एक साल में ₹1 लाख को बना दिया ₹10 लाख! AI या डिफेंस नहीं, कंडोम बनाने वाली इस कंपनी ने किया कमाल

Cupid Share Price Multibagger Return: शेयर बाजार में पिछले एक साल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिफेंस सेक्टर के शेयरों की धूम है। लेकिन इन सबके बीच मार्केट का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर एक ऐसे बिजनेस से निकलकर आया है जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।

मेल और फीमेल कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नोस्टिक उत्पाद बनाने वाली स्मॉलकैप कंपनी क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Ltd) के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। पिछले एक साल में इस शेयर ने 866% से ज्यादा की तूफानी तेजी दिखाई है। आइए जानते हैं कि कैसे इस स्मॉलकैप शेयर ने बाजार में गदर मचाया है और इसके पीछे की वजह क्या है।

1 साल का जादुई रिटर्न: ₹1 लाख बन गए ₹9.7 लाख

क्यूपिड लिमिटेड के शेयरों की रफ्तार पिछले कुछ महीनों से लगातार तेज है:

1 साल का रिटर्न: एक साल पहले जिन निवेशकों ने इस शेयर में ₹1 लाख लगाए थे, उनकी वैल्यू आज बढ़कर करीब ₹9.7 लाख हो चुकी है।

शॉर्ट टर्म का रिटर्न: पिछले 6 महीने में यह शेयर 145%, पिछले 3 महीने में 128% और महज पिछले एक महीने में 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

मार्केट कैप: 10 जुलाई को क्यूपिड के शेयर ₹212.24 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹28,500 करोड़ पर पहुंच गया है।

क्यों भाग रहा है शेयर? मुनाफे में आया बंपर उछाल

बाजार में कई स्मॉलकैप शेयर बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ हवा में भागते हैं, लेकिन क्यूपिड के साथ ऐसा नहीं है। इस शेयर की तेजी को कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों का पूरा सपोर्ट मिला है:

सालाना प्रदर्शन (FY26): वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू दोगुने से अधिक बढ़कर ₹391 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल ₹183 करोड़ था।

नेट प्रॉफिट में उछाल: कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹41 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹108 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 38% हो गया।

मार्च तिमाही के नतीजे: मार्च तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू 116% बढ़कर ₹132 करोड़ और नेट प्रॉफिट 214% बढ़कर ₹36 करोड़ से ज्यादा रहा, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बेहतरीन तिमाहियों में से एक है।

मैनेजमेंट का भरोसा: रेवेन्यू गाइडेंस में बड़ी बढ़ोतरी

जून तिमाही के लिए कंपनी द्वारा जारी किए गए मजबूत बिजनेस अपडेट ने इस शेयर में रॉकेट जैसी तेजी ला दी है:

Q1 FY27 का अनुमान: मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार निकल जाएगा।

पूरे साल का टारगेट बढ़ाया: कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को ₹600 करोड़ से बढ़ाकर ₹660 करोड़ से अधिक कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग, घरेलू प्राइवेट सेक्टर की डिमांड, सरकारी खरीद और PFSCM के साथ हुई रणनीतिक साझेदारी के दम पर कंपनी को आने वाले दिनों में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है।

सिर्फ कंडोम नहीं, डायग्नोस्टिक्स में भी जलवा

क्यूपिड को भले ही लोग कंडोम बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं, लेकिन अब इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। कंपनी कंडोम और वाटर-बेस्ड ल्यूब्रिकेंट्स के अलावा पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) किट्स भी बनाती है।

क्यूपिड दुनिया की पहली ऐसी कंपनी है जिसे पुरुष और महिला दोनों कंडोम की सप्लाई के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) से प्री-क्वालिफिकेशन मिला हुआ है। इसी वजह से यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बड़े-बड़े हेल्थकेयर टेंडर्स में आसानी से हिस्सा ले पाती है।

