DRDO Apprentice Recruitment 2026: अप्रेंटिस भर्ती के लिए डीआरडीओ में आवेदन शुरू, जानें अप्लाई करने की लास्ट डेट और स्टाइपेंड की डिटेल

DRDO Apprentice Recruitment 2026: रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में काम करने वाली डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL) ने आईटीआई, डिप्लोमा और ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 21 अगस्त, 2026 तक बताए गए फॉर्मेट में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण रक्षा मंत्रालय के तहत सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL), तिमारपुर, दिल्ली में आयोजित की जाएगी। ट्रेनिंग का समय 12 महीने का होगा, और चुने गए उम्मीदवारों को लागू नियमों के अनुसार स्टाइपेंड मिलेगा।

डीआरडीओ अप्रेंटिस भर्ती 2026: पदों का विवरण

डीआरडीओ अप्रेंटिस भर्ती अभियान के तहत आईटीटाई अप्रेंटिस, डिप्लोमा अप्रेंटिस और ग्रेजुएट अप्रेंटिस की तीन श्रेणियों में उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसमें शामिल हैं

आईटीआई अप्रेंटिस – पदों की संख्या अलग-अलग ट्रेड के अनुसार तय की जाएगी।

डिप्लोमा अप्रेंटिस – 41 वैकेंसी

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : विभिन्न विषयों में भर्ती की जाएगी।

डीआरडीओ ने स्पष्ट किया है कि लैबोरेटरी की जरूरतों के आधार पर अप्रेंटिसशिप पोजीशन की संख्या बदल सकती है।

शैक्षिक योग्यता

आईटीआई अप्रेंटिस : कैंडिडेट्स ने कक्षा 10 पास की हो और नीचे दिए गए किसी भी ट्रेड में आईटीआई में फर्स्ट डिवीजन हासिल की हो :

  • फिटर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक
  • इलेक्ट्रीशियन
  • कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA)
  • मशीनिस्ट
  • कारपेंटर

डिप्लोमा अप्रेंटिस : कैंडिडेट्स के पास इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन या कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन डिप्लोमा होना चाहिए, साथ ही क्लास 10 फर्स्ट डिवीज़न में होनी चाहिए।

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : एप्लिकेंट्स के पास नीचे दिए गए किसी भी ट्रेड में फर्स्ट डिवीजन होनी चाहिए:

  • फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स या कंप्यूटर साइंस में बीएससी
  • बीए या बीकॉम
  • किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूशन से इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, वीएलएसआई या केमिकल इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक

योग्यता मानदंड

जिन कैंडिडेट्स ने 2022, 2023, 2024, 2025 या 2026 में अपनी क्वालिफाइंग डिग्री या डिप्लोमा पूरा किया है, वे आवेदन करने के लिए योग्य हैं। 2022 से पहले पास हुए उम्मीदवार आवेदन न करें। सिर्फ वे कैंडिडेट ही अप्लाई कर सकते हैं जिन्होंने रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर अपना क्वालिफाइंग कोर्स पूरा किया है।

डिप्लोमा और ग्रेजुएट अप्रेंटिस एप्लीकेंट को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा, जबकि ITI कैंडिडेट को अप्लाई करने से पहले अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। SC, ST, OBC, PwD, और EWS कैंडिडेट्स के लिए रिजर्वेशन अप्रेंटिस एक्ट, 1961, अप्रेंटिसशिप रूल्स, 1992, और अप्रेंटिसशिप (अमेंडमेंट) रूल्स, 2015 के प्रोविज़न के अनुसार दिया जाएगा।

अप्लाई कैसे करें

कैंडिडेट्स को सही तरीके से भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी के साथ पोस्ट से इस पते पर भेजना होगा:

डायरेक्टर, SSPL

कृपया ध्यान दें: HRD

सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL)

