Lucknow fire update: हाथ से उतर गई चमड़ी… लखनऊ में आग लगी तो दूसरी मंजिल से कूदने वाले मोहम्मद आसिफ ने उस खौफनाक मंजर को किया बयान

Lucknow fire tragedy update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार 22 जून को एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने सिर्फ 15 लोगों की जान ही नहीं ली। बल्कि उनके साथ जुड़े अनगिनत सपनों, उम्मीदों को भी हमेशा के लिए राख कर दिया। कोई अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था, तो कोई बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने का सपना देख रहा था। कोई अपने करियर की शुरुआत कर रहा था, तो कोई छुट्टियां बिताने की तैयारी में जुटा था। लेकिन इस भीषण अग्निकांड ने उनके जीवन के साथ-साथ उनके सपनों को भी निगल लिया।

लखनऊ के आशियाना निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद आसिफ उस भयावह अग्निकांड के चश्मदीद और पीड़ित हैं, जो अलीगंज स्थित बिल्डिंग में हुआ। आसिफ दूसरी मंजिल पर मौजूद गेमिंग स्टूडियो में काम करते थे। उन्होंने News18 को बताया बताया कि हादसे के वक्त सब कुछ सामान्य था। लेकिन कुछ ही पलों में माहौल मौत के मंजर में बदल गया। आसिफ के बताया, “हम लोग बैठे हुए थे और मस्ती कर रहे थे। अचानक सब कुछ एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। धुआं इतना ज्यादा था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।”

उन्होंने आशंका जताई कि बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में मौजूद पेट स्टोर में बड़ी मात्रा में रखा सामान आग को तेजी से फैलाने का कारण बना। जान बचाने के लिए आसिफ को दूसरी मंजिल से छलांग लगानी पड़ी। उन्होंने बताया, “मैं हाईटेंशन वायर के सहारे नीचे कूदा। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि तार भी पिघल चुका था। उसे पकड़ने के दौरान मेरे हाथों की चमड़ी तक उधड़ गई। अगर मैं 10-15 सेकंड और देर करता तो शायद मेरी भी मौत हो जाती।”

आसिफ ने राहत और उचित इलाज व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी काफी देर तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त ने भी जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। लेकिन उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। आसिफ ने कहा, “वह काफी देर तक सड़क पर ही पड़ा रहा, मदद समय पर नहीं पहुंची।”

आसिफ के अनुसार हादसे के दौरान इमारत में सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नाकाम साबित हुईं। उन्होंने आगे कहा, “टेरेस का दरवाजा बंद था, वाटर स्प्रिंकलर काम नहीं कर रहे थे और बायोमेट्रिक दरवाजे लॉक थे। इसी वजह से कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।” इस हादसे ने इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

15 लोगों की गई जान

अलीगंज स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में सोमवार दोपहर लगी आग में 15 लोगों की झुलसकर मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है और पीछे छूट गए हैं बूढ़े माता-पिता, भाई-बहन और वे अधूरे सपने, जो अब कभी पूरे नहीं हो सकेंगे।

मृतकों में 22 वर्षीय आईटी तकनीशियन अब्दुल रहमान भी शामिल हैं। वह पिछले एक वर्ष से ‘एरिया स्टूडियो’ में कार्यरत थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता अफजल कई वर्षों से लकवाग्रस्त हैं। रहमान की मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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इस भीषण अग्निकांड में मोहम्मद इमरान के इकलौते बेटे शाहजान (18) की भी मौत हो गई। जानकीपुरम निवासी शाहजान एक छोटे कारोबारी परिवार से थे। पिछले कुछ समय से कंप्यूटर की ट्रेनिंग ले रहे थे। परिजनों के अनुसार, वह बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाने की योजना बना रहे थे। सुखमनी सिंह (22) भी इस हादसे का शिकार हो गईं। उनके परिवार में पिता प्रभजोत सिंह, मां और एक छोटा भाई हैं। प्रभजोत सिंह सिविल डिफेंस में कार्यरत हैं।

Lucknow Fire: बचने के लिए बाथरूम में छिपे, छत से लगाई छलांग…लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड अब तक 14 छात्रों की मौत

यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक बेहद ही दर्दनाक घटना घटी है। लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में लपटें विकराल हो गई। आसपास के लोगों ने सूचना दमकल को दी। हादसे में अब तक 14 छात्रों की मौत हो गई है। वहीं कई स्टूडेंट्स घायल बताए जा रहे हैं। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। एक बच्चे ने पहले फ्लोर से कूद कर जान बचाई। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए।

13 छात्रों का किया गया रेस्क्यू

इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए।  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि अब तक 13 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और दुखद घटना है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इमारत के अंदर काफी धुआं भरा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है। भवन के हर हिस्से और हर कमरे की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। उन्होंने कहा कि इमारत में बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर था, जिसके जलने से घना धुआं फैल गया और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

घटना को लेकर जांच के आदेश

उन्होंने बताया कि दमकल विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर मौजूद है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र था, जहां छात्र कार्टून और ग्राफिक्स से जुड़ी पढ़ाई करने आते थे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घायल छात्रों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी उम्र लगभग 16 से 17 वर्ष बताई जा रही है। घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक को मौके पर बुलाया गया है। उन्हें आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी ने रद्द किया अपना कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलने पर अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद कर दिया। अलीगढ़ में CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की घटना पर कहा कि मुझे अभी लखनऊ में हुए हादसे की जानकारी मिली है। आग की घटना में कुछ बच्चों की दुखद मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। इस दुखद घटना के चलते मैं तुरंत लखनऊ लौट रहा हूं।