India exam reforms 2026: देश में बदलेगा प्रवेश परीक्षाओं का पैटर्न, पेपर लीक के बाद कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार करने पर जोर

India exam reforms 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रलहाद जोशी ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी और बड़े क्वेश्चन बैंक का इस्तेमाल करके अपनी परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करेगा। सरकार पेपर लीक और नकल के आरोपों से सामने आई कमियों को दूर कर रही है, जिनकी वजह से हाल के समय में बड़े पैमाने पर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। बुधवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के मौके पर अपने विचार व्यक्त किए।

जोशी ने एक इंटरव्यू में जोशी ने कहा, “हम इसे और ज्यादा टेक्नोलॉजी पर आधारित बना रहे हैं, इसे अधिक निष्पक्ष बना रहे हैं, उन सभी कमियों को हम अभी दूर कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार जल्द से जल्द कंप्यूटर-बेस्ड एग्जाम सहित “सिस्टम में पूरा बदलाव” चाहती है। जोशी ने कहा कि भारत के सबसे जाने-माने टेक फाउंडर, इंफोसिस लिमिटेड के सह संस्थापक और अध्यक्ष नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाला एक पैनल सिस्टम में सुधारों की जांच कर रहा है और उसने सरकार के साथ अपने प्लान पर चर्चा की है।

उन्होंने कहा कि पैनल को अभी अपनी रिपोर्ट देनी है, लेकिन उसकी सिफारिशों पर “बहुत, बहुत सकारात्मक और गंभीरता से” विचार किया जाएगा। हाल के वर्षों में भारत में परीक्षा पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों की बाढ़ आ गई है, जिसमें मेडिकल स्कूलों के लिए अत्यंत प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा से जुड़ी दिक्कतें भी शामिल हैं। इन नाकामियों की वजह से जुलाई में बड़े पैमाने पर छात्रों के प्रदर्शन हुए और दुनिया की कुछ सबसे बड़ी परीक्षाएं कराने वाली व्यवस्था की कमियां सामने आईं। इस अशांति के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

जोशी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को कुशल कर्मियों के कौशल और नियोक्ताओं की जरूरत के बीच के अंतर को कम करने के लिए जरूरी बताया। साथ ही कहा कि स्कूल वोकेशनल ट्रेनिंग, इनोवेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपनी बड़ी युवा आबादी को एक स्किल्ड वर्कफोर्स में बदलने की जरूरत है जो उसके मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्यों को पूरा कर सके।

Tripura Civic Polls: स्थानीय निकाय चुनाव के लिए त्रिपुरा SEC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, नवंबर में होंगे अगरतला सहित 21 नगरपालिकाओं में चुनाव

रील के लाइक्स नहीं, रियल लाइफ में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती हैं किताबें : CM योगी

रील के लाइक्स नहीं, रियल लाइफ में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती हैं किताबें : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर पुस्तकों से जुड़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज लोग स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर पांच से सात घंटे बिता रहे हैं। इसमें से एक-दो घंटे भी अच्छी पुस्तकें पढ़ने में लगाएं तो जीवन को नई दिशा मिल सकती है। सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स जुटाने के बजाय अपनी रियल लाइफ में आगे बढ़ना अधिक उपयोगी है। अच्छी पुस्तकें जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होती हैं। युवाओं को महापुरुषों की जीवनी और आत्मकथाएं पढ़नी चाहिए, जिनसे संघर्षों के बीच आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

 

मुख्यमंत्री योगी बुधवार को लोकभवन सभागार में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे भारतीय की जीवनगाथा है, जिसने अभावों को अपनी ढाल नहीं बनाया, बल्कि संघर्ष, परिश्रम और पुरुषार्थ के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। यह आत्मकथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

गांवों तक पहुंच रही पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में पुस्तकालय की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 57,600 ग्राम सचिवालय बन चुके हैं। इनमें एक कक्ष पुस्तकालय के लिए निर्धारित है, जहां गांव के बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों तक पुस्तकालयों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा भी व्यापक स्तर पर पुस्तकालयों तक पहुंचनी चाहिए। सरकार इस दिशा में प्रयास करेगी।

