Jio Platforms IPO: इश्यू का QIB हिस्सा सिर्फ 28 मिनट में लगभग 2 गुना भरा, निवेश के पहले जानिए 10 अहम बातें

Jio Platforms IPO : NSE प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ (QIBs) वाला हिस्सा 28 मिनट के भीतर ही 1.95 गुना भर गया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 11 प्रतिशत बुक हुआ है। जबकि रिटेल हिस्से का 8 फीसदी हिस्सा भरा है। कुल मिलाकर,अब तक यह इश्यू 56 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका है।

एंकर निवेशकों ने जम कर किया निवेश

19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए एंकर निवेशकों की मांग लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे यह इतनी बड़ी बोली हासिल करने वाला पहला भारतीय IPO बन गया।

इश्यू सब्सक्राइब करने से पहले इन 10 बातों पर रहे नजर

1) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीख

यह IPO आज पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। सब्सक्रिप्शन 23 अक्टूबर को बंद होगा।

2) प्राइस बैंड

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस ऑफर में 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है।

3) जियो प्लेटफॉर्म्स एंकर बुक

कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इस इश्यू में कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड ने भी निवेश किया है, जिनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, PSP इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की मांग भी मजबूत रही है। एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसों ने इस इश्यू में हिस्सा लिया। इसके अलावा, जीवन बीमा निगम (LIC), एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और यूटीआई पेंशन जैसी प्रमुख बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने भी इसमें भाग लिया।

4) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO GMP

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नज़र रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक कंपनी के शेयरों का GMP 22-23 प्रतिशत के बीच चल रहा है। ‘इन्वेस्टरगेन’ (Investorgain) ने कंपनी के शेयरों के लिए 247 रुपये का GMP बताया है, जो 22.1 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन दर्शाता है, जबकि ‘IPO वॉच’ (IPO Watch) ने 23.2 प्रतिशत का GMP बताया है।

5)Jio Platforms IPO पर ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इस इश्यू में लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें। यह सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है,जो देश के ज़्यादातर वायरलेस डेटा ट्रैफिक को कैरी करता है, जिसमें प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी पर बना देश भर में 5G नेटवर्क और JioAirFiber के तहत बढ़ता हुआ फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड बिज़नेस शामिल है। इसकी डिजिटल सर्विसेज़ क्लाउड एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैली हुई हैं। इसकी प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

HDFC सिक्योरिटीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर अपने IPO नोट में इसकी प्रतिस्पर्धी ताकतों पर जोर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि एक विशेष वर्टिकल टेक्नोलॉजी स्टैक और इंजीनियरिंग क्षमताएं, उन्नत और स्वतंत्र नेटवर्क टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड नेटवर्क तक पहुंच जैसी खासियतें कंपनी को बढ़त देती हैं।

फिलिपकैपिटल का कहना है कि 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ने आक्रामक कीमतों और अलग तरह के ऑफर्स के जरिए पिछले एक दशक में भारत के टेलीकॉम की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है।

एमके ग्लोबल ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में लीडिंग पोजीशन,कीमतों को तय करने की क्षमता,विकास के कारकों और काम करने के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए, इसके इश्यू का भाव काफी अच्छा है। कंपनी का काम करके दिखाने का रिकॉर्ड भरोसेमंद है। जैसे-जैसे 5G निवेश का दौर पूरा होगा,कंपनी का कैश जनरेशन और मजबूत होता जाएगा।

SBICAPS के मुताबिक इश्यू की कीमत कंपनी के स्केल,अर्निंग ग्रोथ,तकनीकी क्षमताओं और भविष्य में कमाई की लंबी अवधि की संभावनाओं को दिखाती है। उधार की रकम चुकाने से लीवरेज (कर्ज के बोझ) और फाइनेंस लागत में कमी आने,कैश फ्लो मजबूत होने और भविष्य के निवेश के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

6) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO अलॉटमेंट की डेट

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है।

7) जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की डेट

कंपनी के इक्विटी शेयरों को 28 अक्टूबर को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है।

8) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की डिटेल

इस IPO में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे,जो इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का 2.9 प्रतिशत हिस्सा होंगे। इस इश्यू में जियो प्लेटफॉर्म्स के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर और इसकी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी पात्र कर्मचारियों को अंतिम ऑफर प्राइस पर 54 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ शेयर जारी करेगी।

9) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का लक्ष्य

कंपनी को मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा उसकी टेलीकॉम सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। लिस्टिंग के बाद, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में बहुमत हिस्सेदारी बनी रहेगी।

10) जियो प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानें

एक दशक पहले रिलायंस के टेलीकॉम मार्केट में कदम रखने के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटरों में से एक बन गया है। यह कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड और एंटरप्राइज़ सेवाओं तक फैल गया है, जिससे यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में रिलायंस की पैठ बनाने की कोशिशों का आधार बन गया है।

जून 2026 तक कंपनी के 53.33 करोड़ ग्राहक थे और भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी। इसके अलावा, जियो के पास 26,800.8 MHz के साथ भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है।

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HD Fire Protect IPO Listing: 23% प्रीमियम पर शुरुआत, फिर चंद पलों में शेयर 9% ​फिसला

मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट की 21 अक्टूबर को लिस्टिंग तो अच्छे गेन में हुई लेकिन कुछ ही पलों में शेयर लाल निशान में आ गया। BSE पर शेयर ने लगभग 23.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹334.40 और NSE पर 23.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹335 पर शुरुआत की। कुछ ही पलों में शेयर ​लिस्टिंग प्राइस से 9 प्रतिशत तक नीचे आ गया। IPO प्राइस ₹271 था। कंपनी का ₹712.31 करोड़ का IPO 131.73 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 256.65 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 203.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 30.55 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 23.61 गुना भरा।

HD फायर प्रोटेक्ट ने IPO खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।

कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

Stock Market Rise: बाजार में ​तेजी लौटी, सेंसेक्स 829 अंक तक उछला; फिर भी निवेशकों की दौलत घटी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: चांदी हुई और सस्ती, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई समेत इन शहरों की कीमतें देखें

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिला। 21 अक्टूबर को 1 किलो चांदी का दाम 211,950 रुपये है। अगर पिछले दो हफ्तों को देखें तो सोने के मुकाबले चांदी के दाम ज़्यादा तेजी से गिरे हैं। चांदी का दाम करीब 2,50,000 रुपये से गिरकर करीब 2,10,000 रुपये पर आ गया है। चांदी के दाम में करीब 40,000 रुपये की गिरावट आई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.84% घटकर यानी 1780 रुपये गिरावट के साथ 2,09,705 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,11,485 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,10,150 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.63 डॉलर प्रति औंस हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत 2,30,000 रुपये प्रति किलो पर है।

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 21 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

 शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,30,000
मुंबई₹ 2,30,000
कोलकाता₹2,30,000
चेन्नई₹2,30,000
लखनऊ₹2,30,000
पटना₹2,30,000
जयपुर₹2,30,000
अहमदाबाद₹2,30,000
पुणे₹2,30,000
बेंगलुरु₹ 2,30,000
हैदराबाद₹2,30,000
भोपाल₹2,30,000
चंडीगढ़₹2,30,000
नोएडा₹2,30,000
गुरुग्राम₹2,30,000

एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी के दाम करीब 6 महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं। वहीं, अगर चांदी के दाम की तुलना इस साल के ऑल-टाइम रिकॉर्ड लेवल 4,25,000 रुपये से गिरा है। दो लाख रुपये से ज़्यादा की गिरावट आई है।

इस बीच, एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी के दाम में गिरावट की मुख्य वजह सोने के बाजारों में गिरावट है। जब एक्सपर्ट्स ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में निवेश करना शुरू किया, तो सोने के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई। लेकिन अब, सोने से निवेश हटाए जाने के चक्कर में चांदी के दाम भी गिर रहे हैं। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड के बावजूद, मौजूदा करेक्शन कीमतों में डिमांड से ज़्यादा बढ़ोतरी की वजह से है।

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव?