डीआरडीओ, लखनऊ रोड, तिमारपुर, दिल्ली – 110054

एप्लीकेशन 21 अगस्त, 2026 को या उससे पहले लेबोरेटरी में पहुंच जाना चाहिए।

जरूरी बातें

  • अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग 12 महीने की होगी।
  • ऑफर लेटर सहित सभी कम्युनिकेशन सिर्फ ईमेल से भेजे जाएंगे।

चुने हुए कैंडिडेट्स को जॉइनिंग के बाद पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जमा करना होगा। अप्रेंटिसशिप पूरी होने से डीआरडीओ या एसएसपीएल में नौकरी की गारंटी नहीं मिलती। एसएसपीएल के पास बिना कोई कारण बताए अप्रेंटिसशिप की पोस्ट की संख्या बढ़ाने या घटाने या रिक्रूटमेंट प्रोसेस को कैंसिल करने का अधिकार है।

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Kamika Ekadashi 2026 Date: द्विपुष्कर योग में मनाई जाएगी सावन की पहली एकादशी, जानें तारीख, विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

Kamika Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग माना जाता है। हिंदू कैलेंडर हर माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। कामिका एकादशी व्रत भी इनमें से एक है। कामिका एकादशी का व्रत सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल कामिका एकादशी व्रत में द्विपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। माना जाता है कि इस योग में श्रद्धापूर्वक श्रीहरि की पूजा करने से दोगुने पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन, चातुर्मास का पहला महीना होने के कारण इसमें भगवान विष्णु की आराधना और तुलसी दल अर्पित करने का विशेष फल प्राप्त होता है।

कामिका एकादशी 2026 तारीख

सावन कृष्ण पक्ष एकादशी की तारीख 8 अगस्त 2026, दोपहर 01:59 बजे से लग रही है। इस तिथि का समापन 9 अगस्त 2026, सुबह 11:04 बजे। उदयातिथि के आधार पर कामिका एकादशी का व्रत रविवार, 9 अगस्त 2026 को किया जाएगा।

कामिका एकादशी 2026 मुहूर्त

कामिका एकादशी के दिन पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 07:27 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 04:22 बजे से लेकर प्रात:काल 05:04 बजे तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक है। उस दिन शुभ-उत्तम मुहूर्त दोपहर 02:06 बजे से लेकर दोपहर 03:46 बजे तक है।

द्विपुष्कर योग में कामिका एकादशी व्रत

इस साल कामिका एकादशी के दिन द्विपुष्कर योग दिन में 11 बजकर 04 मिनट पर बनेगा और यह दोपहर में 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। द्विपुष्कर योग में आप जो भी दान, पुण्य, पूजा, पाठ आदि कर्म करते हैं, उसका दोगुना फल प्राप्त होता है।

इसके अलावा उस दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर 10 अगस्त को मध्यरात्रि 2:04 बजे तक रहेगा, उसके बाद वज्र योग होगा। व्रत के दिन मृगशिरा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 02 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से आर्द्रा नक्षत्र है।

कामिका एकादशी व्रत पारण समय

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है।

पारण की तारीख : सोमवार, 10 अगस्त 2026

पारण का शुभ समय : सुबह 05:47 बजे से सुबह 08:00 बजे तक

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Honda XR300 L, XR300 Rally Launch Likely in November 2026

Honda XR300L at the unveil event

Honda has been steadily expanding its premium motorcycle portfolio in India and recently unveiled multiple new models across different segments. The brand is expected to launch the XR300 L and XR300 Rally in the Indian market in November 2026, marking the brand’s entry into the entry-level dual-sport and adventure motorcycle segment.

  1. Honda XR300 L and XR300 Rally are expected to launch in India in November 2026.
  2. XR300 L expected price: Rs 2.00 lakh and Rs 2.10 lakh (ex-showroom).
  3. XR300 Rally expected price: Rs 2.20 lakh to Rs 2.30 lakh (ex-showroom).
  4. Both bikes use the same 293.5cc engine.

The Honda XR300 L is expected to be priced between Rs 2.00 lakh and Rs 2.10 lakh (ex-showroom), while the more adventure-focused XR300 Rally could carry an expected price tag of Rs 2.20 lakh to Rs 2.30 lakh (ex-showroom).

