Gold Price Outlook: बदलेगी सोने की चाल! तो क्या 1.60 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा सोना?

Gold Price Outlook: गोल्ड की कीमतों में 4 सितंबर को मिलाजुला रुख दिखा। दिल्ली सर्राफा बाजार सोना लगातार दूसरे दिन चढ़कर बंद हुआ। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में नरमी दिखी। इससे पहले इस हफ्ते गोल्ड चढ़कर 4,550 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। कुल मिलाकर यह हफ्ता सोने के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा।

गोल्ड फ्यूचर्स के लिए 1.60 लाख रुपये पर बड़ी बाधा

एनालिस्ट्स का कहना है कि टेक्निकली कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए बड़ी बाधा है। अगर यह इस लेवल को पार कर लेता है तो यह 1.65 लाख से 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। 1.50 से 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए सपोर्ट है। हालांकि, अगर गोल्ड फ्यूचर्स 1.48 लाख रुपये से नीचे गया तो इसमें गिरावट आ सकती है।

इन फैक्टर्स का पड़ेगा गोल्ड की कीमतों का असर 

गोल्ड की कीमतों पर फिलहाल पांच चीजों का असर पड़ सकता है। इनवेस्टर्स को इन पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। इनमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड, यूएस इकोनॉमी के डेटा, केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी और रुपये की चाल शामिल हैं।

अगस्त का इनफ्लेशन का डेटा गोल्ड के लिए अहम

फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने संकेत दिया है कि अगर इनफ्लेशन के डेटा से यह पता चलता है कि यह बढ़ नहीं रहा है तो वह 15-16 सितंबर की फेडरल रिजर्व की मीटिंग में इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त के इनफ्लेशन के डेटा काफी अहम हैं। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट घटने पर सोने की चमक बढ़ती है।

डॉलर यील्ड पर भी रखनी होगी करीबी नजर 

जापानी येन में करीब 2 फीसदी तेजी से डॉलर भी मजबूत हुआ है। डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड घटने से डॉलर की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर में मजबूती का गोल्ड की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। पिछले कुछ समय से अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड यील्ड में उछाल दिखा है। हालांकि, फेड और सरकार इसे कंट्रोल में रखने के उपाय कर रहे हैं।

फेड का फोकस फिलहाल इनफ्लेशन कंट्रोल करने पर 

अगले हफ्ते अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं। इसका सीधा असर 16 सितंबर को फेड की पॉलिसी पर पड़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही कह चुके हैं कि उनका फोकस फिलहाल इनफ्लेशन को कंट्रोल में रखने पर होगा। फेड ने इनफ्लेशन के लिए 2 फीसदी का टारगेट तय किया है। फेड इस टारगेट को हासिल करने के लिए जरूरी कदम उठा सकता है।

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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने को मिल रहा है सपोर्ट

दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। इससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस साल हर महीने औसतन 50 टन सोना खरीद सकते हैं। उसने इस साल के अंत तक सोने के सिए 4,900 रुपये का टारगेट भी दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता ने केंद्रीय बैंकों को सोने में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।

Kia Sorento on-road prices listed for top cities

Kia Sorento on-road prices listed for top cities
kia sorento on stage

Kia has launched the Sorento in India as the brand’s contender for the premium three-row SUV segment. The Sorento is also Kia’s first hybrid offering for the Indian market, sporting a 1.6-litre direct-injection turbo-petrol strong hybrid setup. A 2.2-litre diesel engine is on offer for the Sorento too. Both powertrains can be had with either front-wheel drive (FWD) or all-wheel drive (AWD).

The Sorento is sold in six trim levels, namely HTE, HTE(O), HTK, HTX. Ex-showroom prices for the three-row Kia SUV start at Rs 27.99 lakh and top off at Rs 40.19 lakh. If you’re interested in bringing a Sorento home, we’ve listed its on-road prices in major cities below.

Kia Sorento on-road price range

Kia Sorento on-road price range in top Indian cities (Rs, lakh)

 New DelhiMumbaiBangaloreChennai
Hybrid FWD 7-seater35.08-41.7935.25-42.0636.72-43.8237.31-44.52
Hybrid AWD 7-seater46.26-47.6746.60-48.0348.55-50.0449.33-50.85
Hybrid FWD 6-seater40.61-42.0240.86-42.3042.57-44.0743.26-44.77
Hybrid AWD 6-seater46.50-47.9146.84-48.2748.80-50.2949.58-51.10
Diesel FWD 7-seater33.89-40.7134.01-40.9434.85-41.9535.41-42.62
Diesel AWD 7-seater45.26-46.7045.56-47.0146.68-48.1847.43-48.95
Diesel FWD 6-seater39.51-40.9539.72-41.1840.71-42.0241.36-42.88
Diesel AWD 6-seater45.50-46.9445.80-47.2646.93-48.4247.68-49.20

Disclaimer: On-road prices may vary based on city-specific registration charges and other cost components, including insurance, FASTag and RTO fees. Please check with your nearest Kia dealership for the exact figures. 

Of the cities listed, Delhi is the easiest on the pocket for Sorento buyers, followed by Mumbai, Bangalore, and Chennai. The base Sorento hybrid variant is over Rs 2.2 lakh cheaper in Delhi than it is in Chennai, whereas the diesel one has a price gap of over Rs 1.5 lakh between the two cities. Coming to top-spec variants, the Sorento hybrid’s most expensive configuration is over Rs 3 lakh more affordable in Delhi compared to Chennai, while the equivalent diesel version is Rs 2.26 lakh cheaper.

