Viral Video: ट्रेन से बेडशीट चुराते पकड़े गया ये कपल, TTE के टोकने पर महिला देने लगी अजीब दलील

Viral Video: भारतीय रेलवे की AC ट्रेनों में यात्रियों को दिए जाने वाले बेडरोल, चादर और तौलिये के गायब होने का मुद्दा सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक कपल रेलवे की चादरें अपने सामान में ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दौरान पकड़े जाने पर महिला ने सफाई देते हुए दावा किया कि उन्होंने चादरें इसलिए रख ली थीं क्योंकि TTE ने उनसे अधिक पैसे लिए थे। बता दें कि ऐसी चारी की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं।

AC कोच से बेडशीट और तौलिए जैसे सामान का गायब होना लंबे समय से भारतीय रेलवे के लिए चिंता का विषय रहा है। इस समस्या से न केवल रेलवे को नुकसान हुआ है। बल्कि यह सवाल भी उठा है कि जब इन्वेंट्री से ये चीजें गायब हो जाती हैं तो इनकी कीमत कौन चुकाता है।

सूटकेस खुलवाया तो अंदर मिलीं रेलवे की चादरें

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @arunruby08 नाम के यूजर की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में एक व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर खड़ा दिखाई देता है। वीडियो बना रहा शख्स उससे सूटकेस खोलने के लिए कहता है। यात्री के बैग खोलने पर उसमें रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई गई चादरों का एक पैकेट दिखाई देता है, जिसे वह बाहर निकालकर वापस कर देता है। इस दौरान महिला वीडियो बनाए जाने पर आपत्ति जताती है। वह इसे ‘फालतू का ड्रामा’ बताती है।

वह बार-बार वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए कहती है। जब उनसे पूछा जाता है कि अतिरिक्त पैसे किसने लिए थे, तो महिला जवाब देती है- TC ने…।” इसके बाद वीडियो बना रहा व्यक्ति उन्हें याद दिलाता है कि बेडशीट रेलवे की संपत्ति है, TTE की नहीं, जिसे अतिरिक्त पैसे लिए जाने के कारण अपने साथ ले जाया जा सकता है। महिला फिर कहती है कि उन्होंने अतिरिक्त पैसे लिए जाने की वजह से चादरें रख ली थीं और अब उन्हें वापस कर रहे हैं।

‘चोरी और सीनाजोरी…’

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने कपल की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रेन में यात्रियों को दी जाने वाली चादरें और कंबल यात्रा के बाद वापस किए जाने होते हैं। एक यूजर ने लिखा, “इसे लगा कि टिकट के साथ फ्री है, कुर्ता-पायजामा बनाने के लिए।” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “इसी को कहते हैं चोरी और सीनाजोरी…।”

एक अन्य शख्स ने लिखा, “एक तो चोरी, ऊपर से तेवर तो देखो।” एक और यूजर ने कहा, “क्या टाइम आ गया है… खुद गलत भी करो और झगड़ा, गुस्सा भी दिखाओ।” कुछ यूजर्स ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी की। एक कमेंट में रेलवे से PNR के जरिए यात्रियों की जानकारी निकालकर कानूनी नोटिस और जुर्माना भेजने की मांग की गई है। इसी टिप्पणी में दावा किया गया कि 2022 के बाद चार वर्षों में 1.27 करोड़ चादरें, तौलिये, कंबल और तकिए चोरी हुए हैं। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

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रेलवे के सामने पुरानी चुनौती है चोरी कांड

ट्रेनों से लिनेन गायब होने की समस्या रेलवे के लिए लंबे समय से चिंता का विषय रही है। चादर, कंबल और तौलिये जैसी वस्तुओं के गायब होने से रेलवे के इन्वेंट्री पर असर पड़ता है। उनकी दोबारा खरीद पर अतिरिक्त खर्च होता है। हालांकि, वायरल वीडियो में महिला द्वारा TTE पर एक्स्ट्रा पैसे लिए जाने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस बारे में भारतीय रेलवे की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

मुंबई में शख्स 1 लाख की सैलरी में से 50,000 का देता था किराया , चार्टर्ड अकाउंटेंट बोला मेरे लिए ये बेस्ट ‘इन्वेस्टमेंट’ है

चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंटेंट क्रिएटर कुशल लोढ़ा ने बताया है कि कैसे मुंबई में रहते हुए उन्होंने एक बार अपनी महीने की सैलरी का आधा हिस्सा किराए पर खर्च कर दिया था। उन्होंने बताया कि वे महीने के ₹1 लाख कमाते थे और लोअर परेल में घर के लिए ₹50,000 किराया देते थे।

