Palamu Jyotirlinga Temple: झारखंड के इस मंदिर में एक साथ कर सकते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, उज्जैन की मिट्टी से बनी है महाकाल की प्रतिमूर्ति

Palamu Jyotirlinga Temple: शिव भक्तों के लिए महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा बेहद पावन और पवित्र यात्रा है। लेकिन, इनमें से कुछ बेहद दुर्गम स्थानों पर स्थित हैं, जहां हर किसी के लिए पहुंचना संभव नहीं है। इसके बावजूद, हर शिवभक्त द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने की इच्छा अपने मन में जरूर रखता है। शायद झारखंड के पलामू स्थिति भगवती भवन मंदिर का निर्माण भी इसी सोच के साथ किया गया होगा। इस मंदिर के परिसर में एक ही छत के नीचे सभी 12 ज्योतिर्लिंग विराजमान हैं। यानी श्रद्धालु एक यात्रा में द्वादश ज्योतिर्लिंगों की यात्रा का पुण्य पा सकते हैं।

उज्जैन की मिट्टी से बनी महाकाल की प्रतिमूर्ति

अपनी इस अनोखी विशेषता के कारण यह शिवभक्तों के बीच दिलचस्पी का केंद्र है। खासतौर से उन भक्तों के लिए, जो कम भीड़-भाड़ वाली धार्मिक जगहों पर घूमना पसंद करते हैं। भगवती भवन मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों प्रतिरूप होने के साथ ही यहां स्थित महाकाल की प्रतिमूर्ति भी है। मंदिर के मुख्य पुजारी शिबुल पंडित ने लोकल18 को बताया कि यहां महाकाल की प्रतिमूर्ति को उज्जैन से लाई गई मिट्टी से बनाया गया है। पारंपरिक रूप से, भक्त 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए भारत के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करते हैं। हालांकि, भगवती भवन में, इन पवित्र रूपों का अनुभव एक ही परिसर में किया जा सकता है।

प्रकृति की गोद में बसा है झारखंड का पलामु

शिव भक्तों के लिए, भगवती भवन एक अलग तरह का तीर्थ अनुभव देता है। कई राज्यों में घूमने के बजाय, श्रद्धालु एक ही जगह पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकते हैं। पलामू अपने जंगलों, जंगली जानवरों और खूबसूरत नजारों के लिए ज्यादा जाना जाता है। हालांकि इस इलाके में कई धार्मिक और ऐतिहासिक जगहें भी हैं। जिला प्रशासन के अथक प्रयासोंक की बदौलत यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक जगहों के साथ-साथ अन्य टूरिस्ट आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

कैसे पहुंचें पलामु

पलामू का जिला हेडक्वार्टर मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) है, जो सड़क और रेल से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। सबसे पास का एयरपोर्ट रांची में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट है, जो मेदिनीनगर से लगभग 165 km दूर है।

ट्रेन से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन जिले का मुख्य रेलवे स्टेशन है। यहां पर रेगुलर पैसेंजर और एक्सप्रेस सर्विस हैं, जिनमें नई दिल्ली, कोलकाता, रांची और पटना जैसे शहरों के लिए सीधे ट्रेनें शामिल हैं।

पलामू रांची, पटना, वाराणसी और आस-पास के दूसरे शहरों से सड़क के रास्ते भी पहुंचा जा सकता है। जिला प्रशासन का कहना है कि डाल्टनगंज रांची से लगभग 165 km दूर है, और रांची और झारखंड के दूसरे बड़े शहरों और पड़ोसी राज्यों से रेगुलर बस सर्विस उपलब्ध हैं।

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Traffic Diversion: सावन का पहला सोमवार कल, कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली समेत यूपी में ट्रैफिक डायवर्जन, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी

हिंदू धर्म के पवित्र त्योहार सावन के महीने की शुरुआत हो गई है। सावन के महीने में सोमवार को भगवान शिव की पूजा होती है। वहीं सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। सावन के पहले सोमवार और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई जगह ट्रैफिक ट्रैफिक डायवर्जन किए गए हैं। वहीं लोगों की सुविधा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों और आम लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।

सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद रहती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भीड़ कम होने के समय मंदिर आने और पुलिस व सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

इन जगहों पर किया गया डायवर्जन

कांवड़ यात्रा और सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कई राज्यों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में कुछ रास्तों पर वाहनों का रूट बदला गया है, जबकि कांवड़ियों के लिए कई मार्ग रिजर्व किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है। वहीं, मेरठ सहित कई जिलों में भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला भी लिया गया है।

सीसीटीवी से की जाएगी निगरानी

सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। बड़े शिव मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और विशेष सुरक्षा टीमों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है। हाल ही में मिली सुरक्षा संबंधी सूचनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश में प्रशासन और पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।