घर से निकला 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 1.6 करोड़ कैश! यूपी में इस रिटायर ARTO के यहां छापा पड़ा तो हर कोई चौंका

उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगरा में तैनात रहे पूर्व असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान अधिकारियों को 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले। आधिकारिक बयान के अनुसार, अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने मंगलवार और बुधवार को ललित कुमार के घर की तलाशी ली।

जांच में पहले ही सामने आया था कि ललित कुमार ने अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई है। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था। राज्य सरकार के निर्देश पर इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की लखनऊ सेक्टर टीम कर रही है।

घर में मिला 13 किलो सोना 

लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में ललित कुमार के घर की तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में पैकेटों में छिपाकर रखे गए करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा टीम ने करीब 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी भी बरामद की। सोना बार और गहनों के रूप में मिला, जबकि चांदी बार, बिस्कुट और गहनों के रूप में मिली। सरकार की ओर से अधिकृत वैल्यूअर ने बरामद सोने, चांदी और गहनों की कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी है।

कई जगह घर 

तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले। इनमें लखनऊ में कई मकान और प्लॉट, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि, साथ ही लखनऊ और नोएडा में फ्लैट बुकिंग के कागजात शामिल हैं। इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच टीम को बैंक जमा, डाकघर की योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में 1 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले।

इसके अलावा घर से एक टोयोटा इनोवा, एक हुंडई i20 कार और एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई। अधिकारियों ने जांच के दौरान घर में मौजूद महंगे फर्नीचर और अन्य कीमती सामान की भी सूची तैयार की है।

35 करोड़ की संपत्ति

उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बरामद नकदी, सोना-चांदी, गहने, चल-अचल संपत्तियां और निवेश को मिलाकर कुल संपत्ति की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। विभाग ने बताया कि तलाशी में मिली संदिग्ध और बेहिसाब संपत्ति की जांच की जा रही है। इसे चल रही जांच का हिस्सा बनाया गया है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बयान के अनुसार, इस सफल छापेमारी को अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम को उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के पुलिस महानिदेशक (DGP) और निदेशक ने 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र, यूपी और उत्तराखंड को रेलवे ने दिया बड़ा तोहफा, शुरू की ये नई ट्रेनें…जानें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू की और कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कई नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ मौजूदा रेल मार्गों का विस्तार करने का ऐलान किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव पुरी की रथ यात्रा के लिए रेलवे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा दौरे पर थे।

इन जगहों को जोड़ेगी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी घोषणाओं में नांदेड़ से मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। ये ट्रेन वाशिम और हिंगोली के रास्ते चलेगी, जिससे महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में रेल संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने टनकपुर से नांदेड़ के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन की भी शुरुआत की है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित दोनों इलाकों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर सिख समुदाय को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन का विस्तार अब शाहजहांपुर तक कर दिया गया है, जबकि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन सेवा के रूप में चलाने का फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर भी रुकेगी ट्रेन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, नई ट्रेन सेवाएं लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रेल संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग पर भी रेलवे विचार करेगा। मंत्री ने कहा, “अगर यह संभव हुआ, तो हम खटीमा और बनबसा में इस ट्रेन का स्टॉपेज जरूर देंगे।”

देश भर में बिछाए गए 37 हजार किलोमीटर ट्रैक

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 37 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं और लगभग 99.6 प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफाइड पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि ओणम के दौरान केरल के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पुरी की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ओडिशा में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि, राज्य में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

Agra Murder Case: पत्नी ने पति को मारकर बाथरूम में दफनाया, फिर ऊपर से कर दिया प्लास्टर, कई दिनों तक ढ़ंढती रही पुलिस

Agra Murder Case: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को अपने पति की कथित तौर पर हत्या करने और उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि हत्या और सबूत छिपाने में और भी लोग शामिल थे या नहीं।

पुलिस ने बताया कि शव को निकालने के लिए उन्होंने कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर बाथरूम के फर्श पर लगी प्लास्टर की परत को तोड़ा। बता दें कि यह पूरा मामला पिछले 45 दिनों से चल रही जांच के बाद सामने आया, जब पति को लापता बताया गया था।