While Honda has not officially confirmed the launch timeline or pricing, the two motorcycles are expected to cater to riders looking for capable yet accessible machines. The XR300 L gets a more traditional dual-sport setup, whereas the XR300 Rally features rally-inspired styling, a larger windscreen and Honda RoadSync smartphone connectivity.

The shared 293.5cc engine in these bikes indicates that both motorcycles are likely underpinned by the CB300F platform. Although Honda has not disclosed performance figures, the engine is expected to deliver approximately 24.5hp and 25.9Nm, in line with the CB300F.

Key features include long-travel suspension, a gas-charged Pro-Link rear monoshock, switchable dual-channel ABS and Honda Selectable Torque Control (HSTC). With their expected pricing, the two motorcycles could make a big impact on the adventure and dual sport motorcycle segments.

More details and specifications can be expected closer to the anticipated launch later this year.

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में हर मूलांक के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ सकता है। कुछ लोगों को धन लाभ मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ को खर्चों और निवेश के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक होने वाले खर्च आपकी वित्तीय योजना को प्रभावित कर सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोग किसी बड़े सौदे में जल्दबाजी न करें। दिन के दूसरे हिस्से में रुका हुआ पैसा मिलने या पुराना कर्ज खत्म होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल नया निवेश या कर्ज लेने से बचें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ माना जा रहा है। पहले किए गए निवेश या मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, बोनस या अच्छी खबर मिल सकती है। घर में किसी बड़ी खरीदारी की योजना बन सकती है। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में फायदा देगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आय और खर्च दोनों बने रहेंगे। जहां एक तरफ धन मिलने के योग हैं, वहीं अनावश्यक खर्च भी बढ़ सकते हैं। पुराने उधार को लेकर दबाव महसूस हो सकता है। व्यापारियों को साझेदारी से जुड़े फैसले कुछ समय के लिए टालने चाहिए। घरेलू खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। निवेश करने की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है, खासकर सोना, बीमा या लंबी अवधि की योजनाओं के लिए। आय और खर्च के बीच संतुलन बना रहेगा और अचानक लाभ मिलने की भी संभावना है।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। कोई नया सौदा भविष्य में लाभ दिला सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और पुराने ग्राहक से दोबारा काम मिलने की संभावना है। हालांकि भावनाओं में आकर ज्यादा खर्च न करें और निवेश से पहले सलाह जरूर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज कुछ अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे चिंता बढ़ सकती है। जरूरत पड़ने पर किसी करीबी से आर्थिक मदद लेनी पड़ सकती है। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह जांच करें। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाए रखें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन संतुलित रहेगा। सुबह काम धीमी गति से शुरू हो सकता है, लेकिन बाद में स्थिति बेहतर होगी। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज पुराने लेन-देन और कर्ज के मामलों में सावधानी रखें। यदि किसी का पैसा लौटाना है तो दबाव बढ़ सकता है। जोखिम वाले निवेश से बचना बेहतर रहेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए आय बढ़ाने के नए मौके बन सकते हैं, लेकिन उनका फायदा मिलने में समय लगेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से दिन शुभ रहेगा। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन बढ़ने की खुशखबरी मिल सकती है। परिवार के सहयोग से आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Renault Group India CEO Stephane Deblaise on response to Duster and future plans

Renault Group India CEO Stephane Deblaise

Renault Group India CEO Stephane Deblaise took charge of the company in September last year, and since then, the carmaker has been busy expanding and refreshing its India line-up. In this interview, Deblaise talks about the response to the new Renault Duster and the possibility of a more affordable automatic variant, the company’s upcoming product plans, progress on the Bridger compact SUV concept, and how Renault plans to strengthen its position in the Indian market.