त्योहारी सीजन से पहले मांग में सुधार और वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच चांदी की कीमतों को समर्थन मिला। दशहरा की वजह से मंगलवार को बाजार बंद था पिछले कारोबारी दिन सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर स्थिर रहा।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की हाजिर कीमत एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, वायदा बाजार में भी चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसका भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना रहा। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में मजबूती और त्योहारी सीजन के दौरान बहुमूल्य धातुओं की मांग में सुधार से चांदी को समर्थन मिला।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Currency Check : रुपए में लगातार 8वें सेशन में तेजी कायम, डॉलर के मुकाबले 15 पैसे की बढ़त के साथ 94.78 पर खुला

Currency Check : 21 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया बढ़त के साथ खुला है। रुपए के जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़े डॉलर इनफ्लो और भारतीय रिजर्व बैंक के सपोर्ट से मदद मिल रही है। ऐसे में रुपये की बढ़त का सिलसिला लगातार आठवें दिन भी जारी है। सोमवार को 94.92 पर बंद होने के बाद,आज रुपया 15 पैसे की तेजी के साथ 94.78 प्रति डॉलर पर खुला।

फिनरेक्स का कहना है कि रुपया 94.73 पर खुलने की उम्मीद थी। आज से रिटेल और HNI (हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स) के लिए शुरू हो रहे जियो (JIO) IPO से आने वाले निवेश से रुपये को फायदा मिलने की उम्मीद है। आयातकों के लिए डॉलर पर 94.73 का भाव निकट अवधि में खरीदारी के लिए अच्छा हो सकता है, क्योंकि 2 महीने और उससे आगे की अवधि के लिए प्रीमियम ऊंचे बने हुए हैं। निर्यातकों को 94.95 के स्तर का इंतजार करना चाहिए ताकि वे ऊंचे प्रीमियम पर डॉलर बेच सकें या हेजिंग कर सकें। वहीं, आयातकों को केवल अक्टूबर महीने के लिए ही खरीदारी करनी चाहिए,ताकि वे ऊंचे प्रीमियम के बोझ से बच सकें।

दूसरी एशियन करेंसीज पर एक नजर

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया और चीनी रेनमिनबी सबसे मजबूत दिखीं। इनमें 0.3 प्रतिशत और 0.099 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। मलेशियाई रिंगित में 0.012 प्रतिशत की मामूली तेजी आई है। वहीं, दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.013 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके अलावा ताइवान डॉलर 0.037 प्रतिशत और जापानी येन 0.051 प्रतिशत नीचे आ गए हैं।

फिलीपीनो पेसो में 0.105 प्रतिशत की कमजोरी आई, जबकि थाई बहत का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.196 प्रतिशत गिर गया है।

बुधवार को अमेरिकी डॉलर दबाव में रहा। इससे पहले के सोशन में यह तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था। ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण डॉलर की मांग थोड़ी कम हुई है।

छह अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मंगलवार को आई 0.2% की गिरावट के बाद आज 101.78 पर मजबूत दिख रहा है

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Rise: शेयर बाजार में तूफानी तेजी: इन 2 वजहों से सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23,100 के पार

Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में आज, बुधवार को सुबह के कारोबार में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 800 से अधिक अंकों की छलांग लगाते हुए 74,650 के पार निकल गया है, वहीं निफ्टी 50 भी 223 अंक चढ़कर 23,112 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में आई इस जोरदार लिवाली से दलाल स्ट्रीट पर रौनक छा गई है।

कारोबार में इस बढ़त की मुख्य वजह आईटी और बैंकिंग सेक्टर में आई जोरदार खरीदारी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 735 अंक (+2.33%) की बड़ी बढ़त के साथ 32,251 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी बैंक भी 355 अंक बढ़कर 55,843 के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, मिडकैप शेयरों में सुस्ती देखी जा रही है और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मामूली 0.02% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। लार्जकैप में संस्थागत निवेशकों का भरोसा लौटने से बाजार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ता दिख रहा है।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे रिकवरी के संकेत

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च वीपी सचिन गुप्ता ने बाजार खुलने से पहले संकेत दिए थे कि गिफ्ट निफ्टी 75 अंक ऊपर 23,009 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिससे भारतीय बाजारों की सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि इस रिकवरी की मजबूती वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और संस्थागत निवेशकों (FII/DII) के फंड फ्लो पर निर्भर करेगी।

