Video: फैमिली कोर्ट बना अखाड़ा! सुनवाई के बाद भिड़े पति-पत्नी, जमकर हुई मारपीट

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में फैमिली कोर्ट के बाहर पारिवारिक विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मेंटेनेंस केस की सुनवाई खत्म होने के बाद महिला, उसके पति और रिश्तेदारों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया की मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

क्या है पूरा मामला

ये घटना 24 सितंबर का बताया जा रहा है। ये 24 सितंबर को महाराजगंज जिला मुख्यालय स्थित फैमिली कोर्ट में ये घटना हुई है। यहां प्रिया त्रिपाठी और उनके पति मनीष कुमार मिश्रा अपने पारिवारिक विवाद से जुड़ी सुनवाई के लिए पहुंचे थे। प्रिया के अनुसार, कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर विवाद शुरू हुआ। उनका आरोप है कि वहां उनके पति मनीष और उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की। प्रिया ने कहा कि, उनके पति ने उनके बाल खींचे और गला दबाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उन्हें बचाने के लिए उनकी बहन प्रियंका और पिता लक्ष्मीकांत आगे आए, लेकिन आरोप है कि उनके साथ भी हाथापाई की गई।

पुलिस ने स्थिती को संभाला

विवाद कुछ ही देर में बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। कोर्ट परिसर में बनाए गए वीडियो में दोनों तरफ से एक-दूसरे पर थप्पड़ और मुक्के चलाते हुए लोग नजर आ रहे हैं। वीडियो में प्रिया के साथ आया एक व्यक्ति भी मनीष के साथ मारपीट करता दिखाई देता है। शोर-शराबा सुनकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को संभाला।

पिछले कुछ समय से था मतभेद

जानकारी के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही प्रिया और मनीष के बीच मतभेद चल रहे थे। अब कोर्ट परिसर में हुई मारपीट के मामले में पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटना से जुड़े वीडियो और अन्य सबूतों को भी देखा जा रहा है, ताकि विवाद की पूरी वजह और घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।

प्रिया ने दर्ज करवाई शिकायत

घटना के बाद प्रिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को आगे बढ़ाने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। कोतवाली महाराजगंज के एसएचओ धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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अब यूपी में गूंजेगा बाबा का नाम! कैंची धाम के बाद अब जन्मभूमि से समाधि तक बदलेगा पूरा नक्शा

नीम करौली बाबा को लेकर लोगों की बढ़ती दिलचस्पी भी देखने को मिल रही है और उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज के बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में आया है। खबरों के मुताबिक, करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भी बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक विरासत से जुड़े विषय को लोगों के बीच पहुंचाया है।

नीम करौली बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुआ था और उन्होंने अपने जीवन का काफी समय इसी क्षेत्र में साधना और तपस्या करते हुए बिताया। बाबा की समाधि भी उत्तर प्रदेश में ही स्थित है, इसलिए उनके भक्तों के लिए राज्य में मौजूद ये जगहें खास महत्व रखती हैं। अब उत्तर प्रदेश सरकार इन स्थानों को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना बना रही है। फिरोजाबाद स्थित उनकी जन्मस्थली को एक बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

जन्म स्थान पर बनेगा भव्य कॉरिडोर

फिरोजाबाद में नीम करौली बाबा की जन्मस्थली को बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के लिए करीब 87.5 बीघा जमीन तय की गई है। यहां भव्य प्रवेश द्वार, डिजिटल म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां लोग बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा मीटिंग हॉल, मल्टी लेवल पार्किंग, कम्युनिटी किचन, फूड कोर्ट, मेडिटेशन सेंटर और वेलनेस सेंटर जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी

इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जमीन मालिकों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा और यह राशि जमीन की मौजूदा कीमत से चार गुना होने की बात कही गई है। बाबा के परिवार के सदस्यों समेत कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिया है, जिसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। सरकार की मंजूरी के बाद जमीन अधिग्रहण पूरा होने पर निर्माण का काम शुरू किया जा सकेगा।

