iQOO Neo 12 की पहली झलक आई सामने, 185Hz डिस्प्ले और कूलिंग फैन समेत मिलेंगे ये फीचर्स

iQOO Neo 12 इस महीने के आखिर में लॉन्च होने वाला है। इसके साथ कंपनी iQOO Pad Pro Mini टैबलेट भी पेश करेगी। लॉन्च से पहले कंपनी ने नए टीजर जारी किए हैं, जिनमें फोन का डिजाइन और डिस्प्ले से जुड़ी जानकारी सामने आई है। टीजर में iQOO Neo 12 को फ्लैट स्क्रीन और पतले बेजल्स के साथ दिखाया गया है। फोन में Visionox का बनाया हुआ डिस्प्ले पैनल मिलने की उम्मीद है, जिसमें pTSF लाइट-एमिटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। उम्मीद है कि नया iQOO Neo 12 पिछले साल के मॉडल के मुकाबले कई अपग्रेड के साथ आएगा।

iQOO Neo 12 का डिजाइन और डिस्प्ले स्पेसिफिकेशन्स

iQOO की हालिया Weibo पोस्ट्स से iQOO Neo 12 के फ्रंट पैनल की पहली झलक मिलती है। इस स्मार्टफोन में पतले बेजेल्स वाला फ्लैट डिस्प्ले है। पैनल में फ्रंट-फेसिंग कैमरे के लिए बीच में होल-पंच कटआउट दिया गया है।

यह पहले ही कन्फर्म हो चुका है कि iQOO Neo 12 में 185Hz रिफ्रेश रेट वाला 2K-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले होगा। iQOO ने कन्फर्म किया है कि नए हैंडसेट का डिस्प्ले चीनी कंपनी Visionox ने बनाया है। इसमें PTSF टेक्नोलॉजी और ल्यूमिनसेंट मटीरियल का इस्तेमाल किया गया है, और दावा किया जाता है कि इससे बिजली की खपत कम होती है और कलर रिप्रोडक्शन बेहतर होता है।

iQOO अपने नए स्मार्टफोन Neo 12 के बारे में और जानकारी 14 अक्टूबर को देने वाली है। कंपनी इस दिन Tsinghua University Display Technology Briefing का आयोजन करेगी। यह कार्यक्रम Tsinghua Science Park में होगा। उम्मीद है कि इसी दौरान फोन के कुछ और फीचर्स से पर्दा उठाया जाएगा। iQOO Neo 12 को इस महीने के आखिर में iQOO Pad Pro Mini टैबलेट के साथ लॉन्च किया जाएगा।

कंपनी पहले ही पुष्टि कर चुकी है कि iQOO Neo 12 में Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर मिलेगा। इसके साथ कंपनी की Q3 गेमिंग चिप भी दी जाएगी। फोन में एक इनबिल्ट कूलिंग फैन मिलने की भी जानकारी सामने आई है, जो Ice Dome एक्टिव कूलिंग सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा। इससे गेमिंग के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद मिल सकती है।

लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, iQOO Neo 12 में 9,000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में 16GB रैम और Android 17 मिलने की भी उम्मीद है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी कीमत और लॉन्च की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है।

बता दें कि नया iQOO Neo 12 पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च हुए iQOO Neo 11 की जगह ले सकता है। iQOO Neo 11 में 6.82 इंच की 2K LTPO AMOLED स्क्रीन दी गई है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz तक है।

यह स्मार्टफोन Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर पर काम करता है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का मेन कैमरा दिया गया है, जिसमें 1/1.56 इंच का सेंसर मिलता है। फोन में 7,500mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

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Jio Platforms ने आरएचपी फाइल किया, आरआईएल के शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे 2500 करोड़ के शेयर

जियो प्लेटफॉर्म्स ने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल कर दिया है। इससे देश के सबसे बड़े आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। कंपनी ने 14 अक्तूबर को अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास आरएचपी फाइल किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस बारे में बीएसई और एनएसई को बताया है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल यूनिट है।

21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुलेगा और 23 अक्तूबर को बंद होगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 19 अक्तूबर को खुलेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 14 अक्तूबर को इस आईपीओ से जुड़ी तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया। कंपनी ने 500 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर अपने एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व रखा है।

