33.4 लाख के 1 BHK सरकारी फ्लैट की बुकिंग सिर्फ 50k में! DDA की इस धांसू स्कीम में 2-3 बीएचके का भी ऑप्शन

दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देखने वाले लाखों लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने ‘कर्मजीवी आवास योजना 2026’ शुरू की है। इस योजना का मकसद सरकारी कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों को रियायती दर पर तैयार फ्लैट उपलब्ध कराना है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना के तहत सभी श्रेणियों के फ्लैटों पर 25 फीसदी की सीधी छूट दी जा रही है। ये सभी फ्लैट दिल्ली के नरेला स्थित पॉकेट-11, सेक्टर ए1-ए4 में बने हैं और पूरी तरह तैयार हैं, यानी खरीदते ही इनमें रहने की सुविधा मिलेगी।

जानें कब शुरु होगा रजिस्ट्रेशन 

योजना की शुरुआत 24 जुलाई 2026 से हो चुकी है। इसी दिन से पंजीकरण भी शुरू हो गया है। फ्लैटों की बुकिंग 15 अगस्त 2026 दोपहर 12 बजे से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (First Come First Serve) के आधार पर शुरू होगी। योजना 30 अक्टूबर 2026 तक या सभी फ्लैट बिकने तक चलेगी।इस योजना के तहत कुल 1,224 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

जानें कितनी होगी फ्लैट की कीमत

इनमें 384 एक बेडरूम (1-बीएचके), 432 दो बेडरूम (2-बीएचके) और 408 तीन बेडरूम (3-बीएचके) फ्लैट शामिल हैं। 25 फीसदी छूट के बाद 1-बीएचके फ्लैट की कीमत लगभग 33.40 लाख से 33.66 लाख रुपये, 2-बीएचके की कीमत 75.55 लाख से 83.58 लाख रुपये और 3-बीएचके की कीमत 1.06 करोड़ से 1.19 करोड़ रुपये के बीच होगी। हालांकि अंतिम कीमत फ्लैट के क्षेत्रफल के अनुसार तय होगी।

इस इलाके में बन हैं फ्लैट

योजना की एक और खासियत इसकी लोकेशन है। नरेला का यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है। यहां से प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का मेट्रो स्टेशन करीब 1.5 किलोमीटर दूर होगा। प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) स्टेशन भी करीब 1.9 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा यूईआर-1, यूईआर-2 और जीटी करनाल रोड जैसी प्रमुख सड़कें भी पास हैं। आसपास शिक्षा केंद्र, खेल परिसर और हरियाली की अच्छी व्यवस्था है, जिससे यह इलाका भविष्य में और अधिक आकर्षक माना जा रहा है।

किन्हें मिलेगा फायदा

यह योजना सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, सरकारी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, शिक्षक, प्रोफेसर, वैज्ञानिक और निजी क्षेत्र के पेशेवर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन के समय संबंधित नौकरी या पेशे से जुड़े दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इच्छुक लोगों को डीडीए के आवास पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके लिए 2,500 रुपये का गैर-वापसी योग्य पंजीकरण शुल्क देना होगा। जो लोग पहले से डीडीए आवास पोर्टल पर पंजीकृत हैं, उन्हें दोबारा शुल्क नहीं देना पड़ेगा। फ्लैट चुनने के बाद आवेदक को ऑनलाइन भुगतान के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा। इस दौरान चुना गया फ्लैट किसी दूसरे व्यक्ति के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।

बुकिंग के लिए इतनी जमा करानी होगी राशि

बुकिंग के लिए भी अलग-अलग राशि तय की गई है। 3-बीएचके फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, 2-बीएचके के लिए 4 लाख रुपये और 1-बीएचके के लिए 50 हजार रुपये जमा करने होंगे। यह राशि फ्लैट की कुल कीमत में समायोजित कर दी जाएगी। लेकिन यदि आवेदक बाद में फ्लैट छोड़ता है या तय समय पर बाकी भुगतान नहीं करता, तो यह राशि जब्त हो सकती है। डीडीए के अनुसार, बुकिंग के बाद डिमांड-कम-अलॉटमेंट लेटर जारी किया जाएगा। इसके बाद फ्लैट की बाकी कीमत 60 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। जरूरत पड़ने पर 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत मिलेगी, लेकिन उस पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। तय समय के बाद भुगतान नहीं करने पर फ्लैट का आवंटन रद्द किया जा सकता है।

योजना में दिव्यांग (पीडब्ल्यूबीडी) आवेदकों के लिए विशेष सुविधा भी दी गई है। उन्हें फ्लैट की कीमत पर 5 प्रतिशत तक की छूट (अधिकतम 1 लाख रुपये) मिलेगी। साथ ही वे पूरी राशि एक साथ देने के बजाय 15 साल की आसान किस्तों में भी भुगतान कर सकते हैं। डीडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि फ्लैट केवल रिहायशी उपयोग के लिए होंगे। कब्जा मिलने के बाद फ्लैट मालिकों को संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का सदस्य बनना होगा और रखरखाव शुल्क भी देना होगा। फ्लैट का स्वामित्व पूरी प्रक्रिया पूरी होने और कन्वेयंस डीड बनने के बाद ही मिलेगा।

