IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनी

IMD Weather forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को लेकर है। छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30-31 अगस्त और फिर 1 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

आज भी कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बांदा के बेबेरू में 22 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि नरैनी में 10 सेमी और अतर्रा में 8 सेमी बारिश हुई। हरियाणा के कालका में भी 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के राजघाट में 16 सेमी, कुसुमी में 13 सेमी और झारखंड के सरयू में 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज और रघुनाथनगर में 12-12 सेमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के रामनगर में भी 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में भी इसी अवधि में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है।

मध्य भारत में भी बिगड़ेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1-2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त को है। महीने के आखिरी दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि असम-मेघालय में 30 अगस्त को ऐसी ही आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30-31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश

कोंकण और गोवा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 4 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का खतरा

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में भी 30 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

IMD ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल रह सकती है।

ये भी पढ़ें- PM Modi in Uzbekistan: पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 36वें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास भी 4 सितंबर तक कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां रहने की संभावना है।

Women’s Asia Cup 2026: एशिया कप में कैसा है भारत का शेड्यूल, इस दिन पाकिस्तान से भिड़ेगी टीम इंडिया

IND vs PAK: विमेंस एशिया कप 2026 का 10वां सीजन दुबई में खेला जा रहा है। विमेंस एशिया कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम अपने पहले मैच के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत का सामना आज थाईलैंड से दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा। वहीं दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला रात 8 बजे शुरू होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं फैंस को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले का इंतजार है। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में डाला गया है। आइए जानते हैं किस दिन होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

कब होगा भारत का मुकाबला

विमेंस एशिया कप टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। इस बार कुल आठ टीमें खिताब के लिए मैदान में हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप स्टेज के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इस बार भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है, ऐसे में 5 सितंबर को होने वाला दोनों टीमों का मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में शामिल रहेगा। वहीं मेजबान यूएई की कोशिश अपने घरेलू मैदान और परिस्थितियों का फायदा उठाकर बेहतर प्रदर्शन करने की होगी। टीम श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करना चाहेगी।

भारत के मुकाबले

  • भारत बनाम थाईलैंड- 30 अगस्त, दुबई
  • हांगकांग, चीन बनाम भारत- सितंबर 3, दुबई
  • भारत बनाम पाकिस्तान- 5 सितंबर, दुबई
  • पहला सेमी-फाइनल- 10 सितंबर, दुबई
  • दूसरा सेमी-फाइनल- 11 सितंबर, दुबई
  • फाइनल- 13 सितंबर, दुबई

एशिया कप में रहा है भारत का दबदबा

श्रीलंका इस बार विमेंस एशिया कप में अपने खिताब का बचाव करने उतरी है। टीम ने 2024 में पहली बार यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। हालांकि, टूर्नामेंट के रिकॉर्ड को देखें तो भारत का दबदबा सबसे ज्यादा रहा है। भारतीय टीम ने अब तक खेले गए नौ एशिया कप में से सात बार खिताब जीता है, जबकि बाकी दो मौकों पर उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। बांग्लादेश भी विमेंस एशिया कप का खिताब जीत चुकी है और उसने 2018 में ट्रॉफी अपने नाम की थी। थाईलैंड, इंडोनेशिया और हांगकांग, चीन ने ACC विमेंस प्रीमियर कप 2026 में शानदार खेल दिखाकर विमेंस एशिया कप में जगह बनाई है।

नेपाल में तबाही के बीच फरक्का बैराज फिर क्यों है चर्चा में

नेपाल में तबाही के बीच फरक्का बैराज फिर क्यों है चर्चा में

farakka barrage

मनीष कुमार, पटना

नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से हुई तबाही के बाद बिहार भी सहम सा गया है। बिहार सरकार ने पश्चिम बंगाल से फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने की मांग की है। ALSO READ: टैक्सियों को लेकर क्यों लड़ते रहते हैं भारत के दो राज्य

 