गोरखपुर में लखनऊ से ज्यादा बिकी थीं पुस्तकें

मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुस्तक मेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआत में आयोजकों को आशंका थी कि आज के दौर में पुस्तकें कौन खरीदेगा। लखनऊ में पुस्तक मेला लगा तो बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद गोरखपुर में उससे भी अधिक पुस्तकें बिकीं। हाल में लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक मेले में भी युवाओं और विद्यार्थियों की अच्छी भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि लोगों में पढ़ने की रुचि है, जरूरत उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने की है।

अभावों को बनाया संघर्ष की ताकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कानपुर के परौंख गांव में गरीब परिवार में जन्मे रामनाथ कोविन्द ने बचपन में ही मां को खो दिया। गांव के विद्यालय से पढ़ाई शुरू की और उच्च शिक्षा प्राप्त कर अधिवक्ता के रूप में गरीबों तथा वंचितों की आवाज बने। भाजपा संगठन, राज्यसभा, बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बड़ा वही होता है, जिसमें संघर्ष का जज्बा हो। विपरीत परिस्थितियों से पलायन के बजाय उनका मुकाबला करना महानता की पहचान है।

राष्ट्रपति बनने के बाद भी नहीं भूले गांव और पुराने साथी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी रामनाथ कोविन्द का अपनी जन्मभूमि परौंख से लगाव बना रहा। वह अवसर मिलते ही गांव जाते हैं। पुराने साथियों और चाय-चाट वालों से भी उनके संबंध कायम हैं। उन्होंने गांव में शिक्षा सुविधाओं के विकास के लिए प्रयास किए। वहां के विद्यालय भवन को विकसित कर राज्य सरकार को समर्पित किया गया, जिसे आवासीय विद्यालय के रूप में आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री योगी ने भगवान श्रीराम के जन्मभूमि प्रेम का उदाहरण देते हुए कहा कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।

विधायकों के लिए मांगी पुस्तक की 500 प्रतियां

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन को ‘कच्चे घर, पक्के इरादे’ की यात्रा बताया। उन्होंने प्रकाशक से विधानसभा सदस्यों के लिए पुस्तक की 500 प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपिश मेहरा ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों और पुस्तकालयों में अच्छी हिंदी पुस्तकों की पहुंच बढ़ी है। किताबें बच्चों तक पहुंच रही हैं।

पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का किया सम्मान

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत के गायन से हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उनकी पत्नी सविता कोविन्द का भी स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति ने अतिथियों के साथ आत्मकथा के हिंदी संस्करण का विमोचन किया।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद : समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द, उनकी पत्नी सविता कोविन्द, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपिश मेहरा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

शाई होप ने भारत के खिलाफ जड़ा एक और शतक, इंडीज पहुंची 245 पार

INDvsWI शाई होप (नाबाद 102) ने आखिरी दो गेंदों पर छक्के लगाते हुए अपना शतक पूरा किया जिसकी बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत के खिलाफ चौथे टी 20 में बुधवार को तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बना लिया।

होप की शतकीय पारी की बदौलत वेस्टइंडीज़ ने एक बल्लेबाज़ी वाली सतह पर भारत के सामने 248 का लक्ष्य रखा । होप ने इस दौरे का अपना चौथा शतक बनाया। टी 20 में होप का यह तीसरा शतक है और ऐसा करते हुए वह वेस्टइंडीज़ की ओर इस प्रारूप में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़ हो गए हैं और उन्होंने एविन लुईस और क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया है। होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन में चार चौके और नौ छक्के लगाए। उन्होंने पारी की आखिरी दो गेंदों में छक्के मारकर अपना रिकॉर्डतोड़ शतक पूरा किया।

