FMGE exam 2026: विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत में रजिस्टर करने के लिए मिल सकते हैं 3 मौके, एनबीईएमएस बड़े बदलाव करने को तैयार

FMGE exam 2026: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने विदेश से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) में कई बड़े और छात्र-हितैषी बदलावों का फैसला किया है। सबसे बड़ी घोषणाओं के अनुसार, अक्टूबर 2026 के आखिर तक एक और एफएमजीई परीक्षा होगी। इससे विदेशी चिकित्सा स्नातकों को परीक्षा जल्दी क्लियर करने का एक और मौका मिलेगा।

यह फैसला एनबीईएमएस अधिकारियों और ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन, फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट विंग (AIMSA-FMSW) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया है। एनबीईएमएस के भरोसे के बाद, एआईएमएसए-एफएमएसडब्लू ने अपना विरोध वापस लेने का फैसला किया है। हालांकि एनबीईएमएस ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स (300 में से 150 अंक) में कोई छूट या बदलाव नहीं किया जाएगा।

मुख्य बदलाव और राहतें

साल में 3 बार परीक्षा : अब तक साल में केवल 2 बार (जून और दिसंबर) होने वाली यह परीक्षा अगले सत्र से साल में 3 बार (दिसंबर/जनवरी, अप्रैल/मई और अगस्त/सितंबर) आयोजित की जाएगी।

अक्टूबर 2026 में अतिरिक्त मौका : जून 2026 के नतीजों के विरोध और छात्रों के अनशन के बाद एनबीईएमएस ने इसी साल अक्टूबर 2026 के अंत तक एक अतिरिक्त एफएमजीई परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।

आसान और संतुलित परीक्षा पैटर्न : प्रश्न पत्र में कठिनाई के स्तर को संतुलित रखा जाएगा, जिसमें 30% आसान, 50% मध्यम और 20% कठिन प्रश्न होंगे।

परीक्षा शुल्क में कटौती : आगामी चक्रों से एफएमजीई की आवेदन फीस को भी कम किया जाएगा।

पारदर्शिता और अतिरिक्त समय

छात्रों को उनके प्रश्न ID, सही उत्तर ID, मार्क्ड रिस्पॉन्स और प्राप्त अंक पोर्टल पर दिखाई देंगे।

बायोमेट्रिक प्रक्रिया में लगे समय की भरपाई के लिए हर सेक्शन में 1 मिनट अतिरिक्त (अधिकतम 3 मिनट प्रति शिफ्ट) का समय दिया जाएगा।

एफएमजीई जून 2026 कानूनी मामले पर अपडेट

दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे मामले में, एनबीईएमएस ने बताया कि एफएमजीई जून 2026 परीक्षा में 14 वीडियो-बेस्ड सवाल शामिल किए गए थे। एनबीईएमएस, एफएमजीई से जुड़े मामलों के लिए अपनी शिकायत सुलझाने वाली कमिटी में एफएमजी के एक प्रतिनिधि को शामिल करने के अनुरोध पर भी विचार करेगा। बोर्ड ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वह विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के साथ अपनी बातचीत बढ़ाएगा।

UP Board: कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए भी जरूरी होगी APAAR ID, 12 अंकों का डिजिटल पहचान पत्र शैक्षिक रिकॉर्ड रखेगा सुरक्षित

UP Board: कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए भी जरूरी होगी APAAR ID, 12 अंकों का डिजिटल पहचान पत्र शैक्षिक रिकॉर्ड रखेगा सुरक्षित

UP Board APAAR ID 2026: नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। यूपी बोर्ड ने नए सत्र से छात्रों को अपनी APAAR ID बनवाने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म के पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।

परिषद का कहना है कि ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनाई जाने वाली अपार आईडी के जरिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सही शैक्षणिक विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।

यूपी बोर्ड वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की व्यवस्था के जरिए छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। अभी कक्षा 9 और 11 के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों के परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, अपार आईडी को लेकर यूपी बोर्ड की अपील छात्रों और अभिभावकों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि परिषद चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए अपनी डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार रखें। हालांकि इसे परीक्षा फॉर्म या अग्रिम पंजीकरण में दर्ज करना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे स्कूल की पढ़ाई से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद मिल सकेगी।

क्या है अपार आईडी?