On the response to the 1.0-litre Duster

It’s still early, so we don’t know the exact response, but it’s a key part of our phased strategy, which was to first focus on the 160hp DCT that is the high-end version in the ICE car. And then we want to introduce the 100hp, the more ‘regular’ car, which is less expensive. That Rs 10.5 lakh price is very, very good for people who want to enter the B+ SUV segment, and it has very good fuel efficiency. Moreover, the Duster is a very good car, and people are loyal to good cars, so we are expecting the Duster to do well on the whole.

On the slow rate of Duster bookings and deliveries

So, at Renault, we don’t overstate or overpromise. We won’t say we have 60,000 people waiting and, after that, you would discover that we did not do 60,000 deliveries. Some people do that; we don’t. We are very serious and would prefer to focus on one (variant), and then another, and a third, so in this way people keep speaking about it. For the hybrid, we were not ready; that’s why it is coming later, but with the 160hp and 100hp Duster, we wanted to focus first on the high-end and then the lower version. You know, we were in a little bit of a hibernation, and you can’t go from that to summer in one day. I think it’s good to build up step by step. 

On the possibility of a 1.0-litre automatic

I am not saying what gearbox or even the engine, but what I can say is that very soon we will introduce a new, less expensive version with an automatic. It was not planned at the beginning, but since we launched the new Duster, we have been having a lot of queries about this from customers. Plus, if you look at the pricing of all the models and variants we currently have, there is a gap between the manual variants and the first automatic version. 

On the rest of the Renault portfolio

I arrived in India on the 1st of September, and on the 16th of October I went to Paris to validate our India plan, and all the programmes that we decided to pursue were validated. Then, as you know, we communicated this in April this year. The programmes are completely running as per our expectations and on time. On the Renault Group Entry Platform (RGEP), we have made many modifications and carried out re-engineering to bring in new engines, new equipment and other things that you have requested. They are now finally coming. Next year will be a blowout of new products. 

On the brand’s new design centre in India

The India R&D centre is playing a very big role in our local as well as global plans. When I arrived, I was requested to bring together the three entities we had, which were all separate: one dedicated to sales, one to engineering, and one dedicated to manufacturing, which was along with Nissan. Now we have all three together under one leadership – mine – and this helps a lot because communication is easier and quicker, and this is improving our agility and our ability to see and respond to the market much better. This is why we will now deliver exactly what the market needs and is asking for.

On the development of the Bridger concept

This is a very important topic. It’s my project, and I am working very hard on this with our whole team. We have three meetings per week about the project, and in the coming weeks, there is a very important milestone. But I am happy to say that everything is going nicely and is on track, so I am satisfied with our progress. 

Nirmal Purja: कौन थे निर्मल पुर्जा…जिनकी PoK में हुई मौत! 6 महीने में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर रचा था इतिहास

नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें लोग ‘निम्सदाई’ के नाम से भी जानते थे, की पाकिस्तान में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरना) की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी जानकारी उनकी एडवेंचर कंपनी और अन्य लोगों ने इंस्टाग्राम पर साझा की।

शुक्रवार को ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन होने के बाद निर्मल पुर्जा और पांच अन्य पर्वतारोही लापता हो गए थे। इसके बाद लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। इस दुखद हादसे से कुछ घंटे पहले निर्मल पुर्जा ने भारत के पत्रकार विष्णु सोम को एक वॉयस मैसेज भी भेजा था। माना जा रहा है कि यह उनका आखिरी संदेश था।

कंपनी ने पोस्ट कर दी जानकारी 

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की। कंपनी ने कहा कि ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा का निधन हो गया। साथ ही अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी इस हादसे में जीवित नहीं बच सके। कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि यह सभी के लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने केवल निर्मल पुर्जा ही नहीं, बल्कि इस हादसे में जान गंवाने वाले उनके साथी पर्वतारोहियों और गाइड पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेरपा को भी श्रद्धांजलि दी।कंपनी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं सभी मृतकों के परिवार, दोस्तों और करीबियों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस कठिन समय में परिवारों की निजता का सम्मान किया जाए।