टॉस के दौरान दोनों ही कप्तान पूरी तरह से आश्वस्त नहीं थे कि यह पिच कैसा खेलेगी लेकिन पिच अब तक बल्लेबाज़ी के लिए काफ़ी अनुकूल नज़र आई है। होप शुरू से लेकर अंत तक डटे रहे। होप ने पहले ऐंड्रूयू और फिर हेटमायर के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की, इसके बाद पॉवेल के साथ उन्होंने 46 रनों की साझेदारी की और अंत में शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड के साथ उन्होंने 91 रनों की साझेदारी की।

वेस्टइंडीज़ ने 12वें ओवर में ही 150 के आंकड़े को छू लिया था लेकिन बाद में भारतीय गेंदबाज़ों ने वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी को धीमा किया। हालांकि वे बहुत देर तक वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों को बांधे नहीं रख सके। आखिरी पांच ओवरों में वेस्ट इंडीज ने 70 रन ठोके। रदरफोर्ड ने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन में चार चौके और तीन छक्के लगाए।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

वेस्टइंडीज:शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती

योगी सरकार ने यूपी में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को दी नई ऊर्जा : कोविन्द

योगी सरकार ने यूपी में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को दी नई ऊर्जा : कोविन्द

Ramnath kobind

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन के क्षेत्र में हुए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश को नई ऊर्जा मिली है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं से रोजगार, शिक्षा और आर्थिक प्रगति के अवसर समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेंगे।

 

पूर्व राष्ट्रपति अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी बड़ी बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाया है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अंत्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ ग्रामीण परिवारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं।

गरीबों को आवास से मिला सम्मान और सुरक्षा

रामनाथ कोविन्द ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि कानपुर देहात के गांव परौंख में उनका घर बेहद साधारण था और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद उन्हें उन परिवारों की याद आई, जो आज भी बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलने के साथ सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी हुआ है। टपकती छत के नीचे जीवन बिताने वाले लोग ही पक्के घर का वास्तविक महत्व समझ सकते हैं।

शिक्षा और परिश्रम से साकार होते हैं सपने

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पिता ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए परिवार की कृषि भूमि अपने पास रखने के बजाय बेटों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। ईमानदारी, करुणा, उदारता और न्यायप्रियता जैसे जीवन मूल्य उन्हें पिता से मिले। परौंख से राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय गणतंत्र, संविधान के आदर्शों और करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं की विजय है। भारतीय लोकतंत्र में सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति भी अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। इसी व्यवस्था में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

महाकुंभ ने विश्व को दिखाई भारत की आध्यात्मिक शक्ति

रामनाथ कोविन्द ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर, संत कबीर और संत रविदास की धरती है। वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना, आस्था और सामाजिक समरसता की विराट शक्ति से परिचित कराया। भारत की प्राचीन परंपराएं आज भी करोड़ों लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की क्षमता रखती हैं।

युवाओं से राजनीति में आने की अपील

पूर्व राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश के युवाओं से राजनीति, शासन-प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सुशासन के लिए ईमानदार, योग्य और संवेदनशील लोगों का राजनीति में आगे आना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की भावना के साथ काम करने और कभी हार न मानने का संदेश दिया।

गरीबों, पीड़ितों व वंचितों की आवाज बने कोविन्द: ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी अपने सहज एवं सरल स्वभाव को बनाए रखा। गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रही। समाज में ऐसे बिरले ही व्यक्ति होते हैं, जो वंचित वर्गों की समस्याओं को समझने के साथ उन्हें धरातल पर समाधान तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। रामनाथ कोविन्द ने संसद में रहते हुए लगातार पीड़ितों और वंचितों की आवाज को बुलंद किया। बिहार के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी सहजता और कार्यशैली से अमिट छाप छोड़ी। राष्ट्रपति के रूप में देश के लिए किए गए उनके कार्य भारतीय गणतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेंगे। ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ विषय पर गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका भी उल्लेखनीय है।

