Rashifal Today: आज के दिन सोच-समझकर लें कोई भी फैसला, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन निवेश और बचत से जुड़ी योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय है। अपने बजट और पुराने निवेश की समीक्षा करें। यदि किसी विशेषज्ञ की सलाह की जरूरत महसूस हो तो लेने में संकोच न करें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। अपनी बचत, निवेश और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा करने का अच्छा समय है। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें, क्योंकि बाद में पछतावा हो सकता है। बजट का पालन करेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अपनी आमदनी और खर्च का सही हिसाब रखें। फिजूलखर्ची से बचें और लंबे समय की वित्तीय योजना पर काम करें। यदि निवेश करने का विचार है, तो सोच-समझकर फैसला लें। आज की समझदारी भविष्य में बड़ा लाभ दिला सकती है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए अच्छा दिन है। आय और खर्च का संतुलन बनाए रखें। नई कमाई के अवसर मिल सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें। अगर किसी निवेश की योजना बना रहे हैं तो पूरी जानकारी लेने के बाद ही कदम उठाएं। सही योजना भविष्य को सुरक्षित बनाएगी।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज परिवार और घर से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। किसी भी चीज़ पर भावनाओं में बहकर पैसा खर्च करने से बचें। जरूरत और सुविधा के अनुसार खर्च करें। बजट बनाकर चलेंगे तो अचानक आने वाले खर्चों को भी आसानी से संभाल पाएंगे।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में अनुशासन बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। अपनी आय के अनुसार बजट तैयार करें और बेवजह की खरीदारी से बचें। कोई नया आर्थिक अवसर मिले तो जल्दबाजी न करें, बल्कि पूरी जानकारी लेकर ही फैसला करें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी वित्तीय योजनाओं की समीक्षा करें। छोटी-छोटी बचत भी भविष्य में बड़ा फायदा दे सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और जरूरी चीजों को प्राथमिकता दें। सही योजना और समझदारी से लिए गए फैसले आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएंगे।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। अपनी जरूरतों और इच्छाओं में फर्क समझें। लग्जरी चीजों पर खर्च करने से बचें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। आज किया गया छोटा प्रयास भी आगे चलकर बड़ा लाभ दे सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज निवेश और बचत से जुड़ी योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय है। अपने बजट और पुराने निवेश की समीक्षा करें। यदि किसी विशेषज्ञ की सलाह की जरूरत महसूस हो तो लेने में संकोच न करें। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। आने वाले महीनों के लिए स्पष्ट आर्थिक लक्ष्य तय करें और उसी दिशा में आगे बढ़ें। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले आपको बेहतर आर्थिक परिणाम दिला सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Aastha Spintex: आस्था स्पिनटेक्स को ₹76.78 करोड़ के ऑर्डर मिले, कॉटन यार्न की करेगी सप्लाई

Aastha Spintex Order Book: कॉटन यार्न बनाने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड को जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच डिलीवरी के लिए ₹76.78 करोड़ के कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक से आने वाले महीनों में प्रोडक्शन और कमाई को सहारा मिलेगा।

चार महीनों के लिए 55 कन्फर्म ऑर्डर

कंपनी को कुल 55 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत करीब 26.46 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। ऑर्डर बुक में जुलाई के लिए ₹24.45 करोड़, अगस्त के लिए ₹20.78 करोड़, सितंबर के लिए ₹22.83 करोड़ और अक्टूबर के लिए ₹8.72 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।

पुराने ग्राहकों से लगातार मिल रहे ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि मौजूदा ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2024-25 के ₹352 करोड़ के रेवेन्यू का 21% से ज्यादा है। 7 Seas Impex, Texpert India, Elkins Trade Links और Niva Export जैसे पुराने ग्राहक लगातार ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं, Sharvay Agronics LLP नए ग्राहक के रूप में जुड़ा है, जिससे कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत हुआ है।

Falcon Texotube के अधिग्रहण से फायदा

आस्था स्पिनटेक्स ने हाल ही में Falcon Texotube का अधिग्रहण किया था। कंपनी का दावा है कि इसके बाद स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो गई है। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। इससे कंपनी अब बड़े और ज्यादा ऑर्डर पूरे करने की स्थिति में है।

वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजमेंट का कहना है कि ₹76.78 करोड़ की ऑर्डर बुक उसकी पोस्ट-एक्विजिशन ग्रोथ रणनीति की सफलता दिखाती है। वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। कंपनी का रेवेन्यू FY23 के ₹240 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹352 करोड़ हो गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग और EBITDA मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs SSY: अगर आपके घर में छोटी बेटी है और आप उसके भविष्य के लिए हर महीने ₹2,000 बचाना चाहते हैं, तो आपके सामने दो लोकप्रिय विकल्प होते हैं। पहला सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और दूसरा म्यूचुअल फंड SIP।

दोनों का मकसद लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है। लेकिन दोनों का तरीका अलग है। एक में सरकार तय ब्याज देती है, जबकि दूसरे में रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है।

तो अगर हर महीने सिर्फ ₹2,000 निवेश किए जाएं, तो आखिर किसमें ज्यादा पैसा बन सकता है? आइए इसे समझते हैं।

₹2,000 की SIP से कितना फंड बन सकता है?

मान लीजिए कि आपकी बेटी अभी 2 साल की है। आप उसके 23 साल की होने तक एक अच्छा फंड तैयार करना चाहते हैं। आप 21 साल तक हर महीने ₹2,000 की SIP करते हैं। अगर निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो तस्वीर कुछ ऐसी बन सकती है।

डिटेलSIP
मासिक निवेश₹2,000
निवेश अवधि21 साल
कुल निवेश₹5.04 लाख
अनुमानित रिटर्न12% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹22-24 लाख

यानी आपने अपनी जेब से सिर्फ ₹5.04 लाख लगाए, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत से फंड ₹22 लाख से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा मिलेगा?

अब सुकन्या समृद्धि योजना का हिसाब भी समझ लेते हैं। इसमें आप हर महीने ₹2,000 जमा करते हैं। फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्थिति में अनुमानित तस्वीर कुछ ऐसी होगी।

डिटेल
Sukanya Samriddhi Yojana

मासिक निवेश₹2,000
जमा करने की अवधि15 साल
योजना की मैच्योरिटी21 साल
कुल निवेश₹3.60 लाख
मौजूदा ब्याज दर8.2% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹9.5-10 लाख*

*यह अनुमान मौजूदा 8.2% ब्याज दर के आधार पर है। भविष्य में ब्याज दर बदल सकती है।

दोनों में इतना बड़ा अंतर क्यों?

पहली नजर में आपको लगेगा कि SIP में पैसा बहुत ज्यादा बन रहा है। लेकिन इसकी वजह समझना भी जरूरी है। SIP वाले उदाहरण में 21 साल तक लगातार निवेश किया गया है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना में सिर्फ 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल में मैच्योर होता है। यानी आखिरी 6 साल तक बिना नया पैसा जमा किए भी ब्याज मिलता रहता है।

दूसरी बात यह है कि SIP में 12% रिटर्न माना गया है, जबकि सुकन्या योजना में 8.2% ब्याज लिया गया है। यही दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है।

कौन-सा विकल्प चुनें?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की गारंटी होती है और ब्याज भी टैक्स छूट के साथ मिलता है।

लेकिन अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है और आप बाजार का थोड़ा जोखिम उठा सकते हैं, तो SIP ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखती है। हालांकि, इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

क्या एक ही विकल्प चुनना चाहिए?

जरूरी नहीं कि आप सिर्फ एक ही विकल्प चुनें। कई फाइनेंशियल प्लानर सलाह देते हैं कि बेटी के भविष्य के लिए दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, आप हर महीने ₹1,000 सुकन्या समृद्धि योजना में और ₹1,000 SIP में निवेश कर सकते हैं। इससे एक तरफ सुरक्षित फंड बनेगा, वहीं दूसरी तरफ बाजार से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना भी बनी रहेगी। आपकी कमाई जैसे बढ़े, उसी हिसाब से आप निवेश की रकम भी बढ़ा सकते हैं।

SIP Calculator: ₹1000 की SIP से हर महीने ₹1 लाख की कमाई! जानिए कैसे काम करता है ये फॉर्मूला

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Silver Price Today: सोना ₹1500 सस्ता हुआ, ₹2000 गिरा चांदी का भाव; जानिए लेटेस्ट रेट

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को दिल्ली में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,500 टूटकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी ₹2,000 गिरकर ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2.37 लाख प्रति किलो था।

सोना-चांदी क्यों हुए सस्ते?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता फिर गहरा गई है। साथ ही अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है। इन दोनों वजहों का दबाव सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। स्पॉट गोल्ड 1.3% गिरकर 4,067.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 2.32% टूटकर 58.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि सोने पर दबाव बना हुआ है।

अब किस पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाले अमेरिका के CPI (Consumer Price Index) आंकड़ों पर रहेगी। इससे यह संकेत मिल सकता है कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठा सकता है।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अगर अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है। इससे सोने पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं, तो सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

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HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी HCL Technologies (HCLTech) ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रॉफिट, रेवेन्यू और मार्जिन तीनों उम्मीद से ज्यादा रहे।

कंपनी ने FY27 के लिए अपना गाइडेंस भी बरकरार रखा है। कंपनी को अब भी पूरे वित्त वर्ष में कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% रहने की उम्मीद है।

प्रॉफिट और रेवेन्यू में अच्छी बढ़त

जून तिमाही में HCLTech का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.3% बढ़कर ₹4,624 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,844 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ पहुंच गया।

डॉलर के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू 3.65 अरब डॉलर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.5% घटा। लेकिन यह भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

HCLTech का EBIT ₹5,831 करोड़ रहा। वहीं, EBIT मार्जिन बढ़कर 16.86% हो गया, जो मार्च तिमाही में 16.5% था।

आईटी और बिजनेस सर्विसेज से रेवेन्यू बढ़कर ₹26,049 करोड़ हो गया। इंजीनियरिंग और R&D सर्विसेज का रेवेन्यू ₹5,690 करोड़ रहा। वहीं, HCL Software का रेवेन्यू बढ़कर ₹2,840 करोड़ पहुंच गया।

AI कारोबार में तेज बढ़त

HCLTech ने बताया कि उसका Advanced AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 10.6% और सालाना आधार पर 62.1% बढ़ा।

इसके अलावा कंपनी ने जून तिमाही में 2.41 अरब डॉलर का नया ऑर्डर (TCV) हासिल किया, जो पहली तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कर्मचारियों की संख्या घटी

जून तिमाही में HCLTech के कर्मचारियों की संख्या 3,292 घटकर 2,23,889 रह गई। वहीं, एट्रिशन रेट बढ़कर 12.7% हो गई, जो मार्च तिमाही में 12.5% थी।

₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

HCLTech के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 27 जुलाई को किया जाएगा। कंपनी ने 1 जुलाई को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद Jaspersoft के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

नतीजों से पहले सोमवार को HCLTech का शेयर 5.15% की तेजी के साथ ₹1,224 पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल अब तक शेयर करीब 25% गिर चुका है।

ICICI Prudential AMC Q1 Results: मुनाफा 23% बढ़ा, AUM ₹11 लाख करोड़ के पार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई चाहिए? जानिए आपके लिए कौन-सी स्कीम बेस्ट

Retirement Planning: रिटायरमेंट प्लानिंग अब सिर्फ बचत तक सीमित नहीं रह गई है। बढ़ती उम्र, महंगाई और इलाज का खर्च देखते हुए समय रहते बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना जरूरी हो गया है। नौकरीपेशा लोगों को EPF का फायदा मिलता है। लेकिन इसके अलावा भी कई सरकारी और मार्केट से जुड़ी स्कीम हैं, जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सहारा बन सकती हैं।

NPS (National Pension System)

NPS सरकार की रिटायरमेंट स्कीम है। इसे PFRDA रेगुलेट करता है। इसमें नौकरीपेशा और स्वरोजगार करने वाले, दोनों निवेश कर सकते हैं।

इसमें पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी बॉन्ड और दूसरे एसेट्स में लगाया जाता है। रिटायरमेंट पर कुछ रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है। बाकी रकम से एन्युटी खरीदनी होती है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है। इसमें टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है।

EPF (Employees’ Provident Fund)

EPF संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सबसे लोकप्रिय रिटायरमेंट स्कीम है। हर महीने कर्मचारी और कंपनी, दोनों बेसिक सैलरी और DA का तय हिस्सा जमा करते हैं।

इस पर EPFO हर साल ब्याज तय करता है। फिलहाल ब्याज दर 8.25% सालाना है। रिटायरमेंट पर पूरा फंड निकाला जा सकता है। वहीं, इलाज, घर खरीदने या पढ़ाई जैसी जरूरतों के लिए कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी भी की जा सकती है।

PPF (Public Provident Fund)

PPF सरकार समर्थित लंबी अवधि की बचत योजना है। इसकी मैच्योरिटी 15 साल की होती है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।

इसकी ब्याज दर सरकार तय करती है। रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता। इसमें टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है। यह लंबी अवधि में सुरक्षित रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्छा विकल्प माना जाता है।

APY (Atal Pension Yojana)

अटल पेंशन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, पात्रता पूरी करने वाले दूसरे लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

इसमें कामकाजी उम्र के दौरान नियमित निवेश करना होता है। तय उम्र के बाद हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। पेंशन की रकम आपके योगदान और चुने गए विकल्प पर निर्भर करती है।

SCSS (Senior Citizens’ Savings Scheme)

SCSS खास तौर पर रिटायर हो चुके लोगों के लिए है। इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस के जरिए निवेश किया जा सकता है।

सरकार समय-समय पर इसकी ब्याज दर तय करती है। ब्याज नियमित अंतराल पर मिलता है, इसलिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहने वालों के बीच यह काफी लोकप्रिय है।

म्यूचुअल फंड

सरकारी योजनाओं के अलावा म्यूचुअल फंड भी रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्छा विकल्प हो सकते हैं। लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इनमें बाजार का जोखिम भी रहता है।

SIP के जरिए हर महीने निवेश करने से लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है। रिटायरमेंट के करीब पहुंचने पर कई निवेशक डेट फंड जैसे स्थिर विकल्पों का रुख करते हैं। इनमें जोखिम कम होता है।

कौन-सी स्कीम चुनें?

हर व्यक्ति के लिए एक ही रिटायरमेंट प्लान सही नहीं हो सकता। सही विकल्प आपकी उम्र, आय, नौकरी, जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट के लक्ष्य पर निर्भर करता है फाइनेंशयल एडवाइजर आमतौर पर सिर्फ एक स्कीम पर निर्भर रहने से बचने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक- आपको अलग अलग स्कीमों में निवेश करना चाहिए, ताकि जोखिम कम रहे।

उदाहरण के लिए, नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF आधार बन सकता है। वहीं NPS, PPF और म्यूचुअल फंड अतिरिक्त रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद कर सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद SCSS जैसी स्कीम नियमित कमाई का अच्छा जरिया बन सकती है।

ITR Refund: ई-वेरिफिकेशन में देरी होने पर भी मिलेगा रिफंड, ITAT के फैसले से टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

48 घंटे से भी कम समय में क्रेडिट होने वाला है आपके PF खाते में इंट्रेस्ट! जानिए कैसे कैलकुलेट होता है ब्याज, 5 लाख पीएफ पर कितनी होगी कमाई?

EPF Interest 2026: अगर आप भी बार-बार अपनी ईपीएफ (EPF) पासबुक रिफ्रेश कर रहे हैं तो आपका इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 34 करोड़ खातों में 15 जुलाई तक ब्याज की रकम क्रेडिट करने जा रहा है। पिछले वर्षों में जहां ब्याज अक्टूबर-नवंबर के समय क्रेडिट होता था। वहीं इस साल यह काफी पहले किया जा रहा है।

इस बार कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि इंट्रेस्ट के मद में क्रेडिट होने वाली है। EPFO के नए सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम (CITES) के माध्यम से बड़े पैमाने पर किया जाने वाला पहला ब्याज भुगतान है।

पिछले महीने वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर की गई ब्याज दर लगातार तीसरे साल भी 8.25 प्रतिशत पर बरकरार है। आइए जानते हैं कि आपके पीएफ बैलेंस के हिसाब से इस 8.25% ब्याज का रुपयों में क्या गणित बैठता है और इसका कैलकुलेशन कैसे किया जाता है।

₹5 लाख से ₹1 करोड़ के बैलेंस पर कितनी होगी कमाई?

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन 31 मार्च 2026 तक के कुल फंड के आधार पर की जाती है। ये इंट्रेस्ट 15 जुलाई तक आपके पासबुक में दिखने लगेगी। साधारण गणित के हिसाब से आपके पीएफ बैलेंस पर मिलने वाला इंट्रेस्ट कुछ ऐसा बनता है:-

₹5 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹41250 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹541250 हो जाएगा।

₹10 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹82500 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹1082500 हो जाएगा।

₹50 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹412500 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹5412500 हो जाएगा।

₹1 करोड़ के पीएफ बैलेंस पर: ₹825000 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹10825000 हो जाएगा।

इंट्रेस्ट क्रेडिट होने से पहले अपने ईपीएफओ मेंबर पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर जाकर तुरंत चेक कर लें कि आपकी केवाईसी डिटेल्स अपडेटेड हैं या नहीं। केवाईसी डिटेल्स का पुराना या आउटडेटेड होना ही सबसे आम कारण है जिसकी वजह से ब्याज क्रेडिट और क्लेम अटक जाते हैं।

कैसे होता है EPF ब्याज का कैलकुलेशन? जानिए नियम

ईपीएफ (EPF) में ब्याज की गणना मंथली आधार पर की जाती है। लेकिन यह रकम वित्तीय वर्ष के अंत में साल में एक बार आपके खाते में जमा होती है। इसका कैलकुलेशन कुछ इस तरह से किया जाता है-

मंथली क्लोजिंग बैलेंस: ईपीएफओ हर महीने के अंत में आपके खाते के बैलेंस को आधार बनाता है। पिछले वित्त वर्ष के क्लोजिंग बैलेंस पर पूरे साल का ब्याज मिलता है।

मासिक दर: वार्षिक ब्याज दर को 12 से भाग दिया जाता है, जैसे- 8.25% ÷ 12 = 0.6875% प्रति माह

नया योगदान: महीने के दौरान जमा हुई नई राशि को उस महीने के ब्याज में नहीं गिना जाता बल्कि उसे अगले महीने के ओपनिंग बैलेंस में शामिल किया जाता है। साल के दौरान जमा होने वाले नए पीएफ योगदान पर ब्याज, जमा होने के अगले महीने की पहली तारीख से 31 मार्च तक मिलता है।

पैसा निकालने पर नियम: अगर आपने साल के बीच में पीएफ का पैसा निकाला है तो निकाली गई रकम पर ब्याज केवल निकासी वाले महीने से ठीक पहले तक ही मिलता है। उसके बाद उस हिस्से पर ब्याज नहीं मिलता।

राउंड ऑफ और टोटल: सभी 12 महीनों के ब्याज को जोड़कर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में क्रेडिट किया जाता है। आखिरी में EPFO कुल ब्याज की रकम को नजदीकी पूरे रुपये में राउंड ऑफ कर देता है।

इस बार नए CITES सिस्टम की वजह से न सिर्फ ब्याज काफी जल्दी मिल रहा है। बल्कि आगे चलकर क्लेम, अकाउंट ट्रांसफर और दूसरी EPFO सेवाएं भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएंगी।

मेंबर पासबुक पोर्टल पर कैसे चेक करें अपना बैलेंस? स्टेप बाई स्टेप तरीका

अगर आप यह चेक करना चाहते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 का 8.25% ब्याज आपके खाते में क्रेडिट हुआ है या नहीं तो सुनिश्चित करें कि आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट हो। इसके बाद इन स्टेप्स को फॉलो करें:-

स्टेप 1: सबसे पहले EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल पर जाएं।

स्टेप 2: अपने UAN, पासवर्ड और कैप्चा कोड का उपयोग करके लॉग इन करें।

स्टेप 3: आपके आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी (OTP) को दर्ज करके अपनी पहचान सत्यापित करें।

स्टेप 4: इसके बाद ‘View Passbook’ के विकल्प को चुनें। यहां आप अपना लेटेस्ट ईपीएफ बैलेंस देख सकते हैं और यह भी चेक कर सकते हैं कि FY26 का ब्याज क्रेडिट हुआ है या नहीं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)

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