कुल मिलाकर, डीडीए कर्मजीवी आवास योजना 2026 उन लोगों के लिए बड़ा अवसर है जो दिल्ली में अपना घर खरीदना चाहते हैं। 25 प्रतिशत की छूट, तैयार फ्लैट, बेहतर कनेक्टिविटी और पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया इस योजना को खास बनाती है। खासकर सरकारी कर्मचारियों, पेशेवरों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए यह कम कीमत में दिल्ली में घर खरीदने का एक अच्छा मौका माना जा रहा है।

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि आखिर वे कौन लोग थे, जिन्होंने जालौन और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन का आधार तैयार किया। जिन लोगों के काले कारनामों के कारण जालौन दस्यु प्रभावित क्षेत्र घोषित हो गया था, उन्हें भी याद करने की जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड को अभाव और सूखे के कारण पलायन के लिए मजबूर करने वाले भी वे ही लोग थे। आज वही लोग घड़ियाली आंसू बहाकर नौजवानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 

 

उन्होंने सवाल किया कि यमुना, बेतवा और पहूज जैसी पावन नदियों की त्रिवेणी वाले क्षेत्र को आखिर क्यों पिछड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और हर योजना में यह क्षेत्र पीछे क्यों दिखाई देता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में शनिवार को जालौन के उरई, माधौगढ़ व कालपी विधानसभा क्षेत्रों में 1275 करोड़ रुपए की 375 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उरई के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किट/चेक/स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन और पूरा बुंदेलखंड अपनी पुरानी पहचान से बाहर निकलकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। आज बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ से बड़े क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीडा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी का आधार जालौन बन रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और फोरलेन कनेक्टिविटी ने जालौन की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब यह क्षेत्र बीहड़ और दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विकास और नई संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

कालपी का कागज बना ग्लोबल ब्रांड

सीएम योगी ने कहाकि जालौन के कालपी में तैयार होने वाला हस्तशिल्प कागज अब स्थानीय पहचान से निकलकर वैश्विक ब्रांड बन रहा है। कालपी के इस पारंपरिक कागज को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और बाजार दोनों का विस्तार हुआ है। आज कालपी का कागज देश की सीमाओं को पार कर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों तक पहुंच रहा है। कालपी के कागज की खासियत इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़ी पहचान है। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है और इससे स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।

कोंच की रामलीला ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

सीएम योगी ने कहा कि इतिहास हमें इस बात का आगाह करता है। महर्षि वेदव्यास ने यहां जन्म लिया इस पावन धारा में और कहते हैं भगवान कृष्ण के पौत्र सांब ने प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भी यहीं पर करवाया था। याद करिए कोंच की रामलीला ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यानी रामलीला का इतिहास कैसे होना चाहिए। ऐसी उरई, माधवगढ़ और कालपी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी धरा पर आज 1275 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के लिए मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ।

 

सीएम योगी ने आदिशक्ति मां भगवती जालौन माता और बैरागढ़ की शारदा माता के श्रीचरणों में नमन करते हुए महर्षि वेदव्यास की पावन जन्मभूमि और इसी जालौन की तपोभूमि को कोटि-कोटि नमन किया। जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और नाना साहेब पेशवा की समर भूमि के रूप में जो धरती जानी जाती हो, कालपी का हैंडमेड कागज और यहां की विश्व विख्यात मटर इस जनपद को एक नई पहचान दिलाते हैं।

अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश का नौजवान देश-दुनिया में सीना चौड़ा कर चल रहा है और उसके सामने पहचान का संकट नहीं है। योगी ने कहा कि सपा शासन में बुंदेलखंड के संसाधनों का माफिया ने जमकर दोहन किया और विकास के नाम पर वसूली होती थी। बुंदेलखंड के विकास के लिए आने वाला पैसा सैफई में फिल्मी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता था। आज यही धन फोरलेन कनेक्टिविटी, युवाओं के रोजगार और किसानों के हित में खर्च हो रहा है।

 

गरीबों को राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल जा रहीं हैं। किसी बेटी से छेड़छाड़ या व्यापारी का उत्पीड़न करने वाले अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं है। आज व्यापारी निर्भय होकर कारोबार और बेटियां स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जालौन में सड़क-पेयजल परियोजनाओं को रफ्तार

सीएम योगी ने कहा कि जालौन जिले में सड़क, पेयजल और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। गोहन-माधौगढ़ से मध्य प्रदेश सीमा तक जिला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बंगरा-जगम्मनपुर मार्ग पर रामपुरा, निनावली, नारोल, राठौर और अनपुरा होते हुए मध्य प्रदेश सीमा तक टू-लेन सड़क का निर्माण भी पूरा होने की जानकारी दी गई। 

 