ब्रॉड पीक में हुई मौत

ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है। यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है। यह चोटी के2 पर्वत के बेहद करीब है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमस्खलन ब्रॉड पीक के सामान्य वेस्ट रिज मार्ग पर हुआ। उस समय पर्वतारोही करीब 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर मौजूद थे, जहां अचानक बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया।

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है। कंपनी के अनुसार, निर्मल पुर्जा अपने साहस, विनम्र स्वभाव और मजबूत इरादों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने काम और उपलब्धियों से दुनिया भर के लाखों लोगों को बड़े सपने देखने और खुद पर भरोसा रखने की प्रेरणा दी। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा का मानना था कि इंसान अपनी सोच से कहीं ज्यादा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यही सोच उन्होंने अपने जीवन और अभियानों के जरिए लोगों तक पहुंचाई और अनगिनत लोगों को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए प्रेरित किया।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि एलीट एक्सपेड, निम्सदाई फाउंडेशन, स्काईडाइव निम्सदाई और निम्सदाई स्टोर जैसी संस्थाओं को आगे बढ़ाने में उनकी दूरदृष्टि, नेतृत्व और मजबूत संकल्प की सबसे बड़ी भूमिका रही। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा की विरासत हमेशा उन लोगों के जरिए जीवित रहेगी, जिनकी जिंदगी उन्होंने बदली और जिन्हें अपने सपनों को पूरा करने का हौसला दिया।

रचा था ये इतिहास

निर्मल पुर्जा पहले ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा और रॉयल मरीन की स्पेशल बोट सर्विस (एसबीएस) में भी सेवाएं दे चुके थे। सेना से अलग होने के बाद उन्होंने पूरी तरह पर्वतारोहण को अपना करियर बनाया और दुनिया भर में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। साल 2019 में उन्होंने अपने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत केवल 6 महीने और 6 दिन में 8,000 मीटर से ऊंची दुनिया की सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई पूरी कर इतिहास रच दिया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसके बाद साल 2021 में निर्मल पुर्जा उन 10 नेपाली पर्वतारोहियों की टीम का हिस्सा भी रहे, जिसने पहली बार सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के2 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।

CWG 2026 में भारत पर मेडल की बारिश, इंडियन बॉक्सर्स ने मचाया धमाल, जीत लिए पांच गोल्ड मेडल

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत की झोली में कई मेडल आए हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जैस्मिन लैम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल जीता है। वहीं, पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह फाइनल में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आइए जानते हैं भारत ने अबतक कुल कितने मेडल जीत चुके हैं।

भारत ने जीते 5 गोल्ड

महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद विश्व चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात दी। वहीं, 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 60 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड पर कब्जा किया है।

अरुंधति चौधरी का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की चैंटेल रीड पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखा। अंत में निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 का फैसला अरुंधति चौधरी के पक्ष में सुनाया। इस शानदार जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग की चैंपियन बन गईं।

प्रिया घनघस ने जीता गोल्ड

महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन प्रिया ने संयम और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई।

साक्षी ने जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा अंदाज में हराया और उनके लंबे समय से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी रोक दिया। पूरे टूर्नामेंट में साक्षी का प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने अपने सभी मुकाबले शानदार अंदाज में जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुष वर्ग के मुकाबले में जदुमणि सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ। मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अंत में जदुमणि को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

आज इन्हें भी मिला गोल्ड मेडल

साक्षी चौधरी की स्वर्णिम जीत से पहले भी भारत की महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात देकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

अब तक भारत ने जीता है 27 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 33 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 10 गोल्ड, 15 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इन शानदार नतीजों की बदौलत भारत पदक तालिका में 5वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 142 पदकों के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 59 स्वर्ण, 34 रजत और 49 कांस्य पदक जीतकर पहले स्थान पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

