पूर्व राष्ट्रपति अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी बड़ी बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाया है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अंत्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ ग्रामीण परिवारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं।

गरीबों को आवास से मिला सम्मान और सुरक्षा

रामनाथ कोविन्द ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि कानपुर देहात के गांव परौंख में उनका घर बेहद साधारण था और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद उन्हें उन परिवारों की याद आई, जो आज भी बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलने के साथ सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी हुआ है। टपकती छत के नीचे जीवन बिताने वाले लोग ही पक्के घर का वास्तविक महत्व समझ सकते हैं।

शिक्षा और परिश्रम से साकार होते हैं सपने

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पिता ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए परिवार की कृषि भूमि अपने पास रखने के बजाय बेटों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। ईमानदारी, करुणा, उदारता और न्यायप्रियता जैसे जीवन मूल्य उन्हें पिता से मिले। परौंख से राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय गणतंत्र, संविधान के आदर्शों और करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं की विजय है। भारतीय लोकतंत्र में सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति भी अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। इसी व्यवस्था में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

महाकुंभ ने विश्व को दिखाई भारत की आध्यात्मिक शक्ति

रामनाथ कोविन्द ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर, संत कबीर और संत रविदास की धरती है। वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना, आस्था और सामाजिक समरसता की विराट शक्ति से परिचित कराया। भारत की प्राचीन परंपराएं आज भी करोड़ों लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की क्षमता रखती हैं।

युवाओं से राजनीति में आने की अपील

पूर्व राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश के युवाओं से राजनीति, शासन-प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सुशासन के लिए ईमानदार, योग्य और संवेदनशील लोगों का राजनीति में आगे आना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की भावना के साथ काम करने और कभी हार न मानने का संदेश दिया।

गरीबों, पीड़ितों व वंचितों की आवाज बने कोविन्द: ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी अपने सहज एवं सरल स्वभाव को बनाए रखा। गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रही। समाज में ऐसे बिरले ही व्यक्ति होते हैं, जो वंचित वर्गों की समस्याओं को समझने के साथ उन्हें धरातल पर समाधान तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। रामनाथ कोविन्द ने संसद में रहते हुए लगातार पीड़ितों और वंचितों की आवाज को बुलंद किया। बिहार के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी सहजता और कार्यशैली से अमिट छाप छोड़ी। राष्ट्रपति के रूप में देश के लिए किए गए उनके कार्य भारतीय गणतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेंगे। ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ विषय पर गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका भी उल्लेखनीय है।

सर्वोच्च पद पर भी सहज रहे कोविन्द : केशव मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन सबसे कठिन, जिम्मेदारी भरा और व्यापक पहचान दिलाने वाला क्षेत्र है। इसमें व्यक्ति का पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे अपनी शुचिता बनाए रखनी चाहिए और अहंकार से दूर रहना चाहिए। रामनाथ कोविन्द का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने मूल विचारों, संस्कारों और सहजता को बनाए रख सकता है। रामनाथ कोविन्द को वह उस समय से जानते हैं, जब वह राज्यसभा के सदस्य थे और उत्तर प्रदेश भाजपा के महामंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। बिहार के राज्यपाल और देश के राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। राष्ट्रपति बनने के बाद जब वह अपने गृह नगर कानपुर आए, तब अपने गुरु के चरण स्पर्श कर उन्होंने संस्कारों के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की। देश के प्रथम नागरिक के पद पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपने पुराने साथियों और परिचितों से आत्मीय संबंध बनाए रखे। उनके व्यवहार में पद के कारण कोई दूरी या अहंकार दिखाई नहीं दिया।

सदैव जमीन से जुड़े रहे कोविन्द : सतीश महाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के व्यक्तित्व और जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति से बड़ा कोई संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी वह सदैव जमीन से जुड़े रहे। उनका जीवन सादगी, विनम्रता, दृढ़ संकल्प और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव की प्रेरक मिसाल है। उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां हैं, जो उनके व्यक्तित्व की सहजता और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। मैं चाहता हूं कि रामनाथ कोविन्द की पुस्तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्यों तक पहुंचे, ताकि वे भी उनके जीवन, संघर्ष और अनुभवों से परिचित हो सकें। इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से विधानसभा सदस्यों के लिए 500 पुस्तकें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और कहा कि पुस्तकों का पूरा मूल्य वह स्वयं देंगे।

Maruti Suzuki की कारों पर बंपर डिस्काउंट! Jimny से Grand Vitara तक, कहां मिल रहा कितना फायदा?

