NSE IPO: एएसई में हिस्सेदारी वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, न्यू इंडिया 14% उछला

एनएसई में हिस्सेदारी रखने वाले बैंकों और कंपनियों के शेयरों में 18 जून को पंख लग गए। एनएसई ने 17 जून को आईपीओ के लिए सेबी के पास पेपर्स फाइल कर दिए हैं। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) होगा। मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपने करीब 14.89 करोड़ शेयर ओएफएस में बेचेंगे।

कई शेयरहोल्डर्स ओएफएस में बेचेंगे हिस्सेदारी

एनएसई के कई शेयरहोल्डर्स ओएफएस में अपने शेयर बचेंगे। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। इन सभी के शेयरों में 18 जून को तेजी देखने को मिली। सबसे ज्यादा 14 फीसदी का उछाल न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयरों में आया।

एसबीआई 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एनएसई के 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा। एमएस स्ट्रेटेजिक (मॉरीशस) 1.6 करोड़ शेयर बेचेगी। LIC की एनएसई में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। वह ओएफएस में शेयर नहीं बेचेगी। इस खबर से 18 जून को एलआईसी के शेयरों में भी उछाल दिखा। यह शेयर 2.97 फीसदी चढ़कर 430.55 रुपये पर बंद हुआ।

ये कंपनियां भी ओएफएस में बेचेंगी शेयर

कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड एनएसई के ओएफएस में 1.19 करोड़ शेयर बेचेगा। Aranda Investments (Mauritius) 1.12 करोड़ शेयर बेचेगी। बैंक ऑफ बड़ौदा 1.1 करोड़ शेयर बेचेगा। स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन 1.09 करोड़ शेयर बेचेगा। जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन 1.07 करोड़ शेयर बेचेगी। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी 1.05 करोड़ शेयर बेचेगी।

स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन की 4.44 फीसदी हिस्सेदारी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एनएसई में 3.23 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की 4.33 फीसदी हिस्सेदारी है। स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की एनएसई में 4.44 फीसदी हिस्सेदारी है।

30,000 करोड़ का हो सकता है एनएसई का आईपीओ

एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। एनएसई का आईपीओ 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई के नाम है। उसने 2024 में भारत में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। इससे पहले एलआईसी का आईपीओ सबसे बड़ा था। करीब 21000 करोड़ का यह आईपीओ 2022 में आया था।

हिस्सेदारी बेचने वाली कंपनियों को जबर्दस्त प्रॉफिट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एनएसई में हिस्सेदारी वाली कंपनियों के शेयरों में 18 जून को तेजी इस वजह से आई, क्योंकि इन शेयरों को अपने शेयर बेचने से निवेश पर जबर्दस्त प्रॉफिट होने जा रहा है। उदाहरण के लिए एसबीआई को एनएसई में अपने 2 करोड़ रुपये के निवेश पर करीब 5000 करोड़ का प्रॉफिट हो रहा है।