लोढ़ा के लिए ज्यादा किराया सिर्फ रहने का खर्च नहीं था। उनका मानना ​​था कि वे जिस इलाके में रहते थे, उसका उनकी सोच, लक्ष्यों और काम करने के तरीके पर सीधा असर पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह फैसला सही था, भले ही उनके आस-पास के लोगों ने इस पर सवाल उठाए हों।

लोढ़ा 50,000 महीना किराया देते थे

लोढ़ा ने अपने X पोस्ट में कहा, “जब मैं महीने में ₹1 लाख कमाता था तो मैं लोअर परेल में रहने चला गया और ₹50,000 किराया देता था।” उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना मुश्किल लगता था कि वह अपनी कमाई का इतना बड़ा हिस्सा किराए पर क्यों खर्च करना चाहते थे।

कुछ लोगों ने तो इस फैसले के लिए उन्हें “पागल” भी कहा। हालांकि लोढ़ा के मुताबिक लोअर परेल में रहने से उन्हें ऐसा माहौल मिला, जिसने उनके करियर और काम को देखने का नजरिया बदल दिया। उन्हें लगा कि उनके आस-पास के लोग, जीवनशैली और मौकों ने उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा- अपनी सैलरी का 50% किराए पर खर्च करने के लिए सबने मुझे पागल कहा। लेकिन उस माहौल ने मेरे सोचने और काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।”

उन्होंने किराए को एक निवेश के तौर पर देखा

लोढ़ा ने कहा कि हर महीने जो रकम वह देते थे, उसे सिर्फ घर के किराए के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके लिए आस-पास का माहौल भी जरूरी था क्योंकि वह उनकी महत्वाकांक्षाओं पर असर डाल सकता था। कभी-कभी किसी जगह की कीमत उसके किराए से नहीं मापी जाती। यह उस महत्वाकांक्षा से मापी जाती है, जो वह आपके अंदर पैदा करती है। उनकी बातों से इस बात पर भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या किसी खास इलाके में रहने के लिए ज्यादा खर्च करने से ऐसे फायदे हो सकते हैं, जिन्हें पैसों में मापना मुश्किल हो।

यूजर्स ने माहौल की अहमियत पर चर्चा की

कई यूजर्स लोढ़ा की बात से सहमत थे और उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के आस-पास का माहौल उसकी तरक्की में भूमिका निभा सकता है। एक यूजर ने कहा कि महत्वाकांक्षी लोगों और नए मौकों के बीच रहने का ऐसा असर हो सकता है जिसे हमेशा आंकड़ों के जरिए नहीं दिखाया जा सकता।

यूजर्स ने माहौल की अहमियत पर चर्चा की

कई यूजर्स लोढ़ा की बात से सहमत थे और उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के आस-पास का माहौल उसकी तरक्की में भूमिका निभा सकता है। एक यूजर ने कहा कि महत्वाकांक्षी लोगों और नए मौकों के बीच रहने का ऐसा असर हो सकता है जिसे हमेशा आंकड़ों के जरिए नहीं दिखाया जा सकता।

एक यूजर ने कमेंट सेक्शन में कहा, “यह आपको जीवन की जो गुणवत्ता देता है, उसे असल में पैसों के रूप में नहीं मापा जा सकता। यह हमें कई ऐसी चीज़ें देता है जिन्हें मापा नहीं जा सकता। और हर चीज़ का विश्लेषण नहीं किया जाना चाहिए। जीवन में भावनात्मक फ़ैसलों की भी जरूरत होती है।”

Swara Bhasker: ‘इतनी दुखी थी कि सारे मुस्लिम दोस्तों से मांगी थी माफी’, राम जन्मभूमि पर आए फैसले पर स्वरा भास्कर ने दिया विवादित बयान

Swara Bhasker: एक्टर स्वरा भास्कर ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के 2019 के राम जन्मभूमि फैसले पर बात करते हुए कहा कि एक हिंदू होने के नाते उन्हें “बहुत शर्म” महसूस हुई। एक्ट्रेस ने आगे कहा कि उन्होंने तुरंत आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान जैसे मुस्लिम दोस्तों से संपर्क किया और “माफी मांगी।”

स्वरा भास्कर ने 2019 के अयोध्या फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बताया

