इस हफ्ते बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा चढ़ा बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बीते करीब चार महीनों में सबसे अच्छा रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसमें उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी का हाथ रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सेंसेक्स 2.67 फीसदी यानी 2,034 अंक चढ़कर 78,094 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 2.59 फीसदी यानी 616 अंक की मजबूती के साथ 24,383 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इस हफ्ते सबसे ज्यादा चढ़ने वाला सूचकांक रहा। इसमें 6.75 फीसदी उछाल आया। निफ्टी ऑटो में भी 5.61 फीसदी मजबूती आई।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी तेजी

खास बात यह है कि इस हफ्ते छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। Nifty Smallcap 100 Index 2.6 फीसदी चढ़ा। Redington, Kaynes Technology India, Firstsource Solutions, Brigade Enterprises, Affle 3I, IIFL Finance, KFin Technologies और IFCI के शेयरों में 24 फीसदी तक तेजी दिखी।

इन मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी

Nifty Midcap Index में भी इस हफ्ते 2 फीसदी तेजी आई। Coforge, Lauras Labs, Swiggy, Container Corporation of India और Ashok Leyland के शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी आई। गिरने वाले शेयरों में Suzlon Energy, Phoenix Mills, Billionbrains Garage Ventures, Bank of India और LICHF प्रमुख रहे।

विदेशी निवेशकों की अच्छी खरीदारी 

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो हफ्ते के बाद भारतीय बाजार में इस हफ्ते निवेश किया। उन्होंने 5,946 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,387 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया। रुपये में बीते पांच हफ्तों से जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 118 पैसे की मजबूती के साथ 95.39 के लेवल पर बंद हुआ।

निफ्टी अगले हफ्ते 24,500-24,60 लेवल टेस्ट कर सकता है

सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 24,100-23,800 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। रेसिस्टेंस 24,500-24,700 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,000-54,500 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। इसे 58,500-6000 के लेवल पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगले हफ्ते निफ्टी के 24,500-24,600 का लेवल टेस्ट करने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते आए इन दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे

इस हफ्ते मारुति सुजुकी, ह्युंडई, एशियन पेंट्स, स्विगी, आईटीसी और सन फार्मा सहित कई दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आए। मारुति का प्रॉफिट 11 फीसदी गिरा। आईटीसी का प्रॉफिट 27 फीसदी गिरा। लेकिन, सन फॉर्मा का प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा। एशियन पेंट्स का प्रॉफिट तो 40 फीसदी तक बढ़ गया।

IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

IBPS Clerk Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) सरकारी नौकरी का अवसर देने जा रहा है। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती परीक्षा का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 01 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आज से क्लर्क (CRP CSA-XVI) पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईबीपीएस द्वारा आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंकों में 11,403 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कैंडिडेट के पास आवेदन करने के लिए 21 अगस्त तक का समय है।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मेन्स और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट शामिल हैं। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती की प्रीलिम्स परीक्षा 10 और 11 अक्टूबर, 2026 को होनी है, जबकि मुख्य परीक्षा 27 दिसंबर 2026 को होगी।

अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें

कैंडिडेट वैकेंसी, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और दूसरी जरूरी जानकारी आईबीपीएस की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत नोटिफिकेशन देख सकते हैं।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 योग्यता का पैमाना

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के तहत कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होनी चाहिए। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

  • आईबीपीएस की ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं।
  • CRP CSA-XVI रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • एक वैलिड ईमेल ID और मोबाइल नंबर डालें।
  • जरूरी डिटेल्स के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।
  • रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को आखिरी तारीख से पहले आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। फीस ऑनलाइन पे करनी होगी और यह रिफंडेबल नहीं है। नीचे फीस की जानकारी देखें :

जनरल और अन्य : Rs 850

SC, ST, और PwD: Rs 175

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026: भाग लेने वाले बैंक

भर्ती में भाग लेने वाले पब्लिक सेक्टर बैंक हैं, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक।

हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

Bosch Ltd वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 270 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह में 4 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। इसका मतलब है कि अगर पहले से शेयरहोल्डर नहीं हैं तो पात्र बनने के लिए बॉश के शेयर की खरीद 3 अगस्त को मार्केट क्लोज होने से पहले करनी होगी।

Bosch Ltd, जर्मनी की मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Robert Bosch GmbH की इंडिया यूनिट है। भारत में बॉश, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स और एनर्जी एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की सप्लाई करती है। जर्मनी की बॉश रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव सप्लायर है। यह स्पार्क प्लग से लेकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग सॉफ्टवेयर तक सब कुछ बनाती है।

बॉश के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। फाइनल डिविडेंड पर 11 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 14 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 512 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Bosch का शेयर 3 महीनों में 14 प्रतिशत मजबूत

बॉश के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 41088.75 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 14 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल से भी ज्यादा हो चुका है। जून महीने में ब्रोकरेज फर्म UBS ने शेयर को डबल अपग्रेड किया था। रेटिंग ‘सेल’ से बढ़ाकर सीधा ‘बाय’ कर दी। टारगेट प्राइस 27920 रुपये से बढ़ाकर 45530 रुपये प्रति शेयर कर दिया।

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मार्च तिमाही में मुनाफा रहा 568 करोड़ रुपये

कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बॉश लिमिटेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,565.70 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 568.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 20,034.70 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,770.30 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Honda ADV160 expected price and launch timeline

Honda ADV160 expected price and launch timeline

Honda pulled a bunch of surprises at its recent event with a 10-model onslaught comprising both updated and all-new models. While the motorcycles and scooters were only unveiled at the event, we now have clear information on when the brand intends to launch its debutant maxi-scooter in India and at what price.

  1. ADV160 to go on sale in the third quarter of 2026
  2. Expected price around Rs 1.70 lakh-Rs 1.80 lakh
  3. E85-compliant maxi-scooter to rival the upcoming Yamaha NMAX 155

ADV160 launch timeline: What to expect?

E85 compliance adds about 5 to 6 percent to the production cost of the ADV160

The ADV160 is slated to go on sale in the Indian market in the third quarter of this year, between September and October 2026. It is expected to be priced between Rs 1.70 lakh and Rs 1.80 lakh. This makes it considerably  more expensive than similarly sized maxi-scooters such as the Hero Xoom 160 (Rs 1.43 lakh ex-showroom), Yamaha Aerox 155 (Rs 1.45 lakh to Rs 1.48 lakh ex-showroom) and the soon-to-be-launched Yamaha NMAX 155

However, it’s worth bearing in mind that while the others are E20-compliant, Honda’s ADV160 is a flex-fuel maxi-scooter capable of running on ethanol blends ranging from E0 to E85. This, in itself, adds about 5-6 percent to the production cost compared to similar E20-compliant models. The ADV160 will be manufactured in India and exported to other markets.

The ADV160 is also more generously equipped, featuring a TFT display and a more powerful 157cc, liquid-cooled engine that produces 16.3hp and 14.9Nm of torque. The scooter rides on a telescopic fork and twin rear shock absorbers, with a 14-inch front and 13-inch rear wheel setup. It weighs 133kg, has a seat height of 780mm, ground clearance of 165mm, and an 8.1-litre fuel tank.

पहली बार बिना सामान के चीन पहुंचे भारतीय व्यापारी:6 साल बाद भारत-तिब्बत ट्रेड शुरू; 2019 से तकलाकोट में छूटा है करोड़ों का माल

उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से 6 साल बाद भारत-तिब्बत परंपरागत व्यापार शनिवार से फिर शुरू हो गया है। पहले दल में 16 भारतीय व्यापारी और 4 हेल्पर तिब्बत के तकलाकोट मंडी पहुंचे। खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार भारतीय व्यापारी बिना सामान के चीन गए। सीमा पर चीनी प्रशासन ने उनके दस्तावेजों की जांच के बाद प्रवेश दिया, जबकि व्यापारियों का सामान अब भी पिथौरागढ़ के गुंजी में रखा हुआ है। वहीं, वर्ष 2019 से भारतीय व्यापारियों का करोड़ों रुपए का माल भी तकलाकोट में छूटा हुआ है। जून से जुलाई तक टलता रहा व्यापार कोरोना महामारी और भारत-चीन संबंधों में आई तल्खी के कारण वर्ष 2020 से दोनों देशों के बीच परंपरागत व्यापार पूरी तरह बंद था। इस साल जून में व्यापार शुरू होना था, लेकिन औपचारिकताओं और चीन की ओर से लगातार बदलते नियमों के कारण प्रक्रिया टलती रही। 8 जुलाई को व्यापारी सामान लेकर गुंजी तक पहुंच गए थे। उन्हें ट्रेड पास भी जारी कर दिए गए थे, लेकिन रवाना होने से ठीक एक दिन पहले चीन के पुरांग काउंटी प्रशासन ने व्यवस्थाएं पूरी न होने का हवाला देकर व्यापारियों की एंट्री रोक दी। इसके बाद व्यापारी अपना सामान गुंजी में छोड़कर वापस धारचूला लौट आए। फिलहाल सिर्फ 20 लोगों को मंजूरी व्यापार शुरू होने को लेकर सीमांत क्षेत्र के व्यापारियों में काफी उत्साह था। प्रशासन ने 134 व्यापारियों और सहायकों के ट्रेड पास जारी किए थे। हालांकि बाद में चीन की ओर से नया आदेश जारी कर फिलहाल केवल 20 लोगों को तकलाकोट जाने की अनुमति दी गई। चीनी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में केवल उन्हीं व्यापारियों को प्रवेश मिलेगा, जो वर्ष 2019 में तकलाकोट गए थे और जिनका सामान वहां छूट गया था। SDM बोले- भारत-चीन व्यापार विधिवत शुरू हुआ धारचूला के एसडीएम एवं ट्रेड अधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि 1 अगस्त को सुबह करीब 10:15 बजे लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन परंपरागत व्यापार की औपचारिक शुरुआत हो गई। पहले दल में 16 व्यापारी और 4 हेल्पर, कुल 20 लोग तकलाकोट मंडी पहुंचे हैं। वहां वे व्यापारिक गतिविधियां शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले बैचों को भेजने की तारीख तय करने के लिए चीनी प्रशासन से लगातार ईमेल के माध्यम से पत्राचार किया जा रहा है। अभी गुंजी में रखा है गुड़, मिश्री और बर्तन व्यापारियों का गुड़, मिश्री, बर्तन समेत अन्य व्यापारिक सामान अभी भी गुंजी में रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि तकलाकोट में व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद व्यापारी दोबारा सामान लेकर जाएंगे। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो अगले कुछ दिनों में 20-20 व्यापारियों के अन्य दल भी चीन रवाना किए जाएंगे। तकलाकोट में आज भी पड़ा है करोड़ों का सामान वर्ष 2019 में कई भारतीय व्यापारी अपना माल तकलाकोट मंडी में ही छोड़कर लौटे थे। अगले ही वर्ष व्यापार बंद हो गया, जिससे करोड़ों रुपए का सामान वहीं फंस गया। व्यापारियों का कहना है कि धातु के बर्तन तो उपयोग में आ सकते हैं, लेकिन खाद्य सामग्री और अन्य सामान खराब होने की आशंका है। तकलाकोट में भारतीय व्यापारियों के लिए नए स्थान पर मंडी विकसित की गई है। अब व्यापारियों को इसी नई मंडी में किराये पर दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी, जहां से परंपरागत भारत-तिब्बत व्यापार संचालित होगा। भारतीय व्यापारी अब पुरानी नहीं, नई मंडी में करेंगे कारोबार छह साल के लंबे अंतराल में तकलाकोट की तस्वीर भी बदल गई है। पहले भारतीय व्यापारी पुरानी मंडी में किराए पर दुकानें लेकर कारोबार करते थे, लेकिन व्यापार बंद रहने के दौरान वहां की कई दुकानें नेपाली और अन्य व्यापारियों को आवंटित कर दी गईं। अब चीन ने भारतीय और नेपाली व्यापारियों के लिए नई ट्रेड मंडी विकसित की है। इस बार भारतीय व्यापारियों को इसी नई मंडी में दुकानें मिलेंगी। व्यापार समिति का कहना है कि नई मंडी पहले से ज्यादा व्यवस्थित है और वहां सामान रखने के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी। समिति ने भारतीय व्यापारियों के लिए रियायती किराए की भी मांग की है। पहली बार बदल जाएगा सदियों पुराना ढुलाई मॉडल इस बार सिर्फ मंडी ही नहीं, व्यापार का पूरा ढांचा बदल जाएगा। अब तक व्यापारी धारचूला से गुंजी, कालापानी और नाभीढांग होते हुए कई दिन की कठिन यात्रा के बाद लिपुलेख दर्रे तक पहुंचते थे। सामान घोड़े-खच्चरों और पोर्टरों के सहारे ढोया जाता था। खराब मौसम और भूस्खलन कई बार व्यापार रोक देते थे। अब सड़क बनने के बाद करीब 100 किलोमीटर तक वाहन सीधे सीमा के करीब पहुंच सकेंगे। सिर्फ अंतिम करीब 200 मीटर तक ही सामान पारंपरिक तरीके से ले जाना होगा। चीन की सीमा में प्रवेश करने के बाद सड़क पहले से उपलब्ध है, जहां से व्यापारी करीब 18 किलोमीटर दूर तकलाकोट मंडी तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे परिवहन लागत और समय दोनों कम होने की उम्मीद है। 2019 में 3 करोड़ से ज्यादा का कारोबार भारत-चीन व्यापार समिति के अनुसार 2019 में करीब 250 भारतीय व्यापारी तकलाकोट पहुंचे थे। उस वर्ष करीब 3 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार हुआ था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 1.25 करोड़ रुपए का निर्यात और करीब 1.90 करोड़ रुपए का आयात हुआ था। इस बार सड़क, नई मंडी और बेहतर लॉजिस्टिक व्यवस्था के कारण कारोबार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि भारतीय पक्ष को देरी से अनुमति मिलने के कारण इस साल शुरुआती कारोबारी अवसर काफी हद तक निकल चुके हैं। ——————- ये खबर भी पढ़ें : भारत-चीन व्यापार पर चाइना की टेढ़ी चाल: 1 अगस्त को बिना सामान के बुलाए 20 व्यापारी, नेपाल जून से कर रहा व्यापार करीब 6 साल बाद 1 अगस्त से लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत-चीन सीमा व्यापार फिर शुरू होने जा रहा है, लेकिन इस व्यापार पर एक बार फिर चीन ने टेढ़ी चाल चली है। दरअसल, चीन ने पहले बैच में सिर्फ उन्हीं व्यापारियों को तकलाकोट मंडी जाने की अनुमति दी है, जिनकी दुकानें या सामान 2019 से वहां फंसा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…