तपस्या स्थल पर भी बढ़ेंगी सुविधाएं

सरकार की योजना जन्म स्थान के साथ फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव में भी विकास कार्य किए जाने की तैयारी है। माना जाता है कि नीम करौली बाबा ने इस इलाके में करीब 12 साल तक तपस्या की थी और इसी गांव के नाम से बाद में वे नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। यहां करीब 5 एकड़ जमीन को विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित कामों में पानी की टंकी, सड़कों को चौड़ा करना, अतिक्रमण हटाना और व्यवस्थित पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और रोजाना करीब 60 से 70 हजार लोगों के पहुंचने की बात कही गई है।

वृंदावन के समाधि स्थल का भी होगा विकास

नीम करौली बाबा से जुड़ी धार्मिक पर्यटन योजना में वृंदावन स्थित उनके समाधि स्थल को भी शामिल किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आसपास के इलाके में सड़क संपर्क और दूसरी जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। इसका मकसद समाधि स्थल तक पहुंच को आसान बनाना और वहां आने वाले भक्तों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।

हनुमान सेतु से शुरू होगा प्रस्तावित बाबा सर्किट

लखनऊ का गोमती नदी के किनारे स्थित हनुमान सेतु मंदिर भी प्रस्तावित ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ का अहम हिस्सा होगा। यह मंदिर बाबा की प्रेरणा से बनाया गया था और इसे सर्किट के शुरुआती केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से यहां से गाइडेड टूर भी शुरू किए जा सकते हैं। मंदिर परिसर में फिलहाल नीम करौली बाबा की दो मूर्तियां और भगवान हनुमान की एक बड़ी मूर्ति मौजूद है।

नीम करौली बाबा से जुड़ा कैंची धाम भले ही बाबा से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध जगहों में शामिल हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में मौजूद इन स्थानों की अपनी अलग कहानी और महत्व है। प्रोजेस्ट में कैंची धाम की तरह श्रद्धालुओं के अनुभव और सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी, फिरोजाबाद की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर विकास किया जाएगा। इस विकास के बाद इन जगहों पर सुविधाएं बेहतर होने के साथ बाबा के जीवन, उनकी साधना और आध्यात्मिक विरासत को करीब से समझने का मौका भी मिल सकता है।

यूपी के इस गांव में बरसों से नहीं उठी कोई डोली और न आई बारात, जानिए क्यों यहां शादी करने से कतराते हैं लोग

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव में शादी करना मुश्किल हो गया है। गांव का नाम सुनते ही शादी का इच्छुक वर या कन्या पक्ष दूर चले जाते हैं। लेकिन इसका शादी से कोई खास लेना-देना नहीं है। यहां न तो कई अपनी बेटी देना चाहता है और न यहां की लड़की से शादी करना चाहता है। इसकी वजह एक सड़क है, जिसके बारे में गांव वालों का कहना है कि वह दशकों से खराब हालत में है। सालों से सड़क बनने का इंतजार कर रहे ग्रामीण अब सड़क बनवाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए हैं।

लोगों के मुताबिक, मिर्जापुर के दांती और गौरा विसेन गांवों को जोड़ने वाली सड़क को सालों से बनाने की मांग की जा रही है। खस्ताहाल सड़क की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बच्चों के स्कूल जाने से लेकर मरीजों को मेडिकल सेंटर ले जाने की कोशिश करने वाले परिवारों तक, सभी मुश्किलों से जूझ रहे हैं।

खरंजा फॉल्स और दांती के बीच की दूरी लगभग दो किलोमीटर है। लेकिन लोगों को रास्ते की खराब हालत की वजह से वे यह दूरी 200 किमी जैसी लगती है। गांववालों का कहना है कि सड़क पथरीली है और उस पर आना-जाना मुश्किल हो जाता है। मानसून में हालत और खराब हो जाती है। गांववालों के लिए, जो सफर छोटा होना चाहिए, वह एक बड़ी मुसीबत बन जाता है। सड़क की समस्या ने जरूरी सेवाओं तक पहुंच पर भी असर डाला है।

‘कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं देना चाहता’