‘द मिडनाइट आवर’ पॉडकास्ट पर फ़ैसले के बारे में बात करते हुए, स्वरा ने बताया कि फैसले के बाद उन्होंने अपनी फोन बुक में मौजूद “सभी मुसलमानों” को मैसेज किया। उन्होंने कहा, “जब फैसला आया तो मैं बहुत परेशान थी, क्योंकि मुझे लगा कि यह बहुत अन्यायपूर्ण था। मैंने अपनी फोनबुक में मौजूद सभी मुसलमानों को मैसेज किया। आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान से लेकर फहद अहमद तक।”

“मैं इतनी परेशान थी कि मैं उन सभी मुसलमानों से संपर्क करना चाहती थी, जिन्हें मैं जानती हूं और उनसे कहना चाहती थी कि ‘एक हिंदू होने के नाते, मैं बस इतना बताना चाहती हूं कि मुझे सच में अफसोस है, मुझे सच में शर्म आ रही है। मैं इससे सहमत नहीं हूं’।” स्वरा की इन बातों पर सोशल मीडिया पर एक बार फिर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लोगों ने अयोध्या फैसले पर उनके रुख की आलोचना की है।

अयोध्या फैसले के बारे में

जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या विवाद उस जगह को लेकर था जहां 1992 में गिराए जाने से पहले बाबरी मस्जिद थी। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश में विवादित जमीन राम मंदिर के निर्माण के लिए दे दी गई। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए। इस तरह सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद को खत्म कर दिया।

उनकी बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर एक यूजर ने लिखा, “स्वरा भास्कर राम मंदिर फैसले से परेशान थीं। कभी-कभी मुझे सच में उनके लिए बुरा लगता है; वह काम पाने की उम्मीद में दिन-रात बॉलीवुड की तारीफ करती रहती हैं, लेकिन किसी तरह काम कभी नहीं मिलता।”

एक और यूजर ने लिखा, “बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर राम मंदिर फैसले से परेशान थीं। लाखों लोगों ने ऐतिहासिक अयोध्या फैसले का जश्न मनाया। लेकिन स्वरा भास्कर? राम मंदिर का मुद्दा बॉलीवुड की सबसे बड़ी बहस का कारण बना हुआ है।” यह तब हुआ है जब स्वरा को ‘पद्मावत’ पर अपनी टिप्पणियों के कारण पहले भी भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था, जिसमें उन्होंने जौहर वाले सीन की कड़ी आलोचना की थी। कई लोगों ने उनकी इन टिप्पणियों के लिए उनकी आलोचना की थी।

Triumph Speed 400 and Tracker 400 prices reduced by up to Rs 7,000

Triumph Speed 400 and Tracker 400 prices reduced by up to Rs 7,000
An outside image showing the Triumph Speed 400 and Tracker 400 side-by-side

Two months after it last increased the prices of all of their 400 motorcycles (with a 350cc engine), Triumph is back with a price change, but this time, it’s reducing the prices for two of them. This is the third time the prices are being revised this year since June. While the Scrambler 400 X hasn’t gotten any more affordable, it gets a new colour option.

All prices mentioned are ex-showroom, Delhi.

  1. Triumph has six 400 motorcycles in India with three different engine tunes
  2. Price changes apply only to the Speed 400 and Tracker 400
  3. Scrambler 400 X gets a new, exclusive colour option

Triumph 400s: What has and hasn’t changed?

The Roadsters are now separated more from the others

As mentioned earlier, this is the third time Triumph is revising the prices since unveiling the 350cc lineup in April this year. Back then, the Speed 400 was priced at Rs 2.32 lakh, and the Tracker 400 at Rs 2.46 lakh. With July’s price changes, the entire 400 portfolio became more expensive (listed in the ‘Old price’ column below). With the current adjustment, the Speed now costs Rs 2,000 more, while the Tracker has become cheaper by Rs 4,000.

The current price change only applies to the Speed 400 and the Tracker 400. The Speed’s price has been reduced by Rs 6,000, making its new ex-showroom price Rs 2.34 lakh. The Tracker’s price has been reduced by Rs 7,000, bringing its price down to Rs 2.42 lakh.