Maruti Suzuki Festive Offers 2026: अगर आप इस नवरात्रि या दशहरा पर Maruti Suzuki की कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके कुछ पैसे बच सकते हैं, क्योंकि कंपनी अपनी Nexa रेंज की कारों पर भारी डिस्काउंट दे रही है। देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी अपने लगभग सभी मॉडल्स – जैसे XL6, Jimny, Invicto, Fronx, Grand Vitara और e-Vitara – पर डील्स दे रही है। इन स्कीम्स में मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बेनिफिट्स, वारंटी पैकेज और स्क्रैपेज से जुड़े इंसेंटिव्स शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां इस महीने कुछ प्रोडक्ट्स पर अच्छे-खासे फायदे मिल रहे हैं, वहीं हाल ही में अपडेट हुई Baleno पर कोई फेस्टिव ऑफर नहीं है। अब आइए, इन स्कीम्स की डिटेल्स पर एक नजर डालते हैं।

Maruti Suzuki Baleno: कोई फेस्टिव ऑफर नहीं

बलेनो का नया वर्शन (फेसलिफ़्ट) मारुति सुज़ुकी के अक्टूबर के फेस्टिव कैंपेन का हिस्सा नहीं है। स्कीम के डॉक्यूमेंट के अनुसार, यह प्रीमियम हैचबैक अभी बिना किसी अतिरिक्त फेस्टिव फ़ायदे के मिल रही है।

Maruti Suzuki Fronx: टर्बो वेरिएंट्स पर कैश फायदे

Fronx पर मुख्य रूप से इसके टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट्स पर फयदे मिल रहे हैं। Maruti Suzuki Turbo वेरिएंट्स पर ₹12,100 का कैश डिस्काउंट दे रही है, जबकि नॉन-टर्बो पेट्रोल और CNG वर्शन पर कोई कैश बेनिफिट नहीं मिल रहा है। खरीदार इसके अलावा ₹10,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹5,000 का PCM बोनस भी पा सकते हैं, जिससे योग्य ग्राहकों के लिए कुल फायदा और बढ़ जाता है।

Maruti Suzuki Jimny और XL6

फेस्टिव सीजन के दौरान Jimny पर सीधे ₹35,000 का कैश डिस्काउंट मिल रहा है। हालांकि, इस लाइफस्टाइल SUV पर कोई एक्सचेंज बोनस नहीं दिया जा रहा है।

वहीं, XL6 पर ₹31,000 का कैश बेनिफिट, ₹20,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹10,000 का PCM बोनस मिल रहा है।

Maruti Suzuki Grand Vitara: भारी एक्सचेंज बोनस

Maruti Suzuki Grand Vitara Smart Hybrid पर मिलने वाले ऑफर्स इसके वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग हैं। इसके Sigma वेरिएंट पर ₹35,000 का कैश डिस्काउंट मिल रहा है, जबकि Delta वेरिएंट पर ₹25,000 का कैश बेनिफिट दिया जा रहा है। Delta CNG खरीदने वालों को ₹20,000 और Zeta CNG वेरिएंट पर ₹10,000 का कैश डिस्काउंट मिल रहा है।

इसके अलावा, कंपनी Grand Vitara के Zeta, Alpha और AWD वेरिएंट पर 5 साल का वारंटी पैकेज भी दे रही है। चुनिंदा पुराने वाहनों को एक्सचेंज करने पर ग्राहकों को ₹30,000 का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस और पुरानी कार से नई कार में अपग्रेड करने पर ₹20,000 का बोनस मिल सकता है।

Grand Vitara Strong Hybrid पर मिलने वाले फायदे भी काफी आकर्षक हैं। इस वेरिएंट पर ग्राहकों को ₹1.85 लाख तक के रोड टैक्स बेनिफिट का फायदा मिल सकता है। इसके साथ 5 साल का वारंटी पैकेज, ₹50,000 का एक्सचेंज बोनस और चुनिंदा पुरानी कारों को अपग्रेड करने पर ₹30,000 का बोनस भी दिया जा रहा है।