27 करोड़ तक नए शेयर इश्यू होंगे

जियो प्लेटफॉर्म्स के 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे। जिन इंडिविजुअल्स और HUF के पास RIL के शेयर 14 अक्तूबर को होंगे, वे रिजर्व कोटे के तहत जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर पाने के हकदार होंगे। कंपनी आईपीओ में 27 करोड़ तक नए शेयर इश्यू करेगी। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये होगी।

आरएचपी से मिलेगी डिटेल जानकारी

रिलायंस जियो जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी है। यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके देश में सबसे ज्यादा मोबाइल सर्विसेज के सब्सक्राइबर्स हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के आरएचपी से इस आईपीओ के बारे में इनवेस्टर्स को पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। उन्हें कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, रिस्क और दूसरी जानकारी भी मिलेंगी। इससे उन्हें इस आईपीओ के मूल्यांकन में मदद मिलेगी।

शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक्सचेंजों को बताया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। उसे सेबी से 28 अगस्त को ऑब्जर्वेशन लेटर मिल गया था। इस आईपीओ का इनवेस्टर्स को लंबे समय से इंतजार रहा है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।

2026 Toyota Glanza claimed mileage compared with rivals

2026 Toyota Glanza claimed mileage compared with rivals
2026 Toyota Glanza claimed mileage compared with rivals

Toyota has launched the 2026 Glanza, with prices ranging from Rs 6.99 lakh to Rs 10.98 lakh (ex-showroom). One of the biggest changes in the facelifted model is a new Z-series 1.2-litre 3-cylinder naturally aspirated engine, less powerful than the previous K-series 4-cylinder mill but offering better fuel efficiency. Both the petrol and CNG versions are offered with a 5-speed manual and a 5-speed automated manual transmission (AMT).

The 2026 Toyota Glanza rivals the Maruti Baleno, Hyundai i20 and Tata Altroz. Except for the missing CNG option on the i20, all rivals offer manual and automatic gearboxes with petrol and CNG versions. Here’s how the Glanza’s claimed mileage compares with the rivals.

2026 Toyota Glanza petrol mileage compared with rivals

Glanza petrol’s claimed mileage numbers are among the highest in the segment

2026 Toyota Glanza petrol mileage compared with rivals (in kpl)

 

Petrol-manual

Petrol-automatic*

2026 Toyota Glanza

23.80

24.77

Old Toyota Glanza

22.35

22.94

Maruti Baleno

23.80

24.77

Hyundai i20

Not disclosed

Not disclosed

Tata Altroz

19.33

Not disclosed

*Glanza and Baleno get an AMT, i20 gets a CVT, and Altroz gets both AMT and DCT options

The petrol-powered Toyota Glanza and Maruti Suzuki Baleno deliver identical claimed fuel efficiency figures, as the two premium hatchbacks are badge-engineered siblings. However, compared to its predecessor, the facelifted Glanza offers improved efficiency, with the petrol-MT and petrol-AT variants delivering 1.45kpl and 1.83kpl more, respectively. The 2026 Glanza petrol-MT is also 4.47kpl more efficient than the Tata Altroz with the same powertrain. While the claimed mileage figures for the Altroz petrol-AMT and the Hyundai i20 petrol-MT and petrol-AMT are yet to be announced, the Glanza and Baleno are expected to retain their advantage in terms of claimed fuel efficiency.

2026 Toyota Glanza CNG mileage compared with rivals

CNG-powered 2026 Glanza has identical mileage as the Maruti Baleno

2026 Toyota Glanza petrol mileage compared with rivals (in km/kg)

 

CNG-MT

CNG-AMT

2026 Toyota Glanza

33.61

34.47

Old Toyota Glanza

30.61

–

Maruti Baleno

33.61

34.47

Hyundai i20

–

–

Tata Altroz

27.8

Not disclosed

The Hyundai i20 is the only premium hatchback in the segment without a CNG option, while all other models offer CNG with both MT and automated manual AMT choices. The Toyota Glanza and Maruti Suzuki Baleno lead the segment in claimed CNG fuel efficiency, with identical mileage figures, just like their petrol counterparts. The Glanza CNG-MT is 2.81km/kg more efficient than the Tata Altroz CNG-MT. However, the claimed mileage for the Altroz CNG-AMT is yet to be announced. Compared to the previous model, the Glanza CNG-MT also delivers a 3km/kg improvement in fuel efficiency.

