इजराइल में नेतनयाहू की कुर्सी पर संकट:4 सर्वे में से 2 में विपक्ष आगे, किसी भी खेमे को बहुमत नहीं

इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कुर्सी पर संकट मंडरा रहा है। 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले आए 4 प्रमुख सर्वे में से 2 में विपक्षी खेमा आगे है, जबकि एक में दोनों खेमे बराबरी पर हैं और एक में नेतन्याहू का खेमा आगे है। किसी भी खेमे को सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें मिलती नहीं दिख रहीं। ऐसे में चुनाव के बाद सत्ता की चाबी छोटे दलों के हाथ में जा सकती है। इजराइल में चुनाव से पहले लोगों की राय बंटी येरुशलम के महाने येहुदा बाजार में चुनावी पोस्टरों के बीच 76 साल के फल विक्रेता अब्राहम लेवी को भरोसा है कि नेतन्याहू फिर सरकार बनाएंगे। वे कहते हैं, ‘नेतन्याहू को अपना काम पूरा करना है।’ लेकिन इसी शहर की जाफा स्ट्रीट पर दुकानदार इल्डा की राय अलग है। उनका कहना है कि हमास के हमले की जिम्मेदारी नेतन्याहू को लेनी चाहिए। तेल अवीव के जाफा इलाके में रहने वाले तुर्गेमान भी बदलाव चाहते हैं। वे कहते हैं कि वे गादी आइजनकोट का समर्थन करेंगे। लोगों की ये अलग-अलग राय इजराइल के चुनावी माहौल को दिखाती हैं। यहां कुछ लोग नेतन्याहू को दोबारा मौका देना चाहते हैं, तो कुछ हमास के हमले के बाद सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इजराइल में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। इसके बाद गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई में 74 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। करीब तीन साल बाद हो रहे इस चुनाव में सुरक्षा, हमास के हमले की जिम्मेदारी और नेतन्याहू का नेतृत्व बड़े मुद्दे हैं। सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का समर्थन चाहिए इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी खेमे को कम से कम 61 सीटों का समर्थन चाहिए। चुनाव से पहले आए चार प्रमुख सर्वे में किसी भी खेमे को यह आंकड़ा मिलता नहीं दिख रहा। हमास हमले में अपनों को खोने वाले परिवार भी बंटे 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में कई परिवारों ने अपने लोगों को खो दिया था। अब चुनाव में ऐसे परिवारों के बीच भी नेतन्याहू को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। किबुत्ज बेरी की मेराव के माता-पिता हमले में मारे गए थे। उनका मानना है कि जिस सरकार के कार्यकाल में इतना बड़ा हमला हुआ, उसे दोबारा सत्ता में नहीं आना चाहिए। वहीं, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की उम्मीदवार तालिक देश में मजबूत नेतृत्व चाहती हैं। इससे साफ है कि हमले के पीड़ितों के परिवार भी इस सवाल पर एकमत नहीं हैं कि अगली सरकार किसकी होनी चाहिए। फिलिस्तीन को अलग देश बनाने का मुद्दा चुनावी बहस से दूर इस चुनाव में फिलिस्तीन को अलग देश बनाने का मुद्दा प्रमुख यहूदी दलों की बहस में ज्यादा जगह नहीं पा रहा है। नेतन्याहू फिलिस्तीनी इलाकों पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखने के पक्ष में हैं। विपक्षी दल भी सुरक्षा के मामले में सख्त रुख रखते हैं। यानी नेतन्याहू का विरोध करने वाले सभी दल फिलिस्तीन के मुद्दे पर उनसे अलग राय नहीं रखते। सरकार बदलने की मांग के बावजूद सुरक्षा और फिलिस्तीन के भविष्य को लेकर बड़े दलों के बीच मतभेद सीमित दिखाई देते हैं। सर्वे के मुताबिक, विपक्षी मतदाताओं में 36% और अरब नागरिकों में 57% लोग दो राष्ट्र समाधान का समर्थन करते हैं। इस व्यवस्था के तहत इजराइल और फिलिस्तीन दो अलग-अलग देश होंगे। सरकार बनाने में अरब पार्टियों और छोटे दलों की भूमिका अहम इजराइल में किसी भी खेमे को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में छोटे दल सरकार बनाने का समीकरण बदल सकते हैं। चुनाव के बाद नेतन्याहू और विपक्ष, दोनों को सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। दिए गए अनुमानों के मुताबिक, कुछ छोटे दलों को 12 से 15 सीटें मिलने की संभावना है। इनमें राम पार्टी को 5, संयुक्त अरब सूची को 7 से 9, ओफर विंटर की पार्टी को 5 और हेंडेल-जेलखा को 4 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया है। इन दलों का समर्थन किसे मिलता है, यह चुनाव के बाद सरकार बनाने की बातचीत में अहम हो सकता है। हालांकि, सीटों के ये अनुमान किस सर्वे से जुड़े हैं और क्या सभी आंकड़े एक ही सर्वे के हैं, इसकी पुष्टि जरूरी है। 