आईटी और बैंकिंग शेयरों में क्यों आ रही है तेजी?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का मानना है कि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की वजह से बाजार पर निकट अवधि में दबाव रह सकता है। हालांकि, घरेलू स्तर पर मजबूत लिक्विडिटी, लार्जकैप शेयरों के वाजिब वैल्यूएशन और Q2 नतीजों में सुधार से बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है।

वी के विजयकुमार के अनुसार, आईटी और बैंकिंग क्षेत्र ने Q2 के नतीजों में अच्छा प्रदर्शन किया है और इनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर हैं। इसलिए इन सेक्टरों में किसी भी गिरावट पर घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) जमकर खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय ‘स्टॉक पिकर्स मार्केट’ है, जहां तिमाही नतीजों के आधार पर चुनिंदा शेयरों में एक्शन देखने को मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: कंसोलिडेशन के बीच निफ्टी में 23000 का लेवल मुमकिन, बैंक निफ्टी भी 56000 की ओर कर सकता है वापसी

Trading Plan : रिकवरी और स्टेबिलिटी के संकेतों को देखते हुए, एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी में फिर से तेजी आ सकती है। यह 23,000 के पहले रेजिस्टेंस लेवल को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है,जिसके बाद 23,200 पर बड़ा रेजिस्टेंस जोन है। हालांकि,ऊपर की ओर तेजी सीमित रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी अभी भी अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। साथ ही,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाल रही हैं। नीचे की तरफ 22,800–22,700 का ज़ोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है।

उधर बैंक निफ्टी को 56,400–56,500 के स्तर तक ऊपर जाने के लिए 56,000–56,100 के ज़ोन को फिर से हासिल करना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक यह इंडेक्स कंसोलिडेशन (एक दायरे में) में रह सकता है, जिसमें 55,300–55,000 पर तत्काल सपोर्ट है और इसके बाद 54,700–54,400 का ज़ोन बड़े सपोर्ट के रूप में काम करेगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च हेड और वाइस प्रेसिडेंट,जय ठक्कर का कहना है कि हाल ही में आई रिकवरी का 23,000 के स्तर के ऊपर टिक न पाना यह दिखाता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि पिछले हफ्ते निफ्टी में एक जोरदार उछाल देखने को मिला था। लेकिन सोमवार को आई गिरावट यह चेतावनी देती है कि इस रिकवरी को एक पक्का ‘ट्रेंड रिवर्सल’मान लेना जोखिम भरा हो सकता है।

नीचे की तरफ, 22,700 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो इसके बाद 22,500 और 22,200 के स्तर बड़े सपोर्ट का काम करेंगे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें,ग्लोबल घटनाओं को लेकर बनी अनिश्चितता और बड़े प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में कमजोरी,मार्केट सेंटीमेंट बिगाड़ रहे हैं।

आने वाले कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है,खासकर इसलिए क्योंकि बाजार में छुट्टी होने के कारण यह ट्रेडिंग सप्ताह छोटा हो गया है। इसलिए,जब तक निफ्टी वापस 23,200 के स्तर को हासिल नहीं कर लेता, तब तक निकट अवधि में बाजार के एक दायरे (साइडवेज) में रहने के आसार हैं। जब तक 22,500 का स्तर कायम रहता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (बाय-ऑन-डिप्स) की रणनीति अपनाई जा सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,000, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,700, 22,500

रणनीति: 22,650 के आसपास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। इसमें 22,500 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 23,000 तथा 23,200 के टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि ब्रॉडर मार्केट की तुलना में बैंक निफ्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन प्राइवेट बैंकों में बिकवाली के दबाव से नहीं बच सका। बड़े प्राइवेट बैंकों का कमजोर प्रदर्शन एक बड़ी बात बन गई है जिस पर नजर रखना जरूरी है। खासकर ऐसे समय में जब निवेशक तिमाही नतीजों पर नजरें बनाए हुए हैं और साथ ही यह भी देख रहे हैं कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई,नकदी (लिक्विडिटी)और ब्याज दरों के अनुमानों पर क्या असर डाल सकती हैं।

तकनीकी मोर्चे पर,55,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिक जाता है तो इसमें 53,000 तक की और बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 56,000 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस है और इसके बाद 57,000 के स्तर पर बड़ा रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स मजबूती से 56,000 के स्तर के ऊपर नहीं निकल जाता,तब तक रिकवरी की कोशिशों के दौरान नई बिकवाली देखने को मिल सकती है।

