Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

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Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

L&T Finance Share Price: Q1 में मुनाफा बढ़ने से शेयर 3% चढ़ा, अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

L&T Finance Share Price:  L&T फाइनेंस लिमिटेड के शेयर सोमवार, 13 जुलाई को 3.8% तक बढ़ गए। यह तब हुआ जब लेंडर ने जून तिमाही के लिए अपना अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बताया। इसमें मजबूत रिटेल लोन ग्रोथ, अच्छे डिस्बर्समेंट और एसेट क्वालिटी में सुधार की मदद मिली, जिससे नोमुरा को अपनी कमाई का अनुमान बढ़ाना पड़ा।

L&T के शेयर आज NSE पर ₹321.25 पर खुले, जो शुक्रवार को पिछले बंद के बराबर है। 13 जुलाई को स्टॉक ने ₹333.50 प्रति शेयर का इंट्राडे हाई छुआ।

कैसे रहे Q1 नतीजे

L&T फाइनेंस ने 30 जून, 2026 (Q1 FY27) को खत्म हुई तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 28.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो पिछले साल इसी समय में ₹701.10 करोड़ था। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू YoY 22.4% बढ़कर ₹5,212.92 करोड़ हो गया, जबकि टैक्स से पहले प्रॉफ़िट (PBT) 31.1% बढ़कर ₹943.22 करोड़ हो गया।

इसकी कंसोलिडेटेड लोन बुक सालाना आधार पर 27% बढ़कर 30 जून, 2026 तक ₹1,29,634 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1,02,314 करोड़ थी। रिटेल लोन बुक ₹99,816 करोड़ से 28% बढ़कर ₹1,27,535 करोड़ हो गई, जो ग्रामीण और शहरी बाज़ारों में ग्रोथ और हाई-यील्ड लोन प्रोडक्ट्स पर लगातार फोकस की वजह से हुई।

L&T फाइनेंस ने तिमाही के दौरान एसेट क्वालिटी में सुधार की भी रिपोर्ट दी। ग्रॉस स्टेज 3 (GS3) एसेट्स 30 जून, 2026 तक घटकर 2.86% हो गए, जो एक साल पहले 3.31% थे, जबकि नेट स्टेज 3 (NS3) एसेट्स 0.99% से सुधरकर 0.90% हो गए, जो कंपनी के लोन पोर्टफोलियो और ओवरऑल एसेट क्वालिटी में लगातार मज़बूती दिखाता है।

LTF के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, सुदीप्ता रॉय ने कहा, “Q1FY27 एक और तिमाही थी जहाँ हम जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और बढ़ी हुई उधारी लागतों वाले बदलते मैक्रोइकोनॉमिक माहौल के बीच डिसिप्लिन्ड एग्ज़िक्यूशन पर फोकस करते रहे। इन बाहरी फैक्टर्स के बावजूद, हमारी डायवर्सिफाइड रिटेल फ्रैंचाइज़ी ने लगातार मज़बूती दिखाई, जिससे हमारे लक्ष्य 31 स्ट्रेटेजिक प्लान के लक्ष्यों के मुताबिक मज़बूत बिज़नेस मोमेंटम और हेल्दी बुक ग्रोथ मिली।”

खरीदें, बेचें या रहे बने, जानें एक्सपर्ट की राय

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने L&T फाइनेंस स्टॉक के लिए अपनी ‘ऐड’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका टारगेट प्राइस ₹305 है, और कहा है कि कंपनी ने उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत नॉन-इंटरेस्ट इनकम की रिपोर्ट दी है, जिससे PPOP (35% YoY/10% QoQ) में 4% की बढ़त हुई है, जबकि रिपोर्टेड NIM+फीस 10.47% (फ्लैट QoQ) पर स्टेबल है, जो मैनेजमेंट गाइडेंस 10–10.5% के मुताबिक है।

उसने कहा, “रिटेल स्टेज-2/-3 में 13bps/5bps QoQ की गिरावट, क्रेडिट कॉस्ट में नरमी के साथ 2.55% (-6bps QoQ) और स्टेज-3 ECL कवरेज में 200bps की बढ़ोतरी के साथ एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहा।”

