‘इधर एक नहीं मिल रही और भाई पैकेज डील लेकर घूम रहा है’, यूपी में एक ही लड़के से तीन बहनों के शादी करने पर यूजर्स ने किए अजीबोगरीब कमेंट्स

उत्तर प्रदेश के अमरोहा की तीन सगी बहनों ने एक मंदिर में एक ही व्यक्ति से शादी की। इस अनोखी शादी ने इंटरनेट पर लोगों को हैरान कर दिया है। बहनों का कहना है कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वे शादी के बाद एक-दूसरे से अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकती थीं।

सरोज (20), सावित्री (19) और संतोष (18) नाम की इन बहनों ने 17 जुलाई को चामुंडा माता मंदिर में विकास नाम के व्यक्ति से शादी की, जो उनका वीडियो शूट किया करता था। उनकी शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो तेज़ी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी-किसी ने आलोचना की तो किसी ने हैरानी जताई।

शादी की रस्म के क्लिप में, विकास हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की रस्में निभाते हुए दिखे। साड़ी पहने और सिर पर घूंघट डाले तीनों बहनें दूल्हे के बगल में एक लाइन में बैठी थीं। विकास ने तीनों बहनों की मांग में सिंदूर भरा और उनके साथ सात फेरे लिए। खास बात यह है कि इस रस्म के दौरान पंडित के अलावा, दोनों में से किसी भी पक्ष का कोई परिवार का सदस्य या दोस्त मौजूद नहीं था।

हसनपुर के धौरिया गांव की रहने वालीं और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, इन तीनों महिलाओं ने बताया कि वे हमेशा साथ रही हैं और अलग-अलग पुरुषों से शादी करने की बात से ही वे बहुत परेशान थीं। उनमें से सबसे बड़ी सरोज ने ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ को बताया, “जब हमें एहसास हुआ कि शादी हमें अलग कर देगी, तो हमने अपनी जान देने के बारे में भी सोचा। बाद में, हमने तय किया कि मरने के बजाय हम साथ रहेंगी और एक ही पुरुष से शादी करेंगी। हम सभी बालिग हैं और हमने यह फ़ैसला अपनी मर्ज़ी से लिया है।”

बहनों ने बताया कि विकास पिछले छह महीनों से उनके कैमरामैन के तौर पर काम कर रहा था और सोशल मीडिया के लिए बनाए जाने वाले वीडियो में अक्सर उनके पति का किरदार निभाता था। वहीं, विकास ने कहा कि बहनों के बीच के गहरे लगाव को समझने के बाद ही उसने यह प्रस्ताव स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, “वे बार-बार मुझसे कहती थीं कि शादी के बाद वे अलग-अलग नहीं रहना चाहतीं। मैंने उनकी भावनाओं का सम्मान किया और उनसे शादी करने के लिए हामी भरी क्योंकि मैं चाहता था कि वे साथ रहें। हमने यह फ़ैसला आपसी सहमति से लिया है और उम्मीद करते हैं कि लोग हमारी पसंद का सम्मान करेंगे।”

उनकी शादी का वीडियो ऑनलाइन सामने आते ही इसने खूब सुर्खियां बटोरीं। कुछ लोगों ने इस घटना पर मजाक उड़ाया, तो कुछ ने उनकी आलोचना की। एक यूजर ने मजाक में कहा, “लड़के ऐसे होते हैं – इधर एक नहीं मिल रही, और भाई पैकेज डील लेकर घूम रहा है!”