सर्वोच्च पद पर भी सहज रहे कोविन्द : केशव मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन सबसे कठिन, जिम्मेदारी भरा और व्यापक पहचान दिलाने वाला क्षेत्र है। इसमें व्यक्ति का पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे अपनी शुचिता बनाए रखनी चाहिए और अहंकार से दूर रहना चाहिए। रामनाथ कोविन्द का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने मूल विचारों, संस्कारों और सहजता को बनाए रख सकता है। रामनाथ कोविन्द को वह उस समय से जानते हैं, जब वह राज्यसभा के सदस्य थे और उत्तर प्रदेश भाजपा के महामंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। बिहार के राज्यपाल और देश के राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। राष्ट्रपति बनने के बाद जब वह अपने गृह नगर कानपुर आए, तब अपने गुरु के चरण स्पर्श कर उन्होंने संस्कारों के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की। देश के प्रथम नागरिक के पद पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपने पुराने साथियों और परिचितों से आत्मीय संबंध बनाए रखे। उनके व्यवहार में पद के कारण कोई दूरी या अहंकार दिखाई नहीं दिया।

सदैव जमीन से जुड़े रहे कोविन्द : सतीश महाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के व्यक्तित्व और जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति से बड़ा कोई संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी वह सदैव जमीन से जुड़े रहे। उनका जीवन सादगी, विनम्रता, दृढ़ संकल्प और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव की प्रेरक मिसाल है। उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां हैं, जो उनके व्यक्तित्व की सहजता और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। मैं चाहता हूं कि रामनाथ कोविन्द की पुस्तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्यों तक पहुंचे, ताकि वे भी उनके जीवन, संघर्ष और अनुभवों से परिचित हो सकें। इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से विधानसभा सदस्यों के लिए 500 पुस्तकें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और कहा कि पुस्तकों का पूरा मूल्य वह स्वयं देंगे।

Maruti Suzuki की कारों पर बंपर डिस्काउंट! Jimny से Grand Vitara तक, कहां मिल रहा कितना फायदा?

Maruti Suzuki Festive Offers 2026: अगर आप इस नवरात्रि या दशहरा पर Maruti Suzuki की कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके कुछ पैसे बच सकते हैं, क्योंकि कंपनी अपनी Nexa रेंज की कारों पर भारी डिस्काउंट दे रही है। देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी अपने लगभग सभी मॉडल्स – जैसे XL6, Jimny, Invicto, Fronx, Grand Vitara और e-Vitara – पर डील्स दे रही है। इन स्कीम्स में मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बेनिफिट्स, वारंटी पैकेज और स्क्रैपेज से जुड़े इंसेंटिव्स शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां इस महीने कुछ प्रोडक्ट्स पर अच्छे-खासे फायदे मिल रहे हैं, वहीं हाल ही में अपडेट हुई Baleno पर कोई फेस्टिव ऑफर नहीं है। अब आइए, इन स्कीम्स की डिटेल्स पर एक नजर डालते हैं।

Maruti Suzuki Baleno: कोई फेस्टिव ऑफर नहीं

बलेनो का नया वर्शन (फेसलिफ़्ट) मारुति सुज़ुकी के अक्टूबर के फेस्टिव कैंपेन का हिस्सा नहीं है। स्कीम के डॉक्यूमेंट के अनुसार, यह प्रीमियम हैचबैक अभी बिना किसी अतिरिक्त फेस्टिव फ़ायदे के मिल रही है।

Maruti Suzuki Fronx: टर्बो वेरिएंट्स पर कैश फायदे

Fronx पर मुख्य रूप से इसके टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट्स पर फयदे मिल रहे हैं। Maruti Suzuki Turbo वेरिएंट्स पर ₹12,100 का कैश डिस्काउंट दे रही है, जबकि नॉन-टर्बो पेट्रोल और CNG वर्शन पर कोई कैश बेनिफिट नहीं मिल रहा है। खरीदार इसके अलावा ₹10,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹5,000 का PCM बोनस भी पा सकते हैं, जिससे योग्य ग्राहकों के लिए कुल फायदा और बढ़ जाता है।

Maruti Suzuki Jimny और XL6

फेस्टिव सीजन के दौरान Jimny पर सीधे ₹35,000 का कैश डिस्काउंट मिल रहा है। हालांकि, इस लाइफस्टाइल SUV पर कोई एक्सचेंज बोनस नहीं दिया जा रहा है।