गांववालों का कहना है कि सड़क की समस्या अब शादियों पर भी असर डालने लगी है। यहां रहने वाले धीरज मौर्य ने कहा कि बार-बार मरम्मत की मांग के बावजूद सड़क सालों से खराब हालत में है। मौर्य के मुताबिक, सड़क की हालत ने इतनी मुश्किलें पैदा कर दी हैं कि गांव के युवाओं को शादी के लिए साथी ढूंढने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, “कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं देना चाहता।” उन्होंने कहा, “हम सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसीलिए अब हम धरना दे रहे हैं।” इसलिए यह मुद्दा सिर्फ़ ट्रांसपोर्टेशन की समस्या से कहीं ज्यादा हो गया है।

दशकों पुरानी है सड़क की मांग

लोगों का दावा है कि आजादी के बाद से ही सड़क बनाने की मांग बार-बार उठाई जाती रही है। ग्रामीणों का दावा है कि वन विभाग ने जमीन से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए सड़क बनाने के लिए जरूरी जमीन नहीं दी है। इससे सड़क प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है और उन्हें मौजूदा रास्ते से ही जूझना पड़ रहा है।

‘यह सड़क जरूर बननी चाहिए’

स्थानीय निवासी रोहित शुक्ला ने कहा कि गांव वालों की मांग सही है। उन्होंने कहा, “हम सभी इस मांग का समर्थन करते हैं। यह सड़क जरूर बननी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि रास्ते की खराब हालत की वजह से, गांव वालों को कभी-कभी कई किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ता है।

गांव वालों ने किया चुनाव का बॉयकॉट

सुनील कुमार पाल ने कहा कि लोगों ने पहले भी सड़क के मुद्दे पर कड़ा विरोध किया था। उन्होंने कहा, “हमने पिछले साल भी वोट का बॉयकॉट किया था। हमें भरोसा दिलाया गया था कि सड़क ठीक कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुई है।”

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Yamaha now has 600 Blue Square showrooms in India

Yamaha now has 600 Blue Square showrooms in India
An image showing the front facade of Mumbai's first Yamaha Blue Square showroom in Ulhasnagar.

Yamaha has inaugurated its 600th Blue Square showroom in India, expanding its premium retail network across the country. The company said the network now has a presence across all four regions and supports sales, service and parts operations. The outlets are designed around Yamaha’s motorsports heritage and provide dedicated areas for accessories, merchandise and customer interaction.

  1. Followed Yamaha’s ‘The Call of the Blue’ campaign in 2018
  2. First one opened in 2019 in Chennai, Tamil Nadu
  3. Also intended to be community hubs for brand-to-rider and rider-to-rider interactions

Yamaha Blue Square: Progress so far

Exclusive for premium Yamaha products

The Blue Square concept was introduced in 2019, following the launch of Yamaha’s ‘The Call of the Blue’ brand campaign in 2018. The very first Blue Square showroom was opened in Nandhanam, Chennai. The company had reached 300 showrooms back in March, 2024, indicating that the number has doubled in the last two and a half years. Mumbai got its first Blue Square showroom all the way back in 2022.

According to Yamaha, the 600-outlet network represents expansion across regions while maintaining a common retail format. The company also uses the outlets for customer engagement activities, including the Blue Streaks community initiative. Yamaha Motor India Group of Companies chairman Hajime Aota said the expansion is part of the company’s premium retail strategy and is intended to bring its riders together through the Blue Square and Blue Streaks networks.

The expanding network supports Yamaha’s motorcycle and scooter portfolio in India, including the R-Series, MT-15, AEROX 155, FZ Series, Fascino 125 FI Hybrid and RayZR FI Hybrid range. The company also lists the EC-06 and Aerox E electric scooters, along with the FZ-Blue Flex Fuel (E85 compatible) vehicle. 

Yamaha currently manufactures motorcycles and parts at plants in Surajpur, Uttar Pradesh and Kanchipuram, Tamil Nadu, for domestic and overseas markets. The company said the outlets function as community hubs in addition to their retail role, with spaces for customers to interact with the brand and other riders.