7 साल पुराने भ्रष्टाचार केस में चुनाव से 16 दिन पहले कोर्ट पहुंचे नेतन्याहू चुनाव से पहले नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के मामले में भी अदालत का सामना करना पड़ रहा है। रविवार, 11 अक्टूबर को वे इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान इजराइल के पूर्व अटॉर्नी जनरल अविचाई मंडेलब्लिट ने गवाही दी। मंडेलब्लिट ने ही 2019 में नेतन्याहू के खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला किया था। उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी मंजूरी के बिना नेतन्याहू के तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ का फोन टैप किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि पुलिस किसी और के कहने पर काम कर रही है। क्या है नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार का मामला? नेतन्याहू पर कारोबारियों से महंगे तोहफे लेने और मीडिया संस्थानों को फायदा पहुंचाने के बदले अपने पक्ष में खबरें दिखवाने के आरोप हैं। 2019 में उनके खिलाफ रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों में मुकदमा शुरू हुआ था। नेतन्याहू इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। मामले की सुनवाई अदालत में जारी है। —————————– यह खबर भी पढ़ें… इजराइल में 20 दिन बाद वोटिंग, नेतन्याहू हार सकते हैं:हमास हमले ने बदली देश की राजनीति 7 अक्टूबर 2023 को हमास के करीब 6 हजार लड़ाकों ने इजराइल पर हमला किया। लोगों को घरों और बंकरों में मारा गया, कई लोगों को जिंदा जला दिया गया और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प बोले- रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर हुआ:एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे; समझौता न तोड़ने की चेतावनी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया है कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि सीजफायर कितने समय तक लागू रहेगा। रूस और यूक्रेन की ओर से इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि और इसकी शर्तों की जानकारी भी सामने नहीं आई है। रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमलों से ट्रम्प नाराज ट्रम्प रूस की तेल रिफानरियों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने शनिवार को इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि इन हमलों से दुनिया में ईंधन की समस्या बढ़ सकती है। दरअसल, यूक्रेन रूस की तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना रहा है। इससे रूस की तेल से होने वाली कमाई और उसकी सेना तक ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था। तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। जेलेंस्की बोले थे- रूस हमले रोके तो हम भी हमला बंद करेंगे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोक देता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद करने को तैयार होगा। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा था कि तनाव कम करने के लिए दोनों देशों को एक साथ कदम उठाने होंगे और इसके लिए पक्की सुरक्षा गारंटी भी जरूरी है। जेलेंस्की ने चुनाव कराने के लिए 2 महीने के सीजफायर की मांग रखी जेलेंस्की ने कहा है कि अगर ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन में चुनाव चाहते हैं, तो रूस को 60 दिन के लिए युद्ध रोकना होगा। जेलेंस्की ने कहा कि इस दौरान पूरी तरह सीजफायर लागू होने पर यूक्रेन चुनाव कराने के लिए तैयार है। 11 अक्टूबर को ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि देश का अगला नेता कौन होगा, यह फैसला यूक्रेन की जनता करेगी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने के कारण फिलहाल चुनाव नहीं कराए जा सकते। रूस के हमले के बाद देश में मार्शल लॉ लगाया गया था। जेलेंस्की बोले- पुतिन को रोकना ज्यादा मुश्किल जेलेंस्की ने कहा कि कुछ नेता युद्ध जारी रहने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, क्योंकि वे पुतिन को रोकने का तरीका नहीं खोज पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों पर दबाव डालने के मुकाबले पुतिन को रोकना ज्यादा मुश्किल है। अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन के हमलों को जिम्मेदार ठहराने वाले ट्रम्प के दावे को भी जेलेंस्की ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि कीमतें बढ़ने की वजह मध्य पूर्व में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी है। जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन मिलकर रूस को रोकने की कोशिश जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अमेरिकी मदद की उम्मीद है, लेकिन वह अपनी आजादी और स्वतंत्रता की रक्षा भी करता रहेगा। खबर अपडेट हो रही है…