वहीं, XL6 पर ₹31,000 का कैश बेनिफिट, ₹20,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹10,000 का PCM बोनस मिल रहा है।

Maruti Suzuki Grand Vitara: भारी एक्सचेंज बोनस

Maruti Suzuki Grand Vitara Smart Hybrid पर मिलने वाले ऑफर्स इसके वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग हैं। इसके Sigma वेरिएंट पर ₹35,000 का कैश डिस्काउंट मिल रहा है, जबकि Delta वेरिएंट पर ₹25,000 का कैश बेनिफिट दिया जा रहा है। Delta CNG खरीदने वालों को ₹20,000 और Zeta CNG वेरिएंट पर ₹10,000 का कैश डिस्काउंट मिल रहा है।

इसके अलावा, कंपनी Grand Vitara के Zeta, Alpha और AWD वेरिएंट पर 5 साल का वारंटी पैकेज भी दे रही है। चुनिंदा पुराने वाहनों को एक्सचेंज करने पर ग्राहकों को ₹30,000 का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस और पुरानी कार से नई कार में अपग्रेड करने पर ₹20,000 का बोनस मिल सकता है।

Grand Vitara Strong Hybrid पर मिलने वाले फायदे भी काफी आकर्षक हैं। इस वेरिएंट पर ग्राहकों को ₹1.85 लाख तक के रोड टैक्स बेनिफिट का फायदा मिल सकता है। इसके साथ 5 साल का वारंटी पैकेज, ₹50,000 का एक्सचेंज बोनस और चुनिंदा पुरानी कारों को अपग्रेड करने पर ₹30,000 का बोनस भी दिया जा रहा है।

Maruti Suzuki e Vitara: मुफ्त चार्जर और अपग्रेड बोनस

Maruti Suzuki अपनी हाल ही में लॉन्च हुई e-Vitara पर भी फेस्टिव ऑफर्स दे रही है। खरीदारों को मुफ़्त चार्जर और होम इंस्टॉलेशन पैकेज के साथ-साथ ₹30,000 का एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा।

Maruti Suzuki Invicto: ₹80,000 तक की छूट

Invicto MPV पर चुनिंदा पुरानी गाड़ियों के बदले ₹50,000 का एक्सचेंज बोनस और ₹30,000 का अपग्रेड बोनस मिल रहा है।

स्कीम के अतिरिक्त फायदे

Maruti Suzuki का कहना है कि 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के मालिक स्क्रैपेज फायदे के लिए पात्र हो सकते हैं। कंपनी यह भी बताती है कि ग्राहक एक्सचेंज बोनस या स्क्रैपेज बोनस में से कोई एक चुन सकते हैं। दोनों फायदे एक साथ नहीं मिलेंगे।

कंपनी 0 से 6 साल पुरानी गाड़ियों के एक्सचेंज पर PCM बोनस भी दे रही है। यह इंसेंटिव स्टैंडर्ड एक्सचेंज फायदे के अलावा दिया जाता है।

इसके अलावा, अपनी पुरानी Maruti गाड़ी को एक्सचेंज करने वाले मौजूदा Maruti Suzuki ग्राहकों के लिए अपग्रेड लॉयल्टी बोनस भी उपलब्ध है। इस फायदे को एक्सचेंज बोनस के साथ जोड़ा जा सकता है, लेकिन अगर ग्राहक स्क्रैपेज का विकल्प चुनता है तो यह लागू नहीं होगा।

डिस्क्लेमर: ऊपर बताए गए ऑफर सोर्स इमेज में दिए गए स्कीम डॉक्यूमेंट पर आधारित हैं। डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, अपग्रेड फायदे और दूसरे इंसेंटिव शहर, डीलरशिप, वेरिएंट, पात्रता की शर्तों और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी चुनी हुई गाड़ी पर लागू सही ऑफर के बारे में जानने के लिए अपनी नजदीकी Maruti Suzuki डीलरशिप से संपर्क करें।