हालांकि सरकारी बैंकों में मजबूती कुछ सहारा दे सकती है,लेकिन बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक तेजी का रुझान बनाने के लिए यह अभी पर्याप्त नहीं है। इसलिए,निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रेडर्स के लिए बेहतर यही होगा कि वे कोई बड़ा दांव लगाने से पहले कन्फर्मेशन का इंतजार करें।

अहम रेजिस्टेंस: 56,000, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,000, 54,500

रणनीति: 56,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 55,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 57,000 तथा 57,500 के टारगेट रखें।

 

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को Bajaj Finance, Hindustan Zinc, L&T Tech, PC Jeweller समेत इन शेयरों पर रहेगा फोकस

बुधवार, 21 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। लिस्ट में पीसी ज्वेलर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, बजाज फाइनेंस, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस, हिंदुस्तान जिंक, SML महिंद्रा, IREDA जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसके अलावा बुधवार को मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में 1-1 लिस्टिंग है। वहीं 3 शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

इटर्नल, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, विशाल मेगा मार्ट, अदाणी ग्रीन एनर्जी, इंडियन होटल्स कंपनी, केईआई इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, पीसी ज्वेलर, SRF, इंडोसोलर, वेल्सपन स्पेशिएलिटी सॉल्यूशंस

इन शेयरों पर रहेगी नजर

बजाज फाइनेंस: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 ​तिमाही) में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 29% बढ़कर 6,367 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 24% बढ़कर 13,335 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.06% रह गया। नेट NPA घटकर 0.42% रह गया।

L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 66.8% बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 12.1% बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 29.8% बढ़कर 496.6 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 220 bps बढ़कर 16.3% हो गया। कंपनी ने प्रति शेयर 20 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 30% घटकर 81.5 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 36.5% बढ़कर 1,057.8 करोड़ रुपये हो गया।

शोभा: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 54.6% गिरकर 33 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.3% घटकर 967.1 करोड़ रुपये पर आ गया।

डेल्टा कॉर्प: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर कंपनी ने 106.4 करोड़ रुपये का घाटा देखा। पिछले साल यह 25.1 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू 12.85% घटकर 159.5 करोड़ रुपये रह गया।

हिंदुस्तान जिंक: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 142.1% बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 76.5% बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गया।

जस्ट डायल: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 9.7% गिरकर 107.8 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 342.8 करोड़ रुपये हो गया।

गैलेंट इस्पात: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 32% घटकर 60.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 1,145.9 करोड़ रुपये हो गया।

पिरामल फाइनेंस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 67% उछलकर 545 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 35% बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये रही।

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 0.91% बढ़कर 554 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 2,344 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर 904 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस NPA घटकर 3.57% हो गया। नेट NPA घटकर 1.08% हो गया।

SML महिंद्रा: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 44.4% गिरकर 11.7 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.7% बढ़कर 669.8 करोड़ रुपये हो गया।

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स: कंपनी ने भारत में माइकोप्रोटीन के एक्सक्लूसिव उत्पादन के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ‘प्लैनेटरी SA’ के साथ एक टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग समझौता किया है।

सीगल इंडिया: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘जाम खंभालिया जामनगर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ ने ‘सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया’ के साथ एक ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट किया है। यह समझौता एक इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास और संचालन के लिए है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

ट्रांसरेल लाइटिंग: कंपनी के बोर्ड ने ‘NOPL पेस ग्रीन एनर्जी’ में 49% इक्विटी हिस्सेदारी को 20 करोड़ रुपये में खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। NOPL, भारत सरकार की ‘PM-कुसुम’ योजना के कंपोनेंट C के तहत महाराष्ट्र में लगभग 990 MW (AC) कुल क्षमता वाला सोलर पावर पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कृषि फीडरों के सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा से जोड़ने) में मदद करना और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली की उपलब्धता में सुधार करना है।