एट-बंगरा-बीकेपुर तथा कालपी-मदारीपुर संपर्क मार्ग भी तैयार हो चुके हैं। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की नगरपालिका परिषद उरई, कोटा-मस्तकिल ग्राम पेयजल परियोजना और सलाघाट वाटर सप्लाई ग्रामीण पेयजल योजना पर काम जारी है। सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था नीति का जिक्र करते हुए कहा कि संगठित अपराध में शामिल माफिया की 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। नकल माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जालौन में आएंगे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी और चित्रकूट में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का लाभ जालौन को भी मिलेगा। जालौन से होकर कनेक्टिविटी विकसित होने के साथ यहां 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की योजना है, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जालौन में डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत आधुनिक तकनीक के विकास के लिए डेटा सेंटर महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों को यूपी एग्रीज योजना में शामिल किया गया है। महिला शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बैलैनी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं की क्षमता की सराहना की।

CM Yogi Adityanath Jalaun

सीएम योगी ने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, चेक वितरित किया 

  • गीता, रेनू, शकीला खातून और ममता (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13,14,30000 का चेक)
  • उमेदा (मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पत्र)
  • आस्था ( कन्या सुमंगला योजना के तहत चेक)
  • शैलेंद्र सिंह सेंगर (कृषि यंत्र)
  • शिवा त्रिपाठी (प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलार रूफ टॉप यंत्र, पत्र) 
  • विनय राजपूत (प्रधानमंत्री स्वनिध योजना के तहत पत्र)
  • रानी देवी (प्रधानमंत्री शहरीय आवास योजना के तहत पत्र)
  • समर सिंह (कुक्कुट योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण पत्र)
  • कुशाग्र गुप्ता (एआईएफ के तहत 4 करोड़ रुपए का चेक)
  • अंबदा रहमान (आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड)।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी, विधायक गौरी शंकर वर्मा, विधायक मूलचंद निरंजन, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबू लाल तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बाबा बालक दास, कोऑपरेटिव बैंक के सभापति बृजभूषण सिंह मुन्नू, अपना दल के अध्यक्ष अनिल कोदारी, राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव, नगर पालिका परिषद उरई की अध्यक्ष गिरिजा चौधरी, नगर पालिका परिषद कोंच के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष नेहा पुनीत आदि मौजूद रहे।

 

AU Small Finance Bank Q1 Results: मुनाफा 37% बढ़कर हुआ ₹796 करोड़, NII में 32% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़कर 795.95 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 580.86 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल इनकम करीब 15.5 प्रतिशत बढ़कर 5991.95 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 5189.05 करोड़ रुपये थी। बैंक ने 25 जुलाई को शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2695 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 47 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 5.9 प्रतिशत हो गया।

जून 2026 तिमाही में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो घटकर 2.10 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.47 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.76 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.88 प्रतिशत था। एसेट्स पर एवरेज रिटर्न बढ़कर 0.42 प्रतिशत रहा, जो कि जून 2025 तिमाही में 0.37 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और लोन

जून 2026 तिमाही के दौरान बैंक के कुल डिपॉजिट का आंकड़ा 1,57,727 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 24 प्रतिशत ज्यादा है। CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 45,399 करोड़ रुपये के हो गए। CASA रेशियो 29 प्रतिशत रहा। ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर जून 2026 तिमाही में 1,44,250 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

AU Small Finance Bank का शेयर एक साल में 34 प्रतिशत मजबूत

अच्छे तिमाही नतीजों के बाद सोमवार, 27 जुलाई को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में तेजी आने की उम्मीद है। शुक्रवार को बीएसई पर शेयर 1002.25 रुपये पर बंद हुआ था। बैंक का मार्केट कैप 75000 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 34 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Small Savings Schemes: शेयर मार्केट में उठा-पटक की टेंशन दूर, 8.2% तक का रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम शानदार

Small Savings Schemes: पिछले कुछ महीनों से स्टॉक मार्केट में काफी उठा-पटक दिख रही है। इससे शॉर्ट टर्म में रिटर्न को लेकर निवेशक परेशान हो गए हैं। हालांकि अधिकतक एक्सपर्ट्स लंबे समय में अच्छा पैसा बनाने के लिए इक्विटी में पैसा लगाने की सलाह देते हैं लेकिन जो निवेशक मार्केट की घबराहट से दूर बिना टेंशन अच्छा पैसा बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी मार्केट में विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे निवेशकों के लिए सरकार के सपोर्ट वाली छोटी बचत योजनाएं पोर्टफोलियो का अच्छा हिस्सा बन सकती हैं। इनमें सालाना 8.2% तक का ब्याज मिल रहा है, जिससे मार्केट की उठा-पटक से दूर निवेशकों का क्रेज इन्हें लेकर बढ़ रहा है।

Public Provident Fund (PPF)

लंबे समय से पीपीएफ सैलरीड एंप्लॉयीज और अपना खुद का बिजनेस करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा निवेश विकल्पों में शुमार है। अभी इस पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष है। पुरानी टैक्स व्यवस्था यानी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत इसमें किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलका है। साथ ही अर्जित ब्याज और मेच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स-फ्री होता है।

National Savings Certificate (NSC)

एनएससी एक फिक्स्ड इनकम योजना है, जिसमें अभी सालाना 7.7% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है और इसमें निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है।

Kisan Vikas Patra (KVP)

बाजार की उठा-पटक से दूर किसान विकास पत्र (केवीपी) ऐसे निवेशकों के लिए सुरक्षित है जो बिना किसी टेंशन अपने पैसे को अच्छी रफ्तार से बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं। अभी इस पर सालाना 7.5% की दर से ब्याज मिल रहा है और इस रफ्तार से 115 महीने में इसमें रखा पैसा डबल हो जाता है।

