समुद्री हमले में 4 भारतीयों की मौत, यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट पर जहाज पर हुआ मिसाइल अटैक

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय एक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। इस हमले में एक भारतीय की हालत गंभीर है। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि घटना 19 जुलाई की शाम की है। जिस जहाज पर हमला हुआ है, उसका नाम ‘एमवी गोल्डन लियो’ है। हमले के वक्त इस जहाज पर 17 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे।

ओडेसा जहाज पर हमला, 4 भारतीयों की मौत

19 जुलाई 2026 की शाम यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते समय एमवी गोल्डन लियो नाम के मालवाहक जहाज पर हमला हुआ। उस समय जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक भी शामिल थे।विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, इस हमले में 4 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

भारत सरकार ने दी ये जानकारी

विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीयों को हर संभव मदद दी जा रही है। सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले भारतीयों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान खतरे में डालना और समुद्री आवाजाही व व्यापार में बाधा पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य और निंदनीय है।

खबर अपडेट हो रही है…

Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गोल्ड पर ईरान युद्ध का कितना असर पड़ा? अब खरीदें या बेचने में भलाई, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: जुलाई की शुरुआत में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव था। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली एसेट की ओर रुख करते हैं। हालांकि, यह तेजी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। मुनाफावसूली बढ़ने के साथ सोने की कीमतों में फिर गिरावट आ गई।

युद्ध के तनाव के अलावा अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों ने भी सोने के भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव पैदा किया।

जुलाई में सोने की चाल कैसी रही?

MCX पर 1 जुलाई को सोने का भाव करीब ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम था। सिर्फ दो कारोबारी सत्र में यह बढ़कर ₹1,47,650 पर पहुंच गया। यानी करीब 4.1% की तेजी आई।

लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और बाजार ने युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों का नए सिरे से आकलन किया। इसका असर यह हुआ कि 17 जुलाई तक सोना गिरकर ₹1,40,550 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 20 जुलाई को सोने में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली। इसका भाव फिर ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

अगर लंबी अवधि की बात करें, तो 29 जनवरी को सोने ने ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम (करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस) से ऊपर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद 30 जून तक इसमें करीब 30% की गिरावट आ चुकी थी और भाव करीब ₹1.40 लाख (करीब 3,960 डॉलर प्रति औंस) तक आ गया।

युद्ध के बावजूद सोना क्यों कमजोर पड़ा?

Augmont की हेड ऑफ रिसर्च रेनिशा चैनानी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद इस महीने सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जो जून के आखिर के बाद का सबसे निचला स्तर है।

उनके मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे बाजार को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से ज्यादा असर ब्याज दरों की चिंता का पड़ा।

अभी खरीदें, होल्ड करें या बेच दें?

Geojit Investments के हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च हरीश वी का कहना है कि युद्ध से जुड़े जोखिम का बड़ा हिस्सा पहले ही सोने की कीमतों में शामिल हो चुका है। अब निवेशकों का फोकस सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि ब्याज दरों, महंगाई और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद पर ज्यादा है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन निवेशकों के पास पहले से सोना है, वे फिलहाल होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को तेजी के दौरान खरीदारी करने के बजाय कीमतों में गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

‘घबराकर बेचने की जरूरत नहीं’

रेनिशा चैनानी का कहना है कि अभी होल्ड की रणनीति बेहतर रहेगी। जिन लोगों ने पहले से निवेश किया हुआ है, वे बाजार की मौजूदा उतार-चढ़ाव वाली स्थिति का इंतजार कर सकते हैं। वहीं, लंबे समय के निवेशक 3,950 से 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।

हालांकि, उनका यह भी कहना है कि फिलहाल घबराकर बेचने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ाता है या कच्चे तेल की कीमतों में और तेज उछाल आता है, तो सोने की कीमतें 3,900 डॉलर प्रति औंस तक भी फिसल सकती हैं।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sawan Putrada Ekadashi Vrat 2026: सावन में आएगी श्रावण पुत्रदा एकादशी, संतान प्राप्ति के लिए इस विधि से करें पूजा और जानें जरूरी नियम

