Lock Upp 2: ‘डॉक्टरों ने मुझसे कहा था कि मैं छह महीने में मर सकता हूं’, राम कपूर ने लॉकअप में अपना सबसे बड़ा राज खोला

Lock Upp 2: राम कपूर ने ‘लॉक अप’ में अपना तीसरा और एक और चौंकाने वाला राज खोला है। ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ की शूटिंग के दौरान मोटापे से जूझ रहे इस एक्टर ने बताया कि उनकी सेहत इतनी खराब हो गई थी कि वे डिप्रेशन में चले गए थे और डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि वे सिर्फ छह महीने में मर सकते हैं।

अपनी पत्नी और बच्चों समेत सबसे छिपाकर रखा गया एक राज़ बताते हुए राम कपूर ने कहा, “मैंने दुनिया से एक राज छिपाकर रखा है। यहां तक कि मेरी पत्नी को भी इसके बारे में नहीं पता। शो (‘बड़े अच्छे लगते हैं’) के दौरान, मैं अपनी ज़िंदगी के सबसे बुरे डिप्रेशन से गुजरा। अपने वजन की वजह से मुझे बहुत प्यार मिला और मेरी इतनी चर्चा हुई कि कुछ समय के लिए मैं सबसे ज़्यादा रेटिंग वाला टीवी स्टार बन गया था।”

एक्टर ने आगे बताया कि कैसे उनका वजन लगातार बढ़ता ही जा रहा था। फिर उन्होंने एक चौंकाने वाली बात बताई, “मेरे डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि मैं अस्वस्थ हो गया हूं और छह महीने में मेरी मौत भी हो सकती है। मुझे डायबिटिक स्ट्रोक हो सकता था क्योंकि मैं दिन में तीन बार इंसुलिन ले रहा था। मेरा शुगर लेवल 400 से 600 के बीच रहता था और मैं दिन में 14 घंटे काम करता था। मैं इस बारे में कुछ नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे बहुत प्यार और पैसा मिल रहा था। मैं यह सब कैसे छोड़ सकता था? मैं बहुत बदसूरत इंसान बन गया था।”

यह बताते हुए कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए खुद को कैसे बदला, राम ने कहा, “अगर मेरे बच्चे नहीं होते, तो मैं भी वही करता जो हर्षद ने किया था। जब आपके बच्चे होते हैं, तो आप उनके लिए जीते हैं और अपनी ज़िंदगी खत्म करने का हक आपको नहीं होता। बस इसी बात ने मुझे बचाया। यही वजह है कि मैं आज ज़िंदा हूं। 10 साल से ज़्यादा हो गए हैं, और आज मैं एक इंसान के तौर पर बहुत खुश हूं। गौतमी और मेरे बच्चों को भी अभी इस बारे में पता चल रहा होगा।”

इससे पहले राम कपूर ने एक बहुत ही इमोशनल राज़ का खुलासा किया था, जिसे सुनकर घर के सभी लोग रो पड़े थे। एक्टर ने बताया, “मैंने अपने पिता की मौत की प्लानिंग में उनकी मदद की थी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता एक बार पैंक्रियाटिक कैंसर से लड़ चुके थे, लेकिन 73 साल की उम्र में जब कैंसर दोबारा हुआ, तो वे फिर से इलाज नहीं करवाना चाहते थे; राम उनके साथ खड़े रहे और उनके फैसले का समर्थन किया।

दिल्ली लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, इसके लिए 6 जरूरी डॉक्युमेंट्स की पूरी लिस्ट

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार 1 अगस्त को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जाएंगे। पोर्टल की शुरुआत के साथ ही इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना दिल्ली की बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने वाली योजना है।

सरकार ने इसके लिए ₹5100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आज से पोर्टल और रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। लगभग 500 बहनों ने अपने फॉर्म सफलतापूर्वक भर दिए हैं। दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जो पिछले वर्ष आयोजित विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी।

ऑनलाइन आवेदन के लिए 6 अनिवार्य दस्तावेज

योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करते समय महिलाओं को निम्नलिखित 6 महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे:-

स्थानीय विधायक (MLA) या सांसद (MP) का एंडोर्समेंट/अनुशंसा पत्र

आधार कार्ड

पैन कार्ड

आय प्रमाण पत्र

आधार से लिंक सिंगल-होल्डर बैंक अकाउंट डिटेल्स

दिल्ली वोटर पहचान पत्र / कम से कम 10 साल से दिल्ली में निवास का प्रमाण

कौन होगा पात्र? (Eligibility Criteria)

कैबिनेट द्वारा मंजूर दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। इसके मुताबिक परिवार की सबसे बड़ी महिला इस योजना की पात्र होंगी। महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक दिल्ली का पंजीकृत वोटर होना चाहिए और कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है।

किन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

योजना के नियमों के तहत कई कैटेगिरी को इससे बाहर रखा गया है। जो महिलाएं पहले से किसी अन्य वित्तीय सहायता योजना या पेंशन का लाभ ले रही हैं वो इसका फायदा नहीं उठा पाएंगी। टैक्सपेयर्स और सरकारी कर्मचारी को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा। 3 से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को इस स्कीम में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है वो इस स्कीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। जिन परिवारों के किसी सदस्य के पास सरकारी नौकरी है, कोई आपराधिक मामला दर्ज है या जिनके पास चार पहिया वाहन मौजूद है वो भी इस स्कीम के पात्र नहीं हैं।