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)

लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है जोकि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे अधिक ब्याज देने वाली योजना में से एक है। 10 साल से कम उम्र की लड़की के अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

Senior Citizens’ Savings Scheme (SCSS)

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम के तहत अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है और यह भी अधिक ब्याज देने वाली सरकारी बचत योजनाओं में शुमार है। इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं और ऐसे लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित आय चाहते हैं।

Post Office Time Deposits

पोस्ट ऑफिस में बैंकों की तरह एक एफडी है, जिसे सरकार का सपोर्ट मिला हुआ है। इसमें एक साल की जमा पर 6.9%,दो साल की जमा पर 7.0%, तीन साल की जमा पर 7.1% और पांच साल की जमा पर 7.5% की दर से ब्याज मिलेगा। पांच साल की जमा पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलेगा।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें

सरकार हर तिमाही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं और सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पोस्ट ऑफिस से जुड़ी स्कीम्स के लिए ब्याज दर की डिटेल्स दी जा रही है-

स्मॉल सेविंग्स स्कीमब्याज दर
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%
5 वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट7.5%
पोस्टऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4%
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1%
3 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट7.1%
2 साल का पोस्ट ऑफिस डाकघर टाइम डिपॉजिट7.0%
1 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट6.9%
पोस्ट ऑफिस आरडी (RD)6.7%
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम4.0%

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड

डिस्क्लेमर: निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने निवेश सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड, देखें 10, 15 और 25 साल का कैलकुलेशन

SIP Investment Calculation: क्या आप सोचते हैं कि शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में बड़ा फंड बनाने के लिए हर महीने भारी-भरकम रकम का निवेश करना जरूरी है? अगर हां, तो यह खबर आपकी इस सोच को बदल देगी। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए आप रोजाना महज ₹33 की बचत यानी हर महीने सिर्फ ₹999 का निवेश करके भी लाखों रुपये का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

कंपाउंडिंग की ताकत और लंबी अवधि के अनुशासन के चलते छोटा सा निवेश भी समय के साथ एक बड़ी संपत्ति में तब्दील हो जाता है। आइए एसआईपी कैलकुलेटर के जरिए समझते हैं कि ₹999 महीना जमा करने पर 15, 20 और 25 सालों में कितना रिटर्न मिल सकता है।

₹999 की मासिक SIP: 12% और 15% रिटर्न का गणित

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि में औसतन 12% से 15% तक का सालाना रिटर्न देखा जाता है। अगर आप हर महीने ₹999 बिना रुके एसआईपी करते हैं, तो आपकी वेल्थ कैसे बढ़ेगी:

12% अनुमानित सालाना रिटर्न पर इतना बनेगा फंड

12% अनुमानित सालाना रिटर्न पर इतना बनेगा फंड

15% अनुमानित सालाना रिटर्न पर (एग्रेसिव फंड्स)

20 साल में: आपका कुल निवेश ₹2.39 लाख होगा, लेकिन 15% रिटर्न के हिसाब से यह फंड बढ़कर ₹15.13 लाख बन सकता है।

25 साल में: ₹2.99 लाख का कुल निवेश बढ़कर ₹32.81 लाख के बड़े कॉर्पस में तब्दील हो सकता है।

कंपाउंडिंग की ताकत कैसे काम करती है?

इस कैलकुलेशन की सबसे खास बात यह है कि जैसे-जैसे समय बीतता है, आपकी जेब से लगने वाला पैसा कम रहता है, जबकि ब्याज पर मिलने वाला ब्याज आपके फंड को तेजी से बढ़ाता है। 20 साल के दौरान आपका अपना निवेश केवल ₹2.39 लाख रहेगा, लेकिन कंपाउंडिंग के कारण आपको ₹7.5 लाख से अधिक का केवल शुद्ध मुनाफा मिलेगा।

‘स्टेप-अप SIP’ से फंड को बनाएं दोगुना

अगर आप हर साल अपनी एसआईपी रकम में केवल 10% का इजाफा करते हैं (जैसे- पहले साल ₹999/महीना, दूसरे साल ₹1,100/महीना), तो 20 साल बाद आपका यही फंड ₹10 लाख के बजाय बढ़कर ₹22 लाख से अधिक हो सकता है। जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, वैसे-वैसे एसआईपी अमाउंट बढ़ाना पैसे जुटाने का सबसे स्मार्ट तरीका है।

निवेश शुरू करने से पहले 3 जरूरी बातें

कंसिस्टेंसी: बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराकर एसआईपी कभी बंद न करें। मंदी के दौर में आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं।

लक्ष्य तय करें: अपने रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने जैसे लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए ही इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी चुनें।

सही फंड का चुनाव: अपनी जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप या इंडेक्स फंड्स में निवेश शुरू करें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Rate: सोने की कीमत फिर टूटी, क्या ये एक लाख रुपये तक गिर जाएगा? एक्सपर्ट्स ने 3 बड़ी बातें बताईं