Sawan Putrada Ekadashi Vrat 2026: सावन का महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन रह गए हैं। भगवान शिव के इस महीने में कई प्रमुख व्रत और पर्व मनाए जाते हैं। इनमें से एक है श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत। यह व्रत हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस साल यह व्रत 23 अगस्त के दिन किया जाएगा। यह तिथि और यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है।

पद्म पुराण के अनुसार, इस व्रत को करने से वाजपेय यज्ञ के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है और सभी परेशानियों व दोषों से मुक्ति मिलती है। जीवन में संतान सुख की कामना रखने वाले दंपतियों के लिए यह व्रत विशेष अहमियत रखता है। कई विवाहित जोड़े सावन पुत्रदा एकादशी व्रत को बड़ी श्रद्धा और विध-विधान के साथ रखते हैं। वे भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी से संतान सुख के लिए आशीर्वाद, स्वास्थ्य और परिवार की खुशी की प्रार्थना करते हैं।

सावन पुत्रदा एकादशी व्रत 2026 शुभ मुहूर्त और पारण का समय

एकादशी तिथि प्रारंभ : 23 अगस्त 2026 को दोपहर 03:30 बजे से

एकादशी तिथि समाप्त : 24 अगस्त 2026 को शाम 05:48 बजे तक

व्रत पारण का समय (अगले दिन): 24 अगस्त के व्रत का पारण 25 अगस्त को किया जाएगा

संतान प्राप्ति के लिए पूजा विधि

  • सावन पुत्रदा एकादशी के दिन पूजा स्थल पर भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति रखें।
  • तुलसी के पत्ते, फल, धूप, दीया और पानी चढ़ाएं।
  • पूजा में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करते रहें।
  • दंपत्ति इस मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं और सावन पुत्रदा एकादशी व्रत कथा भी सुन सकते हैं।
  • इस दिन चावल, अनाज, दाल, प्याज, लहसुन, मांसाहारी भोजन या शराब से पूरी तरह दूर रहें।

सावन पुत्रदा एकादशी के नियम

  • प्रातःकाल स्नान करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन करें।
  • व्रत का संकल्प लेकर दिनभर सात्विकता और संयम का पालन करें।
  • भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले पुष्प, पंचामृत और फल अर्पित करें।
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें।
  • विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भगवद्गीता या एकादशी व्रत कथा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें।
  • दंपति एक साथ भगवान विष्णु से स्वस्थ, संस्कारी और सुखी संतान की कामना करें।

सावन पुत्रदा एकादशी पर क्या ना करें?

  • इस दिन तामसिक भोजन, लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन ना करें।
  • क्रोध, कटु वचन, झूठ और किसी का अपमान करने से बचें।
  • व्रत के दौरान नकारात्मक विचारों और विवाद से दूर रहें।
  • बिना कारण किसी जीव को कष्ट ना पहुंचाएं।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से भी परहेज करना चाहिए।

Gauri Vrat 2026 Date: आषाढ़ माह में कब किया जाएगा गौरी व्रत, जानें तारीख, मुहूर्त और समापन की तिथि

पथराव और तोड़फोड़…CJP प्रोटेस्ट में पांच IPS अधिकारी समेत 50 जवान घायल, पुलिस दर्ज करेगी FIR

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खूब गहमा-गहमी देखने को मिली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को संसद चलो मार्च का आयोजन किया। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। वहीं प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पांच से अधिक आईपीएस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, इस हिंसा में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं, अब तक 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने दर्ज किया FIR

पुलिस ने बताया कि अलग-अलग जगहों से मिली शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से बने वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर से किसी भी प्रदर्शनकारी को नहीं हटाया गया। कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई, जिन्होंने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की और पुलिस पर हमला किया।

पुलिस के अनुसार, कई तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है। अधिकारियों का दावा है कि पुलिस ने लंबे समय तक संयम बनाए रखा। पुलिस ने यह भी कहा कि नई दिल्ली में जब हिंसक भीड़ ने दुकानों को निशाना बनाने और लगातार पत्थरबाजी करने की कोशिश की, तब स्थिति को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि जेपी नड्‌डा से मिले। इनका दावा है कि नड्डा ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास अब कोई कार्रवाई नहीं होगी।

‘कैमरे के सामने कोई नहीं लड़ता’, रोहित-गंभीर के रिश्ते को लेकर अश्विन ने बताई ड्रेसिंग रूम के अंदर की बात!