Interestingly, the Tata Altroz is the only premium hatchback to offer a diesel engine, and the i20 N Line offers a turbo-petrol engine; such options are not available with the 2026 Toyota Glanza.  

Jio IPO 2026 : जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल किया RHP, 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा IPO

Jio IPO 2026 : जियो प्लेटफॉर्म्स ने दाखिल किया RHP, 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलेगा IPO

JIO IPO

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ (IPO) के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, गुजरात के पास यह दस्तावेज जमा किया।

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कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

 

IPO में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी होंगे

 

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO में 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। फ्रेश इश्यू के तहत कंपनी नए शेयर जारी करती है।

 

इससे पहले कंपनी ने 19 जून 2026 को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की जानकारी दी थी। इसके बाद 28 अगस्त 2026 को बताया गया था कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से DRHP पर ऑब्जर्वेशन लेटर मिल गया है। अब कंपनी ने IPO से संबंधित RHP दाखिल कर दिया है।

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रिलायंस के पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ तक आरक्षित

 

इस IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान है। इस श्रेणी में वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हैं, जो 14 अक्टूबर 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयरधारक थे। HUF के मामले में शेयर कर्ता के नाम पर भी हो सकते हैं।

हालांकि, लागू कानूनों और नियमों के तहत IPO में निवेश के लिए अयोग्य व्यक्ति इस श्रेणी का लाभ नहीं ले सकेंगे। यह आरक्षण अधिकतम 2,500 करोड़ रुपये के मूल्य तक है। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक पात्र शेयरधारक को निश्चित संख्या में शेयर मिलेंगे। पात्रता और आवंटन से जुड़ी शर्तें RHP के अनुसार लागू होंगी।

 

कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित

 

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए भी 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान किया है। कर्मचारियों की पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी कंपनी के RHP में दी गई है। इस तरह प्रस्तावित IPO में पात्र रिलायंस शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग आरक्षित श्रेणियां शामिल हैं।

SME IPO पर सख्ती की तैयारी! SEBI का मुनाफे से लेकर ऑफर फॉर सेल तक के नियम बदलने का प्रस्ताव

SME IPO लाने वाली कंपनियों के लिए नियम सख्त हो सकते हैं। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने इसके लिए कई बदलावों का प्रस्ताव दिया है। सबसे बड़ा बदलाव मुनाफे की शर्त को लेकर है। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनियों को पिछले तीन वित्त वर्षों में औसतन 3 करोड़ रुपये का सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होगा।

SEBI ने 14 अक्टूबर 2026 को इस बारे में कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें SME IPO के नियमों में बदलाव की बात कही गई है। आम लोगों और बाजार से जुड़े पक्षों से 4 नवंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। अभी ये प्रस्ताव हैं, लागू नियम नहीं।

SME IPO के लिए मुनाफे की नई शर्त

अभी कंपनी को पिछले तीन वित्त वर्षों में से कम से कम दो साल में 1 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होता है। SEBI अब इसकी जगह नई शर्त लाना चाहता है। इसके तहत पिछले तीन साल का औसत सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम 3 करोड़ रुपये होना चाहिए।

जो कंपनियां यह शर्त पूरी नहीं कर पाएंगी, उनके लिए भी IPO लाने का रास्ता खुला रह सकता है। हालांकि, उन्हें दूसरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ऐसी कंपनियों को बुक बिल्डिंग प्रक्रिया अपनानी होगी। साथ ही, IPO के नेट इश्यू का कम से कम 75% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIBs को देना होगा। अगर इतना आवंटन नहीं हो पाता है, तो निवेशकों की पूरी रकम लौटानी होगी।

मार्केट कैप से तय होगी लिस्टिंग की पात्रता

SEBI कंपनियों की पात्रता तय करने का तरीका भी बदलना चाहता है। अभी इसके लिए पेड-अप कैपिटल को आधार बनाया जाता है। नए प्रस्ताव में कंपनी के मार्केट कैप को आधार बनाने की बात है।

इसके मुताबिक, IPO के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां सिर्फ SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकेंगी। 1,000 करोड़ से ज्यादा और 4,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां भी तय शर्तों के साथ SME प्लेटफॉर्म चुन सकेंगी। इनके वित्तीय दस्तावेज Ind AS के नियमों के मुताबिक होने चाहिए।