हवा में था विमान…अचानक निकलने लगा धुआं, दिल्ली से चेन्नई जा रही IndiGo फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। विमान के अंदर एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अचानक धुआं निकलने लगा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये डिवाइस पावर बैंक था। धुआं निकलता देख यात्रियों ने क्रू को इसकी खबर दी। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट को हैदराबाद के लिए डायवर्ट कर दिया गया। घटना के बाद इंडिगो की फ्लाइट को हैदराबाद के शमशाबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। ये घटना 11 अक्टूबर को इंडिगो की 6E 6115 फ्लाइट में हुआ।

विमान के हैदराबाद उतरते ही सुरक्षा टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, इंडिगो यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अगली फ्लाइट में सीट की व्यवस्था की है। बता दें, इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 को 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरनी थी, लेकिन फ्लाइट 1:30 बजे रवाना हुई। डायवर्ट होने से पहले इसके शाम 4 बजे चेन्नई पहुंचने का समय तय था।

हैदराबाद किया गया डायवर्ट

इंडिगो ने बताया कि, दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट 6E 6115 को हैदराबाद के लिए डायवर्ट किया गया। एयरलाइन के अनुसार, विमान में एक यात्री के पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद यह फैसला लिया गया। इसके बाद फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से हैदराबाद उतारा गया। घटना के तुरंत बाद केबिन क्रू ने जरूरी कदम उठाए और स्थिति को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।

पावर बैंक में लगी आग

एयरलाइन ने कहा, “11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 को एक यात्री के पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद हैदराबाद डायवर्ट किया गया।” बताया जा रहा कि विमान के अंदर धुआं निकलने की घटना एक पावर बैंक से जुड़ी थी। केबिन में धुआं फैलने के बाद यात्रियों के बीच चिंता का माहौल बन गया और एयरपोर्ट पर आपातकालीन मदद की जरूरत पड़ी। हालांकि, विमान के हैदराबाद में उतरने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

फ्लाइट का कराया गया इंतजाम

फ्लाइट डायवर्ट होने के बाद इंडिगो ने यात्रियों को चेन्नई पहुंचाने के लिए जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए। एयरपोर्ट अधिकारी के मुताबिक, यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए अगली उपलब्ध फ्लाइट में सीट दिलाई जाएगी। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए उन्हें रिफ्रेशमेंट दिया जा रहा है और आगे की यात्रा से जुड़ी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, यात्रियों को स्थिति के बारे में समय-समय पर जानकारी भी दी जा रही है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, विमान ने हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को बिना किसी चोट के बाहर निकाल लिया गया।

कल का मौसम 12 अक्टूबर: दिल्ली-NCR, पंजाब और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट, उत्तर से दक्षिण भारत तक ऐसा रहेगा वेदर

IMD Weather Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, सोमवार, 12 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा आपके शहर का मौसम

इन राज्यों में चलेगी तेज हवाएं

12 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। यहां गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की अलग से भी संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और केरल के साथ माहे में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घर में रहने और बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में पेड़, खंभे और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। 12 से 15 अक्टूबर के बीच इन इलाकों में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं कुछ जगहों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अक्टूबर को पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर को बारिश के साथ बर्फबारी होने का अनुमान है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर UNICEF India ने स्मृति मंधाना को यह सम्मान