2500 रुपये भुगतान के 2 विकल्प

योजना के तहत मिलने वाली ₹2500 की राशि के भुगतान के लिए लाभार्थियों को दो विकल्प दिए जाएंगे। ₹1000 प्रति माह सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट में दैनिक खर्चों के लिए और बाकी 1500 रुपये RD/FD खाते में रखे जाएंगे (जिसमें तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी)। महिलाएं चाहें तो दीर्घकालिक बचत के लिए पूरी राशि (₹2500) को सीधे RD या FD खाते में जमा कराया जा सकता है।

फंड के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध

योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि के उपयोग को लेकर सरकार ने कड़े नियम तय किए हैं। इस राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, लॉटरी, सट्टेबाजी या किसी भी अन्य प्रतिबंधित सामान व सेवाओं की खरीदारी पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर कोई आवेदक गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और वितरित की गई राशि की वसूली की जाएगी।

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Sterlite Tech के शेयर में सोमवार को दिख सकता है दमदार एक्शन, ₹960 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देगा बूस्ट

ऑप्टिकल कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली स्टरलाइट टेक्नोलोजिज के शेयरों में सोमवार, 3 अगस्त को तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी उम्मीद की वजह है कंपनी को 960 करोड़ रुपये का एक कॉन्ट्रैक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे एक घरेलू टेलिकॉम ऑपरेटर से यह कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ग्राहक की जरूरतों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई के लिए है।

स्टरलाइट टेक्नोलोजिज का कहना है कि यह एक मल्टी ईयर सप्लाई एग्रीमेंट है। इसकी अवधि 2 साल है लेकिन इसे आपसी सहमति से और 2 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह डील रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आती है।

स्टरलाइट टेक को ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट बनाने में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी AI रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, FTTx, रूरल कनेक्टिविटी, एंटरप्राइज और डेटा सेंटर नेटवर्क्स के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।

Sterlite Tech का शेयर 3 महीनों में 90 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 556.50 रुपये है। शेयर 2 कारोबारी सत्रों में 7 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 28600 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में यह 420 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 684.45 रुपये और एडजस्टेड लो 84.65 रुपये है।

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इस साल जून महीने में स्टरलाइट टेक्नोलोजिज क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लाई थी। इसमें कंपनी ने 2.57 करोड़ शेयर अलॉट किए और करीब 1,500 करोड़ रुपये जुटाए। QIP में मोतीलाल ओसवाल, नोमुरा, HSBC, बैंक ऑफ इंडिया, ऑक्सबो, थिंक इनवेस्टमेंट्स समेत कई घरेलू और वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया।QIP वह तरीका है, जिसमें कोई लिस्टेड कंपनी पैसे जुटाने के लिए अपने नए शेयर आम जनता को नहीं, बल्कि सिर्फ बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनीज, बैंक और विदेशी संस्थागत निवेशकों को बेचती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 929 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 125 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए स्टरलाइट टेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,446 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kia Syros EV vs Vinfast VF6: Whose top trim offers more value?

Kia Syros EV vs Vinfast VF6

The Kia Syros EV and Vinfast VF6 are the most affordable electric vehicles from their respective brands. The premium Kia offering is sold in the compact SUV space, one below the VF6’s midsize SUV segment. So, can it match or even outdo the larger VF6 when it comes to specifications and features? We compare the Kia Syros EV X-Line ER and Vinfast VF6 Wind Infinity top-spec variants to find out.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Dimensions

 

Syros EV

VF6

Length (mm)

3,995

4,241

Width (mm)

1,805

1,834

Height (mm)

1,670

1,615

Wheelbase (mm)

2,550

2,730

Ground clearance (mm)

197

190

Frunk (L)

16

No

Boot space (L)

390-465

423

Wheel size (in)

17

18

Clearly, the Vinfast VF6 is the larger SUV between the two. It is 246mm longer, 29mm wider and has a 180mm longer wheelbase than the Kia Syros EV. However, the Syros is 55mm taller and offers a 7mm higher ground clearance. It also gets a 16-litre frunk, a feature missing on the VF6. In terms of luggage space, the VF6 offers 423 litres of boot space, but the Syros EV can hold up to 465 litres when its sliding rear seats are pushed forward, although capacity drops to 390 litres with the seats in their rearmost position. The VF6 also rides on larger 18-inch alloy wheels, compared to the 17-inch units on the Syros EV.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Powertrains

 

Syros EV

VF6

Battery size (kWh)

51.4

59.6

Electric motor setup

Single motor

Single motor

Drive layout

FWD

FWD

Power (hp)

171

204

Torque (Nm)

255

310

Claimed 0-100kph time (s)

8.1

8.9

ARAI range (km)