अपार आईडी छात्रों की 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है। यह छात्र की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत छात्र के शैक्षणिक क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। शिक्षा से जुड़ी छात्र की हर जानकारी एक डिजिटल पहचान से जोड़ी जा सकती है।

कागजी प्रमाणपत्र पर नहीं रहेंगे निर्भर

अपार आईडी का एक बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए विद्यार्थियों के जरूरी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसकी मदद से छात्रों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए सिर्फ कागजी प्रमाणपत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

छात्रवृत्ति पाना भी होगा आसान

परिषद के मुताबिक अपार आईडी के जरिए छात्रों का सही विवरण और आंकड़े उपलब्ध रहने से उन्हें छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने में मदद मिलेगी। अपार आईडी सिर्फ पहचान संख्या नहीं होगी बल्कि छात्र के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का जरिया भी बनेगी।

परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी देना अनिवार्य नहीं

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम पंजीकरण या परीक्षा आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना फिलहाल अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद परिषद विद्यार्थियों के व्यापक हित को देखते हुए इसे बनवाने और पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराने का अनुरोध कर रहा है। सचिव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने में सहयोग करें। परिषद के सचिव के मुताबिक अपार आईडी बनाने का काम अभिभावकों की सहमति से पूरा किया जाता है।

Bihar Board Exam 2027: बिहार बोर्ड ने शुरू की नए सत्र की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, 10वीं-12वीं की मार्कशीट में बड़े बदलाव के साथ फॉर्म भरने शुरू

DU Admission on 12th Marks: दिल्ली यूनीवर्सिटी के ये कॉलेज दे रहे हैं 12वीं के नंबरों पर एडमिशन, कॉलेज और कोर्स की पूरी लिस्ट यहां देखें

DU Admission on 12th Marks: 12वीं कक्षा के कई छात्र ऐसे होंगे, जो सीयूईटी प्रवेश परीक्षा से चूक गए होंगे या जिनका स्कोर डीयू में प्रवेश के लिए पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे छात्रों को अब दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के 15 कॉलेजों में चल रहे विभिन्न कोर्स में प्रवेश मिल सकता है। डीयू के इन कॉलेजों में 12वीं कक्षा के नंबरों के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के स्कोर की जरूरत नहीं है।

डीयू ने 15 कॉलेजों के विभिन्न कोर्स में खाली सीटों को भरने के मकसद से एक सीमित कदम उठाते हुए 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट छात्रों को सीयूईटी-यूजी स्कोर के बजाय कक्षा 12 के मार्क्स के आधार पर प्रवेश देने की इजाजत दी है। लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार इन कॉलेजों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होंगे, जिसमें उम्मीदवारों को अपने चयनित पाठ्यक्रम के लिए योग्यता की शर्तें पूरी करनी होंगी। इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि डीयू ने सीयूईटी को छोड़ दिया है। यह नियम सिर्फ यूनिवर्सिटी के नोटिस में बताए गए कॉलेजों और कोर्सेज पर और उन कैंडिडेट्स पर लागू होता है जिन्होंने पहले से डीयू के कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है।

डीयू के कॉलेज जहां 12वीं के नंबरों पर मिल रहा प्रवेश

देशबंधु कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.एससी. (प्रोग.) एप्लाइड फिजिकल साइंसेज इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री के साथ

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज

बी.ए. प्रोग्राम (पंजाबी + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (तमिल + अंग्रेजी)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स

बी.एससी. (ऑनर्स) होम साइंस

बी.एससी. (प्रोग.) होम साइंस

कालिंदी कॉलेज

बी.एससी. (ऑनर्स) गणित

लक्ष्मीबाई कॉलेज

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + समाजशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (पंजाबी + राजनीति विज्ञान)

बी.ए. प्रोग्राम (इतिहास + संगीत)

बी.ए. प्रोग्राम (कंप्यूटर एप्लीकेशन + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (कम्युनिटी साइंस + दर्शनशास्त्र)