Market Technicals : मार्केट का टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, निफ्टी में उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड रहेगा कायम

Market Technicals : ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के चलते शुक्रवार को बाजार में लगातार चार दिनों से चल रही गिरावट थम गई और सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त लेकर बंद हुए। US के नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले पर बड़ा असर पड़ सकता है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर बंद हुआ। इंट्राडे में इसने 730.28 अंक यानी 0.95 प्रतिशत उछलकर 76,883.14 का हाई हिट किया।

निफ्टी में 24,000 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास बिकवाली का दबाव बना रहा। हालांकि इंडेक्स ने सेशन के दौरान रिकवरी की कोशिश की लेकिन 24,000 के जोन के आसपास आई प्रॉफिट बुकिंग ने एक बार फिर इसकी ऊपर जाने की रफ्तार को सीमित कर दिया। अंत में निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत बढ़कर 23,897.70 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स कल ज़्यादातर समय हरे निशान में रहा और इंट्राडे में 24,000 के स्तर को पार करते हुए 24,005.75 का हाई छुआ। हालांकि,क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में यह बढ़त कुछ कम हो गई। इसके चलते इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर

मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर बने हुए हैं। RSI 40 के आसपास है,जो सुस्त मोमेंटम और लगातार बने मंदी के दबाव का संकेत है। MACD भी नेगेटिव जोन में है। MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे है और हिस्टोग्राम नेगेटिव बना हुआ है जो मौजूदा कमजोर मोमेंटम को और मजबूत कर रहा है।

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शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर बने रहने की संभावना

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आगे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर बने रहने की संभावना है क्योंकि इंडेक्स अभी भी आवरली चार्ट पर 50-EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के जोन के नीचे बना रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का सेंटीमेंट बना रह सकता है। वहीं, निचले स्तर पर इसके लिए 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि टेक्निकल नजरिए से मार्केट का स्ट्रक्चर अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। निफ्टी लगातार एक डिसेंडिंग चैनल में और अपने अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। निफ्टी के लिए 24,000 का लेवल अभी भी तत्काल रेसिस्टेंस जोन बना हुआ है। शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार के लिए 24,000 के ऊपर की टिकाऊ क्लोजिंग और उसके बाद 24,200 के ऊपर एक मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत होगी।

उन्होंने आगे कहा नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,800 का जोन में अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर इंडेक्स 23,800 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

NSE IPO: SEBI से ग्रीन सिग्नल, सितंबर में ही लिस्टिंग; अब तक और क्या चला है पता

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपना IPO लाने के लिए के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसका लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी। लेकिन अब रास्ता साफ है। आइए जानते हैं NSE IPO के बारे में अब तक क्या पता चला है…

साइज और नेचर

NSE IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए शेयर बिक्री से मिला पैसा, OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा।

OFS में कौन बेचेगा शेयर

एक्सचेंज के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे। OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेच सकता है। SBI कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेच सकती है। एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री कर सकती है।

शेयर बेचने वाले अन्य प्रमुख शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

ओपनिंग और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24 या 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। शेयर BSE पर लिस्ट होंगे।

नए सप्ताह में तय हो सकता है प्राइस बैंड

कहा जा रहा है कि NSE अगले सप्ताह IPO के लिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य डिटेल्स की घोषणा कर सकता है।

कैसे होगा देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO

भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब NSE का 30,000 करोड़ रुपये का IPO आ रहा है। हालांकि, सबसे बड़े IPO के तमगे को लेकर इसकी टक्कर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड से है। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लाने की तैयारी में है। लेकिन इसके आने का समय अभी घोषित नहीं हुआ है।

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IPO के बाद टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में हो सकती है NSE की एंट्री

यह IPO NSE को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि IPO से NSE का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

NSE के प्रमुख शेयरहोल्डर

NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास भी हिस्सेदारी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) की एक्सचेंज में 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SHCIL में 50 प्रतिशत से ज्यादा ओनरशिप IFCI के पास है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी NSE में अच्छी खासी हिस्सेदारी है।

IPO के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंक किए गए थे शॉर्टलिस्ट

NSE ने मार्च 2026 की शुरुआत में IPO पर काम करने के लिए 20 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया था। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, JM फाइनेंशियल, जेपी मॉर्गन, HSBC सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली भी शामिल हैं। इस मेगा इश्यू के लिए करीब 7 से 9 लॉ फर्म्स को भी शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें सिरिल अमरचंद मंगलदास, Trilegal, और अमेरिका की Latham and Watkins भी शामिल हैं।

NSE की वित्तीय सेहत

NSE के लगभग 1.8 लाख शेयरहोल्डर हैं। अप्रैल-जून 2026 के दौरान एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत घटकर 10,302 करोड़ रुपये रह गया। कुल आय भी कम होकर 18,713 करोड़ रुपये पर आ गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: 5 सितंबर को चांदी का ताजा भाव जारी, दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों में जानें कीमत

चांदी की कीमतों में आज हल्की गिरावट देखने को मिली है। MCX पर चांदी का वायदा भाव 0.37 फीसदी यानी ₹884 टूटकर ₹2,35,170 प्रति किलो रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹2,36,054 प्रति किलो पर बंद हुआ था। वहीं, बुलियन मार्केट में चांदी ₹2,40,710 प्रति किलो दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमत 67.38 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। दूसरी ओर, Goodreturns के अनुसार, चांदी का भाव ₹2,50,000 प्रति किलो है। ऐसे में अगर आप चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज के शहरवार रेट पर नजर डालना जरूरी है। यहां जानें प्रमुख शहरों में चांदी कितने रुपये किलो बिक रही है।