526

463

The two SUVs use a single-motor, front-wheel-drive setup, but the VF6 has the bigger 59.6kWh battery pack, compared to the Syros EV’s 51.4kWh unit. It also produces 33hp more power and 55Nm more torque. Despite this, the Syros EV is quicker, with a claimed 0-100kph time of 8.1 seconds, compared to the VF6’s 8.9 seconds. It also has a clear advantage in terms of claimed driving range, offering 526km on a single charge, which is 63km more than the VF6’s 463km, despite having a smaller battery pack.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Charging speeds

 

Syros EV

VF6

AC charging (10-100 percent)

4.5 hrs (11kW unit)

Time not specified (7.2kW unit) 

DC fast charging (10-70 percent)

25 mins (100kW unit)

DC fast charging (10-80 percent)

39 mins (100kW unit)

Both the Syros EV and VF6 support 100kW DC fast charging. However, Kia claims a 39-minute charging time for a 10-80 percent top-up, while Vinfast’s claimed 25-minute figure is for the slightly lower 10-70 percent charging window. On the AC charging front, the Syros EV supports charging speeds of up to 11kW, taking 4.5 hours to charge from 10 to 100 percent. The VF6, meanwhile, supports up to a 7.2kW AC charger, although Vinfast has not yet revealed its charging time.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Exterior features

 

Syros EV

VF6

Headlamps

LED

LED projector

Front fog lamps

LED

No

LED tail-lamps

Yes

Yes

Powered ORVMs

Yes

Yes

Alloy wheels

Yes

Yes

Flush door handles

Yes

No

Body cladding

Yes

Yes

Rear spoiler

Yes

Yes

Not a lot separates them when it comes to exterior features, with both offering LED tail-lamps, powered ORVMs, alloy wheels, body cladding and a rear spoiler. However, the VF6 comes with LED projector headlamps, while the Syros EV gets LEDs with reflectors. Another differentiation is that the Syros EV gets flush-fitting door handles, whereas the VF6 is equipped with conventional pull-type door handles.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Interior features

 

Syros EV

VF6

Infotainment screen (in)

12.3

12.9

Digital driver’s display (in)

12.3

No

Climate control display (in)

5

No

Sunroof

Panoramic, openable

Panoramic, fixed

Wireless charger

Yes

Yes

Driver’s seat powered adjustment

4-way

8-way

Ventilated front seats

Yes

Yes

USB ports

2 Type C (f/r), including 1 100W (f)

2 Type A (f/r), 1 90W Type C (r)

Rear AC vents

Yes

Yes

Rear seat base ventilation

Yes

No

Climate control

Single zone

Dual zone

All window one touch up/down

Yes

Yes

Ambient lighting

Yes

Footwell only

Sound system

8-speaker Harmon Kardon

8 speakers

Apple CarPlay and Android Auto

Wireless

Wireless

Connected car tech

Yes

Yes

Rear sunshades

Yes

No

Rear centre armrest

Yes

Yes

Sliding, reclining rear seats

Yes

No

Speaking of interior features, both are well equipped and offer a wireless phone charger, ventilated front seats, connected car technology, one-touch up/down function for all windows, wireless Apple CarPlay and Android Auto and an 8-speaker sound system. The VF6 gets a slightly larger 12.9-inch infotainment screen, an 8-way power-adjustable driver’s seat and dual-zone climate control.

The Syros EV, meanwhile, stands out with a 12.3-inch digital driver’s display, a 5-inch climate control display, an openable panoramic sunroof, rear sunshades, rear seat base ventilation, and sliding and reclining rear seats. It also gets USB Type-C ports throughout the cabin, while the VF6 has Type-A ports at the front and rear, and only a single 90W Type-C port for rear passengers. Additionally, the Syros EV features a premium Harman Kardon sound system and more comprehensive ambient lighting (dashboard, doors and footwell area), whereas the VF6 offers just footwell lighting.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Driving features

 

Syros EV

VF6

Drive modes

Eco, Normal, Sport

Eco, Normal, Sport

Household-style interior 3-pin socket

Yes

No

Regen braking

Yes

Yes

Paddleshifters for regen

Yes

No

Adaptive cruise control

Yes

Yes

Differences here are less, save for the Syros EV’s household-style 3-pin power socket to power certain electrical devices, along with steering-mounted paddle shifters to adjust the level of regenerative braking. Regen levels can be adjusted via the touchscreen on the VF6, but an internal V2L charging socket is absent here. Drive modes and adaptive cruise control are offered by both models.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Safety features

 

Syros EV

VF6

Bharat NCAP rating

Yet to be tested

5 stars

Airbags

6

7

ABS with EBD

Yes

Yes

Electronic stability program

Yes

Yes

Hill-start assist

Yes

Yes

Tyre pressure monitoring system

Yes

Yes

360-degree camera

Yes

Yes

Front parking sensors

Yes

Yes

Electronic parking brake

Yes

Yes

Rain-sensing wipers

No

Yes

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

Isofix child seat anchors

Yes

Yes

Rear wiper, defogger

Yes

Yes

Disc brakes

Front, rear

Front, rear

Level 2 ADAS

Yes

Yes

Again, not much separates the them when it comes to safety kit. Both offer ABS with EBD, electronic stability control, hill-start assist, TPMS, a 360-degree camera, front parking sensors, an electronic parking brake, an auto-dimming IRVM, ISOFIX child seat anchors, front and rear disc brakes, and Level 2 ADAS. 

The VF6, however, gets seven airbags, one more than the Syros EV’s six, along with rain-sensing wipers. It has also secured a full 5-star Bharat NCAP safety rating. The Syros EV’s Bharat NCAP crash test rating, meanwhile, is yet to be revealed at the time of writing, but it is likely to score a 5-star rating like its ICE counterpart.

Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Prices and verdict

 

Syros EV

VF6

Price (in Rs lakh)

20

19.99

There’s no doubt that both the Kia Syros EV and Vinfast VF6 are feature-rich electric SUVs. However, despite being positioned a segment below the VF6, the Syros EV makes a strong case for itself with its overall package. It offers several features aimed at pampering the rear seat passengers, including sliding and reclining seats with ventilation (seat base only), sunshades and an openable panoramic sunroof. While it has a smaller footprint than the VF6, we found in our review that the Syros EV still offers a spacious cabin, helped by its boxy design and good interior packaging.

The Syros EV also has an advantage when it comes to claimed driving range. Despite using a smaller battery pack, it offers a higher single charge range, an important factor for most EV buyers. While both SUVs are priced very close to each other at the top-end, the Syros EV is clearly on the expensive side for its segment. However, the overall package goes a long way towards justifying its price. Buyers can also reduce the upfront cost by quite a lot by opting for the battery as a service (BaaS) scheme with the electric Syros, though this option is not available with the VF6.

Another advantage for the Syros EV is Kia’s wider sales and service network across the country, along with its stronger brand recognition among buyers. Vinfast, on the other hand, is still new to the market, with a relatively limited sales and service network. This could also play an important role in the overall ownership experience.

Risks of MTF: ₹12000 करोड़ की सीख, दक्षिण कोरिया में हाहाकार के पांच सबक

Risks of MTF: मान लीजिए कि स्टॉक मार्केट में MTF (मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी) चुनने वाले हर 30 में से एक को एक ही हफ्ते में मैसेज आए, ‘मार्जिन काल, फंड डालिए, नहीं तो हम बेच देंगे’, तो क्या होगा, हड़कंप मच जाएगा न। वैसे यह कल्पना नहीं रह गई और पिछले महीने जुलाई में दक्षिण कोरिया में ऐसा ही हुआ। अब सवाल ये है कि क्या भारत में भी ऐसा कुछ हो सकता है। सैमको सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी का मानना है कि रिस्क तो बढ़ा है। उनका कहना है कि एनालिसिस में गलती हुई तो मार्केट माफ कर सकता है लेकिन अत्यधिक लेवरेज की गलती शायद माफ न हो। उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया के निवेशकों ने यह सबक सीखने के लिए सिर्फ चार हफ्ते में करीब ₹12,000 करोड़ गंवा दिए और भारतीय निवेशकों के पास अभी भी यह मौका है कि वे बिना नुकसान उठाए इस अनुभव से सीख लें।

क्या है मामला

शुरुआत में सब शानदार चल रहा था। चिप से जुड़े स्टॉक में तेजी के चलते दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स उछलकर जून में रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। साथ ही कोरिया का एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी का लोन बुक रिकॉर्ड 38.6 ट्रिलियन वान (KRW) यानी ₹2.56 लाख करोड़ पर पहुंच गया जोकि एक साल में करीब डबल हो गया। खास बात ये है कि इस उधार लिए गए पैसे का बड़ा हिस्सा सिर्फ दो शेयरों, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हाइनिक्स (SK Hynix), में लगाया गया था जिनका कोस्पी इंडेक्स में आधे से अधिक हिस्सा है।

फिर बाजार ने गोता लगाया और गिरावट इतनी तेज रही कि कोस्पी जून महीने के रिकॉर्ड हाई से करीब 40% टूट गया। इसके बाद करीब 12 लाख रिटेल अकाउंट्स को मार्जिन कॉल मिले और इनमें से 3.20 लाख-3.60 लाख निवेशकों के शेयर जबरन बेच दिए गए। जबरन बिकवाली से शेयरों की कीमतें और नीचे आईं, जिससे और अधिक निवेशकों को मार्जिन कॉल मिले। इससे खुदरा निवेशकों को करीब 2.15 ट्रिलियन वान (KRW) यानी करीब ₹12 हजार करोड़ की दौलत सिर्फ एक महीने में खत्म हो गई। सबसे अधिक नुकसान 20 से 30 साल की उम्र के निवेशकों को हुआ, जिनकी हिस्सेदारी इस पूरे नुकसान में 62% रही।

भारत के लिए क्या है चेतावनी

भारतीय मार्केट में एमटीएफ बुक FY23 में लगभग ₹25,000 करोड़ से बढ़कर अब ₹1.44 लाख करोड़ से अधिक हो गया है यानी तीन साल में लगभग छह गुना बढ़ोतरी। इस पर सेबी की नजर तो है और सेबी ने एमटीएफ पर एक्सपोजर लिमिट और रिस्क से जुड़े नियम का प्रस्ताव पेश किया है, जिन्होंने हमें कोरिया जैसी बुरी स्थितियों से पहले ही बचा लिया है। हालांकि ध्यान दें कि रेगुलेशन सिर्फ नियम बनाता है, सही फैसला लेने की समझ नहीं देता और वह जिम्मेदारी निवेशकों की खुद की है। यहां ऐसे ही कुछ रिस्क के बारे में बताया जा रहा है, जिन पर ध्यान देना चाहिए-

कम लिक्विडिटी वाले शेयरों के लिए भी लेवरेज: ब्रोकर करीब 1,500 शेयरों पर एमटीएफ की फैसिलिटी दे रहे हैं। फिलहाल इंडस्ट्री के एमटीएफ बुक का एक बड़ा हिस्सा एफएंडओ सेगमेंट से बाहर के ऐसे स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में है जो लगातार लोअर सर्किट में जा सकते हैं, जिससे अचानक मुश्किल आने पर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता। कोरिया के निवेशकों के शेयर कम से कम किसी कीमत पर तो बिके थे, लोअर सर्किट पर तो शेयर बिकेगा भी नहीं।

नया सिस्टम: एटीएफ का चलन सिर्फ 3-4 साल में तेजी से बढ़ा है। कोरोना महामारी के बाद अभी यहां कोस्पी जैसी स्थिति आई नहीं है जिसका मतलब है कि ₹1.44 लाख करोड़ के लेवरेज ने असली आंधी का सामना नहीं किया है।

युवाओं की अधिक संख्या: एटीएफ का इस्तेमाल कोरियाई मार्केट की तरह अधिकतर युवा ही कर रहे हैं जिन्होंने अधिकतर सिर्फ चढ़ता हुआ मार्केट ही देखा है।

पांच बातों का रखें ख्याल

लेवरेज लोन है, स्ट्रैटेजी नहीं: शेयर परफॉर्म करे या नहीं, सालाना 10-15% की दर से ब्याज देना पड़ता है। 50% मार्जिन पर खरीदे गए स्टॉक से फंडिंग कॉस्ट निकालने के लिए ही सालाना 5% से ज़्यादा रिटर्न मिलना ज़रूरी है। उधार के पैसे से कोई खराब निवेश नहीं बन जाता, बल्कि और खराब हो जाता है।

कुछ ही स्टॉक्स में न लें लवरेज: दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी गलती केवल लीवरेज लेना नहीं था, बल्कि सिर्फ दो शेयरों में भारी निवेश करना था। अगर आपके भी एमटीएफ वाले अधिकतर निवेश सिर्फ दो-तीन स्टॉक्स में हैं, जिनमें बाकी लोग भी पैसे डाल रहे हैं तो गिरावट आने पर सभी लोग एक साथ बेचने की कोशिश करेंगे और ऐसी स्थिति में नुकसान अधिक तेजी से बढ़ सकता है।

मार्जिन कॉल आ सकती है खराब समय में: अच्छी कंपनी में भी एमटीएफ निवेश से घाटा हो सकता है। इसकी वजह ये है कि मार्जिन कॉल हमेशा सबसे खराब समय में आती है। लोअर सर्किट में ब्रोकर को भी खरीदार नहीं मिलेगा और मार्केट अगर अनुमान से अधिक समय तक नीचे आया और गिरवी रखा पैसा यानी कोलैटरल उतने समय के लिए पर्याप्त न हो तो दिक्कत हो सकती है।

अधिकतम मुनाफा नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने की योजना: हर मार्केट में कभी न कभी 25% से 30% की गिरावट आती ही है। दक्षिण कोरिया में यह गिरावट सिर्फ चार सप्ताह में आ गई। ऐसे में एमटीएफ का इस्तेमाल से पहले खुद से एक प्रश्न पूछे कि क्या अगर अगले महीने मेरा शेयर 30% गिर जाए, तो क्या मैं बिना किसी अन्य निवेश को बेचे इस स्थिति से निकल सकता हूं? अगर इसका जवाब ना में है तो आपका निवेश बहुत बड़ा है।

खुद से जरूर पूछें एक सवाल: अगर आप किसी शेयर को बिना उधार लिए हुए पैसे के साथ लॉन्ग टर्म तक नहीं रख सकते, तो इसे उधार लेकर भी नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि लेवरेज सिर्फ उस भरोसे को बढ़ाना चाहिए जो आपके पास पहले से है। यह उस भरोसे की जगह नहीं ले सकता जो आपके पास है ही नहीं।

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Friendship Day Special: फ्रेंडशिप डे के मौके पर, जब हमारे करीबी दोस्त हमसे सैकड़ों मील दूर हों, तो हमें दोस्ती पर बनी कुछ खूबसूरत, गहरी और जिंदगी बदलने वाली फिल्में देखनी चाहिए। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, दोस्ती बनाए रखने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन आपको यह भी एहसास होता है कि अपनी जिंदगी के खास लोगों के संपर्क में रहना कितना जरूरी है। हाल की रिसर्च से पता चलता है कि करीबी दोस्त होने से तनाव कम होता है, आप सतर्क रहते हैं और ज्यादा समय तक जी रहे होते हैं।

