Radhika Gupta: कभी 0% बचत, आज सैलरी का 90% SIP! एडलवाइस CEO राधिका गुप्ता ने बताए वेल्थ क्रिएशन के ये 4 सीक्रेट्स

Radhika Gupta SIP Investment Strategy: एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता अपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी पर्सनल फाइनेंस जर्नी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। राधिका गुप्ता ने बताया कि आज वह अपनी टैक्स कटने के बाद मिलने वाली सैलरी का 90% हिस्सा म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करती हैं।

हालांकि, उनकी शुरुआत ऐसी बिल्कुल नहीं थी। एक समय ऐसा भी था जब वह अपनी सैलरी से एक रुपया भी नहीं बचा पाती थीं। आइए जानते हैं उनकी जर्नी और पहली जॉब वाले युवाओं के लिए उनके दिए गए गोल्डन रूल्स के बारे में।

₹45000 की सैलरी में से कम से कम ₹5000 बचाएं

‘Konversation with Kushal’ पॉडकास्ट में बात करते हुए राधिका गुप्ता ने युवाओं को सलाह दी कि अपनी पहली सैलरी से ही निवेश करने की आदत डालनी चाहिए, भले ही शुरुआत छोटी राशि से हो। आपकी कमाई की शुरुआत में बड़ी रकम से ज्यादा महत्वपूर्ण आपकी निवेश करने की आदत है।

उन्होंने कहा, ‘अगर आपकी सैलरी ₹45000 है, तो उसमें से ₹9000 से ₹10000 बचाने की कोशिश करें। अगर आप इतना नहीं बचा पा रहे हैं, तो कम से कम ₹5000 हर महीने बचाने का लक्ष्य जरूर रखें।’

SIP क्यों है बेस्ट?

राधिका गुप्ता के अनुसार, SIP की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह ऑटोमेशन के जरिए अनुशासन बनाती है। उन्होंने समझाया, ‘जब आपकी सैलरी ₹50000 होती है, तो आप टैक्स से नहीं बच पाते क्योंकि वह सैलरी क्रेडिट होने से पहले ही TDS के रूप में कट जाता है।

ठीक इसी तरह SIP भी Investment Deducted at Source की तरह होनी चाहिए।’ ऑटोमैटिक डेबिट सेट करने से पैसा पहले ही इन्वेस्ट हो जाता है, जिससे ‘पहले खर्च करो और बाद में बचाओ’ वाली आदत पर रोक लगती है।

‘जीरो बचत’ से 90% तक का सफर

अपनी पर्सनल फाइनेंस जर्नी को याद करते हुए एडलवाइस की सीईओ ने बताया कि उन्होंने रातों-रात 90% सेविंग्स रेट हासिल नहीं किया। उन्होंने अपनी पोस्ट-टैक्स सैलरी से बिल्कुल कुछ न बचाने की स्थिति से 10%, फिर 20% और धीरे-धीरे आय बढ़ने के साथ इसे बढ़ाकर 90% तक पहुंचाया।

बेटे के 6 महीने के होते ही शुरू किया पोर्टफोलियो

राधिका गुप्ता बच्चों के नाम पर शुरुआती उम्र में निवेश की पुरजोर समर्थक हैं। उन्होंने 2023 में खुलासा किया था कि उन्होंने अपने बेटे के 6 महीने का होते ही उसके नाम पर इक्विटी में निवेश शुरू कर दिया था ताकि उसे लंबे समय तक कंपाउंडिंग का फायदा मिल सके। बच्चों के नाम पर SIP खोलने से माता-पिता ज्यादा गोल-ओरिएंटेड हो जाते हैं और वे लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों पर फोकस रहते हैं।

‘जिंदगी सिर्फ सबसे बड़े NAV या बैंक बैलेंस की रेस नहीं है’

हालांकि वह एक अग्रेसिव सेविंग्स रेट बनाए रखती हैं, लेकिन उन्होंने केवल पैसे जोड़ने की सनक से बचने की सलाह भी दी है। उन्होंने अपनी एक पोस्ट में लिखा था, ‘मेरा काम SIP बेचना है, लेकिन मैं हमेशा सभी से कहती हूं कि अपनी कड़ी मेहनत के फलों का आनंद लेने के लिए भी समय निकालें।’