दिल्ली समेत इन बड़े शहरों में चांदी का रेट

देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 1 किलो चांदी का भाव इस तरह है:

  • दिल्ली: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • मुंबई: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • कोलकाता: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • चेन्नई: ₹2,55,000 प्रति किलो
  • लखनऊ: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • जयपुर: ₹2,50,000 प्रति किलो
  • हैदराबाद: ₹2,55,000 प्रति किलो
  • अहमदाबाद: ₹2,50,000 प्रति किलो

पिछले कारोबारी दिन चांदी का भाव

इससे पिछले कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम हो गई थी। यह कीमत सभी टैक्स सहित थी। इससे पहले चांदी ₹2,35,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी। वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली और यह करीब 65.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।

वायदा बाजार में भी दिखी तेजी

पिछले कारोबारी सत्र में चांदी के वायदा भाव में भी बढ़त दर्ज की गई थी। कारोबारियों की ओर से खरीदारी बढ़ने के चलते MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹1,862 यानी 0.79 फीसदी बढ़कर ₹2,38,128 प्रति किलो हो गई थी।

बाजार जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में मजबूत रुख और ताजा खरीदारी के कारण चांदी के वायदा भाव में तेजी देखने को मिली थी।

खरीदारी से पहले क्या देखें?

अगर आप निवेश या गहने बनाने के लिए चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ आज का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। चांदी की शुद्धता, स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और दुकानदार द्वारा लगाए जाने वाले अन्य शुल्कों की जानकारी जरूर लें। अलग-अलग शहरों और विक्रेताओं के बीच अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

Gold Price Today: सोना हुआ और महंगा, दिल्ली में ₹156820 पर पहुंचा 24 कैरेट; चांदी फिसली

Senior Citizen FD: 8.5% ब्याज देने वाले बैंक कौन से हैं? रिटायरमेंट के बाद 20 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Senior Citizen FD Calculator: अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित रखने और रिटायरमेंट के बाद रेग्युलर इनकम के लिए वरिष्ठ नागरिकों के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रहा है। इस समय सीनियर सिटीजंस के लिए बैंकों में एफडी पर काफी आकर्षक ब्याज दरें मिल रही हैं। खासकर स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 8.50 फीसदी प्रति वर्ष तक का अधिकतम ब्याज ऑफर कर रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर में जरा सा भी अंतर कुल रिटर्न पर बड़ा असर डालता है। खासकर तब जब आप अपनी रिटायरमेंट की एक बड़ी राशि निवेश कर रहे हों। सही बैंक और सही मैच्योरिटी का चुनाव कर आप बिना बड़ा जोखिम उठाए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन सा बैंक सीनियर सिटिजंस को FD पर कितना इंट्रेस्ट ऑफर कर रहा है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं:

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.30 प्रतिशत तक ब्याज।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.30 प्रतिशत तक ब्याज।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.25 प्रतिशत तक ब्याज।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.25 प्रतिशत तक ब्याज।

जानिए प्राइवेट सेक्टर बैंक में क्या हैं दरें?

निजी क्षेत्र के बैंक वरिष्ठ नागरिकों को नीचे दी गईं ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं:

डीसीबी बैंक: 8.00 प्रतिशत तक ब्याज।

बंधन बैंक: 7.95 प्रतिशत तक ब्याज।

एसबीएम बैंक इंडिया: 7.80 प्रतिशत तक ब्याज।

इंडसइंड बैंक: 7.75 प्रतिशत तक ब्याज।

एक्सिस बैंक: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

एचडीएफसी बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

आईसीआईसीआई बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

आईडीबीआई बैंक: 7.00 प्रतिशत तक ब्याज।

पब्लिक सेक्टर बैंक: सरकारी बैंकों में कितना ब्याज?

देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी यहां नीचे दी गई है-

बैंक ऑफ इंडिया: 7.45 प्रतिशत तक ब्याज।

पंजाब एंड सिंध बैंक: 7.35 प्रतिशत तक ब्याज।

बैंक ऑफ बड़ौदा: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 7.15 प्रतिशत तक ब्याज।

इंडियन बैंक: 7.15 प्रतिशत तक ब्याज।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: 7.05 प्रतिशत तक ब्याज।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 7.05 प्रतिशत तक ब्याज।

विदेशी बैंक दे रहे इतना ब्याज

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

ड्यूश बैंक: 7.00 प्रतिशत तक ब्याज।

एचएसबीसी बैंक: 6.00 प्रतिशत तक ब्याज।

8.5% ब्याज पर 20 लाख की FD से कितनी होगी कमाई?

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक अपने रिटायरमेंट फंड से 20 लाख रुपये की राशि 8.50% इंट्रेस्ट रेट पर FD में फिक्स करता है तो उसकी इंट्रेस्ट इनकम एक साल में 1 लाख 70 हजार रुपये होगी। यानी इसे मंथली देखें तो ये करीब 14 हजार रुपये के आसपास होगी। इसी कैलकुलेशन से 3 साल की कुल ब्याज आय 5 लाख 10 हजार और 5 साल की कुल ब्याज आए 8 लाख 50 हजार बैठती है। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे बनाएं सही रणनीति?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीनियर सिटिजंस को अपना पूरा डिपॉजिट एक ही बैंक में रखने के बजाय कई बैंकों में बांटकर रखना चाहिए ताकि 5 लाख रुपये तक के बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर के दायरे में सुरक्षित रहा जा सके। इसके साथ ही, ज्यादा रिटर्न के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए और एफडी की अवधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी – शताब्दी पर जयजगत!