रिटेल निवेशकों की भीड़, लेकिन वैल्यूएशन बहुत महंगा

कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखकर रिटेल निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के शेयरधारकों की संख्या बढ़कर 2.09 लाख के पार पहुंच गई है, जो तीन साल पहले महज 26,000 थी। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 46% है।

एक्सपर्ट नोट- दे रही छप्परफाड़ रिटर्न लेकिन सावधानी है जरूरी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्यूपिड कंपनी के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं, लेकिन इस भारी तेजी के कारण शेयर का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है। क्यूपिड का शेयर फिलहाल अपनी कमाई के मुकाबले 264 के पीई मल्टीपल और बुक वैल्यू के 63 गुना से अधिक पर ट्रेड कर रहा है, जो एफएमसीजी सेक्टर की अन्य कंपनियों से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि निवेशकों ने भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले से ही इस कीमत में शामिल कर लिया है, इसलिए नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gurugram-Rewari highway: गुरुग्राम से रेवाड़ी के लिए खुल रहा है नया चमचमाता एक्सप्रेसवे, इसी महीने शुरू होगा पहला फेज! इन इलाकों की बदलेगी किस्मत

Gurugram-Rewari highway: हरियाणा और एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही शुरू होने वाला 46 किलोमीटर लंबा गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और आसान बना देगा। हाईवे के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी का सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा इस परियोजना से क्षेत्र में रियल एस्टेट, उद्योग और निवेश को भी नई रफ्तार देने की उम्मीद है।

जानकारों का कहना है कि गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे से सिर्फ़ सफर का समय ही कम नहीं होगा। बल्कि और भी कई फायदे होंगे। इस नई सड़क से प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने, बिजनेस को बढ़ावा मिलने और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के दक्षिणी हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

दो चरणों में खुलेगा हाईवे

पहला चरण: 10 किलोमीटर का हिस्सा जुलाई 2026 में चालू होने की संभावना है।

दूसरा चरण: शेष मार्ग सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

पहला चरण शुरू होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP एक्सप्रेसवे तक का सफर, जो अभी पीक ट्रैफिक में करीब 45 मिनट लेता है, घटकर 10 मिनट से भी कम रह जाएगा।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नया हाईवे सेक्टर-88B (द्वारका एक्सप्रेसवे) से शुरू होकर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे इन प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी:-

द्वारका एक्सप्रेसवे

न्यू गुरुग्राम

मानेसर

IMT मानेसर

रेवाड़ी

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

यह हाईवे मौजूदा सड़कों का विकल्प बनेगा, जिससे मानेसर और गुरुग्राम के केंद्रीय हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले लोगों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी काफी राहत मिलेगी।

रेवाड़ी बनेगा नया निवेश और औद्योगिक हब

बेहतर सड़क संपर्क के बाद रेवाड़ी में उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। आसान परिवहन व्यवस्था के कारण कंपनियों का निवेश बढ़ सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

रियल एस्टेट को मिलेगा बूस्ट

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे के किनारे स्थित इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। गुरुग्राम के बिजनेस हब तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलने से इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल आने की संभावना है।

RRTS से भी जुड़ेगा हाईवे

यह परियोजना दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से भी जुड़ेगी। इससे एनसीआर और हरियाणा के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा रेवाड़ी को एक उभरते हुए ग्रोथ सेंटर के रूप में नई पहचान मिलेगी।

बेहतर कनेक्टिविटी

यह हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 88B के पास से शुरू होगा और सीधे केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे न्यू गुरुग्राम, मानेसर और आईएमटी (IMT) मानेसर जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा, यह दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) सहित बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से भी जुड़ेगा।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास

बेहतर रोड कनेक्टिविटी से रेवाड़ी के एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में बदलने की उम्मीद है। इससे माल की आवाजाही आसान होगी, जिससे यह क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, गोदामों (warehouses) और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए अधिक आकर्षक बन जाएगा।