उन्होंने आगे लिखा कि ‘जिंदगी इस बात की रेस नहीं है कि किसके पास सबसे ज्यादा NAV या सबसे ज्यादा रुपये हैं, बल्कि इस बात की है कि किसने सबसे ज्यादा खुशी से अपनी जिंदगी जी है।’

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

Market Insight : मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि इंडेक्स तो अभी भी रेंज बाउंड ही हैं। कल के सेशन में हमने देखा कि निफ्टी में ब्रेकडाउन की कोशिश जरूर हुई थी। निफ्टी ने 24,000 का लेवल तोड़ने की कोशिश तो हुए लेकिन क्लोजिंग तक वापस निफ्टी रेंज में आ गया। ऐसे में लगता है कि जब तक निफ्टी में 24,000 का लेवल क्लोजिंग बेसिस पर नहीं टूटता रेंज बाउंड एक्टिविटी जारी रहेगी। बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन बना हुआ है। चाहे हम बैंक निफ्टी लें या निफ्टी लें दोनों ही दायरे में फंसे हुए हैं।

इस समय ऑटो स्टॉक्स में बहुत अच्छा अट्रैक्शन देखने को मिल रहा है। कल और आज में हमने देखा कि टू व्हीलर ऑटो जैसे बजाज ऑटो में बहुत बेहतरीन मूव रहा है। अब हमें लगता है कि कहीं ना कहीं ऑटो एंसिलरी स्टॉक्स में इसका फॉलोअप देखने मिल सकता है।

ऑटो एंसिलरी में Minda का सेटअप सबसे अच्छा लग रहा है। स्टॉक में एक बहुत ही अच्छे कंसोलिडेशन के बाद आज के सेशन में ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। स्टॉक 1300 के ऊपर है। यह बुल्स के ग्रुप में है। इस स्टॉक में 1380 रुपए तक के लेवल्स आते हुए दिख सकते हैं। इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें ओवरऑल 1265 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

एफआई की शॉर्टिंग हो रही है। ऐसे में क्या मार्केट में ब्रेकडाउन का रिस्क दिख रहा है आपको? इसके जवाब में राहुल शर्मा ने कहा कि हां ऐसा हो सकता है। यह ऐसा ब्रेकडाउन है जो अभी तक तो आया नहीं है। कहीं ना कहीं जो कैश में जो एफआई सेलिंग थी वो काफी टेप डाउन हो चुकी है। इतना सब कुछ होने के बावजूद निफ्टी में मंथली चार्ट्स पर अभी भी एक तरह से हायर हाई हायर लो बना हुआ है। ऐसे में लगता है कि ये टाइम करेक्शन है। प्राइस करेक्शन नहीं है। जीडीपी नंबर्स काफी अच्छे हैं। Q1 भी ठीक रहा। देर सबेर मार्केट इस रेंज से बाहर निकलेगा। फिलहाल अभी की रेंज 24500 की रेंज की ओर शिफ्ट होती हुई दिखेगी। सितंबर सीरीज के दूसरे भाग में हमें बाजार में तेजी आ सकती है। लेकिन अभी के लिए सलाह यह होगी जब तक बाजार रेंज से बाहर नहीं निकलता तब तक खास करके इंडेक्स में वेट एंड वॉच करना चाहिए।

वैसा इस मार्केट में इंडेक्स भले ही रेंज बाउंड है लेकिन स्माल कैप्स और माइक्रो कैप्स एक अलग ही तेजी में चल रहे है। जहां पर एक्शन है जहां पर सबसे ज्यादा लिक्विडिटी जा रही है और वहीं पर फोकस करना चाहिए। इस समय छोटे स्टॉक्स पर फोकस रहना चाहिए, वहां पर हमें ट्रैक्शन अच्छा दिखाई दे रहा है।

 

हैप्पिएस्ट माइंड्स में ITC की सब्सिडियरी ने की शॉपिंग, कंपनी मैनेजमेंट से जाने क्या होगा इसका असर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ESDS Software IPO: 28 गुना से ज्यादा भरा, GMP देखकर गदगद हुए निवेशक! आज है बोली लगाने का आखिरी मौका