यह भी पढ़ें: MG Windsor EV का नया Indulge Edition लॉन्च, मिलेगा स्टाइलिश लुक, खास एक्सेसरीज और 332Km की रेंज, जानें कीमत

Jio Platforms IPO: 21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ, जानें प्राइस बैंड से लेकर कारोबारी सेहत तक 8 बड़ी बातें

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी Jio Platforms ने IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बुधवार, 14 अक्टूबर को अहमदाबाद स्थित गुजरात के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास RHP दाखिल किया। इसमें आईपीओ की पूरी रूपरेखा, जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की जानकारी दी गई है। आइए, आईपीओ से जुड़ी 8 बड़ी बातें जानते हैं।

1. 21 अक्टूबर को खुलेगा IPO

Jio Platforms का आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर तय की गई है।

2. 27 करोड़ तक नए शेयर जारी होंगे

इस आईपीओ में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। यानी पुराने निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी। हालांकि, कुल कितनी रकम जुटाई जाएगी, यह अंतिम इश्यू शर्तों पर निर्भर करेगा।

3. जुटाए गए पैसे से चुकाया जाएगा कर्ज

Jio Platforms आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Ltd (RJIL) का कर्ज चुकाने में करेगी। इसके अलावा, कुछ रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च की जाएगी। इससे RJIL पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

4. रिलायंस के शेयरधारकों के लिए ₹2500 करोड़ के शेयर

आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। इसमें तय शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हो सकते हैं, जिनके पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं।

5. कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर

Jio Platforms ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं। कर्मचारी आईपीओ की शर्तों के मुताबिक इन शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह हिस्सा दूसरे निवेशक वर्गों के लिए उपलब्ध शेयरों से अलग होगा।

6. पहली तिमाही में रेवेन्यू 11.8% बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में Jio Platforms का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.8% बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 35,032 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA भी 15.1% बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 18,141 करोड़ रुपये था।

इस दौरान EBITDA मार्जिन 51.78% से बढ़कर 53.26% हो गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,110 करोड़ रुपये था।

7. 1,065 से 1,119 रुपये प्राइस बैंड

Jio Platforms ने आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। लॉट साइज 13 शेयरों का रहेगा। रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी है। इसके लिए ₹14,534 लगेंगे। लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होने वाली है।

8. जियो 53.33 करोड़ ग्राहक

जियो के पास पहली तिमाही के अंत में 53.33 करोड़ ग्राहक थे। तिमाही के दौरान कंपनी ने 89 लाख नए ग्राहक जोड़े। वहीं, प्रति यूजर औसत मासिक रेवेन्यू (ARPU) 215.6 रुपये रहा।

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

CM योगी की मिशन शक्ति से बेटियों को मिला बड़ा मौका, 4 छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाली निदेशक की कमान

CM योगी की मिशन शक्ति से बेटियों को मिला बड़ा मौका, 4 छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाली निदेशक की कमान

CM Yogi Adityanath

योगी सरकार की प्रेरणा से मिशन शक्ति अभियान प्रदेश में बालिकाओं को आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व के व्यावहारिक अवसरों से जोड़ रहा है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), काकोरी, लखनऊ की चार छात्राओं मुस्कान (कक्षा 8), सरिता (कक्षा 8), साक्षी (कक्षा 8) और राधिका (कक्षा 7) ने बुधवार को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर एक दिन की निदेशक के रूप में सांकेतिक दायित्व संभाला। 

 

इस पहल के माध्यम से छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने, विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और जनहित से जुड़े विषयों पर सुझाव रखने का अवसर मिला। प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उनके विचारों को सुना। छात्राओं ने विद्यालयों में रसोई की स्वच्छता, बच्चों को ताजा एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने तथा रसोइयों के प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

 

मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत इस प्रकार की पहल बालिकाओं को नेतृत्व का अनुभव देने के साथ उनकी निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।

 

नेतृत्व का अनुभव, प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ

सांकेतिक पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान चारों छात्राओं ने निदेशक की कुर्सी संभाली और विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने, बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन देने और भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को समय-समय पर स्वच्छता एवं पोषण प्रबंधन का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।