Model

Old price

New price

Difference

Speed 400

Rs 2.40 lakh

Rs 2.34 lakh

-Rs 6,000

Tracker 400

Rs 2.49 lakh

Rs 2.42 lakh

-Rs 7,000

Speed T4

Rs 2.09 lakh

Rs 2.09 lakh

Unchanged

Scrambler 400 X

Rs 2.65 lakh

Rs 2.65 lakh

Unchanged

Scrambler 400 XC

Rs 2.99 lakh

Rs 2.99 lakh

Unchanged

Thruxton 400

Rs 2.75 lakh

Rs 2.75 lakh

Unchanged

An outside showing the Triumph Scrambler 400 X in the new Matt pewter grey/Matt khaki green colour
The Scrambler 400 X gets a new Matt pewter grey/Matt khaki green colour

The only other motorcycle to change in any way is the Scrambler 400 X, which gains a new Matt pewter grey/Matt khaki green colour. It otherwise stays exactly the same mechanically and feature-wise, and continues with the same ex-showroom price. With these changes, Triumph’s three roadsters are now priced closer to each other than the other formats, but doesn’t change the hierarchy in any way. The Speed T4 continues as the most affordable Triumph 400, and the Scrambler 400 XC continues as the most expensive.

Champions Trophy के लिए भारत नहीं आना चाहता पाकिस्तान, मांग अलग वेन्यू की

पाकिस्तान ने बुधवार को एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) से अपने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के मुकाबलों को मेजबान भारत से किसी तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। पाकिस्तान ने इसके लिए दोनों देशों के बीच ‘संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति’ का हवाला दिया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने कहा कि वह पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में देश की निर्बाध और पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तटस्थ स्थल चाहता है।

पीएचएफ के अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट या पाकिस्तान के सभी मुकाबलों को तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।वानी ने बयान में कहा, ‘‘यह फैसला पाकिस्तान और भारत के बीच मौजूदा संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित, गरिमापूर्ण और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना है।’’

गौरतलब है कि अगले महीने हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी खेली जाने वाली है जिसमें पाकिस्तान समेत आधा दर्जन टीमें  शामिल है। भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है, और यह मैच पंजाब दिवस के दिन ही होगा।

केंद्र सरकार की  खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था।खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा।

इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया हिस्सा लेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश को रिज़र्व टीमों के तौर पर रखा गया है।लीग चरण जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खेला जाएगा, इसके बाद 4 नवंबर को सेमीफ़ाइनल और 5 नवंबर को फ़ाइनल होगा।://x.com/yourhardik/status/2100242808624054613?s=20

Vivo V80 जल्द होगा लॉन्च, 144Hz डिस्प्ले और 7,200mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये धांसू फीचर्स

Vivo ने कन्फर्म कर दिया है कि उसका नया स्मार्टफोन Vivo V80 जल्द ही भारत में लॉन्च होने वाला है। कंपनी ने Vivo V70 के सक्सेसर यानी नए मॉडल को टीज किया है। हालांकि, अभी Vivo ने फोन की लॉन्च डेट का खुलासा नहीं किया है। चलिए जानते हैं कि Vivo V80 कब लॉन्च हो सकता है, इसमें कौन-कौन से स्पेसिफिकेशन मिल सकते हैं और इस फोन के बारे में अब तक क्या जानकारी सामने आई है।

Vivo V80 की संभावित लॉन्च डेट और स्पेसिफिकेशन

Vivo ने भारत में अपने अपकमिंग स्मार्टफोन Vivo V80 को टीज किया है। कंपनी ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर इस आने वाले फ्लैगशिप फोन के पिछले हिस्से को ऑरेंज कलर में दिखाया है। हालांकि कंपनी ने Vivo V80 की लॉन्च डेट नहीं बताई है, लेकिन ऑनलाइन सामने आ रही कई लीक्स के अनुसार, इसके अक्टूबर के पहले हफ्ते में भारत में लॉन्च होने की उम्मीद है।

Vivo V80 में पिछले मॉडल की तरह दमदार कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। कंपनी की वेबसाइट पर बने Vivo V80 के लैंडिंग पेज के मुताबिक, फोन में Zeiss ब्रांडिंग मिलेगी और इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा, 50MP का टेलीफोटो कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल हो सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 50MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है।

इसके अलावा, इस फ्लैगशिप फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.59-इंच का AMOLED डिस्प्ले होने की उम्मीद है, जिससे स्क्रॉलिंग और एनिमेशन स्मूद हो सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि यह पैनल HDR+ को सपोर्ट करेगा और 6,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस देगा।

वहीं, परफॉर्मेंस के लिए Vivo V80 में Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर दिया जा सकता है। इसके साथ Adreno 722 GPU मिलने की उम्मीद है। फोन को 8GB RAM और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज के साथ लॉन्च किया जा सकता है।