With inputs from Eshisha Java and Stephen Raj Antony

Video: 9 साल तक गुल्लक में पैसे जमा करती रही महिला, 29 की उम्र में बन गई अपने प्लॉट की मालकिन

उत्तर प्रदेश की 29 साल की दीक्षा जायसवाल ने यह साबित कर दिया कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा बड़ी कमाई जरूरी नहीं होती। अगर इरादा मजबूत हो और बचत की आदत पक्की हो, तो छोटी-छोटी रकम भी समय के साथ बड़ी पूंजी बन सकती है। दीक्षा ने करीब नौ साल तक अपनी कमाई का हिस्सा बचाया और आखिरकार जुलाई 2026 में अपने नाम जमीन का एक टुकड़ा खरीद लिया।

बहन की जिंदगी देखकर आया खुद की जमीन का ख्याल

दीक्षा के मन में खुद की प्रॉपर्टी खरीदने का सपना 2017 में आया। शादी के बाद अपनी बड़ी बहन को कुछ असुरक्षाओं से गुजरते देख उन्हें महसूस हुआ कि एक महिला के नाम उसकी अपनी संपत्ति होना कितना जरूरी है। उन्होंने तय किया कि वह ऐसी जमीन खरीदेंगी, जिस पर सिर्फ उनका अधिकार हो। यही सोच आगे चलकर उनके लिए एक लक्ष्य बन गई।

पिता के हादसे के बाद पढ़ाई के साथ शुरू किया काम

दीक्षा का आत्मनिर्भर बनने का सफर भी आसान नहीं था। साल 2012 में उनके पिता का एक्सीडेंट हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए गांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। कम उम्र में कमाई शुरू करने के इस अनुभव ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास दिया। आगे चलकर उन्होंने अपनी B.Com, M.Com और B.P.Ed की पढ़ाई का खर्च खुद उठाया। साथ ही हॉकी खेलीं और कराटे भी सिखाया।

शेयर बाजार नहीं आता था, बस बचत करना जानती थीं

दीक्षा ने बताया कि उन्हें जटिल निवेश या शेयर बाजार की ज्यादा जानकारी नहीं थी। उनका फॉर्मूला बेहद साधारण था जो भी कमाई हो, उसमें से कुछ हिस्सा हर हाल में बचाना।

स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर मिलने वाली कमाई में से वह पैसे अलग रखती थीं। कभी मिट्टी की गुल्लक में सिक्के जमा किए, तो कभी पुराने कपड़े के थैलों में नकदी रखी। इसके अलावा उन्होंने धीरे-धीरे सोना भी जमा किया।

जिंदगी में कई मौके आए, लेकिन बचत को नहीं छुआ

नौ साल तक बचत करना उनके लिए आसान नहीं रहा होगा। रोजमर्रा की जरूरतों और जिंदगी के छोटे-बड़े खर्चों के बीच उन्होंने अपनी जमा पूंजी को हाथ नहीं लगाया। समय के साथ सिक्के, नकदी और सोने की छोटी-छोटी बचत एक बड़ी रकम में बदलती गई। दीक्षा का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक इस बचत को सिर्फ इसलिए नहीं छुआ, क्योंकि उनका लक्ष्य पहले से तय था।

जुलाई 2026 में पूरा हुआ सालों पुराना सपना

आखिरकार जुलाई 2026 में वो दिन आया, जिसका दीक्षा को सालों से इंतजार था। 29 साल की उम्र में उन्होंने अपनी बचत निकाली और अपने नाम जमीन का एक प्लॉट खरीद लिया। उनके लिए यह सिर्फ जमीन खरीदना नहीं था, बल्कि नौ साल की मेहनत, त्याग और आत्मनिर्भरता का नतीजा था। सिक्कों से भरी गुल्लक, हाथ से बांधे गए नकदी के बंडल और सोने की बचत को देखकर उन्हें महसूस हुआ कि उनका सालों पुराना सपना सच हो चुका है।

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन

दीक्षा की कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने उनकी मेहनत और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रेरणादायक बताया। एक यूजर ने लिखा कि जमीन कितनी भी बड़ी या छोटी हो, उसे खुद की कमाई से खरीदना अपने आप में बेहद खास उपलब्धि है। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि हर लड़की को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने और अपने नाम संपत्ति बनाने की अहमियत समझनी चाहिए।

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UP Home Guard Recruitment PET 2026: 10 सितंबर को जारी होगा पीईटी का नया एडमिट कार्ड, 14 तारीख को परीक्षा में पुराना एडमिट कार्ड नहीं माना जाएगा