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडी सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं तीसरे और आखिरी मुकाबले से पहले लॉर्ड्स की बालकनी में गौतम गंभीर और रोहित शर्मा हंसते हुए बातचीत करते नजर आए थे। वहीं अब इस पर पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर बड़ा बयान दिया है। अश्विन के मुताबिक, मैदान पर रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के हंसते-बात करते दिखने से ये नहीं माना जा सकता कि दोनों के बीच सब कुछ पूरी तरह नॉर्मल है।

उन्होंने कहा कि, भारतीय क्रिकेट टीम जैसे प्रोफेशनल माहौल में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ अच्छी तरह जानते हैं कि कैमरे हर समय उन पर नजर रखते हैं। ऐसे में वे सार्वजनिक तौर पर अपने व्यवहार को कंट्रोल में रखते हैं। इसलिए असली भावनाएं मुश्किल से ही बाहर आ पाती हैं।

अश्विन ने क्या कहा

पिछले कुछ समय से रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दोनों के बीच मतभेद और टीम में फैसलों को लेकर अलग-अलग राय होने की बातें सामने आई हैं। इसी बीच लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को कई मौकों पर साथ हंसते और बातचीत करते देखा गया, जिसके बाद लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो गया है। वहीं रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, किसी खिलाड़ी और कोच को साथ मुस्कुराते देखकर उनके रिश्तों के बारे में कोई पक्का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

टकराव से बचते हैं

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हर कोई प्रोफेशनल है। हर किसी को पता होता है कि कैमरे उनकी तरफ लगे हैं। कैमरे के सामने कोई बच्चों की तरह लड़ाई नहीं करता। सच तो यह है कि प्रोफेशनल माहौल में लोग इस तरह झगड़ते भी नहीं हैं। अगर दो लोगों के बीच सब कुछ ठीक नहीं भी हो, तो वे बस कम बात करते हैं, लेकिन टकराव से बचते हैं। आखिर बेवजह विवाद क्यों किया जाए?” उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो आपको कौन रोक सकता है? विराट कोहली ने प्रदर्शन किया, रोहित शर्मा ने भी प्रदर्शन किया और अपना काम किया। इसके बाद किसी के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचता।”

गौतम गंभीर और विराट कोहली के रिश्तों को लेकर भी समय-समय पर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों और मैचों के दौरान दोनों कई बार नॉर्मल अंदाज में साथ नजर आए हैं। इसी बीच रोहित टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट में बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।

Harsh Goenka ने शेयर किया Yamal और उनके छोटे भाई का Video, बोले- यही था फाइनल के बाद का सबसे पसंदीदा सीन

कमजोर मानसून का असर: खरीफ बुवाई पिछले साल से 6% पीछे, दालों-तिलहन की खेती पर पड़ा ये इंपैक्ट

Weak Monsoon Impact: देश के कई प्रमुख फसल उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की भारी कमी और बारिश में देरी का सीधा असर इस साल खरीफ फसलों की बुवाई पर देखने को मिल रहा है। मनी कंट्रोल के ईशान गेरा की रिपोर्ट के मुताबिक 17 जुलाई तक देश में खरीफ फसलों का रकबा पिछले साल की तुलना में 6 प्रतिशत पीछे चल रहा है। किसानों ने इस अवधि तक 65.82 मिलियन हेक्टेयर में बुवाई की है जबकि 2025 की इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 70.05 मिलियन हेक्टेयर था। बारिश की इस लगातार बनी हुई कमी से सबसे ज्यादा मार दालों, मोटे अनाज, तिलहन और कपास की खेती पर पड़ी है। आइए जानते हैं कि मानसून की सुस्ती ने किस फसल की बुवाई को कितना प्रभावित किया है और देश में पानी के जलाशयों का क्या हाल है.