रियल एस्टेट में उछाल

रियल एस्टेट सलाहकारों को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर के साथ आने वाले आवासीय (residential) और वाणिज्यिक (commercial) प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी, क्योंकि गुरुग्राम के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स तक आना-जाना तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

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Zerodha के नितिन कामत ने Groww पर कसा तंज, फिर सोशल मीडिया पर शुरू हो गई डायरेक्ट वर्सेज रेगुलर फंड पर बहस

इनवेस्टर्स के निवेश के तरीके को लेकर अगर देश के दो सबसे बड़े इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के बीच बहस छिड़ जाए तो क्या होगा? हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऐसा ही हुआ। डायरेक्ट और रेगुलेटर फंड्स से जुड़ी यह बहस काफी दिलचस्प हो गई। इसमें इनवेस्टर्स ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

नितिन कामत ने एक्स पर 9 जुलाई को पोस्ट शेयर किया

Zerodha के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बारे में अपनी राय बताई। उन्होंने अपने ग्राहकों को फ्री-ऑफ कॉस्ट डायरेक्ट फंड ऑफर करने की पॉलिसी के बारे में बताया। उनके इस पोस्ट ने कई इनवेस्टर्स का ध्यान खींचा। कई इनवेस्टर्स और यूजर्स ने इसे Groww की हाल में लॉन्च प्राइम सर्विस पर तंज के रूप में लिया।

ग्रो के जवाब देते ही सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई

Groww ने बाद में इसका जवाब दिया। उसने साफ किया कि उसकी नई सर्विस के बारे में गलतफहमी है। हालांकि, इससे डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के फायदे और नुकसान को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। पहले यह जान लेना जरूरी है कि डायरेक्ट फंड और रेगुलर फंड में क्या फर्क है। म्यूचुअल फंड की स्कीम में इनवेस्टर्स दो तरह से निवेश कर सकते हैं-डायरेक्ट और रेगुलर। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस के जरिए उसकी स्कीम में निवेश करते हैं। इसमें कोई ब्रोकर या डिस्ट्रिब्यूटर शामिल नहीं होता है।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के बीच के फर्क को समझें

म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम में अगर आप डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए निवेश करते हैं तो उसे रेगुलर फंड कहा जाता है। चूंकि रेगुलर फंड में निवेश डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए होता है, जिससे इसमें उसका कमीशन शामिल होता है। आपके निवेश का कुछ हिस्सा उसके कमीशन पर खर्च होता है। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस की स्कीम में निवेश करते हैं, जिससे इसमें किसी तरह का कमीशन नहीं होता है। आपके निवेश का पूरा पैसा फंड हाउस के पास जाता है, जिसे वह निवेश करता है।

कामत ने कस्टमर्स को किफायती सर्विस देने की पॉलिसी पर दिया जोर

कामत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि जीरोधा का फोकस शुरू से ही निवेश को आसान और किफायती रखने पर रहा है। उन्होंने बताया कि 2010 में जब हमने डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू किया था तब हमने छोटे-बड़े सभी ट्रेड के लिए एक समान फीस रखने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि जीरोधा अपने इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Coin के जरिए म्यूचुअल फंड के मामले में भी यही पॉलिसी अपनाती है।

जीरोधा के कामत ने लो-कॉस्ट सर्विसेज पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म निवेश के अमाउंट पर कोई फीस चार्ज करता है तो उसे खुद की सर्विस को लो-कॉस्ट या डिस्काउंट सर्विसेज नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरहाल CoinByZerodha इंडिया में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसका डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.6 लाख करोड़ रुपये है। हमारे सभी कस्टमर्स ने कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये की सेविंग्स की है।

कामत ने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में बताया

कामत ने यह भी कहा कि कई प्लेटफॉर्म्स ने तो शुरुआत डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स के साथ की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पॉलिसी बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि जीरोधा ऐसा नहीं करेगी। हम कस्टमर्स को डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स फ्री ऑफर करते रहेंगे। उन्होंने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने इसे एक उदाहरण के जरिए समझाने की कोशिश की।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड के रिटर्न में आता है फर्क