UP Home Guard Recruitment PET 2026: यूपी में चल रहे लगातार जारी बारिश को देखते हुए, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) ने एनरोलमेंट-2025 के तहत यूपी होम गार्ड भर्ती 2026 के लिए शारीरिक दक्षता (PET) को टाल दिया है। पहले, 8 सितंबर से निर्धारित शारीरिक दक्षता परीक्षा अब 14 सितंबर, 2026 से आयोजित की जाएगी। साथ ही, इस परीक्षा में शामिल होने के योग्य परीक्षार्थियों का नया पीइटी एडमिट कार्ड 10 सितंबर, 2026 को डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे।

एक बार जारी होने के बाद, उम्मीदवार अपने पंजीकरण क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट है और परीक्षा वाले दिन इसे परीक्षा केंद्र साथ ले जाना जरूरी है। पीईटी राज्य भर में अलग-अलग पीएसी बटालियन और रिजर्व पुलिस लाइन में होगी।

कल जारी होंगे संशोधित प्रवेश पत्र

यूपी हो रही तूफानी बारिश की वजह से, आयोग को पीईटी को आगे खिसकाना पड़ा है। अब यह परीक्षा 14 सितंबर, 2026 तक रीशेड्यूल की गई है। इसके लिए, संशोधित हॉल टिकट 10 सितंबर, 2026 को जारी किए जाएंगे। पहले, यह 7 सितंबर को जारी होने वाला था। जारी होने के बाद, एडमिट कार्ड ऑफिशियल पोर्टल uppbpb.gov.in पर उपलब्ध होंगे। हॉल टिकट पर उम्मीदवारों के क्रेडेंशियल, परीक्षा केंद्र, तारीख और रिपोर्टिंग टाइम जैसे जरूरी विवरण मौजूद होंगे। अगर किसी आवेदन को कोई गड़बड़ी मिलती है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 08065075069 या आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करके सुधार करवाना चाहिए।

यूपी होम गार्ड पीईटी संशोधित प्रवेश पत्र 2026 कैसे डाउनलोड करें?

पीईटी में शामिल होने के योग्य उम्मीदवार एडमिट कार्ड लिंक उपलब्ध होने के बाद आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपने संशोधित प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए फॉलो करें ये स्टेप्स

  • ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें।
  • लॉग इन करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करने के बाद, आपका PET एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा।
  • इसे डाउनलोड करें और सभी डिटेल्स अच्छी तरह से चेक कर लें।

फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट डिटेल्स

पीईटी के दौरान, पुरुष कैंडिडेट्स को 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। महिला कैंडिडेट्स को 16 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। जो कैंडिडेट्स दौड़ पूरी नहीं कर पाएंगे, उन्हें फाइनल लिस्ट से डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा।

कैंडिडेट्स ध्यान दें कि पहले जारी किए गए पुराने एडमिट कार्ड रिवाइज्ड शेड्यूल के लिए मान्य नहीं हैं। उनके पास 14 सितंबर से शुरू होने वाले एग्जाम के लिए संशोधित हॉल टिकट पीडीएफ के साथ सरकार द्वारा जारी किया गया वैलिड ID प्रूफ होना चाहिए।

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3 दिन की बजाय 12 घंटे में पहुंचेगा सामान! जानिए वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर यूपी के दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक क्या-क्या बदलेगा

उत्तर प्रदेश के दादरी से नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को जोड़ने वाला 1600 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा दौरे के दौरान वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन प्रमुख हिस्सों का उद्घाटन कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का औपचारिक ऐलान किया। इस बीच नवी मुंबई के उरण में पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कॉरिडोर देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा। इससे भारत की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर करीब 7 फीसदी रह जाएगी। इससे भारत चीन को सीधी टक्कर दे सकेगा और ग्लोबल सप्लाई चेन का ज्यादा मजबूत हिस्सा बन सकेगा।

लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, चीन से मुकाबला होगा आसान

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पहले भारत की लॉजिस्टिक्स लागत करीब 14 प्रतिशत थी जबकि चीन में यह 7 प्रतिशत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 14 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत पर आई थी। अब इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से यह लागत घटकर करीब 7 प्रतिशत रह जाएगी। इससे भारतीय उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और वैश्विक बाजार में चीन का मुकाबला आसानी से कर सकेंगे।