बाथरूम के फर्श के नीचे  मिली लाश

जांच के दौरान आरोपी महिला, जिसकी पहचान रूबी के रूप में हुई है, पुलिस के साथ अपने पति सुरेंद्र शर्मा की तलाश में सहयोग करने का नाटक करती रही। साथ ही खुद को दुखी दिखाने के लिए पड़ोसियों के सामने रोती रहती थी, ताकि लोगों को लगे कि वह बहुत टूट चुकी है।

लेकिन इस मामले में बड़ा सुराग तब मिला जब मृतक के भाई ने रूबी पर शक जताया और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गहराई से तफ्तीश शुरू की। पुलिस की टीम जब मजदूरों के साथ सुरेंद्र के घर की तलाशी लेने पहुंची, तो उन्हें बाथरूम के फर्श पर प्लास्टर की एक नई परत दिखाई दी। संदेह होने पर जब पुलिस ने उस प्लास्टर को तुड़वाया, तो उसके नीचे से सुरेंद्र का शव बरामद हुआ।

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया

फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग शामिल थे, या क्या किसी और ने रूबी की मदद शव को दफनाने में की थी।

क्या है पूरा मामला?

अधिकारियों के अनुसार, सुरेंद्र बेरोजगार था और उसे शराब की लत थी। पुलिस ने बताया कि वह अक्सर शराब पीकर घर आता था और कथित तौर पर रूबी के साथ मारपीट करता था। खबरों के मुताबिक, परिवार घर का खर्च चलाने के लिए सुरेंद्र की मां को मिलने वाली पेंशन पर निर्भर था।

पूछताछ के दौरान, रूबी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से घरेलू हिंसा का शिकार हो रही थी। उसने दावा किया कि 26 मई को पति द्वारा एक और हिंसक हमले के बाद, उसने उसे मारने का फैसला किया।

पुलिस ने बताया कि अपराध को छिपाने की कोशिश में उसने कथित तौर पर शव को घर के बाथरूम में खोदे गए एक गड्ढे में दफना दिया।

2025 के ‘ब्लू ड्रम’ जैसा हत्याकांड

इन सबके अलावा, यह मामला फरवरी 2025 के ‘ब्लू ड्रम’ हत्याकांड से मिलता-जुलता बताया जा रहा है, जिसमें मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में उसकी पत्नी मुस्कान राजपूत और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर शव के टुकड़े किए और उसे एक नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था।

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जेवर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई धड़ाधड़ बसें! सुबह 6 बजे से ही पहली सर्विस, देखें 3 बड़े रूट-स्टॉपेज संग टाइमिंग और लास्ट डिपार्चर

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) आने-जाने वाले यात्रियों को जल्द ही बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से जोड़ने के लिए नियमित बस सेवा शुरू करने जा रहा है, जैसा कि News18 ने रिपोर्ट किया है।

इन नई सेवाओं का मकसद एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाना है, जिसके तहत दिन भर तय समय पर बसें चलेंगी।

देखें टाइमिंग और रूट

UPSRTC के मुताबिक, बस सेवाएं सुबह 6 बजे शुरू होंगी, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आखिरी बस रात 11:30 बजे रवाना होगी। रूट के आधार पर बसें हर 15 से 30 मिनट में चलेंगी। नोएडा से एयरपोर्ट के लिए आखिरी बस रात 8 बजे के लिए तय की गई है।

News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट प्लान में बदलाव के तहत UPSRTC ने परी चौक से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक चलने वाली दो मौजूदा डबल-डेकर बसों का रूट बढ़ा दिया है। इस बढ़े हुए नेटवर्क में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इलाके भी शामिल होंगे, जैसे इकोटेक-16, गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी (GNU) और खैरपुर। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