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में कॉस्ट काफी मायने रखता है। उन्होंने डीएसपी लार्जकैप फंड में मंथली 5000 रुपये के सिप का उदाहरण दिया। इस स्कीम में एक समान अवधि में डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान में एक समान अमाउंट निवेश करने पर रिटर्न अलग-अलग आता है। डायरेक्ट प्लान में पैसा बढ़कर करीब 19.5 लाख रुपये हो जाता है, जबकि रेगुलर प्लान में यह 18.3 लाख रुपये रहता है। इस फर्क की वजह कमीशन है।

ग्रो ने कहा कि डायरेक्ट फंड में निवेश की फ्री सर्विस जारी रहेगी

ग्रो ने उनके इस पोस्ट पर अपनी सफाई पेश की। उसने कहा कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश को लेकर उसकी पॉलिसी नहीं बदली है। कंपनी ने कहा कि डायरेक्ट फंड अभी ग्रो के लिए सबसे अहम है और आगे भी रहेगा। 1 करोड़ से ज्यादा इनवेस्टर्स ने हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए 1.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश म्यूचुअल फंड्स में किए हैं। इससे ग्रो देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है। उसने साफ किया कि उसका MF Prime एक ऑप्शनल सर्विस है। इसे उन निवेशकों के लिए शुरू किया गया है जो अपने निवेश के प्रबंधन में अतिरिक्त सहायता चाहते हैं। इसका मतलब है कि उसकी बेसिक सर्विस फ्री बनी रहेगी।

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Home Loan Rates: नया घर खरीदने का है प्लान? देखें जुलाई 2026 में सरकारी, प्राइवेट बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की ताजा ब्याज दरें

Home Loan Interest Rates July 2026 Comparison: अगर आप अपने सपनों का आशियाना खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। होम लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दरों की तुलना करना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि मामूली सा अंतर भी आपकी मंथली ईएमआई (EMI) और कुल ब्याज के खर्च को लाखों रुपये कम कर सकता है।

वर्तमान में कई सरकारी बैंक 7.10% की शुरुआती दर पर होम लोन की पेशकश कर रहे हैं। हालांकि, आपको किस दर पर लोन मिलेगा, यह आपके क्रेडिट स्कोर, लोन की राशि, आपकी आय और रीपेमेंट हिस्ट्री जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं देश के प्रमुख सरकारी, प्राइवेट बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) की जुलाई 2026 की ताजा ब्याज दरें।

RBI की नीति और होम लोन का कनेक्शन

होम लोन की ब्याज दरें सीधे तौर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति से जुड़ी होती हैं. आरबीआई ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है, जिसके चलते मार्केट में लोन की दरें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं.

1. सरकारी बैंकों की होम लोन दरें

सरकारी बैंक आमतौर पर सबसे किफायती दरों पर लोन ऑफर करते हैं. यहां प्रमुख सरकारी बैंकों की ब्याज दरों की लिस्ट दी गई है:

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 7.10% से 9.15%
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 7.10% से 9.90%
  • बैंक ऑफ इंडिया: 7.10% से 10.25%
  • यूको बैंक (UCO Bank): 7.15% से 9.25%
  • इंडियन बैंक: 7.15% से 9.55%
  • यूनियन Bank ऑफ इंडिया: 7.15% से 9.60%

1. सरकारी बैंकों की होम लोन दरें

2. प्राइवेट बैंकों की होम लोन दरें

प्राइवेट सेक्टर के बैंक बेहतर और फास्ट सर्विस के साथ इन दरों पर होम लोन दे रहे हैं:

  • साउथ इंडियन बैंक: 7.20% से शुरुआत
  • फेडरल बैंक: 7.35% से 10.25%
  • HSBC बैंक: 7.45% से शुरुआत
  • कर्नाटक बैंक: 7.49% से 11.72%
  • ICICI बैंक: 7.55% से शुरुआत
  • कोटक महिंद्रा बैंक: 7.60% से शुरुआत