Maruti Suzuki e Vitara: मुफ्त चार्जर और अपग्रेड बोनस

Maruti Suzuki अपनी हाल ही में लॉन्च हुई e-Vitara पर भी फेस्टिव ऑफर्स दे रही है। खरीदारों को मुफ़्त चार्जर और होम इंस्टॉलेशन पैकेज के साथ-साथ ₹30,000 का एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा।

Maruti Suzuki Invicto: ₹80,000 तक की छूट

Invicto MPV पर चुनिंदा पुरानी गाड़ियों के बदले ₹50,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹30,000 का अपग्रेड बोनस मिल रहा है।

स्कीम के अतिरिक्त फायदे

Maruti Suzuki का कहना है कि 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के मालिक स्क्रैपेज फायदे के लिए पात्र हो सकते हैं। कंपनी यह भी बताती है कि ग्राहक एक्सचेंज बोनस या स्क्रैपेज बोनस में से कोई एक चुन सकते हैं। दोनों फायदे एक साथ नहीं मिलेंगे।

कंपनी 0 से 6 साल पुरानी गाड़ियों के एक्सचेंज पर PCM बोनस भी दे रही है। यह इंसेंटिव स्टैंडर्ड एक्सचेंज फायदे के अलावा दिया जाता है।

इसके अलावा, अपनी पुरानी Maruti गाड़ी को एक्सचेंज करने वाले मौजूदा Maruti Suzuki ग्राहकों के लिए अपग्रेड लॉयल्टी बोनस भी उपलब्ध है। इस फायदे को एक्सचेंज बोनस के साथ जोड़ा जा सकता है, लेकिन अगर ग्राहक स्क्रैपेज का विकल्प चुनता है तो यह लागू नहीं होगा।

डिस्क्लेमर: ऊपर बताए गए ऑफर सोर्स इमेज में दिए गए स्कीम डॉक्यूमेंट पर आधारित हैं। डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, अपग्रेड फायदे और दूसरे इंसेंटिव शहर, डीलरशिप, वेरिएंट, पात्रता की शर्तों और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी चुनी हुई गाड़ी पर लागू सही ऑफर के बारे में जानने के लिए अपनी नजदीकी Maruti Suzuki डीलरशिप से संपर्क करें।

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Jio Platforms IPO: 21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ, जानें प्राइस बैंड से लेकर कारोबारी सेहत तक 8 बड़ी बातें

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी Jio Platforms ने IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बुधवार, 14 अक्टूबर को अहमदाबाद स्थित गुजरात के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास RHP दाखिल किया। इसमें आईपीओ की पूरी रूपरेखा, जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की जानकारी दी गई है। आइए, आईपीओ से जुड़ी 8 बड़ी बातें जानते हैं।

1. 21 अक्टूबर को खुलेगा IPO

Jio Platforms का आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर तय की गई है।

2. 27 करोड़ तक नए शेयर जारी होंगे

इस आईपीओ में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। यानी पुराने निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी। हालांकि, कुल कितनी रकम जुटाई जाएगी, यह अंतिम इश्यू शर्तों पर निर्भर करेगा।

3. जुटाए गए पैसे से चुकाया जाएगा कर्ज

Jio Platforms आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Ltd (RJIL) का कर्ज चुकाने में करेगी। इसके अलावा, कुछ रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च की जाएगी। इससे RJIL पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

4. रिलायंस के शेयरधारकों के लिए ₹2500 करोड़ के शेयर

आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। इसमें तय शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हो सकते हैं, जिनके पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं।

5. कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर

Jio Platforms ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं। कर्मचारी आईपीओ की शर्तों के मुताबिक इन शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह हिस्सा दूसरे निवेशक वर्गों के लिए उपलब्ध शेयरों से अलग होगा।

6. पहली तिमाही में रेवेन्यू 11.8% बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में Jio Platforms का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.8% बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 35,032 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA भी 15.1% बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 18,141 करोड़ रुपये था।

इस दौरान EBITDA मार्जिन 51.78% से बढ़कर 53.26% हो गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,110 करोड़ रुपये था।

7. 1,065 से 1,119 रुपये प्राइस बैंड

Jio Platforms ने आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। लॉट साइज 13 शेयरों का रहेगा। रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी है। इसके लिए ₹14,534 लगेंगे। लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होने वाली है।

8. जियो 53.33 करोड़ ग्राहक

जियो के पास पहली तिमाही के अंत में 53.33 करोड़ ग्राहक थे। तिमाही के दौरान कंपनी ने 89 लाख नए ग्राहक जोड़े। वहीं, प्रति यूजर औसत मासिक रेवेन्यू (ARPU) 215.6 रुपये रहा।