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में गंगा नदी में जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने की मांग की है। 23 अगस्त को हुई इस बातचीत के 24 घंटे के अंदर बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए, जिससे बिहार में नदियों का जलस्तर तेजी से कम हुआ। अब बिहार इस समझौते के नवीकरण की जगह नया समझौता चाहता है, जिसमें बिहार के बाढ़ प्रबंधन और अन्य मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए।

 

फरक्का बैराज का निर्माण 1975 में मुख्य रूप से कोलकाता बंदरगाह और भागीरथी-हुगली जलमार्ग में नौ परिवहन के लिए गहराई बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया था। सोच यह थी कि हुगली नदी में पर्याप्त पानी पहुंचा कर कोलकाता बंदरगाह में गाद (सिल्ट) कम किया जाए। कालांतर में यह परियोजना बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण केंद्र बन गई। ALSO READ: जर्मन और विदेशी कामगारों की कमाई में इतनी बड़ी खाई क्यों?

 

बिहार में बाढ़ की वजह बना फरक्का बैराज

भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को 30 साल के लिए यह जल संधि की गई थी, जिसे फरक्का बैराज संधि कहा जाता है। इसका उद्देश्य दोनों देश के बीच पानी का बंटवारा करना था। पानी की उपलब्धता के अनुसार दोनों के हिस्से तय होते हैं। यह बैराज बंगाल में गंगा नदी पर बनाया गया है, लेकिन इसके कारण गंगा नदी के प्रवाह की गति पीछे की तरफ धीमी हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप नदी अपने साथ जो गाद लाती है, वह बैराज के पीछे बिहार में गंगा नदी की तलहटी में जमा हो जाती है।

 

बैराज के कारण गंगा व उसकी सहायक नदियांइस सिल्ट के कारण उथली होती जा रही हैं। मानसून में जब पानी बढ़ता है तो यही उथलापन, बाढ़ का कारण बन जाता है। इससे बिहार को दो तरफा नुकसान हो रहा है। शुष्क मौसम में पानी की कमी तथा मानसून में बाढ़। बिहार का कहना है कि इस बराज को या तो पूरी तरह हटा दिया जाए या फिर ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे गाद का बहाव सुचारू रूप से हो सके। ताकि, बिहार को बाढ़ की समस्या न झेलनी पड़े।

 

गंडक का जलस्तर तीन मीटर तक हो सकता है ऊंचा

इस बीच, बिहार सरकार ने नेपाल में फ्लैश फ्लड की आपदा और गंडक नदी में अचानक जल प्रवाह तेज होने की संभावना को देखते हुए बांधों तथा तटबंधों की 24 घंटे निगरानी का आदेश दिया है। सीमावर्ती छह जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नेपाल की त्रिशूली नदी का भारी सैलाब गंडक की ओर बढ़ रहा है। इससे नारायणी नदी में भी पानी बढ़ गया है। यही नारायणी नदी बिहार में गंडक नदी कहलाती है।

 

गंडक नदी के जलस्तर में एक से तीन मीटर तक की भारी वृद्धि की आशंका है। जल संसाधन विभाग के अनुसार बुधवार की रात आठ बजे के बाद फ्लैश फ्लड का पानी आना शुरू हुआ और 12 बजे तक जल प्रवाह डेढ़ लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। राहत की बात हालांकि यह रही कि 12.30 बजे यह घटकर 1.42 लाख और एक बजे 1.29 लाख तथा दो 1.04 लाख क्यूसेक रह गया। सुरक्षा के लिहाज से पश्चिम चंपारण जिला स्थित वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। ALSO READ: असम में क्यों हो रहा है इतना निवेश?

