Asian Games में इस तारीख से शुरु होंगे भारतीय पुरुष और महिला टीम के मुकाबले

एशियन गेम्स में अपने खिताब की रक्षा के लिए भारत की तैयारियां क्रिकेट अभियान शुरू होने से काफी पहले ही शुरू हो जाएंगी। पुरुष और महिला दोनों टीमों के सितंबर के मध्य में जापान जाने की उम्मीद है, ताकि वे वहां के माहौल में ढल सकें और अपनी तैयारियों को बेहतर बना सकें।

भारतीय टीमों के 14 या 15 सितंबर के आसपास नागोया के लिए रवाना होने की संभावना है, जिससे उन्हें प्रतियोगिता शुरू होने से पहले वहां सेटल होने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। महिला टूर्नामेंट 17 सितंबर से शुरू होगा, जबकि पुरुषों का अभियान 28 सितंबर से शुरू होगा।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली महिला टीम को अपना अभियान जल्दी शुरू करने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा और उनका पहला मुकाबला 18 सितंबर को मेजबान जापान से होगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष टीम प्रतियोगिता में उतरने से पहले अपनी तैयारियों के तहत दो क्लब टीमों और जापान के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेल सकती है।

कई रिपोर्टों के अनुसार, एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) का एक प्रतिनिधिमंडल भी जापान का दौरा कर सकता है ताकि भाग लेने वाले टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा सके। दोनों भारतीय टीमें डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर प्रतियोगिता में उतरेंगी और उन्हें क्वार्टर फाइनल में सीधे एंट्री मिली है। भारत ने चीन में हुए पिछले संस्करण में पुरुष और महिला दोनों इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था।

शुरुआती चरण पूरे होने के बाद, पुरुष टीम का मुकाबला ग्रुप ए की दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा, जिसमें अफगानिस्तान, जापान और नेपाल शामिल हैं। पुरुषों की प्रतियोगिता में भारत, बंगलादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका चार सीडेड टीमें हैं।

महिला इवेंट में, भारत के लिए क्वार्टर फाइनल का प्रतिद्वंद्वी पहले ही तय हो चुका है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन सहित आठ टीमें सीडेड हैं। महिला फाइनल 22 सितंबर को होना है, जबकि पुरुषों का गोल्ड-मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी 19 सितंबर को नागोया के पास कोरोगी एथलेटिक पार्क में होनी है।

युवा विद्यार्थी मंथन में CM धामी का संवाद, बोले- युवा पीढ़ी के सपनों से बनेगा विकसित उत्तराखंड

युवा विद्यार्थी मंथन में CM धामी का संवाद, बोले- युवा पीढ़ी के सपनों से बनेगा विकसित उत्तराखंड

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में आयोजित ‘युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में युवा विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के विचार और सुझाव सुने तथा उनके भविष्य के सपनों और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनकी सोच को जाना।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि उत्तराखंड की भावी पीढ़ी सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड के निर्माण को लेकर जागरूक है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विचारों को दिशा और आकार देने का काम किया है।

 

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत–विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का फोकस शिक्षा, रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के साथ-साथ पर्यटन, कृषि, खेल और तकनीक जैसे क्षेत्रों को मजबूत बनाने पर है।

 

उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और उनके सुझाव उत्तराखंड के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को बेहतर अवसर, आधुनिक शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ें और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के सहयोग से उत्तराखंड को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकता है।

UP Floods: कानपुर में पांडु नदी के किनारे पर बसे 150 परिवारों का पलायन, गंगा चेतावनी बिंदु पार

UP Floods: कानपुर में पांडु नदी के किनारे पर बसे 150 परिवारों ने पलायन कर लिया है। गंगा चेतावनी बिंदु पार कर गई है। लोगों ने रिश्तेदारों के घरों में आसरा लिया हुआ है। राहत सामग्री बांटी गई है। गंगा खतरे के निशान को पार कर 114.300 मीटर पर पहुंच गई है।

Rajgarh Bus Accident : राजगढ़ में बड़ा स्लीपर बस हादसा, 4 यात्रियों की मौत, ब्रिज पर तिरछी हुई बस, नीचे गिरे यात्री

Rajgarh Bus Accident : राजगढ़ में बड़ा स्लीपर बस हादसा, 4 यात्रियों की मौत, ब्रिज पर तिरछी हुई बस, नीचे गिरे यात्री