एक अन्य व्यक्ति लिखा- “सिर्फ रील्स के लिए, इन चारों के अलावा, और कोई कहां है इसमें? एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “अरे तो करने दो ना, उनकी मर्जी है, उनके निजे जिंदगी में आपको इतना इंटरेस्ट क्यों हो रहा है?” एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “जीवनसाथी चुनने का व्यक्तिगत अधिकार और निजी पसंद को जीवित रखना चाहिए।” किसी अन्य ने लिखा की, “अगर यह सहमति से है तो क्यों नहीं, लेकिन इसके लिए एक अनुबंध की आवश्यकता होगी।” वहीं, एक व्यक्ति ने बताया, “हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, हिंदुओं के लिए बहुविवाह अवैध है।”

650 करोड़ की एलिवेटेड रोड से बदलेगा NCR का सफर! लाल कुआं-दादरी का 1 घंटे का रास्ता सिर्फ 20 मिनट में

गाजियाबाद के लाल कुआं और दादरी के बीच जीटी रोड पर रोजाना सफर करने वालों को लंबे समय से भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, खासकर हफ्ते के दिनों में पीक आवर्स के दौरान। ऐसे में चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग वाले हिस्से पर अक्सर जाम लगने की वजह से यात्रियों, कमर्शियल गाड़ियों और स्थानीय निवासियों को लंबे समय तक फंसे रहना पड़ता है।

News18 के अनुसार, अब लाल कुआं और दादरी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने का लंबे समय से लंबित प्रस्ताव एक कदम और आगे बढ़ गया है; अधिकारियों ने इस रूट पर 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है, जिससे जाम कम होने और यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड GT रोड के उस बड़े रीडेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है जिसका मकसद गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। सेतु निगम ने इस कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और सर्वे का काम पूरा कर लिया है।

करोड़ों की नई परियोजनाओं को मिलेगी मंजूरी

लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रस्ताव को गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने आगे बढ़ाया था और अब इसे मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद, यह एलिवेटेड कॉरिडोर दादरी की ओर जाने वाले वाहनों को कई व्यस्त चौराहों और लोकल ट्रैफिक पॉइंट्स से बचाकर निकलने में मदद करेगा, जिसकी वजह से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

फिलहाल अभी, GT रोड पर भारी ट्रैफिक के कारण लाल कुआं और दादरी के बीच सफर में 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग सकता है। जबकि चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग के पास जाम की वजह से लोगों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है।

ट्रैफिक होगा कम

अधिकारियों का मानना ​​है कि एलिवेटेड रोड से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए एक अलग रास्ता मिलने से सफर का समय घटकर लगभग 15 से 20 मिनट हो सकता है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना सफर करने वालों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दोनों तरफ सफर का समय कम करके उनके रोजाना लगभग एक घंटे बचा सकता है।

प्रस्तावित कॉरिडोर सीधे लाल कुआं से दादरी तक जाएगा और रास्ते में पड़ने वाले बड़े चौराहों से होकर नहीं गुजरेगा। दूर जाने वाला ट्रैफिक एलिवेटेड हिस्से से गुजरेगा, जबकि लोकल गाड़ियां नीचे वाली सड़क का इस्तेमाल करती रहेंगी।

अधिकारियों को उम्मीद है कि लोकल और लंबी दूरी के ट्रैफिक के अलग-अलग होने से आवागमन बेहतर होगा, चार प्रमुख सिग्नलों पर लगने वाला जाम कम होगा और इस रास्ते की सबसे बड़ी समस्या भी दूर होगी। दरअसल, अभी एक ही सड़क पर भारी कमर्शियल वाहन, औद्योगिक क्षेत्र का ट्रैफिक और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही होती है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

बता दें कि GT रोड उन सबसे व्यस्त सड़क कॉरिडोर में से एक है जो दिल्ली को गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों से जोड़ता है। दिल्ली, सीलमपुर, साहिबाबाद, मोहन नगर और घंटा घर से आने वाला ट्रैफिक लाल कुआं की तरफ आता है, जिससे मौजूदा सड़क नेटवर्क पर काफी दबाव पड़ता है।