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.एससी. (ऑनर्स) होम साइंस

महाराजा अग्रसेन कॉलेज

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

माता सुंदरी कॉलेज फॉर विमेन

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) पंजाबी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.ए. (ऑनर्स) दर्शनशास्त्र

पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

राजधानी कॉलेज

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस इलेक्ट्रॉ निक्स के साथ

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

सत्यवती कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.ए. (ऑनर्स) उर्दू

बी.ए. प्रोग्राम (इतिहास + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (उर्दू + राजनीति विज्ञान)

सत्यवती कॉलेज (इवनिंग)

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज फॉर विमेन

बी.एससी. (ऑनर्स) इलेक्ट्रॉ निक्स

बी.एससी. (ऑनर्स) इंस्ट्रूमेंटेमेंटेशन

बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी

बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान

श्री अरबिंदो कॉलेज

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी

बी.एससी. (ऑनर्स) रसायन विज्ञान

बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी

बी.एससी. (प्रोग.) लाइफ साइंस

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंस केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + अर्थशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + राजनीति विज्ञान)

बी.ए. प्रोग्राम (कंप्यूटर साइंस + अर्थशास्त्र)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + इतिहास)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (संस्कृत + गणित)

बी.ए. प्रोग्राम (अर्थशास्त्र + राजनीति विज्ञान)

जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज

बी.ए. (ऑनर्स) अरबी

बी.ए. (ऑनर्स) फारसी

बी.ए. (ऑनर्स) उर्दू

बी.ए. (ऑनर्स) बंगाली

बी.ए. (ऑनर्स) संस्कृत

बी.एससी. (प्रोग.) फिजिकल साइंसेज केमिस्ट्री के साथ

बी.ए. प्रोग्राम (दर्शनशास्त्र + अरबी/बंगाली/फारसी/संस्कृत/उर्दू)

UP Board Exams 2027: यूपी बोर्ड 29 अक्टूबर तक फाइनल करेगा परीक्षा केंद्रों की लिस्ट, ऑनलाइन प्रक्रिया से चुने जाएंगे केंद्र

UP Board Exams 2027: यूपी बोर्ड 29 अक्टूबर तक फाइनल करेगा परीक्षा केंद्रों की लिस्ट, ऑनलाइन प्रक्रिया से चुने जाएंगे केंद्र

UP Board Exams 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में हाईस्कूल (10वीं कक्षा) और इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, बोर्ड ने पहले जारी शेड्यूल में भी बदलाव किया है। बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल अपने संसाधन और इंफ्रास्ट्रक्चर का विवरण 24 अगस्त तक अपलोड कर सकेंगे। स्कूल की सुविधाओं का प्रत्यक्ष सत्यापन, आपत्ति मांगने और उनका निपटारा करने और परीक्षा केंद्रों को फाइनल करने की तारीखें भी बढ़ा दी गई हैं।

बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी किए गए बदले हुए कार्यक्रम के अनुसार, प्रिंसिपल द्वारा बोर्ड पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा बनाई गई तहसील स्तर की कमेटियां 3 सितंबर तक प्रत्यक्ष रूप से सत्यापित करेंगी। डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स (DIOS) के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर वेरिफिकेशन रिपोर्ट अपलोड करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर तय की गई है। तारीखों में यह बदलाव उन रिपोर्ट्स के बाद किया गया है, जिनमें कहा गया था कि कई डीआईओएस कार्यालयों ने 647 स्कूलों से जुड़े वेरिफिकेशन डॉक्यूमेंट्स निर्धारित समयसीमा के अंदर अपलोड नहीं किए थे।

चुने गए परीक्षा केंद्रों की सूची, स्कूल-वाइज छात्र आवंटन के साथ, जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीस समिति द्वारा स्क्रूटनी के लिए 21 सितंबर को ऑनलाइन दिखाई जाएगी। प्रिंसिपल 28 सितंबर तक लिस्ट की जांच कर सकेंगे और आपत्ति दे सकेंगे।