अगर ऑफर डॉक्यूमेंट के तय चरण में कंपनी का मार्केट कैप 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो उसे मेनबोर्ड के नियमों के तहत दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे।

IPO में आवेदन की रकम घटेगी

SEBI SME IPO में आवेदन की न्यूनतम रकम घटाने का प्रस्ताव भी लाया है। अभी न्यूनतम आवेदन की रकम 2 लाख रुपये से ज्यादा है। इसे घटाकर 1 लाख रुपये करने की तैयारी है। हालांकि, निवेशकों को कम से कम चार लॉट के लिए आवेदन करना होगा। हर लॉट की कीमत कम से कम 25,000 रुपये होगी।

इसके अलावा, IPO में कम से कम 200 निवेशकों को शेयर देने की शर्त बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव है। रिटेल निवेशकों को शेयर देने के तरीके में भी बदलाव हो सकता है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, शेयरों का आवंटन न्यूनतम लॉट के गुणकों से बंधा नहीं रहेगा। यह उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगा।

कंपनियों को IPO से जुटाई गई रकम में से जनरल कॉरपोरेट कामों पर खर्च करने की 10 करोड़ रुपये की सीमा से भी राहत मिल सकती है। हालांकि, कुल जुटाई गई रकम के 15% तक खर्च करने की मौजूदा सीमा बनी रहेगी।

शेयर बेचने और लॉक-इन के नियम बदलेंगे

SEBI ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए अलग नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कुछ छूटों को छोड़कर बिक्री के लिए रखे जाने वाले शेयर कम से कम एक साल से शेयरधारक के पास होने चाहिए।

अभी OFS में कुल इश्यू साइज का अधिकतम 20% हिस्सा बेचा जा सकता है। शेयरधारक अपनी पहले से मौजूद हिस्सेदारी का अधिकतम 50% हिस्सा भी बेच सकते हैं। SEBI ने बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIB शेयरधारकों को इन सीमाओं से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मुनाफे की शर्त पूरी नहीं करने वाली कंपनियों के लिए यह छूट नहीं होगी।

SEBI ने शेयरों के लॉक-इन नियम बदलने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत, प्रमोटरों के न्यूनतम जरूरी शेयर IPO में आवंटन की तारीख से तीन साल तक लॉक रहेंगे। अतिरिक्त प्रमोटर शेयरों पर एक साल की रोक होगी। वहीं, पुराने गैर-प्रमोटर निवेशकों के शेयरों का लॉक-इन एक साल से घटाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। प्रमोटर ग्रुप की कुछ हिस्सेदारी पर भी एक साल का लॉक-इन लागू हो सकता है।

SME IPO से अब तक जुटाए गए 40,222 करोड़ रुपये

SEBI के मुताबिक, SME प्लेटफॉर्म शुरू होने के बाद से अब तक 1,496 कंपनियां इस पर लिस्ट हो चुकी हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं, जो बाद में मेनबोर्ड पर चली गईं। कुल 365 कंपनियां मेनबोर्ड में माइग्रेट कर चुकी हैं।

SME IPO के जरिए कंपनियों ने अब तक 40,222 करोड़ रुपये जुटाए हैं। 31 जुलाई 2026 तक SME प्लेटफॉर्म की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,70,984 करोड़ रुपये था। इस आंकड़े में मेनबोर्ड पर जा चुकी कंपनियां भी शामिल हैं।

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2026 Toyota Glanza facelift image gallery

2026 Toyota Glanza facelift image gallery
Glanza

The Toyota Glanza facelift gets a revised front grille with satin-finish detailing and updated LED fog lamps, while the side and rear designs remain unchanged. It continues with 16-inch alloy wheels, a dual-tone dashboard, a touchscreen infotainment system and an analogue instrument cluster with a digital display. New features include ventilated front seats and a wireless phone charger. The Glanza now uses a 1.2-litre, three-cylinder petrol engine, replacing the previous model’s four-cylinder unit. It is offered with a 5-speed manual and a 5-speed automated manual (AMT), alongside a CNG option. The 2026 Toyota Glanza is priced from Rs 6.99 lakh to Rs 10.98 lakh.