ग्रॉस GST कलेक्शन जुलाई में 15% बढ़ा, FY27 में दूसरी बार ₹2 लाख करोड़ के पार

ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। घरेलू लेनदेन और आयात से अधिक टैक्स कलेक्शन के कारण GST कलेक्शन में इजाफा हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 में मंथली GST कलेक्शन दूसरी बार 2 लाख करोड़ रुपये के पार गया है। अप्रैल 2026 में ग्रॉस GST कलेक्शन लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो​ कि रिकॉर्ड हाई है। शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

पिछले वर्ष जुलाई में ग्रॉस GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा था। वहीं, जून 2026 में यह लगभग 1.95 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई 2026 में आयात से जुड़ा GST कलेक्शन 28.8 प्रतिशत बढ़कर 66,511 करोड़ रुपये हो गया। घरेलू लेनदेन से GST रेवेन्यू भी अच्छा रहा और 10.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.45 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिफंड का आंकड़ा रहा 13 प्रतिशत ज्यादा

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई में हासिल हुए कुल GST का आंकड़ा 2,11,205 करोड़ रुपये रहा। जुलाई के दौरान केंद्रीय माल एवं सेवा कर (CGST) से 39,835 करोड़ रुपये, राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) से 47,881 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड GST (IGST) से 1.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक हासिल हुए। कुल कर वापसी यानि कि रिफंड का अमाउंट जुलाई महीने के दौरान 13.1 प्रतिशत बढ़कर 29,968 करोड़ रुपये रहा। रिफंड को एडजस्ट करने के बाद शुद्ध GST रेवेन्यू 1.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।

10 दिन में दूसरा आतंकी हमला, कूलगाम में 2 प्रवासी मजदूरों की मौत

jammu kashmir police

Kulgam Terrorist Attack : कुलगाम में कल देर रात हुए आतंकी हमले में जख्मी दूसरे प्रवासी श्रमिक द्वारा दम तोड़ दिए जाने से मरने वालों की संख्या 2 हो गई है। गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों में कश्मीर में यह दूसरा आतंकी हमला है। 22 जुलाई को अनंतनाग जिले के लाल चौक इलाके में आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के एक हेड कान्स्टेबल की बहुत करीब से गोली मारकर हत्या कर दी थी। ALSO READ: कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, 2 मजदूरों की मौत, किसने ली हमले की जिम्मेदारी?

 

एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम गांव में आतंकवादियों ने दो प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी की। एक मजदूर की मौत शुक्रवार को गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अनंतनाग में हो गई थी, जबकि दूसरे मजदूर की, जिसे बेहतर इलाज के लिए स्कीम्स श्रीनगर भेजा गया था, शनिवार तड़के मौत हो गई।

 

मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के रहने वाले दीपक रैट्रे (24), पिता उमा शंकर, और भूपिंदर (28), पिता दशरार के तौर पर हुई है; ये दोनों कश्मीर में प्रवासी मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे।

 

अधिकारी ने बताया कि हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बल उस इलाके में पहुंचे, इलाके की घेराबंदी की और हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।

 

इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से बात की। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज करने और दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए।

 

एक्स पर एक पोस्ट में, उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा बलों को हमले में शामिल आतंकवादियों को खत्म करने के लिए अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की और दोहराया कि जम्मू कश्मीर प्रशासन और पूरा देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

LPG ग्राहकों के लिए अलर्ट! 16 अगस्त तक पूरा करें ये जरूरी काम वरना नहीं मिलेगा सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर

अगर आप भी घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का उपयोग करते हैं और सब्सिडी रेट पर गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा करने की अंतिम समय-सीमा जारी कर दी है। सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ताओं के पास ई-केवाईसी पूरा करने के लिए अब सिर्फ 16 अगस्त 2026 तक का समय बचा है।

पब्लिक सेक्टर की ऑयल कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं को अंतिम एसएमएस (SMS) रिमाइंडर भेजना शुरू कर दिया है जिन्होंने अब तक अपना वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है। चेतावनी दी गई है कि जो ग्राहक 16 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं करा पाएंगे वे अधिसूचित घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर खरीदने की पात्रता खो सकते हैं। इसके साथ ही सत्यापन पूरा होने तक उनकी एलपीजी सब्सिडी भी रुक सकती है।