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मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में रक्षाबंधन के दिन बड़ा सड़क हादसा हो गया। एबी रोड पर ब्यावरा के भोपाल बायपास के पास एक स्लीपर कोच बस घुमावदार ब्रिज पर हादसे का शिकार हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 4 यात्रियों की मौत की सूचना है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं।

 

बताया जा रहा है कि करीब 90 डिग्री के घुमावदार ब्रिज पर स्लीपर बस अचानक तिरछी हो गई और सड़क पर रगड़ाते हुए आगे बढ़ती चली गई। बस के ऊपरी हिस्से में सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। इस दौरान कई यात्री बस के शीशे टूटने के बाद नीचे जा गिरे।

 

सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखा हादसा

 

हादसा सुबह करीब 7:35 बजे हुआ। उस समय आसपास के लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले हुए थे। प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट अंकुर राजन के मुताबिक, उन्होंने अपनी आंखों के सामने बस से तीन यात्रियों को ऊपरी बर्थ से शीशा टूटने के बाद नीचे गिरते देखा।

 

हादसा देखते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस को पहुंचने में करीब 30 मिनट लग गए। स्थानीय लोगों ने इस दौरान घायलों की मदद की।

 

बस से नीचे गिरते गए यात्री

 

घुमावदार ब्रिज पर बस के तिरछे होकर रगड़ाने के कारण ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कई यात्री बस के अंदर से नीचे गिर गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। महिला और बच्चे भी बदहवास नजर आए।

 

पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने उनका इलाज शुरू किया।

 

त्योहार पर घर लौट रहे थे यात्री

 

बताया जा रहा है कि बस में सवार यात्री रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए अपने-अपने घर जा रहे थे। त्योहार के दिन हुए इस दर्दनाक हादसे ने यात्रियों और उनके परिजनों को झकझोर दिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद कुछ परिजन अस्पताल भी पहुंच गए हैं। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ और बस में कितने यात्री सवार थे, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।

Nepal Flood update: नेपाल में बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हुई, 290 भारतीय नागरिक अभी भी लापता, चीन ने फिर जारी किया अलर्ट

Nepal-Tibet flash flood updates: मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार (28 अगस्त) को बढ़कर 469 हो गई। आपदा के बाद तीसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान जारी रहने के बीच और शव बरामद किए गए। नेपाल पुलिस ने एक बयान में कहा कि आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, चितवन से 178, नवलपरासी पूर्व से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धादिंग जिले से 33 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह तनाहू से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं।

अब तक प्रभावित इलाकों से 1,545 घायलों और फंसे हुए लोगों को निकाला जा चुका है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है। बयान के अनुसार, इस त्रासदी के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा। अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों का मलबा तेजी से नीचे आ गया जिससे बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब मध्य नेपाल से होकर नीचे की ओर बह निकला। इस आपदा ने कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई तथा कई मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। इसके कारण जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।

नेपाल पुलिस के एक बयान में कहा गया कि प्रभावित इलाकों से अब तक 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बचाया गया है। जबकि अन्य 796 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है।

290 भारतीय नागरिक अभी भी लापता

अधिकारियों के सामने एक और चुनौती आ गई है, क्योंकि मलबे की रुकावट के पीछे बढ़ता जलस्तर अचानक पानी के तेज बहाव का खतरा पैदा कर रहा है। इस स्थिति ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाल पुलिस ने बताया कि 28 पुलिसकर्मी अभी भी संपर्क से बाहर हैं। जबकि प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों के लिए 8,386 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, अब तक 1,545 लोग घायल हुए हैं या उन्हें बचाया गया है। मिली लाशों में से 110 नवाल्परासी ईस्ट में मिलीं, जो किसी एक जिले में मिली सबसे ज्यादा संख्या है। चितवन में 108 मौतें दर्ज की गई। जबकि गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, धाडिंग में 33, तनहुन में 28 और नवाल्परासी वेस्ट में 27 लाशें मिलीं। रासुवा में 12 लाशें मिलीं।

पुलिस अपडेट में कुछ प्रभावित जिलों में घायल और बचाए गए लोगों की जानकारी भी दी गई। घायल और बचाए गए लोगों की कैटेगरी में रासुवा में 644, नुवाकोट में 898 और धाडिंग में तीन लोग शामिल थे। इस बीच, नेपाल पुलिस के अपडेट के अनुसार, काठमांडू घाटी के अलग-अलग अस्पतालों में 84 घायल लोगों का इलाज चल रहा था या उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

