Silver Rate Today: 12 जुलाई को चांदी के भाव में हलचल, जानें देश के प्रमुख शहरों में ताजा रेट और कीमतों का गणित

Silver Rate Today: भारत में रविवार, 12 जुलाई को चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वायदा बाजार (एमसीएक्स) में जुलाई चांदी फ्यूचर्स में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जबकि आखिरी बंद भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स और अन्य कारकों के कारण चांदी के खुदरा भाव में अंतर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।

जहां एक ओर वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बेहद मामूली तेजी आई है। वहीं देश के अलग-अलग शहरों में इसके दामों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख शहरों में अहमदाबाद में चांदी सबसे महंगी रही, जहां इसकी कीमत ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, कर्नाटक के यादगिर में चांदी का भाव सबसे कम ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम रहा। यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में एक किलो चांदी ₹11,800 सस्ती बिक रही है।

चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन या बाजार में दिखाई देने वाला चांदी का भाव केवल बेस प्राइस होता है। ज्वेलरी खरीदते समय इसमें मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से जोड़ा जाता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। यदि चांदी के आभूषण में पत्थर लगे हों, तो उनकी कीमत और वजन अलग से जोड़ा या घटाया जाता है।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

निवेशकों को सलाह

जो निवेशक बिना भौतिक चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सिल्वर ETF, सिल्वर फंड ऑफ फंड्स और डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर में निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि यह फिलहाल SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

चांदी का भाव

अहमदाबाद: ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम (सबसे अधिक)

यादगिर: ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम (सबसे कम)

(यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में 1 किलो चांदी ₹11,800 सस्ती है।)

क्या सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है?

फिलहाल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले सप्ताह कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें और भारत में त्योहारों व शादी के मौसम की मांग जैसे कारक आगे भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

भारत में सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करती है?

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव
  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
  • भारत में त्योहारों और शादी के मौसम की मांग
  • आयात शुल्क और अन्य सरकारी नीतियां

यदि आप बिना चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, तो:-

डिजिटल सिल्वर

सिल्वर ETF

सिल्वर फंड ऑफ फंड्स

में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है।

एमसीएक्स (MCX) वायदा बाजार का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के जुलाई वायदा में हल्की हलचल देखी गई। न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) के मुताबिक, चांदी का जुलाई वायदा 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के बंद होने तक चांदी वायदा का भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है।

शहरों के अनुसार चांदी के दाम: कहां महंगी, कहां सस्ती?

देश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में चांदी की कीमतों में ₹11,000 से भी ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है:-

सबसे महंगी चांदी (अहमदाबाद): देश के प्रमुख शहरों में गुजरात के अहमदाबाद में चांदी की कीमत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है, जहां यह ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।

सबसे सस्ती चांदी (यादगीर): कर्नाटक के यादगीर में चांदी के दाम सबसे कम रहे, जहां इसका भाव ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

कीमतों में अंतर: अहमदाबाद के मुकाबले यादगीर में चांदी प्रति 10 ग्राम के अनुपात में ₹11,800 सस्ती मिल रही है।

निवेशकों को सलाह

ऑनलाइन दिखने वाला चांदी का यह रेट एक बेंचमार्क (आधार मूल्य) होता है। जब आप शोरूम से चांदी या ज्वेलरी खरीदते हैं, तो अंतिम कीमत में बेस सिल्वर प्राइस+ मेकिंग चार्जेस+ 3% जीएसटी (GST) जोड़ा जाता है। इसके अलावा, जो लोग बिना किसी मेकिंग चार्ज या स्टोरेज के झंझट के निवेश करना चाहते हैं, वे पेपर या डिजिटल विकल्पों जैसे सिल्वर ETFs (Exchange Traded Funds) का रुख कर रहे हैं।

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SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

SBI फंड्स मैनेजमेंट के प्री-IPO राउंड के बाद इसके IPO का साइज घटकर ₹9812.9 करोड़ रह गया है। पहले यह ₹11692.91 करोड़ था। कंपनी ने प्री-IPO राउंड के दौरान 30 बड़े इनवेस्टर्स से ₹1880 करोड़ जुटाए। इस दौरान SBI ने 2.88 करोड़ शेयर (1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी) ₹1655 करोड़ में और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने 39.19 लाख शेयर 225 करोड़ रुपये में बेचे। इस तरह कुल 3.27 करोड़ शेयरों या 1.6 प्रतिशत हिस्सेदारी को प्री-IPO राउंड में बेचा गया।

SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। कंपनी के प्रमोटर SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।

