
भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार भोपाल नगर निगम ने शहर के आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को निगम की टीम ने अरेरा कॉलोनी के ई-3 क्षेत्र सहित सर्वधर्म बी सेक्टर और रचना नगर में पहुंचकर होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान रचना नगर स्थित एक होटल को बंद कराने के साथ जूंबा डांस हाउस को सील किया गया। निगम के अफसर करीब 17 व्यावसायिक संस्थानों की सूची लेकर निकली और एक के बाद एक सीलिंग की कार्रवाई की।
नगर निगम की टीम अरेरा कॉलोनी ई-3 पहुंची और यहां आवासीय क्षेत्र में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की जांच की। निगम अधिकारियों के अनुसार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद निगम की टीम सर्वधर्म बी सेक्टर भी पहुंची, जहां कमर्शियल गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की गई। निगम की कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब व्यापारी संघ ने कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शहर से सबसे पॉश इलाके में जब नगर निगम के दल ने छोटे व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की तो दुकानदारों ने हंगामा शुरु कर दिया। दुकानदारों का आऱोप है कि नगर निगम केवल छोटे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, बड़े प्रतिष्ठानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
निगम की कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारी संगठनों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि निगम की कार्रवाई मुख्य रूप से छोटे दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि आवासीय क्षेत्रों में बड़े स्तर पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
10 नंबर मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष आनंस सोनी ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के मास्टर प्लान नहीं लाने का खामियाजा आज व्यापारी भुगत रहे है। उन्होंने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई से भोपाल का 90 प्रतिशत व्यापार बंद हो जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग की। वहीं व्यापारियों को तत्काल राहत देने के लिए मिक्स लैंड यूज व्यवस्था को लागू करने की मांग की।
इसके साथ ही व्यापरियों ने कहा कि यदि आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियां नियम विरुद्ध हैं तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि छोटे दुकानदारों को सील कर देने से पहले निगम को पूरे क्षेत्र का सर्वे कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन-किन भवनों में नियमों का उल्लंघन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
व्यापारियों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई में समानता नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि कई बड़े और रसूखदार लोगों के प्रतिष्ठान भी आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कार्रवाई के दौरन निगम के अमले से जब 10 नंबर इलाके में संचालित शराब दुकान और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई न करने को लेकर सवाल उठाया गया तो अधिकारी बिना कुछ जवाब दिए वहां से निकल गए।