शोले

शोले 1975 की एक शानदार बॉलीवुड फ़िल्म है। इस फ़िल्म की कामयाबी के पीछे कई वजहें थीं, जिनमें सबसे अहम थी इसकी बेहतरीन कास्ट, शैतान वीरू के रोल में धर्मेंद्र, हाजिर-जवाब जय के रोल में अमिताभ बच्चन, बदला लेने वाले ठाकुर बलदेव सिंह के रोल में संजीव कुमार, बातूनी बसंती के रोल में हेमा मालिनी, शांत विधवा राधा के रोल में जया भादुरी और कुख्यात गब्बर सिंह के रोल में अमजद खान।

मुन्ना भाई MBBS

‘मुन्ना भाई MBBS’ एक गैंगस्टर की कॉमेडी फ़िल्म है जो डॉक्टर बनना चाहता है। इस फ़िल्म में कॉमेडी और गंभीर, दोनों तरह के हिस्से हैं। यह एक मज़ेदार फ़िल्म है जिसमें मुन्ना भाई और सर्किट जैसे जाने-माने और पसंद किए जाने वाले किरदार हैं। ‘मुन्ना भाई MBBS’ असल में अपनी तरह की एक अलग फिल्म है। इसकी एक्टिंग और ह्यूमर इसे देखने लायक बनाते हैं, क्योंकि ज़्यादातर ड्रामैटिक सीन थोड़े ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए हैं। जहाँ फ़िल्म के मज़ेदार हिस्सों के डायलॉग स्मार्ट और एंटरटेनिंग हैं, वहीं दुखद दृश्यों में डायलॉग बहुत खराब हैं।

सोनू के टिटू की स्वीटी

लव रंजन की फिल्मों को लैंगिक भेदभाव वाले कथानकों के लिए जाना जाता है, और सोनू के टिटू की स्वीटी भी इसका अपवाद नहीं है, बस फर्क इतना है कि इसमें दोस्ती बनाम रोमांस को मुख्य विषय बनाया गया है। सोनू के टिटू की स्वीटी दो पक्के दोस्तों, टिटू (सनी सिंह) और सोनू (कार्तिक आर्यन) की कहानी है, जो लगातार टिटू को गलत महिलाओं के चक्कर में पड़ने से बचाते रहते हैं। स्वीटी (नुसरत भरूचा) टिटू की जिंदगी में आती है और उसका प्यार टिटू की दुनिया को हिला देता है। हालांकि, सोनू को स्वीटी के साथ कुछ गड़बड़ होने का शक होता है और वह टिटू को दोबारा गलत हाथों में पड़ने से बचाने के लिए हर संभव कोशिश करता है।

वीरे दी वेडिंग

सिर्फ़ महिलाओं पर आधारित फ़िल्में बनाने के पारंपरिक तरीके से हटकर, ‘वीरे दी वेडिंग’ ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी। ‘वीरे दी वेडिंग’ पारंपरिक महिला-केंद्रित सिनेमा से हटकर एक ‘असंस्कारी’ फ़िल्म है। इस फ़िल्म में अभिनेत्रियों के बीच गहरे और अटूट रिश्ते को दिखाया गया है। ‘वीरे दी वेडिंग’ भले ही हल्की-फुल्की फ़िल्म है, लेकिन इसकी कहानी के अलग-अलग पहलू इतनी खूबसूरती से बुने गए हैं कि वे बनावटी लगते हैं।

ये जवानी है दीवानी

यह हमारी नीरस जिंदगी में रंग भर देती है। सिनेमैटोग्राफी से लेकर संगीत, लेखन और कलाकारों तक, यह फिल्म दोस्ती का एक प्यारा उत्सव है। यह बॉलीवुड की अब तक की सबसे बेहतरीन दोस्ती पर आधारित फिल्मों में से एक है। यह वीडियो प्यार, विश्वास, क्षमा और मस्ती जैसे दोस्ती के आदर्शों को दर्शाता है।

दिल चाहता है

‘दिल चाहता है’ ताज़ी हवा में गहरी सांस लेने जैसा अनुभव देती है। यह दिखाती है कि किसी बिज़नेस में युवाओं को शामिल करना हमेशा एक अच्छी बात होती है। ‘दिल चाहता है’ बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है। यह उन फ़िल्मों में से है जिन्हें पसंद न कर पाना मुश्किल है, खासकर इसलिए क्योंकि यह दिखाती है कि भारतीय सिनेमा के माध्यम का इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए। फ़िल्म में बस कहीं भी गाना डाल देने के बजाय, निर्देशकों ने हर गाने को ऐसा बनाया है जो ज़रूरी लगे, देखने में दिलचस्प हो और कभी भी उबाऊ न लगे।

फुकरे

यह फ़िल्म आपको आपके कॉलेज के दिनों की याद दिला देगी। यह कहानी है चार ऐसे दोस्तों की जो जल्दी अमीर बनना चाहते हैं और अपने कॉलेज के दिनों का मज़ा लेना चाहते हैं। कॉलेज की लड़कियाँ और प्रॉम नाइट से लेकर इन लड़कों की हरकतों से सब कुछ गड़बड़ हो जाने तक, इस फ़िल्म में सब कुछ है।

छिछोरे

‘छिछोरे’ भावनाओं का एक उतार-चढ़ाव भरा सफ़र है, जो कॉलेज के दिनों की दोस्ती, प्यार, रैगिंग, बहस, मुक़ाबलों और अनगिनत यादों को सम्मान देता है। यह एक दिलचस्प कहानी के ज़रिए ज़रूरी संदेश देने वाली एक प्रासंगिक फ़िल्म है। ‘दंगल’ फ़िल्म के लिए मशहूर नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ‘छिछोरे’ एक ऐसी फ़िल्म है जिसमें बहुत कुछ है और यह बहुत मज़ेदार भी है; यह लंबे समय तक आपके ज़हन में बसी रहती है।

3 इडियट्स

राजकुमार हिरानी ने हमेशा किसी खास विषय पर बात की है और/या समाज की कमज़ोर मान्यताओं और नैतिकताओं पर खुलकर कटाक्ष किया है। यह वीडियो उस आम सोच पर आधारित है कि अगर आप साइंस के स्टूडेंट के तौर पर सफल होना चाहते हैं, तो आपको मेडिकल साइंस या इंजीनियरिंग में ही पढ़ाई करनी चाहिए। रैंचो, राजू और फरहान का सफ़र दर्दनाक और मज़ेदार दोनों है, और हमारा मन इससे कभी नहीं भरता। उनकी दोस्ती का सादगी भरा अंदाज़ हमारे दिलों को छू लेता है और हमें अपने कॉलेज के दोस्तों और उस एक अनोखे दोस्त की याद दिलाता है, जो हमेशा लीक से हटकर सोचने की हिम्मत रखता था।

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा

कल्की से शादी से पहले अभय देओल की बैचलर पार्टी के हिस्से के रूप में, तीन दोस्तों (ऋतिक, अभय देओल और फरहान अख्तर) का एक समूह स्पेन की रोड ट्रिप पर निकलता है। ऋतिक और फरहान दोनों ही निजी समस्याओं से जूझ रहे हैं। एक शानदार लेखक की बदौलत इस साधारण सी कहानी को बेहतरीन ढंग से फिल्माया गया है। कलाकारों का अभिनय लाजवाब है। फिल्म में दीप्ति नवल और नसीरुद्दीन शाह भी हैं।

शादी और प्यार फिल्म के प्रमुख विषयों में से हैं। इसके बावजूद, बेहतरीन कॉमेडी आपको हर पल मनोरंजन देती है। हमें लगता है कि यह शानदार लेखन का प्रमाण है। दोस्ती के इस दिन, ला टोमाटीना उत्सव, स्पेन के समुद्र तट और कैटरीना कैफ, सभी देखने लायक हैं।

कुछ कुछ होता है

शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की ये फिल्म आज भी लोगों की पसंदीदा बनी हुई है। फिल्में फ्रेंडशिप डे सेलिब्रेशन काफी खूबसूरती से दिखाया गया है। वहीं फिल्म का डायलॉग प्यार दोस्ती है…आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, Bajaj Finance को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर ₹2,51,228.75 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। इस बीच बजाज फाइनेंस लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में वृद्धि हुई। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत घट गई।

बीते सप्ताह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹80,345.97 करोड़ बढ़कर ₹7,10,817.51 करोड़ हो गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप ₹44,959.50 करोड़ बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप ₹40,414.03 करोड़ बढ़कर ₹8,55,894.78 करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज का ₹39,447.35 करोड़ बढ़कर 17,69,108.79 करोड़, लार्सन एंड टुब्रो का ₹21,096.80 करोड़ बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप ₹10,845.97 करोड़ बढ़कर ₹9,47,799.81 करोड़ हो गया।

HDFC Bank के मार्केट कैप में ₹8,164.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹11,52,150.63 करोड़ हो गया। LIC का मार्केट कैप ₹4,427.49 करोड़ बढ़कर ₹5,37,435.05 करोड़ और ICICI Bank का ₹1,660.37 करोड़ बढ़कर ₹10,29,878.30 करोड़ हो गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना नुकसान

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का मार्केट कैप ₹10,326.46 करोड़ घटकर ₹4,93,602.13 करोड़ पर आ गया। मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

JOJO Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटने वाला है शेयर, 7 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 5 साल में 9000% चढ़ी कीमत

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

JOJO Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटने वाला है शेयर, 7 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 5 साल में 9000% चढ़ी कीमत

JOJO Ltd का स्टॉक स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

JOJO Ltd का पुराना नाम मधुवीर कॉम l8 नेटवर्क लिमिटेड था। यह गुजरात की एंटरटेनमेंट और मीडिया कंपनी है। इसका एक गुजराती OTT स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, यह फिल्में बनाती है, साथ ही लाइव इवेंट्स भी आयोजित करती है। कंपनी फार्मा ट्रेडिंग के बिजनेस में भी है। जोजो के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ध्रुविन शाह हैं। कंपनी के 70 लाख से ज्यादा ग्लोबल गुजराती यूजर हैं।

जोजो के कंटेंट में फिल्में, शोज, वेब सीरीज, माइक्रो ड्रामा; बच्चों के लिए एनिमेटेड, एजुकेशन कंटेंट आदि शामिल है। इसके कुछ गेम्स भी हैं। कंपनी की ​सब्सिडियरीज में जोजो स्टूडियोज, जोजो ग्लोबल इंक और प्रीमियर एड्स वर्ल्ड शामिल हैं।