गौरतलब है कि लाल कुआं पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आने वाली गाड़ियां, अलीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियां और दादरी व सूरजपुर की ओर जाने वाले भारी इंडस्ट्रियल ट्रैफिक की वजह से जाम की समस्या बढ़ जाती है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पहले से मौजूद फ्लाईओवर ने कुछ हद तक राहत जरूर दी है, लेकिन नीचे वाली सड़क पर अभी भी भारी ट्रैफिक रहता है, खासकर दादरी NTPC, कोट और आस-पास के इंडस्ट्रियल इलाकों में जाने वाले ट्रकों की वजह से।

उम्मीद है कि एलिवेटेड रोड से गाजियाबाद, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दादरी रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, इससे सूरजपुर, कोट और दादरी के इंडस्ट्रियल हब को भी फायदा होगा, क्योंकि माल की ढुलाई आसान हो जाएगी।

अधिकारियों को यह भी उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगा, जिससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर ट्रैफिक का दबाव होगा।

इस प्रोजेक्ट का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ने की उम्मीद है। NCR में पहले भी देखा गया है कि जब किसी इलाके में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता है, तो वहां घरों की मांग बढ़ने लगती है। माना जा रहा है कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का भी ऐसा ही असर देखने को मिल सकता है।

लाल कुआं, जिसे पहले मुख्य रूप से एक ट्रांजिट पॉइंट माना जाता था, धीरे-धीरे एक रिहायशी इलाके के तौर पर उभरा है क्योंकि यह वेव सिटी, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और राज नगर एक्सटेंशन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

वहीं, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ने के कारण, कई घर खरीदार गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों में तुलनात्मक रूप से सस्ते घरों के विकल्प तलाशने लगे हैं।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद दादरी, कोट गांव और रोजा-याकूबपुर क्षेत्र जैसे इलाकों की लोकप्रियता बढ़ सकती है, क्योंकि यहां से गाजियाबाद पहुंचना आसान हो जाएगा।

रिपोर्टों से पता चलता है कि इस इलाके में अभी दादरी की तरफ 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK घरों की मांग है, जबकि लाल कुआं और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में खरीदार 65 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट देख रहे हैं।

फिलहाल यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। जैसे ही इसे हरी झंडी मिलेगी, अधिकारी जमीन से जुड़े काम, अतिक्रमण हटाने और बिजली-पानी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं (यूटिलिटी) को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में यही चरण सबसे ज्यादा समय लेते हैं।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, लाल कुआं से न्यू बस स्टैंड तक के एलिवेटेड सेक्शन की लागत लगभग 650 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि दादरी की ओर जाने वाले पूरे 12 किलोमीटर के कॉरिडोर को चरणों में विकसित किए जाने की उम्मीद है। अगर मंजूरी और शुरुआती काम योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं, तो अगले साल तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जिससे NCR के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर यात्रा करने वाले लोगों को लंबे समय से जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

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UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

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गाजियाबाद के GH-7 सोसायटी की लिफ्ट में मारपीट, आरोपी ने AOA के पूर्व कोषाध्यक्ष को पीटा, वीडियो वायरल

Ghaziabad: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की GH-7 सोसाइटी में बुधवार सुबह कथित तौर पर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी को लेकर हुआ विवाद तब हिंसक हो गया, जब एक व्यक्ति ने सोसाइटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के साथ लिफ्ट के अंदर मारपीट की। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो कि अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आरोपी की पहचान प्रह्लाद कुमार के तौर पर हुई है। आरोप है कि उसने लिफ्ट के अंदर दीपक चोपड़ा को घूंसे मारे और लात मारी। दीपक चोपड़ा सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं। बाद में चोपड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) प्रियश्री पाल ने बताया कि GH-7 सोसाइटी के टॉवर 8 में रहने वाले दीपक चोपड़ा अपने बच्चों को स्कूल बस में बिठाकर अपने फ्लैट लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपी प्रह्लाद कुमार, जो उसी टावर 8 में रहता है, अपने बच्चों को स्कूल बस में छोड़ने के बाद उसी लिफ्ट में आया। जिसके बाद दोनों के बीच सोसाइटी फंड को लेकर बहस हुई और उन्होंने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