कश्मीर के गुलमर्ग में अक्टूबर में ही बर्फबारी, पर्यटकों के चेहरे खिले

कश्मीर के गुलमर्ग में अक्टूबर में ही बर्फबारी, पर्यटकों के चेहरे खिले

Gulmarg Snowfall in October: गुलमर्ग के ऊपरी इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी ने पर्यटकों को खुश कर दिया है और एक मजबूत शीतकालीन पर्यटन सीजन की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, क्योंकि हितधारकों को उत्तरी कश्मीर के बारामुल्‍ला जिले में स्थित इस प्रसिद्ध स्की रिसार्ट में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।

 

अफरावत की ढलानों पर, जहां प्रतिष्ठित गुलमर्ग गंडोला स्थित है, ताजा बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ सफेद चादर से ढक गए और पर्यटकों को इस क्षेत्र के शीतकालीन आकर्षण की प्रारंभिक झलक मिली। पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेते, तस्वीरें खींचते और बर्फ से ढके परिदृश्य में खो जाते नजर आए।

 

दिल्ली से आए पर्यटकों के एक समूह का कहना था कि हमें यह देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। ऐसे में बर्फबारी ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच आशावाद को भी बढ़ावा दिया है, उनका मानना ​​है कि इससे आगामी शीतकालीन मौसम के लिए गति बनाने में मदद मिल सकती है और अधिक पर्यटकों को गुलमर्ग को एक अवकाश स्थल के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

व्यवसायियों के चेहरे भी खिले

पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी एक हितधारक शास्ता का मानना है कि सर्दियों के दौरान गुलमर्ग आने वाले पर्यटकों के लिए बर्फबारी सबसे बड़े आकर्षणों में से एक है। यह पर्यटकों में उत्साह पैदा करती है और आने वाले मौसम के लिए उनकी उम्मीदें बढ़ाती है। सभी हितधारकों को आने वाले महीनों में पर्यटकों की भारी आमद की उम्मीद है, जिससे होटल मालिकों, परिवहन संचालकों, गाइडों, टट्टू मालिकों, दुकानदारों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों को लाभ होगा।

 

गुलमर्ग विकास प्राधिकरण (जीडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलियास अहमद नैसरू कहते थे कि सर्दियों में संभावित भीड़ का स्वागत करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। उनका कहना था कि हम आगामी सीजन के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और पर्यटकों के लिए एक सहज और सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर चुके हैं। वे विश्वास व्यक्त करते थे कि इस सर्दी में गुलमर्ग में भारी भीड़ देखने को मिलेगी। 

कश्मीर में सर्दियों की भी शुरुआत

ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी की कश्मीर में सर्दियों की शुरुआत अभी से हो गई है। मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के कारण कश्मीर में तापमान काफी गिर गया है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम अपेक्षाकृत गर्म था, लेकिन अब कश्मीर, चिनाब घाटी और पीर पंजाल इलाके में दिन का तापमान गिर रहा है। अक्टूबर के महीने में कश्मीर के कई इलाकों में पहाड़ बर्फ की सफेद चादर में सिमटे हुए हैं।

 

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। गुलमर्ग में अफरावत, बांडीपोरा जिले की गुरेज घाटी में राजदान दर्रा और तुलेल, कुपवाड़ा में साधना टाप और सोनमर्ग के पास मीनामार्ग, जीरो पॉइंट और जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी हुई। दक्षिण कश्मीर में सिंथन टॉप, मार्गन टॉप और पीर की गली के साथ-साथ पंजाल रेंज में भी बर्फबारी हुई है। 

 

खराब मौसम और बढ़ती ठंड के कारण लोगों ने ऊनी कपड़े निकालना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश के इस दौर में खेती-बाड़ी के काम, खासकर धान की कटाई करते समय सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण घाटी के ऊंचाई वाले कई इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई है।

Rolls-Royce Spectre Series II to arrive in India this year

Rolls-Royce Spectre Series II to arrive in India this year
Rolls Royce Spectre Black Badge front quarter static

Rolls-Royce will bring the Spectre Series II to India this year. In an interview with Autocar India, Julian Jenkins, Global Director – Sales and Brand at Rolls-Royce Motor Cars, said, We’ve got the Series II, which is an evolution of the motor car, and I think the first car will arrive here in India this year.” The Series II Spectre arrives more than two years after the first iteration of the luxury two-door electric coupe was launched.