दालों की बुवाई में आई सबसे बड़ी गिरावट (15.1% की कमी)

खरीफ फसलों में दालों की खेती सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। दालों का कुल रकबा पिछले साल के 81.52 लाख हेक्टेयर से 15.1 प्रतिशत घटकर अब 69.23 लाख हेक्टेयर रह गया है। अरहर की बुवाई में करीब 18 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर 2.48 मिलियन हेक्टेयर पर आ गई है। मूंग का रकबा 11 प्रतिशत घटकर 2.398 मिलियन हेक्टेयर रहा। उड़द की बुवाई में लगभग 6 प्रतिशत की कमी आई है और यह 1.351 मिलियन हेक्टेयर दर्ज की गई।

क्यों चिंताजनक है यह गिरावट?

दालों की बुवाई में यह कमी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत घरेलू उत्पादन और खपत के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए पहले से ही आयात पर निर्भर रहता है।

धान, मोटे अनाज, तिलहन और कपास का क्या है हाल?

राहत की बात यह है कि धान की बुवाई पर मानसून की कमी का असर अपेक्षाकृत कम पड़ा है। यह 16.64 मिलियन हेक्टेयर पर पहुंच चुकी है जो पिछले साल की इसी अवधि के 16.78 मिलियन हेक्टेयर की तुलना में सिर्फ 0.8 प्रतिशत कम है। मोटे अनाज के रकबे में 11.2 प्रतिशत की तेज गिरावट आई है। यह पिछले साल के 13.41 मिलियन हेक्टेयर से गिरकर 11.9 मिलियन हेक्टेयर पर आ गया है। इसमें बाजरा की बुवाई में 18.5 प्रतिशत और मक्का की बुवाई में 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। तिलहन का रकबा 5.5 प्रतिशत घटकर 14.71 मिलियन हेक्टेयर रह गया है। कपास की बुवाई में भी 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

मानसून में 24% की कमी, इन राज्यों में गंभीर सूखा

1 जून से 19 जुलाई के बीच भारत में 253.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य स्तर से 24 प्रतिशत कम है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का यह घाटा अलग अलग है-

  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत: सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश
  • दक्षिण प्रायद्वीप: 27 प्रतिशत की कमी
  • उत्तर-पश्चिम भारत: 23 प्रतिशत की कमी
  • मध्य भारत: 14 प्रतिशत की कमी

राज्यों के स्तर पर बारिश का घाटा

कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण कई राज्यों में बारिश का गंभीर संकट बना हुआ है। बिहार में सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है। झारखंड में 41 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। पंजाब में ये कमी 41 प्रतिशत की है। केरल में 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तेलंगाना में 31 प्रतिशत बारिश कम हुई है। तटीय कर्नाटक में 31 फीसदी कम बारिश देखने को मिली है।

जलाशयों का जलस्तर पिछले साल से 39% नीचे

कम बारिश की वजह से देश के जलाशयों में पानी का भंडारण भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अभी देश के 166 प्रमुख जलाशयों में कुल क्षमता का सिर्फ 34.46 प्रतिशत पानी ही बचा है। यह उपलब्ध पानी पिछले साल की इसी अवधि के जलस्तर का सिर्फ 60.84 प्रतिशत ही है। यानी 39 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली है। यह जलस्तर पिछले 10 वर्षों के औसत स्तर से भी 1.8 प्रतिशत नीचे चला गया है।

पाकिस्तानी हैंडल्स फैलाने लगे दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर झूठा प्रॉपेगेंडा, इंडियन आर्मी फैक्ट चेक ने तुरंत खारिज किए ये दावे

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर दिल्ली में लगातार गहमागहमी जारी है। वहींदिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर फेक खबरें भी तेजी से फैलाया जा  रही हैं। पाकिस्तान से संचालित कुछ प्रोपेगैंडा सोशल मीडिया हैंडल यह झूठ फैला रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली में भारतीय सेना तैनात की गई है। इतना ही नहीं, इन पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि सेना ने प्रदर्शनकारियों पर हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

फैलाई गई फेक खबरें 

हालांकि, यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। सच्चाई यह है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स, जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान संभाल रहे हैं। इस पूरे मामले में भारतीय सेना की कोई तैनाती नहीं की गई है।फर्जी खबर फैलाने वाले लोग आम प्रदर्शन का वीडियो दिखाकर उसके साथ सेना की तैनाती और हथियारों के इस्तेमाल जैसी झूठी बातें जोड़ रहे हैं। इसका मकसद लोगों में डर और भ्रम फैलाना तथा भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