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

CM योगी की मिशन शक्ति से बेटियों को मिला बड़ा मौका, 4 छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाली निदेशक की कमान

CM योगी की मिशन शक्ति से बेटियों को मिला बड़ा मौका, 4 छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाली निदेशक की कमान

CM Yogi Adityanath

योगी सरकार की प्रेरणा से मिशन शक्ति अभियान प्रदेश में बालिकाओं को आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व के व्यावहारिक अवसरों से जोड़ रहा है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), काकोरी, लखनऊ की चार छात्राओं मुस्कान (कक्षा 8), सरिता (कक्षा 8), साक्षी (कक्षा 8) और राधिका (कक्षा 7) ने बुधवार को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर एक दिन की निदेशक के रूप में सांकेतिक दायित्व संभाला। 

 

इस पहल के माध्यम से छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने, विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और जनहित से जुड़े विषयों पर सुझाव रखने का अवसर मिला। प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उनके विचारों को सुना। छात्राओं ने विद्यालयों में रसोई की स्वच्छता, बच्चों को ताजा एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने तथा रसोइयों के प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

 

मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत इस प्रकार की पहल बालिकाओं को नेतृत्व का अनुभव देने के साथ उनकी निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।

 

नेतृत्व का अनुभव, प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ

सांकेतिक पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान चारों छात्राओं ने निदेशक की कुर्सी संभाली और विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने, बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन देने और भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को समय-समय पर स्वच्छता एवं पोषण प्रबंधन का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।

 

स्वच्छता और पोषण पर छात्राओं के सुझाव

छात्राओं ने मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप भोजन तैयार करने, निर्धारित मेन्यू में पोषण का ध्यान रखने और आधुनिक किचन व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने जैसे सुझाव दिए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ बच्चों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की बात कही।

 

निदेशक ने की छात्राओं की पहल की सराहना

मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और समाज में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने के अवसर उपलब्ध कराना है। इस तरह के अनुभव छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और भविष्य में जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

 

विद्यालयों की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर जोर

निदेशक ने छात्राओं की ओर से उठाए गए स्वच्छता एवं पोषण संबंधी विषयों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चल रहा है। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मानकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

Tripura Civic Polls: स्थानीय निकाय चुनाव के लिए त्रिपुरा SEC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, नवंबर में होंगे अगरतला सहित 21 नगरपालिकाओं में चुनाव

Tripura Civic Polls: देश पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में नवंबर में नगरपालिकाओं का चुनाव कराया जाएगा। इस दौरान राज्य की राजधानी अगरतला सहित 21 नगरपालिकाओं में चुनाव होंगे। राज्य में अर्बन लोकल बॉडी चुनाव की तैयारियों के तहत राज्य चुनाव आयोग ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य चुनाव आयुक्त प्रदीप कुमार ने की। बैठक के बाद कुमार ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में चुनावों के लिए उठाए जा रहे तैयारी के कदमों पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के पुलिस पुलिस प्रमुख भी मौजूद थे। उन्होंने राज्य में उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों के चुनाव में उपयोग का मुद्दा उठाया।

बैठक के बाद स्टेट सेक्रेटेरिएट में रिपोर्टर्स से बात करते हुए, राज्य चुनाव आयुक्त (SEC) प्रदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने चुनावों के लिए उठाए जा रहे तैयारी के कदमों पर चर्चा की, जिसमें सुरक्षा बल की तैनाती और अलग-अलग स्तरों पर दूसरे उपाय शामिल हैं। त्रिपुरा में नवंबर में अर्बन लोकल बॉडी चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर स्टेट इलेक्शन कमीशन ने बुधवार को एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई थी। अगरतला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन समेत 21 म्युनिसिपल बॉडीज में चुनाव होंगे।

एसईसी ने कहा, “यह पहली ऑल-पार्टी मीटिंग थी। चुनावों से पहले एक जरूरी काम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का पब्लिकेशन है, जिसके बाद उसका फाइनल पब्लिकेशन होगा।” उन्होंने पत्रकारवार्ता में कहा, “हमने नामांकन प्रक्रिया, नॉमिनेशन फाइल करने का तरीका, स्क्रूटनी और नाम वापस लेने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की। हमने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनावों की घोषणा के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों की जिम्मेदारियों और अधिकारियों की ड्यूटी पर भी चर्चा की।”