ESDS Software Solutions IPO: क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के आईपीओ को बोली लगाने के आखिरी दिन, 1 सितंबर को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पांस मिला है।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर सुबह 10:30 बजे तक यह पब्लिक इश्यू 28.31 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। शेयर बाजार में चल रही भारी मांग को देखते हुए ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ का प्रीमियम (GMP) लगातार ऊंचाई छू रहा है।

आइए आपको बताते हैं ESDS Software IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस, जीएमपी, कंपनी का बिजनेस और लिस्टिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

सब्सक्रिप्शन स्टेटस: NII और रिटेल कैटेगरी में बंपर मांग

कंपनी का ₹720 करोड़ का यह आईपीओ ऑफर पर रखे गए 1,23,52,942 शेयरों के मुकाबले 34,97,62,658 शेयरों के लिए बोलियां हासिल कर चुका है:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): एनआईआई हिस्से में सबसे ज्यादा आक्रामक खरीदारी देखी गई और यह कोटा 81.74 गुना भर चुका है।

रिटेल निवेशक: खुदरा निवेशकों का कोटा भी 21.17 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

इश्यू से जुड़ी सभी जरूरी बातें

  • आईपीओ साइज: ₹720 करोड़
  • प्राइस बैंड: ₹408 – ₹429 प्रति शेयर
  • ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026
  • एंकर इन्वेस्टर्स जुटाए: ₹216 करोड़
  • लिस्टिंग डेट: 4 सितंबर 2026 (BSE और NSE पर)

ESDS Software Solutions इस पब्लिक इश्यू से मिलने वाली कुल रकम में से ₹576 करोड़ का इस्तेमाल अपने डेटा सेंटर्स के लिए AI-बेस्ड क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदने और इंस्टॉल करने के लिए करेगी। बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल हेल्थ

2005 में स्थापित ESDS Software Solutions AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। FY26 में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹472.21 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि इसका शुद्ध मुनाफा ₹120.82 करोड़ रहा। कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा (BFSI), पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और कॉरपोरेट समेत 2,500 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

58% तक लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘इन्वेस्टरगेन’ के मुताबिक, ESDS Software का शेयर ₹250 के तगड़े ग्रे मार्केट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के ₹408 से ₹429 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के आधार पर, इसके ₹429 के अपर प्राइस बैंड में ₹250 का प्रीमियम जोड़कर इसकी संभावित लिस्टिंग ₹679 प्रति शेयर पर हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि यह आईपीओ लिस्टिंग वाले दिन निवेशकों को करीब 58.28% का शानदार मुनाफा दे सकता है।

बोली लगाए या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

आनंद राठी के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का वैल्यूएशन वित्तीय वर्ष 2026 के अनुमानित P/E का 41.6 गुना है, जो इश्यू के बाद ₹50,284 मिलियन का मार्केट कैपिटलाइजेशन दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट की मजबूत ग्रोथ संभावनाओं, कंपनी की इंटीग्रेटेड सेवाओं और बेहतर होती प्रोफिटबिलिटी को देखते हुए यह प्रीमियम वैल्यूएशन काफी हद तक वाजिब है। इसी के आधार पर ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty से सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों और वॉल स्ट्रीट ने बिगाड़ा बाजार का मूड

मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने की संभावना है,क्योंकि आज के कारोबार में GIFT निफ्टी में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं हैं,जबकि वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह करीब 8.10 बजे GIFT निफ्टी 24,166 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। इसमें पिछले दिन की क्लोजिंग से 60 अंक या 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार हो रहा था। पिछले सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 307.68 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,956.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।

मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मिले-जुले बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ से मिलने वाले कुछ सपोर्ट को बेअसर कर सकती हैं। साथ ही यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व लंबे समय तक मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों में रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ सकता है।

US-Iran के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से तेल की कीमत $91 के पार

मंगलवार को मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं है। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.9% बढ़कर $86.55 प्रति बैरल हो गया है। US और ईरान के बीच लगभग एक महीने में पहली बार हमले हुए है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक द्वीप पर हमला किया और ईरान ने जवाब में संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