2. प्राइवेट बैंकों की होम लोन दरें

3. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की दरें

अगर आप बैंकों के बजाय हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का रुख करना चाहते हैं, तो उनकी दरें इस प्रकार हैं:

  • LIC हाउसिंग फाइनेंस: 7.15% से शुरुआत
  • बजाज हाउसिंग फाइनेंस: 7.25% से शुरुआत
  • PNB हाउसिंग फाइनेंस: 7.50% से शुरुआत
  • ICICI होम फाइनेंस: 7.50% से शुरुआत
  • गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस: 7.65% से शुरुआत
  • आदित्य बिड़ला कैपिटल: 7.75% से शुरुआत

3. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की दरें

सबसे सस्ता लोन पाने के लिए ‘क्रेडिट स्कोर’ है सबसे जरूरी

अगर आप बैंकों द्वारा ऑफर की जा रही सबसे न्यूनतम ब्याज दर (जैसे- 7.10%) का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर 800 या उससे अधिक होना चाहिए। इसके अलावा ब्याज दरें इस बात पर भी निर्भर करती हैं कि आवेदन करने वाला व्यक्ति नौकरीपेशा है या सेल्फ-एंप्लॉयड। नौकरीपेशा लोगों को बैंक अक्सर ब्याज दरों में थोड़ी एक्स्ट्रा छूट देते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

UP Mega Infrastructure Plan: लखनऊ समेत इन 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, आउटर रिंग रोड और नमो भारत कॉरिडोर को मिली मंजूरी

UP Mega Infrastructure Plan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिले को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने एससीआर के लिए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 187 किलोमीटर का नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर की रिंग रेल और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के लागू होने से क्षेत्र में परिवहन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूरे एससीआर को कवर करने वाली आउटर रिंग रोड के अलावा कई अहम परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। आवास विभाग की दो दिन चली बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इन पर क्रियांवयन शुरू होगा।

300 KM आउटर रिंग रोड से छह जिलों को फायदा

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में यूपी के 6 जिले शामिल हैं। उनमें लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ते हुए लगभग 300 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आसपास के जिलों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहला चरण: 105 किमी सड़क का निर्माण, अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: 195 किमी सड़क, अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये

187 KM नमो भारत कॉरिडोर

हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर कानपुर के न्यायगंज से अयोध्या तक बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 32,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पहला चरण: न्यायगंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर

दूसरा चरण: अमौसी से अयोध्या तक

कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यायगंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बांगर, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना भी होगी विकसित

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पहला चरण: पहले चरण में 63 किलोमीटर

सेकंड चरण: दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

  • सरकार ने बहराइच (रायबरेली) और संडीला (हरदोई) में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी मंजूरी दी है।
  • बहराइच क्षेत्र में पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • संडीला में फूड प्रोसेसिंग, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

300 किमी आउटर रिंग रोड और रिंग रेल

बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को मंजूरी दी गई है:-

पहला चरण: 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2100 करोड़ रुपये की लागत से होगा।

दूसरा चरण: 195 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रेल परियोजना: एससीआर क्षेत्र के चारों ओर 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

इससे जुड़े अहम बैठक में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बछरावां को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है:-

बछरावां (रायबरेली): पहले चरण में 12,500 करोड़ और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

संडीला (हरदोई): फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास परियोजनाएं

एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

आध्यात्मिक केंद्र: नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की 750 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी।

अस्पताल और ट्रांसपोर्ट नगर: सीतापुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

लखनऊ

रायबरेली

बाराबंकी

सीतापुर

उन्नाव

हरदोई

क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। यात्रा का समय घटेगा। औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों का समग्र आर्थिक और शहरी विकास तेज होने की उम्मीद है।