जंतर-मंतर से हटाया गया प्रदर्शन स्थल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। इससे कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और लाठीचार्ज कर उन्हें रोक दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गए। आंदोलन के एक नेता ने कहा कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक वहीं डटे रहेंगे।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

पुलिस ने वह मंच भी हटा दिया, जहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी। इसके साथ ही वहां रखे ट्रैम्पोलिन, कालीन, गद्दे और अन्य सामान भी हटा दिए गए। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बाद उनकी एक प्रमुख मांग मान ली गई है। हालांकि, उनका कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।

सीजेपी ने सबसे पहले 6 जून को जंतर-मंतर पर एक दिन का विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद आंदोलन लगातार बढ़ता गया और कई लोगों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिससे यह लंबा धरना बन गया। सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास जुटे। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद की ओर मार्च निकाला। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Bitcoin Price Today: क्रिप्टो बाजार में सोमवार को दबाव देखने को मिला। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन करीब 1.63% टूटकर 63,500 डॉलर के आसपास पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। निवेशकों को डर है कि अगर महंगाई फिर बढ़ी, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है।

एक साल में 45% क्रैश हुआ

बिटकॉइन की कीमत में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 6 महीने में यह 30.05% गिर चुका है। वहीं, 1 साल में बिटकॉइन 45.44% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में इसने 87.77% का रिटर्न जरूर दिया है। लेकिन, इसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह बेहद कम है।

बिटकॉइन की कीमत गिरने की 5 बड़ी वजह

1. अमेरिका-ईरान तनाव : बिटकॉइन की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने से दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं। वे क्रिप्टो से पैसा निकालकर सोना और डॉलर जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं। इसका असर बिटकॉइन पर भी साफ दिखा।

2. कच्चा तेल महंगा : तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया। महंगा तेल मतलब महंगाई बढ़ने का खतरा। अगर महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरें भी लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। यही डर क्रिप्टो बाजार पर भारी पड़ रहा है।

3. फेड की ब्याज दर : निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरें कम नहीं करेगा। कुछ लोगों को तो यह भी उम्मीद है कि साल के आखिर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली एसेट्स के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

4. अहम स्तर पार न कर पाना : बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर के बीच का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद कई ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बिकवाली बढ़ी और कीमत 63,500 डॉलर के करीब पहुंच गई। तकनीकी चार्ट भी फिलहाल कमजोरी का संकेत दे रहे हैं।

5. खरीद से ज्यादा बिकवाली : एक अच्छी बात यह है कि स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार पैसा आ रहा है। इसका मतलब बड़े निवेशकों की दिलचस्पी अभी खत्म नहीं हुई है। लेकिन दूसरी तरफ, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। इसलिए खरीदारी का असर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा और बिटकॉइन दबाव में बना हुआ है।

बिटकॉइन के लिए अहम लेवल क्या हैं?

Delta Exchange की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल का कहना है कि कि बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद मुनाफावसूली बढ़ी और कीमत नीचे आ गई।

उनके मुताबिक, अगर बिटकॉइन 63,000 डॉलर के नीचे जाता है, तो यह 62,300 से 61,800 डॉलर तक फिसल सकता है। अब बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही चीजें आगे बिटकॉइन की दिशा तय कर सकती हैं।

क्या अब बिकवाली थम रही है?

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि गिरावट के बीच कुछ अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं। Glassnode के ऑन-चेन डेटा से पता चलता है कि लंबे समय से बिटकॉइन होल्ड करने वाले निवेशकों की बिकवाली अब कम होने लगी है। इसका मतलब है कि घबराहट में होने वाली बड़ी बिकवाली शायद अपने आखिरी दौर में है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में स्पॉट बिटकॉइन ETF में करीब 290 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश आया है। इससे बाजार को सहारा मिला है। हालांकि, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। यही वजह है कि बिटकॉइन अभी भी अपने 50 महीने के मूविंग एवरेज यानी करीब 65,900 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या सलाह है?