योगी सरकार की गो संरक्षण नीति से निकला गो सेवा के साथ रोजगार का नया रास्ता

Yogi Janata darshan

Yogi government cow conservation policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गो संरक्षण नीति ने उत्तर प्रदेश में गो सेवा को रोजगार और उद्यमिता के नए मॉडल में बदल दिया है। यह व्यवस्था अब स्वरोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों के कारोबार का मजबूत आधार बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से बड़े उद्यमी, इंजीनियर, सामाजिक संस्थाएं व अन्य लोग भी गो संरक्षण के क्षेत्र में उतर कर देसी गायों पर आधारित उत्पादों के जरिए नई आर्थिक संभावनाएं तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में गो सेवा के साथ रोजगार का नया रास्ता खुला है।

 

प्रदेश में देसी गायों के पंचगव्य, आयुर्वेदिक औषधियों, जैविक उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री की मांग लगातार बढ़ी है। इन उत्पादों का बाजार अब केवल अपने प्रदेश या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, दुबई और यूरोप के कई देशों तक फैल चुका है। गो आधारित उद्योगों के विस्तार से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं।

योगी सरकार की नीति से बदली तस्वीर

उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को लेकर सरकार की नीति ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। गोवंश संरक्षण को जैविक खेती, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण उद्योग और स्वदेशी उत्पादों से जोड़ने का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। देसी नस्ल की गायों पर आधारित मॉडल में दूध, घी, गोमूत्र अर्क, पंचगव्य औषधियां, जैविक खाद, हर्बल उत्पाद और अन्य वैल्यू एडेड वस्तुओं के उत्पादन को बढ़ावा मिला है। इससे गोशालाएं केवल आश्रय स्थल नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधि के केंद्र के रूप में भी उभर रही हैं।

 

बदलती उपभोक्ता पसंद और प्राकृतिक उत्पादों की मांग ने भी इस क्षेत्र को नई ताकत दी है। A2 दूध, बिलौना घी और पंचगव्य आधारित उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता ने उद्यमियों को आकर्षित किया है। कई संस्थाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच बन रही है। इससे उत्तर प्रदेश के गो आधारित उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने लगे हैं।

सीएम योगी की प्रेरणा से सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने गाजियाबाद में चुना नया रास्ता

करीब डेढ़ दशक तक विदेशी कंपनियों के लिए काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर असीम रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से गो संरक्षण के क्षेत्र में कदम रखा। गाजियाबाद स्थित उनकी संस्था ‘हेता ऑर्गेनिक’ आज देसी गायों के संरक्षण के साथ करीब 10 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रही है। यह संस्था केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वृद्ध गोवंश को भी आश्रय देती है और उनकी नियमित देखभाल करती है।

 

यहां देशी गायों के दूध से 150 से अधिक प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें A2 बिलौना घी, ब्राह्मी घृत, पंचगव्य घृत, देसी गाय का दूध, कुकीज, लड्डू, शतधौत घृत, हेल्दी मिठाइयां, स्नैक्स, हर्बल चाय, पेय पदार्थ तथा स्किन और हेयर केयर उत्पाद शामिल हैं। असीम रावत का उदाहरण बताता है कि योगी सरकार की प्रेरणा और नीति-समर्थन से गो संरक्षण को आधुनिक प्रबंधन और बाजार के साथ जोड़कर बड़े कारोबार में बदला जा सकता है।

वाराणसी में सुरभि शोध संस्थान बना गो सेवा और आजीविका का केंद्र

वाराणसी स्थित सुरभि शोध संस्थान भी इस दिशा में बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। कारोबारी एवं समाजसेवी सूर्यकांत जालान की गोशालाएं लखनऊ, वाराणसी, मीरजापुर, दिल्ली सहित कई स्थानों पर संचालित हैं। यहां 28,000 से अधिक गोवंश हैं। यहां गोबर और गोमूत्र का उपयोग जैविक खेती और विभिन्न उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

 

संस्थान ने एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। यहां काम करने वाले लोग गो आश्रय स्थलों में रहकर गो सेवा के साथ अपनी आजीविका भी चला रहे हैं। यह मॉडल बताता है कि गो संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार और उत्पादन से भी जोड़ा जा सकता है।