OFS में पहले प्रमोटर्स की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखे जाने का प्लान था। लेकिन अब प्री-IPO राउंड के बाद 17.09 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी। अब OFS में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9,95,01,649 शेयर (4.8851 प्रतिशत हिस्सेदारी) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7,14,54,982 शेयर (3.5082 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेंगे। प्री-IPO राउंड के बाद अब SBI के पास SBI फंड्स मैनेजमेंट में 60.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अमुंडी के पास 36.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पहले इनके पास क्रमश: 61.76 प्रतिशत और 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

प्री-IPO राउंड में किसने खरीदे शेयर

SBI Funds Management के प्री-IPO राउंड में SIG की कंपनी Susquehanna Asia Technology Pty Ltd और WhiteOak Capital India Opportunities Fund ने अमुंडी से SBI फंड्स मैनेजमेंट के 39.19 लाख शेयर खरीदे, जबकि बाकी 28 निवेशकों ने SBI से 2.88 करोड़ शेयर खरीदे। निवेशकों में अजीम प्रेमजी के निवेश वाला PI Opportunities Fund और आकाश मनेक भंसाली प्री-IPO राउंड में सबसे बड़े भागीदार रहे। दोनों ने 200 करोड़ रुपये मूल्य के 34.84 लाख शेयर खरीदे। प्रशांत जैन के निवेश वाले 3P India Equity Fund ने 150 करोड़ रुपये के 26.13 लाख शेयर खरीदे।

इसके अलावा, व्हाइटओक कैपिटल, Tata AIG General Insurance, Hara Global Capital Master Fund और Clarus Capital में से हर एक ने 99.9 करोड़ रुपये के 17.42 लाख शेयर खरीदे। प्री-IPO राउंड में भाग लेने वाले अन्य निवेशकों में मालाबार इंडिया फंड, 360 ONE, Carnelian, Dymon Asia, Bennett Coleman, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस और NEO Series शामिल थे।

14 जुलाई से इस भाव पर ओपनिंग

IPO 14 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 16 जुलाई तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर और लॉट साइज 26 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल हो सकता है और कंपनी BSE, NSE पर 21 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI के कर्मचारियों को छूट पर मिलेंगे शेयर

SBI फंड्स मैनेजमेंट ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 2.7 लाख शेयर, SBI के कर्मचारियों के लिए 29.87 लाख शेयर और SBI के शेयरहोल्डर्स के लिए 1.3 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI, दोनों के कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट पर शेयर मिलेंगे। SBI के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कोई छूट नहीं मिलेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

NSE दुनिया के 30 से ज्यादा इनवेस्टर्स को इस महीने अपने आईपीओ के बारे में बताएगा

ग्रे मार्केट में प्रीमियम गिरा

ग्रे मार्केट लिस्टिंग अच्छी रहने का संकेत दे रहा है, हालांकि प्रीमियम में थोड़ी गिरावट आई है। ग्रे मार्केट में SBI फंड्स मैनेजमेंट का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 574 रुपये से 15.33 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। एक दिन पहले प्रीमियम 17.42 प्रतिशत तक चला गया था। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। इस पब्लिक इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rashifal Today: आज किस मूलांक के लोगों की मूलांक की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। खर्च करने से पहले अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान दें। बचत और सही निवेश पर फोकस करें ताकि भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन पैसों के मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का है। अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लंबी अवधि की योजना बनाएं। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें और अपने बजट का पालन करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। धैर्य और सही योजना आपको भविष्य में फायदा दिलाएगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। खर्च करने से पहले अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान दें। बचत और सही निवेश पर फोकस करें ताकि भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। धैर्य और समझदारी से किए गए फैसले लाभ देंगे।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने पैसों की योजना व्यवस्थित तरीके से बनानी चाहिए। खर्च और निवेश का पूरा हिसाब रखें। बाजार में मिलने वाले नए अवसरों पर नजर रखें, लेकिन पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करें। अगर अचानक कोई खर्च आ जाए तो अपने बजट में बदलाव करने के लिए तैयार रहें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर पैसे खर्च करने से बचें। परिवार के साथ बैठकर बजट बनाएं और जरूरत के हिसाब से खर्च करें। सही योजना आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में अच्छा रहेगा। आप अपने बजट को बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें। नए आर्थिक अवसर मिल सकते हैं, जिनका फायदा समझदारी से उठाएं। सही फैसले भविष्य में लाभ दिलाएंगे।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने पैसों का सही प्रबंधन करना होगा। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और फिजूल खर्च से बचें। छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी बड़े निवेश या फैसले से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से सकारात्मक है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए वित्तीय योजना बनाएं। महंगी और गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने से बचें। सही निवेश और समझदारी से खर्च करने पर आगे अच्छा लाभ मिल सकता है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजना बनाने का अच्छा समय है। कोई भी खर्च करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करें। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और जरूरत हो तो बदलाव करें। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में लाभ देगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार योजना में बदलाव करें। धैर्य, सही रणनीति और समझदारी से लिए गए फैसले आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएंगे।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

DMart June Quarter Results: डीमार्ट का स्टैंडएलोन प्रॉफिट जून तिमाही में 12.8 फीसदी बढ़ा

DMart June Quarter Results: एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने 11 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 12.8 फीसदी बढ़कर 935.8 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से स्टैंडएलोन रेवेन्यू 15.1 फीसदी बढ़कर 18,343.5 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 11.3 फीसदी बढ़कर 860.6 करोड़ रुपये रहा।

मेट्रो शहरों में पुराने स्टोर्स की ग्रोथ फ्लैट

ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 15 फीसदी बढ़कर 18,794.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के सीईओ और मैनेजिंड डायरेक्टर अंशुल असावा ने कहा कि जून तिमाही में दो साल और इससे पहले के डीमार्ट के स्टोर्स की ग्रोथ 5.5 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7.1 फीसदी थी। जून तिमाही में मेट्रो शहरों में कंपनी के पुराने स्टोर्स की ग्रोथ फ्लैट रही। नॉन-मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ अच्छी रही।

कुल रेवेन्यू में फूड कैटेगरी की हिस्सेदारी घटी

डीमार्ट की मुख्य फूड्स कैटेगरी का रेवेन्यू शेयर घटकर जून तिमाही में 54.93 फीसदी पर आ गया। यह एक साल पहले की समान अवधि में 55.60 फीसदी था। कंपनी ने 11 जुलाई को इनवेस्टर प्रजेंटेशन में इस बारे में बताया। इस कैटेगरी में स्टेपल्स, ग्रॉसरी, डेयरी, प्रोसेस्ड फूड्स और फल एवं सब्जियां शामिल हैं। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस कैटेगरी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। हालांकि, ई-कॉमर्स से बढ़ती प्रतियोगिता की वजह से इस कैटेगरी पर दबाव दिख रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने तीन नए स्टोर्स खोले

नॉन-फूड कंज्यूमर गुड्स की कंपनी की कुल रेवेन्यू में हिस्सेदारी 19.60 फीसदी पर स्टेबल बनी रही। इस कैटेगरी में पर्सनल केयर, टॉयलेट्रीज, होम केयर जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कुल रेवेन्यू में जनरल मर्चेंडाइज और अपैरल की हिस्सेदारी बढ़कर 25.47 फीसदी हो गई। यह एक साल पहले की समान अवधि में 24.73 फीसदी से ज्यादा है। जून तिमाही में डीमार्ट ने तीन नए स्टोर ओपन किए। इससे इसके स्टोर्स की संख्या बढ़कर जून के अंत में 503 हो गई।

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कंपनी की ई-कॉमर्स इकाई को लॉस

कंपनी कलस्टर आधारित एक्सपैंशन स्ट्रेटेजीज पर फोकस कर रही है। प्रति वर्ग फुट सेल्स से रेवेन्यू की बात की जाए तो इसमें साल दर साल आधार पर 2.37 फीसदी गिरावट आई। कंपनी की ई-कॉमर्स इकाई Avenue E-Commerce (AEL) का कुल लॉस 91.39 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी डीमार्ट रेडी ऑनलाइन ग्रॉसरी बिजनेस को ऑपरेट करती है। AEL के होल टाइम डायरेक्टर और सीईओ विक्रम दासु ने कहा कि हमने जून तिमाही में सात शहरों में अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं।

Ujjivan Small Finance Bank: इस स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर एक महीने में 22% चढ़ा, क्या अभी निवेश का मौका है?

Ujjivan Small Finance Bank: निवेशकों की दिलचस्पी स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) के शेयरों में बढ़ी है। ज्यादातर एसएफबी के शेयरों ने अच्छे रिटर्न दिए है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस का शेयर बीते एक महीने में 22 फीसदी चढ़ा है। इस एसएफबी की एसेट क्वालिटी अच्छी है। बैंक के तिमाही नतीजे भी अच्छे रहे हैं। मार्च तिमाही में बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (आरओए) ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट

उज्जीवन एसएफबी का मार्जिन बढ़ा है और क्रेडिट कॉस्ट में कमी आई है। बैंक ने सेक्योर्ड लेंडिंग पर फोकस बढ़ाया है, जिसका असर लंबी अवधि में इसकी RoA ग्रोथ पर दिख सकती है। बैंक ने बिजनेस की ग्रोथ के लिए बड़ा प्लान बनाया है। उसने स्ट्रॉन्ग डिस्बर्समेंट की बदौलत 25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट रखा है। उसका फोकस पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन पर भी है। बैंक को रिटेल टर्म डिपॉजिट पर फोकस का भी फायदा मिलेगा।

मार्जिन 8.5 फीसदी पर बने रहने की उम्मीद

बैंक का मार्जिन करीब 8.5 फीसदी बने रहने की उम्मीद है। इसमें फंडिंग की घटती कॉस्ट का हाथ होगा। बेहतर प्रोडक्टिविटी और कम ऑपरेटिंग कॉस्ट का पॉजिटिव असर बैंक के प्रॉफिट पर दिखेगा। बीते चार साल में बैंक के एसेट अंडर मैनेजमेंट का CAGR 22 फीसदी रहा है। इसमें सेक्योर्ड पोर्टफोलियो खासकर एमएसएमई लेंडिंग और मार्टेगेजेज का हाथ है।

जून तिमाही के बिजनेस अपडेट से पॉजिटिव संकेत

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लोन डिस्बर्समेंट में अच्छा इजाफा दिखा है। बैंक के बिजनेस अपडेट्स से यह जानकारी मिली है। अपडेट्स से उज्जीवन एसएफबी का प्रदर्शन दूसरे एसएफसी के मुकाबले बेहतर रहने के संकेत मिले हैं। तिमाही दर तिमाही और साल दर साल आधार पर डिपॉजिट और क्रेडिट ग्रोथ अच्छी रही है।

इस वित्त वर्ष में 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान

आगे सेक्योर्ड लेंडिंग सेगमेंट की ग्रोथ करीब 40 फीसदी रहने की उम्मीद है। एमएफआई ग्रोथ 10 फीसदी के करीब रह सकती है। बैंक के टोटल लोन बुक में व्हीकल फाइनेंस, गोल्ड लोन, माइक्रो-मॉर्टगेजेज और एग्री-बैंकिंग की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर 6 फीसदी तक पहुंच गई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इससे FY27 में मार्जिन स्थिर बना रह सकता है। इस वित्त वर्ष में बैंक का 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान है।

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एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने का मौका

अभी बैंक के शेयरों में इसकी FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू के 1.3 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने के लिए उज्जीवन एसएफबी का शेयर सही विकल्प हो सकता है। मीडियम टर्म में बैंक की एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट जारी रहने की उम्मीद है। अगर बैंक को यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस मिलता है तो ग्रोथ को पंख लग सकते हैं।

Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।

कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?

दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:

पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।

दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।

ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका

सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

स्विट्जरलैंड वेकेशन पर गया भारत का ये कपल हुआ लापता! बेटी ने कराई शिकायत तो सामने आया 50 करोड़ वाला ये खेल

Hyderabad Couple Missing: स्विट्जरलैंड में छुट्टियां मनाने गए हैदराबाद के एक बिजनेसमैन और उनकी पत्नी करीब तीन हफ्तों बाद लापता हो गए। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर क्यों दंपति ने दर्जनों निवेशकों से लगभग 50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

लापता दंपति की पहचान 51 वर्षीय पब्बा चंद्रशेखर और उनकी 42 वर्षीय पत्नी स्वप्ना के रूप में हुई है। उनकी बेटी श्रेया के मुताबिक, दोनों 22 जून को स्विट्जरलैंड घूमने गए थे। यात्रा की शुरुआत में वे परिवार के संपर्क में थे, लेकिन 8 जुलाई के बाद अचानक उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकी। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन या तो बंद थे या नेटवर्क कवरेज एरिया से बाहर थे।

माता-पिता से संपर्क टूटने पर बेटी पुलिस के पास पहुंची

जब कई दिनों तक माता-पिता की कोई खबर नहीं मिली, तो उस कपल की 23 साल की बेटी, जो एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल है, पुलिस के पास गई और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

फिलहाल, पुलिस अब दंपति का पता लगाने के लिए ट्रैवल प्लान, इमिग्रेशन की जानकारी और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। इसके अलावा, जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं किय क्या कपल सच में स्विट्जरलैंड गया था, जैसा कि दावा किया गया है।

50 करोड़ रुपये के निवेश के आरोपों की भी जांच

वहीं, जांच के दौरान यह मामला भी सामने आया है कि चंद्रशेखर और उनकी पत्नी ने पिछले कुछ वर्षों में 60 से ज्यादा लोगों से करीब 50 करोड़ रुपये जुटाए थे।