 

बिहार के बड़े क्षेत्र में पानी के फैलाव की आशंका

नेपाल से आने वाली ज्यादातर नदियों का बहाव बिहार की ओर ही है। वहीं बिहार में नदियां पहले से ही गाद से भरी हैं, इसलिए इस बार बड़ी आबादी को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ सकती है। गंगा मुक्ति आंदोलन के संस्थापक ए प्रकाश का कहना है कि हर साल मानसून में नेपाल में होने वाली बारिश का खामियाजा बिहार के 20 जिलों को भुगतना पड़ता है। लेकिन, इसे रोका नहीं जा सकता है, बल्कि इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।

 

नदी विशेषज्ञ दिनेश मिश्र कहते हैं, ‘‘नदियों को रोकने की कवायद बेकार है। उन्हें अपनी रौ में बहने देना चाहिए। हमें बांध बनाकर या तटबंधों को ऊंचा कर उन्हें रोकना चाहते हैं। इससे बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं होगा। नदी की तलहटी में गाद जमा हो रही है। जब तक गाद प्रबंधन नहीं होगा तब तक समस्या ज्यों की त्यों ही रहेगी।''

 

फरक्का पर तेज हुई राजनीति

भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल के बंटवारे को लेकर 30 साल पुराने इस समझौते की अवधि दिसंबर, 2026 में समाप्त हो रही है। अब इसके नवीनीकरण के समय बिहार की सियासत भी गर्म हो गई है। इसे लेकर जेडीयू और आरजेडी, दोनों ने एक दूसरे पर निशाना साधा है। जेडीयू सांसद संजय झा का कहना है कि 1996 में जब केंद्र की संयुक्त मोर्चा सरकार ने बांग्लादेश के साथ यह समझौता किया था, तब लालू प्रसाद यादव केंद्र में काफी प्रभावशाली नेता थे। अगर, उस समय बिहार सरकार ने इस जलसंधि का मजबूती से विरोध किया होता तो राज्य को बीते तीन दशकों से बाढ़ और फिर सूखे की दोहरी मार नहीं झेलनी पड़ती।

 

इस पर पलटवार करते हुए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने सोशल मीडिया में एक बयान जारी कर नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश ने अपने राजनीतिक जीवन में दूरगामी प्रभाव वाले मुद्दों पर कभी ध्यान नहीं दिया। फरक्का के मुद्दे पर उन्होंने हमेशा चुप्पी साधे रखी। लालू ने संसद में अपने एक पुराने भाषण का वीडियो साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस संधि को देशहित के खिलाफ बताते हुए कैसे इसे रद्द करने की मांग की थी। क्योंकि इसमें बिहार के भविष्य के खतरे को अनदेखा किया गया था।

IMD Heavy Rain Alert: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट! यूपी-MP में आसमान से आफत, इन राज्यों में 3 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर खतरनाक रूप लेता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है। पिछले 24 घंटे में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है।

यूपी-मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश की दस्तक

पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 28 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मौजूद है, हालांकि अगले 24 घंटे में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में इन दिनों सतर्क रहें

पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है:-

  • पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।
  • 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है।
  • छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सावधानी की जरूरत है।

ओडिशा में सबसे बड़ा खतरा! 30 अगस्त को बेहद भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लेकिन 30 अगस्त को स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि मौसम विभाग ने इस दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

ओडिशा में 28-29 अगस्त और 31 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी

उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 28 से 30 अगस्त और फिर 2-3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार में बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में आज यानी 28 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना जताई गई है। राज्य में 28 अगस्त से 1 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। झारखंड में भी 28 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी मौसम बिगड़ेगा

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक बारिश का असर

पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में 7-11 सेंटीमीटर, जबकि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कम, लेकिन तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। फिर भी तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 28-29 अगस्त को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक झोंकों के साथ पहुंच सकती है।

मछुआरों के लिए भी समुद्र में जाने की मनाही जैसा अलर्ट

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्री परिस्थितियों को लेकर मछुआरों को चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के आसपास 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मौसम खराब रहने की संभावना है। अंडमान सागर में भी तेज हवाओं और 50-70 किमी प्रति घंटे तक की थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है।

अगले कुछ दिन बेहद अहम

IMD के पूर्वानुमान से साफ है कि 28 अगस्त से 3 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा की है, जहां 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह है।

ये भी पढ़ें- Sonia Gandhi Book Row: ‘हम पुस्तक को पब्लिश करने के लिए तैयार थे, लेकिन…’; Penguin ने सोनिया गांधी की किताब छापने से किया इनकार? दी ये सफाई

Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर

Bihar Flood Risk: उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ के कारण बिहार में खास सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई है और पानी के बहाव में अचानक तेजी आने की आशंका है। हालांकि, अभी तक बाढ़ के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पिछले साल इसी नदी में आई ऐसी ही अचानक बाढ़ का कारण बाद में एक ग्लेशियर झील का पानी निकलना बताया गया था।

नेपाल पर्यटन बोर्ड को ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल के नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 105 भारतीय लापता हैं।

बता दें कि बुधवार को नेपाल में आई जबरदस्त बाढ़ में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं, चीन के सरकारी मीडिया ने बताया कि दोनों देशों की सीमा पर चीन की तरफ तिब्बत के एक व्यापारिक केंद्र पर मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का बहाव) हुआ, जिसकी चपेट में आने से “काफ़ी लोग हताहत” हुए हैं।

बिहार में क्यों बढ़ाई गई निगरानी?

नेपाल में बाढ़ के हालात को देखते हुए बिहार के अधिकारियों ने गंडक नदी में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया है।

बिहार प्रशासन ने पश्चिमी चंपारण के बगहा इलाके, खासकर वाल्मीकिनगर बैराज के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। उन्हें चिंता है कि नेपाल से बहकर आने वाला अतिरिक्त पानी दो से तीन घंटे में गंडक नदी तक पहुंच सकता है।

गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

बता दें कि भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करती है।

न्यूज एजेंसी ANI ने बिहार में आपदा प्रबंधन अधिकारियों के हवाले से बताया कि गंडक नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

ANI ने अधिकारियों के हवाले से बताया, “नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुं जिलों (गंडक कैचमेंट एरिया) और दोलखा और सिंधुपालचोक जिलों (कोसी कैचमेंट एरिया) में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का ज्यादा खतरा होने का अनुमान है।”

फरक्का बैराज क्यों एक नया विवाद का मुद्दा बन गया है?

जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और राज्य में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के अपने समकक्ष सुवेंदु अधिकारी से फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि बहाव बढ़ने से पूर्वी राज्य में बाढ़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

यह अनुरोध ऐसे समय में आया है जब 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि—जो फरक्का में नदी के कम बहाव वाले मौसम में पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है—इस साल दिसंबर में अपनी 30 साल की अवधि पूरी करने के बाद समाप्त होने वाली है। पटना लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि बांग्लादेश के साथ भविष्य में पानी के बंटवारे की किसी भी व्यवस्था में उसके हितों का ध्यान रखा जाए।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्य को आश्वासन दिया है कि नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान फरक्का बैराज और भारत-बांग्लादेश जल बंटवारा संधि को लेकर उसकी चिंताओं पर विचार किया जाएगा।

पटना की सबसे बड़ी चिंता क्या है?

हालांकि, अभी सबसे बड़ी चिंता गंगा नदी के जलस्तर का बढ़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल राज्य में सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद, पटना और बक्सर समेत बिहार के कुछ हिस्सों में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है।

पटना के लिए अभी जरूरी है कि बैराज से और पानी छोड़ा जाए ताकि ऊपरी हिस्से (अपस्ट्रीम) का दबाव कम हो सके। हालांकि, बैराज से जुड़ा कोई भी फैसला पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के साथ पानी के बंटवारे को लेकर भारत की प्रतिबद्धताओं पर भी असर डाल सकता है।

यह भी पढ़ें: Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 105 भारतीय पर्यटकों समेत 291 विदेशी लापता

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

आज का एक्सप्लेनर:क्या बांग्लादेश मक्का पैक्ट में शामिल होकर सऊदी-पाक-तुर्किये के साथ लड़ेगा; भारत के तीन तरफ से घिरने का खतरा