इस बीच, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि LTF की 1QFY27 की कमाई मोटे तौर पर सही रही, जिसे मजबूत डिस्बर्समेंट से सपोर्ट मिला, जिससे रिटेल लोन ग्रोथ अच्छी हुई। एसेट क्वालिटी मोटे तौर पर स्थिर रही, जिससे क्रेडिट कॉस्ट में क्रमिक रूप से कमी आई। अनिश्चित जियोपॉलिटिकल माहौल और तिमाही के दौरान ऊंचे बॉन्ड यील्ड के बावजूद, CoF और NIMs + फीस काफी हद तक स्थिर रहे।

नोमुरा

नोमुरा ने ₹370 के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी, और कहा कि पहली तिमाही का प्रॉफिट उसके अनुमान से 8% ज़्यादा रहा। टारगेट प्राइस का मतलब है कि स्टॉक के मौजूदा ट्रेडिंग लेवल में 13% की बढ़त हुई है।

ब्रोकरेज ने कहा कि एसेट क्वालिटी के ट्रेंड अच्छे थे, खासकर टू-व्हीलर फाइनेंसिंग बिज़नेस में, जहां AI वाले अंडरराइटिंग इंजन ने परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद की है। इसने FY27-FY29 के कमाई के अनुमानों में 2-10% की बढ़ोतरी की, जबकि मानसून और प्रस्तावित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों को मुख्य रिस्क बताया।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने ₹320 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखी, और कहा कि प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट उसके अनुमान से लगभग 4% ज़्यादा थे। स्टॉक अभी जेपी मॉर्गन के टारगेट लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा है।ब्रोकरेज ने कहा कि उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत फीस इनकम और कम ऑपरेटिंग खर्च ने थोड़े कमज़ोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन की भरपाई कर दी, जिसका श्रेय उसने जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच कंपनी के ज़्यादा लिक्विडिटी बफर बनाए रखने को दिया।

जेपी मॉर्गन ने यह भी बताया कि ग्रॉस स्टेज-2 और स्टेज-3 एसेट्स में एक के बाद एक सुधार हुआ है, हालांकि उसे उम्मीद है कि इन्वेस्टर्स मानसून सीज़न में एसेट क्वालिटी ट्रेंड्स पर करीब से नज़र रखेंगे। ब्रोकरेज ने आगे कहा कि स्टॉक की हालिया रैली, जिसमें पिछले महीने 23% का फ़ायदा हुआ, ने वैल्यूएशन बढ़ा दिया है और आगे री-रेटिंग को रोक सकता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बुल्स ने जोरदार तरीके से वापसी की है। निफ्टी नीचे से करीब 200 अंक रिकवर होकर 24200 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी नीचे से 500 अंकों का सुधार हुआ है। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रिकवरी आई है। हालांकि फीयर इंडेक्स INDIA VIX अभी भी करीब 9 फीसदी ऊपर है। लेकिन यह कंफर्ट जोन के नीचे है। IT शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी IT इंडेक्स 4% दौड़ा है। TCS, इंफोसिस,टेक महिंद्रा और HCL टेक करीब 4-5 फीसदी उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर बने हैं। TCS 2 दिनों में करीब 7 फीसदी उछला है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। कल्याण ज्वेलर्स में आज भी10% का अपर सर्किट लगा है। यह शेयर 4 दिनों में करीब 50 फीसदी चढ़ा है। हालांकि रियल्टी,मेटल और FMCG में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

बाजार: शानदार रिकवरी

बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने खरीदारी जोन का सम्मान किया है। सुबह घबराहट में ना बेचने की सलाह काम आई है। उम्मीद के मुताबिक निफ्टी IT ने रिकवरी को लीड किया है। TCS आज का स्टॉक ऑफ द डे रहा। इसने 2 दिनों में शानदार रिटर्न्स दिए। बैंक निफ्टी में भी निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी दिखी। मिडकैप आज कम चले,लेकिन यहां भी अच्छी रिकवरी रही। इंडिया VIX 9% भागा लेकिन कम्फर्ट जोन के नीचे है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार में ट्रंप फैक्टर का डर खत्म हो गया है?

बाजार: अब क्या?