चीन ने जारी किया अलर्ट

चीन ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद ‘लेवल-चार’ का अलर्ट जारी किया है। चेतावनी दी है कि दो नदियों के संगम के पास बनी एक नई बैरियर झील (Barrier Lake) के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है जिससे निचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ सकती है। बैरियर लेक वह झील होती है जो किसी प्राकृतिक रुकावट के कारण नदी या जलधारा का रास्ता बंद हो जाने से बनती है।

चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने गुरुवार रात तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की और छोचेन खोला तथा पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी इस बैरियर झील से पैदा हुए खतरे को लेकर आगाह किया। ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं। यह नेपाल में भोटे कोशी नदी की धारा का हिस्सा हैं।

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, गुरुवार सुबह तक झील में अनुमानित 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। पूर्वानुमान के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण अगले तीन दिन में झील में पानी का प्रवाह करीब 30 लाख घन मीटर तक पहुंच सकता है जिससे इसके टूटने का खतरा और बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में बाढ़ का पानी नीचे की ओर तेजी से बह सकता है और चीन-नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग पोर्ट तथा आसपास के निचले इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है।

इसके मद्देनजर जल संसाधन मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों को बैरियर झील और बारिश की स्थिति पर कड़ी नजर रखने, मौसम और जल प्रवाह के पूर्वानुमान तथा जोखिम के आकलन को बेहतर बनाने एवं निचले इलाकों में संभावित रूप से प्रभावित होने वाले लोगों की सटीक पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, चीन ने नेपाल सीमा के पास तिब्बत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए उपग्रहों और ड्रोनों को तैनात किया है।

‘झील टूटने से एक और बड़ी आपदा आ सकती है’

चीनी अधिकारियों को आशंका है कि झील टूटने से एक और बड़ी आपदा आ सकती है। ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, चीन की सरकारी इंजीनियरिंग और बचाव कंपनी ‘चीन अन्नोंग’ की आठ सदस्यीय अग्रिम टीम संचार और खोज उपकरणों के साथ बृहस्पतिवार को गिरोंग काउंटी पहुंची। टीम नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध से संबंधित आंकड़े जुटाएगी।

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मौके पर मौजूद बचावकर्मियों के मुताबिक, पोर्ट से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी के ऊपरी हिस्से में जमा मलबे को सुरक्षित रूप से हटाने से पहले अवरोधक झील के खतरे को टालना जरूरी है। फायर कर्मियों ने झील की पूरी परिधि के आसपास कई बिंदु चिह्नित करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इन बिंदुओं के निर्देशांक के आधार पर झील के जल क्षेत्र का आकलन किया जा सकेगा। ड्रोन से मिले दृश्यों में पता चला कि बुधवार रात की तुलना में झील का जलस्तर बढ़ गया।

Rakhi Shubh Muhurat: सुबह का शुभ मुहूर्त चूक गए तो जानिए आज रक्षाबंधन पर कब-कब बांधी जा सकती है राखी और कब नहीं

Rakhi Shubh Muhurat: रक्षा बंधन का पर्व सावन माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। साल 2026 में 27 अगस्त को सुबह 9.08 बजे शुरू हुई पूर्णिमा तिथि आज यानी 28 अगस्त को सुबह 9.48 बजे तक ही व्याप्त थी। 27 अगस्त को सावन पूर्णिमा तिथि सूर्य व्यापिनी नहीं थी। साथ ही, पूर्णिमा तिथि लगने के साथ ही सुबह 9.08 बजे से भद्रा भी लग रही थी। भद्रा को हिंदू धर्म में सबसे अशुभ समय माना जाता है, जिसमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। रक्षा बंधन का पर्व भी भद्रा काल में करने की मनाही है।

वहीं, आज यानी 28 अगस्त को उदयातिथि में सावन पूर्णिमा होने और भद्रा रहित समय मिलने की वजह से रक्षा बंधन का पर्व आज मनाया जा रहा है। लेकिन पूर्णिमा तिथि सुबह जल्दी समाप्त होने के करण ऐसे बहुत से भाई-बहन हैं, जो इस समय में राखी नहीं बांध पाए होंगे। ऐसे में क्या अब वे अपना त्योहार नहीं मना पाएंगे? अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं, तो आज यानी 28 अगस्त को दिन के कुछ अन्य शुभ मुहूर्त हम आपको बता रहे हैं, जिसमें बहनें अपने भाइयों को बिना किसी दुविधा या संकोच के राखी बांध सकती हैं और धूमधाम से पर्व का आनंद ले सकती हैं।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