आज मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल है। निवेशक जियोपॉलिटिकल चिंताओं और क्षेत्रीय बाजारो में मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ताइवान के शेयरों की अगुवाई में MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा है। हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत गिरा है। जबकि Shanghai Composite में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

Stock Market live Updates: GIFT निफ्टी से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, अमेरिकी बाजार गिरे, एशियाई बाजारों में बढ़त

महंगाई की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ हुआ बंद

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.70 प्रतिशत गिरकर 53,185.90 पर आ गया,जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 7,686.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 0.12 प्रतिशत गिरकर 26,370.89 पर आ गया।

हाल के संकेतों से पता चलता है कि पॉलिसी मेकर्स महंगाई को काबू में रखने पर फोकस रहे हैं। US जॉब्स रिपोर्ट अगला अहम ग्लोबल ट्रिगर होगा। निवेशक इसमें फेड की पॉलिसी की दिशा,ट्रेज़री यील्ड और जोखिम लेने की इच्छा से जुड़े संकेत तलाशेंगे।

भारत की मज़बूत GDP ग्रोथ से घरेलू बाजार को सपोर्ट

घरेलू मोर्चे पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात का सामना करना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की उम्मीदों,दोनों से बेहतर है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ग्लोबल माहौल के मुश्किल होते जाने के बावजूद,मजबूत घरेलू खपत,लगातार होते निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ की वजह से बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिली है। उन्हें उम्मीद है कि ग्रोथ के ये आंकड़े भारतीय इक्विटी मार्केट के सामने आने वाले जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: 1 सितंबर को लगातार दूसरे दिन गिरा भाव, 18 कैरट का गोल्ड ज्वैलरी इस शहर में बनवाना अब भी महंगा

Gold Rate Today in India: हालिया तेजी के बाद अब मुनाफावसूली ने गोल्ड पर दबाव बनाया है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी पर दबाव दिखा। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1480 और 22 कैरट वाला ₹1360 सस्ता हुआ है। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 कम हुआ है। चांदी की बात करें तो आज इसकी भी चमक फीकी हुई है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
मुंबई₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
कोलकाता₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
चेन्नई₹1,56,760₹1,43,690₹1,21,390
बेंगलुरू₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
हैदराबाद₹1,56,760₹1,43,690₹1,17,570
लखनऊ₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
पटना₹1,56,810₹1,43,740₹1,17,620
जयपुर₹1,56,910₹1,43,840₹1,17,720
अहमदाबाद₹1,56,810₹1,43,740₹1,17,620

तीन दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। इन तीन दिनों की स्थिरता से पहले 28 अगस्त को लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,59,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग का कहना है कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। इसने सोने-चांदी जैसे प्रेशस मेटल्स पर दबाव बनाया। गौरव के मुताबिक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया। इसके अलावा अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर कच्चा तेल उबला तो इसने भी दबाव बनाया।

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए कितने की करनी होगी मंथली SIP? जानिए 15, 20 और 25 साल का पूरा कैलकुलेशन

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में, यह लेवल टूटने पर 23800 तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 31 अगस्त को निफ्टी इंट्राडे में 24,000 के लेवल से नीचे जाने के बाद भी क्लोजिंग के समय इसे बचाने में कामयाब रहा और 95 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के बीच मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के रुझान में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। जबकि इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो सावधानी बरतने का संकेत है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि अब निफ्टी के लिए 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे जाता है और उसके नीचे ही बना रहता है तो 23,800 की तरफ गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24080) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,016, 23,984 और 23,932

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,119, 24,151 और 24,203

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो (lower shadow) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है। हालांकि यह पूरी तरह से क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं है। हैमर को आम तौर पर एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है,जिसमें इंडेक्स को कैंडल के हाई से ऊपर वापस चढ़ना होता है। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जबकि 20-डे EMA नीचे की ओर जा रहा था। 43.7 पर RSI ने अपना नेगेटिव क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD जीरो लाइन से नीचे रहा और एक दिन हल्का पड़ने के बाद हिस्टोग्राम का रंग और गहरा लाल हो गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (58025) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,066, 58,263 और 58,583