18 दिन पहले सऊदी, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच मक्का में एक डिफेंस एग्रीमेंट हुआ। इसमें NATO की तरह करार है कि तीनों में से किसी एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। अब इसमें कुछ और इस्लामिक देशों के शामिल होने की अटकलें लग रही हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम है भारत का पड़ोसी- बांग्लादेश। क्या वाकई ‘इस्लामिक NATO’ जॉइन करेगा बांग्लादेश, ये भारत के लिए कितना बड़ा खतरा और सरकार कैसे काउंटर करेगी; आज के एक्सप्लेनर में जानेंगे… सवाल-1: मक्का एग्रीमेंट में बांग्लादेश के शामिल होने की चर्चा क्यों उठी? जवाबः कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन बांग्लादेश के दो मंत्रियों ने बयानों से चर्चा शुरू हुई…
सवाल-2: तो बांग्लादेश मक्का पैक्ट में शामिल होगा या नहीं? जवाब: सीनियर डिफेंस जर्नलिस्ट मनोज जोशी कहते हैं, ‘अगर ये सुन्नी देशों के बीच का पैक्ट है, तो बांग्लादेश भी इसमें शामिल हो सकता है। अगर इसका मकसद मिडिल ईस्ट की रीजनल सिक्योरिटी है, तो इसमें बांग्लादेश की कोई खास अहमियत नहीं है।’ स्ट्रैटेजिक एनालिस्ट ब्रह्म चेलानी भी कहते हैं, ‘ये पैक्ट 4 सुन्नी देशों का गठबंधन बन सकता है। सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, BNP के इस्लामिक ताकतों के साथ गहरे रिश्ते रहे हैं। रहमान की विदेश नीति उनकी पार्टी की उसी पुरानी स्ट्रैटेजी की तरफ जाती दिख रही है।’ दरअसल, बांग्लादेश में इस वक्त BNP की सरकार है, जो अपने कट्टर सुन्नी इस्लामिक रुख के लिए जानी जाती है। बीते कुछ समय से ये कट्टर रुख बढ़ रहा है, इसके कुछ संकेत हैं… पैक्ट में शामिल होने से बांग्लादेश को सऊदी अरब से विदेशी रोजगार, निवेश और तेल मिल सकता है। तुर्किये से डिफेंस टेक्नोलॉजी, हथियार और ट्रेनिंग मिल सकती है। पाकिस्तान इस्लामी मंचों पर राजनीतिक समर्थन दे सकता है। हालांकि बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक एम शाहिदुल इस्लाम लिखते हैं, ‘बांग्लादेश को अपने फैसले दूसरों को खुश करने के लिए नहीं लेने चाहिए। मक्का पैक्ट की लागत बहुत ज्यादा है, लेकिन फायदा स्पष्ट नहीं है। समझौते में शामिल दूसरे देश बांग्लादेश जैसे छोटे देश पर दबाव भी बना सकते हैं। बांग्लादेश को पूछना होगा कि क्या उसे भारत-पाकिस्तान या ईरान-सऊदी के संघर्ष से दूर रहने की आजादी होगी।’
सवाल-3: अगर बांग्लादेश मक्का-पैक्ट में शामिल हुआ, तो भारत के लिए क्या खतरा? जवाब: दो बड़े खतरे हैं… 1. साउथ एशिया में भारत का प्रभाव, सिक्योरिटी, आर्थिक रिश्तों पर असर 2. पाकिस्तान से जंग हुई, तो मुश्किल बढ़ेगी सवाल-4: भारत इसे कैसे काउंटर करेगा? जवाब: भारत को घेरने का इरादा तो दिखता है, लेकिन लंबे समय तक भारत जैसी इकॉनोमिक पावर का विरोध करना मुमकिन नहीं है। भारत 2 तरह की तैयारी कर सकता है… 1. सऊदी, तुर्किये जैसे देशों से रिश्ते बेहतर करना 2. अहम समुद्री रूट्स पर नेवी को मजबूत करना 3. मक्का पैक्ट का उद्देश्य साफ नहीं, भारत को कड़ी नजर रखनी चाहिए ———— ये खबर भी पढ़िए… क्या जम्मू-कश्मीर पर भारत के पाले में अमेरिका, अमेरिकी राजदूत सर्जियो बोले- ये भारत का अहम हिस्सा; ट्रम्प का असली मकसद क्या 19 अगस्त 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले। उन्होंने वहीं से बयान दिया- ‘जम्मू-कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया। ये बहुत खूबसूरत जगह है।’ पूरी खबर पढ़िए…