 

स्वच्छता और पोषण पर छात्राओं के सुझाव

छात्राओं ने मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप भोजन तैयार करने, निर्धारित मेन्यू में पोषण का ध्यान रखने और आधुनिक किचन व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने जैसे सुझाव दिए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ बच्चों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की बात कही।

 

निदेशक ने की छात्राओं की पहल की सराहना

मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और समाज में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने के अवसर उपलब्ध कराना है। इस तरह के अनुभव छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और भविष्य में जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

 

विद्यालयों की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर जोर

निदेशक ने छात्राओं की ओर से उठाए गए स्वच्छता एवं पोषण संबंधी विषयों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चल रहा है। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मानकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

Tripura Civic Polls: स्थानीय निकाय चुनाव के लिए त्रिपुरा SEC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, नवंबर में होंगे अगरतला सहित 21 नगरपालिकाओं में चुनाव

Tripura Civic Polls: देश पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में नवंबर में नगरपालिकाओं का चुनाव कराया जाएगा। इस दौरान राज्य की राजधानी अगरतला सहित 21 नगरपालिकाओं में चुनाव होंगे। राज्य में अर्बन लोकल बॉडी चुनाव की तैयारियों के तहत राज्य चुनाव आयोग ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य चुनाव आयुक्त प्रदीप कुमार ने की। बैठक के बाद कुमार ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में चुनावों के लिए उठाए जा रहे तैयारी के कदमों पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के पुलिस पुलिस प्रमुख भी मौजूद थे। उन्होंने राज्य में उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों के चुनाव में उपयोग का मुद्दा उठाया।

बैठक के बाद स्टेट सेक्रेटेरिएट में रिपोर्टर्स से बात करते हुए, राज्य चुनाव आयुक्त (SEC) प्रदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने चुनावों के लिए उठाए जा रहे तैयारी के कदमों पर चर्चा की, जिसमें सुरक्षा बल की तैनाती और अलग-अलग स्तरों पर दूसरे उपाय शामिल हैं। त्रिपुरा में नवंबर में अर्बन लोकल बॉडी चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर स्टेट इलेक्शन कमीशन ने बुधवार को एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई थी। अगरतला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन समेत 21 म्युनिसिपल बॉडीज में चुनाव होंगे।

एसईसी ने कहा, “यह पहली ऑल-पार्टी मीटिंग थी। चुनावों से पहले एक जरूरी काम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का पब्लिकेशन है, जिसके बाद उसका फाइनल पब्लिकेशन होगा।” उन्होंने पत्रकारवार्ता में कहा, “हमने नामांकन प्रक्रिया, नॉमिनेशन फाइल करने का तरीका, स्क्रूटनी और नाम वापस लेने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की। हमने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनावों की घोषणा के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों की जिम्मेदारियों और अधिकारियों की ड्यूटी पर भी चर्चा की।”

चक्रवर्ती ने कहा, “हमने राजनीतिक दलों से चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। हमने चुनाव के दौरान सिक्योरिटी फोर्स की तैनाती पर भी चर्चा की। पॉलिटिकल पार्टियों ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की तैनाती की मांग की है।” उन्होंने आगे कहा, “स्टेट पुलिस चीफ (इनचार्ज) जी एस राव ने बैठक में कहा कि राज्य में मौजूद केंद्रीय सुरक्षा बल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

Delhi industrial policy: कैबिनेट ने दिल्ली को इंडस्ट्रियल हब बनाने की दी मंजूरी, मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना पर खर्च किए जाएंगे 1000 करोड़ रुपये

CM योगी का बड़ा फैसला, 52 रुपए किलो मिलेगी चीनी, 250 रुपए में 5 किलो का पैकेट

CM योगी का बड़ा फैसला, 52 रुपए किलो मिलेगी चीनी, 250 रुपए में 5 किलो का पैकेट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी के दामों को लेकर चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली और आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए विशेष निर्देश दिए। सीएम के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग आमजन को मात्र 52 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराएगा।