बैटरी की बात करें तो, Vivo V80 में 7,200mAh की बड़ी बैटरी होने की उम्मीद है। इस फोन में फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग की सुविधा भी मिल सकती है। सॉफ्टवेयर के मामले में, यह डिवाइस Vivo के OriginOS 7 पर चल सकता है, जिसके Android 17 पर आधारित होने की उम्मीद है।

Vivo V80 की अनुमानित कीमत

खबरों के अनुसार, Vivo V80 को प्रीमियम सेगमेंट में पेश किया जाएगा और भारत में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 55,000 रुपये हो सकती है। ध्यान दें कि जब तक Vivo लॉन्च के समय सही जानकारी की पुष्टि नहीं करता, तब तक इस जानकारी को पूरी तरह सच न मानें।

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Kashmir First Snowfall: कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी! गुलमर्ग और गुरेज में गिरी बर्फ और मौसम को लेकर आया ये अपडेट

कश्मीर के गुलमर्ग और गुरेज में मौसम की पहली बर्फबारी का नजारा

https://x.com/PTI_News/status/2100446764692394110

कश्मीर का मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। सितंबर के महीने में ही घाटी के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ की हल्की परत दिखाई देने लगी है। गुलमर्ग और गुरेज जैसे इलाकों में बदले मौसम ने आसपास का नजारा भी खास बना दिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और घाटी के मैदानी हिस्सों में बारिश के कारण मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में भी मौसम पर लोगों की नजर बनी रहेगी।

गुलमर्ग की ऊंची पहाड़ियों पर पहली बर्फ

उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित गुलमर्ग के ऊंचे इलाकों में रात के समय मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। गोंडोला फेज-2 और अफरवत इलाके में बर्फ की हल्की सफेद परत जम गई। सुबह के समय ऊंचे पहाड़ बर्फ से ढके नजर आए। गुलमर्ग पहले से ही अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और पहाड़ों के लिए जाना जाता है, ऐसे में शुरुआती बर्फबारी ने यहां के नजारे को और खास बना दिया।

गुरेज में भी बदला पहाड़ों का रंग

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के सीमावर्ती गुरेज सेक्टर में भी मौसम की पहली बर्फबारी हुई। अधिकारियों के मुताबिक, तुलेल घाटी और काबुली गली में बर्फ देखने को मिली। इन इलाकों में पहाड़ों पर हल्की बर्फ जमने से आसपास का नजारा बदल गया। जम्मू-कश्मीर के कुछ दूसरे ऊंचे इलाकों से भी हल्की बर्फबारी की जानकारी मिली है।

मैदानी इलाकों में रातभर बारिश

ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के साथ कश्मीर घाटी के मैदानी हिस्सों में बारिश हुई। श्रीनगर समेत कई मैदानी इलाकों में रातभर बारिश का दौर देखने को मिला। इससे मौसम में ठंडक बढ़ी और आसमान में बादल छाए रहे। पहाड़ों पर बर्फ और नीचे के इलाकों में बारिश के कारण घाटी में मौसम का अलग रंग देखने को मिला।

अगले दिनों में मौसम रहेगा कैसा

मौसम विभाग ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में हल्की बारिश या आंधी-तूफान की संभावना जताई थी। हालांकि, शुक्रवार से अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में फिलहाल ऊंचे इलाकों में हुई शुरुआती बर्फबारी के बाद मौसम के सामान्य होने की उम्मीद है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों की नजर अब आने वाले दिनों के मौसम पर रहेगी।

कश्मीर में बदलता मौसम आने वाले सर्द मौसम के बदलाव का असर यहां की यात्रा और रोज की गतिविधियों पर भी दिखाई दे सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और टूरिस्ट के लिए मौसम की जानकारी लेते रहना और सफर की तैयारी उसी के अनुसार करना बेहतर रहेगा।

Who is Bushra Bano: इंशाअल्लाह-जजाकअल्लाह कहने को लेकर क्यों घेरा जा रहा है? IPS बुशरा बानो कौन हैं, जानिए इनकी पूरी कहानी

Who is Bushra Bano: भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित पश्चिम बंगाल में एक IPS अधिकारी के ट्रांसफर को लेकर राज्य में राजनीतिक और सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक ‘हिंदू अधिकार समूह’ ने कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए कोचिंग प्लेटफॉर्म को प्रमोट करने वाले एक वीडियो में उनके इस्लामिक अभिवादन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। खड़गपुर में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) और 2021 बैच की IPS अधिकारी बुशरा बानो को 14 सितंबर को राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट के पद पर ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह पार्थ घोष को खड़गपुर का नया ASP बनाया गया है।

दबाव में हुआ ट्रांसफर या रूटीन प्रक्रिया है?