नई व्यवस्था के तहत, नोएडा से बसें सेक्टर 37 (बोटेनिकल गार्डन) से चलेंगी और परी चौक व यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए एयरपोर्ट तक जाएंगी। ग्रेटर नोएडा से चलने वाली बसें इकोटेक-16, गौर सिटी, चार मूर्ति, सूरजपुर और परी चौक से होते हुए एयरपोर्ट पहुंचेंगी।

मोहन नगर से यात्रा करने वाले यात्री लालकुआं, चार मूर्ति, सूरजपुर, परी चौक, दनकौर और रबूपुरा होते हुए एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) इलाके के मुख्य सेक्टरों और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी से भी सीधी बस सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों ने दी जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि बस नेटवर्क का विस्तार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की बड़ी कोशिशों का हिस्सा है, क्योंकि यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। नई UPSRTC सेवाओं के अलावा, इस इलाके में पहले से ही 100 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने टर्मिनल तक हर 15 मिनट में चलने वाली एक खास शटल सर्विस भी शुरू की है।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपने रूट और बस का समय देख लें ताकि यात्रा में कोई परेशानी न हो।

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Monsoon Watch 1 July: पंजाब और हरियाणा में भी हुई मानसून की एंट्री पर दिल्ली में नहीं! अब IMD ने जारी किया ये नया अनुमान

Progress of SW Monsoon: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। 1 जुलाई को मानसून ने उत्तर भारत के कई नए इलाकों में धमाकेदार एंट्री मार ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली को इसने अभी थोड़ा तरसाया है। वैसे दिल्लीवालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दस्तक देने को लेकर बेहद राहत भरा नया अनुमान जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में बढ़ा मानसून, जानें कहां से गुजर रही सीमा

IMD के मुताबिक एक जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बचे हुए हिस्सों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून ने अपनी पहुंच दर्ज करा दी है। अभी मानसून की उत्तरी सीमापोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? IMD का नया अनुमान

भले ही 1 जुलाई की एंट्री में दिल्ली का नाम सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए मौसम का सिस्टम पूरी तरह तैयार है। यानी अगले 48 घंटों में दिल्ली में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय, सामान्य से 6 दिन की देरी

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है कि बुधवार को मानसून ने पूरे राज्य को आधिकारिक तौर पर कवर कर लिया है। हिमाचल में मानसून का यह आगमन सामान्य तारीख से 6 दिन की देरी से हुआ है। 1 जुलाई को मानसून ने शिमला जिले (शिमला शहर सहित), सिरमौर, मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और कांगड़ा के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लिया।

इसके साथ ही सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भी मानसून पूरी तरह फैल गया है। राज्य में इस पूरे हफ्ते व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हिमाचल समेत पूरे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।

जुलाई महीने के लिए पूरे देश का ओवरऑल वेदर आउटलुक

मौसम विभाग ने जुलाई 2026 के महीने के लिए देश भर में होने वाली औसत बारिश का भी एक अनुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है।

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1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में देश भर में वर्षा का लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) लगभग 280.4 मिमी हो सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है लेकिन उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश देखी जा सकती है।

बेंगलुरु में होगा ‘यूपी ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग’ का आयोजन, देश के कई दिग्गज उद्योगपति होंगे शामिल

UP Global Growth Dialogue will be organized in Bengaluru

– यूपी के विकास, उद्योग समर्थित वातावरण तथा विभिन्न सेक्टर्स में निवेश की अपार संभावनाओं पर होगी चर्चा

– निवेशकों को यूपी में आमंत्रित करेगा इन्वेस्टर रोडशो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे अध्यक्षता 

– इन्वेस्टर रोडशो में शामिल होंगे देश के कई दिग्गज उद्योगपति 

Uttar Pradesh Global Growth Dialogue-2026 : योगी सरकार उत्तर प्रदेश को निवेशकों की पहली पसंद बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बुधवार 24 जून को बेंगलुरु में 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026' के तहत इन्वेस्टर्स रोडशो का आयोजन किया जा रहा है। रोडशो की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस आयोजन में देश के कई दिग्गज उद्योगपति भी शामिल होंगे।

 