बुलंदशहर के पर्यावरण इंजीनियर ने खड़ा किया सफल मॉडल

बुलंदशहर निवासी पर्यावरण इंजीनियर पराग गौड़ भी गो संरक्षण के क्षेत्र में सफल उद्यमी के रूप में उभरे हैं। लगभग 70 देसी गायों के माध्यम से वे दूध, घी, विशेष प्रकार के च्यवनप्राश समेत अन्य उत्पाद तैयार करते हैं। उनका सालाना कारोबार करीब सवा करोड़ रुपये का है। इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा हुआ है और गो आधारित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यह मॉडल इस बात का उदाहरण है कि गो सेवा, स्वदेशी परंपरा और ग्रामीण उद्यमिता को एक साथ जोड़कर आर्थिक सफलता हासिल की जा सकती है।

योगी सरकार का जोर देसी नस्ल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार उन्नत और उच्च उत्पादकता वाली देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। उनका कहना है कि गो संरक्षण को आजीविका, जैविक/प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर राज्य में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इससे गो सेवा के साथ रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल रहे हैं।

रूफटॉप सोलर ऊर्जा : देश में लखनऊ का पहला स्थान, शीर्ष 100 में उत्तर प्रदेश के 17 जनपद

Lucknow Rooftop Solar: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक ओर उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान में प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष 100 जनपदों की सूची में अपने 17 जनपदों को शामिल कराया है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश में सौर ऊर्जा के तेजी से बढ़ते विस्तार को दर्शाती है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश की मजबूत प्रगति का भी प्रमाण है।

 

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि इस सूची में राजधानी लखनऊ में 1,24,167 रूफटॉप सोलर संयंत्रों के स्थापना के साथ-साथ देश का नंबर-1 जनपद बनने का गौरव बरकरार रखा है। लखनऊ में बड़ी संख्या में घरों,  द्वारा रूफटॉप सोलर अपनाए जाने से यह उपलब्धि संभव हुई है। वहीं, वाराणसी ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सौर ऊर्जा को लेकर चल रहे अभियान का सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसके अलावा कानपुर नगर 14वें स्थान पर पहुंचकर प्रदेश के औद्योगिक शहरों में हरित ऊर्जा अपनाने की दिशा में नई मिसाल पेश कर रहा है।

17 जनपद देश के शीर्ष 100 जिलों में शामिल

प्रदेश के 17 जनपदों का देश के शीर्ष 100 जिलों में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर को लेकर जागरूकता, सरकारी प्रोत्साहन और योजनाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, के प्रभावी क्रियान्वयन से लाखों उपभोक्ता सौर ऊर्जा से जुड़ रहे हैं। रूफटॉप सोलर संयंत्रों के विस्तार से लोगों को बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत हो रही है, साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।

जनजागरूकता अभियान

उत्तर प्रदेश लगातार देश में रूफटॉप सोलर स्थापना की रफ्तार बढ़ा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा जनजागरूकता अभियान, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, समयबद्ध स्वीकृति, डिस्कॉम और संबंधित एजेंसियों के बेहतर समन्वय तथा सब्सिडी वितरण की प्रभावी व्यवस्था ने इस अभियान को नई गति दी है। जिस गति से उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो रहे हैं, उससे आने वाले समय में प्रदेश देश के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। देश के शीर्ष 100 जनपदों में 17 जिलों की मौजूदगी और लखनऊ का लगातार नंबर-1 स्थान, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के प्रमुख जनपद

रैंक जनपद संयंत्र स्थापना
1  लखनऊ  1,24,167
10  वाराणसी  48,829
14  कानपुर नगर  43,289
24  बरेली  28,315
29  आगरा  26,375
37  प्रयागराज  23,773
51  झांसी  18,354
56  रायबरेली  17,532
70  गोरखपुर  14,498
73  सहारनपुर  13,821
75  मुजफ्फरनगर  13,464
78  मेरठ  13,137
79  बाराबंकी  13,126
81  अलीगढ़  12,925
86  शाहजहांपुर  12,158
88  सीतापुर  12,008
90  उन्नाव  11,779