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

होमी एफ. दाजी, साम्यवादी विचारधारा के साथ ज़ीने वाले साम्यवादी राजनेता होने के साथ ही वंचित तबके से लेकर पढ़े-लिखे बुद्धिजीवियों के मन मस्तिष्क को गहराई से प्रभावित करने वाले राजनेता थे। होमी दाजी का जन्म 5 सितम्बर 1926 को बम्बई में एक पारसी परिवार में हुआ था। 14 मई 2009 को कामरेड होमी दाजी ने अपनी जीवन यात्रा इन्दौर में 82 वर्ष की आयु में पूरी की। जीवन संघर्ष क्या होता है यह होमी दाजी ने अपने जीवन के प्रारंभ में ही अच्छे से समझ लिया था।

 

बम्बई से अपने पिताजी के साथ होमी दाजी इन्दौर आए और इन्दौर में आपने अपना और अपने परिवार के निजी जीवन को गढ़ने की खुद शुरुआत की और जीवन संघर्ष में सतत आगे बढ़ते रहने का अनथक सिलसिला प्रारंभ किया। होमी दाजी के समूचे जीवन की कहानी वंचित समूह के लोगों में ज़ीने के साथ हक एवं गरिमापूर्वक जीते रहने की आशा और विश्वास पैदा करने की अनोखी कहानी है। आजादी आने के शुरुआती काल में सभी लोगों के मन में बहुत बढ़िया उत्साह का वातावरण बना हुआ था। आजादी की खुशी और आगे बढ़कर देश समाज के कार्य में सहजता से भागीदारी की प्रवृत्ति भी बहुतायत से मौजूद थी।

 

आजादी आंदोलन के कारण जनचेतना समाज के सभी तबकों और हिस्सों में मौजूद थीं। गुलामी के कालखंड की उदासीनता छट चुकी थी। इस कालखंड में नौजवान होमी दाजी जो खुद घनघोर आर्थिक संकटों से घिरे हुए थे, ने अपनी परवाह किए बगैर लोगों के अरमानों को जगाने और उनके सपनों में रंग भरने के लिए संघर्ष की राजनीति की राह चुनी। छात्र जीवन में अपने अध्ययन हेतु स्कूल की फीस भरने लायक आर्थिक स्थिति नहीं होने पर भी होमी दाजी ने बिना घबराए और बिना पीछे हटे, छात्र जीवन संघर्ष की वैचारिक प्रतिबद्धता एवं तेजस्विता के साथ इतिहास विषय में आगरा यूनिवर्सिटी से एमए करने के साथ साथ ही एलएलबी की डिग्री मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर हासिल की थी। यह युवा होमी दाजी के व्यक्तित्व का उजला पृष्ठ है कि परिस्थितियां कैसी भी हो हिम्मत कभी न हारो।

 

कामरेड होमी दाजी जैसा शब्दों और आवाज का जादूगर किसी भी कालखंड में यदा-कदा ही संघर्षमयी सार्वजनिक, राजनीतिक जीवन के सतत, सक्रिय, संघर्ष में से उभरकर आता हैं। कामरेड होमी दाजी को सुनने के लिए लोग लालायित बने रहते थे। दाजी का कालखंड एक तरह से लगातार आमसभाओं की वैचारिक सक्रियता का कालखंड था। होमी दाजी को अपने श्रोताओं के मानस की गहरी समझ थी। यदि गरीब वंचित और निरक्षर लोगों के बीच होमी दाजी बोलते थे तो इस तरह बोलते थे कि उनके द्वारा बोली हुई बातें श्रोताओं के दिल दिमाग में उतर जाएं। इसी तरह दिग्गज पढ़े-लिखे विद्वानों की सभा में भी शामिल श्रोता समूह, मंत्रमुग्ध हो दाजी को सुनता रहता था।

 

आम सभा हो या कपड़ा मिलों में मजदूरों की छुट्टी होने पर होने वाली गेट मीटिंग, होमी दाजी के भाषण न केवल मजदूरों को राजनीतिक चिंतन का विषय देते थे वरन गेट मीटिंग सुनने वाले मजदूर, अपनी-अपनी बस्तियों में जाकर लोगों को बताते थे कि आज होमी दाजी ने अपने भाषण में यह बात कही और इस तरह मज़दूरों को गेट मीटिंग के माध्यम से अपनी बस्तियों में जाकर राजनीतिक चेतना को फ़ैलाने की लोक कोचिंग वे आम सभाओं के माध्यम से करते रहते थे।

 

होमी दाजी की वकालत का कार्यालय एक तरह से वकालत के साथ ही राजनीतिक सामाजिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण संचालन केन्द्र की तरह जाना जाता था। होमी दाजी की वकालत केवल कोर्ट परिसर तक ही सीमित नहीं थी, जनता के बीच भी दाजी की वकालत सार्वजनिक मुद्दों पर चलती रहती थी। पर होमी दाजी की वकालत का लोहा विधि जगत मानने लगा था।

 