3 दिन का सफर अब महज 12 घंटे में होगा पूरा

फडणवीस ने दावा किया है कि इस फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से माल ढुलाई के समय में भारी गिरावट आएगी। सड़क के रास्ते जिस सामान को दादरी से जेएनपीटी तक पहुंचाने में करीब तीन दिन का समय लगता था, वही सामान अब फ्रेट कॉरिडोर के जरिए सिर्फ 12 घंटे में अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा। इस कॉरिडोर पर डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें (एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखकर) दौड़ेंगी। इस तरह की एक ट्रेन 250 ट्रकों के बराबर माल एक बार में ले जा पाएंगी। इस पूरे कॉरिडोर में इलेक्ट्रिक ट्रेनों चलेंगी। इससे पेट्रोल और डीजल की भारी बचत होगी। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषण में भी बड़ी गिरावट आएगी।

महाराष्ट्र और JNPT को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस 1600 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन नवी मुंबई का जेएनपीटी है। सीएम फडणवीस ने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा। जेएनपीटी अगले दो सालों के भीतर 1 मिलियन से अधिक TEUs (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) कंटेनर कार्गो को हैंडल करने वाला देश का पहला बंदरगाह बनने जा रहा है। इस परियोजना से आयात-निर्यात पर निर्भर उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस ऐतिहासिक परियोजना को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारत सरकार और फाइनेंशियल मदद देने वाली जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ जापान सरकार का आभार भी जताया है।

Tamil Nadu CM Vijay announces plans for new Motor Sports City

Tamil Nadu CM Vijay announces plans for new Motor Sports City
Tamil Nadu CM Vijay Motor Sports City

Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay has revealed plans to develop a dedicated motorsport city in Chennai. This will include a new race track, capable of hosting F1, F2, F3, F4 and other international races.

“An Olympic city will be set up in Chennai. A Motor Sports city will also be set up in Chennai to host Formula 1 races. The talents of youth in motor sports will be identified, and training and racing opportunities will be provided to create national and international level champions,” Vijay said during the state Assembly.

He added, “Establishing world-class motor vehicle car racing arenas will provide opportunities for tourism, special vehicle manufacturing industries, employment, and economic development.”

  1. New Chennai race track aims to host F1, F2 and more
  2. Venue will also include training facilities

Chennai Motor Sports City plans revealed

F4 India

Tamil Nadu is at the very heart of the motorsport scene in India, with tracks like the Madras International Circuit and Kari Motor Speedway hosting majority of our national championship races. There’s also the Madras International Karting arena, which is the first karting track in the country to meet global CIK (Commission Internationale de Karting) standards. 

Vijay highlighted the business case behind setting up the new motorsport city in the state. Tamil Nadu is currently a leading state for the production of various two-wheelers and four-wheelers, as well as racing vehicles. He added that setting up “world class” racing venues will provide opportunities to boost tourism, specialised vehicle manufacturing industries and well as employment and the local economy in general.

While the precise location of this new motorsport city hasn’t been revealed, Vijay did share that the goal is for the venue to be capable of hosting international-level racing like F4, F3, F2 and even F1. 

Driver development will be another key focus area. Vijay stated that the venue will also include training facilities to identify and nurture local racing talent in a bid to give them opportunities on the national and international stage. 

India eyes F1 return

F1 Indian GP

This announcement follows renewed interest from the Indian government to bring F1 back to India.

The Buddh International Circuit last hosted The F1 Indian GP from 2011 to 2013. But the race was then dropped, mainly due to the Uttar Pradesh government’s taxation policy at the time, which classified F1 as entertainment rather than sport. 

However, speaking to media earlier this year, sports minister Mansukh Mandaviya shared that the government is working to make India a viable host country for international racing. “For instance, if the entertainment tax cannot be altogether repealed, we will try to ensure that reimbursements are provided to incentivise the project for the organisers. Discussions are ongoing on this issue. It is an interministerial matter, and we are trying our best to make it attractive for Formula 1,” he said at the time.