इस साल सोना खरीदने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक ही सवाल है कि क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या कीमत और गिरने का इंतजार करना चाहिए। इस पर बाजार के जानकारों का कहना है कि कोई भी यह तय नहीं कर सकता कि सोने की कीमत कितनी नीचे जाएगी। इसलिए सिर्फ सस्ता होने की उम्मीद में खरीदारी टालना सही फैसला नहीं हो सकता। पिछले कई वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025 तक भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत कभी भी 1 लाख रुपये से ऊपर नहीं गई थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। 24 जुलाई तक 10 ग्राम सोने की कीमत 1.43 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार की अपील के बावजूद देश में सोने का कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है। हालांकि, कई खरीदार फिलहाल ‘रुको और देखो’ की रणनीति अपना रहे हैं, क्योंकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमत फिर से 1 लाख रुपये के आसपास आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा युद्ध जैसे वैश्विक हालात के कारण महंगाई बढ़ी है। ऐसे में लोग पेट्रोल और रोजमर्रा की दूसरी जरूरी चीजों पर खर्च के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं, इसलिए सोने की खरीदारी को लेकर भी सावधानी बरत रहे हैं।

क्या सोने की कीमत और गिरेगी? 

ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोने की कीमत आगे और कम होगी या अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए। इस पर बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल बहुत कम है। ऑगमॉन्ट की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी के मुताबिक, ज्यादातर विशेषज्ञों को नहीं लगता कि सोना जल्द ही फिर से 10 ग्राम के लिए 1 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सहारा मिल रहा है। उनके अनुसार, सोने का 1 लाख रुपये तक गिरना सिर्फ एक बहुत कम संभावना वाली स्थिति है, न कि सामान्य अनुमान।

उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, जिसका असर सोने पर भी पड़ा। मार्च से ही सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली और 24 जुलाई तक 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.43 लाख रुपये के आसपास रहा। रेनिशा चैनानी का कहना है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आना सामान्य बात है। उनका अनुमान है कि 2026 तक सोना 10 ग्राम के लिए 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये के दायरे से ऊपर ही बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि 5 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव है, इसे बड़ी गिरावट या क्रैश नहीं माना जाना चाहिए।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अपना पैसा सिर्फ सोने में नहीं लगाना चाहिए, बल्कि अलग-अलग निवेश विकल्पों में निवेश करना चाहिए। उनका कहना है कि खबरों या अफवाहों को देखकर जल्दबाजी में सोना खरीदने या बेचने का फैसला नहीं लेना चाहिए। सबसे कम कीमत का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

कब आ सकती है सोने में बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों के मुताबिक, सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट तभी आ सकती है जब कोई बड़ा आर्थिक बदलाव हो। जैसे अमेरिकी डॉलर बहुत मजबूत हो जाए, ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी हो या फिर सोने की मांग में भारी कमी आ जाए। फिलहाल ऐसे संकेत नहीं दिख रहे हैं।

क्या सोना फिर 1 लाख रुपये तक आ सकता है?

बोनांजा के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि 10 ग्राम सोने की कीमत का फिर से 1 लाख रुपये तक पहुंचना पूरी तरह असंभव नहीं है। हालांकि, मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए ऐसा जल्द होने की संभावना नहीं है। अगर ऐसा होता भी है, तो यह आने वाले मध्यम या लंबे समय में ही संभव हो सकता है।

किन वजहों से सस्ता हो सकता है सोना?

वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी, यह दुनिया की आर्थिक स्थिति, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगा।

उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों में सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है:

  • अगर दुनिया में युद्ध या दूसरे अंतरराष्ट्रीय तनाव कम हो जाते हैं, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घट सकती है।
  • अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं या अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों में कटौती करने में देरी करता है, तो सोने में निवेश कम आकर्षक हो सकता है।
  • अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो इसका असर सोने जैसी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
  • अगर दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक सोना खरीदना कम कर देते हैं, तो कीमतों में कमजोरी आ सकती है।
  • अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरे निवेश विकल्पों की ओर जा सकते हैं।

निरपेंद्र यादव ने कहा कि इतिहास बताता है कि अपने सबसे ऊंचे स्तर से 10 से 20 फीसदी तक गिरना सोने के लिए कोई असामान्य बात नहीं है। हालांकि, लंबे समय में इसकी दिशा दुनिया की आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। उन्होंने सलाह दी कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अगर सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आती है, तो इसे धीरे-धीरे खरीदारी का अच्छा मौका माना जा सकता है। वहीं, कम समय के लिए निवेश करने वालों को कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए और उसी के अनुसार अपनी निवेश रणनीति बनानी चाहिए।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 27 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook :24 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 331.62 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। लगभग 2050 शेयरों में बढ़त हुई,1961 शेयरों में गिरावट आई और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,एटरनल, M&M, श्रीराम फाइनेंस और भारती एयरटेल शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,विप्रो,सिप्ला,ITC और HDFC लाइफ शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस मिली-जुली रही। निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी IT (0.8% ऊपर),निफ्टी PSU बैंक (0.5% ऊपर)और निफ्टी बैंक (0.18% ऊपर)रहे।