कामरेड होमी दाजी ने सन 1962 में चीन के भारत पर हमले की पृष्ठभूमि में इन्दौर से लोकसभा का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा और वे तीसरी लोकसभा के सदस्य बने, 1962 के इस लोकसभा निर्वाचन की एक और उल्लेखनीय बात यह थी कि समाजवादी पार्टी ने सुप्रसिद्ध मामा बालेश्वर दयाल को इन्दौर लोकसभा से प्रत्याशी बनाया था। इस आम चुनाव में जीत होमी दाजी को मिली। इन्दौर लोकसभा क्षेत्र से मामा बालेश्वर दयाल के समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने से जो राजनीतिक चेतना निकली उसकी परिणति यह हुई कि 1967 के विधानसभा चुनाव में इन्दौर से साथी कल्याण जैन और साथी आरिफ बेग दोनों समाजवादी विधायक निर्वाचित हुए। इस तरह कामरेड होमी दाजी और मामा बालेश्वर दयाल के निर्वाचन लड़ने से इन्दौर की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ आया और समाजवादी और साम्यवादी विचारधारा की इन्दौर की राजनीति और समाजिक जीवन में पकड़ मजबूत हुई।

 

लोकसभा में कामरेड होमी दाजी ने अपनी भाषण कला के साथ संसदीय प्रक्रिया की गहरी संवैधानिक समझ होने की छाप संसदीय प्रक्रिया में निरंतर सक्रिय भागीदारी कर लोकमानस पर छोड़ने के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका की शुरुआत की। इस कालखंड में पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे। समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया सहित देश के दिग्गज राजनेता लोकसभा में मौजूद थे। लोकसभा में सक्रिय भूमिका से कामरेड होमी दाजी ने देश के दिग्गज राजनेताओं सहित जनमानस का ध्यान आकर्षित किया और देश की संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

कामरेड होमी दाजी दो बार मध्य प्रदेश की विधानसभा के सदस्य के रूप में इन्दौर के श्रमिक क्षेत्र से निर्वाचित हुए। कामरेड होमी दाजी बाद में 1967 के लोकसभा चुनाव में प्रकाशचन्द्र सेठी से चुनाव हार गए। 1971 में पुनः इन्दौर के श्रमिक क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। इन्दौर, मध्यप्रदेश और भारत के श्रमिक आंदोलन में कामरेड होमी दाजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एटक में राष्ट्रीय स्तर पर भी कामरेड होमी दाजी की महत्वपूर्ण भूमिका इतिहास में दर्ज है।

 

कामरेड होमी दाजी की जीवनसाथी कामरेड पैरिन दाजी ने घर, परिवार से लेकर कम्युनिस्ट पार्टी, श्रम आन्दोलन और सार्वजनिक एवं निजी जीवन में बराबरी से सहभागिता कर एक आदर्श प्रस्तुत किया जो सार्वजनिक जीवन में मिलने वाला बिरला उदाहरण है। कामरेड होमी दाजी एवं पैरिन दाजी का एक बेटा रूसी दाजी जो एक अभिभाषक होने के साथ-साथ आजीवन सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहा। इसी तरह एक बेटी कामरेड डाक्टर रोशनी दाजी जो रूस से डाक्टर बनकर आई और इन्दौर की वंचित बस्तियों में वंचित वर्ग के लोगों के लिए चिकित्सकीय परामर्श और इलाज एक डिस्पेंसरी के माध्यम से करते हुए राजनीतिक सामाजिक गतिविधियों में आजीवन शामिल रही।

 

कामरेड दाजी के दोनों बच्चों का युवा अवस्था में ही देहावसान हो जाना दाजी दम्पति के जीवन काल की गहरी दुखदाई घटना होने पर भी दाजी दम्पति ने निराशा को अपने निजी जिंदगी में फटकने नहीं दिया और आशा, विश्वास और संघर्ष को अपने जीवन क्रम का एक हिस्सा माना। अपनी लंबी निजी जिंदगी और संघर्षपूर्ण सार्वजनिक जीवन को जिस हिम्मत से शांतिपूर्वक तरीके से स्वीकार कर जीवन में निराशा को न तो दोनों ने आने दिया और न ही संघर्ष से पलायन कर अपने जीवन संघर्ष में आईं चुनौतियों से धबराए। यही दाजी दम्पति का निजी और सार्वजनिक जीवन जीने वाले सभी सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए खुला और सीधा संदेश है कि “हिम्मत कभी न हारो”।

 

होमी दाजी ने 50-55 साल से भी ज्यादा का समय सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका के साथ बिताया। इस कालखंड में हजारों नौजवानों, मजदूरों, किसानों और राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को जनता के लिए और जनता की तरह जीते हुए निर्भय राजनीति करते रहने का रास्ता दिखाया। मैं सन 1960 से इन्दौर के सार्वजनिक राजनीतिक सामाजिक जीवन में सतत सक्रिय हूं और 1960 में 9 वर्ष की आयु में पहली बार कामरेड होमी दाजी से एक आम सभा में मिला था। तब से लेकर कामरेड होमी दाजी के अंतिम संस्कार तक की घटनाएं मेरी स्मृति में आज भी जीवन्त रूप में दर्ज हैं। मुझे कामरेड होमी दाजी को देखने, सुनने, समझने और साथ काम करने का लंबा अवसर मिला।

 