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विदेशी निवेशकों के खरीदारी शुरू करने से बाजार में लौटी रौनक, जुलाई में 1968 करोड़ रुपये की खरीदारी की

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख भारतीय शेयर बाजारों को लेकर बदला है। उन्होंने 10 जुलाई को भी भारतीय बाजार में अच्छी खरीदारी की। उन्होंने 2,603.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवशकों (डीआईआई) ने भी 2,019.68 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों के प्रोविजनल डेटा पर आधारित है। एफआईआई और डीआईआई की खरीदारी से 10 जुलाई को भारतीय बाजार में अच्छी रौनक दिखी।

10 जुलाई को ज्यादातर सूचकांकों में रही तेजी

बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स सहित सभी दूसरे सूचकांक 10 जुलाई को हरे निशान में बंद हुए। Nifty 1.02 फीसदी यानी 244.10 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 827 अंक के उछाल के साथ 77,569 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.39 फीसदी की तेजी आई। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स को छोड़ बाकी सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। 9 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए थे। 8 जुलाई को बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटना था।

10 जुलाई को FIIs ने की 2019 करोड़ रुपये की खरीदारी

FII ने 10 जुलाई को 15,318.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 12.714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह भारतीय बाजार में उनकी शुद्ध खरीदारी 2,603.73 करोड़ रुपये की रही। DII ने 17,171.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 15,152.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह उनकी शुद्ध खरीदारी 2,019 करोड़ रुपये की रही। डीआआई ने लगातार खरीदारी कर घरेलू शेयर बाजार को सहारा दिया है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही तो चढ़ेगा बाजार

विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख में बदलाव दिख रहा है। जुलाई में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से खरीदारी की है। उन्होंने इस महीने 1,968.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इस दौरान DII ने 9,245.91 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों का लौटना भारतीय शेयर बाजारों के लिए शुभ संकेत है। अगर आगे वे खरीदारी जारी रखते हैं तो बाजार में तेज रिकवरी आ सकती है।

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निवेशकों की नजरें जून तिमाही के नतीजों पर

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इनवेस्टर्स का फोकस अब जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों पर है। आगे इन नतीजों से बाजार की दिशा तय होगी। डॉलर के मुकाबले रुपये में स्थिरता है। अगर क्रूड की कीमतें भी स्टेबल रहती हैं तो बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच डील को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यह बाजार के लिए बड़ा रिस्क है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Milky Mist IPO: जुलाई में ही लॉन्च हो सकता है डेयरी सेक्टर का सबसे बड़ा इश्यू, ₹2035 करोड़ जुटाने पर नजर

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड अपना 20.35 अरब रुपये (2035 करोड़ रुपये) का IPO इसी महीने यानि जुलाई में ही लॉन्च कर सकती है। यह भारत के डेयरी सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। यह बात ब्लूमबर्ग की ​एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कही गई है। मिल्की मिस्ट पनीर से लेकर आइसक्रीम तक बनाती है। मिल्की मिस्ट अपने एक्सपेंशन प्लांस के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए IPO का विकल्प चुन रही है। इस इश्यू को SEBI ने अक्टूबर 2025 में मंजूरी दी थी।

कंपनी की शुरुआत 1985 में एक मिल्क ट्रेडिंग कंपनी के रूप में हुई थी। इसने 1994 में पनीर (कॉटेज चीज) का उत्पादन शुरू किया। इसके बाद इसने दही, मक्खन, चीज, आइसक्रीम जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स को भी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में जोड़ा। कंपनी के फाउंडर टी सतीश कुमार हैं। तमिलनाडु के इरोड में स्थित मिल्की मिस्ट का संचालन कुमार, उनकी पत्नी अनीता सतीश कुमार और सीईओ के. रत्नम करते हैं।

इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग खत्म

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी ने इनवेस्टर्स के साथ रोडशो पूरे कर लिए हैं और वह इस महीने के आखिर में या अगस्त की शुरुआत में शेयरों की बिक्री शुरू करने का लक्ष्य बना रही है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग्स और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है। अक्सर, कंपनियां IPO के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े शहरों में कई मीटिंग आयोजित करती हैं।

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IPO में रहेंगे 17.85 अरब रुपये तक के नए शेयर

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, मिल्की मिस्ट के पब्लिक इश्यू में 17.85 अरब रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही फाउंडर्स की ओर से 2.5 अरब रुपये तक के शेयरों को ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री के लिए रखा जाएगा। कंपनी प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 3.57 अरब रुपये तक जुटा सकती है। ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा। फाइलिंग के अनुसार, मिल्की मिस्ट नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है। IPO के लिए JM फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mahalaxmi Rajyog: कर्क राशि में सूर्य-गुरु बनाएंगे नवपंचम और महालक्ष्मी राजयोग, 3 राशि वालों की लगेगी लॉटरी

Mahalaxmi Rajyog: सूर्य और गुरु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में शुभ और पावरफुल ग्रह के रूप में जाना जाता है। ये दोनों ग्रह जातक के जीवन में प्रतिष्ठा, पद, यश और सम्मान का कारक होते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह की 16 जुलाई को यह दोनों ग्रह कर्क राशि में साथ आने वाले हैं। देवगुरु बृहस्पति पहले से ही कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि सूर्य देव 16 जुलाई को मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करने वाले हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो शुभ राजयोग का निर्माण होता है। कर्क राशि में इन दोनों ग्रहों के संयोग से नवपंचम योग और महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। यह योग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी साबित होगा। इनके जीवन में धन लाभ के साथ-साथ हर कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि : सूर्य और गुरु का यह संयोग मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और हर क्षेत्र में सफलता के योग बनेंगे। अचानक धन लाभ के हो सकता है। कार्यक्षेत्र में तरक्की और प्रमोशन के संकेत हैं। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के आसार हैं।

मिथुन राशि : महालक्ष्मी राजयोग के प्रभाव से मिथुन राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मां लक्ष्मी की कृपा से आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए यह राजयोग जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। निवेश के लिए यह समय अनुकूल है और इससे अच्छा लाभ मिल सकता है।

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Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज कर रहे हैं योगिनी एकादशी का व्रत, जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत करने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य फल मिलता है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन किया जा रहा है, 10 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को। 10 जुलाई को आषाढ़ माह की एकादशी तिथि सूर्योदय के समय व्यप्त नहीं थी, जबकि आज यानी 11 जुलाई को सूर्योदय एकादशी तिथि में हुआ है। इसलिए, उदयातिथि के अनुसार आज भी योगिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। कल जहां भगवान विष्णु के गृहस्थ भक्तों ने व्रत किया था, वहीं आज श्री हरि के वैष्णव भक्त यह उपवास कर रहे हैं। आज के दिन पूजा करते समय राहुकाल का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें आज राहुकाल का समय क्या है?

11 जुलाई राहुकाल का समय

11 जुलाई दिन शनिवार को राहुकाल सुबह 8 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

राहु जल्दबाजी में लिए फैसलों का प्रतीक

राहु भ्रम, माया, अचानक इच्छा, प्रलोभन और जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का प्रतीक है। राहुकाल के दौरान, मन स्पष्ट नहीं होता है। इसलिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने, महत्वपूर्ण निर्णय लेने या बड़ी मात्रा में धन खर्च करने के लिए एक अशुभ समय माना गया है।