इंडेन ग्राहकों को मिला अंतिम रिमाइंडर संदेश

इंडेन के ग्राहकों को भेजे गए आधिकारिक संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करना जारी रखने के लिए ई-केवाईसी करना अनिवार्य है। समय-सीमा समाप्त होने के बाद जब तक आधार सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक ग्राहक घरेलू कीमतों के पात्र नहीं रहेंगे। एसएमएस में लिखा गया है कि – प्रिय ग्राहक, घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए आपको ई-केवाईसी करना जरूरी है। पहले भेजे गए रिमाइंडर के बावजूद आपने अभी तक अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है। आप इंडियनऑयल वन ऐप के माध्यम से घर बैठे या अपने वितरक के पास अथवा डिलीवरी कर्मी के माध्यम से ई-केवाईसी कर सकते हैं। 16.08.26 तक ई-केवाईसी न करने पर जब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं हो जाता आप घरेलू दरों पर सिलेंडर के लिए अपात्र हो जाएंगे। कृपया जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी पूरा करें।

साइबर धोखाधड़ी से रहें सावधान! कंपनियों ने जारी की चेतावनी

तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी प्रक्रिया के नाम पर हो रही साइबर धोखाधड़ी को लेकर भी ग्राहकों को अलर्ट किया है। उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल या संदेश मिल सकते हैं जिनमें दावा किया जा सकता है कि अगर वे किसी लिंक पर क्लिक नहीं करते या व्यक्तिगत विवरण साझा नहीं करते हैं तो उनका एलपीजी कनेक्शन काट दिया जाएगा या सब्सिडी रोक दी जाएगी। कंपनियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्राहक किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपने आधार विवरण, ओटीपी या बैंक खाते की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ई-केवाईसी प्रक्रिया सिर्फ एलपीजी कंपनी के आधिकारिक ऐप, आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत गैस एजेंसी के माध्यम से ही पूरी की जानी चाहिए।

कैसे पूरा करें एलपीजी ई-केवाईसी? (3 आसान तरीके)

एलपीजी ग्राहक नीचे दिए गए किसी भी एक तरीके से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते हैं-

ऐप के जरिए: इंडियनऑयल वन ऐप के माध्यम से (पात्र ग्राहकों के लिए घर बैठे सुविधा)।

गैस एजेंसी जाकर: अपने संबंधित एलपीजी वितरक के पास जाकर।

डिलीवरी बॉय के माध्यम से: सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के जरिए।

1 अगस्त से लागू हुए एलपीजी से जुड़े अन्य नए नियम

अनिवार्य ई-केवाईसी के अलावा, एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कुछ अन्य नए नियम और सेवाएं भी लागू की गई हैं। सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी के नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को अब एक साल में पहले के 9 सिलेंडरों के बजाय केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उधर बेंगलुरु के उपभोक्ताओं को अब कुछ एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं होगी। एचपीसीएल (HPCL) ने स्विगी इंस्टामार्ट के साथ साझेदारी की है, जिसके जरिए 10 किलोग्राम वाले एचपी नव्या एलपीजी सिलेंडर और 5 किलोग्राम वाले मिनी एलपीजी सिलेंडर घर मंगवाए जा सकते हैं।

भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भारत लाइट जिप नाम से एक नई सेवा शुरू की है, जो नए एलपीजी कनेक्शन और होम डिलीवरी की प्रक्रिया को तेज बनाती है। यह सेवा वर्तमान में मुंबई में उपलब्ध है और 15 अगस्त तक इसे 24 राज्यों के 100 अन्य शहरों में विस्तारित किए जाने की उम्मीद है।

मेरे पापा मुझे बहुत सपोर्ट करते थे… गोल्ड जीतकर फूट-फूटकर रोईं अस्मिता डे और ऐसी इमोशनल बात कही कि आंखें हो जाएंगी नम

जुडोका अस्मिता डे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की खबर सबसे पहले उसी इंसान को बताना चाहती थीं, जिसे वे अब कभी नहीं बता सकती थीं। उनके पिता, जो साइकिल ठीक करके महीने में मुश्किल से 300 रुपये कमाते थे और त्रिपुरा के एक छोटे से गाँव में मिट्टी के घर में परिवार का गुजारा करते थे, सात महीने पहले ब्रेन स्ट्रोक से गुजर गए थे।