Unicef India ने  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार एजेंसी की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। इस नई भूमिका में, मंधाना बच्चों और युवाओं के समान अधिकारों और अवसरों की वकालत करने के अपने पूर्व के कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।

यह नियुक्ति 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर की गई, जो लड़कियों के अधिकारों, सुरक्षा, क्षमता और नेतृत्व पर प्रकाश डालती है, साथ ही उन बाधाओं पर भी जो अभी भी उनके विकल्पों को सीमित करती हैं। भारत की खेल आइकन और युवा महिलाओं व लड़कियों के लिए रोल मॉडल, मंधाना लड़कियों को खेलने और आगे बढ़ने के लिए समान अवसरों की वकालत करेंगी। वह यूनिसेफ इंडिया के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहयोग देंगी ताकि किशोरियों को सशक्त बनाया जा सके, उनके स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दिया जा सके और वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें।

इस अवसर पर मंधाना ने कहा, “मैं यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में जुड़कर सम्मानित महसूस कर रही हूं। बचपन में क्रिकेट खेलने ने मुझे सिखाया कि हर सपना एक अवसर से शुरू होता है। मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रोत्साहन से वह अवसर कुछ असाधारण बन सकता है। हर बच्चे और युवा को बड़ा सपना देखने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।”

यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने इस अवसर पर कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर स्मृति मंधाना का यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं। स्मृति की यात्रा, एक महत्वाकांक्षी युवा एथलीट से वैश्विक क्रिकेट आइकन तक, लड़कियों को दिखाती है कि जब प्रतिभा को अवसर मिलता है तो क्या संभव है। ऐसे समय में जब भारत दुनिया के सबसे बड़े बच्चों और युवाओं की पीढ़ी का घर है, लड़कियों के अधिकारों, नेतृत्व और कल्याण में निवेश करना किसी देश का सबसे समझदार निवेश है। हम स्मृति के साथ साझेदारी करने की आशा करते हैं ताकि हर लड़की को सीखने, खेलने, नेतृत्व करने और अपनी क्षमता पूरी करने का अवसर मिल सके।”

अर्जुन पुरस्कार प्राप्त और भारत की अग्रणी खिलाड़ियों में से एक, मंधाना, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। वह उस टीम का हिस्सा थीं जिसने 2025 में भारत को पहला आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब दिलाया। उसी वर्ष, वह पहली महिला बनीं जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से अधिक वनडे रन बनाए, और पांच वनडे शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में अग्रणी रन-स्कोरर बनीं। वह विश्व की शीर्ष रैंक वाली महिला वनडे बल्लेबाज हैं और दो बार आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर रह चुकी हैं।

मंधाना ने पहले यूनिसेफ-आईसीसी अभियानों का समर्थन किया है जो लैंगिक समानता और जीवन कौशल पर केंद्रित थे। वह यूनिसेफ के प्रॉमिस टू चिल्ड्रन अभियान की भी समर्थक रही हैं।

यूनिसेफ सरकारों, समुदायों, नागरिक समाज और युवाओं के साथ मिलकर किशोरियों के अधिकारों, एजेंसी और अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है। लड़कियों को ज्ञान, जीवन कौशल, नेतृत्व के अवसर और सुरक्षित स्थान प्रदान करता है ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और अपने भविष्य के बारे में सूचित निर्णय ले सकें। साझेदारों के साथ मिलकर, यूनिसेफ परिवारों और समुदायों के साथ भी काम करता है ताकि हानिकारक लैंगिक मानदंडों को चुनौती दी जा सके, सहयोग प्रणालियों को मजबूत किया जा सके, लड़कियों को शिक्षा में बनाए रखा जा सके, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार किया जा सके और उन्हें कौशल और आजीविका मार्गों से जोड़ा जा सके — जिससे उनका आत्मविश्वास और विकल्प बढ़े ताकि वे सीख सकें, नेतृत्व कर सकें, आगे बढ़ सकें और विवाह को टाल सकें।

यूनिसेफ हर बच्चे के अधिकारों को बनाए रखने का प्रयास करता है, उन्हें नुकसान और सभी प्रकार के भेदभाव से बचाता है, ताकि वे स्वस्थ और शिक्षित होकर अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें। यह कार्य यूनिसेफ के वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त जनादेश और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के समर्थन के अनुरूप है। यूनिसेफ दुनिया के सबसे कठिन स्थानों में काम करता है, ताकि दुनिया के सबसे वंचित बच्चों तक पहुंचा जा सके। 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में, संस्था हर बच्चे के लिए हर जगह काम करती है ताकि सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाई जा सके। यूनिसेफ इंडिया व्यवसायों और व्यक्तियों से मिलने वाले समर्थन और दान पर निर्भर करता है ताकि स्वास्थ्य, पोषण, जल और स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक नीति और सामाजिक सुरक्षा तथा बाल संरक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित किया जा सके।

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस अवसर पर यूनिसेफ और मंधाना की तारीफ में ट्वीट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया परिवार में आपका स्वागत है। आप मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि मैदान के बाहर आप बच्चों के अधिकारों के लिए बुलंद आवाज बनोगी।’’

Delhi CJP Protest: माकपा सांसद संग मारपीट के बाद सड़क पर घायल छोड़ने का आरोप, कौन हैं MP जॉन ब्रिटास?

Delhi CJP Protest: राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यानी CPI-M (मार्क्सवादी) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। CPI-M ने रविवार (11 अक्टूबर) को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके सांसद के साथ बर्बरतापूर्ण तरीके से मारपीट की और बाद में उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया। पार्टी के मुताबिक, उस समय ब्रिटास घायल थे। उन्हें चलने में भी परेशानी हो रही थी। हालांकि, सांसद को चोट कैसे और कहां लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

माकपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी के अनुसार, वीडियो में ब्रिटास दिल्ली पुलिस की बस के पास बैठे नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति उन्हें उठने और चलने में मदद करता दिखाई देता है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी उन्हें ऑटोरिक्शा तक पहुंचने में सहायता करता नजर आ रहा है।

जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सांसद

जानकारी के मुताबिक, रविवार को ब्रिटास उन कई प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्हें दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने हिरासत में लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाए गए इस प्रदर्शन का रविवार को दूसरा दिन था।

माकपा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने सांसद के साथ दुर्व्यवहार किया। पार्टी ने अपनी X पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। हालांकि, ब्रिटास को लगी चोटों की परिस्थितियों और पुलिस के साथ कथित झड़प के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शनिवार को भी हिरासत में लिए गए थे जॉन ब्रिटास

जॉन ब्रिटास को शनिवार को भी प्रदर्शन के पहले दिन हिरासत में लिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन दिल्ली पुलिस ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया था। कस्टडी में लिए गए नेताओं में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए। प्रदर्शन CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। रविवार को भी प्रदर्शनकारियों के मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई जारी रही।

माकपा के राज्यसभा सदस्यों जॉन ब्रिटास और ए. ए. रहीम ने शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रविवार को आलोचना की। CJP संस्थापक दीपके और दो अन्य नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को शनिवार को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोरट् पर विमान के उतरने के बाद दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर फ्लाइट के अंदर ही हिरासत में ले लिया था।

ब्रिटास ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि CJP नेताओं के साथ अपहरणकर्ताओं या कथित तौर पर बड़े वित्तीय घोटालों को अंजाम देने वालों से भी बुरा व्यवहार किया गया। ब्रिटास ने पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी निंदा की और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं। रहीम ने आरोप लगाया कि कॉजपा के कई कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित किया गया।

केजरीवाल के साथ भी धक्का-मुक्की का आरोप

इस मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल के साथ शनिवार को कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया था। पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के बाद केजरीवाल को जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्हें करीब छह घंटे तक रखा गया। फिलहाल, जॉन ब्रिटास के साथ कथित मारपीट को लेकर माकपा के आरोपों और सामने आए वीडियो के आधार पर मामला चर्चा में है।

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जॉन ब्रिटास कौन हैं?