उपभोक्ता लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में स्थित चीनी निगम/सहकारी चीनी मिल संघ के चीनी विक्रय केन्द्र से उक्त दर पर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। 01 एवं 02 किलो के पैकेट के दाम क्रमशः 52 व 102 रूपये हैं। 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 250 व 2500 रुपए रखा गया है। 

 

सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर की चीनी के एक किलो व दो किलोग्राम पैकेट का मूल्य क्रमशः 51 व 102 रुपए ही रहेगा, लेकिन 05 किलो व 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 245 व 2400 रुपए रखा गया है। विभाग के अनुसार, चीनी की यह विशेष बिक्री प्रत्येक कार्यदिवस में नियमित रूप से संचालित होगी। आम नागरिक सुबह 10 से सायं 5 बजे तक गन्ना किसान संस्थान परिसर में चीनी बिक्री केंद्र पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की सुविधा और सुगम खरीदारी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उपभोक्ता अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार चीनी की खरीदारी कर सकते हैं।

 

गन्ना विकास विभाग ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनोपयोगी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भविष्य में भी आम जनमानस को इसी प्रकार की व्यावहारिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी Bajaj Consumer Care के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 265 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 71% बढ़कर 82 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 48 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.1% से बढ़कर 24.7% हो गया। यानी कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग प्रदर्शन, दोनों में सुधार हुआ।

घरेलू कारोबार में 30% से ज्यादा ग्रोथ

बजाज कंज्यूमर केयर के घरेलू कारोबार ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही, दोनों में रेवेन्यू 30% से ज्यादा बढ़ा। इसमें प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ने का बड़ा योगदान रहा। कम कीमत वाले पैक की मांग भी मजबूत बनी हुई है। ये कंपनी की ग्रोथ को सहारा दे रहे हैं। तिमाही के आखिर में कंपनी ने ब्रांड की नई पोजिशनिंग के साथ एक कैंपेन भी शुरू किया।

जनरल ट्रेड में दूसरी तिमाही के दौरान ग्रोथ 20% के मध्य स्तर पर रही। पहली छमाही में यह 20% के ऊपरी स्तर पर थी। ग्रामीण बाजारों की ग्रोथ शहरी बाजारों से थोड़ी आगे रही। हालांकि, दोनों जगह मांग मजबूत बनी हुई है। ऑर्गनाइज्ड ट्रेड में ग्रोथ 20% के ऊपरी स्तर पर रही। ई-कॉमर्स और मॉडर्न ट्रेड में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। वहीं, क्विक कॉमर्स इस सेगमेंट का सबसे तेजी से बढ़ने वाला चैनल रहा।

विदेशी बाजारों में भी कारोबार मजबूत

बजाज कंज्यूमर केयर का विदेशी कारोबार कुल कारोबार के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ा। नेपाल, खाड़ी देशों और अफ्रीका में अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई। दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कारोबार में सुधार जारी रहा।

बांग्लादेश में कारोबारी चुनौतियों के बावजूद ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। इससे कंपनी को विदेशी बाजारों से भी अच्छा सहारा मिला।

कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बनीं चिंता

बजाज कंज्यूमर केयर के सामने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की चुनौती है। पश्चिम एशिया में संघर्ष और माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण लाइट लिक्विड पैराफिन महंगा बना हुआ है।

रिफाइंड सरसों तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। संघर्ष से तिलहन की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा, तीसरी तिमाही में अल नीनो के असर की आशंका से कोपरा यानी सूखे नारियल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। खाद्य तेलों की महंगाई से भी लागत बढ़ रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मुनाफे पर इन बढ़ती कीमतों के असर पर नजर रहेगी।

बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरों का हाल

बजाज कंज्यूमर केयर का स्टॉक बुधवार को रिजल्ट से पहले 2.69% की तेजी के साथ 521.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 18.17% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 101% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 6.82 हजार करोड़ रुपये है।

SME IPO पर सख्ती की तैयारी! SEBI का मुनाफे से लेकर ऑफर फॉर सेल तक के नियम बदलने का प्रस्ताव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।