राहुकाल के दौरान बड़े खर्चों से बचें

ज्योतिष में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है जब नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वैदिक ज्योतिष में राहु को भ्रम, अनिश्चितता, लालच और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक माना जाता है। इसलिए इस समय किए गए बड़े आर्थिक निर्णयों में बाधा या पछतावे की आशंका की स्थिति बन सकती है। ज्योतिष के अनुसार, महत्वपूर्ण कार्य ऐसे समय में शुरू हों जब ग्रहों का प्रभाव अनुकूल माना जाए। इसलिए घर, वाहन, सोना, जमीन, या किसी बड़े निवेश की शुरुआत राहुकाल में अशुभ मानी जाती है। वित्तीय निर्णयों के लिए एक स्पष्ट और शांत दिमाग की जरूरत होती है। राहुकाल एक ऐसा समय हो सकता है जब लोग डर, लालच, दबाव या उत्तेजना से प्रभावित हो सकते हैं।

राहुकाल में न लें ये अहम वित्तीय फैसले

इस अवधि के दौरान कार, फोन, लैपटॉप, सोना, संपत्ति, महंगे कपड़े, उपकरण या लक्जरी उत्पाद ना खरीदें। इसी तरह, कोई भी फाइनेंस से संबंधित डॉक्यूमेंट्स पर साइन ना करें, पैसा उधार ना दें, संदिग्ध योजनाओं में निवेश ना करें, आपातकाल को छोड़कर किसी भी तरह के बड़े भुगतान करने से बचें, लिखित डॉक्यूमेंट्स के बिना कोई अग्रिम भुगतान ना करें।

राहुकाल के दौरान सरल उपाय

राहुकाल के दौरान ॐ राहवे नमः का 108 बार जप करें या कुछ मिनटों के लिए शांत रहें। किसी से भी बहस ना करें, झूठ ना बोलें, शॉर्टकट ना अपनाएं, लालची ना बनें। साथ ही, शनिवार को आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, काले तिल या कंबल दान करना चुन सकते हैं।

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Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने का संकेत देता है। आज जल्दबाजी में खर्च करने या बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। बचत, सही बजट और भविष्य की योजना बनाने पर ध्यान देने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आज का दिन आर्थिक मामलों को व्यवस्थित करने के लिए अच्छा रहेगा। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें और देखें कि वे आपके भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार हैं या नहीं। बिना जरूरत खर्च करने से बचें। सोच-समझकर उठाया गया कदम भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से संतोषजनक दिन रहेगा। नई तकनीक या नए काम से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। लंबी अवधि के निवेश और बचत की योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। धैर्य बनाए रखें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा साबित हो सकता है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें। आकर्षक ऑफर या जल्द लाभ देने वाले प्रस्तावों के झांसे में न आएं। सुरक्षित और संतुलित आर्थिक योजना अपनाने से भविष्य में अच्छा फायदा मिल सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। यह समय अपनी योजनाओं पर विचार करने और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट करने का है। यदि किसी निवेश का विचार है तो फिलहाल उसे टालना बेहतर रहेगा। पहले पूरी जानकारी जुटाएं और फिर निर्णय लें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय सोचने और योजना बनाने का दिन है। अपने भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान दें और उन्हें स्पष्ट करें। अभी तुरंत लाभ के बजाय लंबी अवधि की योजना पर काम करना आपके लिए अधिक फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं, खासकर नई तकनीक या नए कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में। लेकिन किसी भी फैसले से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। सही योजना से लाभ मिलने की संभावना है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आज आर्थिक मामलों में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर सुधार करें। फिजूल खर्च से बचें और बचत पर ध्यान दें। आपकी समझदारी भविष्य में आर्थिक स्थिरता लाने में मदद करेगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करें। अपने भविष्य के लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत हो तो वित्तीय योजना में बदलाव करें। नए निवेश या बड़ी खरीदारी करने से पहले पूरी तैयारी करें। धैर्य और सही रणनीति आपको आगे सफलता दिलाएगी।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर सामने आ सकते हैं, खासकर तकनीक और नए विचारों से जुड़े क्षेत्रों में। निवेश करने से पहले उसके फायदे और जोखिम दोनों को अच्छी तरह समझ लें। भरोसेमंद लोगों की सलाह लेना आपके लिए लाभदायक रहेगा। सही योजना भविष्य में अच्छा लाभ दे सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।