डॉ. जॉन ब्रिटास केरल से आने वाले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मलयालम मीडिया जगत का भी जाना-पहचाना चेहरा हैं। जॉन ब्रिटास केरल से CPI(M) के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 24 अप्रैल 2021 को राज्यसभा सांसद के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया। राजनीति में आने से पहले उन्होंने तीन दशक से अधिक समय तक पत्रकारिता और टीवी के क्षेत्र में काम किया। वह मलयालम न्यूज चैनल कैराली टीवी नेटवर्क (Kairali TV) के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य संपादक भी रहे हैं।

Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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Delhi CJP Protest: दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन खुले! रेल और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल, बैरिकेडिंग और पुलिस हिरासत पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

Delhi CJP Protest News: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (11 अक्टूबर) को अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए।” साथ ही शीर्ष अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों एवं ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।

दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन और इंटरनेट चालू रहेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने उसके निर्देश के उल्लंघन के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचायी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। शीर्ष अदालत ने ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बैरिकेड्स लगाने की जरूरत की समीक्षा करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए।”

केंद्र सरकार को नोटिस जारी

अदालत ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

पीठ ने कहा, “9 अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।”

‘निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया। मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे। ट्रैफिक संबंधी कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया। लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।”

पत्रकारों को लेकर पुलिस को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर एंट्री और एग्जिट प्रतिबंधित था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक सरकार से जवाब मांगा है।

निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में CJP नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की मुख्य बातें

  • दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। पाबंदियां तभी लगाई जा सकती हैं जब वे आर्टिकल 19(2) के तहत सही ठहराई जा सकें।
  • कानूनी पाबंदियां लगाने की वैधानिक शक्तियों पर असर डाले बिना, कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
  • दिल्ली में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही में बेवजह रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की जरूरतों के आधार पर बैरिकेड्स की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
  • किसी को भी गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी भी हिरासत के मामले में कानून द्वारा तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
  • कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जानी चाहिए, खासकर उन इलाकों के बाहर जहां धारा 163 BNSS के तहत सख्ती लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों तक बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 163 की पाबंदियों वाला कोई भी नोटिस बोर्ड अगर अभी भी लगा है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज किया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने में नहीं रोका जाएगा।
  • शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अवमानना ​​की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों को मंगलवार, 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसमें मेट्रो पाबंदियों और रेलवे की सलाहों का विवरण शामिल हो।
  • बड़े पैमाने पर हिरासत और उससे जुड़े अन्य मामलों के आरोपों वाली ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को मुख्य मामलों के साथ सुनवाई होगी।
  • अदालत ने कहा कि राज्य को कथित हिरासत के हालात, तरीके और कानूनी आधार के बारे में बताना होगा, क्योंकि आर्टिकल 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें लागू करना कोर्ट का कर्तव्य है।

Navratri 2026: नवरात्रि का हुआ आगाज, अपनी डांडिया-गरबा प्ले लिस्ट में शामिल करें ये बॉलीवुड सॉन्ग

Navratri 2026: रविवार 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस नौ दिन के त्योहार में सबसे पहले देवी दुर्गा के ‘शैलपुत्री’ स्वरूप की पूजा की जाती है। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ नवरात्रि के जश्न में म्यूजिक भी अहम भूमिका निभाता है। गरबा, डांडिया और भक्ति-भाव वाले आयोजनों को सब मिलकर एंजॉय करते हैं। ‘नगाड़ा संग ढोल’ और ‘चोगड़ा’ की जोशीली धुनों से लेकर ‘ओ शेरावाली’ जैसे भक्ति गीतों तक सही प्लेलिस्ट नवरात्रि को और यादगार बना सकती है।

Nagada Sang Dhol

श्रेया घोषाल और उस्मान मीर द्वारा गाए गए और संजय लीला भंसाली द्वारा कंपोज किए गए गाने ‘नगाड़ा संग ढोल’ को 2013 की फिल्म ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ का गाना है। दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह पर फिल्माए गए इस गाने में जबरदस्त म्यूजिक है।

Chogada

दर्शन रावल और असीस कौर का गाया गाना ‘चोगडा’, 2018 की फिल्म ‘लवयात्री’ का है। यह जोश भरा गाना गुजराती लोक संगीत और आज के बॉलीवुड प्रोडक्शन का मिला-जुला रूप है, जिससे गरबा और डांडिया नाइट्स के लिए एक शानदार धुन तैयार होती है।