चक्रवर्ती ने कहा, “हमने राजनीतिक दलों से चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। हमने चुनाव के दौरान सिक्योरिटी फोर्स की तैनाती पर भी चर्चा की। पॉलिटिकल पार्टियों ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की तैनाती की मांग की है।” उन्होंने आगे कहा, “स्टेट पुलिस चीफ (इनचार्ज) जी एस राव ने बैठक में कहा कि राज्य में मौजूद केंद्रीय सुरक्षा बल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

Delhi industrial policy: कैबिनेट ने दिल्ली को इंडस्ट्रियल हब बनाने की दी मंजूरी, मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना पर खर्च किए जाएंगे 1000 करोड़ रुपये

CM योगी का बड़ा फैसला, 52 रुपए किलो मिलेगी चीनी, 250 रुपए में 5 किलो का पैकेट

CM योगी का बड़ा फैसला, 52 रुपए किलो मिलेगी चीनी, 250 रुपए में 5 किलो का पैकेट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी के दामों को लेकर चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष निर्देश दिए। सीएम के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग आमजन को मात्र 52 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराएगा।

उपभोक्ता लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में स्थित चीनी निगम/सहकारी चीनी मिल संघ के चीनी विक्रय केन्द्र से उक्त दर पर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। 01 एवं 02 किलो के पैकेट के दाम क्रमशः 52 व 102 रूपये हैं। 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 250 व 2500 रुपए रखा गया है। 

 

सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर की चीनी के एक किलो व दो किलोग्राम पैकेट का मूल्य क्रमशः 51 व 102 रुपए ही रहेगा, लेकिन 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 245 व 2400 रुपए रखा गया है। विभाग के अनुसार, चीनी की यह विशेष बिक्री प्रत्येक कार्यदिवस में नियमित रूप से संचालित होगी। आम नागरिक सुबह 10 से सायं 5 बजे तक गन्ना किसान संस्थान परिसर में चीनी बिक्री केंद्र पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की सुविधा और सुगम खरीदारी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उपभोक्ता अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार चीनी की खरीदारी कर सकते हैं।

 

गन्ना विकास विभाग ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनोपयोगी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भविष्य में भी आम जनमानस को इसी प्रकार की व्यावहारिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी Bajaj Consumer Care के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 265 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 71% बढ़कर 82 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 48 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.1% से बढ़कर 24.7% हो गया। यानी कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग प्रदर्शन, दोनों में सुधार हुआ।

घरेलू कारोबार में 30% से ज्यादा ग्रोथ

बजाज कंज्यूमर केयर के घरेलू कारोबार ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही, दोनों में रेवेन्यू 30% से ज्यादा बढ़ा। इसमें प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ने का बड़ा योगदान रहा। कम कीमत वाले पैक की मांग भी मजबूत बनी हुई है। ये कंपनी की ग्रोथ को सहारा दे रहे हैं। तिमाही के आखिर में कंपनी ने ब्रांड की नई पोजिशनिंग के साथ एक कैंपेन भी शुरू किया।

जनरल ट्रेड में दूसरी तिमाही के दौरान ग्रोथ 20% के मध्य स्तर पर रही। पहली छमाही में यह 20% के ऊपरी स्तर पर थी। ग्रामीण बाजारों की ग्रोथ शहरी बाजारों से थोड़ी आगे रही। हालांकि, दोनों जगह मांग मजबूत बनी हुई है। ऑर्गनाइज्ड ट्रेड में ग्रोथ 20% के ऊपरी स्तर पर रही। ई-कॉमर्स और मॉडर्न ट्रेड में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। वहीं, क्विक कॉमर्स इस सेगमेंट का सबसे तेजी से बढ़ने वाला चैनल रहा।

विदेशी बाजारों में भी कारोबार मजबूत

बजाज कंज्यूमर केयर का विदेशी कारोबार कुल कारोबार के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ा। नेपाल, खाड़ी देशों और अफ्रीका में अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई। दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कारोबार में सुधार जारी रहा।

बांग्लादेश में कारोबारी चुनौतियों के बावजूद ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। इससे कंपनी को विदेशी बाजारों से भी अच्छा सहारा मिला।

कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बनीं चिंता

बजाज कंज्यूमर केयर के सामने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की चुनौती है। पश्चिम एशिया में संघर्ष और माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण लाइट लिक्विड पैराफिन महंगा बना हुआ है।

रिफाइंड सरसों तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। संघर्ष से तिलहन की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा, तीसरी तिमाही में अल नीनो के असर की आशंका से कोपरा यानी सूखे नारियल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। खाद्य तेलों की महंगाई से भी लागत बढ़ रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मुनाफे पर इन बढ़ती कीमतों के असर पर नजर रहेगी।

बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरों का हाल

बजाज कंज्यूमर केयर का स्टॉक बुधवार को रिजल्ट से पहले 2.69% की तेजी के साथ 521.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 18.17% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 101% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 6.82 हजार करोड़ रुपये है।

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Tata’s passenger vehicle business grows 35 percent in first year after demerger

Tata’s passenger vehicle business grows 35 percent in first year after demerger
Tata Motors passenger vehicles

Tata’s passenger vehicle (PV) business grew by 35 percent in its first year after the demerger, which came into effect on October 1, 2025, and separated the commercial vehicle (CV) business from the PV division. Domestic sales between October 2025 and September 2026 stood at 7.44 lakh units, well ahead of the industry’s roughly 22 percent growth. According to the home-grown brand, its market share increased to 14.1 percent, making it India’s second-largest carmaker over this period.

Factors behind the Tata PV business growth

Two SUVs and a GST cut did much of the heavy lifting

One of the major factors behind Tata’s strong numbers is the revised GST rates, which took effect on September 22, 2025. This was shortly before the October 1 demerger, and it made cars more affordable across multiple segments. Despite this, Tata Managing Director Shailesh Chandra admitted to being surprised. “We had not expected 35 percent,” he said.

According to Chandra, monthly bookings topped one lakh more often than not, and more than seven in ten of these typically turned into retail sales. Tata crossed the 70,000-unit mark in a single month twice, and two of its quarters went past two lakh units.

With sales of 2.38 lakh units and 2.33 lakh units respectively, the Nexon and Punch accounted for around 63 percent of Tata’s domestic volumes over this period. Sales of the Sierra, meanwhile, crossed 60,000 units between January and September 2026. This is despite supply being constrained even as production was being scaled up.

Tata EV and CNG sales make up nearly half of volumes

Tata Motors claimed that EVs and CNG cars accounted for 44 percent of its annual volumes, rising to about 51 percent in the July-September quarter. Sales of fully electric models were up 84 percent (at 1.3 lakh units), with the brand claiming a 42 percent share of India’s EV market. Sales of CNG models grew by 31 percent, registering over 2.03 lakh units.

However, each powertrain faces a different set of rivals. “For EVs, my competitors are different,” said Chandra. Product development for all powertrain categories now falls under a single chief product officer, though each gets its own dedicated team.

Tata Motors targets 12 lakh annual sales by FY31

Six new nameplates are on the way

Tata is targeting over 12 lakh units per year by FY31 (financial year 2031), with a 20 percent share of the Indian passenger vehicle market. According to Tata, the plan involves over 20 product refreshes and the introduction of six new nameplates, including the Avinya.

What the brand calls its “15 product interventions” over the past year included models such as the Sierra and Sierra.ev, the updated Punch, Punch.ev, Tiago and Tiago.ev, petrol versions of the Harrier and Safari, and the Aeris. The Indian automaker said that it’s also recalibrating launch timelines. This, it said, is to ensure that each new model gets proper marketing support and that dealers have enough time to sell them.

The recent surge in demand means production capacity has become an immediate priority for Tata Motors. The company stated that its plants and suppliers are stretched thin, particularly smaller tier-two and tier-three firms, and that it has had to work more closely with them to resolve shortages. More capacity will come online at Tata’s existing plants, with the Sanand facility playing a major role. Helped by Tata’s entry into South Africa, exports have nearly doubled, to around 12,000 units.

Tata Motors to triple service network and focus on quality

The brand said that its workshops will grow faster than its showrooms

Apart from focusing on growth, Tata Motors will also be paying attention to addressing the quality and after-sales perception. The quality department now reports directly to Chandra instead of to the manufacturing department, the Managing Director stated. Tata has also set up a central software integration team, which will eventually become a ‘centre of excellence’. Tata now also tests software and hardware together earlier in development. In fact, the Sierra is one of the first models developed this way, the company mentioned.

