टाटा की TCS 8900 खास इंजीनियरों की टीम बनाएगी, OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देने की तैयारी

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। टाटा ग्रुप की यह कंपनी AI से जुड़ी नई सर्विसेज को बढ़ाने के लिए 5,900 से 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) की टीम तैयार करेगी। इसके साथ ही AI से जुड़ी कंपनियों को खरीदने (Acquisition) के विकल्प भी तलाश रही है।

आखिर FDE क्या होते हैं?

फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं, जो सिर्फ कंपनी के ऑफिस में बैठकर कोड नहीं लिखते। वे सीधे क्लाइंट के साथ काम करते हैं और उसकी समस्याओं के हिसाब से AI या टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन तैयार करते हैं।

अब मान लीजिए किसी बैंक को AI से अपने कस्टमर सर्विस सिस्टम को बेहतर बनाना है। ऐसे में TCS का FDE उस बैंक के साथ मिलकर काम करेगा। वह बैंक के मौजूदा सॉफ्टवेयर, डेटा और बिजनेस प्रोसेस को समझेगा। फिर AI मॉडल को उसी हिसाब से जोड़ेगा और उसे लागू करेगा।

इन इंजीनियरों का काम क्या होगा?

TCS के CEO के. कृतिवासन ने रॉयटर्स से कहा कि कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से 1% से 1.5% को फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर बनाना चाहती है।

ये इंजीनियर सीधे क्लाइंट के साथ काम करेंगे। उनका काम कंपनियों में AI टूल्स को लागू करना, उन्हें मौजूदा सिस्टम से जोड़ना और कारोबार की जरूरत के हिसाब से AI सॉल्यूशन तैयार करना होगा।

OpenAI और Microsoft से मुकाबला

TCS की यह रणनीति ऐसे समय आई है, जब OpenAI, Anthropic और Microsoft जैसी कंपनियां भी फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स की भर्ती बढ़ा रही हैं। इन इंजीनियरों की मदद से कंपनियां अपने ग्राहकों के यहां AI को तेजी से लागू कर रही हैं।

AI, डेटा सिक्योरिटी में अधिग्रहण की तैयारी

TCS अब AI, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े अधिग्रहणों पर भी विचार कर रही है। TCS के CFO समीर सेक्सरिया ने कहा कि कंपनी ऐसे कारोबार तलाश रही है, जो उसकी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत बना सकें।

AI से आउटसोर्सिंग मॉडल को खतरा नहीं

कई निवेशकों को डर है कि AI की वजह से आईटी कंपनियों को मिलने वाले प्रोजेक्ट कम हो सकते हैं। लेकिन TCS के CEO का मानना है कि ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को AI अपनाने के लिए ऐसे पार्टनर की जरूरत होगी, जो उनके मौजूदा सिस्टम, डेटा और प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझते हों। यही TCS की सबसे बड़ी ताकत है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ कम लागत का मामला नहीं, बल्कि कंपनी के अनुभव और प्रतिभा का फायदा है।

AI कारोबार की ग्रोथ धीमी हुई

हालांकि, जून तिमाही में TCS के AI कारोबार की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। पहली तिमाही में AI से होने वाली सालाना आय की ग्रोथ 13% रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 28% थी।

CEO ने कहा कि लंबी अवधि में वह AI कारोबार में करीब 25% तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ देखना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि यह बढ़ोतरी हर तिमाही एक जैसी नहीं रहेगी।

AI पर ₹8,500 करोड़ खर्च

TCS हर साल करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,500 करोड़) टैलेंट डेवलपमेंट और AI पर खर्च करती है। इसमें कर्मचारियों की ट्रेनिंग, AI स्किल्स डेवलप करना और नई AI तकनीकों के लिए एक्सपर्ट्स की हायरिंग शामिल है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Dividend Stocks: इस हफ्ते 7 कंपनियों के शेयरधारक होंगे मालामाल, ₹229 तक मिलेगा डिविडेंड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते 7 कंपनियों के शेयरधारक होंगे मालामाल, ₹229 तक मिलेगा डिविडेंड