उन्होंने बताया कि आरोप है कि प्रह्लाद कुमार ने दीपक चोपड़ा को लात-घूंसे मारे और करीब तीन मिनट तक उन्हें पीटता रहा।

ACP ने आगे कहा कि चोपड़ा ने क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रह्लाद कुमार को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज ली है।

4 मिनट का CCTV वीडियो वायरल

घटना का लगभग चार मिनट का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में चोपड़ा लिफ्ट के अंदर खड़े होकर अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं, तभी एक महिला अंदर आती है।

कुछ ही देर बाद, प्रह्लाद कुमार लिफ्ट में आते हैं। जब दोनों पुरुषों के बीच बहस होती है, तो महिला लिफ्ट से बाहर निकल जाती है।

फुटेज में कथित तौर पर प्रह्लाद कुमार को चोपड़ा पर हमला करने से पहले लिफ्ट का दरवाजा बंद करते हुए दिखाया गया है। उन्हें लगभग तीन मिनट तक चोपड़ा को बार-बार घूंसे मारते और लात मारते हुए देखा जा सकता है।

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लखनऊ में शहीद पथ पर बनेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर, नितिन गडकरी ने दिए डीपीआर बनाने के निर्देश

new elevated corridor will be built on Shaheed Path in Lucknow

– योगी सरकार की कानून व्यवस्था और विकास मॉडल की सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की सराहना

– रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर

– शहीद पथ पर एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक बनेगा 23 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

– केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गिनाईं यूपी में भावी योजनाएं

Uttar Pradesh News : लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए शहीद पथ पर बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साकार होने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कहने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक लगभग 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि इस वर्ष दिसंबर तक भूमि पूजन कर परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। दोनों वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने योगी सरकार की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। 

 

सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4,850 करोड़ रुपए से अधिक की 3 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। 

 

शहीदपथ पर वाहन चालकों को जाम से मिलेगी राहत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र सरकार थी, तब उनके सड़क परिवहन मंत्री रहते हुए शहीद पथ का शिलान्यास हुआ था। आज यही शहीद पथ लखनऊ की लाइफलाइन बन चुका है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए अब इसके ऊपर एलिवेटेड रोड बनाना समय की आवश्यकता है, जिससे वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में इसी कॉरिडोर पर मेट्रो भी संचालित की जाए, ताकि लोगों को तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सके।

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तीन लेयर फ्लाईओवर बनेगा दुनिया के आकर्षण का केंद्र

नितिन गडकरी ने कहा कि लखनऊ में प्रस्तावित तीन लेयर एलिवेटेड फ्लाईओवर विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस परियोजना में आधुनिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे सड़क और सार्वजनिक परिवहन दोनों को मजबूती मिलेगी। किसी भी राज्य के विकास की नींव मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर होती है। पानी, बिजली, परिवहन और संचार व्यवस्था बेहतर होने से उद्योग, व्यापार और निवेश बढ़ता है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और गरीबी व बेरोजगारी कम होती है।

 

लखनऊ-सीतापुर सिक्स लेन हाईवे सहित कई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि लखनऊ से सीतापुर तक प्रस्तावित छह लेन राजमार्ग को भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तत्काल स्वीकृति दे दी है और जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 50 से 60 हजार करोड़ रुपए की नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

अगले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग पांच लाख करोड़ रुपए के विकास कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। नितिन गडकरी ने कहा कि लखनऊ के किसान पथ पर सर्विस रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा अयोध्या-गोंडा बाईपास, आनंदनगर-महराजगंज बाईपास, पडरौना-तमकुही बाईपास तथा दादरी-लालकुआं छह लेन एलिवेटेड रोड जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

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रक्षा मंत्री और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी की सराहना की

