मौत पर राजनीति न करें अखिलेश, अलीगंज की घटना उनके कुकृत्यों का नतीजा : ब्रजेश पाठक

Deputy CM Brajesh Pathak targets Akhilesh Yadav regarding Aliganj case

– डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को दी मौत पर सियासत न करने की सलाह

– कहा- 15 लोगों की जान गई और अखिलेश एसी कमरे में बैठकर कर रहे राजनीति 

– प्लॉट आवंटन से लेकर बिल्डिंग निर्माण और नक्शा पास कराने में शामिल रही अखिलेश की मशीनरी 

– सील होने के बावजूद आखिर किस दबाव में अखिलेश सरकार ने ध्वस्तीकरण का आदेश रद करने का काम किया 

– सीएम योगी हर पल ले रहे घटना पर अपडेट, चार अफसर हो चुके हैं सस्पेंड, एसआईटी जांच में दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई 

Deputy CM Brajesh Pathak : अलीगंज अग्निकांड पर विपक्ष द्वारा राजनीति किए जाने पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा है कि यह हादसा आपकी सरकार के कुकृत्यों का नमूना है। उन्होंने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में 15 लोगों की जान गई है और आप एसी कमरे में बैठकर राजनीति कर रहे हैं। 

 

ब्रजेश पाठक ने अलीगंज अग्निकांड को अखिलेश सरकार के भ्रष्टाचार का नमूना बताते हुए कहा कि प्लॉट आवंटन से लेकर इस अवैध बिल्डिंग का निर्माण का कार्य आपकी ही सरकार के दौरान हुआ था। आपने इसे सील करके सील खोलने का काम किया था। ध्वस्तीकरण के आदेश को रद करने का काम किया था। ये दर्दनाक घटना आप के ही सरकार के कुकृत्यों का यह नतीजा है। 

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डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सारे कार्यक्रम रद करके स्वयं तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें न्याय दिलाने के लिए रात में ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।

 

डिप्टी सीएम ने कहा कि जितने भी लोग इस घटना में जवाबदेह पाए जाएंगे सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री जी ने एसआईटी का गठन भी कर दिया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है, उनके दर्द को समझते हुए सरकार हर संभव मदद और न्याय सुनिश्चित करेगी।

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अखिलेश सरकार में कैसे मिली भवन निर्माण की इजाजत? 

अखिलेश सरकार के भ्रष्टाचार वाले इकोसिस्टम ने पूरे प्रदेश में ऐसी खतरनाक इमारतों को बनाने का रास्ता खोल दिया, जो आज लोगों की जान ले रही हैं। ये भवन 1980 में लॉटरी से आवंटित तो हुआ था, लेकिन असली खेल अखिलेश यादव के राज में हुआ।

 

20 अगस्त 2014 को अखिलेश सरकार ने 1992 वर्गफुट का आवासीय नक्शा पास कर दिया। 2016 में अवैध निर्माण का मुकदमा दर्ज हुआ, 10 मई 2016 को ध्वस्तीकरण का आदेश भी आ गया। लेकिन मात्र 2 महीने बाद, 5 जुलाई 2016 को अखिलेश सरकार ने ध्वस्तीकरण का आदेश रद्द कर दिया। आखिर क्यों और किसके दबाव में?

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सैटेलाइट तस्वीरें भी सब कुछ बेनकाब करती हैं। दिसंबर 2015 में प्लॉट बिल्कुल खाली था, मगर फरवरी 2016 में निर्माण शुरू हुआ और जून 2016 तक इमारत बनकर तैयार हो गई। यानी नियम-कानून को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से नक्शा पास कराया गया, निर्माण कराया गया और सब अखिलेश सरकार की नाक के नीचे चलता रहा। क्या अखिलेश के समय किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई? क्या कोई जवाबदेही तय हुई? बिल्कुल नहीं! ये अग्निकांड अखिलेश यादव सरकार की भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता सबूत है।
Edited By : Chetan Gour 

Lucknow Fire: बचने के लिए बाथरूम में छिपे, छत से लगाई छलांग…लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड अब तक 14 छात्रों की मौत

यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक बेहद ही दर्दनाक घटना घटी है। लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में लपटें विकराल हो गई। आसपास के लोगों ने सूचना दमकल को दी। हादसे में अब तक 14 छात्रों की मौत हो गई है। वहीं कई स्टूडेंट्स घायल बताए जा रहे हैं। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। एक बच्चे ने पहले फ्लोर से कूद कर जान बचाई। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए।

13 छात्रों का किया गया रेस्क्यू

इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए।  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि अब तक 13 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और दुखद घटना है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इमारत के अंदर काफी धुआं भरा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है। भवन के हर हिस्से और हर कमरे की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। उन्होंने कहा कि इमारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर था, जिसके जलने से घना धुआं फैल गया और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

घटना को लेकर जांच के आदेश

उन्होंने बताया कि दमकल विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर मौजूद है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र था, जहां छात्र कार्टून और ग्राफिक्स से जुड़ी पढ़ाई करने आते थे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घायल छात्रों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष बताई जा रही है। घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को मौके पर बुलाया गया है। उन्हें आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी ने रद्द किया अपना कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलने पर अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद कर दिया। अलीगढ़ में CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की घटना पर कहा कि मुझे अभी लखनऊ में हुए हादसे की जानकारी मिली है। आग की घटना में कुछ बच्चों की दुखद मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। इस दुखद घटना के चलते मैं तुरंत लखनऊ लौट रहा हूं।

Lucknow: लखनऊ की कोचिंग सेंटर में आग, 14 स्टूडेंट की मौत…मचा हड़कंप

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई। इस हादसे में अबतक 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई स्टूडेंट्स घायल बताए जा रहे हैं। लखनऊ के अलीगंज इलाके में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। इस घटना पर पीएम मोदी और सीएम योगी ने खेद जताया है।

अधिकारियों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे उषा मेहता मार्ग स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी।

 फायर ब्रिगेड के लोग अंदर मौजूद

लखनऊ कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग लगने की घटना पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा, “कुल तेरह बच्चों को अभी बाहर निकाला गया है। उन सभी को हॉस्पिटल भेज दिया गया है। ये एक बड़ी घटना है। अंदर धुआं है और हर एक चीज को हटाकर चेक किया जा रहा है। हर कमरे की जांच की जा रही है।” डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने आगे कहा, “अंदर बहुत सारा लकड़ी का फर्नीचर था और उस फर्नीचर से निकलने वाले धुएं से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। फायर ब्रिगेड के लोग अंदर हैं। NDRF की टीमें मौके पर हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग एक एनिमेशन सेंटर में लगी, जहां बच्चे कार्टून और एनिमेशन से जुड़े कोर्स सीखने आते थे।”

कैसे लगी घटना अभी इसकी जानकारी नहीं

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने आगे कहा, ” मुझे अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि ये घटना कैसे शुरू हुई… घायलों को KGMC ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। वे लगभग 16-17 साल के थे… घटना की हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) और DGP को मौके पर बुलाया गया है और उन्हें कारणों की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। मैंने अपनी आंखों से 14 लाशें देखीं”

फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर नियंत्रण पाने के लिए 14 दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया, जिनमें 1 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन भी शामिल है। दमकल कर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मामले से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है।