दूसरी ओर निफ्टी ऑटो सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.10% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल (0.55% नीचे),निफ्टी एनर्जी (0.57% नीचे),निफ्टी रियल्टी (0.55% नीचे),निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.46% नीचे),निफ्टी फार्मा (0.4% नीचे) और निफ्टी इंफ्रा (0.4% नीचे) रहे।

ब्रॉडर मार्केट भी अपने इंट्राडे निचले स्तरों से सुधरे। निफ्टी मिडकैप 100 बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में मार्केट का सेंटीमेंट खराब रह सकता है। तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से मेन मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और ग्रोथ पर बुरा असर पड़ सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें संकट के समय के अपने पीक से काफी नीचे होने के बावजूद US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए हैं। यह बॉन्ड मार्केट की उन चिंताओं को दिखाता है जो एनर्जी से जुड़ी महंगाई के जोखिम,मजबूत लेबर मार्केट की स्थिति और फेड के लगातार सख़्त रुख (hawkish stance) से जुड़ी हैं।

इन वजहों से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इंपोर्ट पर वॉशिंगटन के नए टैरिफ ने एक्सपोर्ट पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेक्नोलॉजी इंटेसिव मार्केट पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है,क्योंकि ग्रोथ पर ऊंची दरों का दबाव है और निवेशक दूसरे उभरते हुए मार्केट की ओर रुख करके जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अच्छे वैल्यूएशन और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों के चलते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

निफ्टी का आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23650-23600 के जोन में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है,तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23450 और फिर 23300 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तकाल रेजिस्टेंस 23950-24000 के जोन में है,जो 50-दिन के EMA के साथ मेल खाता है।

HDFC Bank Share Price : HDFC बैंक पर पड़ी अमेरिका में हो रही जांच की मार,1% टूटा शेयर

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी में भी निफ्टी जैसी ही शुरुआती कमजोरी दिखी। यह निचले स्तर पर खुला और नीचे की ओर गया,लेकिन फिर इंट्राडे के निचले स्तरों से तेज रिकवरी हुई जिससे नुकसान की भरपाई हो गई। इस रिकवरी की वजह से डेली चार्ट पर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी और इंडेक्स ने अपना 200-डे का EMA फिर से हासिल कर लिया,जो ट्रेडर्स के लिए एक अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57100-57200 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56300-56200 जोन में है।

 

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HDFC Bank Share Price : HDFC बैंक पर पड़ी अमेरिका में हो रही जांच की मार,1% टूटा शेयर

HDFC Bank Share Price : HDFC बैंक के शेयर में आज 1 फीसदी की गिरावट है। अमेरिका की तीन शेयरहोल्डर लॉ फर्मों ने HDFC बैंक के खिलाफ अमेरिकी फेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन को लेकर अलग-अलग जांच शुरू की है। इस साल की शुरुआत में मीडिया में आई उन खबरों के बाद यह जांच शुरू की गई है जिनमें बैंक की ओर से कथित अनियमित भुगतान और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं की आंतरिक जांच का ज़िक्र किया गया था।

ग्लैंसी प्रोंगै वोल्के एंड रोटर LLP (Glancy Prongay),फ्रैंक आर. क्रूज़ के लॉ ऑफिस (Frank R. Cruz) और हॉवर्ड जी.स्मिथ के लॉ ऑफिस (Howard G. Smith) ने इस हफ्ते अलग-अलग बिज़नेस वायर नोटिस जारी करके इन जांचों का ऐलान किया है।

HDFC बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs)न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। इसकी वजह से बैंक पर US सिक्योरिटीज कानून के तहत जानकारी देने की शर्तें लागू होती हैं।

ग्लैंसी प्रोंगै ने कहा है कि उसने HDFC बैंक के निवेशकों की ओर से कंपनी द्वारा फ़ेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन के मामले में जांच शुरू कर दी है। वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या कंपनी ने निवेशकों को कारोबार से जुड़ी ऐसी जानकारी दी जो काफी हद तक गुमराह करने वाली थी, और/या क्या उसने फ़ेडरल सिक्योरिटीज कानूनों का उल्लंघन किया है।

इसी तरह ‘द लॉ ऑफ़िसेज ऑफ़ हॉवर्ड जी स्मिथ’ ने कहा है कि वह फ़ेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन को लेकर HDFC बैंक की जांच कर रही है। इसमें यह भी शामिल है कि क्या कंपनी ने झूठे और/या गुमराह करने वाले बयान जारी किए और/या निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी का खुलासा नहीं किया।

इसके अलावा,फ्रैंक आर क्रूज़ के लॉ ऑफिस ने भी कंपनी द्वारा फ़ेडरल सिक्योरिटीज कानूनों के संभावित उल्लंघन के मामले में निवेशकों की ओर से जांच की घोषणा की है।

तीनों लॉ फर्म उन निवेशकों को संपर्क करने के लिए कह रही हैं जिन्हें नुकसान हुआ है,ताकि वे संभावित दावों का आकलन कर सकें।

अमेरिका में किस वजह से शुरू हुई HDFC बैंक की जांच ?