कामरेड होमी दाजी से जीवन के कई नए आयाम सीखने का अद्भुत अवसर भी मिला। इन्दौर के साम्यवादी विचारधारा के कई कार्यकर्ताओं और राजनीतिक सामाजिक नेतृत्व से भी सम्पर्क का अवसर कामरेड होमी दाजी के साथ कई आन्दोलनों एवं मुद्दों पर साथ काम करने से मिला। इन्दौर में साम्यवादी आन्दोलन के काफी नेताओं को देखने-सुनने और मिलने का अवसर भी मिला। दत्तात्रय सरमंडल, कामरेड अनंत लागू से लेकर इन्दौर के साम्यवादी आन्दोलन की आज की पीढ़ी एवं पुरानी पीढ़ी के लगभग सभी साथियों एवं लोगों से पिछले 60-65 सालों से मिलने और जानने का एक लंबा सिलसिला जारी है, जो मेरे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों का अनमोल खजाना है। इन्दौर में नगर निगम की चुनावी राजनीति में नागरिक समिति के रूप में विपक्षी राजनैतिक दलों का मोर्चा बनाने में भी कामरेड होमी दाजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

यह वर्ष कामरेड होमी दाजी का शताब्दी वर्ष है। 100 वर्ष में सारी दुनिया में जमीन आसमान का अंतर आता गया है। पर सारी दुनिया में मनुष्यता के बुनियादी सवाल और अधिक गहराई से वैसे ही उठ रहे हैं जैसे 100 साल पहले या उससे पहले भी उठ रहे थे। 100 साल यानी पांच पीढ़ियों का कालखंड। आज का कालखंड एक दम भिन्न हो गया है पर भारत ही नहीं सारी दुनिया की समस्याएं और उन्हें समझने और धीरज के साथ बेहतर रास्ता निकालने की समझ जरूरी है। वैसे ही आज के कालखंड के नौजवान, मजदूर, किसान और जीवन संघर्ष में रास्ता खोज रहे राजनैतिक, सामाजिक गतिविधियों में लगे हुए आन्दोलनकारी लोगों को नया बेहतर रास्ता निकालने का आमंत्रण दे रहे हैं जैसा कि कामरेड होमी दाजी की युवावस्था में आजाद भारत के शुरुआती दिनों में युवा होमी दाजी की पीढ़ी को मिला था। 

 

किसी भी व्यक्ति की शताब्दी के वर्ष में बहुत सारे लोग, संदर्भ और पूरा जनजीवन बदल जाता है, पर फिर भी जीवन का बुनियादी संघर्ष नहीं बदलता, बुनियादी सवाल नई चुनौतियों के साथ आ जाते हैं। कामरेड होमी दाजी की जन्म शताब्दी पर कामरेड पैरिन दाजी, कामरेड रूसी दाजी, कामरेड डाक्टर रोशनी दाजी सहित जीवन संघर्ष के सभी साथियों सहित सभी दिवंगत साथियों का भी सादर स्मरण। सबको जयजगत।

Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान पर गंगा नदी

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।

News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद – को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।

मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।

अरवल में पुनपुन नदी के बढ़ने से 30 गांव डूबे

अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।

अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।

प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और मेडिकल की सुविधाएं की गई

वहीं, अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।

सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।

पटना में 108 जगहों को सील किया गया

पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। ​​विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

तेजस्वी यादव ने  NDA सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार “युद्ध स्तर पर” काम कर रही हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

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Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI और भी धांसू फीचर्स, जानिए कीमत

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI और भी धांसू फीचर्स, जानिए कीमत

Kia Sorento 1

kia sorento launched : किआ इंडिया ने भारत के प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कदम रखते हुए अपनी ग्लोबल SUV Kia Sorento को भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख रखी गई है। वहीं, इसका Hybrid मॉडल ₹29.99 लाख की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगा।

Kia Sorento के साथ कंपनी ने भारत में पहली बार Hybrid पावरट्रेन पेश किया है। इसके अलावा, भारत-स्पेक Sorento में Kia AI Assistant भी पेश किया गया है, जिसमें रियल-टाइम Generative AI की क्षमता है। कंपनी के मुताबिक, यह तकनीक पहली बार वैश्विक स्तर पर Sorento में पेश की गई है। Kia Sorento की आधिकारिक डिलीवरी 4 सितंबर 2026 से देशभर में शुरू हो गई है।

 

भारत में पहली बार Hybrid पावरट्रेन

 

Kia Sorento को Hybrid और Diesel, दो पावरट्रेन विकल्पों के साथ पेश किया गया है। Hybrid मॉडल में Smartstream 1.6 Turbo GDI Hybrid इंजन मिलता है। इस इंजन से 180 PS की पावर और 265 Nm का टॉर्क मिलता है। इसके साथ 65 PS का इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 264 Nm का टॉर्क पैदा करता है। Hybrid पावरट्रेन को 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

 

दूसरा विकल्प Smartstream 2.2 Diesel इंजन है, जो 193 PS की पावर और 442 Nm का टॉर्क देता है। इसे 8-स्पीड Dual Clutch Transmission (8DCT) के साथ जोड़ा गया है। दोनों पावरट्रेन में Eco, Normal, Smart और Sport ड्राइव मोड दिए गए हैं।

 

Hybrid के साथ AWD का भी विकल्प

 

Kia Sorento अपने सेगमेंट की पहली SUV है जिसमें Hybrid पावरट्रेन के साथ All-Wheel Drive (AWD) का विकल्प दिया गया है। Hybrid और Diesel दोनों पावरट्रेन AWD के साथ उपलब्ध हैं। इनमें Snow, Sand और Mud जैसे Terrain Modes दिए गए हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन और टॉर्क डिस्ट्रीब्यूशन में मदद करते हैं।

 

4,815 mm लंबी और 1,900 mm चौड़ी SUV

 