यह कहना कि ट्रंप फैक्टर खत्म हो गया है, जल्दबाज़ी होगा। लेकिन एक बात साफ है कि बाजार में अब घबराहट नहीं है। पिछले बुधवार का लो अब पत्थर की लकीर बन चुका है और आज तो निफ्टी ने 24,000 तक नहीं तोड़ा। बैंक निफ्टी ने ठीक 20 DEMA से रिवर्सल दिखाया। बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का बन चुका है। ऐसे में बने रहें और गिरावट में सौदे और जोड़ें। ओवरनाइट पोज़िशन को चाहें तो थोड़ा हेज करें। शुक्रवार के हेज ने आज सुबह शानदार काम किया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,000-24,050 पर सपोर्ट और 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,700 पर सपोर्ट और 58,200-58,500 पर रेजिस्टेंस है।

IT: अब क्या है नजरिया?

पिछले कुछ दिनों से लगातार IT पर पॉजिटिव नजरिया था। इस महीने निफ्टी IT 11% चल चुका है। आज सुबह भी हमने खुलते ही IT लेने का नजरिया रखा था। TCS पर भी शुक्रवार सुबह से पॉजिटिव राय रखी गई थी। शुक्रवार को शुरुआत ही हमने TCS के एनालिसिस से की थी। IT में इस बार की रैली थोड़ी अलग लग रही है। पहले दो रैलियां बुरी तरह से फेल हुई थीं। लेकिन इस बार कंपनियों के पॉजिटिव इरादे के बाद तेजी आई है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।

इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।

यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।

UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।

PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।

इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।

 

 

Chartist Talk: जुलाई में निफ्टी के 25000 के स्तर को पार करने की संभावना कम, जोरदार कमाई के लिए इस हफ्ते इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

Share Market Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Quant Mutual Fund ने खरीद लिए इस कंपनी के 700000 शेयर, 6% बढ़ गई चमक

Ethos Share Price: लग्जरी घड़ियां और ज्वैलरी बेचने वाली एथोस के शेयर आज रॉकेट बन गए। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब क्वांट म्यूचुअल फंड ने इसके 7 लाख शेयर खरीदे हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड ने एक कारोबारी दिन पहले 10 जुलाई को इसके 7 लाख शेयर खरीदे थे। अब आज इसके शेयर 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाते हु्ए मुनाफावसूली की तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 5.51% की बढ़त के साथ ₹2624.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 6.47% उछलकर ₹2,647.85 तक पहुंच गया था।

Quant Mutual Fund ने किस भाव पर बेचे Ethos के शेयर

क्वांट म्यूचुअल फंड ने 10 जुलाई 2026 को हर शेयर ₹2500 के भाव पर एथोस के शेयर खरीदे। फंड हाउस ने ये शेयर यूके की जुपिटर फंड मैनेजमेंट ने दो स्कीमों से खरीदे हैं। जुपिटर ग्लोबल फंड-जुपिटर इंडिया सेलेक्ट ने ₹55.84 करोड़ में 2,23,387 शेयर और जुपिटर इंडिया फंड ने ₹124.8 करोड़ में 4,99,239 शेयर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार जुपिटर इंडिया फंड की एथोस में 2% हिस्सेदारी (5.34 लाख शेयर) थी। मार्च 2026 तक कंपनी में 13 म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 20.16% थी।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

एथोस के शेयरों की करीब चार साल पहले 30 मई 2022 को एंट्री हुई थी। इसके ₹402 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹878 के भाव पर शेयर जारी हुई थी। मार्केट में लिस्टिंग के बाद इसका शेयर 6 जून 2022 को टूटकर ₹711.60 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभला और यहां से रिकवर होकर यह 24 सितंबर 2024 को ₹3,514.95 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

अब पिछले एक साल में बात करें तो एथोस के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 26 नवंबर 2026 को बीएसई पर यह ₹3244.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 40.79% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹1,921.00 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shadowfax Technologies में हो सकती है ब्लॉक डील, ₹700 करोड़ के शेयर बेचने की तैयारी में Flipkart

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। इस हिस्सेदारी की कीमत 700-750 करोड़ रुपये हो सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया, “फ्लिपकार्ट जुलाई महीने के आखिर में एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत शैडोफैक्स में शेयर बेच सकती है। शैडोफैक्स के शेयरहोल्डर्स के​ लिए 6 महीने का लॉक-इन पीरियड जुलाई के आखिर में खत्म हो रहा है।”

शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹1,907.27 करोड़ का था। फ्लिपकार्ट ने शैडोफैक्स के IPO में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत कुछ शेयर बेचे और शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी घटाकर लगभग 8 प्रतिशत कर ली। उसके पास अभी भी लगभग 4.26 करोड़ शेयर हैं। शैडोफैक्स के शेयर की कीमत फिलहाल 230 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है।

फ्लिपकार्ट ने पहली बार 2019 में शैडोफैक्स में निवेश किया था और बाद के फंडिंग राउंड में भी इस लॉजिस्टिक्स कंपनी को सपोर्ट किया। आज शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। साथ ही यह उन कई कारोबारों के लिए मुख्य डिलीवरी पार्टनर के तौर पर भी काम करती है, जो पूरी तरह से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पर निर्भर हैं।

पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती फ्लिपकार्ट

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि फ्लिपकार्ट एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत 700-750 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकती है। यह डील आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है। हालांकि फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स में अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती। मौजूदा 4.26 करोड़ शेयरों में से, फ्लिपकार्ट के लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने की संभावना है। अगर यह डील हो जाती है, तो फिर फ्लिपकार्ट के पास शैडोफैक्स में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। बाकी बचे 89 लाख शेयर फ्लिपकार्ट को अपने पास रखने होंगे क्योंकि वे ‘मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन’ का हिस्सा हैं।

मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन वह न्यूनतम हिस्सेदारी है, SEBI किसी IPO के बाद लॉक-इन रखने के लिए जरूरी मानता है। ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रमोटर्स का कंपनी में लंबे समय तक हित बना रहे और पब्लिक इनवेस्टर्स को भरोसा दिलाया जा सके कि मुख्य शेयरधारक लिस्टिंग के तुरंत बाद बाहर नहीं निकल सकते। इन शेयरों पर एक अनिवार्य लॉक-इन पीरियड लागू होता है, जो कि आमतौर पर 18 महीने होता है। इस दौरान इन्हें बेचा नहीं जा सकता।

Share Market Crash: IT Sector मे रौनक लेकिन Sensex में 700 अंकों की गिरावट, 4 वजहों से Nifty लाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hot Stocks: दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थमा, कमजोर बाजार में भी ये दो शेयर करा सकते हैं बंपर कमाई

Hot Stocks : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया है। मीडिया शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 24,100 के नीचे आ गया है। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 603.92 अंक या 0.78% गिरकर 76,965.47 पर और निफ्टी 179.50 अंक या 0.74% गिरकर 24,027.40 पर दिख रहा था। लगभग 1,557 शेयरों में बढ़त आई थी। 1,604 शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही थी और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24273-24332 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24378-24423/24456 पर है। इसके लिए पहला बेस 23988-24016/24066 पर और बड़ा बेस 23883-23939 पर है। शुक्रवार को निफ्टी ने मजबूत क्लोजिंग दी। FIIs और DIIs दोनों की ओर से खरीदारी रही। जियोपोलिटिकल तनाव फिर बढ़ा और क्रूड उछला है। रेट सेंसिटिव सेक्टर के लिए क्रूड बड़ा निगेटिव है। बेस-1 पर 10 DEMA और 24000 पुट राइटर्स हैं। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसल सकता है। ट्रेंड और लिक्विडिटी मजबूत रहे तो शॉर्ट से बचें। 57723-57520 टूटने पर ही बेस-2 दिख सकता है। बेस-1 बचा रहेगा तो अच्छा रिवर्सल भी मुमकिन है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58267-58389/58532 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58690-58839 पर है। इसके लिए पहला बेस 57520-57723 पर और बड़ा बेस 57010-57250 पर है। इंडियन बैंक के दमदार नतीजों PSU बैंकों में तेजी दिखी थी। PSU में ही एक्शन गायब था,शुक्रवार को तेजी में शामिल हुए। 58000 पर कॉल और पुट राइटर्स की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग बेस बेस-1 बना हुआ है। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। कच्चे तेल की चाल सबसे अहम रहेगी। कच्चे तेल से ही आगे की दिशा तय होगी। बेस-1 बचा तो ऊपरी स्तरों की ओर वापसी संभव है। ऊपर की ओर 58267 पहली बड़ी रुकावट है। इसके ऊपर 58389-58532 तक तेजी की संभावना है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी एपीएल अपोलो में 1814 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1875 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। बंधन बैंक में भी इनकी 205.90 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 218 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

Trading Plan: क्या US-ईरान तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद निफ्टी 24000 और बैंक निफ्टी 57300 के स्तर को बनाए रख पाएगा?