Shubhaarambh

अमित त्रिवेदी द्वारा बना और श्रुति पाठक व दिव्या कुमार द्वारा गाया गया गाना ‘शुभारंभ’ 2013 की फिल्म ‘काई पो चे!’ का हिस्सा है। इसके शीर्षक का अर्थ है ‘शुभ शुरुआत’, जो इसे नवरात्रि के पहले दिन के लिए बहुत उपयुक्त बनाता है।

Dholi Taro Dhol Baaje

बहुत पसंद किया जाने वाला गरबा क्लासिक, ढोली तारो ढोल बाजे, संजय लीला भंसाली की 1999 की फिल्म हम दिल दे चुके सनम में दिखाया गया है। गाने को कविता कृष्णमूर्ति, विनोद राठौड़ और करसन सागथिया ने गाया हैं। ऐश्वर्या राय बच्चन और सलमान खान पर फिल्माया गया यह गाना रंग-बिरंगे गरबा सीन्स और जोश से भरे ग्रुप डांस से जुड़ा है।

Khalasi

जो लोग आज के दौर का गुजराती संगीत पसंद करते हैं, उनके लिए ‘खलासी’ गाना एक मॉडर्न फोक-फ्यूजन साउंड लेकर आया है। 2023 में कोक स्टूडियो भारत के जरिए रिलीज हुए इस गाने में आदित्य गढ़वी और अचिंत ठक्कर शामिल हैं। अचिंत ने ही इस गाने को कंपोज और प्रोड्यूस भी किया है।

O Sheronwali

1979 की फिल्म ‘सुहाग’ का गाना ‘ओ शेरावाली’ आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने गाया है। इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया है और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे हैं। यह भक्ति गीत देवी की स्तुति करता है और नवरात्रि के दौरान एक लोकप्रिय पसंद है।

Jai Ambe Jagdambe Maa

1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के गाने ‘जय अम्बे जगदम्बे मां’ में प्रफुल्ल दवे, सपना अवस्थी और सुदेश भोंसले ने अपनी आवाज दी है। आनंद-मिलिंद द्वारा संगीतबद्ध यह गाना देवी दुर्गा का आह्वान करता है।

Nepal Flood Video: नेपाल में बाढ़-लैंडस्लाइड से फिर भारी तबाही! बूढ़ी गंडकी नदी में बह गए 36 मकान और पुल, बिहार में भी हाई अलर्ट

Nepal Flood alert: पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर से बाढ़-लैंडस्लाइड से हाहाकार मच गया है। गोरखा जिले में रविवार (11 अक्टूबर) तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ से 35 से अधिक मकान और पुल नदी में बह गए। घटना के बाद प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें रविवार तड़के करीब 4:35 बजे बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की सूचना मिली।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाढ़ चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 क्षेत्र से नीचे की ओर आई और नदी के किनारे स्थित बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाली सेना की एक टुकड़ी को खोज और बचाव अभियान के लिए हवाई और जमीनी रास्ते से भेजा गया है। इस टुकड़ी ने जगत इलाके से 6 लोगों को हवाई रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला। यह इलाका लैंडस्लाइड की चपेट में आ सकता है।

36 मकान और पुल बहे

‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन के अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग ने बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से सल्लेरी, पायूका और जगत में नदी किनारे स्थित मकान बह गए। बाढ़ में वार्ड को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शुरुआती खबरों के अनुसार, सिउरीबास के ऊपरी इलाके में लैंडस्लाइड हुआ था।

उन्होंने कहा कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों को संदेह है कि चुमनुब्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी स्यार का प्रवाह बाधित हो गया होगा, जिससे बाढ़ आई। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से उत्तरी गोरखा के कई इलाकों में 35 से अधिक मकान बह गए।

लैंडस्लाइड से रास्ता बंद होने के बाद आई बाढ़

मुख्य जिला अधिकारी मिश्रा के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में सिउरीबास के ऊपर लैंडस्लाइड होने की बात सामने आई है। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष नीमा लामा ने बताया कि भूस्खलन के कारण चुमके खोला नामक जलधारा का रास्ता बाधित हो गया था। इसके बाद पानी का बहाव बढ़ा और अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। इस घटना के कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया। प्रशासन को आशंका है कि तेज बहाव से नदी के किनारे बसे अन्य इलाकों में भी नुकसान हुआ हो सकता है।