सावन माह की पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक थी। रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 1 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

राखी बांधने का मुहूर्त 28 अगस्त 2026

चल चौघड़िया : सुबह में 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक।

लाभ चौघड़िया : सुबह में 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक।

अमृत चौघड़िया : सुबह में 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।

शुभ चौघड़िया : दोपहर में 12 बजकर 22 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक।

आज इस समय भूलकर भी न बांधें राखी

ऊपर बताए गए मुहूर्त राखी बांधने के लिए शुभ रहेंगे। लेकिन, इस दौरान आपको कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना होगा। जैसे की राहुकाल और रोग चौघड़िया जैसे अशुभ मुहूर्त में राखी न बांधे। 28 अगस्त को राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक है। वहीं, इस दिन रोग चौघड़िया का समय दोपहर में 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक है। इसके अलावा उद्वेग चौघड़िया दोपहर में 3 बजकर 35 मिनट से 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।

Sawan Purnima Chandra Grahan 2026: सावन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण आज, जानें स्नान-दान का समय और चंद्र ग्रहण के बाद किन चीजों का करें दान

Share Market Rally: रक्षाबंधन को 358 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty भी मजबूत

Share Market Rally: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक और आईटी सेक्टर में खरीदारी के मजबूत रुझानों पर सवार घरेलू स्टॉक मार्केट में भी जोश आ गया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 358 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी चढ़कर 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:08 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 302.45 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 77,236.04 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 61.00 प्वाइंट्स यानी 0.25% के उछाल के साथ 24,151.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 357.86 प्वाइंट्स उछलकर 77,291.45 और निफ्टी भी 75.40 प्वाइंट्स चढ़कर 24,166.25 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज आईटी सेक्टर से शानदार सपोर्ट मिला है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 3% उछल पड़ा। इसे दक्षिण कोरिया के टेकहैवी इंडेक्स कोस्पी की तेज गिरावट से सपोर्ट मिला है। आमतौर पर एआई से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट से आईटी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलता है। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयर मार्केट पर दबाव डाल रहे हैं लेकिन सरकारी बैंकों और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में गिरावट हल्की ही है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.08% की गिरावट के साथ 10.95 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। ताइवान के ताइवान वेटेड और जापान के निक्केई 225 में करीब 1-1% की बढ़त है तो सिंगापुर के स्ट्रैट टाइम्स और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में भी अच्छी बढ़त है। वहीं दक्षिण कोरिया को कोस्पी में 1% से अधिक तो थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Nifty का टेक्निकल आउटलुक

ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए। इस स्तर के ऊपर जाने यानी ब्रेकआउट से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म में इसे 24,000-23,800 के लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है।

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CM मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों को लेकर दिए बड़े निर्देश, सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकस

CM मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों को लेकर दिए बड़े निर्देश, सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार सराहनीय हैं, इन्हें जारी रखा जाए। इसके साथ ही छात्रों के हित में विद्यालयों में अधोसंरचनात्मक विकास के लिए विभिन्न पक्षों का सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का कार्य निरंतर किया जाए।

इसके लिए अभियान संचालित कर कार्यों को पूरा किया जाए। शालाओं में नवीन निर्माण कार्यों की पूर्णता को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में शासकीय शालाओं में अधोसंरचना, संधारण और संचालन व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से संबंधित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग विभिन्न तरह के प्रबंधन को आसान बना देता है। सभी जिले इस दिशा में सक्रियतापूर्वक कार्य किया जाना सुनिश्चित करें। आवश्यकता के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी जैसे सिपरी सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर क्षेत्र के पेयजल स्रोतों और जल स्तर की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। ऐसी जानकारियां विभिन्न कार्यों को जल्दी पूरा करने में उपयोगी सिद्ध होती हैं।

 

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के अच्छे परिणाम मिले हैं। “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन एआई संचालित व्यवस्था का अन्य राज्यों द्वारा भी अध्ययन किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिये ई-अटेंडेंस अनिवार्य करने के बाद ई-अटेंडेंस 95 प्रतिशत तक हो गई है। न्यूनतम शिक्षण अवधि के अनुसार पठन-पाठन सुनिश्चित करने के कार्य में सफलता मिली है। मध्यप्रदेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम का बेहतर क्रियान्वयन कर रहा है। स्वच्छ और हरित विद्यालय कार्यक्रम में प्रदेश के 2 विद्यालय रतलाम जिले के जावरा के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और भोपाल के शासकीय कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है।