Another point of attention is the brand’s service network, with Chandra stating that Tata’s workshops now see about six lakh vehicles per month – this is up from around 1.5 lakh in 2021. “My showrooms will increase by two times. But my service centres will increase by three times,” Chandra said. The automaker has addressed 26 of the 30 locations that it flagged as service problem areas, with dealer incentives now placing more weight on customer experience.

Between April and June, the availability of spare parts was an issue. This, the company said, was due to labour constraints, when production was being prioritised. It’s providing existing customers first claim on spare parts even if that affects the production of new cars, with Chandra claiming fill rates are back at around 85-86 percent. Regardless, changes will take time. “The perception will only change after three-four years,” Chandra admitted. “After people really see the consistency of that.”

With inputs from Hormazd Sorabjee and Ketan Thakkar.

 

आशा राजबाला की प्रेरक कहानी, तानों से राष्ट्रीय सम्मान तक का सफर, महिलाओं के स्वास्थ्य की बनीं पहरेदार

आशा राजबाला की प्रेरक कहानी, तानों से राष्ट्रीय सम्मान तक का सफर, महिलाओं के स्वास्थ्य की बनीं पहरेदार

rajbala aligarh

नवरात्र में जब पूरा देश शक्ति स्वरूपा देवी के नौ रूपों की आराधना करता है, तब समाज में ऐसी कई ‘जीवित शक्तियां’ भी हैं जो बिना किसी शोर-शराबे के लोगों का जीवन संवार रही हैं। अलीगढ़ की आशा कार्यकर्ता राजबाला देवी ऐसी ही एक शक्ति हैं। कभी घर-घर जाकर महिलाओं को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर ताने सुनने वालीं राजबाला आज हजारों महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी बन चुकी हैं।

राजबाला ने मुश्किल परिस्थितियों और लोगों की बातों को पीछे छोड़कर अपने काम से ऐसी पहचान बनाई कि आज वही लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं, जो कभी उनके काम पर सवाल उठाते थे।

 

राजबाला बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2006 में आशा कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया था। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर जागरूकता कम थी। ऐसे में घर-घर जाकर महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने पर कई बार ताने सुनने पड़ते थे। परिवार का सहयोग भी कम था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। नवरात्र के नौ दिनों की तरह उनकी साधना भी निरंतर चलती रही। लगातार मेहनत और समर्पण से उन्होंने धीरे-धीरे लोगों का भरोसा जीता।

 

3,000 से अधिक महिलाओं को दिलाया योजनाओं का लाभ

राजबाला देवी अब तक 3,000 से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला चुकी हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गांव की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के फायदे समझाए। उनका प्रयास रहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मातृत्व और शिशु की रक्षा के उनके इस संकल्प में मां के रक्षक स्वरूप की झलक मिलती है।

 

टीकाकरण से आयुष्मान कार्ड तक, घर-घर पहुंचाईं योजनाएं

आशा कार्यकर्ता के रूप में राजबाला देवी ने मिशन टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड से जुड़ी गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर बच्चों का टीकाकरण कराया और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाई। गरीब परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ने में भी मदद की।

 

जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मिला सम्मान

राजबाला देवी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक सम्मानित किया जा चुका है। जिले में उन्हें ‘अलीगढ़ रत्न’ सम्मान मिला, जबकि प्रदेश स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि राजबाला देवी के साथ-साथ पूरे जिले के लिए भी गर्व का विषय है।

 

बढ़े मानदेय और प्रोत्साहन राशि से मिली आर्थिक मजबूती

राजबाला देवी के मुताबिक, शुरुआती दौर में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला मानदेय काफी कम था। योगी सरकार की ओर से मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने से आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इससे परिवार का खर्च चलाने में भी पहले की तुलना में सहूलियत हुई है। नवरात्र का संदेश है कि नारी शक्ति का सम्मान ही समाज की सच्ची आराधना है। राजबाला देवी जैसी आशा कार्यकर्ता इसी शक्ति का प्रतीक हैं, जो हर दिन गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य की रक्षा का दायित्व निभा रही हैं।

 

आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख जिम्मेदारियां

– मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में सहयोग

– टीकाकरण और पोषण के प्रति जागरूकता

– परिवार नियोजन की जानकारी देना

– बीमारियों और महामारी की रोकथाम में सहयोग

– संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भागीदारी

– स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना