4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Small Cap Stocks: क्या अब स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश का सही मौका है? Ambit ने बताए अच्छे रिटर्न के 5 बड़े संकेत

Small Cap Stocks: साल 2025 की शुरुआत से आई गिरावट के बाद अब स्मॉलकैप शेयरों में जोखिम और रिटर्न का संतुलन पहले से बेहतर दिख रहा है। Ambit Asset Management का कहना है कि अब कमाई, वैल्यूएशन, कैपेक्स, घरेलू निवेश और ग्लोबल माहौल जैसे कई बड़े फैक्टर स्मॉलकैप शेयरों के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

कंपनी का मानना है कि इस बार की गिरावट पहले जैसी नहीं थी। यह ज्यादातर वैल्यूएशन करेक्शन था, न कि क्रेडिट संकट या अर्थव्यवस्था में बड़ी कमजोरी की वजह से। आइए जानते हैं कि Ambit किन 5 कारणों से स्मॉल कैप स्टॉक्स पर दांव लगाने का सुझाव दे रहा है।

1. कमाई में फिर आई तेजी

Ambit के मुताबिक, जून 2026 तक Nifty Smallcap 250 कंपनियों का PAT सालाना आधार पर करीब 27% बढ़ा है। यह ग्रोथ लार्जकैप कंपनियों से भी बेहतर रही।

पिछली दो तिमाहियों में रेवेन्यू और EBITDA दोनों में सुधार आया है। साथ ही FY27 के लिए कमाई के अनुमान भी बढ़ाए गए हैं।

2. वैल्यूएशन पहले से ज्यादा आकर्षक

स्मॉलकैप शेयरों में सबसे बड़ा वैल्यूएशन रीसेट देखने को मिला है। जुलाई 2026 तक करीब 47% स्मॉलकैप शेयर अपने 10 साल के औसत वैल्यूएशन से नीचे ट्रेड कर रहे थे।

तुलना करें तो मिडकैप में यह आंकड़ा 31% और लार्जकैप में 27% था। 18 में से 12 स्मॉलकैप सेक्टर अब अपने लंबे समय के औसत वैल्यूएशन से नीचे आ चुके हैं।

3. कैपेक्स मजबूत बना हुआ है

FY26 में लिस्टेड कंपनियों का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 9% बढ़कर ₹11.5 लाख करोड़ पहुंच गया। इसमें मिडकैप कंपनियों का कैपेक्स 16% और स्मॉलकैप कंपनियों का 13% बढ़ा।

Ambit का अनुमान है कि अगले चार साल में पावर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों में ₹20-25 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश हो सकता है।

4. घरेलू निवेशकों का बढ़ा भरोसा

स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ा है। FY22 में जहां नेट इनफ्लो ₹10,145 करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹51,872 करोड़ पहुंच गया।

साथ ही Nifty Smallcap 250 में ट्रेडिंग एक्टिविटी भी फरवरी 2025 के मुकाबले जून 2026 तक काफी बढ़ गई है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बेहतर हुई है।

5. ट्रेड डील से मिल सकता है फायदा

Ambit का कहना है कि भारत के नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का सबसे ज्यादा फायदा स्मॉलकैप कंपनियों को मिल सकता है। खासकर कैपिटल गुड्स, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, टेक्सटाइल, पावर और मेटल सेक्टर की कंपनियां इससे लाभ उठा सकती हैं।

इसके अलावा अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद बने सीजफायर माहौल और भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता में प्रगति से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

Ambit Asset Management का मानना है कि स्मॉलकैप शेयरों में फिर से तेजी के लिए जरूरी कई हालात बनते दिख रहे हैं। हालांकि, हर स्मॉलकैप शेयर एक जैसा नहीं होता। इसलिए मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर कमाई और उचित वैल्यूएशन वाली कंपनियों का चयन करना ज्यादा अहम रहेगा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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इस म्यूचुअल फंड ने ₹10 लाख के निवेश को सिर्फ 13 साल में ₹1.25 करोड़ बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश में फंड का चुनाव काफी मायने रखता है। आप सिप से निवेश करें या एकमुश्त, अगर आपने सही फंड का चुनाव किया है तो आप पैसे की बरसात होगी। खासकर लंबी अवधि के निवेश में यह बात पूरी तरह से लागू होती है। हम बात कर रहे हैं एचडीएफसी मिडकैप फंड डायरेक्ट ग्रोथ की। लंबी अवधि में इस फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है।

10 लाख का निवेश आज 1.25 करोड़ रुपये हो गया होता

अगर आपने HDFC Mid Cap Fund Direct Growth में 2013 में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 1.25 करोड़ रुपये हो गया होता। यह रिटर्न फंड के एनएवी में ग्रोथ के आधार पर कैलकुलेट किया गया है। यह एक ओपन एंडेड स्कीम है। इसका मतलब है कि इस फंड में किसी समय निवेश किया जा सकता है और किसी समय पैसे निकाले जा सकते हैं।

यह स्कीम मुख्यत: मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है

एचडीएफसी फंड हाउस की यह इक्विटी स्कीम मुख्य रूप से मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है। फंड हाउस के मुताबिक, फंड का फोकस हर समय मिडकैप स्टॉक्स में कम से कम 65 फीसदी निवेश बनाए रखने पर होता है। हालांकि, यह फंड काफी ज्यादा रिस्क वाले फंड की कैटेगरी में आता है। इसलिए यह फंड सिर्फ उन निवेशकों के लिए सही है, जो रिस्क ले सकते हैं।

इस फंड के डायरेक्ट प्लान की शुरुआत 2013 में हुई थी

इस फंड की शुरुआत 1 जनवरी, 2013 को हुई थी। इस फंड के बेहतर रिटर्न में लॉन्ग टर्म कंपाउंडिंग का बड़ा हाथ है। मिडकैप कंपनियों के शेयरों में ज्यादा-उतार चढ़ाव होता है। लेकिन, इकोनॉमी और कॉर्पोरेट अर्निंग्स बेहतर रहने पर इन शेयरों का रिटर्न भी ज्यादा रहता है। इस फंड ने कई तरह के सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया है। इससे डायवर्सिफिकेशन का फायदा इससे मिलता है। साथ ही रिस्क भी कम हो जाता है।

इस फंड का लंबी अवधि में सालाना रिटर्न 20 फीसदी से ज्यादा

इस फंड के डायरेक्ट ग्रोथ प्लान का लंबी अवधि में रिटर्न सालाना 20 फीसदी से ज्यादा रहा है। इस स्की की शुरुआत जून 2007 में हुई थी। लेकिन, इसका डायरेक्ट प्लान जनवरी 2013 में शुरू हुआ था। इस फंड का रिटर्न शानदार रहा है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले प्रदर्शन के आधार पर उसमें निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।

किसी फंड के पिछले प्रदर्शन के आधार पर नहीं लें निवेश का फैसला

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इनवेस्टर्स को निवेश के अपने मकसद, रिस्क लेने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रख फंड का चुनाव करना चाहिए। खासकर इक्विटी फंड में अच्छा रिटर्न तभी मिलता है, जब आप लंबी अवधि के लिहाज से उसमें एकमुश्त या सिप से निवेश करते हैं।

Investment Mantra : एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड दे रहा एनर्जी कंपनियों में निवेश का सीधा मौका, जानिए क्या है खासियत

Investment Mantra : एनर्जी और सोना-चांदी दोनों इस वक्त बाजार के फोकस में हैं। एक तरफ जहां क्रूड में तेज उतार-चढ़ाव से एनर्जी सेक्टर सीधे रडार पर है और सोने-चांदी करेक्शन के बाद बुलियन सभी को लुभा रहा है। लेकिन क्या अभी एनर्जी और सोने-चांदी में निवेश का मौका है? यहां हम आपकी यही मुश्किल दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन पहले हम आपको बता दें कि बाजार में इन दिनों Axis Nifty Energy Index Fund का NFO खुला हुआ है। क्या इसमें निवेश करके एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर बनाना चाहिए? इन्हीं सब बातों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं मनीफ्रंट (Moneyfront) के CEO और को-फाउंडर मोहित गर्ग।

आइए पहले जान लेते हैं निफ्टी एनर्जी इंडेक्स के बारे में

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में एक्सपोजर की बात करें तो इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और एनर्जी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की खासियत यह है कि इसमें 500 में से अधिकतम 40 शेयरों पर फोकस है। किसी भी एक शेयर का वेटेज 10% से ज्यादा नहीं है। वहीं, किसी एक सेक्टर का वेटेज 25% से ज्यादा नहीं है। साल में दो बार मार्च और सितंबर में रीकंस्ट्रक्शन होता है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स:टॉप 10 होल्डिंग्स

इसकी कोल इंडिया में 10%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 9.9%, ONGC में 9.5%, NTPC में 5.9%, GAIL में 4.9%, पावर ग्रिड में 4.6%, सुजलॉन एनर्जी में 4.2%, CG पावर में 3.9%, GE वर्नोवा में 3.6% और BHEL में 3.6% होल्डिंग है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: इन सेक्टर्स में निवेश

हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.5%, रिफाइनिंग में 15%, ऑयल एक्सप्लोरेशन में 11.8%, पावर जेनरेशन में 11.8% और कोल में 10% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: निवेश कटेगरी

इसका लार्जकैप 72%, मिडकैप में 23% और स्मॉलकैप में 6% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी में रिटर्न जोरदार

निफ्टी एनर्जी ने 1 साल में 10.1% रिटर्न दिया है। जबकि, निफ्टी ने इसी अवधि में 1.7 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने तीन साल में 18.8% रिटर्न दिया है। इसी अवधि में निफ्टी ने 12.9 फीसदी रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 16.7% और निफ्टी ने 12.4% रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 18.7% और निफ्टी ने 13.9% रिटर्न दिया है। 25 साल में इसने 17.8% और निफ्टी ने 16.5% रिटर्न दिया है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड को जाने

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड एक इक्विटी इंडेक्स फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी एनर्जी TRI है। इसका NFO खुला 7 अगस्त को खुला है जो 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपए का निवेश किया जा सकता है। इसका NFO NAV 10 रुपए है। इसमें रिस्क काफी हाई है। इस फंड मैनेजर्स नंदिक मलिक और रोहित गौतम हैं। एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड का एक्जिट लोड 15 दिन के भीतर 0.25% और 15 दिन के बाद निल है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड: एनर्जी में बड़ा मौका

अगले दशक में भारत में 580+ GW पावर जेनरेशन का अनुमान है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अगले दशक में ट्रांसमिशन,स्टोरेज,नेचुरल गैस इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा। अगले दशक में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन में भी निवेश बढ़ेगा।

 

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Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 70.71 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर बंद हुआ। आज लगभग 1855 शेयरों में बढ़त हुई,2244 शेयरों में गिरावट आई और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स,भारती एयरटेल,अदाणी एंटरप्राइजेज,अदाणी पोर्ट्स और विप्रो शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल,जियो फाइनेंशियल,ONGC,हिंडाल्को और SBI शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो,एनर्जी,FMCG,मेटल,फार्मा और रियल्टी में 0.3-1% की गिरावट आई,जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया में लगभग 1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज मार्केट में कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक की नजर एनर्जी की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के आउटलुक पर लगी हुई है। हालांकि,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन स्टॉक्स की अगुवाई में मार्केट दिन के निचले स्तरों से रिकवरी हुआ, जिसे बेहतर डिमांड ट्रेंड्स का भी सपोर्ट मिला।

इस तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और घरेलू सपोर्टिव फैक्टर्स(जिनसे FY27 के अर्निंग अनुमानों में बढ़ोतरी हो सकती है) की वजह से बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन अप्रोच के लिए मौके बन रहे हैं।

इसके अलावा,रुपये में स्थिरता,भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट और FII की खरीदारी में धीरे-धीरे सुधार से घरेलू मैक्रो-एनवायरनमेंट को सपोर्ट मिल रहा है और महंगाई की स्थिति भी बेहतर हो रही है।

17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में एक और दिन सुस्त ट्रेडिंग देखने को मिली। ट्रेडर्स वीकेंड से पहले किसी खास दिशा में पोजीशन लेने से बचते दिखे। निफ्टी थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,लेकिन 20EMA के ठीक ऊपर रहा और मोटे तौर पर अपनी शॉर्ट-टर्म मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहा।

मोमेंटम इंडिकेटर RSI और कमजोर होने लगा है और बेयरिश क्रॉसओवर ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर,सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और 24,180 के स्तर तक और गिरावट की संभावना है। ऊपरी स्तर पर 24,400 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड ,सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24500-24550 के जोन में नजर आ रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24850 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24230-24200 के जोनन में है,जो 100 डे EMA के लेवल के पास ही है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि शुक्रवार को मार्केट में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा। अंत में निफ्टी 29 अंक गिरकर बंद हुआ। ओवरऑल चार्ट पैटर्न से पता चलता है कि पिछले 9 सेशन से मार्केट में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ती जा रही है।

पिछले हफ्ते हाई लेवल पर डोजी टाइप का वीकली पैटर्न बनने के बाद इस हफ्ते निफ्टी के वीकली चार्ट पर एक साफ नेगेटिव कैंडल बनी है। यह 24500-24600 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास ऊपर की ओर एक फॉल्स ब्रेकआउट का संकेत है।

पिछले कुछ महीनों में लगातार हायर बॉटम बनते हुए देखे गए हैं। अभी दिख रही कमजोरी नए हायर बॉटम बनने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसलिए,आने वाले सेशन में कुछ और कंसोलिडेशन की संभावना है। अगर यहां से और कमजोरी आती है तो निफ्टी जल्द ही 24200-24000 के अगले निचले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। फिलहाल 24500 के लेवल पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा बैंक निफ्टी ने शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई,लेकिन 57,681 के आसपास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और फिर यह नीचे गिरकर 57,380 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। सेशन के दूसरे हिस्से में निचले स्तरों से आई रिकवरी ने इंडेक्स को अपने शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद की और बैंक निफ्टी 0.25% की गिरावट के साथ 57,491 पर बंद हुआ।

इंडेक्स ने दोनों तरफ विक्स वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। फ्लैट RSI और ADX मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम और उतार-चढ़ाव की कमी का संकेत देते हैं,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का यह पुलबैक 58400 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58800 तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 के जोन में है।

 

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

Trading plan : पूरे दिन एक रेंज में घूमने के बाद बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में भी दिन के लो से सुधार हुआ है। इधर मिडकैप और स्मॉलकैप में हल्का दबाव है। कच्चा तेल 88 डॉलर के ऊपर आ गया है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी आई है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब करीब एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

चुनिंदा प्रीपेड प्लान महंगे होने की खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिला है। 3 फीसदी की तेजी के साथ भारती एयरटेल में ब्रेकआउट देखने को मिला है। वोडाफोन आइडिया भी 4 फीसदी भागा है। भारती हेक्सा भी ऊपर कारोबार कर रहा है। कल के नतीजों और ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट्स के दम पर जुबिलेंट फूड भागा है। यह शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना है। वहीं अच्छे नतीजों के बाद वेल्सपन लिविंग 5 फीसदी उछला है। साथ ही इंडिगो पेंट्स में भी जोरदार तेजी आई है। उधर नतीजों के बाद ओपोलो हॉस्पिटल में भी लगातार दूसरे दिन तेजी कायम है।

खराब रिजल्ट के बाद टाटा मोटर्स PV में तेज गिरावट देखने को मिली है। JLR फिर सिरदर्द बना है। यह शेयर 5 फीसदी टूटकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। वहीं ब्राजील की कंपनी ALUNORTE की एल्युमिना प्रोडक्शन बढ़ाने की खबर से नाल्को 5 फीसदी टूटा है।

बाजार: उलझन भरा दिन और हफ्ता

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पूरे दिन और पूरा हफ्ते बाजार एक दायरे में रहा। निफ्टी न चलने को तैयार है,न गिरने को। बैंक निफ्टी और निफ्टी IT में भी कोई बड़ा ट्रेंड नहीं है। आज मिड और स्मॉलकैप्स में भी काफी कम मौके रहे। Adv/Dec आज थोड़ा खराब रहा। इंडिया VIX में कोई बदलाव नहीं हुआ, PCR भी समान रहा। आज अर्निंग्स सीजन का भी आखिरी दिन है। कच्चा तेल भी वापस $88.5 के स्तर पर आ गया है।

बाजार: अब क्या?

बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें। एकदम ही भरोसा मिले तभी ट्रेड करें। वरना रेंज को स्मार्टली किनारों पर ट्रेड करें। आज भी निफ्टी ने दोनों तरफ के SL नहीं छुए। लेकिन निफ्टी ट्रेड्स में 50-60 अंक मिल रहे हैं। ऐसा मार्केट्स आमतौर पर आपको थका देता है। इसलिए जरूरी है कि ओवरट्रेडिंग न करें। जबरदस्ती ट्रेड न ढूंढें, ट्रेड को आने दें। टेलीकॉम में बड़ी खबर के बाद ब्रेकआउट देखने को मिला है। डिफेंस एक और मजबूत पॉकेट है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,250-24,300 पर सपोर्ट और 24,450-24,500 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,100-57,300 पर सपोर्ट और 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में कमजोरी के बीच सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,300 के आसपास बना हुआ है। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इस सेक्टर का इंडेक्स 1.19 प्रतिशत नीचे आ गया है। जबकि IT सेक्टर के इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। PSU बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन कमजोर बाजार में भी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने 0.66 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​छोटे-मझोले शेयरों में भी बिकवाली आई है। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है।

टेक्नो फंडा नजरिए से बाजार की चाल पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ( JM Financial Services) में PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजों का सीजन काफी अच्छा रहा। बहुत लंबे समय बाद पहली बार लार्ज कैप में अर्निंग ग्रोथ आई है। हमें इसमें लगभग 19 से 20% की ग्रोथ देखने को मिली है। स्मॉल और मिड कैप ने भी फिर से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। स्माल कैप अर्निंग ग्रोथ 30 से 32% के आसपास रही है। वहीं मिड कैप ने भी लगभग 24 से 25% की ग्रोथ दिखाई। साफतौर पर अर्निंग ट्रेजेक्टरी बहुत ज्यादा स्ट्रांग रही है। जिस तरह से ग्लोबल अनसर्टेनिटी बनी रही और क्रूड से जुड़े रॉ मटेरियल की वजह मार्जिन पर प्रेशर बना, उसके बावजूद भी प्रॉफिटेबिलिटी में अच्छी ग्रोथ देखने को नजर आई। अब हमें साफ दिख रहा है कि यहां से कॉर्पोरेट अर्निंग्स में काफी मजबूत री-रेटिंग होती हुई नजर आएगी।

इसके अलावा पिछले साल मिले जीएसटी और इनकम टैक्स रिलीफ का बेनिफिट अब बाजार को मिलना शुरू हो गया है। इसके संकेत भी पहली तिमाही के नतीजों में मिले हैं। इसी के चलते ऑटो, ऑटो इंसिलरीज और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। यहां तक कि न्यू एज कंपनियों के नतीजे भी काफी अच्छे रहे हैं । हमें लगता है कि एक बहुत अच्छी डबल इंजन ग्रोथ देखने को नजर आ रही है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तो काफी अच्छा कर ही रहा है पर बहुत लंबे समय बाद खपत से जुड़ी कंपनियों से भी अच्छे संकेत मिल रहे है। हमें लगता है कि हमारे मार्केट्स के लिए काफी अच्छी स्थिति बनती हुई नजर आ रही है। क्यूएसआर सेगमेंट पर अपनी राय साझा करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि इस सेगमेंट में काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धा का माहौल है। पिछली तिमाहियों में बर्गर किंग, देवयानी और ज्युबिलेंट फूड जैसी कंपनियों के नतीजों पर इसका असर भी देखने को मिला है। हालांकि पहली तिमाही इनके लिए अच्छी रही है। इसके चलते ये शेयर री-रेट भी होंगे। लेकिन स्ट्रचरली हमें लगता है कि अगर हमें कंजम्प्शन थीम को ही प्ले करना है तो न्यू एज सेगमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए। कंजम्प्शन थीम के लिए तमाम पॉजिटिव फैक्टर नजर आ रहे हैं।