Dividend Stocks: इस हफ्ते यानी 13 से 17 जुलाई के बीच 7 कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मोटा डिविडेंड देने वाली हैं। इनमें MRF, Honeywell, Pfizer, Shree Cement जैसे नाम शामिल हैं। अगर रकम के लिहाज से देखा जाए, तो MRF ने सबसे ज्यादा ₹229 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

डिविडेंड कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों में बांटती है। लेकिन इसका फायदा सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलता है, जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होते हैं। इसलिए अगर आप डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, तो रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी है।

इस हफ्ते मिलने वाले 7 बड़े डिविडेंड

कंपनीडिविडेंड (प्रति शेयर)रिकॉर्ड डेट
UTI AMC₹4014 जुलाई 2026
TCS₹12 (अंतरिम)15 जुलाई 2026
MRF₹22917 जुलाई 2026
Honeywell Automation India₹11017 जुलाई 2026
Pfizer₹7517 जुलाई 2026
Shree Cement₹7017 जुलाई 2026
Cummins India₹4617 जुलाई 2026

रिकॉर्ड डेट क्यों है जरूरी?

मान लीजिए किसी कंपनी की रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। ऐसे में सिर्फ 17 जुलाई को शेयर खरीदने से डिविडेंड नहीं मिलेगा। आपको एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना होगा, ताकि रिकॉर्ड डेट तक शेयर आपके डीमैट अकाउंट में आ जाएं। तभी आप डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

सिर्फ डिविडेंड देखकर निवेश न करें

डिविडेंड मिलना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ उसी के आधार पर शेयर खरीदना सही रणनीति नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, मुनाफे, भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन को भी जरूर देखें। कई बार डिविडेंड मिलने के बाद शेयर की कीमत उतनी ही या उससे ज्यादा गिर भी सकती है। इसलिए निवेश का फैसला हमेशा पूरी तस्वीर देखकर ही करें।

अन्य कॉर्पोरेट एक्शन पर भी रहेगी नजर

डिविडेंड के अलावा इस हफ्ते कई दूसरी कॉर्पोरेट गतिविधियां भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगी। Indian Toners & Developers अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट करेगी। कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले एक शेयर को ₹2 फेस वैल्यू के पांच शेयरों में बांटेगी। वहीं Fredun Pharmaceuticals ने 2:1 बोनस शेयर का ऐलान किया है। यानी हर 1 शेयर पर निवेशकों को 2 नए शेयर मिलेंगे।

इसके अलावा Orbit Exports के शेयर बायबैक के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। Minolta Finance के शेयर राइट्स इश्यू के लिए एक्स-डेट पर जाएंगे। वहीं JB Chemicals & Pharmaceuticals में अमलगमेशन (विलय) से जुड़ा कॉर्पोरेट एक्शन तय है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank Q1 Results Preview: 18 जुलाई को आएंगे नतीजे, जानिए NII, मुनाफे और मार्जिन पर क्या हैं अनुमान

HDFC Bank Q1 Results Preview: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का बोर्ड 18 जुलाई (शनिवार) को मीटिंग करेगा। इस दौरान जून तिमाही (Q1FY27) के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

बिजनेस अपडेट में क्या रहा?

पिछले बैंक ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके मुताबिक, ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 15.4% बढ़कर ₹30.61 लाख करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹26.53 लाख करोड़ था।

बैंक के एडवांस अंडर मैनेजमेंट भी बढ़कर ₹31.27 लाख करोड़ पहुंच गए। यह पिछले साल के मुकाबले 12.4% ज्यादा है।

डिपॉजिट में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही के आखिर तक बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹31.71 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹27.64 लाख करोड़ था।

वहीं, CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट 9.4% बढ़कर ₹10.26 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹9.37 लाख करोड़ था।

एक्सपर्ट्स को क्या उम्मीद?

ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal का अनुमान है कि बैंक का प्रदर्शन इस बार भी मजबूत रहेगा। लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च की वजह से मुनाफे पर कुछ दबाव रह सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, NII 8.5% बढ़कर ₹34,103 करोड़ रह सकता है प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 19.9% घटकर ₹28,615.6 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं, शुद्ध मुनाफा 5.9% बढ़कर ₹19,229.3 करोड़ पहुंच सकता है।

InCred Equities का अनुमान

ब्रोकरेज InCred Equities ने भी बैंक के लिए मजबूत तिमाही का अनुमान जताया है। InCred के मुताबिक,

  • NII करीब ₹34,100 करोड़ रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 8.3% ज्यादा होगा।
  • PPOP करीब ₹28,900 करोड़ रह सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 19.2% कम, लेकिन पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा होगा।
  • PAT (शुद्ध मुनाफा) करीब ₹19,100 करोड़ रहने का अनुमान है। यह सालाना आधार पर 5.3% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.4% पर स्थिर रह सकता है। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट 45 बेसिस प्वाइंट रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही से थोड़ा ज्यादा लेकिन पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

18 जुलाई को इन बैंकों पर भी रहेगी नजर

18 जुलाई को सिर्फ HDFC Bank ही नहीं, बल्कि Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Yes Bank भी जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इन बैंकों के नतीजों से लोन ग्रोथ, डिपॉजिट, मार्जिन और एसेट क्वालिटी की तस्वीर भी साफ होगी।

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ITR Filing 2026: 1.7 करोड़ लोगों ने भरा इनकम टैक्स रिटर्न, 31 जुलाई की डेडलाइन चूके तो क्या होगा?

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की रफ्तार तेज हो गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR दाखिल कर चुके हैं। सिर्फ शुक्रवार को ही 10 लाख से ज्यादा रिटर्न फाइल किए गए।

विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से समय रहते रिटर्न भरने की अपील भी की है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके।

ITR डेडलाइन 31 जुलाई है

वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आपका अकाउंट ऑडिट के दायरे में नहीं आता है, तो आपको इसी तारीख तक रिटर्न फाइल करना होगा।

ITR-1 कौन भर सकता है?

ITR-1 यानी सहज फॉर्म ज्यादातर इंडिविजुअल के लिए होता है। इनमें ये लोग शामिल हैं…

  • सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो।
  • कमाई आय का जरिया सैलरी हो।
  • एक मकान से आय हो।
  • कृषि आय ₹5,000 तक हो।

ITR-2 कौन भरता है?

ITR-2 उन इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय नहीं है, लेकिन उन्हें कैपिटल गेन जैसी आय होती है।

31 जुलाई की डेडलाइन चूकने पर क्या होगा?

अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

1. लेट फीस : आयकर कानून की धारा 234F के तहत देरी से ITR भरने पर ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख तक है, तो यह फीस ₹1,000 तक सीमित रहती है।

2. ब्याज भी : अगर आपके ऊपर टैक्स बकाया है, तो धारा 234A के तहत हर महीने या उसके हिस्से के लिए 1% ब्याज देना पड़ सकता है।

3. रिफंड में देरी : अगर आपको इनकम टैक्स रिफंड मिलना है, तो देर से ITR भरने पर उसका प्रोसेस भी देर से होगा। यानी आपका पैसा मिलने में ज्यादा समय लग सकता है।

4. टैक्स बेनिफिट नहीं : देर से रिटर्न दाखिल करने पर कुछ मामलों में नुकसान (Loss) को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने जैसी टैक्स सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।

आखिरी समय का इंतजार न करें

हर साल डेडलाइन के करीब पोर्टल पर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि जरूरी दस्तावेज जुटाकर समय रहते ITR दाखिल कर दें। इससे लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों से बचा जा सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बने हुए हैं। Goldman Sachs, Jefferies, Citi, Motilal Oswal, JM Financial और CD Research ने 10 कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तर से 51% तक की तेजी की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

Cohance Lifesciences

Goldman Sachs ने Cohance Lifesciences पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 10% की तेजी की संभावना है। हालांकि, CDMO कारोबार की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने के चलते ब्रोकरेज ने FY27-29 के अनुमान घटाए हैं।

TCS

Motilal Oswal ने TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15% का संभावित रिटर्न दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही पहली से बेहतर रह सकती है, लेकिन मांग में बड़ी तेजी के संकेत अभी साफ नहीं हैं।

Vedanta Aluminium

Motilal Oswal ने पहली बार Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग और ₹540 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 20% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले एल्युमिनियम कंपनी बन गई है।

PN Gadgil Jewellers

Motilal Oswal ने PN Gadgil Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹700 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 22% की बढ़त का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़ा, जबकि रिटेल कारोबार 56% उछला।

PB Fintech

Jefferies ने PB Fintech पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,950 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 23% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर अपने मजबूत कमाई के अनुमान के मुकाबले सस्ता नजर आ रहा है।

Dr. Reddy’s Laboratories

JM Financial ने Dr. Reddy’s Laboratories पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,561 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% का संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में नए प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ को सहारा देंगे, हालांकि सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में देरी हुई है।

Piramal Pharma

Goldman Sachs ने Piramal Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹225 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 27% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का टर्नअराउंड जारी है और आने वाले वर्षों में मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

Eternal

Motilal Oswal ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹380 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹290 के मुकाबले इसमें करीब 31% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में रिकवरी, क्विक कॉमर्स की तेज ग्रोथ और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस के विस्तार से कंपनी की कमाई आने वाले समय में मजबूत रह सकती है।

Balaji Amines

CD Research ने Balaji Amines पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,327 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹2,409 के मुकाबले इसमें करीब 38% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने और बेहतर मार्जिन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Kalyan Jewellers

Citi ने Kalyan Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 51% का संभावित रिटर्न दिखाता है। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री 38% बढ़ी और नए स्टोर्स के विस्तार की रफ्तार भी बनी रही।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Airtel Growth Plan: दस साल में ₹3.3 लाख करोड़ का निवेश, अब तीन क्षेत्रों के दम पर ग्रोथ का मजबूत भरोसा

Airtel Growth Plan: भारती एयरटेल ने पिछले दशक में डिजिटल इंफ्रा तैयार करने में ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक निवेश किया। इसके बाद अब कंपनी के चेयरमैन सुनीत भारती मित्तल का कहना है कि भारती एयपटेल का फोकस फाइनेंशियल सर्विसेज़, डेटा सेंटर और क्लाउड पर है जो इसकी ग्रोथ के अगले इंजन होंगे। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की सालाना रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि कंपनी ने एयरटेल मनी में ₹20 हजार करोड़ तक के निवेश का ऐलान किया है और Nxtra के जरिए अपने डेटा सेंटर बिजनेस को बढ़ा रही है।

Airtel की ग्रोथ के अगले चरण के इंजन

शनिवार की देर रात जारी जारी सालाना रिपोर्ट में सुनील मित्तल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एयरटेल के लिए नए ग्रोथ इंजन बनाने के लिए सोच-समझकर कदम उठाए गए जिसके अच्छे नतीजे मिले हैं। कंपनी के चेयरमैन का कहना है कि तीन क्षेत्रों में भरोसा बढ़ा है, जहां एयरटेल के जीतने की पूरी संभावना है- फाइनेंशियल सर्विसेज़, डेटा सेंटर और एयरटेल क्लाउड।

सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि एयरटेल मनी को RBI से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने की मंजूरी मिल गई है। सुनील मित्तल के मुताबिक यह देश में फाइनेंशियल इनक्लूजन का दायरा बढ़ाने के लिए अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में जरूरत के हिसाब से इसमें पूंजी लगाई जाएगी।

अब कंपनी के डेटा सेंटर बिजनेस Nxtra की बात करें तो हाल ही में $100 करोड़ (करीब ₹9500 करोड़) जुटाने के बाद के बाद अग ले कुछ वर्षों में 1 गीगावाट कैपेसिटी बनाने की राह पर है। सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि इस बिजनेस को देश में तेजी से हो रहे डिजिटाइजेशन, क्लाउड के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती जरूरतों से सपोर्ट मिल रहा है।

अब कंपनी के तीसरे ग्रोथ इंजन एयरटेल क्लाउड की बात करें तो सुनील मित्तल का कहना है कि शुरुआत दौर में इसे अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उनका कहना है कि यह देश की उभरती हुई जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह ग्राहकों को देश में होस्ट और स्टोर की गई वर्ल्ड क्लास क्लाउड सर्विस का फायदा कम खर्च में दे रही है। सुनील मित्तल के मुताबिक एयरटेल ने अपनी क्लाउड सर्विस के लिए 24 से ज्यादा कस्टमर डील हासिल की है। सुनील मित्तल का कहना है कि क्लाउड, एआई और डिजिटल इंफ्रा को सपोर्ट करने वाली पॉलिसी से इंवेस्टमेंट में तेजी आने और इकोसिस्टम के मजबूत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे लेकर लॉन्ग-टर्म की टैक्स छूट देकर और सहारा दे दिया है जिससे डिजिटल इंफ्रा में लगातार कैपिटल इंवेस्टमेंट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार को उम्मीद है कि इस साल डेटा सेंटर सेक्टर में इंवेस्टमेंट $20 हजार करोड़ (₹18 लाख करोड़ से अधिक) को पार कर जाएगा।

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Arshad Warsi: अरशद वारसी ने मुंबई में बेची 6.25 करोड़ में दुकान, मुनाफा जान रह जाएंगे हैरान

Arshad Warsi: मुंबई में बड़े रियल एस्टेट सौदे करने वाले बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की लंबी लिस्ट में अरशद वारसी भी शामिल हो गए हैं। इस बार, एक्टर ने अंधेरी वेस्ट में एक कमर्शियल दुकान बेची है, जिससे उन्हें एक दशक से भी पहले किए गए निवेश पर अच्छा-खासा फायदा हुआ है।

‘लियासेस फ़ोर्स’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अरशद ने लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में यह दुकान 6.25 करोड़ रुपये में बेची। यह डील 1 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी। एक्टर ने यही प्रॉपर्टी फरवरी 2012 में 2.12 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा में खरीदी थी।

यह दुकान अंधेरी वेस्ट में ‘ग्रेनविले को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड’ के ग्राउंड फ्लोर पर है और इसका कारपेट एरिया 684 वर्ग फुट (63.87 वर्ग मीटर) है। खरीदार की पहचान उमंग राजकुमार बुधराजा के तौर पर हुई है। खरीद के हिस्से के तौर पर, खरीदार ने 37.50 लाख रुपये स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर चुकाए। बिक्री की कीमत के आधार पर, प्रॉपर्टी लगभग 91,400 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से बेची गई।

जब अरशद ने 2012 में दुकान खरीदी थी, तो उन्होंने स्टांप ड्यूटी के तौर पर 10 लाख रुपये से ज़्यादा और रजिस्ट्रेशन चार्ज के तौर पर 30,000 रुपये चुकाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील पर कमेंट के लिए न तो अरशद वारसी और न ही खरीदार से संपर्क हो पाया। काम की बात करें तो, अरशद वारसी तीन दशकों से ज्यादा समय से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। उन्हें ‘मुन्ना भाई MBBS’, ‘गोलमाल’, ‘धमाल’ और ‘जॉली LLB’ जैसी फ़िल्मों के लिए जाना जाता है।

यह प्रॉपर्टी मुंबई के मशहूर लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में है, जो शहर के सबसे व्यस्त हाई-स्ट्रीट शॉपिंग और कमर्शियल हब में से एक बन गया है। इस इलाके में रेस्तरां, कैफ़े, बुटीक, सैलून, जिम और प्रीमियम रिटेल आउटलेट हैं, जिसकी वजह से यहाँ कमर्शियल जगहों की बहुत मांग रहती है। अरशद वारसी अभी अक्षय कुमार के साथ ‘धमाल 4’ में नजर आ रहे हैं।

Nifty Outlook: 13 जुलाई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, किन लेवल्स पर रहेगी नजर? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछला कारोबारी हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में निफ्टी 50 ने शानदार वापसी की। बुधवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदार फिर लौटे और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को निफ्टी 244 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र में बढ़त बनाए रखी। दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने से बाजार में फिर से खरीदारी लौटने के संकेत मिले।

किन शेयरों में हलचल दिखी

निफ्टी 50 में Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Dr. Reddy’s Laboratories, Eternal और Bharti Airtel सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहे।

रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं FMCG इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जो मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रही तेजी

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बड़े शेयरों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 1.4% चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 1.55% की बढ़त के साथ नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है। इससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

नागराज शेट्टी (HDFC Securities) : शेट्टी का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

रूपक डे (LKP Securities) : रूपक डे के अनुसार बाजार में तेजी का रुख अभी कायम है। उनके मुताबिक 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

हितेश राठी (Angel One) : हितेश राठी के मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है। इसके नीचे 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा। वहीं ऊपर की ओर 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रहेगा।

नंदीश शाह (HDFC Securities) : शाह का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,829 के ऊपर बना रहा। यह निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी का संकेत है। उनके मुताबिक 23,805 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,530 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

Bank Nifty Outlook

बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। इंडेक्स गैप-अप खुला और दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से 1.39% की तेजी के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 58,500 से 58,600 का दायरा पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 59,000 और फिर 59,500 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 57,600 से 57,500 का दायरा अहम सपोर्ट रहेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO News: पैसों का कर लें इंतजाम! 14 जुलाई को खुलेंगे ₹10100 करोड़ के तीन आईपीओ

IPO News: 13 जुलाई से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते आईपीओ मार्केट में काफी रौनक रहने वाली है। तीन कंपनियों के ₹10,100 करोड़ के आईपाीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाले हैं जिसमें से एक तो एसबीआई फंड मैनेजमेंट (SBI Funds Management) मेगा आईपीओ है। इनमें से एक एसएमआई आईपीओ है जो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) का है। ये तीनों इश्यू 14 जुलाई को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। वैसे इनके अलावा कुछ और इश्यू में भी पैसे लगाने का मौका मिलेगा जोकि अभी खुले हैं और अभी कल यानी सोमवार 13 जुलाई को बंद होंगे। जैसे कि पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का मेनबोर्ड आईपीओ कल बंद होगा तो एसएमई सेगमेंट में भी देवसन केटेलिस्ट और हैप्पी स्टील्स का भी आईपीओ कल बंद होगा। इनकी मार्केट में 16 जुलाई को एंट्री होगी।

तीनों आईपीओ की डिटेल्स

देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) और फ्रेंच एसेट मैनेजर एमुंडी (Amundi) की प्रमोटेड कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ₹9,812.91 करोड़ का आईपीओ ला रही है। इसका प्राइस बैंड ₹545-₹574 फिक्स किया गया है। इसका ऑफर साइज पहले ₹11,692.9 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 निवेशकों से फंड जुटाने के बाद एसबीआई फंड मैनेजमेंट ने आईपीओ साइज कम कर दिया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई 9.95 करोड़ शेयर (4.89% होल्डिंग) और एमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.14 करोड़ शेयर (3.51% होल्डिंग) बेच रहे हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपीओ आ रहा है। इसके ₹126.25 करोड़ के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। इसमें निवेशक ₹100-₹105 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल ग्रे फैब्रिक प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने को लेकर एक नई वीविंग यूनिट लगाने, लोन हल्का करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

14 जुलाई को एक एसएमई मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का भी ₹160.3 करोड़ का आईपीओ खुलेगा। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹315-₹331 फिक्स किया गया है। बेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी करेगी।

इस साल कैसा है आईपीओ मार्केट में हाल

इस कैलेंडर ईयर में अब तक 30 मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च हुए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹24,404 करोड़ है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के जुड़ने से इस साल अब तक मेनबोर्ड में 32 आईपीओ के जरिए कुल फंड-रेजिंग ₹34,343 करोड़ तक पहुंच जाएगी। एसएमई सेगमेंट में इस साल अब तक 90 कंपनियों के ₹3,861 करोड़ के आईपीओ सफल हुए हैं और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज़ को मिलाकर कुल फंड-रेजिंग बढ़कर ₹4,022 करोड़ हो जाएगी।

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।