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,426, 57,228 और 56,908

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान आई 1 प्रतिशत की तेजी थी, जिसने इंडेक्स को 58,000 के स्तर से थोड़ा ऊपर पहुंचा दिया। हालांकि,आने वाले सेशन में इस तेजी के बने रहने पर नजर रखना जरूरी होगा। इंडेक्स साफ तौर पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर आ गया है। फिर भी,ओवरऑल मोमेंटम इंडिकेटर मजबूत तेजी की पुष्टि करने के बजाय सुधार के संकेत दे रहे हैं।

RSI बढ़कर 56.89 पर आ गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। लेकिन यह अभी भी एक दायरे में ही बना हुआ है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। हालांकि, यह इंडिकेटर कई सेशन से कंसोलिडेशन के दौर में है। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मोमेंटम में सुधार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कंसोलिडेशन वाला है,इसलिए 58,000 के लेवल के ऊपर लगातार मजबूती की पुष्टि जरूरी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX कल 4.78% बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह अभी भी अपने सभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इससे तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 अगस्त को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Stocks to Watch: 1 सितंबर को एनसीसी, मिल्की मिस्ट डेयरी, PVR INOX सहित इन शेयरों में दिख सकती है हलचल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अक्षय ओबेरॉय-हेली दारूवाला की केमिस्ट्री ने जीता दिल, ‘लव लॉटरी’ का गाना ‘नजर लग जाएगी’ हुआ रिलीज

अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर कोर्टरूम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘लव लॉटरी’ का रोमांटिक गाना ‘नजर लग जाएगी’ रिलीज हो गया है। जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज में सजे इस खूबसूरत गाने का म्यीजिक वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल अरविंद पांडे ने लिखे हैं। गाने में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला के बीच खूबसूरत केमिस्ट्री देखने को मिलती है।

उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस पर फिल्माया गया ‘नजर लग जाएगी’ कहानी के किरदारों के रिश्ते के इमोशनल और रोमांटिक पहलू को सामने लाता है। पहाड़ों की खूबसूरती, शांत माहौल और प्रकृति के बीच फिल्माए गए रोमांटिक पल अक्षय और हेली की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को और निखारते हैं। दोनों की मौजूदगी गाने को बिना किसी बनावटीपन के एक स्वाभाविक और खूबसूरत एहसास देती है। गाने की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने की है, जबकि इसकी कोरियोग्राफी देवेंद्र चतुर्वेदी ‘डेविड’ ने की है।

गाने और फ़िल्म को लेकर निर्देशक एवं संगीत निर्देशक अरविंद पांडे ने कहा- “नजर लग जाएगी के जरिए हम अपने किरदारों के रिश्ते के इमोशनल और रोमांटिक पहलू को बहुत सहज तरीके से दिखाना चाहते थे। उत्तराखंड की खूबसूरती ने हमें इसके लिए बिल्कुल सही माहौल दिया।

फ़िल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव कहते हैं कि लव लॉटरी का विषय नाजुक है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी कि इसे संतुलन और समझदारी के साथ दर्शकों के सामने रखा जाए। फिल्म इस बात को तलाशती है कि प्यार, भरोसा और शादी का रिश्ता कभी-कभी किस तरह एक अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है।

जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज इस रोमांटिक गाना के एहसास को और गहराई देती है। वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे के संगीत तथा अरविंद पांडे के बोलों के साथ तैयार यह गाना किरदारों के बीच की नज़दीकियों और उनके रिश्ते की भावनात्मक परत को सामने लाता है।

सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित ‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है और इसकी कहानी व लेखन अंकुर खत्री का है। फ़िल्म में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और कबीर दुहन सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जबकि विजयांत कोहली, संतोष शुक्ला, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, अग्नि अय्यारी, विक्रम शर्मा, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।

OTT Releases This Week: इस हफ्ते होगा मनोरंजन का धमाका, गांधारी, धमाल 4, तक ये फिल्में-शो होने वाले हैं रिलीज