क्विक कॉमर्स की बात करें तो अगले 5-6 सालों में इसका मार्केट 5 अरब डॉलर से बढ़कर 55-65 अरब डॉलर का हो सकता है। इस सेगमेंट में हमें 11-12 गुना की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेगमेंट की कंपनियों में आगे हमें काफी तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसका फायदा इटरनल, स्विगी, मीशो और Honasa जैसी कंपनियों को मिलेगा। इसके अलावा फिन टेक कंपनियों में भी आगे तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। देश में लोगों की आय और खपत बढ़ने का फायदा इन कंपनियों के मिलेगा। देश में बढ़ेते डिजिटल स्पेंडिंग का सीधा फायदा पेटीएम जैसी कंपनियों को मिलेगा।

 

July WPI Data : जुलाई में थोक महंगाई 9.87% से घटकर 9.78% पर आई,लगातार तीसरे महीने 9% से ऊपर रहा ये आंकड़ा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas: बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, अनुज सिंघल से जाने आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Ideas : बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के करीब आ गया है। RIL,SBI, M&M और एक्सिस बैंक ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। बैंक निफ्टी में भी हल्की कमजोरी दिख रही है। मिडकैप में भी हल्की नरमी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिल रही है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

जानिए आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई का रणनीति

CAS और एक्सपायरी

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि कल सेंसेक्स की एक्सपायरी में भी ऑप्शन भाव में बड़ी गड़बड़ दिखी। 3:15 से 3:30 के बीच ऑप्शन भाव में भारी उतार-चढ़ाव था। बाजार फिर रेंज में दिख रहा है। बाजार में 2 दिनों से एक जैसा पैटर्न है। सुबह बिकवाली और दोपहर में खरीदारी हो रही है। कल भी 24,450 के SL के साथ बिकवाली की रणनीति ने काम किया और फिर 24,250 के SL के साथ खरीदारी की रणनीति ने काम किया। आज देखते हैं क्या वही पैटर्न दोहराया जाएगा।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल ने कहा कि आज शुक्रवार है, यानी एक्सपायरी का कोई डर नहीं है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। इसका मतलब अब स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी कम होंगे। FIIs की लगातार इंडेक्स शॉर्टिंग जारी,कल भी शॉर्ट जोड़े गए हैं। India VIX भी Complacency Zone में है, ये थोड़ा खल रहा है। डिफेंस सबसे मजबूत सेक्टर है,इसके नतीजे भी शानदार हैं। पिछले 2 दिनों में निफ्टी का पैटर्न एक जैसा रहा है। दोनों दिन पहले शॉर्ट ट्रेड फिर लॉन्ग ट्रेड चली। 24,450 के SL से शॉर्ट और 24,250 के SL से लॉन्ग ने काम किया। बस एक फर्क था,परसों IT गिरा और बैंक चले थे। कल IT चला और बैंक गिरे थे। आज फिर चिप शेयरों में रैली और कोस्पी ऊपर है। आज देखना होगा कि IT शेयर और बैंक कैसे करते हैं।

Tata Motors PV Share Price : नतीजों के बाद टाटा मोटर्स PV में लगा रिवर्स गियर, 5% टूटकर बना निफ्टी का टॉप लूजर

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 24,250-24,300 पर है। इसमें खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,300-24,350 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,400-24,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,500-24,550 पर है। 24,400-24,450 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। SL 24,500 पर रखें। दोनों तरफ मुनाफा जल्दी बुक करें। अगर रेंज टूटी तो रणनीति फिर से देखेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,400-57,600 पर और बड़ा सपोर्ट 57,100-57,300 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,000-58,200 पर है। बैंक निफ्टी में ट्रेड लेना इस समय काफी मुश्किल है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।