शुक्रवार को, जब 23 साल की अस्मिता महिलाओं के 48kg कैटेगरी में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय जुडोका बनीं, तो उन्हें लगा कि यह मेडल जितना उनका है, उतना ही उनके पिता का भी है। अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद आंसू रोकते हुए अस्मिता ने कहा, “जब मेरे पिता गुजर गए, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है क्योंकि वही मेरा साथ देते थे।”

कुछ पल के लिए, जश्न के बीच उन पिता की यादें ताजा हो गईं जिन्होंने उनके सपने को तब से संजोया था जब वह भारत का सपना भी नहीं बना था। उन्होंने कहा, “मैं त्रिपुरा के एक बहुत छोटे से गांव से हूं। वहां लोग इतने बड़े सपने नहीं देखते। लेकिन पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया।”

पैसे की हमेशा तंगी रहती थी। उनके पिता गुजारे के लिए साइकिल ठीक करते थे और दिन में लगभग 300 रुपये कमाते थे, जिससे बस घर का खर्च चल पाता था। परिवार एक साधारण से मिट्टी के घर में रहता था, लेकिन उन्होंने कभी भी आर्थिक तंगी को अपनी बेटी के पसंदीदा खेल में रुकावट नहीं बनने दिया।

जब घुटने की चोट से उनका करियर खतरे में पड़ गया, तो पिता उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए, दवाइयां खरीदीं और अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कोशिश की ताकि वे दोबारा मैट पर लौट सकें। उन्होंने याद करते हुए कहा- वह मुझे इलाज के लिए दिल्ली लाए और दवाइयां खरीदीं।

पिछले साल दिसंबर में उनकी अचानक मौत से अस्मिता बुरी तरह टूट गई थीं। जो इंसान उनका सबसे बड़ा सपोर्टर और हमेशा हिम्मत बंधाने वाला था, वह अब नहीं रहा था और उन्हें लगा कि उनके साथ ही सबसे बड़े मंच पर मुकाबला करने का उनका सपना भी खत्म हो गया।

लेकिन जब अस्मिता इस दुख से उबरने की कोशिश कर रही थीं, तब उनकी मां ने चुपचाप अपने पति की जगह ले ली। अंतिम संस्कार के सिर्फ 10 दिन बाद ही उन्होंने अपनी बेटी से ट्रेनिंग पर लौटने के लिए कहा। उन्होंने अस्मिता से कहा, “अगर मैं तुम्हें आज रोकती हूं, तो तुम्हारे पिता को लगेगा कि मैं तुम्हारे सपने तोड़ रही हूं।”

अस्मिता ने अपना सामान बांधा और भोपाल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर लौट गईं। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले वह बहुत घबराई हुई थीं और कई रातें सो नहीं पाई थीं। उन्होंने बताया कि मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। इस मेडल से पहले, मैं भारत में सो नहीं पाती थी। मैं मुकाबलों के बारे में सोचकर जागती रहती थी। भले ही मेरा शरीर थका होता था, फिर भी मुझे नींद नहीं आती थी। मैं बेचैन महसूस करती थी और फिर सुबह 5:30 बजे ट्रेनिंग के लिए उठ जाती थी।” ग्लासगो पहुंचने के बाद भी घबराहट बनी रही।

“जब मैं यहां पहुंची, तो मुझे बहुत घबराहट हो रही थी कि क्या होगा। मैं बस यही सोचती रहती थी कि मुझे सबको हराना है और जीतना है।” यह पक्का इरादा ट्रेनिंग हॉल से आगे भी बना रहा। छोटी-छोटी खुशियां भी उस लक्ष्य की याद दिलाती थीं जिसे वह हासिल करना चाहती थीं।