विवाद के बीच बंगाल सरकार ने इस ट्रांसफर को रूटीन प्रक्रिया बताया है। हलांकि, यह फेरबदल बुशरा बानो द्वारा एक दिन पहले यानी 13 सितंबर को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो पर हुई आलोचना के समय ही हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में वह पुलिस की वर्दी में थीं। इस दौरान वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी में बिताए अपने समय के बारे में बात कर रही थीं। यहां उन्होंने UPSC परीक्षाओं की तैयारी की थी।

वीडियो में क्या है?

वीडियो में बुशरा बानो ने बताया कि UPSC की तैयारी के लिए सऊदी अरब में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करने के बाद वह भारत लौटी थीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग एकेडमी की किताबों, लाइब्रेरी और मॉक टेस्ट को दिया। साथ ही छात्रों को वहां एडमिशन लेने के लिए प्रोत्साहित किया। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि और छात्र एकेडमी में दाखिला लेंगे और इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे ताकि मेरे जैसे और लोग आगे आ सकें।”

विवाद उनके संदेश से नहीं। बल्कि उसे देते समय उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए धार्मिक शब्दों से पैदा हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलाम-अलैकुम’ से की। फिर अपनी बातचीत के दौरान ‘इंशाल्लाह’ का इस्तेमाल किया। साथ ही इसका अंत ‘जजाकल्लाह खैर’ से किया।

हिंदू संगठनों ने जताया विरोध

‘हिंदू नेटवर्क फाउंडेशन’ की एक यूनिट के तौर पर अपनी पहचान रखने वाले ‘हिंदू लीगल फंड’ ने उनके शब्दों के चयन को लेकर पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में संगठन ने तर्क दिया कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एक कार्यरत अधिकारी को इसके बजाय ‘वंदे मातरम’ या ‘जय हिंद’ जैसे राष्ट्रीय अभिवादनों का इस्तेमाल करना चाहिए था।

उन्होंने मामले की समीक्षा करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप की शिकायत में यह सवाल उठाया गया कि एक सरकारी अधिकारी, जो अपनी रैंक बता रही थी और यूनिफॉर्म में थी, वह आधिकारिक दिखने वाले सार्वजनिक संदेश में ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह विवाद बढ़ गया। रिपोर्ट में बताया गया कि यूज़र्स के बीच इसे लेकर मतभेद था। कछ लोग धार्मिक बातों का जिक्र करने के लिए बुशरा बानो की आलोचना कर रहे थे। जबकि दूसरे यह सवाल उठा रहे थे कि क्या सभी सरकारी अधिकारियों के लिए निष्पक्षता का नियम एक जैसा लागू किया जा रहा है।

किसने क्या कहा?

पूर्व सिविल सर्वेंट आशीष जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है। उन्होंने लिखा, “भारत की असली ताकत विविधता में एकता है। बुशरा बानो IPS की तारीफ़ होनी चाहिए। उन्होंने दो बार UPSC पास किया,।सऊदी अरब में एक आरामदायक नौकरी छोड़ी और अब पूरी लगन से देश की सेवा कर रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उनके शब्दों का चुनाव उनके निजी विश्वास को दिखाता है, न कि उस देश के प्रति अनादर को जिसकी वह रक्षा करती हैं। भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में यह सह-अस्तित्व कोई कमजोरी नहीं, बल्कि हमारा गर्व है। आपकी सेवा के लिए धन्यवाद, बुशरा! जजाकल्लाह खैर!”

अन्य यूजर्स ने सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं द्वारा हिंदू धार्मिक नारों के इस्तेमाल से इसकी तुलना की। वहीं, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक सोशल मीडिया ग्रुप ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी संगठन बुशरा बानो को इसलिए निशाना बना रहे हैं, क्योंकि वह अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।

बुशरा बानो!