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का विकास पूरे देश में चर्चा का विषय है। किसी भी प्रदेश के विकास की पहली शर्त मजबूत कानून व्यवस्था होती है और योगी सरकार ने यह स्थापित करके दिखाया है। लखनऊ के विकास से जुड़े हर प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया और आने वाले समय में लखनऊ के आसपास बड़े उद्योग स्थापित होंगे।

 

यूपी में सीएम योगी ने समाप्त किया गुंडाराजः नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत कर लोगों का विश्वास जीता और गुंडाराज को समाप्त किया। किसी भी देश और राज्य के विकास में चार बातें महत्वपूर्ण होती हैं।

सबसे पहली आवश्यकता मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की होती है। इंफ्रास्ट्रक्चर के चार प्रमुख आधार हैं वाटर, पावर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन, जहां ये चारों व्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, वहां व्यापार, उद्योग और कारोबार तेजी से बढ़ते हैं।

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इसके साथ ही पूंजी निवेश आता है। जहां व्यापार, उद्योग और निवेश बढ़ता है, वहां रोजगार का सृजन होता है और जहां रोजगार का निर्माण होता है, वहां गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी स्वतः दूर हो जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में तेजी से विकास हुआ है। 

योगी के नेतृत्व में सबसे बड़ा जल संरक्षण अभियान, देश के 27% अमृत सरोवर यूपी में

amrit sarovar uttar pradesh: उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे देश के लिए एक नया मॉडल तैयार कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रिकॉर्ड 20 हजार अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं और पिछले पांच वर्षों में करीब पौने दो लाख तालाबों का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। अमृत सरोवरों के निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है और पूरे देश के कुल अमृत सरोवरों में करीब 27 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।

 

पिछले पांच वित्तीय वर्षों में जल संबंधी कार्यों पर 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक का काम किया गया, जिससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है। जल संरक्षण की इस व्यापक मुहिम का असर अब खेती, भूजल स्तर, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है।

 

जल संरक्षण बढ़ाने के लिए पहले मनरेगा के तहत कुल 266 अनुमन्य कार्यों में से 78 कार्य जल संरक्षण से संबंधित रहे। वहीं, अब वीबी-जीराम-जी के तहत कुल 318 अनुमन्य कार्य हैं, जिनमें से 107 कार्य जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण से संबंधित हैं। इनमें चेक डैम का निर्माण, सोक पिट का निर्माण, रुफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, तालाब का निर्माण, जलाशयों का पुनरोद्धार, बांधों का निर्माण, मेड़बन्दी, पौधारोपण शामिल हैं।

yogi adityanath in rampur

उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ा

जल संरक्षण के मामले में उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। अमृत सरोवरों के निर्माण में दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है, जिसकी तुलना में उत्तर प्रदेश लगभग तीन गुना आगे है। यह उपलब्धि केवल सरकारी निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन को जनभागीदारी से जोड़ने का परिणाम है।

हर गांव में जल संरक्षण बना जन आंदोलन

योगी सरकार ने अमृत सरोवर योजना को केवल एक निर्माण परियोजना नहीं रहने दिया, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया। गांवों में पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, नए जलाशयों का निर्माण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ी और जल संकट से जूझ रहे इलाकों को स्थायी समाधान मिलने लगा।

खेती, भूजल और पर्यावरण को मिल रहा बड़ा सहारा

अमृत सरोवरों और तालाबों के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ कृषि क्षेत्र को मिला है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को राहत मिली है और भूजल स्तर में व्यापक सुधार आया है। जलाशयों के आसपास हरियाली बढ़ी है, जैव विविधता को बढ़ावा मिला है और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिली है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया आधार

जल संरक्षण अभियान का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण आजीविका पर भी पड़ा है। अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन, पशुपालन, सिंचाई और अन्य आजीविका गतिविधियों के नए अवसर विकसित हुए हैं। वीबी-जीराम-जी के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला, जबकि जल उपलब्धता बढ़ने से कृषि उत्पादन और किसानों की आय में भी काफी वृद्धि हुई है।