OTT Releases This Week: सितंबर की शुरुआत कई तरह की दिलचस्प स्ट्रीमिंग फिल्मों और सीरीज के साथ हो रही है। इनमें एक मां की अपने खोए हुए बच्चे की तलाश और इंटरनेशनल गैंग वॉर, घटनाओं की जांच और कोल्ड वॉर के समय के सर्वाइवल एडवेंचर तक शामिल हैं। तापसी पन्नू ‘गंधारी’ में एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो अपनी बेटी को खोजने की बेताब कोशिश में बच्चों की तस्करी करने वाले नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच जाती है।

वहीं, अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी ‘धमाल 4’ में खजाने की तलाश के मजेदार हंगामे के लिए फिर से साथ आ रहे हैं। साथ ही, थियो जेम्स और काया स्कोडेलेरियो ‘द जेंटलमैन’ के दूसरे सीज़न में हॉर्नमैन-ग्लास क्रिमिनल नेटवर्क को ब्रिटेन से बाहर ले जा रहे हैं।

पीरियड रोमांस और कोर्टरूम ड्रामा से लेकर कर्नाटक संगीत, हॉरर-कॉमेडी और डॉक्यूमेंट्री तक, यहां 1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच रिलीज़ होने वाली प्रमुख OTT फिल्में और सीरीज दी गई हैं।

‘गंधारी’- नेटफ्लिक्स, 3 सितंबर

तापसी पन्नू इस डार्क एक्शन थ्रिलर में बानी का किरदार निभा रही हैं, जो एक ऐसी मां है जिसकी लाइफ तब तहस-नहस हो जाती है जब उसकी छोटी बेटी अचानक एक भीड़ भरे रेलवे स्टेशन से गायब हो जाती है। बच्ची को ढूंढने की उसकी बेताब कोशिशें तब और भी खौफनाक मोड़ ले लेती हैं। पन्नू के साथ इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी, मीता वशिष्ठ और जतिन सरना अहम भूमिकाओं में हैं।

धमाल 4 – नेटफ्लिक्स, 4 सितंबर

खजाना वापस आ गया है, और जाहिर है, उसे खोजने के लिए पागलपन से भरे लोग भी वापस आ गए हैं। इंद्र कुमार की स्लैपस्टिक फ़्रैंचाइज़ी अपनी चौथी किस्त के साथ लौट रही है, जिसमें गुड्डू, लल्लन, आदि और मानव एक बार फिर रातों-रात अमीर बनने की उम्मीद में उलझते-भटकते नजर आएंगे। ‘टोटल धमाल’ के बाद अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी फिर से एक साथ आ रहे हैं, साथ ही रवि किशन, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता, संजीदा शेख और अंजलि आनंद भी इस बड़ी स्टार कास्ट का हिस्सा हैं।

द जेंटलमैन सीजन 2 – नेटफ्लिक्स, 3 सितंबर

रे विंस्टन, डैनियल इंग्स, जोली रिचर्डसन, विनी जोन्स, जियानकार्लो एस्पोसिटो, जैस्मीन ब्लैकबोरो और पियर्स क्विगली की वापसी हो रही है। इस बढ़ते हुए क्रिमिनल यूनिवर्स में ह्यू बॉनविले, बेंजामिन क्लेमेंटाइन, बेनेडेट्टा पोरोकारोली, मिशेल मोरोन, सर्जियो कास्टेलिटो और अमरा मल्लासी भी शामिल हो रहे हैं, साथ ही बॉक्सर क्रिस यूबैंक जूनियर और टेलीविज़न प्रेजेंटर माया जामा भी नजर आएंगे।

लवसिक – नेटफ्लिक्स, 2 सितंबर

1910 के दशक में सेट इस सात-एपिसोड वाले मैक्सिकन पीरियड ड्रामा में उलझनों के बीच रोमांस की कहानी दिखाई गई है। रेनाटा वाका ने वियोलेटा का किरदार निभाया है, जो एक ताकतवर परिवार में पैदा हुई यंग महिला है। उसके सामाजिक रुतबे के साथ वफादारी, शादी और भविष्य को लेकर कुछ तय उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

बिग बॉस 20- JioHotstar, 6 सितंबर 2026

सलमान खान के होस्ट वाला पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस 20 अपने नए सीजन के साथ कमबैक कर रहा है। शो में नए कंटेस्टेंट्स, टास्क, विवाद और अलग-अलग गेम डायनामिक्स देखने को मिलने वाले हैं।