कई लोग लापता

नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाढ़ में कई पुल बह गए हैं। फिलहाल, चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाली सेना उनकी तलाश कर रही है। न्यूज पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने कहा कि रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ ने उन्हें रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की याद दिला दी। उन्होंने कहा, “बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिला दी। इसमें दर्जनों मकान बह गए हैं। फिलहाल नुकसान का सही आकलन करना संभव नहीं है।”

जगत में 5 से 7 मकान बहने की सूचना

गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, जगत इलाके में नदी के तल के पास बने पांच से सात मकान बाढ़ के पानी में बह गए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि नदी के निचले हिस्सों में कुछ अन्य मकान भी बह गए हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए आगे की जानकारी का इंतजार है।

नेपाल की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “बुढ़ी गंडक नदी में बाढ़ आने के बाद नेपाली सेना की एक टुकड़ी को खोज और बचाव अभियान के लिए हवाई और ज़मीनी रास्ते से भेजा गया। इस टुकड़ी ने जगत इलाके से 6 लोगों को हवाई रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला। यह इलाका भूस्खलन की चपेट में आ सकता है। काठमांडू में तैनात कम्पोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी हवाई जहाज से इसी इलाके में भेजा गया है।”

बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे रहने वालों को चेतावनी

बाढ़ के बाद प्रशासन ने बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे स्थित बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। लोगों से नदी के करीब जाने से बचने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी के जलस्तर में तेज बदलाव से पैदा होने वाले खतरे को उजागर किया है।

ऐसे क्षेत्रों में भूस्खलन से जलधारा का रास्ता अवरुद्ध होने पर पानी जमा हो सकता है। बैरिकेट्स टूटने या पानी का रास्ता बदलने से अचानक तेज बहाव पैदा हो सकता है। फिलहाल, गोरखा जिले में बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है। प्रशासन की प्राथमिकता नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित रखना और प्रभावित इलाकों की स्थिति का आकलन करना है।

NDRRMA ने जारी किया अलर्ट

सुबह 6:40 बजे, नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने अपने बाढ़ पूर्वानुमान विभाग से एक SMS अलर्ट भेजा। इसमें लोगों से कहा गया कि वे बाढ़ का पानी उतरने तक नदी के पास न जाएं। खासकर त्रिशूली दोभान तक के इलाके में बिल्कुल न जाएं। ऊंची जगहों पर ही रहें। अधिकारी अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पानी का स्तर अचानक क्यों बढ़ा और उसमें मिट्टी और गाद क्यों बहकर आई।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और इसके बहाव की आवाज दूर से ही सुनी जा सकती थी। चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नारायण सपकोटा ने यह जानकारी दी। मिश्रा ने कहा कि जिला कार्यालय जमीनी स्तर से जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्थिति का हवाई जायजा लेने के लिए नेपाली सेना का हेलीकॉप्टर भेजने की तैयारी चल रही है।

बिहार में भी बाढ़ का खतरा

बूढ़ी गंडकी नदी में भयानक बाढ़ आने से भारतीय राज्य बिहार में भी खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह नदी आगे चलकर त्रिशूली से मिलती है। फिर दोनों का पानी देवघाट के पास नारायणी नदी में पहुंचता है। यही नदी भारत में गंडक के नाम से बिहार में आती है। फिर आगे गंगा में मिल जाती है। ऐसे में अगर पानी का बहाव बढ़ता है, तो बिहार में गंडक किनारे बसे इलाकों पर असर पड़ सकता है। इनमें पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और वैशाली जैसे जिले शामिल हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में जलस्तर बढ़ेगा या नहीं।

इससे पहले नेपाल में 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसने कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। उस बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और हजारों लोग लापता बताए गए थे। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 की बाढ़ में कम से कम 1,455 लोगों की मौत हुई थी और 5,285 लोग लापता थे।

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