जिला स्तरीय समिति इन आपत्तियों पर विचार करेगी और उनका निपटारा करेगी और 8 अक्टूबर तक डीआईओएस के जरिए अपनी अप्रूवल रिपोर्ट भेजेगी। रिवाइज्ड लिस्ट बाद में 17 अक्टूबर को सार्वजनिक सूचना के लिए पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिससे सभी पक्ष आगे ऑब्जेक्शन उठा सकेंगे। यूपी बोर्ड केंद्रों को फाइनल करने से पहले इन आपत्तियों की जांच करेगा। छात्र आवंटन सहित अंतिम सूवी 29 अक्टूबर को बोर्ड वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

यूपी बोर्ड हर साल बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर देता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 2027 में भी परीक्षा केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के माध्यम से केंद्रों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने से मनमाने तरीके से परीक्षा केंद्र बनाए जाने की आशंका कम होगी। बोर्ड का मकसद परीक्षा को निष्पक्ष और नकल विहीन तरीके से कराना है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में 1 साल के PG कोर्स के लिए 5857 सीटें जुड़ीं, जानें 4-साल की डिग्री के बाद सीधे PhD का नियम

UP Board Exam 2027: नए पैटर्न का होगा यूपी बोर्ड 12वीं के छात्र का प्रश्न पत्र, 80 नंबर की लिखित परीक्षा में हर यूनिट से आएंगे सवाल

UP Board Exam 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में इंटरमीडिएट यानी 11वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा पैटर्न में बदलाव की घोषणा की है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF)-2023 और राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र (PARAKH) की सिफारिशों के आधार पर नए सत्र से कक्षा 11 में लागू किया जाएगा। इसके तहत यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट कक्षा की लिखित परीक्षा 80 नंबरों की होगी, जबकि 20 नंबर आंतरिक मूल्यांकन के लिए होंगे।

वर्तमान में यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान जैसे विषयों में 70-70 नंबर की लिखित और 30-30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षा होती है। वहीं हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र जैसे गैर प्रायोगिक विषयों में 100-100 नंबर की लिखित परीक्षा होती है। लेकिन इन बदलावों के लागू होने के बाद अब गैर प्रायोगिक विषयों में भी 20-20 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगात्मक परीक्षा 30-30 अंकों की बजाय 20-20 नंबर की कराने का निर्णय लिया गया है। अगले शैक्षणिक सत्र से यह बदलाव कक्षा 11 से लागू करने की तैयारी है।

11वीं-12वीं के पेपर में होंगे 35% अनुप्रयोग आधारित प्रश्न

राज्य शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों ने कक्षा 11 व 12 के लिए इतिहास, भूगोल, इकोनॉमिक्स और सिविक्स के सैंपल पेपर तैयार किए हैं। इनमें परख के सुझावों के अनुसार सबसे ज्यादा 35% अंकों के सवाल एप्लिकेशन बेस्ड होंगे। पहले यूपी बोर्ड में ज्ञान (20%), बोध (30%), एप्लिकेशन बेस्ड (30%) और कौशल (20%) के चार बिन्दुओं आधार पर प्रश्नपत्र सेट किया जाता था और मूल्यांकन होता था। मगर अब नए प्रश्नपत्र के जरिए ज्ञान (17.5%), बोध (17.5%), अनुप्रयोग (35%), विश्लेषण (22%), मूल्यांकन (4%) और सृजन (4%) छह मानकों के आधार पर छात्रों को परखा जाएगा।

हर यूनिट आएगा पेपर में सवाल

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें हर यूनिट से प्रश्न पूछना अनिवार्य किया गया है और हर यूनिट का वेटेज भी निर्धारित किया गया है। छात्रों के लिए हर यूनिट को पढ़ना जरूरी होगा, क्योंकि बाहरी विकल्प के प्रश्न पेपर में नहीं रखे गए हैं। वर्णनात्मक प्रश्नों की संख्या कम की गयी है। प्रत्येक विस्तृत उत्तरीय प्रश्नों में आंतरिक विकल्प में रूप में प्रश्न दिए गए हैं जो उसी यूनिट, उसी उद्देश्य और उसी कठिनाई स्तर के होंगे। पेपर में दिए गए सवालों से छात्रों में मूल्यांकन करने की क्षमता, विश्लेषण एक सृजनात्मक शक्ति के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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