Trigrahi yog 2026: कर्क राशि में इस दिन एकसाथ होंगे सूर्य, गुरु, बुध और बनाएंगे त्रिग्रही योग, जानें किन राशियों को मिलेगा इस संयोग का लाभ

Trigrahi yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि या नक्षत्र में गोचर ही अहम नहीं होता है, बल्कि उनकी अवस्था यानी वक्री-मार्गी चाल या अस्त उदय स्थिति भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी तरह ग्रहों का आपसी संयोग भी बहुत अहमियत रखता है। ऐसा ही एक संयोग 5 अगस्त को कर्क राशि में बनने जा रहा है। इस संयोग का नाम है त्रिग्रही योग। यह योग 5 अगस्त को कर्क राशि में बनने जा रहा है। 5 अगस्त 2026 को बुध कर्क राशि में आएंगे, जहां पहले सूर्य और गुरु विराजमान हैं। ये तीनों ग्रह मिलकर त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे। ज्योतिषों के अनुसार, त्रिग्रही योग 3 राशियों के लिए अत्यंत ही शुभ और लाभकारी रहेगा। सूर्य और बुध की युति से जहां बुधादित्य योग बनता है, वहीं गुरु और सूर्य-बुध के साथ आने से ज्ञान, मान-सम्मान और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इन राशि के जातकों को आर्थिक लाभ मिलेगा साथ ही कारोबार में भी मुनाफा होगा। तो यहां जानिए उन लकी राशियों के बारे में।

तीन राशियों के लिए बहुत शुभ होगा त्रिग्रही योग

वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों के लिए त्रिग्रही योग फायदेमंद रहेगा। व्यापार में जबरदस्त फायदा मिलेगा। अटके हुए सारे कार्य बिना बाधा के शीघ्र पूरे हो जाएंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। आय में बढ़ोतरी हो सकती है। घर-परिवार में खुशहाली और सकारात्मकता का माहौल रहेगा।

सिंह राशि : त्रिग्रही योग सिंह राशि वालों के लिए शुभ और लाभदायक रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। कारोबारियों के हाथ कोई बड़ी डील लग सकती है, जिससे भविष्य में अच्छा मुनाफा मिलेगा। निवेश के लिए भी यह अति उत्तम और लाभ वाला रहेगा।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों के लि भी त्रिग्रही योग अत्यंक शुभ और जीवन बदलने वारा साबित हो सकता है। इस राशि के जातकों को त्रिग्रही योग आर्थिक लाभ दिलाएगा। इस समय आपको किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। अचानक से धन का लाभ मिल सकता है। छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलने का प्रबल योग है।

त्रिग्रही योग के शुभ प्रभाव बढ़ाने के उपाय

  • प्रतिदिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें अथवा भगवान विष्णु की पूजा में पीले फूल और तुलसी अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।

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Guru Purnima 2026: 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर 56 साल बाद एक साथ 3 राजयोगों का बना दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Guru Purnima 2026: हिंदू धर्म में आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चारों वेदों और महाभारत के रचयिता ऋषि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही, इस दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा लोग अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं और उनका आभार जताते हैं।

माना जाता है कि इस दिन जो लोग अपने माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों को अपना गुरु मानकर उनका सम्मान करते हैं, उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। इस दिन अपने गुरु के पास जाकर उनके चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इस बार गुरु पूर्णिमा पर ग्रहों का बहुत अद्भुत और शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ऐसा संयोग 56 वर्षों में पहली बार देखने को मिल रहा है। आइए जानें इस दिन की विशेष पूजा विधि, मुहूर्त और इस दिन बन रहे 3 राजयोगों के बारे में

गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई 2026 को शाम 06:18 बजे से होगी। इसका समापन 29 जुलाई को रात 08:05 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।

सत्यनारायण व्रत और गुरु पूजन का समय

29 जुलाई को सुबह 05:41 बजे से लेकर प्रातः 09:47 बजे तक पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त रहेगा। इस दौरान आप सत्यनारायण भगवान की कथा और अपने गुरु का पूजन कर सकते हैं।

56 साल बाद बन रहे हैं 3 राजयोग

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार गुरु पूर्णिमा पर एक साथ 3 राजयोगों का निर्माण हो रहा है। इस दिन बुधादित्य राजयोग, शश महापुरुष और हंस राजयोग बन रहा है। बुधादित्य राजयोग सूर्य और बुध की युति से बनता है, जो बौद्धिक क्षमता, करियर और मान-सम्मान में वृद्धि करेगा। वहीं, इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण शश राजयोग जैसे शक्तिशाली योग भी बन रहे हैं।

गुरु पूर्णिमा पूजा मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:17 से 04:59 बजे तक

प्रातःकाल पूजा का श्रेष्ठ समय : सुबह 05:41 से 09:05 बजे तक

विजय मुहूर्त : दोपहर 02:43 से 03:37 बजे तक

सांध्यकाल मुहूर्त : शाम 07:14 से रात 08:17 बजे तक

राहुकाल : दोपहर 12:27 PM से 02:08 PM बजे तक

पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गुरु/महर्षि वेदव्यास जी का ध्यान करके व्रत/पूजन का संकल्प लें।

महर्षि वेदव्यास जी (आदि गुरु) के चित्र या मूर्ति पर रोली, चंदन, अक्षत और पीले फूल अर्पित करें।

अपने प्रत्यक्ष गुरुजनों का आशीर्वाद लें, वस्त्र/फल/दक्षिणा भेंट करें और उनका पूजन करें।

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Mahalaxmi Rajyog: कर्क राशि में सूर्य-गुरु बनाएंगे नवपंचम और महालक्ष्मी राजयोग, 3 राशि वालों की लगेगी लॉटरी

Mahalaxmi Rajyog: सूर्य और गुरु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में शुभ और पावरफुल ग्रह के रूप में जाना जाता है। ये दोनों ग्रह जातक के जीवन में प्रतिष्ठा, पद, यश और सम्मान का कारक होते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह की 16 जुलाई को यह दोनों ग्रह कर्क राशि में साथ आने वाले हैं। देवगुरु बृहस्पति पहले से ही कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि सूर्य देव 16 जुलाई को मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करने वाले हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो शुभ राजयोग का निर्माण होता है। कर्क राशि में इन दोनों ग्रहों के संयोग से नवपंचम योग और महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। यह योग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी साबित होगा। इनके जीवन में धन लाभ के साथ-साथ हर कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि : सूर्य और गुरु का यह संयोग मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और हर क्षेत्र में सफलता के योग बनेंगे। अचानक धन लाभ के हो सकता है। कार्यक्षेत्र में तरक्की और प्रमोशन के संकेत हैं। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के आसार हैं।

मिथुन राशि : महालक्ष्मी राजयोग के प्रभाव से मिथुन राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मां लक्ष्मी की कृपा से आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए यह राजयोग जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। निवेश के लिए यह समय अनुकूल है और इससे अच्छा लाभ मिल सकता है।

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