JSW ड्यूलक्स: कर्नाटक GST विभाग ने अप्रैल 2020 से मार्च 2021 की अवधि के लिए टैक्स डिमांड को संशोधित करते हुए 42.04 करोड़ रुपये का आदेश जारी किया है। इस संशोधित डिमांड में 14.07 करोड़ रुपये का टैक्स, 13.9 करोड़ रुपये का ब्याज और 14.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। कंपनी को 5 अगस्त को कर्नाटक GST विभाग से एक कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट को अमान्य ठहराते हुए 118.33 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड की गई थी। इस डिमांड में 40.09 करोड़ रुपये का टैक्स, 38.17 करोड़ रुपये का ब्याज और 40.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल था।

बल्क डील्स

एक्सप्रो इंडिया: आशीष कचोलिया ने कंपनी में 2.22 लाख इक्विटी शेयर 21.53 करोड़ रुपये में बेचे हैं। शेयरों की यह संख्या कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के 0.94% के बराबर है।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

HD फायर प्रोटेक्ट

SME लिस्टिंग

वैभव व्यापार

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी

मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स

एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

Trade setup for today : 19 अक्टूबर को निफ्टी में लगातार दो दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया और इसमें 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले दो सत्रों में 20-डे EMA के ऊपर बंद होने के बावजूद, इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिके रहने में नाकाम रहा। तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और बड़ा टेक्निकल ढांचा भी कमजोर बना हुआ है। इंडेक्स अपने मिड और लॉन्ग टर्म के मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है,जिससे बाजार पर मंदी हावी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 20-डे EMA (जो अभी 22,900 के आसपास है) के नीचे बना रहता है तो इसमें 22,800 तक की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद 22,500 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ, 23,000–23,200 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है तो और बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,अगर यह इसे पार नहीं कर पाता है तो बाजार कंसोलिडेशन (एक दायरे में रहने) के दौर में बना रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,889) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,096, 23,174 और 23,300

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,844, 22,766 और 22,640

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ये बाजार में कमजोरी का संकेत है। निफ्टी अपने 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के EMA से भी नीचे रहा,जो एक कमजोर ट्रेंड का संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 47.72 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा। इस बीच,मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा और ज़ीरो लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ता रहा। लगातार चौथे सत्र में हरे रंग का हिस्टोग्राम बार भी बड़ा हुआ। ये संकेत बताते हैं कि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी कमज़ोर है, हालांकि MACD मोमेंटम में सुधार निकट भविष्य में संभावित रिकवरी का संकेत देता है।

बैंक निफ्टी (55,488) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,779, 55,909 और 56,120

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,357, 55,226 और 55,015

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,238, 56,819

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने छोटी ऊपरी और निचली विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है। पिछले दो सत्रों में 55,500 के स्तर के ऊपर रहने के बाद, यह 20-डे EMA के थोड़ा नीचे बंद हुआ है। यह बिकवाली के नए दबाव का संकेत है। हाल की रिकवरी के दौरान भी इंडेक्स 50-डे EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ही ट्रेड करता रहा जो बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक कमजोरी का संकेत है।

RSI गिरकर 48.25 पर आ गया, लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। वहीं, MACD ऊपर की ओर बढ़ता रहा और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका रहा। हालांकि, लगातार पांच सेशन तक बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम में गिरावट आई। ये इंडिकेटर बताते हैं कि MACD मोमेंटम में सुधार के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हिस्टोग्राम में आई हालिया गिरावट यह भी संकेत देती है कि बुलिश मोमेंटम में कुछ कमी आ सकती है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

बाजार के डर का पैमाना माने जाने वाला ‘इंडिया VIX’ 5.33 प्रतिशत बढ़कर 14.77 पर पहुंच गया है। इसका ऊंचे स्तर पर बने रहना यह संकेत देता है कि तेजी की तेजड़ियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। अगर यह मजबूती से 15 के स्तर के ऊपर जाता है तो तेजी वाले सौदों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। वहीं,अगर इसमें गिरावट आती है और यह लगातार 13 के स्तर के नीचे बना रहता है तो इससे तेजी की उम्मीद रखने वाले निवेशकों को कुछ राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 अक्टूबर को गिरकर 0.93 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.21 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।

MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।

इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे ‘सभी IPO की जननी’ (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।

सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।

स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।

इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।

पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।

इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।