 

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Trading Plan: क्या US-ईरान तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद निफ्टी 24000 और बैंक निफ्टी 57300 के स्तर को बनाए रख पाएगा?

Trading Plan : पिछले दो सेशन में देखने को मिली अच्छी रिकवरी के बावजूद,निफ्टी लॉन्ग बेयरिश कैंडलस्टिक के दायरे में और पिछले बुधवार को बने बेयरिश गैप के नीचे ही बना रहा। इसलिए,जब तक इंडेक्स बेयरिश गैप को भर नहीं लेता और उसके ऊपर टिक नहीं जाता और साथ ही US-ईरान तनाव कम होने से तेल की कीमतें नीचे नहीं आ जातीं, तब तक मौजूदा कंसोलिडेशन और सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड ट्रेड) के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,000 पर त्तकाल सपोर्ट और उसके बाद 23,800 पर अगला बड़ा सपोर्ट देखने को मिल सकता है। अगर निफ्टी 24,400 के लेवल से ऊपर जाकर मजबूती दिखाता है तो अपट्रेंड के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

उधर बैंक निफ्टी में और तेजी की पुष्टि के लिए 58,600-58,700 के जोन से ऊपर लगातार क्लोजिंग की जरूरत है। जानकारों के मुताबिक,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसमें 57,500-57,300 के जोन में तत्काल सपोर्ट और उसके बाद 56,500 पर अगला अहम सपोर्ट दिख रहा है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

एक्सिस सिक्योरिटीज में रिसर्च हेड राजेश पालविया का कहना है कि पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव रहा,क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर टूटने से जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया और ब्रेंट क्रूड की कीमत $80 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। उतार-चढ़ाव के बावजूद,हफ्ते के आखिर में इंडेक्स 64 अंक गिरकर बंद हुआ। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक छोटी ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जिसके दोनों तरफ लंबी शैडो (परछाई) थीं। यह मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव और दुविधा की स्थिति को दिखाता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पिछले हफ्ते के 24,521 के हाई से ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 24,750 की ओर जा सकता है। यह लेवल फरवरी-अप्रैल 2026 की गिरावट के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के बराबर है। इसके बाद 24,846 पर स्थित 200-डे SMA अगला अहम लेवल होगा। नीचे की तरफ, 24,000 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस लेवल के नीचे जाने पर 23,817-23,650 का बुलिश गैप जोन दोबारा टेस्ट हो सकता है।

वीकली RSI अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना हुआ है,जो दिखाता है कि मार्केट का ओवरऑल रुख पॉजिटिव है। हालांकि,अमेरिका-ईरान विवाद और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव ही आने वाले समय में मार्केट की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे।

अहम रेजिस्टेंस: 24,250, 24,400

अहम सपोर्ट: 24,100, 23,900

स्ट्रेटेजी: 24,080 के आसपास निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, स्टॉप-लॉस 23,950 रखें और 24,250–24,350 के जोन का टारगेट सेट करें।

Market cues : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रहने की उम्मीद, निफ्टी के लिए 24000 पर तत्काल सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

राजेश पालविया का कहना है कि वीकली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई है,जो मार्केट में अनिश्चितता को दिखाती है। 58,500 और 57,000 के बीच चल रहा कंसोलिडेशन यह बताता है कि इंडेक्स अपनी अगली चाल के लिए किसी मजबूत ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। तकनीकी तौर पर अगर इंडेक्स 58,500 के ऊपर बना रहता है, तो खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,700–60,000 के जोन की ओर जा सकता है। इसके उलट,अगर यह 57,500 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 57,000–56,500 के सपोर्ट एरिया की ओर गिर सकता है।

तकनीकी तौर पर अगर बैंक निफ्टी 58,500 के ऊपर बना रहता है तो खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,700–60,000 के जोन की ओर जा सकता है। इसके उलट,अगर यह 57,500 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 57,000–56,500 के सपोर्ट एरिया की ओर गिर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,350, 58,550

अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500

रणनीति: 57,850 के आसपास बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,600 पर स्टॉप-लॉस और 58,200–58,400 के जोन का टारगेट रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।