  1. Series II gets a larger 112kWh battery pack; Up to 680hp and 1100Nm.
  2. WLTP-certified claimed range of up to 629km.
  3. More personalisation choices for the exterior and interior.

Rolls-Royce Spectre II: What’s new?

Changes to the Spectre Series II focus mainly on the mechanical rather than the visual. There’s a larger 112kWh battery pack this time. It uses a new battery architecture that is shared with the i8 and continues with a 400V electric architecture. The Spectre Series II continues with a dual-motor setup with one motor at each axle. Combined power output stands at 601hp and 1015Nm for the standard model, while Black Badge models develop 680hp and 1,110Nm in Spirited mode. Rolls-Royce claims a WLTP-certified range of 628km and 629km for the standard and Black Badge versions, respectively. 

On the exterior front, the Spectre Series II remains largely unchanged from its predecessor. Because the Spectre was the second-most personalised car after the Phantom, it gets more customisation options this time around. Black Badge versions come with matte black exterior detailing as opposed to gloss black on the predecessor, even for the Spirit of Ecstasy. The interior, too, gets more material and personalisation options and an illuminated dashboard panel with 8,108 individual pixels.

Expect the Spectre Series II to be priced higher than the current model on sale, which retails at Rs 7.5 crore and Rs 9.5 crore for the standard and Black Badge versions, respectively. The current Spectre is the most expensive EV sold in India.

With inputs from Mugdha Mishra

All prices are ex-showroom, India

Kanpur News: एक साल से महिला को कर रहा था परेशान, बेटी को स्कूल से उठाने की कोशिश, मुकदमा दर्ज

Kanpur Crime News: कानपुर में छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। रावतपुर क्षेत्र की एक महिला ने युवक पर एक साल से परेशान करने, बेटी को स्कूल से उठाने का प्रयास करने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालकर बदनाम करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

IDBI Bank में स्टेक सेल से विनिवेश के टारगेट से ज्यादा पैसे आएंगे

केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 88,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे FY19 के बाद पहली बार यह पैसा बजट में तय लक्ष्य से ज्यादा होगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसमें आईडीबीआई के निजीकरण को बड़ा हाथ होगा।

बजट में 80000 करोड़ जुटाने का टारगेट 

सरकार ने बजट में FY27 में विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट तय किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईडीबीआई बैंक की स्ट्रेटेजिक स्ट्रक्चरिंग से केंद्र सरकार को करीब 26,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की स्ट्रेटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी।

सरकार आईडीबीआई बैंक में बेच रही हिस्सेदारी

सरकार और एलआईसी दोनों आईडीबीआई बैंक में कंबाइंड 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सब्सिडियरी कनाडा इंक यह हिस्सेदारी खरीदेगी। इस डील और शेयर पर्चेज एग्रीमेंट के इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि LIC अपनी 30.24 हिस्सेदारी बेचेगी।

सरकार पहले ही जुटा चुकी है 62,124 करोड़ रुपये

इस डील के बाद भी IDBI Bank में सरकार और LIC की कंबाइंड 34 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी। इस साल 10 सितंबर तक सरकार ने विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 62,124 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। यह इस वित्त वर्ष के लिए तय बजट टारगेट से सिर्फ 17,876 करोड़ रुपये कम था। आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी की बिक्री से यह टारगेट पूरा हो जाएगा।

FY19 के बाद पहली बार टारगेट से ज्यादा पैसे आएंगे

सरकार वित्त वर्ष 2018-19 के बाद पहली बार विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से बजट में तय लक्ष्य से ज्यादा पैसे जुटाएगी। पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 45,306 करोड़ रुपये जुटाए थे, जो 47,000 करोड़ रुपये के तय लक्ष्य का करीब 96 फीसदी था। इसमें से 16,886 करोड़ रुपये विनिवेश से आए थे, जबकि 28,420 करोड़ रुपये एसेट मॉनेटाइजेशन से आए थे।

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जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से बढ़ा विनिवेश पर फोकस

जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने की वजह से विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन पर सरकार का फोकस बढ़ा है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान की लड़ाई के बाद की स्थितियों ने सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ाया है। क्रूड की कीमतें इस लड़ाई की वजह से काफी बढ़ी हैं। पिछले कुछ हफ्तों से तो ब्रेंट क्रूड लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल लगातार बढ़ रहा है।