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए कितने की करनी होगी मंथली SIP? जानिए 15, 20 और 25 साल का पूरा कैलकुलेशन

Monthly SIP For ₹1 Crore Retirement Corpus: अपने रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी को बिना किसी आर्थिक तंगी के सुकून से जीने के लिए एक बड़ा फंड होना बेहद जरूरी है। आज के दौर में महंगाई और जीवनशैली के खर्चों को देखते हुए कम से कम ₹1 करोड़ का रिटायरमेंट गोल एक बुनियादी जरूरत बन चुका है। लेकिन सवाल यह है कि इस ₹1 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने के लिए आपको हर महीने कितना निवेश करना होगा?

म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) के जरिए रेगुलर निवेश करके आप आसानी से ₹1 करोड़ का फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड इक्विटी स्कीम्स ने लंबी अवधि में औसतन 12% का सीएजीआर रिटर्न दिया है। आइए समझते हैं कि 15, 20 और 25 साल की समय सीमा के हिसाब से आपको हर महीने कितने रुपये की SIP शुरू करनी होगी।

1. 15 साल में 1 करोड़ रुपये बनाने का कैलकुलेशन

अगर आपकी उम्र 40-45 साल के करीब है और आपके पास रिटायरमेंट के लिए केवल 15 साल का समय बचा है, तो आपको कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए थोड़ी बड़ी रकम निवेश करनी होगी:

  • लक्ष्य: ₹1 करोड़
  • समय अवधि: 15 साल (180 महीने)
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • जरूरी मंथली SIP: ₹20,017 (करीब ₹20,000 प्रति महीने)

गणित का पूरा हिसाब:

कुल निवेश: ₹36,03,060

अनुमानित वेल्थ गेन: ₹63,96,940

कुल मैच्योरिटी फंड: ₹1,00,00,000

2. 20 साल में 1 करोड़ रुपये बनाने का कैलकुलेशन

अगर आप 35-40 साल की उम्र में अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर रहे हैं और आपके पास 20 साल का समय है, तो आपका मंथली SIP अमाउंट काफी घटकर आधा रह जाता है:

  • जरूरी मंथली SIP: ₹10,009 (करीब ₹10,000 प्रति महीने)
  • कुल निवेश: ₹24,02,160
  • अनुमानित वेल्थ गेन: ₹75,97,840
  • कुल मैच्योरिटी फंड: ₹1,00,00,000

3. 25 साल में 1 करोड़ रुपये बनाने का कैलकुलेशन

अगर आपकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है और आप अपने करियर की शुरुआत में ही रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर देते हैं, तो कंपाउंडिंग (Chakravridhi) का जादू सबसे बेहतरीन काम करता है:

  • जरूरी मंथली SIP: ₹5,270 (करीब ₹5,300 प्रति महीने)
  • कुल निवेश: ₹15,81,000
  • अनुमानित वेल्थ गेन: ₹84,19,000
  • कुल मैच्योरिटी फंड: ₹1,00,00,000

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए 15, 20 और 25 साल की SIP का गणित

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए 15, 20 और 25 साल की SIP का गणित

स्मार्ट टिप: Step-Up SIP से आसान होगी राह

अगर आप शुरुआत में ही ₹10,000 या ₹20,000 की बड़ी SIP शुरू नहीं कर सकते, तो आप Step-Up SIP का सहारा ले सकते हैं। इसमें आप हर साल अपनी सैलरी या आमदनी बढ़ने के साथ अपनी SIP रकम में 10% का इजाफा कर सकते हैं। ऐसा करने पर आप बहुत छोटी मंथली रकम (जैसे- ₹2,500 – ₹3,000) से शुरुआत करके भी समय से पहले 1 करोड़ रुपये का गोल हासिल कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स की माने तो रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण कारक आपकी उम्र और समय है। जितना जल्दी आप निवेश की शुरुआत करेंगे, जेब पर उतना ही कम बोझ पड़ेगा और कंपाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। अगर आप भी 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं, तो आज ही अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार म्यूचुअल फंड्स में SIP की शुरुआत करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।