इस विवाद ने उनके अनोखे करियर सफर पर भी असर डाला है। उत्तर प्रदेश के कन्नौज की रहने वाली बुशरा बानो ने सऊदी अरब में काम करने से पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अपनी PhD पूरी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत लौटने पर उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखते हुए कोल इंडिया में नौकरी की।

उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और शुरू में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस के लिए चुनी गईं। बाद में उन्होंने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट बनने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास की। फिर दूसरी बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करके IPS में जगह बनाई। उनकी उपलब्धि ने पहले भी लोगों का ध्यान खींचा था क्योंकि उन्होंने दो बच्चों की परवरिश करते हुए दो बार UPSC पास किया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की प्रतिस्पर्धी सिविल सेवा प्रणाली में दृढ़ता के उदाहरण के तौर पर अक्सर इस बात का ज़िक्र किया जाता है। ट्रांसफर और वीडियो विवाद ने अब एक खास सवाल को सामने ला दिया है। क्या आधिकारिक संदेश में किसी अधिकारी का निजी धार्मिक इजहार सरकारी सेवकों से अपेक्षित निष्पक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन करता है? सुवेंदु अधिकारी सरकार अपने इस रुख पर कायम है कि तबादला एक सामान्य प्रक्रिया थी, जबकि धर्म, सार्वजनिक पद और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को लेकर बहस जारी है।

Delhi DTC Bus Strike: ड्राइवर और कंडक्टरों की हड़ताल से दिल्ली का छूटा पसीना, राहत देने को दिल्ली मेट्रो ने बढ़ाया ऑपरेशन

Delhi DTC Bus Strike: ज्यादा वेतन, काम के बेहतर हालात और सामाजिक सुरक्षा सहूलियतों की मांग कर रहे डीटीसी बस ड्राइवरों और कंडक्टरों की हड़ताल आज तीसरे दिन यानी गुरुवार को भी जारी रहने की आशंका है। इससे दिल्ली की सार्वजनिक यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में डीटीसी बसों के सड़कों से नदारद होने की वजह से, यात्रियों को ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीकों पर निर्भर रहना पड़ा।

डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के मुताबिक, डीटीसी बसें चलाने वाले ड्राइवर और कंडक्टर को अभी राज्य सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम सैलरी 862 रुपये रोजाना मिलती है। अपने बयान में, यूनियन ने सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में बड़ी बसें चलाने वाले लाइसेंस वाले और क्वालिफाइड ड्राइवरों और कंडक्टरों को क्या हर दिन Rs 862 देना “बंधुआ मजदूरी” के बराबर नहीं है।

डीटीसी की हड़ताल से मेट्रो में बढ़ी भीड़

कई रूट पर डीटीसी बसें न होने की वजह से, यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो और ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीकों का सहारा लिया। कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। बढ़ती मांग के कारण आने-जाने के पीक घंटों में प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में भीड़ हो गई। यात्रियों की बढ़ती संख्या को मैनेज करने के लिए, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बुधवार को और सर्विस शुरू करने की घोषणा की।

आठ और ट्रेनें चला रहा है डीएमआरसी

डीएमआरसी ने डीटीसी बस हड़ताल से प्रभावित और यात्रियों को ठहराने के लिए बड़े इंतज़ाम किए हैं। कॉर्पोरेशन ने अपने नेटवर्क पर 20 और ट्रेन ट्रिप बढ़ा दिए, जिसमें जरूरत के हिसाब से दिन में आठ और ट्रेनें चलाई गईं। X पर एक पोस्ट में, डीएमआरसी ने कहा कि अतिरिक्त व्यवस्था गुरुवार को भी जारी रहेगी।

स्कूल बस सर्विस में रुकावट

हड़ताल का असर दिल्ली में स्कूल ट्रांसपोर्ट सर्विस पर भी पड़ा। कई अभिभावकों ने बस की उपलबधता और इंतजाम को लेकर कन्फ्यूजन बताया। सरदार पटेल विद्यालय ने पेरेंट्स को बताया कि हड़ताल की वजह से कुछ इलाकों में उसकी स्कूल बसों का ऑपरेशनल स्टेटस अभी भी पक्का नहीं है। एक मैसेज में, स्कूल ने कहा कि उसने वापसी यात्रा के लिए दूसरे ट्रांसपोर्टेशन का इंतजाम किया है। साथ ही पेरेंट्स को सलाह दी कि सर्विस सामान्य होने तक वे अपडेट के लिए अपनी ‘बस दीदी’ के संपर्क में रहें। डीटीसी ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए अपने फ्लीट की बढ़ती डिमांड का हवाला देते हुए 2023 शैक्षणिक सत्र से दिल्ली के स्कूलों को बसें देना बंद कर दिया है। इससे पहले, कॉर्पोरेशन बच्चों को लाने-ले जाने के लिए स्कूलों को 350 से ज्यादा बसें दे रहा था।