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी ‘सैन्य एयरलिफ्ट’ से मची हलचल

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल

South Asia strategic defense

South Asia strategic defense: 18 से 20 अगस्त के बीच पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में देखी गई अभूतपूर्व सैन्य गतिविधियों ने दक्षिण एशियाई सामरिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले स्रोतों (OSINT) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, चीन (Xi'an Y-20) और तुर्की (Airbus A400M) के भारी सैन्य परिवहन विमानों ने करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर दर्जनों उड़ानें भरीं और उतरते देखे गए।

 

यह कोई साधारण उड़ानों का अभ्यास नहीं था। रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस (GHQ के पास) और कराची के मस्रूर एयरबेस पर इन विमानों की आपात लैंडिंग ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

पाकिस्तान की ज़मीन पर क्या उतार रहे हैं चीन और तुर्की?

सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह भारी एयरलिफ्ट सिर्फ नियमित लॉजिस्टिक्स (Routine Logistics) का हिस्सा नहीं हो सकती। इस असामान्य हलचल के पीछे निम्नलिखित सैन्य आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च-स्तरीय लॉजिस्टिक ऑपरेशन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों की डिलीवरी शामिल हो सकती है: 

  • सटीक मारक हथियार और उन्नत ड्रोन (UCAVs) : तुर्की के Bayraktar Akinci/TB2 और चीन के Wing Loong III ड्रोनों की नई खेप या उनके महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स। 
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) व राडार सिस्टम : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड-बेस्ड राडार के लिए एडवांस्ड स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) व सिग्नल्स इंटेलिजेंस उपकरण।
  • एयर-डिफेंस और मिसाइल स्पेयर-पार्ट्स : चीन से प्राप्त HQ-16 और HQ-9P मिसाइल रक्षा प्रणालियों के कलपुर्जे या त्वरित रिप्लेसमेंट हार्डवेयर। 
  • 'KAAN' 5th Gen फाइटर जेट कंपोनेंट्स : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट 'KAAN' में पाकिस्तान की साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण।
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) और राडार उपकरण : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) और अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AEW&C) के लिए आधुनिक जैमिंग उपकरण। 
  • सटीक मारक हथियार और स्पेयर पार्ट्स : जेएफ-17 ब्लॉक 3 (JF-17 Block 3) और जे-10सीई (J-10CE) फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व गाइडेड म्यूनिशन्स। ALSO READ: पाकिस्तान ने धोखे से हड़पा था बलूचिस्तान, क्यों कभी पाक सेना के आगे नहीं झुके धुरंधर बलोच? जानिए बलोच संघर्ष की पूरी कहानी

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए यह त्रिगुट (China-Pakistan-Türkiye Axis) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय और तीव्रता चिंता का विषय है:

  • त्वरित क्षमता निर्माण (Rapid Capability Replenishment) : किसी संभावित आपात स्थिति के लिए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को तेजी से मजबूत करना।
  • त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन : हाल ही में सामने आए तुर्की, पाकिस्तान और रणनीतिक सहयोगियों के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय का यह एक व्यावहारिक प्रदर्शन हो सकता है। 
  • 'KAAN' फाइटर जेट प्रोजेक्ट : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में पाकिस्तान की भागीदारी के बाद तकनीकी ट्रांसफर और उपकरणों की आवाजाही। 

South Asia strategic defense

हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तुरंत बाद इस तरह की भारी सैन्य एयरलिफ्ट का होना संकेत देता है कि क्षेत्र में एक नया सैन्य ब्लॉक आकार ले रहा है। 

 

चीन की तकनीकी व वित्तीय ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा—यह त्रिकोण दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। भारत की खुफिया एजेंसियां इस 60 घंटे के रहस्यमयी एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के हर विवरण पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

बांग्लादेश के PM तारिक रहमान ने रद्द किया दिल्ली दौरा, सामने आया चौंकाने वाला कारण