इस आयोजन में इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी एंड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, ग्लोबल कैपैसिटी सेंटर्स व एफडीआई पर आधारित तीन सत्र होंगे। इन सत्रों में संबंधित क्षेत्रों के दिग्गज उद्यमी अपने विचार प्रकट करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और व्यापार के अवसरों पर एक लघु फिल्म की स्क्रीनिंग भी होगी। 

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रोडशो का उद्देश्य सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु में निवेशकों व उद्योगपतियों के सामने उत्तर प्रदेश की विकास गाथा, निवेश अनुकूल नीतियों तथा विभिन्न सेक्टर्स में उभरते अपार व्यावसायिक अवसरों को प्रस्तुत करना है।

इस दौरान उत्तर प्रदेश के मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, सेक्टोरल पॉलिसीज, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर आदि में यूपी की प्रगति से अवगत कराते हुए निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।

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गौरतलब है कि सिंगल विंडो सिस्टम, विशाल भूमि बैंक, स्किल्ड मैनपावर और इन्सेंटिव पॉलिसी के चलते गत 9 वर्षो में यूपी निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है।
Edited By : Chetan Gour

अयोध्या मामले में SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट

SIT submits preliminary report to Home Department in Ayodhya case

Uttar Pradesh News : अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। इस रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार की ओर से एक्शन शुरू हो सकता है।

माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर गबन और चोरी के मामलों में केस भी दर्ज कराई जा सकती है। वहीं कुछ लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। राम मंदिर एसआईटी की जांच के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने और जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अब कुछ नए नामों की चर्चा तेज हो गई है।

ये लोग राम जन्मभूमि में कर्मचारी नहीं हैं। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 

Edited By : Chetan Gour 

बीएसबी से संबद्ध विद्यालयों को मुख्यधारा से जोड़ रही योगी सरकार

 Yogi government is connecting BSB affiliated schools with mainstream

– यू-डायस प्लस कोड आवंटन और विद्यालय श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया को मिली गति

– जिलों को आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश

– छात्रों के शैक्षणिक अभिलेखों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की पहल

Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक सक्षम और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। शिक्षा सुधारों को संस्थागत मजबूती प्रदान करने और प्रत्येक विद्यार्थी को सुव्यवस्थित शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़ने के क्रम में अब भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी), हरिद्वार से संबद्ध विद्यालयों के लिए यू-डायस प्लस कोड आवंटन तथा विद्यालय श्रेणी उन्नयन (स्कूल केटेगरी अपग्रेडेशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।

 

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल प्रशासन, तकनीक आधारित अनुश्रवण और डेटा प्रबंधन को लगातार मजबूती दी जा रही है। यू-डायस प्लस जैसी व्यवस्थाओं के विस्तार से शिक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों को इस व्यवस्था से जोड़ने की पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 

आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के लिए नवीन यू-डाइस प्लस कोड आवंटन तथा आवश्यकतानुसार विद्यालय श्रेणी उन्नयन की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

जिन विद्यालयों के पास यू-डायस प्लस कोड उपलब्ध नहीं, उन्हें नवीन कोड आवंटित होंगे

निर्देशों में कहा गया है कि जिन विद्यालयों के पास यू-डायस प्लस कोड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें नवीन कोड आवंटित किए जाने की कार्रवाई की जाएगी, जबकि पूर्व से यू-डायस कोड प्राप्त विद्यालयों के लिए मान्यता के अनुरूप विद्यालय श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अभिलेखों, आख्या और संस्तुति सहित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।

 

बीएसबी ने किया है नवीन कोड आवंटन तथा कक्षा उन्नयन संबंधी अनुरोध

उल्लेखनीय है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड, हरिद्वार द्वारा संचालित एवं संबद्ध विद्यालयों के लिए यू-डायस प्लस पोर्टल पर नवीन कोड आवंटन तथा कक्षा उन्नयन संबंधी अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इसके दृष्टिगत शासन स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

विद्यालयों के यू-डायस प्लस प्रणाली से जुड़ने के बाद उनका शैक्षणिक डाटा राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में व्यवस्थित रूप से समाहित हो सकेगा, जिससे नामांकन, शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा संबंधी अभिलेखों तथा अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
Edited By : Chetan Gour 

Lucknow fire tragedy update: अब तक 15 लोगों की मौत, 4 आरोपी गिरफ्तार, चार अधिकारी निलंबित… लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में अब तक क्या हुआ?