जल संरक्षण में राष्ट्रीय मॉडल बना उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण को विकास, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसे देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। अमृत सरोवरों, तालाबों के पुनर्जीवन और व्यापक जल संरक्षण कार्यों ने यह साबित किया है कि सुनियोजित नीति, जनभागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जल संकट का स्थायी समाधान संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा है।

घोर कलयुग…पत्नी को घर लाने के लिए बेटे ने मां को दिया जहर! आगरा में दिल दहला देने वाली वारदात

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पर अपनी मां को कथित तौर पर जहर देने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, युवक की पत्नी मायके में रह रही थी और सास ने उसे तब तक वापस भेजने से इनकार कर दिया था, जब तक उसकी मां की मौत नहीं हो जाती।

बेटे पर मां को मारने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक, आरोपी रविंद्र पर आरोप है कि उसने दोपहर के समय छोले में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां राममूर्ति को खिला दिया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ये मामला राममूर्ति के पति रणवीर सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान रविंद्र ने बताया कि उसे जहर उसकी सास फूलवती ने दिया था।

सास ने दिया पैकेट

इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में ये भी आरोप है कि आरोपी की सास ने कथित तौर पर उसे जहर उपलब्ध कराया था। शिकायत के मुताबिक, फूलवती ने रविंद्र को गतपुरा गांव बुलाकर एक पैकेट दिया था। आरोप है कि उसने कहा था कि जब तक वह अपनी मां को रास्ते से नहीं हटाएगा, तब तक उसकी बेटी उसके साथ नहीं जाएगी। वहीं, पुलिस अभी इन आरोपों की जांच कर रही है और इनकी पुष्टि होना बाकी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ एफआईआर

इस मामले में रविंद्र के भाई मुकेश ने बताया कि परिवार में संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। उनका दावा है कि इसी तनाव के कारण रविंद्र की पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में रविंद्र और फूलवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 109 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है। रविंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी।

VIDEO: यूपी से शिलॉन्ग घूमने गए लोगों ने Airbnb से बुक प्रॉपर्टी का किया बुरा हाल, होस्ट ने उनकी शर्मिंदा करने वाली करतूतों की पूरी लिस्ट बताई

Viral Video: मेघालय की राजधानी शिलांग में एक Airbnb होमस्टे में ठहरे कुछ मेहमानों पर तोड़फोड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। होमस्टे मालिक के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से आए चार मेहमानों ने उनकी नई शुरू हुई प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की, केयरटेकर के साथ मारपीट की और स्टाफ को धमकाया। होमस्टे मालिक ने सोशल मीडिया पर प्रॉपर्टी की कथित खराब हालत की तस्वीरें और पूरी घटना शेयर की है। वहीं ये घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। इस घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

ये मामला तब सामने आया जब शिलांग के रीसा कॉलोनी स्थित द ओकवुड नाम के Airbnb होमस्टे के मालिक ने सोशल मीडिया पर पूरी घटना बताई। उन्होंने दावा किया कि मेहमानों के ठहरने के दौरान उनकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा। इसे दिखाने के लिए उन्होंने पहले और बाद की तस्वीरें भी शेयर कीं। इसके बाद ये मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा।

प्रॉपर्टी में किया तोड़ फोड़

होमस्टे मालिक ने लिखा, “मेहमानों को अच्छा और आरामदायक ठहराव देने के लिए हमने इस होमस्टे को बहुत मेहनत से तैयार किया था। लेकिन कुछ लोग प्रॉपर्टी के साथ जिस तरह का व्यवहार करते हैं, उसे देखकर बेहद दुख होता है। ऐसा लगता है कि उनमें जरा भी नागरिक जिम्मेदारी या सिविक सेंस नहीं है।” पोस्ट में दावा किया गया कि, मेहमानों ने बिना अनुमति के दूसरे लोगों को भी प्रॉपर्टी में बुलाया। उन पर तोड़फोड़ करने, हंगामा करने, शराब पीने और घर के नियमों के बावजूद कमरों के अंदर स्मोकिंग करने का भी आरोप लगाया गया है। होस्ट का कहना है कि जब स्टाफ ने इसका विरोध किया तो मेहमानों ने गुस्से में गलत व्यवहार किया।