आरोपों है कि, यह पैसा अच्छे रिटर्न का वादा करके और अलग-अलग पर्सनल और बिजनेस जरूरतों का हवाला देकर इकट्ठा किया गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल लापता लोगों का मामला अभी भी जांच के दायरे में है और कई संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या कपल अपनी मर्जी से गायब हुआ है, या फिर इस मामले का संबंधि किसी वित्तीय धोखाधडी से संबंधित है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर किसी के पास दंपति की गतिविधियों या उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे सामने आएं।

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Shah Rukh Khan: शाहरुख खान 37 करोड़ में दिल्ली वाले घर के बने सोलो मालिक, शादी के बाद गौरी संग यहीं गुराजे थे कुछ साल

Shah Rukh Khan: शाहरुख खान ने दुनियाभर में कई प्रॉपर्टीज में निवेश किया है, लेकिन दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में हाल ही में खरीदी गई प्रॉपर्टी उनका एक बहुत ही निजी फैसला लगता है। शाहरुख ने हाल ही में साउथ दिल्ली के पॉश पंचशील पार्क इलाके में एक रिहायशी प्रॉपर्टी की दूसरी और तीसरी मंजिल खरीदी है।

शाहरुख ने ये दो फ्लोर लगभग 37 करोड़ में खरीदे हैं। इस बिल्डिंग का बेसमेंट और पहला फ्लोर पहले से ही एक्टर के पास है, और बाकी दो फ्लोर खरीदने के बाद, वे पूरी प्रॉपर्टी के अकेले मालिक बन गए हैं। शाहरुख और गौरी खान के लिए इस बिल्डिंग की बहुत ज़्यादा भावनात्मक अहमियत है, क्योंकि मुंबई जाने से पहले इस कपल ने 1991 में अपनी शादीशुदा जिंदगी यहीं शुरू की थी। जानकारी के लिए बता दें कि शाहरुख और गौरी दोनों दिल्ली में ही पैदा हुए और पले-बढ़े थे, और बाद में एक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए मुंबई चले गए, और आखिरकार मुंबई को ही अपना स्थायी घर बना लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रॉपर्टी 1,200 स्क्वायर यार्ड (लगभग 10,800 स्क्वायर फ़ीट या लगभग एक चौथाई एकड़) के बड़े प्लॉट पर फैली हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस डील की कीमत लगभग ₹37 करोड़ थी, जबकि ज़मीन की कीमत लगभग ₹34,260 प्रति स्क्वायर फ़ीट आंकी गई है।

iDiva के साथ एक पुराने इंटरव्यू में, गौरी खान ने दिल्ली वाले अपने घर के बारे में बात की और बताया कि कैसे उसमें उनकी ज़िंदगी की सारी यादें बसी हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली वाला हमारा घर लगभग 20 साल पुराना है। जैसा कि बहुत से लोग जानते हैं, मैं दिल्ली से हूं और मैंने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा यहीं बिताया है, इसलिए मुझे लगा कि अपनी मां के घर के पास एक घर खरीदना और उसे डिज़ाइन करना एक अच्छा विचार होगा। मकसद यह था कि हमारी सारी यादें एक ही छत के नीचे हों। इतने सालों में, हमने बहुत यात्राएं कीं और बहुत सारी चीजें और यादें जमा कीं—बच्चों के साथ, शाहरुख़ और मेरे साथ—और मैं चाहती थी कि ये सब एक साथ रहें। दिल्ली वाला मेरा घर ठीक वैसा ही बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं उस घर में जाती हूं, तो हर कोने में यादें बसी हैं—बच्चों के बड़े होने के दिनों से लेकर उनके टीनएज और अब उनके बड़े हो जाने तक की यादें। हमारे घर में एक ‘नॉस्टेल्जिया वॉल’ (पुरानी यादों वाली दीवार) भी है, जहां उनके बचपन की यादगार चीज़ें रखी हैं। इस दीवार पर सुहाना के मेकअप ब्रश, आर्यन का बैडमिंटन रैकेट, अबराम के पहले जन्मदिन का तोहफ़ा, शाहरुख़ की बनाई कलाकृतियां, पोस्टकार्ड और कुछ खूबसूरत एंटीक चीज़ें हैं जो शाहरुख़ ने मुझे समय-समय पर तोहफे में दी थीं। मैंने उन सभी को फ़्रेम करवाकर दीवार पर लगाया है। वह घर का मेरा सबसे पसंदीदा कोना है।”