Pi42 के को-फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर का कहना है कि ETF में लगातार पैसा आना अच्छी बात है। इससे पता चलता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। उनके मुताबिक, बाजार इस समय एक हेल्दी कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। यानी आगे की तेजी से पहले यह सामान्य ठहराव हो सकता है।

वहीं, Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज का कहना है कि छोटी अवधि की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक बिटकॉइन 65,000 डॉलर के ऊपर टिक नहीं जाता और ETF में लगातार मजबूत निवेश नहीं आता, तब तक थोड़ा-थोड़ा निवेश करना और ज्यादा जोखिम लेने से बचना बेहतर रणनीति होगी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

VIDEO: ‘बैग छुआ, मेरी ड्रेस खींची’ कपल के लिए बुरा सपना बना सर्बिया ट्रिप, कैमरे में कैद हुई पूरी घटना

Viral Video: सर्बिया घूमने गए एक भारतीय कपल के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सर्बिया में जब कपल व्लॉग बना रहे थे उसी समय कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है और कई यूजर्स दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं कुछ ने कपल के शांत रवैये की भी तारीफ की है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरी घटना

भारतीय कपल अपर्णा मालू और अजमल कोलंबिल सर्बिया पहुंचने के बाद अपना ट्रैवल व्लॉग शूट कर रहे थे। इसी दौरान तीन लोग उनके पास आ गए और कथित तौर पर उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि जब दोनों सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तभी पीछे से आए तीन लोगों में से एक शख्स महिला के बेहद करीब पहुंचा और उसके बैग को खींचने की कोशिश करता हुआ नजर आया। अपर्णा और अजमल को शुरुआत में ये समझ नहीं आया कि उनके साथ क्या हो रहा है, इसलिए वे आगे बढ़ते रहे।

कैमरे में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना

लेकिन जब एक शख्स ने दोबारा अपर्णा का बैग खींचा, तब उन्होंने पीछे मुड़कर उन लोगों का सामना किया। कपल ने उनसे पूछा, “क्या आप महिलाओं के साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं? आपकी प्रॉब्लम क्या है?” इस पर उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने इशारा करते हुए कहा कि बैग खींचने वाले शख्स की दिमागी दिक्कतें है। इस पर अपर्णा के पति ने जवाब दिया, “अगर उसे कोई दिक्कत है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह ऐसा करे। यह बिल्कुल गलत है। हम दूसरे देश से आए हैं।” जैसे ही उन लोगों को पता चला कि उनकी हरकत कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है, वे वहां से गालियां देते हुए चले गए।

बैग से कुछ निकाल रहा था

घटना के बारे में अपर्णा ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब हम व्लॉग बना रहे थे, तभी ये तीन लोग हमारे पीछे आ गए। पहले उन्होंने मेरे बैग से कुछ निकालने की कोशिश की, लेकिन मुझे तुरंत इसका एहसास नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद महसूस हुआ कि कोई मेरे बैग को छू रहा है, इसलिए मैंने बैग आगे कर लिया। तभी उनमें से एक ने मेरी ड्रेस खींच दी।” वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि उनके पति ने उन लोगों का सामना क्यों नहीं किया।

 

एक्शन फिल्म नहीं चल रही थी

इस पर अपर्णा ने जवाब देते हुए कहा, “मैं आपकी चिंता समझती हूं, लेकिन ये भी याद रखिए कि हमें उस देश में पहुंचे मुश्किल से दो घंटे ही हुए थे। उस समय हम सिर्फ शाम की सैर पर निकले थे। ऐसी स्थिति में हमारे दिमाग में सबसे पहले लड़ाई करने का विचार नहीं आया।” उन्होंने आगे लिखा, “असल जिंदगी किसी एक्शन फिल्म जैसी नहीं होती। मेरे पति न तो ‘रॉकी भाई’ हैं और न ही विजय। कोई भी अकेला व्यक्ति तीन लोगों से लड़कर हीरो की तरह बाहर नहीं निकलता। उस समय हमारी पहली प्राथमिकता अपनी सेफ्टी थी, न कि किसी को कुछ साबित करना।”

लोगों ने दिए रिएक्शन

अपर्णा ने ये भी बताया कि उन्होंने इस घटना की शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “यह बेहद शर्मनाक व्यवहार है। उम्मीद है कि आप दोनों सुरक्षित होंगे।” दूसरे यूजर ने कहा,”आपको उसी समय मौके पर ही पुलिस को फोन कर देना चाहिए था।” एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। अपना ख्याल रखें और मजबूत बने रहें।”