तीनों लॉ फर्मों की इन नोटिस में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’की 27 मई को छपी एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि HDFC बैंक ने अपने मार्केटिंग डिपार्टमेंट के जरिए किए गए पेमेंट की इंटरनल विजिलेंस जांच की थी। लॉ फर्म के नोटिस के मुताबिक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि बैंक ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को ज्यादा ब्याज देने के लिए ₹45 करोड़ को मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया था।

फर्मों का यह भी कहना है कि रिपोर्ट छपने के बाद,27 मई,2026 को HDFC बैंक के शेयर की कीमत 1.02 डॉलर यानी 4.1% गिरकर 23.78 डॉलर प्रति शेयर पर बंद हुए। इससे निवेशकों को नुकसान हुआ।

HDFC बैंक ने किसी भी गलत काम से किया इनकार

मई में रिपोर्ट पब्लिश होने के बाद,HDFC बैंक ने CNBC-TV18 को दिए एक बयान में इन आरोपों का ज़ोरदार खंडन किया था। बैंक ने कहा था “उसके पास मज़बूत इंटरनल निगरानी,ऑडिट और कंट्रोल प्रोसेस और सिस्टम हैं। सभी मामलों को बैंक के तय नियमों के अनुसार निपटाया जाता है और किसी भी इंटरनल रिव्यू के बाद अंतिम फैसला लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। हम चुनिंदा जानकारी के आधार पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या दोषी होने की धारणा को पूरी तरह से खारिज करते हैं”।

इस जांच का क्या होगा असर?

तीनों लॉ फर्मों की घोषणाओं को HDFC बैंक के खिलाफ रेगुलेटरी कार्रवाई या मुकदमा नहीं माना जा सकता। अमेरिका में ऐसी जांच आम बात है,खासकर तब जब किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर की कीमत बुरी खबर के बाद तेजी से गिरती है।

शेयरहोल्डर लॉ फर्म्स अक्सर यह तय करने के लिए जांच नोटिस जारी करती हैं कि क्या निवेशकों को भ्रामक खुलासों के कारण हुए नुकसान के आरोप में सिक्योरिटी क्लास एक्शन दायर करने का कोई आधार है।

अभी इन फर्मों ने जांच की घोषणा की है और निवेशकों से जानकारी मांगी है। अभी यह एक्शन शेयरहोल्डर लॉ फर्मों की ओर से जांच से जुड़े नोटिस हैं,न कि कोई रेगुलेटरी कार्रवाई या अदालती कार्यवाही। अब देखना यह होगा कि क्या यह आगे चलकर औपचारिक सिक्योरिटीज क्लास एक्शन (शेयरधारकों के सामूहिक कानूनी मुकदमे)में बदलेगा। अभी तक तो किसी निवेशक ने मुकदमे में रुचि नहीं दिखाई है।

CNBC-TV18 ने इस पर HDFC बैंक से प्रतिक्रिया मांगी है,प्रतिक्रिया का इंतजार है। शुक्रवार को HDFC बैंक के शेयर 4.45 रुपए यानी 0.60 फीसदी गिरकर 742.80 रुपए पर बंद हुए हैं। इंट्राडे में इसमें 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। आज का इसका दिन का लो 737.25 रुपए है। पिछले वीकेंड में जून तिमाही के नतीजे आने के बाद से यह स्टॉक लगातार पांचवें दिन नीचे आया है। इस साल अब तक यह स्टॉक 25% गिर चुका है।

 

FD से कमाना चाहते है अच्छा रिटर्न, ये बैंक दे रहे हैं 8.1% तक ब्याज, चेक करें लिस्ट

Invest in FD : अगर आप भी उन इन्वेस्टर्स में से एक जो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (FD)में निवेश करना चाहते है तो आप आसानी से इन बैंकों से 8.1 फीसदी तक का इंटरेस्ट कमा सकते हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे ज़्यादा FD रेट के साथ सबसे आगे हैं, वहीं प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के लेंडर भी अलग-अलग समय में अच्छा रिटर्न दे रहे हैं।

FD इंटरेस्ट रेट में थोड़ा सा भी अंतर लंबे समय में रिटर्न को काफी बढ़ा सकता है, खासकर बड़ी रकम इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजन के लिए। FD बुक करने से पहले अलग-अलग बैंकों के रेट की तुलना करने से बिना ज़्यादा रिस्क लिए इंटरेस्ट इनकम को ज़्यादा से ज़्यादा करने में मदद मिल सकती है। निवेश से पहले यहां देखें उन बैंकों के लिस्ट जो दे रहे है सबसे ज्यादा रिटर्न।

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  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.10 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.10 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • जन स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.80 प्रतिशत तक की फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरें दे रहा है।

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  • DCB बैंक 7.50 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • बंधन बैंक 7.45 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • CSB बैंक 7.35 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • IDFC FIRST बैंक 7.35 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • SBM बैंक इंडिया 7.35 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • सिटी यूनियन बैंक 7.25 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।

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  • बैंक ऑफ़ इंडिया 6.85 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक 6.85 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • इंडियन बैंक 6.80 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • बैक ऑफ़ बड़ौदा 6.75 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया 6.70 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र 6.65 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉज़िट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।Image
  • ड्यूश बैंक 7.00 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 6.60 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।
  • HSBC बैंक 5.50 परसेंट तक के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट दे रहा है।

एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि 5 लाख रुपये के इंश्योरेंस कवर में रहने के लिए कई बैंकों में डिपॉजिट बांट लें, ज़्यादा रिटर्न के लिए छोटे फाइनेंस बैंकों का चुनिंदा इस्तेमाल करें, और लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से डिपॉजिट की अवधि तय करें। डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रोटेक्शन और स्थिर रिटर्न के साथ, FD रिटायर लोगों के लिए एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट का तरीका बना हुआ है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

कस्टमर ने ऑर्डर किया iPhone तो उसकी जगह भेज दिया Beard Oil, अब Flipkart और सेलर को देना होगा इतना जुर्माना

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart और उसपर मौजूद सेलर से जुड़े एक केस में उपभोक्ता अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। आईफोन का ऑर्डर देने वाले एक ग्राहक को फोन की जगह बियर्ड ग्रोथ ऑयल डिलिवर करने के मामले में अदालत ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सेलर को ग्राहक को 1.11 लाख रुपये से अधिक की रकम लौटाने के साथ-साथ 70000 हजार रुपये का मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अतिरिक्त डीसीएफ, मुंबई ने इस महीने की शुरुआत में दिए अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि बिना किसी प्रभावी राहत के ग्राहक की शिकायतों को बार-बार बंद करना अनुचित व्यापार व्यवहार है।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई के पवई इलाके के रहने वाले शिकायतकर्ता ने 22 अप्रैल 2023 को फ्लिपकार्ट के जरिए नो-कॉस्ट ईएमआई स्कीम पर 111793 रुपये में Apple iPhone 14 Pro (128 GB) खरीदा था। अलग से ऑर्डर किया गया चार्जर और कवर तो बायर को डिलीवर हो गया लेकिन अगले दिन डिलीवर हुए मुख्य पैकेज में महंगे स्मार्टफोन की जगह बियर्ड ग्रोथ ऑयल (दाढ़ी बढ़ाने वाला तेल) और पैकिंग सामग्री निकली। शिकायतकर्ता ने अप्रैल से मई 2023 के बीच फ्लिपकार्ट के कस्टमर सपोर्ट से बार-बार संपर्क किया और सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए लेकिन कंपनी इस मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रही। इसके बजाय कोई रिफंड या रिप्लेसमेंट दिए बिना शिकायत को बार-बार रिजॉल्व्ड मार्क करके बंद कर दिया गया।

उपभोक्ता आयोग ने क्या सुनाया फैसला?

उपभोक्ता आयोग ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आवश्यक भुगतान करके ऑर्डर दिया गया था। इसलिए फ्लिपकार्ट की यह जिम्मेदारी थी कि वह यह सुनिश्चित करे कि उपभोक्ता को वही उत्पाद मिले जो उसने ऑर्डर किया है और उपभोक्ता की शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रभावी तंत्र प्रदान करे। फोरम ने कहा कि एक ई-कॉमर्स संस्था बिक्री को सुगम बनाने के बाद खुद को सौदे से अलग नहीं कर सकती, विशेष रूप से तब जब उपभोक्ता तुरंत रिपोर्ट करता है कि पूरी तरह से अलग उत्पाद डिलीवर किया गया है।

शिकायत की जांच करने, गलत तरीके से डिलीवर किए गए पार्सल को वापस लेने, रिप्लेसमेंट या रिफंड देने में विफलता और राहत दिए बिना शिकायत को बार-बार बंद करना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है। कोर्ट ने पाया कि सेलर इंटरनेशनल वैल्यू रिटेल प्राइवेट लिमिटेड भी बार-बार अनुरोध के बावजूद उत्पाद डिलीवर करने और शिकायत को ठीक करने में विफल रहा। इसलिए प्लेटफॉर्म और सेलर दोनों संयुक्त और अलग-अलग रूप से ग्राहक को हुए नुकसान और असुविधा के लिए जिम्मेदार हैं।

कितना देना होगा मुआवजा?

उपभोक्ता फोरम ने फ्लिपकार्ट और सेलर को 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है। मूल राशि 111793 रुपये का रिफंड जिस पर 22 अप्रैल 2023 से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना होगा। मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में ₹50000, अदालती कार्यवाही के खर्च के रूप में ₹20,000 शिकायतकर्ता को रिफंड करने पड़ेंगे।

Apple India को मिली राहत

मामले में एक पक्ष ऐपल इंडिया ने भी लिखित बयान दाखिल कर तर्क दिया था कि शिकायत कानून या तथ्यों के आधार पर पोषणीय नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। ऐपल इंडिया ने कहा कि वह स्वतंत्र डीलरों और रीसेलर्स के माध्यम से ऐपल ब्रांडेड उत्पादों को बेचने के व्यवसाय में लगी हुई है और ग्राहकों के प्रति ऐसे स्वतंत्र विक्रेताओं के दायित्वों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। आयोग ने उनके तर्क को स्वीकार करते हुए ऐपल इंडिया के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया। आयोग ने नोट किया कि विवाद केवल एक गलत उत्पाद की डिलीवरी से संबंधित था और निर्माता को पैकेजिंग, डिस्पैच या सेवा में कथित कमी से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं था।

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