उनके भाई की लाई हुई उनकी पसंदीदा मिठाई, ‘लौंग लत्ता’, घर पर फ्रिज में वैसी ही रखी रही। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं उसे फ्रिज में देखती थी और कई बार तो उसे खाने ही वाली थी, लेकिन फिर खुद को रोक लेती थी।” शुक्रवार को, हर त्याग का फल मिल गया। गोल्ड मेडल ने भारतीय जूडो के रिकॉर्ड बुक में नया इतिहास रच दिया।

IPOs This Week: 3 अगस्त से शुरू हफ्ते में Ardee Industries समेत 6 नए इश्यू, 11 कंपनियां होंगी लिस्ट

3 अगस्त से शुरू हफ्ते में देश में 6 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 6 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 11 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Anawil Wire & Engineering IPO: ₹177.81 करोड़ का इश्यू 3 अगस्त को खुलेगा और 5 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹257-₹270 प्रति शेयर और लॉट साइज 400 शेयर है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 10 अगस्त को होगी।

Aegeus Technologies IPO: ₹23.71 करोड़ का इश्यू 4 अगस्त को खुलेगा। इसमें ₹100-₹105 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 1,200 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 6 अगस्त को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 11 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Ardee Industries IPO: यह 5 अगस्त को खुलेगा और 7 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹425.87 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली ₹50-₹53 प्रति शेयर के भाव पर और 281 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। IPO बंद होने के बाद कंपनी NSE और BSE पर 12 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

LAPL Automotive IPO: यह ₹32.40 करोड़ का है। इसकी ओपनिंग 6 अगस्त को होगी। निवेशकों के ​पास 10 अगस्त तक ₹88-₹94 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में पैसे लगाने का मौका रहेगा। कंपनी के शेयर BSE SME पर 13 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुलेगा और 11 अगस्त को बंद होगा। इसका साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज अभी तक तय नहीं हुआ है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Technocraft Ventures IPO: इसका भी साइज, लॉट साइज, प्राइस बैंड अभी फाइनल नहीं है। लेकिन इश्यू की ओपनिंग 7 अगस्त को और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

पहले से खुले IPO

Juniper Green Energy IPO: ₹1,800 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई को ओपन हुआ था और 3 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 49 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹214-₹225 प्रति शेयर और लॉट साइज 66 शेयर है। कंपनी के NSE और BSE पर 6 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

MV Electrosystems IPO: कंपनी ₹290 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 30 जुलाई को खुला था। अभी तक 12.79 गुना भर चुका है। इस IPO में 3 अगस्त को भी ₹400-₹425 प्रति शेयर के भाव पर और 34 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने वाली है।

Dhaval Packaging IPO: ₹36.36 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 1.40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। IPO की क्लोजिंग के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Oneindig Technologies IPO: यह भी 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 79 प्रतिशत भरा है। साइज ₹27.65 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹91-₹96 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

G.V. Electricals IPO: यह ₹42.25 करोड़ का है। इश्यू 31 जुलाई को खुला था और 4 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 2.30 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 7 अगस्त को होगी।

Fusion Klassroom Edutech IPO: कंपनी का इरादा ₹39.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 31 जुलाई से अभी तक 79 प्रतिशत भरा है। 3 और 4 अगस्त को भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। उसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 7 अगस्त को होने वाली है। प्राइस बैंड ₹151-₹159 प्रति शेयर और लॉट साइज 800 शेयर है।

Zepto ने फिलहाल आईपीओ का प्लान रोका, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए मौजूदा इनवेस्टर्स से जुटा सकती है 1000 करोड़

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 3 अगस्त को NSE SME पर Propshop Events & Exhibitions की लिस्टिंग होने जा रही है। इसी दिन BSE SME पर Advance Technoforge के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। 4 अगस्त को BSE SME पर Poojaa Precision Engg. की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर H.R. Hygiene Products लिस्ट हो सकती है।

इसके बाद 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने वाली है। वहीं BSE SME पर Dhaval Packaging, Oneindig Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 7 अगस्त को BSE SME पर G.V. Electricals और Fusion Klassroom Edutech के शेयर शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।