Sorento को Kia के ग्लोबल N3 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसकी लंबाई 4,815 mm, चौड़ाई 1,900 mm, व्हीलबेस 2,815 mm और रूफ रेल्स के साथ ऊंचाई 1,785 mm है। कंपनी के अनुसार, यह अपने सेगमेंट की सबसे लंबी और चौड़ी SUV है। इसका बड़ा आकार तीनों रो में ज्यादा जगह उपलब्ध कराने में मदद करता है। SUV के फ्रंट में Kia Digital Tiger Face, Crystal Cube LED Projection Headlamps और Star Map LED DRLs दिए गए हैं। पीछे Star Map LED Tail Lamps मिलते हैं। इसके अलावा SUV में Satin Chrome फिनिश वाली फ्रंट और रियर स्किड प्लेट, Satin Chrome बेल्टलाइन और इंटीग्रेटेड रियर स्पॉयलर भी दिया गया है। Sorento में 18-इंच Sporty Crystal Cut Alloy Wheels और 19-इंच Premium Crystal Cut Alloy Wheels का विकल्प मिलता है।

 

प्रीमियम केबिन में 12.3-इंच के दो डिस्प्ले

 

Kia Sorento के केबिन को प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से लैस बनाया गया है। इसमें Panoramic Curved Display Panel मिलता है, जिसमें 31.24 cm यानी 12.3-इंच HD Touchscreen Navigation Cockpit और 12.3-इंच HD Digital Instrument Cluster शामिल हैं। इसके साथ Windshield Head-Up Display और Advanced Digital IRVM दिया गया है। SUV में Smoky Black & Grey और टॉप HTX वेरिएंट में Black & Olive Brown इंटीरियर थीम का विकल्प मिलता है। इसमें Dual Pane Panoramic Sunroof और 64-कलर Ambient Mood Lighting भी दी गई है।

 

6 और 7-सीटर दोनों विकल्प

 

Kia Sorento को 6-सीटर और 7-सीटर कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। पहली रो में 10-Way Power Driver और Co-Passenger Seats, Lumbar Adjustment, Relaxation Power Seats, Driver Seat Ergo Function और Integrated Memory System जैसे फीचर्स दिए गए हैं। Sorento की खासियत यह है कि इसमें पहली रो के अलावा दूसरी रो में भी Ventilated Seats मिलती हैं। सीटों में 3-स्टेप कूलिंग फंक्शन दिया गया है। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो में Captain Seats मिलती हैं, जबकि 7-सीटर मॉडल में 60:40 स्प्लिट रियर सीटें दी गई हैं। दोनों में Slide, Recline और Walk-in फंक्शन मिलता है।

 इसके अलावा 4-Way Power Boss Mode, Wing Type Headrests, तीसरी रो में 50:50 Split-Folding Seats और दूसरी-तीसरी रो के लिए Rear AC Vents दिए गए हैं।

 

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI

 

Kia Sorento का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी अपडेट इसका Kia AI Assistant है। भारत-स्पेक Sorento में यह तकनीक पहली बार वैश्विक स्तर पर पेश की गई है। Kia AI Assistant रियल-टाइम सर्च पर आधारित जानकारी उपलब्ध कराता है। यह सामान्य बातचीत को समझने के साथ Follow-up Questions का जवाब भी दे सकता है। “Hey Kia” Wake Word के जरिए इसे हैंड्स-फ्री इस्तेमाल किया जा सकता है। यह चुनिंदा वाहन फंक्शंस, जैसे Air Conditioning और Windows को भी कंट्रोल कर सकता है।

 

इसके अलावा Sorento में:

  •  
  • Remote Vehicle Immobilization
  • Kia Connect 2.0 के 85+ कनेक्टेड कार फीचर्स
  • 30 कंट्रोलर्स के लिए OTA Software Updates
  • Digital Key 2.0
  • Wireless Android Auto
  • Wireless Apple CarPlay

 

जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

Disney, Marvel और Pixar थीम से कर सकेंगे कार को पर्सनलाइज

 

Kia ने पहली बार भारत में Personalized Display Themes भी पेश किए हैं। Sorento के Cluster और Infotainment सिस्टम में Disney, Marvel और Pixar पर आधारित कुल 9 थीम मिलेंगी। इन थीम के जरिए ग्राहक डैशबोर्ड के रंग, एनिमेशन और स्क्रीन लेआउट को अपनी पसंद के अनुसार बदल सकेंगे। दिसंबर 2026 से Kia Connect Store भी Sorento के लिए शुरू किया जाएगा। इसके जरिए ग्राहक चुनिंदा Feature-on-Demand सेवाओं को खरीद सकेंगे।

 

30 ADAS फीचर्स और 10 एयरबैग तक

 

सेफ्टी के मामले में भी Sorento को काफी एडवांस बनाया गया है। SUV में ADAS Level 2+ के 30 फीचर्स दिए गए हैं।

 

इनमें:

 

  • Forward Collision Warning
  • Forward Collision-Avoidance Assist
  • Lane Keeping Assist
  • Lane Following Assist
  • Highway Driving Assist
  • Smart Cruise Control
  • Blind Spot Collision Avoidance
  • Rear Cross Traffic Collision Avoidance
  • Safe Exit Warning
  • Remote Smart Parking Assist

 

जैसे फीचर्स शामिल हैं।

 

Kia का Robust 26 Standard Safety Package भी मिलता है। इसमें 7 एयरबैग स्टैंडर्ड हैं, जबकि टॉप वेरिएंट में अतिरिक्त Rear Side और Centre Side Airbags के साथ कुल 10 एयरबैग तक मिलते हैं।

 