JOJO का शेयर 5 साल में 9000 प्रतिशत मजबूत

जोजो लिमिटेड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 247 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 629 करोड़ रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 67.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक महीने में 17 प्रतिशत और एक साल में लगभग 30 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में शेयर 700 प्रतिशत और 5 साल में 9000 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 295 रुपये और एडजस्टेड लो 138.50 रुपये है।

Nifty के 24600 की रुकावट पार करने पर तय होगी आगे की दिशा, नए हफ्ते में इन शेयरों पर दांव से हो सकती है अच्छी कमाई

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 12.27 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1.16 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2026 के दौरान जोजो लिमि​टेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 22.53 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 5.89 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook: मिडकैप और स्मॉलकैप ने तोड़ा दो हफ्ते की गिरावट का सिलसिला, Nifty के लिए ये है सपोर्ट-रेजिस्टेंस

Market Outlook: दो हफ्ते से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 पिछले कारोबारी हफ्ते 2-2% से अधिक मजबूत हुए। इसे कंपनियों की जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, बेहतर मॉनसून, आईआईपी के उम्मीद से बेहतर आंकड़े और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली से अधिक खरीदारी से सपोर्ट मिला। पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,034.87 प्वाइंट्स यानी 2.67% मजबूत होकर 78,094.64 तो निफ्टी 616.15 प्वाइंट्स यानी 2.59% चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ है।

पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2% से अधिक चढ़कर अपने 63,183.35 के रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गया। इस पर कोफोर्ज, लौरस लैब्स, स्विगी, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) और अशोक लेलैंड टॉप गेनर्स रहे और पिछले हफ्ते इनमें 10% से अधिक की तेजी आई। वहीं दूसरी तरफ सुजलॉन एनर्जी, फीनिक्स मिल्स, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस टॉप लूजर्स रहे।

पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 2.6% बढ़कर अपने 52-हफ्ते के हाई 19,470.50 के करीब पहुंच गया। रेडिंगटन, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, एफ्ल 3i, आईआईएफएल फाइनेंस, केफिन टेक्नोलॉजीज और आईएफसीआई के शेयरों में 24% तक की तेजी आई, जबकि नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, डेटा पैटर्न्स (इंडिया), ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी और सिटी यूनियन बैंक टॉप लूजर्स रहे।

सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सबसे मजबूत निफ्टी आईटी हुई जिसमें 6.75% की तेजी आई। वहीं इस दौरान निफ्टी मीडिया 5.97%, निफ्टी ऑटो 5.61%, निफ्टी फार्मा 3.86%, निफ्टी हेल्थकेयर 3.20% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.89% मजबूत हुआ। वहीं निफ्टी डिफेंस और निफ्टी एनर्जी रेड जोन में बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी हफ्ते ₹5,949.96 करोड़ के नेट शेयर खरीदकर लगातार दो हफ्तों से जारी बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी ₹5,387.66 करोड़ का निवेश किया। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया।

किस तरफ बढ़ रहा मार्केट

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक शेयर मार्केट में तेजी का रुख बने रहने की उम्मीद है क्योंकि घरेलू मैक्रो-इकनॉमिक हालत बेहतर है और जून तिमाही के मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। अगले कारोबारी हफ्ते मार्केट की नजर आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान, देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई डेटा के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिमी एशिया में जियो-पॉलिटिकल टेंशन पर रहेगी। सिद्धार्थ के मुताबिक जून तिमाही का अर्निंग्स सीजन अलग-अलग शेयरों में हलचल बनाए रखेगा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्र का कहना है कि तकनीकी रूप से निफ्टी ने 24,370 के आस-पास 200-दिनों के EMA की अहम रुकावट को पार करके अपने बुलिश स्ट्रक्चर को और मजबूत किया है। अजीत के मुताबिक अब यह 24,600 के लेवल की तरफ बढ़ने की अच्छी स्थिति में दिख रहा है, जो पिछले स्विंग हाई के बराबर है। अजीत के मुताबिक अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर मजबूत स्थिति में ब्रेकआउट करता है, तो 24,800-25,000 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। वहीं नीचे की तरफ 24,270 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,150-24,050 का लेवल मुख्य सपोर्ट जोन है। अजीत का कहना है कि इस सपोर्ट के ऊपर हर गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा सकता है। उनका ऑटो और फार्मा सेक्टर पर भरोसा बना हुआ है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी फिलहाल 24350-24400 के लेवल के आसपास अहम रेजिस्टेंस जोन पर है जोकि 8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप, 17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-दिनों का EMA है। ऐसे में बड़ा ब्रेकआउट दिखाने से पहले रेजिस्टेंस के आसपास निफ्टी में कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। नागराज का कहना है कि निफ्टी अगर 24400 के ऊपर टिकता है, तो जल्द ही यह 24600-24700 के लेवल तक जा सकता है। इसे 24200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है।

FPI Buying in India: विदेशी निवेशकों ने ₹20199 करोड़ डाले भारतीय शेयरों में, 66% तो आया खास रूट से, वजह भी स्पेशल

Voda Idea को मिला ₹26.8 करोड़ का नोटिस, अब 3 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

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