Lucknow fire tragedy update:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून) को तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि 9 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। इस बिल्डिंग में एक एनिमेशन सेंटर था जहां छात्र मौजूद थे। साथ ही निचली मंजिलों पर एक पेट शॉप और एक क्लिनिक भी था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

पॉश रिहायशी इलाके में है कोचिंग सेंटर

घटना अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में दोपहर करीब तीन बजे हुई। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह बिल्डिंग अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कई कोचिंग सेंटर और कैफे मौजूद हैं।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बचाव दल ने इस घटना में घायल कुल 22 लोगों को केजीएमयू पहुंचाया, जिनमें से 15 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मतृकों की हुई पहचान

अस्पताल द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार हादसे में मरने वालों की शिनाख्त सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में हुई है। के.के. सिंह ने बताया कि हादसे में घायल हुए नौ लोगों में से सात को छुट्टी दे दी गई है। जबकि दो अन्य का इलाज किया जा रहा है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

SIT में कौन-कौन अधिकारी शामिल?

बयान के अनुसार एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। उसे सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस मामले में पुलिस ने देर रात चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

चार अरेस्ट, 4 सस्पेंड

लखनऊ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल बिल्डिंग के संयुक्त रूप से मालिक हैं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

घायलों से मिले सीएम योगी, पीएम मोदी ने जताया दुख

घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री अलीगढ का अपना दौरा बीच में ही छोडकर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वह अस्पताल भी पहुंचे और घायल पीड़ितों से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की। रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बाद में उन्होंने केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मुख्यमंत्री को फोन करके घटना की जानकारी ली।

मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है।

अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब छह बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे। फिर हादसे की शिकार इमारत की स्थिति का जायजा लिया और इमारत की ऊपरी मंजिलों का भी दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आदित्यनाथ केजीएमयू पहुंचे, दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात करके उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

कैसे लगी आग?

घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आग लगने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग शायद इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने का सही रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने से मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय बीजेपी विधायक नीरज बोरा ने पीटीआई को बताया कि इस हादसे में मरने वाले लोगों में से आधे स्थानीय निवासी थे।

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Lucknow Fire: बचने के लिए बाथरूम में छिपे, छत से लगाई छलांग…लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड अब तक 14 छात्रों की मौत

यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक बेहद ही दर्दनाक घटना घटी है। लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में लपटें विकराल हो गई। आसपास के लोगों ने सूचना दमकल को दी। हादसे में अब तक 14 छात्रों की मौत हो गई है। वहीं कई स्टूडेंट्स घायल बताए जा रहे हैं। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। एक बच्चे ने पहले फ्लोर से कूद कर जान बचाई। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए।

13 छात्रों का किया गया रेस्क्यू

इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए।  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि अब तक 13 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और दुखद घटना है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इमारत के अंदर काफी धुआं भरा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है। भवन के हर हिस्से और हर कमरे की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। उन्होंने कहा कि इमारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर था, जिसके जलने से घना धुआं फैल गया और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

घटना को लेकर जांच के आदेश

उन्होंने बताया कि दमकल विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर मौजूद है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र था, जहां छात्र कार्टून और ग्राफिक्स से जुड़ी पढ़ाई करने आते थे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घायल छात्रों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष बताई जा रही है। घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को मौके पर बुलाया गया है। उन्हें आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी ने रद्द किया अपना कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलने पर अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद कर दिया। अलीगढ़ में CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की घटना पर कहा कि मुझे अभी लखनऊ में हुए हादसे की जानकारी मिली है। आग की घटना में कुछ बच्चों की दुखद मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। इस दुखद घटना के चलते मैं तुरंत लखनऊ लौट रहा हूं।