 

VIDEO: आखिर कैफे और शॉपिंग पर इतना क्यों खर्च कर रहे GenZ? बेंगलुरु की महिला के वीडियो ने छेड़ी बहस

बेंगलुरु की एक कंटेंट क्रिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कंटेंट क्रिएटर ने सोशल मीडिया पर युवाओं की खर्च करने की आदतों को लेकर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि, आज कई युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बेहतर लाइफस्टाइल, महंगी चीजों और आरामदायक लाइफस्टाइल पर खर्च कर रहे हैं। वह अपने सेविंग और भविष्य की वित्तीय योजना पर उतना ध्यान नहीं दे रहे हैं। बेंगलुरु में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर सिमरिधि मखीजा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। उनके इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

उन्होंने बताया कि, शहर में रहने के दौरान उन्होंने लोगों की कुछ ऐसी खर्च करने की आदतें देखीं, जिन्हें समझना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने ये भी कहा कि कई लोग इन खर्चों को आसानी से अफोर्ड कर सकते हैं। वीडियो में मखीजा ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि लोग एक बार कैफे जाने पर करीब 5,000 रुपये कैसे खर्च कर देते हैं। इसी तरह, जब लगभग आधे किराए में अच्छा घर मिल सकता है, तो हर महीने 40,000 रुपये किराया क्यों देते हैं। इसके अलावा, एक ही शॉपिंग ट्रिप में 20,000 रुपये खर्च करना भी मेरी समझ से बाहर है।”

अच्छी कमाई का मतलब ज्यादा खर्च नहीं

सिमरिधि मखीजा ने कहा कि, अच्छी कमाई होने का मतलब ये नहीं है कि हर जगह खुलकर खर्च किया जाए। उनके मुताबिक, करियर की शुरुआत में युवाओं को सादा जीवन अपनाना चाहिए, केवल जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करना चाहिए और अपनी बची हुई आय का बड़ा हिस्सा बचत या निवेश में लगाना चाहिए। उनका कहना है कि भविष्य को देखते हुए आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मखीजा ने ये भी कहा कि कई लोग जैसे-जैसे ज्यादा कमाने लगते हैं, वैसे-वैसे उनके खर्च भी बढ़ जाते हैं।

 

लोगों ने दिया रिएक्शन

उनके अनुसार, बढ़ी हुई आय का मतलब ये नहीं होना चाहिए कि लाइफस्टाइल पर भी उतना ही ज्यादा पैसा खर्च किया जाए। खासकर नौकरी या करियर के शुरुआती वर्षों में युवाओं को फिजूल खर्च से बचकर अपनी कमाई का बेहतर इस्तेमाल बचत और भविष्य की योजना बनाने में करना चाहिए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि कम उम्र से बचत करने की आदत भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। वहीं, कई लोगों का मानना था कि सिर्फ खर्च कम करने पर ध्यान देने के बजाय अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश करना ज्यादा जरूरी है।

लोगों ने दी ये सलाह

एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से तरीका बिल्कुल अलग होना चाहिए। 20 की उम्र में कमाई बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 30 की उम्र में कमाई, निवेश और संपत्ति बनाने के बीच संतुलन रखना चाहिए। वहीं, 40 की उम्र में अपनी बनाई हुई संपत्ति को सुरक्षित रखने और बढ़ाने पर फोकस होना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “20 की उम्र में सिर्फ पैसे बचाने पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए। अपनी कमाई को कई गुना बढ़ाने की कोशिश कीजिए। अगर आपकी इनकम 10 गुना बढ़ती है, तो खर्च दोगुना होने से कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। बहुत ज्यादा सादगी से जीने के बजाय अपने पैसे का आनंद भी लेना चाहिए, क्योंकि आखिर मेहनत करके कमाने का मकसद भी वही है।”