
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और मलबे के सैलाब ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर/बर्फ-चट्टान के खिसकने से आई फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। सड़कों, घरों और बुनियादी ढांचे पर बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है।

सैलाब ने मचाई भारी तबाही
प्रारंभिक सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक लेंडे नदी में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से मलबे वाली बाढ़ आई, जिसने नदी के आसपास बड़े क्षेत्र को प्रभावित किया। बाढ़ और मलबे के तेज बहाव से नेपाल की करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
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चीन के तिब्बत में भी तबाही
तिब्बत के गिरोंग काउंटी में बाढ़ ने गिरोंग बंदरगाह को प्रभावित किया। ड्रोन तस्वीरों में कई इमारतें मलबे में दबी दिखाई दीं। शिगात्से क्षेत्र में बाढ़ के कारण सड़कें, संचार व्यवस्था और बिजली की लाइनें प्रभावित हुईं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें बढ़ीं। इतनी बड़ी तबाही की आशंका की जानकारी ना नेपाल और ना ही चीन की तरफ से दी जा सकी थी। नेपाल और चीन के बीच मौसम संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था होने के बावजूद, इस हालिया घटना के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं मिली थी। नेपाल के जल और मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी। हालांकि नेपाल में मौजूद चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन वायरल ख़बरों का खंडन किया जिनमें दावा किया जा रहा है कि चीन ने नेपाल को हादसे के पारे में पूर्व चेतावनी नहीं दी जिसकी वजह से नेपाल में इतनी तबाही मची।

1500 से ज्यादा लोग लापता
तबाही के बाद 1500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। लापता भारतीयों में बड़ी संख्या कैलास-मानसरोवर तीर्थयात्रियों की बताई जा रही है। परिजनों में अपनों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत में भी बढ़ा बाढ़ का खतरा
नेपाल में आई बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। दोनों राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारत में एनडीआरएफ की 20 टीमों को तैनात किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

नेपाल में आई इस भयावह आपदा ने 2013 में उत्तराखंड की केदारनाथ घाटी में आई विनाशकारी बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं।