 

गत 2 वर्ष में समेकित छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन कर लगभग सवा करोड़ छात्र हितग्राही लाभान्वित किए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए योजना अंतर्गत राशि का भुगतान शिक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थियों के खातों में किया गया है। गत 2 वर्ष में विद्यार्थियों को 696 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विद्यालयवार अधोसंरचनात्मक विकास की विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। विभिन्न विभागों के अंतर्गत उपलब्ध बजट से शाला भवनों में आवश्यक अधोसंरचना, अनुरक्षण एवं संधारण के कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा क्रियाशील शौचालयों की उपलब्धता स्थानीय निकायों के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। इसी तरह उद्योग जगत और निवेशकों का सहयोग भी विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर समन्वय एवं पर्यवेक्षण करेंगे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए पूर्व छात्रों के सम्मेलन भी होना चाहिए। अनेक पूर्व छात्र अपनी पुरानी शिक्षण संस्था के विकास में सहयोगी होते हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि अधोसंरचनात्मक विकास के लिए सीएसआर, डीएमएफ, सांसद, विधायक निधि, स्थानीय संस्थाओं, जनभागीदारी तथा अन्य वैकल्पिक स्रोतों से सहयोग लिया जा रहा है। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह वर्चुअल जुड़े।मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GSRTC का नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड : 26 अगस्त को एक ही दिन में 88,626 टिकटों की स्मार्टफोन बुकिंग

GSRTC का नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड : 26 अगस्त को एक ही दिन में 88,626 टिकटों की स्मार्टफोन बुकिंग

bus booking hindi

गुजरात में एसटी बस से यात्रा करने वाले नागरिक अब तेजी से डिजिटल सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं। इसका सीधा और सकारात्मक असर GSRTC (गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम) की आधिकारिक मोबाइल ऐप पर दिखाई दे रहा है। 26 अगस्त का दिन एसटी निगम के लिए बेहद खास साबित हुआ, क्योंकि इस एक ही दिन में यात्रियों ने मोबाइल ऐप के जरिए रिकॉर्डतोड़ 88,626 टिकटों की बुकिंग की, जो अब तक का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है।

 

पुराना 85,247 टिकटों का रिकॉर्ड टूटा

 

GSRTC के इतिहास में मोबाइल ऐप बुकिंग का पिछला सर्वोच्च रिकॉर्ड 85,247 टिकटों का था। 26 अगस्त को दर्ज की गई 88,626 टिकट बुकिंग के साथ यह पुराना रिकॉर्ड टूट गया है और एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि एसटी निगम की डिजिटल सेवाओं का दायरा पूरे राज्य में कितनी तेजी से फैल रहा है।

 

डिजिटल सेवाओं पर बढ़ा यात्रियों का भरोसा

 

पहले बस की टिकट लेने के लिए यात्रियों को बस स्टैंड की लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता था या बुकिंग काउंटर तक चक्कर लगाने पड़ते थे। अब मोबाइल ऐप के आसान इंटरफेस की वजह से लोग घर बैठे ही अपनी यात्रा का एडवांस प्लान बना रहे हैं। कौन सी बस, कौन सा समय और कौन सी सीट चुननी है, यह तमाम सुविधाएं उंगलियों के इशारे पर उपलब्ध होने से लोगों का भरोसा टेक्नोलॉजी पर बढ़ा है।

 

समय की बचत और सफर हुआ बेहद आसान

 

डिजिटल बुकिंग के इस ट्रेंड से यात्रियों का कीमती समय बच रहा है और यात्रा शुरू करने से पहले ही कंफर्म टिकट मिल जाने से मानसिक शांति भी रहती है। इसके साथ ही एसटी निगम के लिए भी काउंटरों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो गया है। समय पर बुकिंग और तकनीक के इस बेहतर मेल से गुजरात की सार्वजनिक परिवहन सेवा और अधिक आधुनिक बन रही है।

 

आने वाले समय में नए शिखर छूने की संभावना

 

26 अगस्त को हासिल हुई यह उपलब्धि सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि गुजरात के नागरिकों की बदलती डिजिटल जीवन शैली का प्रमाण है। यात्री जिस तरह से मोबाइल ऐप को प्राथमिकता दे रहे हैं, उसे देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी त्योहारों और छुट्टियों के दिनों में दैनिक टिकट बुकिंग के आंकड़े नए रिकॉर्ड बना सकते हैं।