F1 CEO Stefano Domenicali has stated that there is “big interest” for the championship to return to India, but also stressed that this won’t happen any time soon and will require several conditions to be met. “There are the right things that we need to do – to again find back the right promoters, the right collaboration and the right timing, which will not be in the very short term. But when we talk about five years in Formula 1, it seems to be very far away, but it’s not,” he told F1 India broadcaster FanCode.

वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप! 84 घाट डूबे, नमस्ते’ प्रतिमा भी पानी में समाई, NDRF अलर्ट पर

Varanasi Flood: सोमवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता रहा, जिससे सभी 84 घाट डूब गए और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं, नदी का जलस्तर करीब 69.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है।

गंगा का पानी लगातार बढ़ने से घाटों के किनारे मौजूद कई प्रसिद्ध जगहें भी डूब गई है। नमो घाट पर लगी मशहूर ‘नमस्ते’ प्रतिमा भी लगभग पूरी तरह पानी में समा गई है। कई घाटों पर पानी भरने से वहां आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रिवर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में भी पानी घुस गया है।

गंगा का जलस्तर करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।

रविवार को भी गंगा का पानी लगातार बढ़ा था। इसके चलते वरुणा नदी में पानी का बहाव उल्टा हो गया, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने लगा। हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोग अब सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

बाढ़ के खतरे के बीच प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं

बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वाराणसी में कुल 61 बाढ़ राहत कैंपों की पहचान की गई है, जहां रहने, खाने, पीने के पानी, साफ-सफाई, रोशनी और मेडिकल मदद का इंतजाम किया गया है।

बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पानी के स्तर और हालात पर नज़र रखने के लिए 21 बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 198 नावें तैनात की गई हैं।

आपातकालीन कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), वॉटर पुलिस और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

अगर बाढ़ की स्थिति और बिगड़ती है, तो प्रशासन ने पशुओं के लिए भी जरूरी इंतजाम किए हैं। इनमें चारा, पीने का पानी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था शामिल है।

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Yamaha India eyes capacity expansion as plants near full utilisation

Yamaha India eyes capacity expansion as plants near full utilisation
Yamaha RayZR on a production line

Yamaha Motor India has begun evaluating additional manufacturing capacity as it expects its existing 1.5 million unit annual output to be fully utilised within the next two to three years. The Japanese two-wheeler maker operates plants in Surajpur, Uttar Pradesh and Kanchipuram, Tamil Nadu, with a combined annual capacity of 1.5 million units, and is weighing whether to expand within its current footprint or invest at a new location.

  1. Yamaha India’s 1.5 million unit annual capacity expected to be fully utilised within 2-3 years
  2. Domestic sales up 41 percent to 4.1 lakh units in H1 2026
  3. Annual sales target of 50,000 units set for the newly launched YZF-R2

Yamaha India capacity expansion: Key details

New plant requires 3-4 years of lead time; expansion within existing sites also being considered

Hajime Aota, Chairman of the Yamaha Motor India Group, said the company still has space to expand at its existing facilities, reducing the immediate pressure to acquire new land. The decision on expansion – whether at Surajpur, Kanchipuram or elsewhere – will depend on manufacturing processes, supplier allocation and longer-term domestic and export requirements. “At this moment, we have capability and we have space,” Aota said, while noting that planning for a new greenfield facility typically requires a lead time of three to four years.

Yamaha expects its total volumes (including exports) to exceed 1.1 million units in 2026, with domestic sales up 41 percent to 4.1 lakh units in the first half of the year. The company expects H2 volumes to be higher, supported by festive demand and new product launches. On the YZF-R2, which debuted yesterday at Rs 2.30 lakh, Yamaha has set an annual domestic sales target of 50,000 units.

Aota described India and Indonesia as Yamaha’s two biggest global growth engines, with India offering the stronger long-term growth opportunity. However, he noted that India must continue improving manufacturing productivity and technical capabilities to narrow the gap with Indonesia and expand its role in Yamaha’s global manufacturing network. The company employs approximately 10,000 people across its Indian operations and has invested over Rs 2,000 crore in research, development and manufacturing in India over the past eight to ten years. The quantum of investment required for the next phase of expansion has not been disclosed.