गुरुवार को भी हड़ताल जारी रहने का अनुमान

डीटीसी ड्राइवरों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहने की आशंका है, जिससे यात्रियों और स्कूलों को और दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच डीएमआरसी डीएमआरसी ने यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और ट्रेन सर्विस की घोषणा की है।

डेढ़ साल से नहीं बढ़ा महंगाई भत्ता

यूनियन के प्रेसिडेंट, ललित चौधरी ने कहा कि नियमों के तहत हर छह महीने में रिवाइज होने वाला महंगाई भत्ता पिछले डेढ़ साल से नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हर पांच साल में मिलने वाला बेसिक इंक्रीमेंट आखिरी बार 2019 में लागू किया गया था और 2024 से पेंडिंग है।

क्या हैं डीटीसी ड्राइवर और कंडक्टर की मांगें?

  • एक जैसे काम के लिए कम से कम Rs 2,000 की दिहाड़ी।
  • सभी सरकारी छुट्टियों का पेमेंट।
  • सालाना बोनस।
  • सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स, जिसमें मेडिकल स्कीम भी शामिल है।
  • वेतन में बदलाव और काम करने के बेहतर हालात।

लगभग 12,000 और ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल से जुड़े

दिल्ली में लगभग 6,840 DTC बसें हैं। चौधरी का अनुमान है कि बुधवार को लगभग 12,000 ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल में शामिल हुए। विरोध कर रहे कर्मचारी, जिनमें से कई नई इलेक्ट्रिक बसें चलाते हैं, मेडिकल सुविधाओं और ओवरटाइम पेमेंट की भी मांग कर रहे हैं।

ट्रांसपोर्ट मंत्री ने पंकज सिंह ने की हड़ताल खत्म करने की अपील

दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि सरकार ने डीटीसी इलेक्ट्रिक बसों को मैनेज करने वाले प्राइवेट कंसेशनेयर को ड्राइवरों की चिंताओं को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया है। सिंह ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से कहा, “हम यहां आपकी समस्याएं सुनने के लिए हैं, जरूरी सेवाओं पर असर नहीं पड़ना चाहिए।”

हालांकि, ललित चौधरी ने कहा कि यूनियन को सरकारी प्रतिनिधियों से कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा, “अभी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने हमसे संपर्क नहीं किया है। हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण है और हमने बसें नहीं चलाने का फैसला किया है।”

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India vs West Indies: वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ स्क्वॉड का ऐलान, नमन धीर और आकिब नबी की टीम इंडिया में एंट्री

India vs West Indies: पंजाब के बल्लेबाज नमन धीर और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को पहली बार भारत की वनडे टीम में जगह मिली है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि BCCI ने बुधवार (16 सितंबर) को X पर पोस्ट कर वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया। यह घरेलू सीरीज 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी।

शुभमन गिल तीन वनडे मैचों में ‘मेन इन ब्लू’ (भारतीय टीम) की कप्तानी करेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर एशियन गेम्स 2026 के बाद जापान से लौटने पर पांच T20I मैचों में टीम की कमान संभालेंगे।

रोहित शर्मा और विराट कोहली को भारत की वनडे टीम में बनाए रखा गया है, साथ ही गुरनूर बरार, केएल राहुल, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव भी टीम में शामिल हैं। वहीं, जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ न खेलने वाले रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज की भी वापसी हुई है।

अय्यर की गैर-मौजूदगी में, राहुल को वनडे सीरीज के लिए गिल का डिप्टी (उप-कप्तान) बनाया गया है। टीम में ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी और यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं।

50 ओवर की टीम में आकिब और नमन ही दो नए चेहरे हैं। उन्होंने पहले कभी भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेला है, हालांकि आकिब पिछले महीने श्रीलंका दौरे पर भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा थे।

बता दें कि नीतीश भारत की 2026 एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे, लेकिन बुधवार को BCCI ने उन्हें टीम से हटा दिया और अब वह वनडे सीरीज में खेलेंगे।

भारत की वनडे टीम: शुबमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर।

टी20 टीम में प्रिंस यादव और मयंक यादव के साथ कुलदीप यादव की वापसी हुई है। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमराह और यश ठाकुर की जगह ली है।

गौरतलब है कि ठाकुर और बुमराह अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की T20I टीम का हिस्सा हैं और एशियाई खेलों में भी खेलेंगे, लेकिन उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए नहीं चुना गया है।

भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

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