इसके अलावा 360-डिग्री कैमरा, Blind View Monitor, 12 पार्किंग सेंसर, पांच रडार और Dynamic Guidelines वाला रियर कैमरा भी दिया गया है।

 

भारत में बनी, भारतीय ग्राहकों के हिसाब से तैयार

 

Kia Sorento का उत्पादन भारत में Kia India की अनंतपुर, आंध्र प्रदेश स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया गया है। कंपनी ने भारतीय सड़कों और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कई बदलाव किए हैं। इनमें India-specific grille detailing, Acoustic Windshield और Black High Glossy Bridge Type Roof Rails शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि Acoustic Windshield, Door Trim Insulator और अन्य इंजीनियरिंग सुधारों की वजह से Sorento में बेहद शांत केबिन और बेहतर NVH प्रदर्शन मिलता है।

 

ये प्रमुख फीचर्स भी मिलेंगे

 

Kia Sorento में कई प्रीमियम और सेगमेंट-फर्स्ट फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

 

  • Smart Power Tailgate with Anti-Pinch
  • Dual Pane Panoramic Sunroof
  • Bose Premium Sound System with 12 Speakers
  • Smart Dashcam with Front & Rear Camera
  • Remote Smart Parking Assist
  • 220V Power Outlet
  • Digital IRVM
  • Head-Up Display
  • Wireless Smartphone Charger
  • Dual-Zone Automatic Climate Control
  • Tyre Pressure Monitoring System
  • Electronic Parking Brake with Auto Hold
  • Front और Rear Seat Side Airbags
  • Driver Knee Airbag
  • All-Wheel Disc Brakes
  • ISOFIX
  • Rear Occupant Alert
     

Kia Sorento की कीमत और वेरिएंट

 

Kia Sorento को तीन मुख्य ट्रिम्स और उनके Option Pack के साथ पेश किया गया है। Diesel 7-Seater की शुरुआती कीमत ₹27.99 लाख है, जबकि Hybrid 7-Seater की शुरुआती कीमत ₹29.49 लाख है। टॉप वेरिएंट में कीमत करीब ₹40.19 लाख एक्स-शोरूम तक जाती है।

 

प्रमुख कीमतें

  • पावरट्रेन सीटिंग शुरुआती कीमत टॉप कीमत
  • 2.2 Diesel 8DCT 7-सीटर ₹27.99 लाख ₹38.69 लाख
  • 2.2 Diesel 8DCT 6-सीटर ₹32.69 लाख ₹38.89 लाख
  • 1.6 Turbo Hybrid 6AT 7-सीटर ₹29.49 लाख ₹40.19 लाख
  • 1.6 Turbo Hybrid 6AT 6-सीटर ₹34.19 लाख ₹40.39 लाख
  • आठ एक्सटीरियर कलर का विकल्प

 

Kia Sorento को आठ मोनो-टोन एक्सटीरियर कलर में पेश किया गया है:

 

  • Glacier White Pearl
  • Gravity Gray
  • Imperial Blue
  • Magma Red
  • Pewter Olive
  • Ivory Silver Gloss
  • Aurora Black Pearl
  • Matte Dark Gun Metal

 

इसके अलावा पहली बार Kia India लाइन-अप में Black Line Trim भी पेश किया गया है। इसमें Kia और Sorento बैज, 19-इंच Premium Crystal Cut Alloy Wheels, Fender Garnish और Beltline सहित कई एक्सटीरियर एलिमेंट्स को ब्लैक फिनिश दी गई है।

 

4.8 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा

 

Kia Sorento पिछले 24 वर्षों और चार पीढ़ियों के दौरान 132 देशों में 4.8 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि यह Kia की सबसे सफल ग्लोबल SUV नेमप्लेट में शामिल है। भारत में नई Sorento के साथ Kia ने पहली बार प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कदम रखा है। Hybrid पावरट्रेन, AWD, ADAS Level 2+, 10 एयरबैग तक और Real-Time Generative AI वाला Kia AI Assistant इसे इस सेगमेंट की एक टेक्नोलॉजी-फोकस्ड SUV बनाते हैं।

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath Braj redevelopmen: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? 

समाज विरोधी मंसूबे पूरे नहीं होने देगी सरकार

मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। 

कल्पना से परे था अयोध्या का कायापलट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था,  अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती।

सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।

अपराजित रही हमारी आस्था

सीएम ने कहा 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं।

मां विंध्यवासिनी धाम का भव्य परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी यहां योगमाया का दर्शन कर रहा था। इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। मैं जब भी यहां आता था, मुझे तत्काल मां विंध्यवासिनी का स्मरण आता था। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।

ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर जाए। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व व त्योहार केवल आस्था ही नहीं,  हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं। समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यवस्था के साथ जुड़कर पीएम मोदी जी के विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है।

हम सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो, तुम अपना कर्तव्य करो। तुम अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में कोई देर नहीं लगेगी। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो। बाकी चिंता हमारे कृष्ण कन्हैया करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, तभी हम इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं। कल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर आस्था के साथ विभिन्न समारोहों और आयोजनों में भागीदार बन रहे हैं। आज हम शासन की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ ले रहे हैं। नौजवान अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। हर बेटी बहन अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है। हर कारीगर और हर हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास है। इसी विश्वास को जगाने और हमें जोड़ने के लिए ये पर्व व त्योहार आते हैं। मुझे भी इसीलिए ब्रजभूमि में ‘लाला’ (बालकृष्ण) के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

अब जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, बल्कि उत्सव होता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।