बांग्लादेश के PM तारिक रहमान ने रद्द किया दिल्ली दौरा, सामने आया चौंकाने वाला कारण

Tariq Rehman

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का 3 दिवसीय दिल्ली दौरा टल गया है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले अगस्त के तीसरे हफ्ते की तारीखें भी तय मानी जा रही थीं। दोनों तरफ के अधिकारी कूटनीतिक मोर्चे पर पूरी तैयारी में थे और राष्ट्रपति भवन से एक प्रेस विज्ञप्ति ने इस बात पर मुहर भी लगा दी थी। रहमान के रद्द हुए दौरे से पहले उनके एक वरिष्ठ सहयोगी ने कथित तौर पर तथाकथित ‘इस्लामिक NATO’ के प्रति खुलेपन का संकेत दिया था। इसी दौरान ढाका ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई, ताकि उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके।

रिपोर्टों के मुताबिक तारिक रहमान आगामी BRICS Summit में शामिल होने को लेकर भी अनिच्छुक हैं, जबकि भारत ने उन्हें आमंत्रित किया है और चीन तथा रूस के नेता भी इसमें शामिल होने की पुष्टि कर चुके हैं।  ठीक आखिरी वक्त पर, ढाका और कूटनीतिक हलकों के सूत्रों के मुताबिक यह पूरा दौरा अचानक खटाई में पड़ गया। इस पूरे घटनाक्रम के अचानक रुक जाने के पीछे कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई, बल्कि कूटनीतिक गलियारों में असमंजस की स्थिति बन गई।

पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन दौरा फिलहाल अधर में लटक गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह ढाका के अंदर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल है। सबसे बड़ा और तुरंत उभरने वाला कारण  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हैं। बांग्लादेश सरकार चाहती है कि उन्हें वापस भारत से प्रत्यर्पित किया जाए।

रविवार को बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने एक बयान में साफ कर दिया कि तारिक रहमान के दौरे के लिए यह प्रत्यर्पण एक मुख्य शर्त है। खबरों के मुताबिक बांग्लादेशी विपक्षी दल और छात्र आंदोलन से जुड़े नेता भारत के साथ तब तक सामान्य कूटनीतिक संबंधों के पक्ष में नहीं हैं जब तक शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा हल नहीं हो जाता।

Lumino Industries IPO: 27 अगस्त से खुलेगा ₹700 करोड़ का आईपीओ, GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत

Lumino Industries IPO: कोलकाता की कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू से करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है।

इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। वहीं करीब 2.44 करोड़ शेयरों का OFS होगा। IPO 31 अगस्त को बंद होगा।

Lumino Industries IPO की पूरी डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO खुलने की तारीख27 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख31 अगस्त 2026
फेस वैल्यू
₹5 प्रति इक्विटी शेयर

IPO प्राइस बैंड₹78 से ₹82 प्रति शेयर
इश्यू साइजकरीब ₹700 करोड़
फ्रेश इश्यूकरीब ₹500 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)करीब 2,43,90,242 इक्विटी शेयर

Lumino Industries IPO का GMP

ग्रे मार्केट में Lumino Industries के IPO को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, Lumino Industries का लेटेस्ट GMP ₹48 है।

यह अपर प्राइस बैंड से 58.54% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं होता और लगातार बदलता भी रहता है।

प्रमोटर बेचेंगे ₹200 करोड़ के शेयर

IPO में ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल ₹200 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।

कंपनी ने पहले ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। तब ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरण खरीदने, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का कारोबार क्या है?

Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और दूसरे स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी के ग्राहक बड़े EPC प्लेयर हैं।

इनमें Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती है।

कारोबार का हाल कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹124.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में 28.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा।

FY26 में रेवेन्यू ₹2,041 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1,918 करोड़ था। यानी इसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 98% रही। वहीं वित्त वर्ष के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी।

Hyundai Motor India पर नोमुरा बुलिश, दोहराई ‘बाय’ रेटिंग; कहा- नई लॉन्चिंग्स से वॉल्यूम को मिलेगा बूस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।