 

इन लोगों की बुकिंग ना ले

उन्होंने पोस्ट में मेहमानों की पहचान बताते हुए शिलांग और मेघालय के अन्य होमस्टे व गेस्टहाउस मालिकों से अपील की कि वे इन लोगों की बुकिंग स्वीकार न करें। उन्होंने लिखा, “अगर आपकी मुलाकात कभी विकास सिंह नाम के इस व्यक्ति से हो, तो कृपया उन्हें अपनी प्रॉपर्टी बुक न करने दें।” होस्ट ने यह भी आरोप लगाया कि अखंड सिंह सूर्यवंशी ने उनके केयरटेकर के साथ मारपीट की। उन्होंने आगे कहा, “हम मेहमानों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, लेकिन होमस्टे मालिक इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं हैं।” होस्ट का ये भी दावा है कि एक मेहमान ने यहां तक कहा कि चेक-इन से पहले ही प्रॉपर्टी की हालत ऐसी थी।

हजारों रुपए का हुआ नुकसान

इस मामले ने तब और ज्यादा ध्यान खींचा, जब ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर रूबेन चार्ल्स ने इस घटना पर रिएक्शन देते हुए एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वह कुछ दिन पहले इसी Airbnb में ठहरे थे और कहा, “शिलांग के इस Airbnb में उत्तर प्रदेश से आए चार लोगों ने तोड़फोड़ की है।” ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर ने बताया कि जब वह इस होमस्टे में रुके थे, तब सब कुछ ठीक था। बाद में प्रॉपर्टी की खराब हालत देखकर उन्हें हैरानी हुई। उनके मुताबिक, वहां कचरा फैला था, दीवारें क्षतिग्रस्त थीं और कई जगह गंदगी दिखाई दे रही थी। बताया जा रहा है कि इससे प्रॉपर्टी को हजारों रुपये का नुकसान हुआ।

यूजर ने किया कमेंट

इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने मेहमानों के कथित व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, होमस्टे मालिकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने की भी बात कही। एक यूजर ने लिखा, “जानवर भी ऐसा नहीं करते।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “उम्मीद है कि आप इस तोड़फोड़ की पुलिस में शिकायत करेंगे। यह देखकर बहुत दुख हुआ।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह बेहद खराब व्यवहार है और बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। आपकी प्रॉपर्टी के साथ जो हुआ, उसके लिए दुख है। दूसरे होस्ट को सावधान करने के लिए यह जानकारी साझा करना सही कदम है।”

Yamaha launches flex-fuel FZ at Rs 1.24 lakh

Yamaha FZ Blue Flex

Yamaha has launched the FZ Blue Flex– a flex-fuel-compatible version of the FZ that can run on ethanol blends ranging from E20 to E85. The launch makes Yamaha the latest manufacturer to enter the flex-fuel space, following Suzuki with the Gixxer SF 250 FFV and Hero with the Splendor and HF Deluxe.

  1. First Yamaha model to be offered in a flex-fuel variant
  2. Uses the same engine as the rest of the FZ range, but with lower peak output figures
  3. Available through Yamaha Blue Square dealerships

Yamaha FZ Blue Flex details

Peak output drops compared to the standard FZ; ground clearance is also lower

The FZ Blue Flex is powered by the same 149cc air-cooled, fuel-injected single-cylinder engine that underpins the rest of the FZ range, but with modifications that allow it to run on higher ethanol blends. Peak output is rated at 11.7hp at 7,250rpm and 12.8Nm at 6,000rpm– a drop of 0.7hp and 0.5Nm compared to the standard FZ. This is a common trade-off with flex-fuel engines due to ethanol’s lower energy density.

The FZ has never been the most powerful motorcycle in the 150cc segment, and the Blue Flex’s lower output brings it close to the performance levels of some premium sporty 125cc commuters.

The FZ Blue Flex shares its LED headlamp with the FZ Rave launched late last year, along with the same fuel tank, faux air vents and single-piece seat. The 5-speed gearbox, telescopic front fork, rear monoshock and single-channel ABS have also been carried over. One notable change, however, is the reduced ground clearance, which drops to 135mm from the 165mm offered by the other FZ variants. Kerb weight stands at 139kg, making it 3kg heavier than the FZ Rave.

The FZ Blue Flex is available in a single Metallic Black colour option and will initially be sold through Yamaha’s Blue Square premium dealerships in Delhi, Uttar Pradesh, Maharashtra, Karnataka, Telangana and Tamil Nadu. Priced at Rs 1.24 lakh (ex-showroom), it sits roughly in the middle of the nine-model FZ lineup.

We recently conducted a comprehensive real-world mileage comparison between E85 and E20 using the Suzuki Gixxer SF 250 FFV. If you’re curious about what switching to flex fuel means for fuel efficiency and running costs, it’s well worth a read.

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर! सड़कें बनीं नदियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल, देखें वीडियो

Delhi Rain: गुरुवार सुबह दिल्ली और पूरे एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई इलाकों की सड़कें डूब गईं, लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजाना आने-जाने वालों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आए एक वीडियो में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। पानी से लबालब सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिन के ज्यादातर समय में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अधिकारी बारिश से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई जगहों से सामने आए वीडियो

रातभर हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लगातार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली के बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार और मेहरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई घंटे तक हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियाँ सावधानी से चलती दिखीं, जबकि कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

एक वीडियो में अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखीं, जहां सुबह के व्यस्त समय में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो गया था।

पड़ोसी शहर नोएडा में भी भारी जलभराव देखा गया। सेक्टर-75 से सामने आए वीडियो में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी हुई दिखाई दीं।

गाजियाबाद में भी भारी बारिश का असर साफ देखने को मिला। इंदिरापुरम और अभय खंड इलाके से सामने आए वीडियो में रिहायशी सड़कों पर बारिश का पानी भर गया।

शास्त्रीनगर और कौशांबी से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं, जहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आने-जाने वालों को देरी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

बुलंदशहर में भी भारी बारिश का असर दिखा। सामने आए वीडियो में रात भर हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हुआ नजर आया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी ट्रैफिक जाम की खबर मिली, जहां बारिश और जलभराव के कारण ऑफिस जाने के व्यस्त समय में गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई।

उमस से राहत, लेकिन आने-जाने वालों को परेशानी

लगातार हो रही बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली है। हालांकि, तेज बारिश ने आम जिंदगी पर भी असर डाला है। दिल्ली-NCR के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। IMD ने बताया कि बारिश तेज होने से पहले, रात 2.30 बजे तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवाएं शांत थीं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

जलभराव से निपटने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायजा लिया और सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, “दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशों के बाद सभी सरकारी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं।”

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे कहा गया कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और राजधानी में ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और नगर निगम (MCD) की टीमों को तैनात किया गया है।

वहीं, मानसून से पहले नरेला और द्वारका समेत कई बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की समय रहते सफाई (डी-सिल्टिंग) किए जाने का भी फायदा देखने को मिला। इसकी वजह से कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ और NHPC चौक जैसे अंडरपास भारी बारिश के बावजूद ज्यादातर समय चालू रहे।

रात भर हुई बारिश से उखड़े पेड़

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर दो पेड़ उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इस बीच, IMD ने दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है, इसलिए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि दिल्ली और NCR के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।

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